मध्यप्रदेश विधान सभा


प्रश्‍नोत्तर-सूची
फरवरी, 2024 सत्र


मंगलवार, दिनांक 13 फरवरी, 2024


भाग-1
तारांकित प्रश्‍नोत्तर



रिंग रोड निर्माण का सर्वे

[लोक निर्माण]

1. ( *क्र. 1346 ) श्रीमती निर्मला सप्रे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग के पास रिंग रोड बनाए जाने हेतु कोई कार्ययोजना है या नहीं? (ख) प्रश्‍नांश (क) का उत्तर हाँ है तो प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र बीना में रिंग रोड बनाए जाने हेतु किस-किस जनप्रतिनिधि व संगठनों ने बीना अनुभाग के अनुविभागीय अधिकारी/तहसीलदार/अन्य अधिकारी को किन-किन कारणों से व किन दिनांकों को रिंग रोड बनाए जाने हेतु ज्ञापन व मांग पत्र प्रस्तुत किए गए हैं? ज्ञापन व मांग पत्र की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित मांग के आधार पर जनहित की मांग को ध्यान रखते हुए प्रश्‍नकर्ता द्वारा बीना में रिंग रोड बनाए जाने हेतु प्रमुख सचिव, लोक निर्माण विभाग, मंत्रालय भोपाल को पत्र प्रेषित किया है या नहीं? यदि हाँ, तो पत्र में वर्णित कारणों को संज्ञान में लेकर विभाग बीना में रिंग रोड निर्माण हेतु सर्वे कराने पर विचार कर रहा है या नहीं, यदि नहीं, तो किस कारण से?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) प्रश्‍नांश 'के उत्तर के अनुसार शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत नल-जल योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

2. ( *क्र. 1364 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या बालाघाट नगरपालिका क्षेत्र अंतर्गत 38 करोड़ की नल-जल योजना वर्ष 2016 में जल आवर्धन योजना के तहत प्रारंभ की गई थी, जिसे वर्ष 2018 में पूर्ण किया जाना था, परंतु आज दिनांक तक अपूर्ण है? (ख) यह योजना कब तक पूर्ण होगी बालाघाट नगर के वासियों को कब 24 घंटे पेयजल उपलब्ध होगा? (ग) इस योजना में हुए भ्रष्‍टाचार की जांच कर दोषी अधिकारी और ठेकेदार पर क्या कोई कार्यवाही की जायेगी और यदि की जायेगी तो कब तक और यदि नहीं, की जायेगी तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। कार्य दिनांक 28.06.2021 को पूर्ण किया जा चुका है। केवल घरेलू नल कनेक्‍शन का कार्य प्रगतिरत है।                                   (ख) दिनांक 30.06.2024 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। वर्तमान में 24 घंटे जलप्रदाय का प्रावधान योजना में नहीं है। (ग) जांच समिति गठित की गई है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर निष्‍कर्षों के अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मार्गों का निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

3. ( *क्र. 770 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या खरगापुर विधान सभा-47 के कई ग्रामों से मुख्य मार्गों तक आने हेतु सड़कों का अभाव होने के कारण आम जनता बरसात के समय विशेष रूप से परेशान होती रहती है, इसलिये देवपुर मुख्य मार्ग से वनपुरा' सॉपौन तक, लारौन मुख्य मार्ग से टपरियन तकदेरी मुख्य सड़क से खुड़ौ नज. देरी तक, पथरीगढ़ (मचौरा) से देवराहा तक, हृदयनगर तिगेला से कोटरा तक की सड़कों का निर्माण कराये जाने से आम जनता को आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी? क्या आम जनता की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये उक्त सड़कों का डामरीकरण कराकर निर्माण करायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? यदि नहीं, तो क्यों? (ख) उक्त सड़कों के निर्माण किये जाने से लगभग 50 ग्रामों के ग्रामीणजनों को सुविधा प्राप्त होगी क्या विभाग द्वारा डी.पी.आर. तैयार कराये जाने के आदेश जारी किये जायेंगे? यदि हाँ, तो कब तक? (ग) क्‍या कुछ ग्रामों में बरसात के समय पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है, बीमार व्यक्तियों को इलाज की मुसीबत खड़ी हो जाती है और ग्रामीणजनों की विशेष माँग भी है कि पक्की सड़क निर्माण कराये जाने से क्षेत्र की जनता आवागमन का लाभ लेकर मुख्य मार्गों से ग्रामवासियों का जुड़‌ना संभव हो जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                 (ख) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ-5 में दर्शाये अनुसार है। (ग) विवरण  संलग्‍न परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ-में उल्लेखित कार्यवाही का पूर्ण होना आवश्यक है।

परिशिष्ट - "एक"

नगरीय विकास योजनाओं के तहत निर्माण कार्यों की गुणवत्‍ता

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( *क्र. 391 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छतरपुर जिले की बड़ामलहरा विधान सभा क्षेत्र अन्तर्गत नगर पंचायतों में वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक योज‌नावार कौन-कौन से कार्यों पर कितना-कितना व्‍यय किया गया? सम्पूर्ण विवरण दें तथा शासन की गाइड लाइन उपलब्ध करावें। (ख) वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक नगर पंचायतों में कौन-कौन से कार्यों हेतु बैठकें आयोजित की गई, जिनका परिषद द्वारा अनुमोदन किया गया? (ग) निर्माण कार्यों की गुणवत्ता हेतु विभागीय अधिकारियों ने शासन की नीति के तहत कार्य किया? (घ) यदि हाँ, तो निर्माण कार्य जर्जर हो चुके हैं। वर्ष 2021 से किये गये निर्माण कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र सहित सम्पूर्ण जानकारी प्रमाणित कर                  उपलब्ध करावें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। गाइडलाइन्‍स की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट                अनुसार है।

प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि में गड़बड़ी की जांच पर कार्यवाही न होना

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( *क्र. 961 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या छतरपुर नगर पालिका परिषद में अपात्र लोगों के खाते में प्रधानमंत्री आवास योजना की कितनी-कितनी राशि डाले जाने की पुष्टि जांच में सिद्ध हो चुकी है और विभाग द्वारा उस पर कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे? निर्देश की प्रति सहित अपात्र लोगों की सूची दें।                     (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में प्रधानमंत्री आवास योजना के अपात्र लोगों को राशि देने वाले अधिकारी-कर्मचारी कौन-कौन हैं और उन पर क्या कार्यवाही हुई? (ग) विभाग द्वारा इस मामलें में सदन में जो आश्‍वासन दिया गया था, उस आश्‍वासन पर कार्यवाही न होने के लिए कौन-कौन अधिकारी जवाबदार है और अब दोषी अधिकारी, कर्मचारी व अपात्र लोगों के खिलाफ कब तक कार्यवाही होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका छतरपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के अंतर्गत गठित जांच समिति के प्रतिवेदन में उल्लेखित 372 हितग्राहियों में से 21 हितग्राही अपात्र पाये गये, जिनको राशि प्रदाय की गई थी। जिसकी वसूली की कार्यवाही प्रचलित है। अपात्रों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। विभाग द्वारा कार्यवाही के दिये गये निर्देश की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। (ख) सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '''' अनुसार है। कार्यवाही प्रचलित है। (ग) आश्वासन कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने से जिम्मेदारी निर्धारित नहीं की जा सकती है, इसलिए शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

क्षतिग्रस्‍त मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

6. ( *क्र. 1297 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत जिला खरगोन अन्तर्गत राष्‍ट्रीय राजमार्ग देशगांव से खरगोन की वर्तमान भौतिक स्थिति क्या है? क्या नर्मदा पुल क्षतिग्रस्‍त होने से इन्दौर-इच्छापुर हाईवे के भारी वाहनों का आवागमन इस मार्ग से हो रहा है? हाँ तो क्या इसी कारण से मार्ग वर्तमान में बहुत क्षतिग्रस्‍त हो गया है तथा यह भी बतायें कि पूर्व में इसकी मरम्मत कब और कितनी राशि से की गई थी? क्या उक्त क्षतिग्रस्‍त मार्ग निर्माण की मरम्मत की जायेगी? हाँ तो कब तक की जायेगी तथा नहीं तो क्या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : मार्ग की बी.सी. की सतह अधिकांश लम्बाई में क्षतिग्रस्त है। जी हाँ। जी हाँमरम्मत कार्य जून 2022 के वर्षाकाल एवं उपरांत कराया गया, जिस पर राशि                    रू. 74.92 लाख व्‍यय हुई। जी हाँमार्ग नवीनीकरण कार्य हेतु भारत सरकार सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दिनांक 21.06.2023 को राशि रू. 31.09 करोड़ की स्वीकृति जारी की गई हैजिसकी निविदा आमंत्रित की जाकर वित्तीय निविदा की स्वीकृति प्रचलन में है। शेष वर्तमान में निश्चित समय अवधि बताया जाना संभव नहीं है।

स्वीकृत नवीन योजनाओं हेतु बजट आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

7. ( *क्र. 373 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या सीधी शहर को मिनी स्मार्ट सिटी का दर्जा दिया गया है? यदि हाँ, तो इस हेतु कब-कब कितनी राशि किन-किन कार्यों हेतु आवंटित की गई है और कितनी राशि जारी किया जाना शेष है और अगले चरण (द्वितीय) की राशि कब तक जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई जायेगी? (ख) क्या सीधी में नवीन मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाने हेतु भू-अर्जन एवं भवन निर्माण हेतु बजट आवंटित किया जा चुका है? (ग) सीधी शहर में स्थापित किए जाने वाले रेलवे स्टेशन की भूमि के उत्तरी क्षेत्र जमोड़ी कला एवं जोगीपुर बायपास मार्ग निर्माण में भू-अर्जन एवं सड़क निर्माण हेतु उपलब्ध बजट की क्या स्थिति है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। स्‍वीकृत राशि रू. 25.00 करोड़ के विरूद्ध राशि रू. 25.36 करोड़ के कार्य संपादित कराये जा चुके हैं। स्‍वीकृत राशि अंतर्गत कार्य पूर्ण होने के कारण अब कोई भी राशि देय नहीं है। अगले चरण (द्वितीय) हेतु राशि स्वीकृत करने की कार्यवाही प्रचलित नहीं है। (ख) जिला कलेक्‍टर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार सीधी जिले में नवीन मेडिकल कॉलेज के निर्माण हेतु 17.309 हेक्‍टेयर भूमि आरक्षित की गयी है। उपरोक्त कार्य हेतु संबंधित विभाग द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गयी है। (ग) जिला कलेक्‍टर से प्राप्‍त जानकारी अनुसार सीधी शहर में स्‍थापित किये जाने वाले रेलवे स्‍टेशन की भूमि के उत्तरी क्षेत्र जमोड़ी कला एवं जोगीपुर बायपास मार्ग निर्माण हेतु संबंधित विभाग द्वारा भू-अर्जन का प्रस्ताव एवं सड़क निर्माण हेतु बजट आवंटन उपलब्ध नहीं कराया गया है।

विद्युत विहीन ग्रामों में विद्युत व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

8. ( *क्र. 1270 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले में कितने ग्राम विद्युत विहीन हैं? क्या शासन द्वारा विद्युत लाईन की व्यवस्था ग्राम में की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (ख) किन-किन ग्रामों में विद्युत क्षमता कम होने के कारण किसानों को आये दिन परेशानी हो रही है? शासन द्वारा विद्युत क्षमता बढ़ाने की क्या कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक की जावेगी? (ग) विद्युत क्षमता बढ़ाने हेतु विद्युत ट्रांसफॉर्मर, ग्रिड लगाने की कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) अलीराजपुर जिले के समस्‍त 551 राजस्‍व ग्राम विद्युतीकृत हैं। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के समस्‍त ग्रामों में विद्युत उपभोक्‍ताओं की आवश्‍यकता अनुसार पर्याप्‍त क्षमता की विद्युत अधोसंरचना स्‍थापित है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में स्‍थापित विद्युत अधोसंरचना के पर्याप्‍त नहीं होने के कारण कृषकों के परेशान होने संबंधी कोई प्रकरण म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वर्तमान में विद्युत उपभोक्‍ताओं की मांग के अनुरूप पर्याप्‍त क्षमता की विद्युत अधोसंरचना स्‍थापित है। तथापि भविष्‍य में होने वाली संभावित भार वृद्धि के दृष्टिगत सतत् गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने हेतु प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में टी.बी.सी.बी. योजनान्‍तर्गत सोण्‍डवा विकासखण्‍ड के ग्राम अंबाजा में नवीन 132/33 के.व्‍ही. उच्‍चदाब विद्युत उपकेन्‍द्र निर्माण की स्‍वी‍कृति प्रदान की जा चुकी है तथा यह कार्य कार्यादेश दिनांक 21.1.2023 से 18 माह की अवधि में पूर्ण किया जाना है। साथ ही प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत ग्राम बड़ा गुड़ा में 5 एम.व्‍ही.ए. क्षमता का नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र एवं कुल 334 अतिरिक्‍त वितरण ट्रासंफार्मरों की स्‍थापना के कार्य प्रगति पर हैं तथा उक्‍त कार्य वर्ष 2025 तक पूर्ण किया जाना प्रावधानित है।

टोल रोड में अवैध वसूली की जानकारी

[लोक निर्माण]

9. ( *क्र. 1467 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिसम्बर 2023 तक सारी टोल रोड पर प्रारंभ से अभी तक कितनी टोल राशि वसूल चुके हैं तथा उनकी परियोजना लागत कितनी थी तथा ओ.एम.टी रोड पर दिसम्बर 2023 तक कितनी राशि वसूल चुके हैं? (ख) क्या इंडियन टोल एक्ट 1851 के अनुसार टोल अवधि 15 वर्ष से अधिक नहीं हो सकती? प्राकृतिक संसाधन अधिकार नहीं है। टोल का उपयोग किसी को अनावश्यक लाभ पहुंचाने के लिये नहीं किया जा सकता है। (ग) क्या प्रदेश की ट्रांसपोर्ट कास्ट 17.5 प्रतिशत है तथा 2025 तक लक्ष्य 7.5 प्रतिशत है? यदि हाँ, तो बताएं कि अनावश्यक टोल वसूली से प्रदेश में ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ने से महंगाई नहीं बढ़ेगी? (घ) टोल तथा ओ.एम.टी. रोड पर वर्ष 2020 से 2023 तक हुई सड़क दुर्घटना, मृत्यु तथा घायल की संख्या की जानकारी रोड अनुसार देवें तथा बतावें कि क्या गलत डी.पी.आर. तथा शासन स्तर पर तकनीकी खामी से टोल सड़कों पर ज्यादा दुर्घटना हो रही है? इसे कम करने के लिये किये गये प्रयासों की जानकारी देवें। (ड.) बतावें कि रतलाम से इन्दौर, भोपाल से इन्दौर, भोपाल से जबलपुर, भोपाल से रीवा आने और जाने में              किस-किस केटेगरी के वाहन को कितना-कितना टोल दिनांक 01 जनवरी, 2024 की स्थिति में देना होगा? टेबल में जानकारी देवें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

मुख्यमंत्री शहरी अधोसंरचना एवं विकास योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( *क्र. 1174 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद बंडा में सी.एम. इन्फ्रा-2 अंतर्गत निर्माण कार्यों का भुगतान तथा सी.एम. इन्फ्रा-2 के शेष सड़क/नाली निर्माण कार्य 5 वर्षों से रूके है? (ख) क्‍या नस्‍ती में संलग्न समस्त 70 सेम्पलों की परीक्षण रिपोर्ट में एक भी सेम्पल अमानक नहीं है? फिर भी उपयंत्रियों ने एसक्यूसी द्वारा तैयार बिलों की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत कम भुगतान बनाया है? (ग) क्या सी.एम. इन्फ्रा-2 अंतर्गत वार्ड क्र. 12, 13 में कोई निर्माण प्रारंभ किया गया? (घ) क्या प्रश्‍नांश (ग) अंतर्गत काम के माप दर्ज हैं? अगर हाँ तो माप पुस्तिका की प्रति उपलब्ध करवायें। (ड.) क्या माप पुस्तिका पर दर्ज सड़कों की मोटाई व मूल्यांकन, नस्‍ती में संलग्न परीक्षण रिपोर्ट के अनुरूप है? (च) प्रश्‍नांश (ड.) से संबंधित परीक्षण रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध करवायें। (छ) क्या दर्ज माप ठेकेदार या उसके प्रतिनिधि को साक्षी बनाकर दर्ज किये गये? (ज) क्या तैयार माप व बिल संबंधी माप पुस्तिका पर 2 साल पहले ठेकेदार द्वारा दर्ज आपत्ति पर कार्यवाही की गई? अगर नहीं तो इसका कारण क्या है? (झ) पुनर्मूल्यांकन/उचित मूल्यांकन हेतु दिनांक 10.04.2023 को गठित दल आज तक मौके पर नहीं पहुंचा, इसका कारण क्या है? (ण) पुनर्मूल्यांकन/उचित मूल्यांकन एवं शेष निर्माण प्रारंभ होने में और कितना समय लगेगा? (त) सड़क निर्माण उपरांत गुणवत्ता की शिकायत पर, जांच दल द्वारा सीमेन्ट कांक्रीट कार्य की गुणवत्ता का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है? (थ) कोर-परीक्षण रिपोर्ट टी.आर.नं. बी.जी.एल./200204-01 की मूल प्रति किस कार्यालय में उपलब्ध है? (द) टी.आर.नं.बी.जी.एल./200204-01की मूल प्रति की छायाप्रति उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क), (ख), (ग), (घ), (ड.), (च), (छ), (ज), (झ), (ण), (त), (थ) एवं (द) संचालनालय के आदेश क्रमांक/यां.प्र./07-3/2024/1126, दिनांक 06.02.2024 से 03 सदस्‍यीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण दोष के आधार पर कार्यवाही की जायेगी।

खराब डी.पी. व उपभोक्‍ताओं को परेशानी

[ऊर्जा]

11. ( *क्र. 1441 ) श्री हरिबाबू राय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                          (क) अशोकनगर जिले के अशोकनगर विधानसभा अंतर्गत घरेलू व कृषि कार्य हेतु बिजली उपभोक्ताओं की कुल कितनी-कितनी संख्या है? संख्‍यात्‍मक जानकारी दी जावें। ग्रामीण क्षेत्र में जिन उपभोक्ताओं द्वारा बिल की राशि जमा कर दी जाती है, अन्यों के द्वारा यदि बिल की राशि जमा नहीं की जाती है तो जमा बिल वालों की बिजली काटने का किस नियम के तहत अधिकार है, जबकि जमा बिल वाले उपभोक्ताओं की बिजली नहीं जानी चाहिए। यह इनका मौलिक अधिकार में आता है फिर भी इन्हें बिजली से वंचित रखने का क्या कारण है? (ख) जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक अशोकनगर विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत कुल कितने ट्रांसफार्मर 25 के.व्ही.ए. से 63, के.व्ही.ए., ट्रांसफार्मर 63 के.व्ही.ए. से 100, के.व्ही.ए., ट्रांसफार्मर 100 के.व्ही.ए. से 200, के.व्ही.ए., ट्रांसफार्मर 200 के.व्ही.ए. से 315, के.व्ही.ए., किन-किन योजनाओं के तहत किये गये हैं? कुल ट्रांसफार्मर की संख्यात्‍मक जानकारी देवें। अशोकनगर में अधिकांश वितरण ट्रांसफार्मर खस्ता बदहाल खटारा अवस्था में पहुंच चुकी है, इन्हें बदलने एवं शहर व ग्रामीण क्षेत्र में नए वितरण ट्रांसफार्मर पर्याप्‍त क्षमता के उपलब्‍ध कराने के शासन के क्या नियम निर्देश हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) अशोकनगर जिले के अशोकनगर विधानसभा क्षेत्रातंर्गत कुल 38056 घरेलू एवं 7171 कृषि विद्युत उपभोक्‍ता हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जिन उपभोक्‍ताओं द्वारा बिजली बिल की राशि जमा कर दी जाती है, उनके कनेक्‍शन विच्‍छेदन की कार्यवाही नहीं की जाती है। जिन उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत बिलों की राशि जमा नहीं की जाती है, केवल उनके कनेक्‍शन विच्‍छेदन किये जाने का प्रावधान है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में माह जनवरी 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में 32 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि 25 के.व्‍ही.ए. से 63 के.व्‍ही.ए., 01 वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमतावृद्धि 25 के.व्‍ही.ए. से 100 के.व्‍ही.ए., 04 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि 63 के.व्‍ही.ए. से 100 के.व्‍ही.ए. एवं 07 ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि 100 के.व्‍ही.ए. से 200 के.व्‍ही.ए. करने के कार्य म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की सामान्‍य विकास योजना (स्‍कीम कोड-273) के अंतर्गत किये गये हैं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में उक्‍त अवधि में 200 के.व्‍ही.ए. से 315 के.व्‍ही.ए. क्षमता वृद्धि का कोई कार्य नहीं किया गया है। अशोकनगर विधानसभा क्षेत्र के क्षेत्रांतर्गत स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों का नियमानुसार रख-रखाव किया जाता है एवं स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मर खराब होने अथवा फेल होने की स्थिति में नियमानुसार बकाया राशि जमा होने पर निर्धारित समय-सीमा में बदले जाते हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित पाये जाने की स्थिति में समय-समय पर नियमानुसार प्रणाली सुद्दढ़ीकरण योजना अथवा सामान्‍य विकास योजना के तहत तकनीकी साध्‍यता अनुसार क्षमतावृद्धि अथवा अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर की स्‍थापना के प्रस्‍ताव पर सक्षम स्‍वीकृति उपरांत वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना की कार्यवाही की जाती है, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत 17 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमतावृद्धि एवं 163 अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना के कार्य स्‍वीकृत किए गए हैं।

आर.डी.एस.एस. योजना

[ऊर्जा]

12. ( *क्र. 1429 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पश्‍चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि‍मिटेड, इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शाजापुर संचालन-संधारण वृत्‍त में प्रचलित आर.डी.एस.एस. योजना कब प्रारंभ की गई? योजनान्तर्गत शाजापुर                      संचालन-संधारण वृत्‍त में कितनी राशि आवंटित की गयी एवं कितनी राशि व्‍यय की गयी? किये गये कार्यों की सूची संपूर्ण विवरण सहित उपलब्‍ध करावें। प्रश्‍नांश से संबंधित माननीय विधायक के विधानसभा क्षेत्र कालापीपल अंतर्गत कितने कार्य आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृत हुए तथा कितने कार्य पूर्ण हुए तथा शेष अपूर्ण कार्यों की सूची प्रदाय करें तथा वह कब तक पूर्ण होंगे? समय-सीमा बताएं। (ख) म.प्र. पश्‍चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि‍मिटेड, इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग में आर.डी.एस.एस. योजना के अंतर्गत प्रस्‍तावित, स्‍वीकृत एवं शेष कार्यों की सूची प्रदान करें। (ग) म.प्र. पश्‍चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि‍मिटेड, इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग में प्रचलित आर.डी.एस.एस. योजना में कितने अतिरिक्‍त ट्रांसफार्मर लगाए गए (घरेलू एवं सिंचाई) की सूची वितरण केन्‍द्रवार, ग्रामवार एवं स्‍थानवार प्रदान करें? (घ) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी लिमिटेड इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग अंतर्गत माननीय विधायक के विधानसभा क्षेत्र कालापीपल अंतर्गत कितने घरेलू एवं सिंचाई श्रेणी के ट्रांसफार्मर ओवर लोड हैं? उक्त कितने ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के प्रस्ताव आर.डी.एस.एस. योजना में स्वीकृत किए जा चुके हैं एवं कितने शेष हैं? सूची प्रदाय करें। ट्रांसफार्मर ओवर लोड होने के पश्चात भी उनकी क्षमता में वृद्धि न‍हीं हो पाने का क्‍या कारण है? स्‍पष्‍ट करें। वितरण केन्‍द्रवार, ग्रामवार एवं स्‍थानवार सूची प्रदान करें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) केन्‍द्र शासन द्वारा माह जुलाई-2021 से आर.डी.एस.एस. योजना प्रारंभ की गई है। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर क्षेत्रांतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना की स्वीकृति केंद्र सरकार से दिनांक 17 मार्च-2022 को नोडल एजेंसी पावर फाइनेंस कार्पोरेशन (पी.एफ.सी.), भारत सरकार के माध्यम से प्राप्त हुई है। योजना अंतर्गत संचालन/संधारण वृत्त शाजापुर हेतु राशि रु.116.35 करोड़ आवंटित हुई एवं प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में राशि रू. 15.64 करोड़ व्‍यय हुई। संचालन/संधारण वृत्‍त शाजापुर अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजनान्‍तर्गत पूर्ण किए कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के              प्रपत्र 'अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र कालापीपल में आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत स्‍वीकृत, पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अ-1' अनुसार है। स्वीकृत कार्यों में से केवल नवीन 33/11 के.व्ही. उपकेंद्र भैसायागड़ा का कार्य पूर्ण किया गया है। शेष कार्यों को कार्यादेश की शर्तानुसार कार्यादेश की दिनांक से 24 माह में पूर्ण किया जाना है।                                               (ख) संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर में आर.डी.एस.एस. योजना के लॉस रिडक्‍शन के अंतर्गत प्रस्‍तावित कार्यों एवं स्‍वीकृत कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के क्रमश: प्रपत्र 'एवं     'ब-1' अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना के लॉस रिडक्‍शन के अंतर्गत स्‍वीकृत कार्यों के प्रारंभ होने के उपरांत प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में शेष रहे कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब-2' अनुसार है। (ग) संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर में आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर की स्‍थापना से संबंधित कार्य नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र कालापीपल में 194 घरेलू श्रेणी के एवं 57 सिंचाई श्रेणी के इस प्रकार कुल 251 वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हैं। उक्त अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों में से 16 घरेलू श्रेणी के एवं 42 सिंचाई श्रेणी के इस प्रकार कुल 58 वितरण ट्रांसफार्मरों को अंडरलोड किये जाने हेतु आर.डी.एस.एस. योजना के तहत अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना के कार्य स्वीकृत किये जा चुके हैं, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है तथा शेष 178 घरेलू श्रेणी के एवं 15 सिंचाई श्रेणी के इस प्रकार कुल 193 अतिभारित ट्रांसफार्मरों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। रबी सीजन में सिंचाई प्रयोजन हेतु किसानों को कृषि कार्य के लिये अस्‍थाई कनेक्‍शन दिये जाने, विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा स्वीकृत भार से अधिक भार का उपयोग किये जाने तथा कतिपय प्रकरणों में विद्युत का अवैधानिक उपयोग किये जाने के कारण वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हो जाते हैं। केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा लागू की गई विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध कराये गये वित्तीय संसाधनों से अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों का भार कम करने हेतु वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि एवं अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित करने के कार्य किये जाते हैं, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है।

मीटर रीडिंग

[ऊर्जा]

13. ( *क्र. 1206 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) शहरी उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग कितने दिनों के अन्तराल में लिए जाने के प्रावधान हैं?                     (ख) शहरी उपभोक्ताओं को कितने यूनिट तक बिजली की खपत होने पर कितनी सब्सि‍डी का क्या प्रावधान है, यह प्रावधान कितने दिनों की बिजली खपत के संबंध में है? (ग) हरदा एवं बैतूल जिले में शहरी एवं ग्रामीण आवासीय उपभोक्ताओं की मीटर रीडिंग के लिए वर्तमान में किस-किस को अनुबंधि‍त किया है? उसका पूरा नाम, पता एवं मोबाईल नम्बर सहित बतावें। (घ) प्रतिमाह मीटर रीडिंग नहीं लिए जाने पर अनुबन्धकर्ता के विरुद्ध किसके समक्ष शिकायत किए जाने एवं किसे क्या कार्यवाही किए जाने के अधिकार दिए गए हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) ''मध्‍यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता, 2021'' के प्रावधानों के अनुसार शहरी क्षेत्र के उपभोक्‍ताओं की मीटर रीडिंग प्रत्‍येक बिलिंग चक्र में एक माह की अवधि के अंतराल में न्‍यूनतम एक बार लिए जाने का प्रावधान है। (ख) वर्तमान में लागू अटल गृह ज्‍योति योजना अंतर्गत ऐसे सभी घरेलू उपभोक्‍ताओं (ग्रामीण एवं शहरी) को लाभ दिया जा रहा है, जिनकी मासिक खपत 150 यूनिट तक है। ऐसे सभी पात्र उपभोक्ताओं को प्रथम 100 यूनिट तक की खपत पर अधिकतम राशि रु. 100/- का बिल देय होने एवं 100 यूनिट खपत हेतु मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित दर से गणना किए गए बिल तथा उपभोक्‍ता द्वारा देय राशि रु. 100/- के अन्तर की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को सब्सिडी के रुप में दिये जाने का प्रावधान किया गया है। 100 यूनिट से अधिक एवं पात्रता यूनिट की सीमा तक शेष यूनिटों के लिए म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश में निर्धारित दर के अनुसार बिल देय होगा। उक्‍त के अतिरिक्‍त योजनांतर्गत एल.वी.श्रेणी-1.1 के गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के घरेलू उपभोक्‍ताओं को 30 यूनिट तक की मासिक खपत हेतु केवल 25 रू. प्रतिमाह देय है, जिस हेतु राज्‍य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को सब्सिडी की राशि दी जावेगी। योजनान्‍तर्गत, पात्रता का प्रावधान, 30 दिनों की मासिक खपत हेतु है।                   (ग) हरदा एवं बैतूल जिलों में शहरी एवं ग्रामीण घरेलू उपभोक्‍ताओं की मीटर रीडिंग के लिए पृथक से किसी एजेंसी को अनुबंधित नहीं किया गया है। हरदा एवं बैतूल जिलों में शहरी एवं ग्रामीण घरेलू उपभोक्‍ताओं की मीटर रीडिंग बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराए गए आऊटसोर्स कार्मिकों के द्वारा करवाई जा रही है। हरदा जिले में आऊटसोर्स कार्मिकों हेतु मेसर्स उर्मिला इंटरनेशनल सर्विसेस प्राइवेट लिमिटेड, पटना, बिहार-800013, मोबाईल नंबर 7488253091 एवं बैतूल जिले में मेसर्स सेंगर सिक्‍योरिटी एंड लेबर सर्विसेस लिमिटेड, बिरला नगर ग्‍वालियर फोन नं. 0751-4050130 से अनुबंध किया गया है। (घ) बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा उपलब्‍ध कराए गए आऊटसोर्स कार्मिकों के द्वारा प्रतिमाह मीटर रीडिंग नहीं लिये जाने पर संबंधित                       संचालन-संधारण संभाग/वृत्‍त कार्यालय के उप महाप्रबंधक/महाप्रबंधक से शिकायत की जा सकती है, शिकायत के परीक्षण उपरांत गंभीर अनियमितता पाये जाने पर अथवा पूर्व में दी गई चेतावनी के पश्‍चात भी कार्य में सुधार नहीं पाए जाने पर संबंधित उप महाप्रबंधक/महाप्रबंधक द्वारा बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी को ऐसे कार्मिक के स्‍थान पर अन्‍य कार्मिक उपलब्‍ध कराने हेतु निर्देशित किया जाता है।

वैध और अवैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाएं

[नगरीय विकास एवं आवास]

14. ( *क्र. 1335 ) श्री विपीन जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितनी वैध और अवैध कॉलोनियां हैं? सूची उपलब्ध कराएं। क्या सभी वैध कालोनि‍यां नगरपालिका को हस्तांतरित कर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं? यदि नहीं, तो क्यों और कब तक करा दी जायेगी? (ख) मूलभूत सुविधाओं और अनियमितता को लेकर कितने कॉलोनाइजर पर कार्यवाही की गयी है, कितनों पर शेष है, शेष रहने के क्या कारण हैं? (ग) अवैध कॉलोनि‍यों को वैध करने की घोषणा के पश्चात प्रश्‍न दिनांक तक कितनी कालोनियों को वैध करने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई है? (घ) मंदसौर नगर पालिका अंतर्गत यदि प्लॉट/भूखंड के भागों (टुकड़ों) का नामांकन किया जाकर टैक्स इत्यादि लिया जा रहा है, तो प्लॉट के भागों की निर्माण अनुमति क्यों प्रदाय नहीं की जा रही है, क्या शासन ने इस पर रोक लगा रखी है? यदि हाँ, तो प्लॉट के भागों पर निर्माण अनुमति कब तक प्रदाय की जायेगी? मंदसौर नगर पालिका में भूखंड के भाग निर्माण अनुमति के कितने प्रकरण लंबित हैं? कब तक इनका निराकरण हो जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मन्‍दसौर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत नगर पालिकामन्‍दसौर में कॉलोनी की विकास अनुमति प्राप्‍त 327 वैध कॉलोनियाँ हैंजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है एवं 74 अनधिकृत कॉलोनियॉं हैंजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र '' की जानकारी अनुसार सभी वैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधायें उपलब्‍ध हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार सभी वैध कॉलोनियों में मूलभूत सुविधायें उपलब्‍ध कराये जाने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 में अवैध कॉलोनियों को वैध करने के कोई प्रावधान नहीं हैं, अपितु नियम2021 में दिनांक 31.12.2022 के पूर्व अस्तित्‍व में आई एवं नियमानुसार चिन्हित की गई अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने के प्रावधान रखे गये हैंजिसके अनुसार सक्षम प्राधिकारी अर्थात कलेक्‍टरमंदसौर द्वारा वर्तमान में 74 चिन्हित अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने की प्रक्रिया आरंभ की गई है। (घ) नगर तथा ग्राम निवेश विभाग द्वारा अनुमोदित प्‍लाट/भूखण्‍ड का विभाजन म.प्र. भूमि विकास नियम2012 के नियम 22 के अनुसार मान्‍य न होने के कारण नगर पालिकामन्‍दसौर द्वारा प्‍लाट/भूखण्‍ड के विभाजित भाग पर भवन अनुज्ञा प्रदान नहीं की जाती है। नियम के उक्‍त प्रावधान का पालन किया जाना स्‍वत: बंधनकारी होने के कारण पृथक से रोक लगाने का कोई प्रश्‍न उत्पन्‍न नहीं होता। नगर पालिकामन्‍दसौर में भूखण्‍ड के विभाजित भाग पर भवन निर्माण अनुज्ञा दिये जाने के वर्तमान में कोई प्रकरण लंबित नहीं हैं। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

आर्थिक अनियमितता की जांच एवं कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

15. ( *क्र. 1579 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 01 दिसम्‍बर, 2021 से प्रश्‍न दिनांक की अवधि में नगर परिषद धामनोद के द्वारा कुल कितने रूपए की सामग्री क्रय की गई है? प्रत्येक सामाग्री का वर्क ऑर्डर, बिल, वाउचर, की जानकारी उपलब्ध करावें। क्या इन सामग्री को क्रय करने के लिए नगर परिषद अध्यक्ष को सूचना देना, उनके संज्ञान में लाना जरूरी है या नहीं? अधिनियम के अनुसार स्थिति स्पष्ट करें। (ख) क्या उक्त सामग्री क्रय करने के लिए सी.एम.ओ. के द्वारा मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 के नियमों का पालन किया गया है? (ग) क्या नियमों से बचने के लिए वेंडर के साथ षडयंत्र करते हुए जेम पोर्टल और एम.पी. टेंडर पोर्टल पर एक ही आई.पी. एड्रेस से सेलर और बायर ने क्रय विक्रय प्रक्रिया संपादित की है? यदि नहीं, तो सभी टेंडर के आई.पी. एड्रेस साइबर पुलिस अधीक्षक के माध्यम से ट्रैक करवाकर मामले की जांच के आदेश जारी करेंगे या नहीं? यदि हाँ, तो कब तक, नहीं तो क्यों नहीं? (घ) दिनांक 01 जनवरी, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में नगर परिषद धामनोद की कैश बुक, लेजर, वाउचर बुक की छाया प्रति देवें और यदि यह कार्यालय में उपलब्ध नहीं है तो क्या कार्यालय के रिकॉर्ड से गायब कर दिया गया है? यदि हाँ, तो कौन उत्तरदायी है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। मध्यप्रदेश नगरपालिका (मेयर-इन-काउंसिल/प्रेसीडेंट-इन-काउंसिल के कामकाज का संचालन तथा प्राधिकारियों की शक्तियां एवं कर्तव्य) नियम1998 में प्रदत्त वित्तीय अधिकारों के अंतर्गत अध्यक्ष के संज्ञान में लाते हुए उक्‍त सामग्री क्रय की गई है। (ख) जी हाँ।                      (ग) जी नहीं। जेम पोर्टल और एम.पी. टेण्डर पोर्टल पर एक ही आई.पी. एड्रेस से सेलर और बायर द्वारा क्रय विक्रय प्रकिया संपादित नहीं की गई है, अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                        (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' एवं 'अनुसार है।

निर्माण कार्य की जानकारी

[लोक निर्माण]

16. ( *क्र. 1310 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंडला जिले अंतर्गत लोक निर्माण विभाग एवं PIU में विगत 2020-21 से वर्तमान तक कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के निर्माण कार्य की प्रशासकीय, वित्तीय स्वीकृति, निविदा की प्रति, कार्यादेश की प्रति एवं कार्य का मूल्यांकन किस आधार पर किया गया? (ग) उपरोक्त कार्य की क्या स्थिति है? निविदा समयावधि समाप्त होने पश्चात भी कार्य अपूर्ण क्यों हैं? संबंधित पर क्या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ',            'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ', 'अ-1', 'अ-2' एवं परिशिष्‍ट के प्रपत्र 1, 2, 3, 4, 5, 6, 7 अनुसार है। कार्य का मूल्‍यांकन एस.ओ.आर. से निविदा दर पर किया गया है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ', 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र 'अ-2' में दर्शित निर्माण कार्यों को पूर्ण करने की समयावधि समाप्‍त नहीं हुई हैअत: किसी पर कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

मैहर नगरीय क्षेत्र में विश्राम गृह का उन्‍नयन

[लोक निर्माण]

17. ( *क्र. 913 ) श्री श्रीकान्त चतुर्वेदी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मैहर नगर में विश्राम गृह के विस्‍तारीकरण की दृष्टि से अतिरिक्‍त कक्षों के निर्माण कराये जाने या उन्‍नयन कराये जाने के प्रस्‍ताव क्‍या शासन स्‍तर में विचाराधीन हैं? यदि हाँ, तो कब तक स्‍वीकृत कर निर्मित करा दिये जावेंगे? समयावधि स्‍पष्‍ट की जावे। यदि नहीं, तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में मैहर धार्मिक नगरी होने के कारण यहां आने वाले व्‍ही.आई.पी. एवं व्‍ही.व्‍ही.आई.पी. तथा वरिष्‍ठ अतिथियों की दृष्टि से विश्राम गृह के विस्‍ता‍रीकरण के तहत अतिरिक्‍त कक्षों के निर्माण कराये जाने या विश्राम गृह का उन्‍नयन कराकर जिला स्‍तरीय विश्राम गृह बनवाया जाना अनिवार्य है? यदि हाँ, तो क्‍या निकट भविष्‍य में उक्‍त संबंध में शासन द्वारा योजना बनायी जावेगी? समयावधि स्‍पष्‍ट की जावें। यदि नहीं, तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। विस्तारीकरण की आवश्यकता नहीं है। पूर्व से 06 कमरे संचालित हैं। (ख) जी नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। पूर्व से विश्राम गृह में 06 कमरे एवं विश्राम भवन में 04 कमरे संचालित हैंइसलिए आवश्यकता नहीं है।

ग्रामों तक बिजली की सप्‍लाई पहुंचाई जाना

[ऊर्जा]

18. ( *क्र. 1545 ) श्री केशव देसाई : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) विधान सभा क्षेत्र गोहद में किन-किन ग्रामों में बिजली उपलब्‍ध कराये जाने के लिये डी.पी. रखी गई है, डी.पी. लगाये जाने के क्‍या नियम हैं? नियम की सूची उपलब्‍ध करायें। (ख) गोहद अंतर्गत ग्रामों में बिजली सप्‍लाई के लिये कितनी डी.पी. रखी गई है? ग्रामों की सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) गोहद अंतर्गत कितने ग्रामों को 24 घण्‍टे बिजली उपलब्‍ध हो रही है? ग्रामों की सूची उपलब्‍ध करावें। (घ) विधानसभा क्षेत्र गोहद में दिनांक 01.09.2023 से 31.12.2023 तक कितनी पुरानी डी.पी. बदलकर नई डी.पी. रखी गई? किस मद से रखी गई? किसके आदेश से रखी गई एवं कितने रूपये जमा हुए?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र गोहद में विद्युत प्रदाय किये जाने के लिए स्‍थापित किये गए वितरण ट्रांसफार्मरों की ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है। केन्‍द्र/राज्‍य शासन द्वारा स्‍वीकृत एवं वित्‍त पोषित विभिन्‍न योजनाओं में निहित प्रावधानों के अनुरूप ग्रामों में वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किए गए हैं। प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युतीकरण के लिये अधोसंरचना लगाये जाने हेतु म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा दिनांक 31.05.2022 को जारी मध्‍यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाईन प्रदान करने अथवा उपयोग किये संयन्‍त्र हेतु व्‍ययों तथा अन्‍य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण-द्वितीय) विनियम, 2022 में वर्णित विस्‍तृत प्रावधान अनुसार कार्य किये जा सकते हैं, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। वर्तमान में कृषकों को सिंचाई के लिये स्‍थायी कृषि पंप विद्युत कनेक्‍शन लेने एवं अस्‍थायी पंप कनेक्‍शनों को स्‍थायी पंप कनेक्‍शनों में परिवर्तित करने के लिये ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' प्रचलन में है, जिसके तहत कृषक/कृषकों का समूह, जो 3 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता के स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन लेना चाहते हैं, योजना के प्रावधानों के अनुरूप प्रस्‍ताव तकनीकी परीक्षण उपरांत साध्‍य पाए जाने पर आवश्‍यक अधोसंरचना निर्माण/वर्तमान अधोसंरचना में क्षमता वृद्धि एवं नवीन कार्य यथा-11 के.व्‍ही. लाईन विस्‍तार एवं नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना के कार्य हेतु प्राक्‍कलन राशि में से 50 प्रतिशत कृषक अथवा कृषक समूह द्वारा, 40 प्रतिशत राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10 प्रतिशत संबंधित वितरण कंपनी द्वारा वहन की जावेगी। उक्‍त के अतिरिक्‍त वर्तमान में कृषकों को स्‍थायी सिंचाई पंप कनेक्‍शन दिये जाने हेतु ''स्‍वंय का ट्रांसफार्मर (O.Y.T.)'' योजना लागू है, जिसके अंतर्गत कृषक अपने व्‍यय से, निर्धारित मापदंड के अनुसार वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर सकते हैं। उक्‍त योजनाओं से संबंधित जानकारी की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के                           प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) वर्तमान में विधानसभा क्षेत्र गोहद में विद्युत प्रदाय किये जाने के लिए स्‍थापित किए गए कुल 3461 वितरण ट्रांसफार्मरों की ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) गोहद विधानसभा क्षेत्रांतर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों के घरेलू उपभोक्‍ताओं को अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर औसतन 24 घंटे प्रतिदिन विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के                     प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) विधानसभा क्षेत्र गोहद अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में नियमानुसार जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर को बदला गया है। किंतु किसी भी पुराने वितरण ट्रांसफार्मर को बदलकर नया वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित नहीं किया गया है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

गांवों में विद्युत समस्‍या का निराकरण

[ऊर्जा]

19. ( *क्र. 8 ) श्री नितेन्‍द्र बृजेन्‍द्र सिंह राठौर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या वर्ष 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक निवाड़ी एवं टीकमगढ़ जिले के कई गांवों में लाईट/बिजली न होने की शिकायतें प्राप्‍त हुई हैं? क्‍या ट्रान्‍सफार्मर खराब एवं अन्‍य समस्‍याओं की शिकायतें प्राप्‍त हुईं? (ख) जले हुये ट्रान्‍सफार्मर को बदलने की समय-सीमा क्‍या है? (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित स्‍थानों के खराब हुये ट्रान्‍सफार्मर समय-सीमा में बदले गये? यदि नहीं, तो क्‍या कारण?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। (ख) वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्‍यालय में 12 घंटे एवं अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्‍थापित करने के प्रावधान हैं। तदनुसार वितरण कंपनी द्वारा पहुंच मार्ग की उपलब्‍धतानुसार उक्‍त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत समस्‍त जले/खराब पात्र वितरण ट्रांसफार्मर उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित नियमानुसार समय-सीमा में बदले गये हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है।

टोल बूथ अन्‍यत्र स्‍थापित करना

[लोक निर्माण]

20. ( *क्र. 1283 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या जिला मुरैना स्थित टोल टैक्स बूथ नगर निगम मुरैना सीमा क्षेत्र अंतर्गत स्थापित है? यदि हाँ, तो उक्त टोल टैक्स एवं उससे लगे हुए तोल कांटे आदि के कारण टोल टैक्स पर हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे क्षेत्रवासियों को अति समस्या हो रही है? क्या टोल टैक्स बूथ को नगरीय क्षेत्र से बाहर अन्यत्र स्थापित किया जायेगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में टोल टैक्स बूथ पर रोजाना हजारों ओवर लोडेड डंपर निकलते हैं, जिसके चलते वहां पर अवैध वसूली हो रही है, जिसकी शिकायत भी समय-समय पर जनप्रतिनिधियों द्वारा की गई है? क्या इस अनियमितता को बंद करते हुए भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसा जायेगा? (ग) शासन को हो रहे नुकसान के लिए जिम्मेदार पर कार्यवाही कब तक की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "दो"

इन्दिरा आवास कुटीर तोड़ा जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( *क्र. 465 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी जिले की विधानसभा पोहरी क्षेत्र में तहसील नरवर के ग्राम निजामपुर में निवासरत टन्‍टी आदिवासी पुत्र भोना आदिवासी की इंदिरा आवास की आवंटित कुटीर को अवैधानिक रूप से तोड़कर नगर पंचायत मंगरौनी द्वारा कॉम्‍पलेक्‍स का निर्माण कराया जा रहा है? पूर्ण विवरण सहित जानकारी दी जावे। (ख) प्रश्‍नांश '''' के क्रम में हितग्राही आदिवासी समाज का गरीब व्याक्ति है तथा उसकी कुटीर को बिना उसकी सहमति के तथा बिना उसकी उपस्थिति के तोड़ा गया, जिसमें उसकी घरेलू सामग्री खानेपीने का सामन, टी.व्ही. बक्‍सा आदि सामान नष्‍ट हो गया, क्या यह सही है? (ग) आवेदक की कुटीर को बिना सक्षम अधिकारी के आदेश के अवैधानिक रूप से तोड़ने एवं बिना सक्षम अधिकारी की स्वीकृति के तथा बिना भूमि आवंटन कराये कॉम्पलेक्‍स का निर्माण कराने वाले दोषियोंअध्यक्ष नगर पंचायत, सी.एम.. एवं उपयंत्री एवं अन्य संबंधित नगर पंचायत मंगरौनी के विरूद्व क्या‍ कार्यवाही की जावेगी और कब तक? (घ) आवेदक टन्‍टी आदिवासी द्वारा उक्त के संबंध में कलेक्टर शिवपुरी को भी आवेदन प्रस्तुत किये गये। उन पर क्या कार्यवाही की गई? साथ ही आवेदक के पास रहने का कोई साधन नहीं है, उसे क्या पुन: कुटीर बनाकर दी जावेगी तथा मुआवजा दिया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। नगर परिषद मगरौनी द्वारा शासकीय बंजर भूमि सर्वे क्र. 1517 (एस) वार्ड क्र. 03 मंगल भवन के पास रिक्त भूमि में सुलभ कॉम्प्लेक्स निर्माणाधीन है। यह निर्माण प्रशासक संकल्प क्र. 14, दिनांक 13.12.2021 के निर्णय के परिपालन में कराया गया है। किसी भी व्यक्ति का कोई आवास/कुटीर नहीं तोड़ा गया है। निकाय ने सुलभ कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु पत्र क्र. 1007, दिनांक 17.07.2023 द्वारा भूमि की मांग की गई। राजस्व विभाग से निकाय को आवंटन शेष है। (ख) जी नहीं। उत्तारांश '''' के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) उत्तारांश '''' के परिप्रेक्ष्य में कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) टन्टी आदिवासी के द्वारा कलेक्टर जिला शिवपुरी को प्रस्तुत आवेदन की प्रति पर निकाय ने आवेदन के निराकरण हेतु स्थल निरीक्षण में निकाय ने पाया कि टन्टी आदिवासी की झोपड़ी वार्ड क्र. 2 सिद्धपुरा में स्थित है। आवेदक का भूमि स्वत्व न होने से आवेदक को उक्त भूमि का पट्टा प्रदाय करने हेतु अनुशंसा पत्र क्र. 1401, दिनांक 20.12.2023 कलेक्टर जिला शिवपुरी को दी गई जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तीन"

भोपाल स्‍मार्ट सिटी योजनांतर्गत कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( *क्र. 836 ) श्री भगवानदास सबनानी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल में स्‍मार्ट सिटी योजना कब से आरंभ हुई? (ख) भोपाल स्‍मार्ट सिटी योजना कुल कितने क्षेत्रफल में निर्मित है तथा इसकी लागत कितनी है? (ग) क्‍या इसके निर्माण के दौरान हटाए गए मकान/दुकान का व्‍यवस्‍थापन हो गया है? यदि नहीं, तो कब तक हो जायेगा?           (घ) उक्‍त सम्‍पूर्ण योजना कब तक पूर्ण होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) वर्ष 2016 से। (ख) क्षेत्र आधारित विकास (ए.बी.डी.) के विकास घटक अंतर्गत कुल 342 एकड़ क्षेत्रफल में प्रस्तावित है। कुल लागत राशि रु 3440 करोड़ परिकलित है। (ग) आवासों में निवासरत शासकीय कर्मचारियों को अन्यत्र आवास का आवंटन संपदा संचालनालय द्वारा किया जाता है। समस्त विस्थापित दुकानदारों का नियमानुसार अस्थायी विस्थापन कर टी.टी. नगर क्षेत्र में प्लाट नं. 47-49 पर तथा 12 दफ्तर के सामने उपलब्ध स्थान पर अस्थायी गुमटीधारियों को व्यवसाय हेतु स्थान प्रदान किया गया है। समस्त विस्थापितों को भोपाल स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पो. द्वारा टी.टी. नगर स्टेडियम के सामने निर्मित हाट बाजार में पक्की दुकाननिर्माण लागत के आधार पर प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) भारत सरकार दवारा स्मार्ट सिटी मिशन की अवधि एक वर्ष के लिये बढ़ाते हुये जून 2024 तक की गई है।

विद्युत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि एवं सुचारू विद्युत आपूर्ति

[ऊर्जा]

23. ( *क्र. 1571 ) श्री गोपाल सिंह इंजीनियर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आष्‍टा विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत कुल कितने 33/11 के.व्‍ही. के विद्युत सब स्‍टेशन कब से स्‍थ‍ापित हैं? विधानसभा क्षेत्र के कितने ऐसे गांव हैं, जहां क्षमता से कम के वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित हैं, जिससे वोल्‍टेज की कमी, ट्रांसफार्मर जल जाना आदि की समस्‍या से ग्रामीणों को घरेलू बिजली तथा खेतों में सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विधानसभा क्षेत्र के कितने ग्रामों में विगत 03 माह से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कितने ट्रांसफार्मर जले, कितनों को पुन: स्‍थापित किया गया तथा कितने आवेदन क्षमता वृद्धि के प्राप्‍त हुए?                                 (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार कंपनी द्वारा आष्‍टा विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्रों में जहां क्षमता से कम के ट्रांसफार्मर हैं, उन ग्रामों का सर्वे कर क्षमता वृद्धि की जावेगी? यदि हाँ, तो कब तक? (घ) विधानसभा क्षेत्र आष्‍टा के समस्‍त ग्रामों, मजरा, टोला बस्तियों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति की जा रही है? यदि नहीं, तो क्‍यों? वंचित ग्रामों का विवरण एवं इन गांवों में कब तक विद्युत आपूर्ति सुनिश्‍चित की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) आष्टा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 33/11 के.व्ही. के कुल 28 विद्युत उपकेन्द्र स्थापित है, जिनका स्‍थापना संबंधी विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के         प्रपत्र-अनुसार है। विधानसभा क्षेत्र आष्टा के 206 ग्रामों में घरेलू, गैर घरेलू एवं कृषि पंप कनेक्‍शन के स्‍वीकृत भार अनुसार उचित क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये थे। तथापि नवीन संयोजनों की संख्‍या वृद्धि तथा विद्यमान संयोजनों में प्रतिवर्ष भार वृद्धि होने के कारण पूर्व से स्‍थापित 594 वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हो गये हैं, जिनका ग्रामवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र -2 अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में प्रश्‍नाधीन अवधि में कुल 61 ग्रामों में कुल 75 वितरण ट्रासंफार्मर जले/खराब हुए हैं। उक्‍त सभी जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को बदल दिया गया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र एवं अवधि में वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हेतु कोई भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) अनुसार प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत अतिभारित 594 वितरण ट्रासंफार्मरों में से 143 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण अंतर्गत स्वीकृत हैं। उक्‍त कार्य हेतु कार्यादेश मेसर्स रेल विकास निगम को जारी किया गया है। उक्‍त कार्य प्रगति पर है एवं कार्य, कार्यादेश की दिनांक से 24 माह की समय-सीमा में पूर्ण किया जाना है। शेष 451 अति‍भारित वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य आर.डी.एस.एस योजना के द्वितीय चरण अंतर्गत प्रस्‍तावित हैं, जिसकी स्‍वीकृति भारत सरकार से अपेक्षित है। अत: उक्‍त कार्यों हेतु निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित मजरों/टोलों में घरेलू विद्युत उपभोक्‍ताओं को अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर प्रतिदिन 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत समस्‍त ग्रामों एवं उनके चिन्हित मजरों/टोलों का विद्युतीकरण कार्य विभिन्न योजनाओं में पूर्व में पूर्ण किया जा चुका है। वर्तमान में कोई भी ग्राम एवं चिन्हित मजरा/टोला अविद्युतीकृत नहीं हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

नवीन ग्रि‍ड एवं अविद्युतीकरण मजरे टोले

[ऊर्जा]

24. ( *क्र. 1404 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                         (क) झाबुआ, अलीराजपुर जिले में विभाग द्वारा जिले में पर्याप्त बिजली उपलब्धता हेतु नवीन ग्रि‍ड हेतु किये गये शासन के प्रयासों का नीतियों का ब्यौरा प्रदान करें एवं आगामी समय में पर्याप्त बिजली उपलब्धता हेतु क्या रणनीति है? (ख) क्या रानापुर जनपद पंचायत अन्तर्गत मोरडुडिया, माछलियाझिर में वर्तमान में उदयगढ़ अलीराजपुर से विद्युत प्रदाय की जा रही है? क्या नवीन ग्रि‍ड प्रस्तावित है? यदि हाँ, तो कब तक ग्रि‍ड की स्थापना हो जावेगी? (ग) झाबुआ-अलीराजपुर जिले के एक बड़े हिस्से में बिजली की कमी की समस्या है? इस विद्युत समस्या के निदान हेतु पिछले 3 वर्षों में शासन के द्वारा क्या कार्य किये गये हैं? (घ) शासन द्वारा किसानों के लिये ''मुख्य मंत्री कृषक मित्र योजना'' प्रारंभ की गई थी? उक्त योजना में झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले में कृषकों को योजना का लाभ मिला? यदि हाँ, तो कितने कृषकों को लाभ मिला है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों के अंतर्गत विद्युत उपभोक्‍ताओं की मांग अनुसार पर्याप्‍त विद्युत अधोसंरचना विद्यमान है। तथापि भविष्‍य में होने वाली संभावित भार वृद्धि के दृष्टिगत सतत् गुणवत्‍ता पूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित किये जाने हेतु प्रणाली सुदृढ़ीकरण के कार्य प्रत्‍येक वित्‍तीय वर्ष में चिन्‍हांकित/स्‍वीकृत किये जाते हैं। इसमें नवीन विद्युत उपकेन्‍द्रों (ग्रिड) हेतु भी प्रावधान किया जाता है, ताकि भविष्‍य में पर्याप्‍त बिजली हेतु आवश्‍यक विद्युत अधोसंरचना उपलब्‍ध हो सके। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत 5 एवं एस.एस.टी.डी. योजना अंतर्गत 01 नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र के कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिनकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र '' अनुसार है।                       (ख) रानापुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम मोरडुडिया को 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेंद्र उदयगढ़, जिला अलीराजपुर से निर्गमित 11 के.व्ही. कानाकाकड़ फीडर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है एवं ग्राम माछलियाझिर को 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उप‍केन्‍द्र बन से निर्गमित 11 के.व्ही. अन्‍धारवड़ फीडर से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। जी नहीं, उक्‍त दोनों ग्रामों के क्षेत्र हेतु कोई नवीन ग्रिड प्रस्‍तावित नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है। (ग) वर्तमान में झाबुआ एवं अलीराजपुर जिलों में विद्युत आपूर्ति एवं विद्युत अधोसंरचना की कोई कमी नहीं है। तथापि प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत भार में सतत् रूप से हो रही वृद्धि के परिप्रेक्ष्‍य में उपभोक्‍ताओं को गुणवत्‍ता पूर्ण विद्युत प्रदाय उपलब्‍ध कराने के उद्देश्‍य से प्रणाली सुदृढ़ीकरण हेतु विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत कार्य किये गये हैं, जिसकी प्रश्‍नाधीन विगत 3 वर्षों की चाही गई जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'ब-1', 'ब-2', 'ब-3', 'ब-4' एवं 'ब-5' अनुसार है। (घ) जी हाँ। झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले के कृषकों द्वारा योजना का लाभ लेने हेतु पंजीकरण करवाया गया है। योजनांतर्गत प्राप्‍त आवेदनों में प्रस्‍तावित कार्य के सर्वे, योजना के प्रावधानों एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार प्राक्‍कलन तैयार किये जाने एवं प्राक्कलन स्वीकृति उपरांत कृषकों/कृषक समूहों द्वारा राशि जमा किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उपरोक्‍त कार्य/औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत योजनांतर्गत लाभान्‍वित कृषकों की जानकारी दिया जाना संभव हो सकेगा।

जिला रतलाम अंतर्गत फीडर सेप्रेशन

[ऊर्जा]

25. ( *क्र. 1566 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत जिला रतलाम अंतर्गत विद्युत वितरण हेतु घरेलू फीडर एवं कृषि फीडर का सेप्रेशन किस विधान सभा क्षेत्र में पूर्ण हो गया है एवं जिन विधानसभा क्षेत्रों में उक्त मिश्रित फीडर (घरेलू फीडर एवं कृषि फीडर) का सेप्रेशन पूर्ण नहीं हुआ है, उक्त राजस्‍व ग्राम का नाम, फीडर का नाम सहित संपूर्ण सूची उपलब्ध करावें एवं उक्त राजस्‍व ग्रामों में विद्युत आपूर्ति हेतु बकाया मिश्रित फीडर का सेप्रेशन कर दिया जायेगा, कोई प्रस्‍तावित कार्य योजना हो तो बतावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित जिन विधानसभा क्षेत्रों में घरेलू फीडर एवं कृषि फीडर सेप्रेशन पूर्ण नहीं हुआ है, उक्त श्रेणी के मिश्रित फीडरों में कुल कितने घण्टे विद्युत आपूर्ति उपभोक्ताओं को विगत 02 वित्‍तीय वर्षों में की गई है? उसकी संपूर्ण जानकारी माहवार, वित्‍तीय वर्षवार उपलब्ध करावें। (ग) क्या जिला रतलाम के सैलाना, बाजना, शिवगढ़, सरवन एवं रावटी क्षेत्र में वर्तमान समय में फीडर सेप्रेशन न होने से किसानों को सिंचाई हेतु शासन की मंशानुसार 10 घंटे विद्युत आपूर्ति नहीं हो पा रही है और फीडर ओवरलोड चल रहे हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन से फीडर ओवरलोड चल रहे हैं? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या दिनांक 15.01.2024 को प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री कार्यालय में आवेदन पत्र देकर 24, रतलाम लोक सभा संसदीय क्षेत्र में सतत् रूप से विद्युत आपूर्ति हेतु फीडर सेप्रेशन किये जाने के संबंध में लिखा गया था? यदि हाँ, तो उक्त पत्र पर विभाग के प्रमुख सचिव एवं अन्य सक्षम अधिकारि‍यों द्वारा क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं, की गई तो इसके लिये कौन दोषी है? दोषी अधिकारी पर कब-तक कार्यवाही की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर अंतर्गत जिला रतलाम में विद्युत वितरण हेतु 11 के.व्‍ही. मिश्रित फीडरों का 11 के.व्‍ही. घरेलू फीडरों एवं 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों में विभक्तिकरण का कार्य रतलाम शहर, जावरा एवं आलोट विधानसभा क्षेत्रों में पूर्ण हो गया है तथा रतलाम ग्रामीण एवं सैलाना विधानसभा क्षेत्रों में कुल 31, 11 के.व्‍ही. मिश्रित फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य नहीं हुआ है, फीडरों के नाम एवं संबंधित राजस्‍व ग्रामों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। उक्‍त 31 मिश्रित फीडरों में से 11 फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य आर.डी.एस.एस. योजना में सम्मिलित किया गया है एवं इन फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य माह मार्च, 2025 तक पूर्ण किया जाना है। शेष फीडरों के विभक्तिकरण का कार्य वित्‍तीय/तकनीकी साध्‍यता अनुसार भविष्‍य में आवश्‍यक होने पर किया जा सकेगा। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित रतलाम ग्रामीण एवं सैलाना विधानसभा क्षेत्रों के 11 के.व्‍ही. मिश्रित फीडरों में विगत दो वित्‍तीय वर्षों, यथा-वित्‍तीय वर्ष 2021-22 एवं वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में की गई औसत विद्युत आपूर्ति की माहवार, वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में ओवरलोड चल रहे 11 के.व्‍ही. फीडरों एवं उनको अंडर लोड किये जाने हेतु की गई/की जा रही कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र 'अनुसार है। (घ) जी हाँ, माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा पत्र दिनांक 13.01.2024 के माध्‍यम से फीडर विभक्तिकरण हेतु माननीय मुख्‍यमंत्री जी म.प्र. शासन को लेख किया गया था। उक्‍त पत्र प्राप्‍त होने पर त्‍वरित कार्यवाही करते हुए विभाग के पत्र दिनांक 31.01.2024 द्वारा प्रबंध संचालक, म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को नियमानुसार आवश्‍यक कार्यवाही किए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता के आधार पर फीडर विभक्तिकरण की कार्यवाही की जायेगी। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के दोषी होने या किसी के विरूद्ध कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता।

 

 

 

 





 


भाग-2

नियम 46 (2) के अंतर्गत अतारांकित प्रश्‍नोत्तर के रुप में परिवर्तित तारांकित प्रश्‍नोत्तर


विद्युतीकरण के लंबित कार्य

[ऊर्जा]

1. ( क्र. 28 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                     (क) सीधी/सिंगरौली जिले के अन्तर्गत विकासखण्ड मझौली एवं कुसमी सीधी जिला एवं विकासखण्ड देवसर जिला सिंगरौली में विद्युत विहीन, टोले, मंजरे में कितने घर शेष है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विद्युत विहीन टोले-मंजरे के घरों में विद्युतीकरण का कार्य कब तक पूर्ण करा लिया जावेगा? कार्य योजना की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जले हुये ट्रांसफार्मरों को कब तक बदल दिया जावेगा? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में ट्रांसफार्मरों की उपलब्धता के लिये सीधी में स्टोर बनाने के लिये शासन स्तर पर क्या कार्यवाही प्रस्तावित है? कब तक स्टोर स्थापित कर दिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जिला सीधी के मझौली एवं कुसमी विकासखण्‍ड में विद्युत विहीन तथा आंशिक विद्युतीकरण वाले मजरों/टोलों के 3178 घर अविद्युतीकृत हैं। जिला सिंगरौली के देवसर विकासखण्‍ड में विद्युतविहीन तथा आंशिक विद्युतीकरण वाले मजरों/टोलों के 6383 घर अविद्युतीकृत हैं। (ख) जिला सीधी के प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के 910 अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण कार्य को प्रधानमंत्री जनमन योजना में सम्मिलित कर लिया गया है एवं यह कार्य माह सिंतबर 2024 तक पूर्ण होना संभावित है। जिला सीधी के प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के शेष 2268 अविद्युतीकृत घरों एवं जिला सिंगरौली के प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के 6383 अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण हेतु सर्वेक्षण कार्य प्रगति पर है। भविष्‍य में वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप इनका विद्युतीकरण किया जा सकेगा। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जिला सीधी एवं सिंगरौली के प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में क्रमश: 23 एवं 09 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हैं। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं किए जाने के कारण उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु अपात्र हैं। वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्‍यालय में 12 घंटे एवं अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्‍थापित करने के प्रावधान हैं। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने पर, पात्र होने के उपरांत इन्‍हें उपरोक्‍तानुसार निर्धारित समय-सीमा में बदल दिया जावेगा। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में जले/खराब विद्युत ट्रांसफार्मरों को बदलने की निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत जिला सीधी व सिंगरौली हेतु वितरण ट्रांसफार्मर सहित सभी मुख्‍य सामग्री क्षेत्रीय भण्‍डार सतना से जारी की जाती है। रबी मौसम में हर जिला मुख्‍यालय में इम्‍प्रेस्‍ट में वितरण ट्रांसफार्मर उपलब्‍ध कराए जाते हैं जिससे वितरण ट्रांसफार्मर खराब होने पर तत्‍काल बदला जा सके। वर्तमान में सीधी में क्षेत्रीय भण्‍डार स्‍थापना का कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

क्षतिग्रस्त मार्ग का नव निर्माण

[लोक निर्माण]

2. ( क्र. 29 ) श्री कुँवर सिंह टेकाम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सीधी जिले के अन्तर्गत तिलवारी हरदी जनकपुर मार्ग की वर्तमान स्थिति जर्जर एवं क्षतिग्रस्त हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में जर्जर एवं क्षतिग्रस्त मार्ग के नव निर्माण हेतु लोक निर्माण विभाग के द्वारा स्वीकृत हेतु प्रस्ताव क्‍या शासन स्तर पर विचाराधीन है? यदि हाँ, तो प्रस्‍ताव पर की गई कार्यवाही की  जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्षतिग्रस्त मार्ग के निर्माण हेतु कब तथा कितनी राशि स्वीकृत कर दी जावेगी? (घ) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत पूर्व में की गई है। यदि मरम्मत की गई है तो कितनी राशि व्यय की गयी?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। उपलब्‍ध वित्‍तीय संसाधन में मार्ग को मोटरेबल बनाये रखा है। (ख) जी हाँ। बजट में सम्मिलित किये जाने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (घ) जी हाँ। विगत तीन वर्ष में कुल रूपये 45.09 लाख व्‍यय की गयी है।

सिंध नदी पर पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

3. ( क्र. 43 ) श्री रमेश प्रसाद खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधान सभा क्षेत्र क्र.23 करैरा जिला शिवपुरी अंतर्गत ग्राम मिहावरा एवं दोनी के बीच सिन्‍ध नदी पर पुल नहीं बनने से करीब 50 ग्रामों के रहवासियों को करीब 20 कि.मी. चक्‍कर लगाकर जाना पड़ता है? (ख) क्‍या वर्तमान में रहवासियों को आवागमन में असुविधा हो रही है एवं करीब 20 कि.मी. का चक्‍कर लगाकर जाना पड़ रहा है? (ग) यदि हाँ, तो ग्राम मिहावरा एवं दोनी के बीच सिंध नदी पर पुल निर्माण कराया जावेगा? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) उक्‍त कार्य वर्तमान में न तो प्रस्‍तावित है और न ही बजट में शामिल है। अत: निश्‍िचत समय बताना संभव नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सोलर पम्प का प्रदाय

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

4. ( क्र. 54 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. शासन द्वारा किसानों को सोलर पंप प्रदाय किये जाने हेतु क्या मापदंड है? पन्ना जिले में वित्तीय वर्ष 2023-24 अन्तर्गत सोलर पंप प्रदाय किये जाने हेतु कितना लक्ष्य रखा गया था? (ख) उक्त योजना अन्तर्गत पन्ना जिले हेतु कितना आवंटन प्राप्त हुआ था एवं आवंटन के विरूद्ध कितने किसानों को कितनी-कितनी अनुदान सहायता राशि दी गई? हितग्राहीवार एवं ग्रामवार जानकारी देवें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्‍ला ) : (क) सोलर पंप की स्‍थापना हेतु शासन के नियम शर्तें एवं दिशा निर्देश की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। कृषक आवेदक cmsolarpump.mp.gov.in के माध्‍यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते है। शासन द्वारा दिया जाने वाला कुल अनुदान एवं आवेदक किसान द्वारा जमा करने वाली राशि की जानकारी दिनांक 16 जुलाई 2021 को अधिसूचित नवीन सोलर पंप योजना, के पूर्व प्राप्‍त आवेदनों पर अनुदान के विवरण की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार है।  सोलर पंप की क्षमता के अनुसार एक निश्‍िचत राशि हितग्राही द्वारा 'हितग्राही अंश' के रूप में देय होगी। पंप की कुल कीमत की 30 प्रतिशत राशि MNRE की  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'' अनुसार देय होगी एवं शेष राशि का टॉपअप मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा किया जावेगा। मध्‍यप्रदेश शासन द्वारा यह भी निर्णय लिया गया कि दिनांक 16 जुलाई 2021 के पूर्व (मध्‍यप्रदेश राजपत्र क्रमांक- 43 दिनांक 04.02.2020) मुख्‍यमंत्री सोलर पंप योजना के अंतर्गत जिन हितग्राहियों द्वारा सोलर पंप स्‍थापना हेतु पंजीयन किया गया है, वह पूर्ववत निर्धारित शर्तें पूरी करने पर योजना का लाभ प्राप्‍त करने के पात्र होंगे की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'' अनुसार दिनांक 16.07.2021 एवं इसके बाद प्राप्‍त आवेदनों पर अनुदान के विवरण की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के             प्रपत्र-'अनुसार है।  सोलर पंप की लागत पर 30 प्रतिशत अनुदान केन्‍द्र शासन द्वारा एवं 30 प्रतिशत अनुदान राज्‍य शासन द्वारा दिया जावेगा, शेष हितग्राही का अंश रहेगा। पन्‍ना जिले में वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के अंतर्गत सोलर पंप प्रदाय किये जाने हेतु पृथक से लक्ष्‍य नहीं रखा गया है। संपूर्ण मध्‍यप्रदेश हेतु वर्ष 2023-24 में मध्‍यप्रदेश शासन से बजट की उपलब्‍धता अनुसार 10000 नग सोलर पंपों की स्‍थापना का लक्ष्‍य रखा गया है जिससे 16 जुलाई 2021 के पूर्व पंजीकृत समस्‍त पात्र हितग्राहियों (लगभग 8500) को एक साथ लाभान्वित किया जा सकें। (ख) उक्‍त योजनांतर्गत पन्‍ना जिले हेतु राज्‍य शासन से पृथक से आवंटन नहीं किया गया था (राज्‍य शासन द्वारा जिलेवार आवंटन न करते हुए संपूर्ण मध्‍यप्रदेश हेतु आवंटन किया जाता है)। संपूर्ण मध्‍यप्रदेश हेतु वित्‍तीय वर्ष 2023-24 के अंतर्गत 39 करोड़ का आवंटन किया गया था। प्रदेश में सोलर पंपों की स्‍थापना का कार्य शासन की नीति के अनुसार केन्‍द्र शासन से अनुमोदित दरें प्राप्‍त होने पर सोलर पंपों की स्‍थापना की जाती है। पूर्व केन्‍द्रीय निविदा की वैधता समाप्‍त हो जाने के कारण केन्‍द्र शासन द्वारा नवीन केन्‍द्रीय निविदा की गई थी किन्‍तु उक्‍त निविदा के माध्‍यम से म.प्र. हेतु 1 ये 7.5 एच.पी. क्षमता के संयंत्रों हेतु अनुमोदित दरें प्राप्‍त नहीं हुई। वर्तमान में केन्‍द्र शासन के निर्देशानुसार म.प्र.में सोलर पंपों की स्‍थापना हेतु राज्‍य शासन द्वारा निविदा की गई है। निविदा की कार्यवाही प्रचलन में है। निविदा के माध्‍यम से अनुमोदित दरें प्राप्‍त होने पर सोलर पंप स्‍थापना का कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में संपूर्ण प्रदेश (पन्‍ना जिला सहित) में सोलर पंपों की स्‍थापना का कार्य संपादित न हो पाने के कारण पन्‍ना जिले में किसानों को दी जाने वाली अनुदान सहायता राशि निरंक है।

पन्ना जिले में स्‍वीकृत निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

5. ( क्र. 61 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पन्ना जिले में छत्रसाल स्टेडियम, श्री जुगल किशोर स्टेडियम, जुगल किशोर महालोक एवं धरमसागर में महाराजा छत्रसाल जी की मूर्ति की स्थापना के कार्य स्वीकृत किये गये है? (ख) यदि हाँ तो इन कार्यों के निर्माण हेतु अभी तक क्या-क्या कार्यवाही की गई है? इन कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? यदि नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चार"

यातायात एवं प्रदूषण की समस्या

[लोक निर्माण]

6. ( क्र. 62 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अजयगढ़ से सतना जिला जाने हेतु भारी वाहन पन्ना शहर के अन्दर से होकर गुजरते है? (ख) यदि हाँ, तो क्या इन वाहनों के कारण पन्ना शहर में होने वाली यातायात समस्या व प्रदूषण को देखते हुए अजयगढ़ रोड से सतना-कटनी से छतरपुर जाने हेतु बायपास मार्ग का निर्माण किये जाने हेतु कोई योजना बनाई गयी है यदि हाँ तो क्या? यदि नहीं तो क्या इस मार्ग के निर्माण हेतु कोई कार्यवाही प्रस्तावित की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। वर्तमान में कोई योजना नहीं है। अतः शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित  नहीं होता।  कोई कार्यवाही प्रस्तावित नहीं है। अतः निश्‍िचत समय-सीमा बताया  जाना संभव नहीं है। अपितु अजयगढ़ रोड से छतरपुर जाने हेतु बाईपास पूर्व से ही निर्मित है।

विद्युत सब स्टेशन की स्‍थापना

[ऊर्जा]

7. ( क्र. 73 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत लगभग 5 ग्राम पंचायतें बुदलापठार (सूठिया कोंडरा), कोहका, दमुआ, धमनिया, लोहारीबांदरी व उनके आश्रित गॉंवों में तामिया (छिंदी) फिडर से विद्युत की सप्लाई की जाती है, चूंकि इन सभी पंचायतों गॉंवों में भारिया समाज,आदिवासी समाज के परिवार बहुत अधिक संख्या में निवासरत हैं गॉंवों में वोल्टेज की निरंतर समस्या रहती है यदि लाइन में ब्रेकडाउन होता है तो कई दिनों तक विद्युत बंद रहती है तथा अधिकारी, कर्मचारी समस्या के समाधान में ध्यान नहीं देते जिससे उपभोक्ताओं, कृषकों, भारिया/आदिवासी समाज के छात्र/छात्राओं को परेशानियां होती है समस्या के निदान हेतु ग्राम दमुआ एवं ग्राम कोहका के बीच में            33/11 के.व्ही. का सब स्टेशन (उपकेन्द्र) स्थापित किया जाना अति आवश्यक है तथा स्थापित सब स्टेशन को परासिया डिविजन के पगारा से जोड़ा जाना भी आवश्यक है। क्या सब स्टेशन स्थापित किये जाने हेतु विभाग द्वारा कार्यवाही की जायेगी? (ख) ग्राम दमुआ एवं कोहका के बीच में 33/11 के.व्ही. का सब स्टेशन की स्थापना हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभागीय मंत्री जी को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/39 दि.10.01.2024 प्रेषित किया गया था, उस पर अभी तक क्या कार्यवाही हुई है? (ग) भारिया समाज, आदिवासी समाज के उत्थान एवं उनकी विद्युत संबंधी समस्या के निदान हेतु ग्राम दमुआ एवं ग्राम कोहका के बीच में 33/11 के.व्ही. का सब स्टेशन स्थापित किये जाने हेतु विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण करते हुये कब तक स्वीकृति प्रदान कर दी जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विधानसभा क्षेत्र परासिया के ग्राम पंचायत/ग्राम कोहका, दमुआ, धमनिया एवं आस-पास के क्षेत्र को छिंदी वितरण केन्‍द्र के अंतर्गत 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र छिन्‍दी से निर्गमित 11 के.व्‍ही. सिधोली फीडर (मिश्रित) से एवं ग्राम पंचायत/ग्राम लोहारी बांदरी एवं आस-पास के क्षेत्र को उक्‍त विद्युत उपकेन्‍द्र से निर्गमित 11 के.व्‍ही. नागरी फीडर (मिश्रित) से तथा ग्राम पंचायत/ग्राम सुठिया एवं आसपास के क्षेत्र में तामिया वितरण केन्‍द्र के अंतर्गत 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र तामिया से निर्गमित 11 के.व्‍ही. लिंगा फीडर (मिश्रित) से विद्युत आपूर्ति की जा रही है। उक्‍त उल्‍लेखित ग्रामीण क्षेत्र सघन वन क्षेत्र में स्थित है। प्राकृतिक आपदा एवं तकनीकी खराबी के कारण आये आकस्मिक व्‍यवधानों को छोड़कर उक्‍त ग्रामों में नियमानुसार विद्युत प्रदाय किया जाता है। विद्युत प्रदाय में व्‍यवधान आने की स्थिति में म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा शीघ्रातिशीघ्र उपलब्‍ध संसाधनों का उपयोग करते हुए आवश्‍यक सुधार कार्य किया जाकर विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाती है। इसके अतिरिक्‍त, ग्रामवासियों द्वारा की जाने वाली विद्युत संबंधी शिकायतों पर त्‍वरित कार्यवाही की जाती है। उल्‍लेखनीय है कि म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा समस्‍त स्‍थापित विद्युत अधोसंरचना के रखरखाव का कार्य मानसून पूर्व एवं मानसून अवधि के पश्‍चात करने के अलावा विद्युत व्‍यवधानों/दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्‍य से पूरे वर्ष सतत रूप से किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन ग्रामों को विद्युत प्रदाय कर रहे 11 के.व्‍ही. फीडरों को 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र पगारा से संबद्ध किये जाने का कार्य तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं है। तथापि उक्‍त ग्रामों में विद्युत प्रदाय की गुणवत्‍ता में सुधार हेतु 11 के.व्‍ही. सिधोली मिश्रित फीडर के भार को कम करने एवं वोल्‍टेज की समस्‍या के निराकरण हेतु 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र छिन्‍दी में 1 नवीन-बे तैयार कर 1 कि.मी. नवीन 11 के.व्‍ही. लाइन के इंटरकनेक्‍शन का कार्य पूर्णता की ओर है, 11 के.व्‍ही. नागरी मिश्रित फीडर पर भार कम करने एवं वोल्‍टेज की समस्‍या के निराकरण हेतु इसके विभक्तिकरण का कार्य आर.डी.एस.एस योजना में प्रस्‍तावित है तथा 11 के.व्‍ही. लिंगा फीडर से वर्तमान में सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अन्‍य कोई कार्य/कार्यवाही किया जाना वर्तमान में आवश्‍यक नहीं है। (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक का पत्र दिनांक 10.01.2024, प्रश्‍न दिनांक तक अप्राप्‍त है। तथापि प्रश्‍नाधीन ग्रामों में विद्युत संबंधी समस्‍याओं के निवारण हेतु की जा रही कार्यवाही की जानकारी उत्‍तरांश (क) में वर्णित विवरण अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार की जा रही कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में अन्‍य कोई कार्यवाही वर्तमान में आवश्‍यक नहीं है।

फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 95 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एम.पी.आर.डी.सी. जबलपुर ने रद्दी चौकी से लेकर डॉ. अम्‍बेडकर चौराहा जबलपुर तक कितने कि.मी. लम्‍बा फ्लाई ओवर ब्रिज का निर्माण हेतु डी.पी.आर. तैयार कर इसे स्‍वीकृति हेतु शासन को कब भेजा हैं? मूल योजना क्‍या हैं? इस पर शासन ने क्‍या कार्यवाही की हैं? (ख) क्‍या शहर की यातायात व्‍यवस्‍था में सुधार एवं जाम की समस्‍या से निजात दिलाने हेतु तत्‍कालीन शासन काल वर्ष 2018-19 में इसका निर्माण कराने हेतु सैद्धांतिक प्रशासकीय स्‍वीकृति दी गई थी? यदि हाँ, तो इसका अभी तक निर्माण कार्य न कराने का क्‍या कारण हैं? (ग) क्‍या शासन प्रश्‍नांकित फ्लाई ओवर ब्रिज के निर्माण की आवश्‍यकता को देखते हुये इसे प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर बजट में राश‍ि का प्रावधान करके इसका निर्माण कार्य कराना सुनिश्‍िचत करेगा? (घ) अधारताल पुलिस थाना से लेकर रद्दी चौकी जबलपुर तक स्‍वीकृत फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण की क्‍या स्थिति हैं? इसके लिये शासन ने कब कितनी राशि आवंटित की हैं? यदि नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) रद्दी चौकी से डॉ अम्बेडकर चौराहा तक जबलपुर के फ्लाई ओवर ब्रिज निर्माण हेतु कोई भी प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा है अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी नहींअतः शेष का प्रश्‍न  उपस्थित नहीं होता है।                                                            (ग) उत्‍तरांश  (एवं  (अनुसार। (घ) अधारताल पुलिस थाना से रद्दी चौकी  जबलपुर के बीच सेतु बंधन  योजनान्तर्गतफ्लाई ओवर निर्माण हेतु  वर्तमान में कार्य स्वीकृत नहीं है।  अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

घमापुर-रांझी फोरलेन सड़क का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

9. ( क्र. 96 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्मार्ट सिटी योजना के तहत घमापुर से रांझी तक कितने कि.मी. फोरलेन सड़क निर्माण की मूल योजना व लागत क्या हैं। इसके तहत कब किस एजेंसी से किन शर्तों पर कहां से कहां तक कौन-कौन सा कार्य कराया गया हैं? कहां-कहां का कौन-कौन सा कार्य अपूर्ण, निर्माणाधीन व कब से अप्रारंभ है एवं क्यों? निर्माण एजेंसी को कितनी राशि का भुगतान किया गया? वर्ष 2023-24 तक की जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में कहां से कहां तक कितने कि.मी. फोरलेन सड़क निर्माण निर्धारित मापदण्ड एवं मूल योजना के तहत नहीं कराया गया है एवं क्यों? कहां-कहां के अतिक्रमणों को हटाये बिना ही कितनी चौड़ी सड़क का निर्माण कराया है एवं क्यों? अपूर्ण निर्माण कार्य से कहां-कहां पर ब्लैक स्पाट दुर्घटना स्थल बन गये हैं, इसके लिये दोषी अधिकारियों व एजेंसी पर कब क्या कार्यवाही की गई? (ग) घमापुर के समीप पुलिया चौड़ीकरण का कार्य कब से बंद है एवं क्यों? यहां पर होने वाली वाहन दुर्घटनाओं के लिये कौन दोषी है? क्या शासन गुणवत्ताविहीन, अपूर्ण व निर्धारित मापदण्डों व मूल योजना के तहत सड़क का निर्माण न कराने भ्रष्टाचार की जांच कराकर दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) घमापुर से चुंगी चौकी                 2 कि.मी. एवं गोकलपुर से रांझी 2.6 कि.मी. की फोरलेन सड़क निर्माण की मूल योजना हैजिसकी लागत राशि रूपये 31.31 करोड़ है। इसके तहत नियमानुसार निविदा नगरीय प्रशासन SOR  पर जारी कर प्रतिशत दर की शर्त पर न्यूनतम दर L1 पर चयनित एजेंसी मेसर्स पी.एस. कंस्ट्रक्शन से घमापुर से चुंगी चौकी एवं गोकलपुर से रांझी सड़क पर कार्य कराया गया है। जिन स्थानों पर निर्माण हेतु स्थल पर न्यायालय में विचारधीन प्रकरण एवं वैधानिक व्यवधानों के कारण उपलब्ध नहीं था उन स्थानों पर नाली एवं फुटपाथ का कार्य नहीं किया जा सका है। घमापुर क्षेत्रांतर्गत पुलिया चौड़ीकरण का कार्य के स्थान से संलग्न भूमि पर न्यायालय में विचारा‍धीन याचिका क्र. WP 28228 में स्थगन के कारण बंद है। योजना अंतर्गत फुटपाथ का कार्य रांझी शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्रांतर्गत एवं नाली निर्माण के लिये उपलब्ध भूमि पर निर्माण किया जा चुका है। सड़क निर्माण कार्य अंतर्गत केरिएज वे प्रस्तावित लंबाई पर पूर्ण कर लिया गया है। निर्माण एजेंसी मेसर्स पी.एस. कंस्ट्रक्शन को 27.24 करोड़ का भुगतान किया गया है। ख) सड़क निर्माण कार्य निर्धारित मापदण्डोंमूल योजना के अनुसार किया गया है अपितु परियोजना अंतर्गत कुछ स्थानों पर फुटपाथ निर्माण हेतु आवश्यक भूमि रहवासियों के भवन होने के कारण उपलब्ध नहीं हो पाई इस कारण फुटपाथ निर्माण का कार्य नहीं किया जा सका हैजिसकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट पर है। घमापुर के समीप पुलिया चौड़ीकरण के कार्य में प्रचलित याचिका क्र. WP 28228 में पारित स्थगन आदेश के कारण रोका गया है। निर्माण के समय अतिक्रमण हटाकर जो भूमि उपलब्‍ध हुई उस पर कार्य किया जा चुका है। पुलिया के स्थान को छोड़कर सड़क की चौड़ाई लगभग 9.3 मीटर सड़क के दोनों तरफ है। स्थल पर निर्माण कार्य से ब्लैक स्पॉट नहीं बना हैशेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) घमापुर के समीप पुलिया चौड़ीकरण का कार्य याचिका क्र. WP 28228 में पारित स्थगन आदेश के कारण दिनांक 21.12.2021 से बंद है। निर्माण उपरांत इस सड़क पर विगत            04 वर्ष से सुचारु आवागमन संचालित है। कार्य निर्धारित गुणवत्ता तथा मापदंड के आधार पर ही कराया गया है एवं इसकी गुणवत्ता संतोषप्रद है। अतः शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "पांच"

उज्जैन जिले में पदस्थ प्रभारी अधीक्षण यंत्री की पदस्‍‍थापना

[लोक निर्माण]

10. ( क्र. 154 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्तमान में उज्जैन जिले में पदस्थ प्रभारी अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग मण्डल उज्जैन में कब से किन-किन पदों पर उज्जैन जिले में पदस्थ हैं। पदवार सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।          (ख) वर्तमान प्रभारी अधीक्षण यंत्री, मण्डल उज्जैन पर बड़वानी जिले में कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग रहते हुए अनियमितताओं के संबंध में आर्थिक अपराध ब्यूरो इंदौर में प्राथमिकी कब दर्ज की गई और किन-किन प्रकरणों में दर्ज की गई सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) आर्थिक अपराध ब्यूरो में प्राथमिकी दर्ज होने पर भी प्रभारी अधीक्षण यंत्री के पद पर उज्जैन मण्डल में कैसे पदस्थ हैं। इनके विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज होन के बाद विभाग द्वारा अभी तक क्या कार्यवाही की गई है?           (घ) वर्तमान में उज्जैन जिले में पदस्थ प्रभारी अधीक्षण यंत्री, लोक निर्माण विभाग मण्डल के विरूद्ध उज्जैन जिले के उज्जैन कानीपुरा तराना रोड निर्माण की अनियमितता के संबंध में लोकायुक्त उज्जैन में भी कोई जांच प्रचलित है। विभाग द्वारा की गई कार्यवाही की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) दिनांक 22/12/2023 को। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) शासनादेश दिनांक 13/2/2023 से प्रशासकीय आधार पर पदस्‍थ है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। ई.ओ.डब्‍ल्‍यू. में प्राथमिकी दर्ज होने के पूर्व से पदस्‍थ हैं। प्राथमि‍की दर्ज होने, विवेचना उपरांत अभियोजन स्‍वीकृति पश्‍चात मान. न्‍यायालय में चालान प्रस्‍तुत होने पर नियम अनुसार कार्यवाही की जाती है, अत: प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं  3 अनुसार है।

टीकमगढ़ शहर की बहुमूल्‍य भूमि में हेराफेरी

[नगरीय विकास एवं आवास]

11. ( क्र. 162 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सही है कि टीकमगढ़ शहर की म.प्र. नगर ग्राम निवेश की कार्य योजना वर्ष 2011-2031 तक की स्‍वीकृति की गई है? (ख) क्‍या उक्‍त कार्य योजना को म.प्र. शासन स्‍तर से ही परिवर्तन या संशोधन किया जाता है, कलेक्‍टर द्वारा संशोधन नहीं किया जा सकता है? (ग) यदि हाँ तो टीकमगढ़ शहर में जलाशय, पार्क, वृक्षारोपण आदि को सुरक्षित जगह अवैध कॉलोनियां निर्माण हो रही है? (घ) क्‍या वर्ष 1995 से स्‍वीकृत ट्रांसपोर्ट नगर की जगह टीकमगढ़ शहर में विद्युत सब स्‍टेशन बनाया जा रहा है ऐसा क्‍यों? कौन दोषी है क्‍या देहात थाना के बगल से एवं पुलिस लाइन से रास्‍ता दिया गया है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) टीकमगढ़ विकास योजना, 2031 म.प्र. राजपत्र में प्रकाशन दिनांक 08.09.2017 से प्रभावशील है। (ख) म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा 23 के अनुसार विकास योजना का पुनर्विलोकन एवं उपांतरण राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। (ग) जी हाँ। कॉलोनाइजर श्री महेश गिरी, महेश साहू द्वारा वार्ड नंबर-11 निर्माण कार्य कराया जा रहा है। कॉलोनी निर्माण कार्य को यथा स्थिति बंद करने हेतु कॉलोनाइजर को नोटिस जारी किये गये है। (घ) कलेक्टर, जिला टीकमगढ़ द्वारा म.प्र. विद्युत मण्डल, टीकमगढ़ को विद्युत सब स्टेशन निर्माण हेतु भूमि आवंटित की गई है। आवंटित भूमि पर विद्युत मण्डल द्वारा सबस्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। देहात थाना, नगर क्षेत्र सीमा में नहीं आता है एवं पुलिस लाइन से रास्ता दिया गया है।

शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

12. ( क्र. 192 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सर्वे नं. 438 ग्राम पाडल्या कलां तह. नागदा की शासकीय भूमि पर नवम्बर 2023 में बिना अनुमति एवं नक्शा पास कराए हुए 07 पक्की दुकानों का नवीन अवैध निर्माण किया गया है? यदि हाँ तो म.प्र. शासन एवं नगर पालिका परिषद् नागदा द्वारा उक्त अवैध निर्माण को हटाये जाने हेतु क्या कार्यवाही की गई? अवैध निर्माणकर्ताओं का एडीजे कोर्ट नागदा से स्थगन आवेदन निरस्त होने के पश्‍चात म.प्र. शासन एवं नगर पालिका नागदा द्वारा तत्काल अवैध निर्माण क्यों नहीं हटाया गया एवं अतिकमणकर्ताओं को माननीय उच्च न्यायालय से स्थगन लाने हेतु सांठ-गांठ कर समय दिया गया? यदि हाँ तो अवैध निर्माण करवाने एवं हटाने में किन-किन अधिकारियों की लापरवाही रही? लापरवाह अधिकारियों पर क्या कार्यवाही की गई? अधिकारियों के नाम एवं पद नाम सहित विवरण दें। (ख) क्या म.प्र. शासन द्वारा एडीजे कोर्ट नागदा में उक्त भूमि के संबंध में 200 करोड़ का काउन्टर क्लेम वर्ष 1910-11 की ग्वालियर स्टेट की शासकीय भूमि को लीज पर दिए जाने की सम्पूर्ण फाईल एवं कबुलियतनामा (पट्टा) पेश करने के बावजूद भी उक्त भूमि का न्यायालय से निराकरण कराने में शासन द्वारा तत्परता दिखाते हुए शीघ्र सुनवाई किए जाने हेतु क्या कार्यवाही की गई? शासन कब तक अपनी भूमि को अपने आधिपत्य में लेगा?              (ग) नागदा व खाचरौद तहसील के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में 01 जनवरी 2023 से 15/01/2024 तक कितने आवेदन सीमांकन, बंटवारा, नामातंरण, त्रुटि सुधार के प्राप्त हुए है? प्राप्त आवेदनों के कितने न्यायालयीन प्रकरण दर्ज किए गए है तथा उनमें से कितनों के प्रकरण दर्ज करना शेष है? कितने प्रकरण समय-सीमा में कार्यवाही नहीं करने के कारण निरस्त हुए? (घ) नागदा बायपास के रेल्वे ओव्हर ब्रिज के पूर्व की ओर लगी शासकीय भूमि पर सर्विस मार्ग के निर्माण में बाधा बने अतिक्रमण को हटाने हेतु कमिश्‍नर, कलेक्टर उज्जैन व संभागीय प्रबंधक म.प्र. सड़क विकास निगम उज्जैन द्वारा पत्र कं. 1839/उज्जैन/जावरा टु-लेन/2023 उज्जैन दिनांक 06/06/2023, पत्र क. 1260 दि. 28/04/2023 व पत्र कं. 1646 दि. 24/05/2023 द्वारा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नागदा को अतिक्रमण हटाने के अनुरोध के बावजूद भी अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया है? अतिक्रमण कब तक हटा दिया जाएगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

टोल के संबंध में शासन के मापदण्‍ड एवं शर्तें

[लोक निर्माण]

13. ( क्र. 236 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एनएच 69 औबेदुल्लागंज-बैतूल पर बनाये गये टोल के संबंध में शासन द्वारा क्या मापदंड एवं शर्तें रखी गई है? एक टोल से दूसरे टोल की दूरी क्या है? नियमों की प्रति हिन्दी भाषा में उपलब्ध करावें? (ख) एनएच 69 औबेदुल्लागंज-बैतूल पर जो टोल टैक्स बनाये गये है उसमें एक टोल औबेदुल्लागंज में बनाया गया है जबकि यह टोल औबेदुल्लागंज से नीचे की तरफ बरेली रोड पर बनाया जाना था यह त्रुटिपूर्ण बनाया गया है? यदि हाँ तो क्या यह टोल वर्तमान स्थान से हटाया जायेगा? दूसरा टोल बघवाड़ा शाहगंज तहसील बुधनी जिला सीहोर (एनएच 69) पर बनाया गया है जिसकी दूरी एक टोल से दूसरे टोल तक मात्र 35 कि.मी. है जबकि एनएचआई की टोल शर्तों में एक टोल से दूसरे टोल की दूरी लगभग 70 कि.मी. की दूरी रहती है? इस मार्ग पर दो बार टोल टैक्स क्यों वसूला जा रहा है इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाये? (ग) एनएच 69 मार्ग पर बरखेडा बुधनी के बीच फारेस्ट एरिया का 12.5 कि.मी. मार्ग फोरलेन नहीं हुआ है फिर भी इस मार्ग का टोल लिया जा रहा है यह किस आधार पर लिया जा रहा है विस्तृत जानकारी उपलब्ध करावें? वर्तमान में जो टोल बनाया गया है क्या यह सही जगह बनाया गया है? जबकि नर्मदापुरम बुधनी होते हुये भोपाल की दूरी मात्र 70 कि.मी. है इस हिसाब से नर्मदापुरम से भोपाल के बीच में मात्र एक टोल बनना था लेकिन दो दो टोल बना दिये गये है और उसके बाद भी मिसरोद से भोपाल आने के लिये नगर निगम क्षेत्र के बीआरटीएस की रोड है उस हिसाब से भी दूरी नर्मदापुरम से बुधनी होते हुये मिसरोद की दूरी लगभग 45 कि.मी. होती है। दो दो टोल टैक्स होने के कारण जनता को अधिक टैक्स देना पड़ रहा है इस स्थिति में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट   अनुसार। (ख) जी नहीं। एन.एच. 69 पर औबेदुल्‍लागंज पर टोल प्‍लाजा का निर्माण अनुबंध में निहित प्रावधान अनुसार किया गया है। भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार। (ग) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार।

एन.एच. 45 पर बनाये गये टोल की जानकारी

[लोक निर्माण]

14. ( क्र. 237 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एन.एच.45 पर बनाये गये टोल के संबंध में शासन द्वारा क्‍या मापदंड एवं शर्तें रखी गई है? एक टोल से दूसरे टोल की दूरी क्‍या है? नियमों की प्रति हिन्‍दी भाषा में उपलब्‍ध करावें।                         (ख) एन.एच.45 औबेदुल्‍लागंज-जबलपुर पर जो टोल टैक्‍स बनाये गये हैं उसमें एक टोल औबेदुल्‍लागंज में बनाया गया है? जबकि यह टोल औबेदुल्‍लागंज से नीचे की तरु बरेली रोड पर बनाया जाना था यह त्रुटिपूर्ण बनाया गया है? यदि हाँ तो क्‍या यह टोल वर्तमान स्‍थान से हटाया जायेगा? दूसरा टोल बघवाड़ा शाहगंज तहसील बुधनी जिला सीहोर (एन.एच. 69) पर बनाया गया है जिसकी दूरी एक टोल से दूसरे टोल तक मात्र 35 कि.मी. है जबकि एन.एच.आई. की टोल शर्तों में एक टोल से दूसरे टोल की दूरी लगभग 70 कि.मी. की दूरी रहती है? इस मार्ग पर दो बार टोल टैक्‍स क्‍यों वसूला जा रहा है इसकी विस्‍तृत जानकारी उपलब्‍ध कराई जायें? (ग) एन.एच.-45 औबेदुल्‍लागंज-जबलपुर पर वर्तमान में जो टोल बनाया गया है क्‍या यह सही जगह बनाया गया है? इस मार्ग पर एन.एच.आई. द्वारा दो बार टोल टैक्‍स क्‍यों वसूला जा रहा है? क्‍या इस टोल को शिफ्ट किया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) से (ग) भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  अनुसार।

परिशिष्ट - "छ:"

शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के विरुद्ध कार्यवाही

[लोक निर्माण]

15. ( क्र. 274 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाना एक दंडनीय अपराध है? (ख) यदि हाँ तो क्या अशोक नगर जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष को आवंटित शासकीय आवास को रिक्त करते समय तत्कालीन सीएमओ नगर पालिका अशोकनगर के द्वारा उक्त आवास को क्षतिग्रस्त करते हुए दरवाजे, विद्युत उपकरण, विद्युत तार एवं अन्य सामग्रियों को अपने साथ ले गई है? (ग) यदि हाँ तो कुल कितनी मूल्य की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है और कितनी रूपए मूल्य की वस्तुओं को अपने साथ ले गई है? क्या विभाग द्वारा उसका मूल्यांकन करवाया गया है या नहीं? यदि हाँ तो मूल्यांकन पत्रक के आधार पर क्या कार्यवाही की गई है? कृत कार्यवाही का प्रतिवेदन देवे। यदि नहीं तो क्यों नहीं कराया गया है और इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन है उसका नाम बतावे?        (घ) तत्‍कालीन जिला पंचायत अध्यक्ष के पत्र क्रमांक 497 अशोकनगर दिनांक 21/09/2023 जो कलेक्टर को संबोधित है, उस पर जिला कलेक्टर के द्वारा को गई कार्यवाही का प्रतिवेदन देवे?               (ड.) यदि जिला कलेक्टर, पीडब्ल्यूडी विभाग कार्यवाही करने में असमर्थ हैं तो क्या शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ऐसे अधिकारियों के विरुद्ध शासन कार्यवाही करेगी अथवा नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जी नहीं। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-अ एवं ब  अनुसार                   (ड.) उत्‍तरांश (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सात"

दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियुक्ति संबंधी नियम

[नगरीय विकास एवं आवास]

16. ( क्र. 280 ) श्री जगन्‍नाथ सिंह रघुवंशी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2006 से लेकर प्रश्‍न दिनांक की अवधि में नगरीय विकास एवं आवास विभाग के द्वारा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति के संबंध में जारी किए गए समस्त नीति नियम निर्देशों की प्रति देवें एवं क्या यह सही है कि वर्ष 2006 के पश्‍चात दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति शासन की स्वीकृति से ही किया जाना प्रावधानिक किया गया है। (ख) नपा अशोननगर एवम चंदेरी का वेतन व्यय आय के विरुद्ध कितना है? विगत 05 वर्षों का विवरण तालिका में देवें? (ग) नगर पालिका अशोकननगर एवं चंदेरी में किस-किस श्रेणी के कितने-कितने पद रिक्त हैं, उनकी जानकारी क्या राज्य शासन को दी गई है? यदि हाँ तो उस पत्राचार की प्रति देवें? (घ) उक्त दोनों निकायों में दैनिक वेतन भोगियों को किन-किन श्रेणियों में रखा गया है जैसे अर्ध कुशल, कुशल, उच्च कुशल एवं इनकी नियुक्ति का आधार क्या है? नियुक्ति संबंधी संपूर्ण दस्तावेज उपलब्ध करावें? पीओ डूडा अशोनगर उक्त दैनिक वेतन भोगियों की नस्ती का अवलोकन कर अभिमत देवें की कितने कर्मचारी की भर्ती शासन के नियमों की अवहेलना करते हुए की गई है? (ड.) क्या राज्य शासन पीओ डूडा के अभिमत के आधार पर नियम विरुद्ध दैनिक वेतन भोगियों की भर्ती करने वाले संबंधित सीएमओ को निलंबित करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही करेगा या नहीं? हां, तो कब तक? नहीं, तो क्यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री (श्री कैलाश विजयवर्गीय) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।  जी हाँ। (ख) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार  है।                     (ग) जानकारी  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) नगर पालिका परिषद्, अशोकनगर जिला अशोकनगर एवं नगर पालिका परिषद्, चंदेरी जिला अशोकनगर द्वारा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को अर्ध कुशल, कुशल तथा उच्च कुशल श्रेणीयों में रखा गया है। उक्‍त दोनों निकायों द्वारा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्ति‍यां परिषद्/पी.आई.सी की स्‍वीकृति एवं योग्‍यता के आधार पर की गई है। उक्‍त निकायों द्वारा नियुक्‍त किये गये दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की नियुक्तियों से संबंधित अभिलेख परियोजना अधिकारी, जिला शहरी विकास अभिकरण अशोकनगर द्वारा चाहे गये है। अभिलेखों की जांचोपरांत दोषी अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही की जायेगी।  (ड.) प्रश्‍न का उत्‍तर उत्‍तरांश '''' में समाहित है।

नल-जल प्रदाय हेतु विद्युत सप्लाई

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 296 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या रीवा जिले की नगर परिषद् बैकुण्ठपुर में नल-जल प्रदाय योजना के क्रियान्वयन हेतु विद्युत सप्लाई सब स्टेशन गोदहा से दी जा रही है? यदि हाँ तो क्या कारण है कि बैकुण्ठपुर में सब स्टेशन होने के बावजूद लगभग 25 किमी दूर अन्य सर्किल में स्थापित सब स्टेशन गोदहा से विद्युत सप्लाई ली जा रही है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुक्रम में नगर परिषद् बैकुण्ठपुर में संचालित नल-जल प्रदाय योजना के क्रियान्वयन हेतु सब स्टेशन बैकुण्ठपुर से विद्युत सप्लाई व्यवस्था दिया जाना कब तक सुनिश्‍िचत हो सकेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ, इंटेकवेल नगरीय क्षेत्र सीमा से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थि‍त है, इस इंटेकवेल से एक किमी दूरी पर ग्रामीण क्षेत्र (डेल्‍ही) से जाने वाली गोदहा मेन सब स्‍टेशन की 11 के.व्‍ही.ए. की ग्रामीण एच.टी. फीडर से टैपिंग कर विद्युत सप्‍लाई की जा रही है। (ख) डब्‍ल्‍यू.टी.पी. में पूर्व से ही बैकुण्‍ठपुर शहरी फीडर लाइन से विद्युत लाइन जोड़ी गई है। अमृत 2.0 योजनांतर्गत इंटेकवेल को बैकुण्ठपुर शहरी एच.टी.फीडर लाइन से जोड़ा जाना प्रस्‍तावित किया गया है, जिसकी निविदा आमंत्रित की जाकर दर प्राप्‍त हो चुकी है। दर स्‍वीकृति के पश्‍चात् कार्य शीघ्र पूर्ण कर लिया जाएगा। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

किसानों को नि:शुल्क ट्रांसफार्मर का प्रदाय

[ऊर्जा]

18. ( क्र. 301 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) क्या किसानों को सिंचाई के लिए विद्युत प्रदाय करने वाले नये ट्रांसफार्मर लगाने के लिए राशि किसानों से वसूल की जाती है? (ख) क्या एक दो एकड़ के छोटे किसानों के लिए नये ट्रांसफार्मर के लिए लाखों रूपये की राशि भरना संभव नहीं है? (ग) यदि हाँ तो क्या सरकार किसानों के हित में उन्हें बिजली के पोल तथा ट्रांसफार्मर नि:शुल्क प्रदान करने के लिए कार्यवाही करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) वर्तमान में कृषकों को सिंचाई के लिए स्‍थायी कृषि पम्‍प विद्युत कनेक्‍शन लेने एवं अस्‍थायी पंप कनेक्‍शनों को स्‍थायी पंप कनेक्‍शनों में परिवर्तित करने के लिए ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' प्रचलन में है। जिसके तहत कृषक/कृषकों का समूह, जो             3 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता के स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन लेना चाहते हैं, योजना के प्रावधानों के अनुरूप प्रस्‍ताव तकनीकी परीक्षण उपरांत साध्‍य पाए जाने पर आवश्‍यक अद्योसंरचना निर्माण/वर्तमान अद्योसंरचना में क्षमता वृद्धि एवं नवीन कार्य यथा-11 के.व्‍ही. लाइन विस्‍तार एवं नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना के कार्य हेतु प्राक्‍कलन राशि में से 50 प्रतिशत कृषक अथवा कृषक समूह द्वारा, 40 प्रतिशत राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10 प्रतिशत संबंधित वितरण कंपनी द्वारा वहन किया जावेगा। उक्‍त के अतिरिक्‍त किसानों को सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप लगाने हेतु वर्तमान में केन्‍द्र सरकार की ''कुसुम-बी योजना'' भी लागू है जिसके अंतर्गत कृषक द्वारा सौर ऊर्जा आधारित कृषि पंप लगाने पर 30 प्रतिशत राशि भारत सरकार एवं 30 प्रतिशत राशि राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में दी जाती है एवं शेष भाग कृषक द्वारा वहन किया जाता है। यह योजना नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, म.प्र.शासन द्वारा क्रियान्वित की जा रही है। साथ ही वर्तमान में कृषकों को स्‍थायी सिंचाई पंप कनेक्‍शन दिये जाने हेतु ''स्‍वंय का ट्रांसफार्मर (ओवायटी)'' योजना लागू है जिसके अंतर्गत कृषक अपने व्‍यय से, निर्धारित मापदंड के अनुसार वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर सकते हैं। (ख) एवं (ग) जी हाँ। उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार कृषकों को सिंचाई के लिए स्‍थायी कृषि पंप विद्युत कनेक्‍शन प्रदान करने हेतु अनुदान दिया जा रहा है। राज्‍य शासन द्वारा 1 हेक्‍टेयर तक भूमि एवं 5 हॉर्स पावर तक के कृषि पंप वाले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के कृषकों को नि:शुल्‍क विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त नि:शुल्‍क श्रेणी सहित प्रदेश के समस्‍त कृषकों को रियायती दरों पर विद्युत प्रदाय किया जा रहा है जिस हेतु राज्‍य शासन द्वारा वर्ष 2023-24 में रूपये 18225 करोड़ की सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। उल्‍लेखनीय है कि प्रदेश में कृ‍षकों को उनकी विद्युत खपत की कुल लागत का मात्र 6.4 से 12.6 प्रतिशत ही बिल जमा करना होता है तथा शेष राशि राज्‍य शासन द्वारा सब्सिडी के रूप में उपलब्‍ध कराई जाती है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में नि:शुल्‍क विद्युत अधोसंरचना प्रदान करने संबंधी अन्‍य कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है।

मकानों के ऊपर स्थापित बिजली तार हटाने की कार्यवाही

[ऊर्जा]

19. ( क्र. 302 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि           (क) सौंसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक एक वर्ष में घरों के ऊपर से जाने वाली विद्युत लाइनों से कितनी दुर्घटनाएं हुई हैं? इन दुर्घटनाओं के कारण कितने लोग घायल हुए हैं अथवा उनकी मृत्यु हुई है? (ख) क्या सरकार सौंसर विधानसभा क्षेत्र में घरों के ऊपर से जाने वाली विद्युत लाइनों से बड़े पैमाने पर होने वाली दुर्घटनाओं को देखते घरों के ऊपर से जाने वाली जानलेवा विद्युत लाइनों को हटाने के लिए कार्यवाही करेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) सौंसर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में रामाकोना वितरण केन्‍द्र के ग्राम रामाकोना में दिनांक 17.12.2023 को 01 बाहरी व्‍यक्ति श्री अक्षय सुके पिता श्री राजू सुके, उम्र 24 वर्ष की घर के ऊपर से गुजरने वाली विद्युत लाइन के संपर्क में आने से घातक विद्युत दुर्घटना में मृत्यु हुई है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में पूर्व से विद्यमान विद्युत लाईनों के नीचे/निकट कालांतर में अनधिकृत तौर पर घरों का निर्माण किया गया है, जो कि केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा तथा विद्युत आपूर्ति संबं‍धी उपाय) विनियम-2010 एवं तत्‍पश्‍चात संशोधित किये गए विनियम के अन्‍तर्गत निहित प्रावधानों का उल्‍लंघन है। उल्‍लेखनीय है कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 177 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा से संबंधित उपाय के लिये विनियम दिनांक 20.09.2010 को अधिसूचित एवं तत्पश्‍चात संशोधित किये गये है, जिनके अनुसार विद्युत लाईनों के नीचे एवं लाईनों से असुरक्षित दूरी पर निर्माण करना अवैधानिक है। केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण के उक्‍त विनियमों के अनुसार विद्युत लाईनों के समीप निर्माण के पूर्व निर्माणकर्ताओं को इसकी जानकारी विद्युत आपूर्तिकर्ता को देना आवश्‍यक है। लाइन में फेरबदल की आवश्‍यकता होने तथा तकनीकी रूप से विस्‍थापन साध्‍य पाए जाने एवं मार्ग के अधिकार (आर.ओ.डब्‍ल्‍यू.) की आवश्‍यकता पूरी होने की स्थिति में फेरबदल की आपूर्तिकर्ता द्वारा आंकी गई लागत की राशि आवेदक द्वारा जमा करने पर अथवा आवेदक द्वारा लाइन विस्‍थापित करने हेतु स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की 5 प्रतिशत राशि सुपरविजन चार्ज के रूप में वितरण कंपनी में जमा करते हुए स्‍वयं '' श्रेणी के ठेकेदार से, इन विद्युत लाईनों के विस्‍थापन हेतु कार्यवाही की जा सकती है। उपरोक्‍तानुसार औपचारिकताएं पूर्ण करने पर उक्‍त विद्युत लाइन के विस्‍थापन की कार्यवाही की जा सकती है।

नगर परिषद् द्वारा नियम विरूद्ध निर्माण कार्य की अनुमति

[नगरीय विकास एवं आवास]

20. ( क्र. 324 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद् नलखेडा जिला आगर-मालवा में सर्वे क्रमांक 336, 337, 338, 339 की भूमि नगर परिषद् की सीमा में आती है यदि हाँ, तो क्या यह भूमि नगर परिषद् के रिकार्ड में दर्ज है? यदि हाँ, तो किसके नाम से उक्त भूमि दर्ज है एवं नगर परिषद् द्वारा उक्त जमीन पर भवन निर्माण की अनुमति दी गई है यदि हाँ, तो भवन निर्माण की अनुमति आदेश की प्रतिलिपि देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि उक्त भूमि पर भवन निर्माण की अनुमति नहीं ली गई है तो क्या वर्तमान नगर परिषद् अध्यक्ष के परिवार द्वारा बिना भवन निर्माण अनुमति के एवं राजस्व विभाग के स्थागन के बाद भी पद का दुरूपयोग कर उक्त भूमि पर निर्माण कार्य किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार यदि उक्त‍ भूमि पर नगर परिषद् अध्यक्ष के परिवार द्वारा अध्यक्ष के सहयोग से निर्माण कार्य करवाया गया है तो क्या अध्यक्ष पर पद का दुरूपयोग करने पर पद से पृथक करने की कार्यवाही की जायेगी यदि हाँ तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जी नहीं। नगर परिषद् के रिकार्ड में दर्ज नहीं है। उक्त भूमि सर्वे क्रमांक 336337338339 राजस्व विभाग के           भू-अभिलेख खसरा में शासकीय माफी चबूतरा श्री उंकारेशवर महादेवजी प्रंबधक कलेक्टर पता नलखेड़ा आगर-मालवा शासकीय संस्था के नाम से दर्ज है। जी नहीं। निकाय द्वारा भवन निर्माण की अनुमति नहीं दी गई। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) उक्त भूमि पर भवन अनुज्ञा नहीं दी गयी है। शिकायत मिलने पर 30.11.2023 को निकाय के कर्मचारियों के द्वारा मौके पर मुआयना किया गया। स्थल निरीक्षण में अज्ञात लोगों के द्वारा प्लिंथ हाईट का निर्माण किया जाना पाया गया जिसे रूकवाया गया है। (ग) निरीक्षण के दौरान मौका स्थल पर निर्माणकर्ता स्वामी नहीं पाया गया। उस स्थिति में उक्त स्थल पर कार्यरत मजदूरों को समझाईश देकर कार्य बंद कराया गया। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

21. ( क्र. 397 ) सुश्री रामश्री (बहिन रामसिया भारती) राजपूत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र बड़ा मलहरा अंतर्गत कितने निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति/प्रशासकीय रोडों के निर्माण हेतु जारी की गई? उनका संपूर्ण विवरण वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक उपलब्‍ध करावें। (ख) विभाग द्वारा किन-किन तिथियों में कार्य योजना तैयार की गई? उसकी जानकारी दें। (ग) क्‍या निर्माण एजेन्सियों मनमाने ढंग से कार्य करती है और शासन की राशि का अपव्‍यय किया जा रहा है? (घ) क्‍या कार्यों के गुणवत्‍ता की जांच/परीक्षण शासन प्रावधानों के तहत कराया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विवरण  संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।             (ख) विभाग द्वारा कार्ययोजना तैयार करने हेतु कोई निश्‍िचत तिथि निर्धारित  नहीं की जाती हैअपितु अनुबंध उपरांत कार्य संपन्न कराये जाने हेतु ठेकेदार के द्वारा कार्ययोजना विभाग को प्रस्तुत की जाती है। (ग) जी नहींशेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ।

परिशिष्ट - "आठ"

आवासीय योजनाओं में अतिरिक्‍त जी.एस.टी. की वसूली

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( क्र. 526 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या भोपाल विकास प्राधिकरण द्वारा संचालित आवासीय योजनाओं में भूखण्‍डों की प्रस्‍तावित दर/मूल्‍य राशि पर अतिरिक्‍त GST (कर) लिये जाने का प्रावधान हैं? (ख) क्‍या राजाभोज आवासीय योजना गोदरमऊ, भोपाल चरण-2 में भूखण्‍ड क्रेताओं से भूखण्‍ड मूल्‍य के साथ GST लिया गया है अथवा नहीं? किन-किन से GST लिया गया है और किनसे नहीं सूची उपलब्‍ध करावें? (ग) कुछ क्रेताओं से GST ली गई है कुछ से नहीं ऐसा क्‍यों क्‍या कारण है? नियम सहित बतायें जिन क्रेताओं से GST राशि ली गई है क्‍या उनकी राशि वापस की जाएगी और कब तक?           (घ) एक ही आवासीय योजना में GST की राशि लिये जाने हेतु अलग प्रावधान क्‍यों है? क्‍या दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाएगी।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) :  (क) जी हाँ, जी.एस.टी. एक्ट, 2017 के अंतर्गत अगस्त 2020 से सितंबर 2022 के मध्य में विक्रित संपत्ति पर अतिरिक्त जी.एस.टी. की राशि अधिरोपित की गई है। (ख) जी हाँ, राजा भोज आवासीय योजना में अगस्त 2020 से सितंबर 2022 के मध्य में विक्रित भूखण्डों पर जी.एस.टी. लिया गया, सूची  पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट   अनुसार है। (ग) अगस्त, 2020 से सितम्बर, 2022 तक जिन क्रेताओं से किश्त की राशि जमा कराई गई है, उनको जी.एस.टी. राशि वापसी के लिये जी.एस.टी.कार्यालय से कार्यवाही प्रचलन में है।            (घ) जी नहीं। जी.एस.टी. लेने के संबंध में भारत सरकार के परिपत्र दिनांक 03.08.2022 के उपरांत जी.एस.टी. नहीं लिया जा रहा है। संबंधित हितग्राहियों से जी.एस.टी. की राशि वापस की कार्यवाही प्रचलन में है। इस हेतु किसी के विरूद्ध कार्यवाही का कोई आधार नहीं है।

टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट के अनुबंधित कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

23. ( क्र. 541 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दिनांक 26 फरवरी 2021 को अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 847 को देखकर बतावें कि टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट के कार्यों की गुणवत्ता की जांच को लेकर कौन-कौन से सवाल सदन में उठाये गये थे? (ख) क्या राष्ट्रीय समाचार पत्र दैनिक भास्कर के उज्जैन परिशिष्ट में 10 जनवरी 2024 को प्रकाशित समाचार शीर्षक ''धीमी गति से चल रहा सीवरेज प्रोजेक्ट अब टाटा को 30 जून तक का टारगेट'' संज्ञान में आने पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाहियां कि गई है? नोटशीट एवं अभिलेख उपलब्ध करावें। (ग) क्या कारण है कि ठेका वर्ष 2018 से कार्य शुरू होने के उपरांत भी 147 कि.मी.लाइन टाटा कंपनी द्वारा डालना शेष है? उसके उपरांत भी बार-बार विभाग द्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही के स्थान पर टारगेट दिया जा रहा है? जो कि अधिकारियों की घोर लापरवाही एवं मिलीभगत का परिणाम है? क्या शासन कंपनी के साथ-साथ दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही करेंगा? यदि हाँ तो कब तक। (घ) वर्ष 2018 से शुरू टाटा सीवरेज प्रोजेक्ट के कार्यों में लापरवाही से कितनी दुर्घटना एवं मौते हुई है? शासन कब तक दोषियों पर कार्यवाही करेंगा। (ड.) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में शासन द्वारा क्या कार्यवाही कि गई है? सम्पूर्ण अभिलेख देते हुए बताये कि, जांच उपरांत अनुशासनात्मक कार्यवाही कितनी बार हुई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) अतारांकित प्रश्‍न क्र. 847 की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार  है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार  है। नगर निगम, उज्‍जैन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा कार्य की भौतिक स्थिति की प्रतिदिन समीक्षा की जा रही है। (ग) मुख्‍य कारण ड्राइंग-डिजाईन की स्वीकृति में देरी, कोर्ट केस, कोविड-19 तथा विधान सभा चुनाव 2018, लोक सभा 2019, वर्षा काल, विशिष्ट अतिथियों के आगमन एवं त्‍योहारों के दौरान सड़कों की खुदाई की अनुमति न मिलना, कृषकों के मुआवजा वितरण में देरी इत्‍यादि। अनुबंध अनुसार देरी के लिये संविदाकार के देयक से लगभग राशि रूपये 22.00 करोड़ पेनाल्टी और विथहोल्ड किया गया है। टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को जून 2024 तक समयावृद्धि लगभग रूपये 8 करोड़ 76 लाख की पेनाल्टी के साथ दिया जाना प्रस्तावित है। परियोजना में देरी के लिए किसी अधिकारी के दोषी नहीं होने से कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '' अनुसार  है। (ड.) विवरण उत्‍तरांश (ख) एवं (ग) अनुसार है।

जनभागीदारी से शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स का निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

24. ( क्र. 611 ) श्री राजेश कुमार वर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा गुनौर के अंतर्गत किन-किन ग्राम पंचायतों/नगरपरिषदों में जनभागीदारी के रूप में समिति गठित कर शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स की कार्यवाही की गई? क्‍या इस तरह की कार्यवाही के लिए शासन के कोई नियम निर्देश है? यदि हाँ, तो इनकी प्रतियां उपलब्‍ध करावे। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुरूप क्‍या विधानसभा गुनौर में कहां-कहां इस तरह की पूर्व में कार्यवाही की गई? यदि हाँ, तो कब एवं किन लोगों से किस मापदण्‍ड से तथा किन शर्तों के आधीन कितनी राशि जमा कराई गई? निकायवार, जमाकर्ताओं की संपूर्ण विवरण सहित सूची उपलब्‍ध करावे। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसरण में शॉपिंग कॉम्‍पलेक्‍स बनाने के लिए जमा कराई गई राशि के बदले क्‍या संबंधितों को दुकानों का निर्माण कराकर हक प्रदान किया गया है? यदि हाँ, तो उनकी सूची हक प्रदान करने के दिनांक सहित उपलब्‍ध करावे। यदि नहीं, तो क्‍यों? कुछ लोगों को हक प्रदान करने के बाद पुन: आवंटित दुकानों में परिवर्तन किया गया है? हाँ, तो किन-किन को? जानकारी दें।              (घ) प्रश्‍नांश (क) के अनुरूप क्‍या यह कार्यवाही नियम संगत थी? यदि नहीं तो इस तरह की कार्यवाही क्‍यों की गई तथा इसके लिए दोषी कौन है तथा इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? यदि नहीं, तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) से (घ) उत्तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासकीय भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिट की स्थापना

[लोक निर्माण]

25. ( क्र. 673 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी-जिला अंतर्गत विगत-03 वर्षों में, किन-किन शासकीय भवनों का किस योजना के तहत कितनी-कितनी लागत से कहाँ-कहाँ एवं कब-कब निर्माण किया गया एवं किया जा रहा हैं और भवनों का निर्माण किन आवश्यकता/मांगों/प्रस्तावों के आधार पर किन सक्षम प्राधिकारियों द्वारा स्वीकृत किया गया? (ख) प्रश्‍नांश (क) क्या भवनों के निर्माण हेतु विकास-अनुज्ञा एवं निर्माण-अनुज्ञा प्राप्त की गयी? यदि नहीं तो क्यों और क्या? नगरपालिक निगम अधिनियम-1956 और ग्राम-पंचायत एवं     ग्राम-स्वराज अधिनियम तथा मप्र भूमि विकास नियम-2012 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन होने का संज्ञान लेकर कार्यवाही की जायेंगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) किन-किन भवनों में वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिटों की स्थापना एवं भवनों तक पहुँच मार्गों का निर्माण किया? किन-किन भवनों में नहीं? क्या इनके निर्माण में वॉटर हार्वेस्टिंग एवं पहुँच मार्गों का निर्माण किया जाना प्रस्तावित/स्वीकृत था? हाँ, तो विवरण बतायें, नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) किनकिन नवनिर्मित भवनों में पहुँच मार्ग निर्मित नहीं हैं और विद्यालयों के पहुँच मार्गों को मनरेगा एवं अन्य मद की राशि से निर्मित किए जाने के शासन/स्कूल-शिक्षा/पंचायत-विभाग द्वारा किए गए आदेश/निर्देश पर संबन्धित विभागों द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गयी? भवनवार बताइये। (ङ) क्या शासकीय-भवनों का निर्माण स्थानीय-निकायों से विकास/निर्माण अनुज्ञा प्राप्त कर और निर्माण के दौरान ही वॉटर हार्वेस्टिंग यूनिटों एवं पहुँच मार्गों के निर्माण का प्रावधान करने और निर्माण किए जाने के स्पष्ट/अनिवार्य निर्देश शासन/विभाग स्तर से किए जायेंगे? हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक, नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शासकीय भवनों हेतु अनुज्ञा प्राप्‍त करने का प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) से (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है।

नगर पालिक निगम द्वारा नियत लक्ष्‍यों की पूर्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

26. ( क्र. 674 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कटनी नगर में विगत-02 वर्षों में ठोस अवशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ भारत मिशन एवं सूचना, शिक्षा एवं संचार के क्या-क्या कार्य कब-कब किए गए एवं वर्तमान में किए जा रहे हैं? इन कार्यों को किन प्रभारी अधिकारियों के पर्यवेक्षण में कब से वर्तमान तक कराया जा रहा हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के कार्यों को क्या कार्यों को शासनादेश/विभागीय निर्देशों के अनुरूप किया जाना पाया गया और क्या नियत लक्ष्यों की पूर्ति हो रही हैं? यदि हाँ, तो किस प्रकार? यदि नहीं तो क्यों? (ग) कटनी नगर में दिनांक-15/02/2022 से आयोजित विकास-यात्रा में वीरसावरकर वार्ड सहित नगर के नागरिकों द्वारा निर्माण/विकास के किन-किन कार्यों की मांग की गयी एवं मांगों की पूर्ति के लिए प्रश्‍न दिनांक तक की गयी कार्यवाही से अवगत कराइएं और बताइये मांग/कार्यवार निर्माण/विकास कार्यों को किस प्रकार और कब तक पूर्ण किया जाएंगा? (घ) कायाकल्प-योजना के तहत सड़कों की मरम्मत/उन्‍नयन/निर्माण किए जाने के क्या मार्गदर्शी निर्देश हैं और नगर की किन-किन सड़कों का कायाकल्प-योजना के तहत चयन/स्वीकृत किया गया? क्या सड़कों का चयन नियम/निर्देशानुसार था? हाँ, तो कैसे? नहीं तो क्या कार्यवाही की जायेंगी? (ङ) क्या म.प्र. विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक–1197, दिनांक-23/12/2021 के प्रश्‍नांश का उत्तर–“जी हाँथा? हाँ, तो किस तकनीकी अधिकारी के क्या प्रस्ताव से इन कार्यों को किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा निरस्त किया गया और नियत 31/03/2022 की लक्ष्य पूर्ति के लिए प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गयी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-द अनुसार है। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-य अनुसार है।

आवंटित बजट से कराए गए कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

27. ( क्र. 710 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद् को वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक कुल कितना बजट दिया गया? वर्षवार बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में दिये गये बजट से क्या-क्या कार्य कितनी-कितनी राशि के कराये गये? क्या वर्षवार अंकेक्षण कराया गया? यदि हाँ, तो वर्षवार अंकेक्षण रिपोर्ट बतावें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में दी गई राशि में भारी भ्रष्टाचार किया गया? यदि नहीं तो किये गये कार्यों का मूल्यांकन एवं सत्यापन किस-किस अधिकारी द्वारा किया गया? नाम, पद सहित बतावें। (घ) क्या अंकेक्षण में दी गई आपत्तियों की पूर्ति नहीं की गई और न ही पालन किया गया, ऐसा क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '''' एवं '''' अनुसार है। वर्ष 2022-23 का अंकेक्षण कार्य स्‍थानीय निधि संपरीक्षा द्वारा किया जा चुका है, लेकिन रिपोर्ट अप्राप्‍त है। (ग) जी नहीं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) अंकेक्षण द्वारा की गई आपत्तियों की समय-समय पर पूर्ति की जा रही है।

दोषियों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

28. ( क्र. 712 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद् कारी जिला, टीकमगढ़ में विगत 05 वर्ष में किये गये कार्यों का नाम एवं व्यय की गई राशि मदवार बतायें। (ख) क्या  प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यों में एक कार्य सेमर झोर नाले से कारी तालाब में पानी डालने वाली फीडर केनाल का कार्य किया गया? यदि हाँ तो कुल कितनी राशि व्यय की गई थी, प्रगति एवं मूल्यांकन व सत्यापन करने वाले अधिकारी का नाम व पद बतायें? (ग) क्या  प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत लोकायुक्त सागर, भोपाल को की गई यदि हाँ, तो जांच में क्या कार्यवाही हुई? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित जांच में प्रगति न होने व दोषियों पर कार्यवाही न होने के लिये कौन-कौन दोषी है? कब तक दोषियों पर कार्यवाही की जायेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) जी हाँ। कुल राशि रूपये 36.53 लाख व्‍यय हुआ है। 45 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। जिसमें प्रथम चल देयक का मूल्‍यांकन श्री विजय सोनी उपयंत्री द्वारा एवं सत्‍यापन        श्री पूरनलाल अहिरवार कार्यपालन यंत्री तथा श्री रामस्‍वरूप पटैरिया प्र.मु.न. अधिकारी द्वारा किया गया, द्वितीय चल देयक श्री ब्रजेन्‍द्र चतुर्वेदी उपयंत्री एवं सत्‍यापन श्री पूरनलाल अहिरवार कार्यपालन यंत्री तथा श्री देवेन्‍द्र कुमार आर्य प्र.मु.न.पा. अधिकारी द्वारा सत्‍यापन किया गया है। (ग) शिकायत के संबंध में निकाय में कोई सूचना या पत्र लोकायुक्‍त कार्यालय से प्राप्‍त नहीं हुआ है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी उपलब्‍ध कराया जाना संभव नहीं है।

डोभ से मझगवां मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

29. ( क्र. 725 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या सिवनी जिले के अन्‍तर्गत डोभ से मझगवां मार्ग निर्माण कार्य किये जाने हेतु प्रधानमंत्री सड़क योजना मद से स्‍वीकृति प्रदान की गई है? यदि हाँ तो कब एवं कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? (ख) उक्‍त मार्ग के निर्माण हेतु विभाग द्वारा किस एजेंसी को निविदा स्‍वीकृत की गई एवं किस दिनांक को अनुबंध किया गया तथा निविदा की शर्तों के अनुसार एजेंसी को कब तक उक्‍त निर्माण कार्य पूर्ण किया जाना था? (ग) क्‍या उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर लिया गया है? यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) उक्‍त मार्ग का निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? निश्‍िचत समयावधि बतावें। क्‍या शासन उक्‍त मार्ग के निर्माण में विलम्‍ब किये जाने के लिये संबंधित दोषी अधिकारियों/एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) डोभ से मझगवां मार्ग (डोभ से खरसारू मझगवां मार्ग) अंतर्गत डोब से खरसारू  मार्ग लंबाई 8.00 कि.मी. का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। खरसारू से मझगवां मार्ग का निर्माण  महाप्रबंधक मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई क्र.-सिवनी से संबंधित हैउनसे प्राप्त उत्तर संलग्‍न  परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के             प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी नहींअनुबंधानुसार समयावधि दिनांक 09.10.2024 तक है। प्रश्‍न ही  उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।  प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "नौ"

नगर पंचायतों में किए गए निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

30. ( क्र. 726 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केवलारी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत केवलारी एवं छपारा में वित्‍तीय वर्ष 20222023 में कितनी राशि सड़क, नाली बनाने व मरम्‍मत एवं नल व जल व्‍यवस्‍था, स्‍ट्रीट लाईट के लिए जारी की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्‍त कार्यों की मदवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) नगर पंचायत में आंतरिक मार्ग व नालियां पूर्णत: खराब हो चुकी है? क्‍या शासन द्वारा इन कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी? यदि हां, तो कब तक स्‍वीकृति दी जाएगी व कब कार्य प्रारंभ होगा? (घ) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार व्‍यय की गई राशि की मदवार सूची उपलब्‍ध करवायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं  (ख) की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) निकायों से प्रस्‍ताव प्राप्‍त होने पर उपलब्‍ध योजना एवं वित्‍तीय व्‍यवस्‍था के अनुरूप परीक्षण कर कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।           (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "दस"

संरक्षित भूमि के निकट निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

31. ( क्र. 737 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) कलेक्टर नर्मदापुरम को प्रश्‍नकर्ता द्वारा पत्र लिखकर नर्मदापुरम स्थित बड़ी पहाड़‍िया क्षेत्र जो कि पुरातत्व विभाग के आधीन है उससे 300 मीटर के दायरे में कतिपय बिल्डरों एवं अन्य लोगों का निर्माण कार्य प्रारंभ करने के संबंध में अक्टूबर एवं दिसम्बर 2023 में जानकारी दी थी। (ख) प्रश्‍नांश (क) के पत्र में उल्लेखित तथ्यो की जाँच की गयी। यदि हाँ, तो कब एवं किसके द्वारा। यदि नहीं तो क्यों? (ग) यदि हाँ, तो जाँच में कौन से तथ्य प्रकाश में आये। प्रकाश में आये तथ्यों के आधार पर क्या कार्यवाही की गयी। (घ) उक्त निर्माण कार्यों हेतु पुरातत्व विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया था। यदि हाँ तो कब? (ड.) पुरातत्व विभाग की संरक्षित भूमि से कितनी दूरी पर निर्माण कार्य किये जा सकते है।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से  (ड.) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

राष्‍ट्रीय राजमार्ग में सुधार

[लोक निर्माण]

32. ( क्र. 739 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या शासन के प्रावधानों अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग समतल होना चाहिए। (ख) क्या  औबेदुल्लागंज से नागपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर औबेदुल्लागंज के पास दरारें पड़ गयी है? (ग) क्या  उक्त राजमार्ग पर अनेक स्थानों पर किया गया पेंच वर्क के कारण मार्ग अनेक जगह असमतल हो गया है। यदि हाँ, तो क्या उक्त मार्ग ठेकेदार से समतल कराये जाने एवं दरारें भरने हेतु लिखा गया है? यदि हाँ, तो कब। यदि नहीं तो क्यों नहीं।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) राष्ट्रीय राजमार्गों में निर्माण कार्य आई.आर.सी. के मानकों अनुसार कराये जाते है। (ख) प्रश्‍नांकित मार्ग लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्र  अंतर्गत नहीं हैअपितु मार्ग भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग  प्राधिकरण  भारत  सरकार से संबंधित है।  उनसे  प्राप्त  उत्तर  संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है।  भोपाल औबेदुल्‍लागंज मार्ग म.प्र. सड़क विकास निगम के अधीन हैजिसमें औबेदुल्‍लागंज के पास कुछ स्‍थानों पर क्रेक्‍स हैजिसका सुधार कार्य किया जा रहा है। संधारण एक सतत प्रक्रिया है जिस हेतु ठेकेदार को पत्र दिनांक 17.10.2023 एवं 02.02.2024 के माध्‍यम से लेख किया गया है। ठेकेदार द्वारा अनुबंधानुसार कार्य किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) उत्तरांश (अनुसार।

परिशिष्ट - "ग्यारह"

संविलियन की प्रक्रिया

[नगरीय विकास एवं आवास]

33. ( क्र. 753 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा संविलियन की प्रक्रिया के लिए जारी        दिशा-निर्देश एवं प्रक्रिया की छायाप्रति प्रदान करने का कष्ट करें। (ख) संविलियन का कार्य किसकी कार्य क्षेत्र में आता है सामान्य प्रशासन विभाग, भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स या आयुक्त नगर निगम भोपाल? क्या जिस कर्मचारी का किसी भी विभाग में प्रथम नियुक्ति आदेश जारी न हुआ हो तो उस कर्मचारी का किसी भी विभाग, संस्था, या एम.पी.वी. में किसी भी पद पर संविलियन किया जा सकता है? हाँ अथवा नहीं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि हाँ तो किस प्रक्रिया के तहत कृपया विवरण देने का कष्ट करें? यदि नहीं तो बी.सी.एल.एल. का आदेश पत्र क्र. बी.सी.एल.एल./2023/4216 दिनांक 13/07/23 क्या वैधानिक है? हाँ अथवा नहीं? क्योंकि यह पत्र (आदेश) संविलियन से संबंधित है तो क्या इस पत्र की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग के पास उपलब्ध है? हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो जानकारी प्रदान करें। यदि नहीं तो क्या भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड को यह जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग को देनी थी? हाँ अथवा नहीं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग द्वारा संविलियन की प्रक्रिया के लिए जारी दिशा निर्देश एवं प्रक्रिया की संलग्‍न  परिशिष्ट अनुसार है।           (ख) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बी.सी.एल.एल.) कंपनीज एक्‍ट 1956 के तहत वर्ष 2006 में गठित कंपनी है। बी.सी.एल.एल. बोर्ड समस्‍त निर्णय लेने हेतु सक्षम प्राधिकारी है। जी हाँ। बी.सी.एल.एल. की 36वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर बैठक दिनांक 05.05.2022 के एजेण्‍डा बिन्‍दु क्रं.- 3 में लिये गये निर्णय के अनुक्रम में एचआर पॉलिसी अंतर्गत बोर्ड द्वारा संविलियन किये जाने का निर्णय लिया। बी.सी.एल.एल.बोर्ड समस्‍त निर्णय लेने हेतु सक्षम प्राधिकारी है। (ग) बी.सी.एल.एल. की 30वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स बैठक दिनांक 25/01/2020 के एजेण्‍डा बिन्‍दु क्रं.- 31 (4) में भी श्री संजय सोनी द्वारा बी.सी.एल.एल. में किये गये कार्य की पुष्टि बोर्ड द्वारा सर्वसम्‍मति से की गई थी। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड कम्‍पनी की 36वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स बैठक दिनांक 05/05/2022 के एजेण्‍डा बिन्‍दु क्रं.- (3) में लिये गये निर्णय अनुसार बोर्ड द्वारा एचआर पॉलिसी तथा उक्‍त कर्मचारी की बोर्ड बैठक दिनांक 25/01/2020 में की गई सेवा पुष्टि संबंधित निर्णय का अवलोकन उपरांत दिनांक 25/01/2020 में की गई पुष्टि संविलियन प्रक्रति होने एवं बी.सी.एल.एल. एचआर पॉलिसी अंतर्गत अनुमोदित पद की अर्हताओं को पूर्ण करने के फलस्‍वरूप श्री संजय सोनी के विलियन को पीआरओ पद के विरूद्ध मान्‍य किया गया है। जी हाँ। बी.सी.एल.एल. कम्‍पनी होने से आदेश पत्र क्रं. 2023/4216 दिनांक 13/07/23 वैधानिक है। जी नहीं। बी.सी.एल.एल. कम्‍पनी होने से सामान्‍य प्रशासन विभाग को जानकारी देने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। साथ ही शेषांश का भी प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "बारह"

विद्युत व्‍यवस्‍था की जानकारी

[ऊर्जा]

34. ( क्र. 787 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डिण्‍डौरी जिला के सभी ग्रामों में क्‍या विद्युतीकरण सभी टोला मोहल्‍ला तक हो गया है अगर हॉं, तो बतावें ग्राम कौडिया के भीमटोला, घोघराटोला आदि कई टोलाओं लाईट क्‍यों नहीं है। अगर नहीं तो बतावें अ‍ादिवासी बाहुल्‍य बस्तियों में विद्युतीकरण क्‍यों नहीं हैं कब तक विद्युतीकरण किया जायेगा। समय-सीमा बतावें। (ख) डिण्‍डौरी जिला के जिन ग्रामों में विद्युतीकरण हो गया है क्‍या उन सभी ग्रामों में सभी घरों में सही वोलटेज मिलता है अगर हाँ तो ग्राम दुल्‍लोपुर एवं अन्‍य ग्रामों के लोग सही वोलटेज की मांग को लेकर आंदोलन क्‍यों करते है। अगर नहीं तो सभी ग्रामों में सही वोल्‍टेज कब तक दिया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विद्युतीकरण हेतु निर्धारित नीति अनुसार सर्वप्रथम प्रदेश के सभी आबाद ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य एवं तदुपरांत आबाद ग्रामों के चिन्हित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार क्रमश: केन्‍द्र शासन की विभिन्‍न विद्युतीकरण की योजनाओं, यथा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना, में किया गया। तदुपरांत सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत शत-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य किया गया, किन्‍तु इस योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार खेतों में दूर-दूर अवस्थित घरों को तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता नहीं होने के कारण योजना में सम्मिलित नहीं किया गया। सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के शत-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य दिनांक 22/10/2018 को पूर्ण कर लिया गया था। जिला डिण्‍डौरी क्षेत्रांतर्गत भी उक्‍तानुसार कार्य किया गया है। नये घरों/मजरों/टोलों का निर्माण एक सतत प्रक्रिया है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण के कार्य तत्‍कालीन विद्युतीकरण योजनाओं के प्रावधानों के अन्‍तर्गत नहीं आने के कारण नहीं किये जा सकें, जिन्‍हें वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप किया जा सकेगा। उक्त परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में विद्युतीकरण कार्य हेतु निश्‍िचत समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) डिण्डौरी जिले के विद्युतीकृत ग्रामों में कतिपय अवसरों पर वोल्टेज की समस्या आती है, जिसके निराकरण हेतु विधानसभा क्षेत्र डिण्डौरी में 70 अतिरिक्त वितरण ट्रांसर्फामरों की स्‍थापना एवं 162 वितरण ट्रांसर्फामरों की क्षमता वृद्धि तथा विधानसभा क्षेत्र शहपुरा में 62 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना एवं 197 वितरण ट्रांसर्फामरों की क्षमता वृद्धि के कार्यों सहित ग्राम दुल्लोपुर में 63 के.व्ही.ए. के 1 अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर की स्‍थापना के कार्य को केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण- सिस्‍टम मॉर्डनाइजेशन अंर्तगत प्रस्तावित किया गया है। योजनांतर्गत केन्‍द्र शासन से स्‍वीकृति एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार उक्‍त कार्यों को किया जावेगा। उक्त परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में निश्‍िचत समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं हैं।

आवासहीनों एवं पेयजल व्‍यवस्‍था की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

35. ( क्र. 788 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पंचायत डिण्‍डौरी में सभी आवासहीनों के नाम आवासहीन की सूची में सम्मिलित कर लिया गया है आज दिनांक को शहर के अन्‍दर कोई भी ऐसा व्‍यक्ति नहीं है जो आवासहीन हो और उसका नाम आवासहीन की सूची में न हो अगर हाँ तो बतावें कई व्‍यक्ति ऐसे है जो आवासहीन है और उनका नाम आवासहीन की सूची में भी नहीं है अगर नहीं तो आवासहीन की सूची में आवासहीनों के नाम क्‍यों नहीं हैं। कौन जिम्‍मेदार है जो आवासहीन है उसका नाम सूची में कब सम्मिलित किया जायेगा तथा उसे कब तक आवास योजना का लाभ दिया जायेगा      समय-सीमा बतावें। (ख) नगर पंचायत डिण्‍डौरी में स्‍वच्‍छ पेयजल क्‍या सभी शहरवासियों को मिल रहा है। अगर हाँ तो बतावें मुलायटोला, आवासमेला फराकी बस्‍ती में पानी की मांग को लेकर जनता क्‍यों सड़क में आते हैं। अगर नहीं तो स्‍वच्‍छ पेयजल शहर वासियों को क्‍यों नहीं मिल रहा है। कौन जिम्‍मेदार हैं। 2015 से आज तक पेयजल व्‍यवस्‍था हेतु किस-किस मद से कितनी-कितनी राशि में क्‍या-क्‍या कार्य हुए कार्यवार जानकारी दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) आवेदकों द्वारा दिये आवेदनों तथा सर्वे उपरांत बीएलसी घटक अन्तर्गत 809 हितग्राही तथा एएचपी घटक अन्तर्गत 348 पात्र हितग्राही कुल 1157 हितग्राही पात्र पाये गये है। निकाय ने एक नवीन सूची 244 की प्रस्तुत की है, परन्तु वर्तमान नवीन आवास स्वीकृति संबंधी कार्यवाही आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की अवधि दिसम्बर 2024 तक सीमित है जिसमें स्वीकृत आवासों को ही पूर्ण कराये जाने के निर्देश है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। पूर्व में जल प्रदाय की पाइप लाइन न होने के कारण पानी की मांग को लेकर, वर्तमान में जनता के मांग पर पेयजल हेतु पाइप लाइन विस्तार का कार्य किया जाकर क्षेत्रवासियों को सार्वजनिक सूचना के माध्यम से नल कनेक्शन लेने के लिए सूचित किया गया। पेयजल व्यवस्था हेतु मुख्यमंत्री शहरी पेयजल योजना अन्तर्गत राशि रू. 955.59 लाख एवं संधारण एवं संचालन में राशि रू. 68.14 लाख इसके अतिरिक्त निकाय निधि से मोटर पम्प मरम्मत में राशि रू. 33.25 लाख एवं एलम/ब्लीचिंग/चूना में राशि रू. 30.50 लाख व्यय की गयी।

रिक्त एवं अनुपयोगी आवासों की जानकारी

[ऊर्जा]

36. ( क्र. 822 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) मध्‍यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के अंतर्गत सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी के अंतर्गत अधिकारी-कर्मचारियों के लिये कितने आवास निर्मित किये गये हैं, इनमें से कितने आवासों में अधिकारी-कर्मचारी निवासरत हैं, कितने आवास अनुपयोगी हो चुके हैं तथा कितने रिक्त हैं। (ख) इन आवासों में रिक्त एवं अनुपयोगी आवासों में से कितने आवासों में चोरी के प्रकरण संज्ञान में आए हैं, कितनी राशि का नुकसान हुआ है तथा इन आवासों में हो रही चोरी से हुए नुकसान के लिये कौन जिम्मेदार है? (ग) क्या कंपनी इन रिक्त आवासों में हो रहे नुकसान को रोकने हेतु इन आवासों को कंपनी के ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दिये जाने अथवा मांग के आधार पर पूर्व की भांति सेवानिवृत्ति के बाद भी किसी निश्‍िचत अवधि तक कर्मचारियों से रिक्त न कराए जाने आदि सुझावों पर विचार कर रही है जिससे शासकीय संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्‍िचत हो सके? (घ) प्रश्‍नांश (ग) का उत्तर हाँ की स्थिति में क्या कार्यवाही विचाराधीन है, यदि नहीं हो क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारनी में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के निवास हेतु कुल 3976 आवासों का निर्माण किया गया था। वर्तमान में उक्‍त आवासों में से 1142 आवासों में अधिकारी/कर्मचारी एवं वैध रूप से आवंटित व्‍यक्ति निवासरत हैं। 2062 आवास अनुपयोगी हो चुके हैं जिसमें से 78 आवासों को इकाई क्रमांक-10 एवं 11 (2X250 मे.वा.) के निर्माण हेतु जमींदोज किया गया है तथा 451 आवास रिक्‍त हैं। उक्‍त के अतिरिक्‍त, 321 आवासों में अनधिकृत रूप से बाहरी व्‍यक्ति निवासरत है, जिनको समय-समय पर म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा आवास रिक्‍ति‍करण हेतु नोटिस जारी किए गए है। आवास रिक्‍त न होने की स्थिति में कंपनी द्वारा प्रशासन को सूचित कर सहयोग लिया जावेगा। (ख) रिक्‍त एवं अनुपयोगी आवासों में से 37 आवासों में चोरी के प्रकरण म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी के संज्ञान में आए हैं। लगभग 50-55 वर्ष पूर्व निर्मित उक्‍त आवासों से चोरी की गई सामग्री में लकड़ी की चौखट, पल्‍ले, बिजली फिटिंग इत्‍यादि हैं जो पूर्व में ही पर्यावरणीय प्रभावों के कारण अनुपयोगी हो चुके थे। उक्‍त आवासों में लगी सामग्री के विमूल्‍यन पश्‍चात वर्तमान मूल्‍य लगभग नगण्‍य है, अत: नुकसान राशि का आंकलन किये जाने अथवा किसी की जिम्‍मेदारी तय करने का औचित्‍य नहीं है। तथापि उक्‍त आवासों में हुई चोरी की घटनाओं की शिकायत संबंधित पुलिस थाने में की गई है। (ग) एवं (घ) मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के सेवानिवृत्‍त अधिकारियों/कर्मचारियों को निश्‍िचत अवधि तक कंपनी के आवास आवंटन हेतु प्रावधान कंपनी के परिपत्र क्रमांक 976, दिनांक 09.03.2018 में निहित है। तदनुसार वर्तमान में कुल 81 सेवानिवृत्‍त अधिकारी/कर्मचारी कंपनी के आवासों में निवासरत हैं। उक्‍त परिपत्र की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार  है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में अन्‍य कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

नियम विरूद्ध निविदा स्‍वीकृत करने के जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

[लोक निर्माण]

37. ( क्र. 847 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या निर्माण परिक्षेत्र रीवा के अन्‍तर्गत निविदा क्रमांक 2023_PWDRB_314728_1 Construction of Length 45.70 km. एवं निविदा क्रमांक 2023_PWDRB_314731_1 Construction of Length 45.12 km. की निविदा आचार स‍ंहिता दिनांक 09.10.2023 लगने के दो दिवस पश्‍चात् दिनांक 11.10.2023 में ऑनलाइन प्रकाशित की गई थी यदि हाँ तो यह आचार संहिता का उल्‍लंघन है या नही? (ख) क्‍या मतदान दिनांक 17.11.2023 से एक दिवस पूर्व पहले दिनांक 16.11.2023 को उपरोक्‍त बिन्‍दु (क) में वर्णित निविदा खोली गई थी? यदि हाँ तो यह आचार संहिता का उल्‍लंघन है या नहीं? (ग) क्‍या उक्‍त दोनों मार्ग पूर्व से PMJSY मार्ग है जिसमें PMJSY विभाग से निविदा लगाने से पहले अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया था या नहीं? नहीं तो क्‍यों? (घ) क्‍या चुनाव आचार संहिता का घोर उल्‍लंघन करते हुये चुनावी भगदड़ का लाभ उठाकर संबधित अपराधियों द्वारा चुनिन्‍दा ठेकेदारों से मिलकर शासन के करोड़ों रूपये का नुकसान पहुँचाने एवं निविदा फिक्सिंग की नियत से नियम विरूद्ध निविदा प्रक्रिया को सम्‍पादित किया गया, साथ ही कार्यपालन यंत्री एवं अधीक्षण यंत्री के द्वारा आनन-फानन में निविदा मंजूरी करने हेतु अग्रिम प्रस्‍तावित कर दिया गया जो स्‍वीकृत प्रत्‍याशा में मुख्‍य अभियंता कार्यालय में ल‍ंबित है। जिसमें इन अधिकारियों की संलिप्‍तता स्‍पष्‍ट प्रतीत होती है या नहीं? श्री सुधीर शुक्‍ला जो एस.डी.ओ. के पद पर कई वर्षों से पदस्‍थ हैं जिनको चुनाव आयोग के निर्देशानुसार अन्‍यत्र हटाये जाने के निर्देश देंगे जबकि उपरोक्‍त अनियमितताओं में इनकी भी संलिप्‍तता है। (ड.) क्‍या दूषित निविदा प्रक्रिया को निरस्‍त कर पारदर्शिता के साथ बुलाये जाने की कार्यवाही करते हुये संलिप्‍त अधिकारी कार्यपालन यंत्री, अधीक्षण यंत्री के विरूद्ध तत्‍काल प्रभाव से निलंबन की घोषणा की जावेगी अथवा नहीं? क्‍या नियमानुसार निविदा प्रक्रिया पुन: आहुत की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। किन्तु  यह आचार स‍ंहिता का उल्‍लंघन नहीं है क्‍योंकि दिनांक 09.10.2023 से आचार संहिता लागू होने के पूर्व  ही  उक्त निविदाएं निविदा सूचना क्रं. 15/सा./2023-24 दिनांक 04.10.2023  द्वारा  आमंत्रित की गई थीजिसका प्रकाशन दिनांक 06.10.2023 को समाचार-पत्रों में  हो चुका था। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। इसी अनुक्रम में विभाग के ई-प्रोक्‍योरमेंट सिस्‍टम में इलेक्‍ट्रानिक माध्‍यम से इसी निविदा का पुन: प्रकाशन दिनांक 11.10.2023 को किया गया जो कि पूर्व प्रकाशन दिनांक 04.10.2023 के अनुक्रम में ही था। अत: इस कारण आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। (ख) जी नहीं। उक्त निविदाओं की तकनीकी बिड मतदान दिनांक 17.11.2023 के 02 दिवस बाद दिनांक 20.11.2023 को खोली गयीजो आन्तरिक कार्यालयीन व्यवस्था होने से आचार संहिता प्रभावशीलता का उल्लंघन नहीं है। (ग) जी नहीं। आवश्‍यक न होने के कारण। परन्तु उक्त मार्गों को मुख्य ज़िला मार्ग घोषित किये जाने का प्रस्ताव ज़िला समिति रीवा से दिनांक 08.03.2022 को अनुमोदित है एवं प्रक्रियाधीन है। सम्पूर्ण वस्तुस्थिति विभाग के संज्ञान में होने के कारण ही कार्य की  आवश्‍यकता को दृष्टिगत रखते हुए मार्गों की  प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 01.10.2023 को जारी की गई है। (घ) जी नहीं। ठेकेदारों से मिलकर शासन को विभाग द्वारा कोई भी राशि का नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। निविदा प्रक्रिया शासन के नियमानुसार संपादित  कर कार्यवाही की जा रही है। जी नहीं। निविदा में किसी प्रकार की  अनियमितता नहीं की गई है। पदस्थापना प्रशासनिक व्यवस्था हैचुनाव आयोग के कोई निर्देश नहीं है। अतः वर्तमान में अन्यत्र पदस्थापना विचाराधीन नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।  (ड.) जी नहीं। निविदा प्रक्रिया पारदर्शित के साथ नियम/प्रक्रिया अनुसार संपादित की गई है। अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही का प्रश्‍न तथा निविदा पुनः आमंत्रण का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

सी.एम.ओ. द्वारा नियम विरूद्ध कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

38. ( क्र. 848 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या रीवा जिले में नगर परिषद् सेमरिया में वित्‍तीय वर्ष 2022-23 में निविदा बाजार बैठकी हेतु निविदा ऑनलाइन मंगाकर श्री प्रदीप द्विवेदी ठेकेदार/संविदाकार को बैठक वसूली हेतु कार्यादेश जारी किये गये जिसमें 24,53,551 लाख रूपये जमा किये जाने थे जिनका अनुंबंध भी निष्‍पादित कराया गया था। कार्यादेश एवं अनुबंध की प्रति प्रस्‍तुत करें? नगरीय निकाय मंत्रालय के पत्र क्रमांक/2445 दिनांक 15.06.2023 में क्‍या निर्देश थे एवं इसका क्‍या पालन किया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार निर्धारित राशि में से ठेकेदार द्वारा 14,26,775 लाख रूपये जमा की गई शेष राशि 10,26,776 लाख रूपये नहीं जमा कराये गये, स्‍पष्‍ट बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संविदाकार द्वारा निर्धारित राशि में से राशि जमा कराई गई शेष बची राशि 10,26,776 लाख रूपये ठेकेदार से जमा नहीं कराई गई नगर परिषद् की बैठक दिनांक 15.10.2022 के प्रस्‍ताव क्रमांक 5 में प्रस्‍ताव पारित किया गया कि ठेकेदार को घाटा हुआ इस कारण राशि न वसूली जाए जबकि बैठक में ठेकेदार के सगे भाई जीतेन्‍द्र द्विवेदी निकाय में मस्‍टर श्रमिक के पद पर कार्यरत थे एवं श्रीमती वंदना द्विवेदी इनकी पत्‍नी वार्ड 12 की पार्षद थी इनके द्वारा प्रस्‍ताव पारित कराकर शासन को अपूर्णीय क्षति पहुँचायी गई क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्धारित राशि ठेकेदार से वसूली न कर प्रश्‍नांश (ग) अनुसार नियम विरूद्ध प्रस्‍ताव पारित कर पद का दुरूपयोग कर शासन को क्षति पहुँचाई गई जिसकी वसूली अध्‍यक्ष, उपाध्‍यक्ष, मुख्‍य नगर परिषद् अधिकारी एवं ठेकेदार से वसूली बाबत् निर्देश देंगे तो कब तक बतावें अगर नहीं तो क्‍यों? यदि हाँ, तो नगर परिषद् अध्‍यक्ष को पद से पृथक किये जाने हेतु क्‍या निर्देश दिये जायेंगे स्‍पष्‍ट करें? साथ ही नगर पंचायत में सी.एम.ओ. के पद पर प्रभारी आर.आई. बैकुण्‍ठपुर को पदस्‍थ कर कार्य लिया जा रहा है जो तीन वर्ष से ज्‍यादा समय से पदस्‍थ है चुनाव आयोग के निर्देश के पालन में इनको मूल पद में वापस करने/अन्‍यत्र पदस्‍थ करने बाबत् क्‍या निर्देश देंगे तो कब तक बतायें नहीं तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्धारित राशि की वसूली ठेकेदार से न करने नियम विरूद्ध प्रस्‍ताव पारित कर शासन को आर्थिक क्षति पहुँचाने हेतु कूट रचित दस्‍तावेज तैयार कर लाभ देने वालों पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने एवं राशि वसूली बाबत् क्‍या निर्देश देंगे तो कब तक बतावें अगर नहीं तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। कार्यादेश की  जानकारी  पुस्‍तकालय में  रखे  परिशिष्ट -अ अनुसार है। अनुबंध की प्रति संलग्न नहीं। निकाय द्वारा शासन के पत्र क्रमांक 2445 दिनांक 15.06.2023 के द्वारा दिनांक 29 मई 2023 के निर्देश का पालन किया जा रहा है। जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट -ब अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ राशि रूपये 10,26,776/- नहीं जमा किये गये। (ग) जी हाँ। जानकारी  पुस्‍तकालय में   रखे  परिशिष्ट -स अनुसार है।  यह बात सही है कि श्री जीतेन्द्र द्विवेदी निकाय के मस्टर श्रमिक के पद पर कार्यरत है व ठेकेदार के सगे भाई है किन्तु उनका परिवार एवं समग्र आईडी पृथक है। श्रीमती वंदना द्विवेदी इनकी पत्नी वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद है। जानकारी  पुस्‍तकालय  रखे  परिशिष्ट -द अनुसार है। (घ) प्रस्ताव की  जानकारी  पुस्‍तकालय  रखे  परिशिष्ट -स अनुसार है।  इस संबंध में कार्यवाही किये जाने हेतु संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास रीवा संभाग रीवा को संचालनालय के पत्र क्रमांक शाखा 02/2024 दिनांक 03/02/2024 द्वारा निर्देशित किया है। जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट फ अनुसार है। यह सही है कि श्री के.एन.सिंह राजस्व उप निरीक्षक नगर परिषद् बैकुण्ठपुर जिला रीवा को फीडर केडर में होने के कारण कलेक्टर महोदय रीवा के आदेश कमांक 340 रीवा दिनांक 20/09/23 द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा को गया है। ये मात्र 04 माह से पदस्थ है। जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट -ई अनुसार है। (ड.) कोई भी कूटरचित दस्तावेज तैयार नहीं किए कर गए है शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत लाभान्‍वित हितग्राहियों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

39. ( क्र. 863 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिलांतर्गत नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा वर्ष 2017 से 2023 तक कितने प्रधान मंत्री आवास स्‍वीकृत हुए हैं? निकायवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) इनमें से कितने आवास हितग्राहियों को दिये गये, उनमें से कितने पूर्ण/कितने अपूर्ण हैं? नामवार सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) भाण्‍डेर विधान सभा क्षेत्र में कितने हितग्राहियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्‍त दी गई है? यदि नहीं, दी गई है, तो कब तक जारी की जायेगी? विलंब के लिये कौन जिम्‍मेदार हैं? क्‍या दोषी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही की जावेगी? यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। हितग्राहियों की सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

नवीन इकाइयों के विद्युत कनेक्‍शन काटे जाना

[ऊर्जा]

40. ( क्र. 873 ) श्री सुरेन्द्र पटवा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवीन स्‍थापित औद्योगिक इकाईयों को क्‍या-क्‍या विद्युत सुविधा प्रदान की जा रही है? (ख) क्‍या मंडीदीप में स्थित विभिन्‍न औद्योगिक इकाईयों के बिजली बिल का भुगतान न होने की स्थिति में उनके कनेक्‍शन काटे जा रहे हैं? क्‍या इससे उद्योग प्रभावित हो रहे हैं। (ग) क्‍या शासन उद्योग को सुचारू रूप से संचालन करने की दृष्टि से तत्‍काल विद्युत कनेक्‍शन नहीं काटे जावे, इस दिशा में पहल कर कार्यवाही कौन करेगा? यदि नहीं तो क्‍यों।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा वर्ष 2023-24 के लिए दिनांक 28.03.2023 को जारी टैरिफ आदेश के अनुसार केवल उच्‍चदाब औद्यौगिक नवीन कनेक्‍शनों को टैरिफ आदेश में उल्‍लेखित शर्तों के अधीन ऊर्जा प्रभार पर एक रूपये प्रति यूनिट या 20 प्रतिशत (जो कम हो) की छूट प्रदान की जाती है। टैरिफ आदेश से संबंधित पृष्‍ठों की प्रति  संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार  है। (ख) विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा विद्युत बिल का भुगतान नियत अवधि में नहीं करने की स्थिति में म.प्र. विद्युत प्रदाय संहिता 2021 के प्रावधानों एवं विद्युत वितरण कंपनी के निर्धारित नियम एवं शर्तों के अनुसार इनके विद्युत कनेक्शन विच्‍छेदित किये जाने की कार्यवाही की जाती है एवं विद्युत बिल की बकाया राशि का भुगतान प्राप्‍त होने पर नियमानुसार विद्युत कनेक्शन पुनः संयोजित किये जाते है। विद्युत बिलों की बकाया राशि की वसूली हेतु वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत की जा रही उक्‍त कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) उपभोक्ता द्वारा नियत तिथि तक बिल जमा नहीं करने पर नियमानुसार 15 दिवसीय ''कनेक्शन विच्‍छेदन सूचना पत्र'' जारी किया जाता है। इसके उपरांत भी बिल का भुगतान प्राप्‍त नहीं होने पर विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखानुसार विद्युत कनेक्शन विच्‍छेदित करने की कार्यवाही की जाती है। उक्‍तानुसार वैधानिक प्रावधानों के अंतर्गत की जा रही कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में अन्‍य कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

परिशिष्ट - "तेरह"

मांडू में पेयजल योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

41. ( क्र. 951 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या अर्बन डवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा पर्यटन नगरी मांडू में पेयजल योजना का काम किया जा रहा है? यदि हाँ तो तकनीकी स्वीकृति और प्रशासकीय स्वीकृति की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या ऐसी योजना में व्यवसायिक कनेक्शन दिए जाने का प्रावधान है या नहीं? यदि नहीं तो किस कारण से तथा इस योजना का प्रश्‍न दिनांक तक कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया और कितने प्रतिशत कार्य अपूर्ण है और स्वीकृत राशि में से विभाग द्वारा कार्य एजेंसी को कितनी राशि का भुगतान किस-किस कार्य हेतु किया गया है? भुगतान की गई राशि के बिल वाउचर की प्रमाणित प्रति उपलब्ध करावें? (ग) इस योजना से मांडू नगरी में पेयजल हेतु पानी का सप्लाय प्रारंभ हो गया है? हाँ या नहीं? यदि नहीं तो पानी का सप्लाय कब तक प्रारंभ कर दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट 'एवं 'अनुसार है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट 'एवं 'अनुसार है। (ग) जी नहीं। माँडू में नर्मदा पेय जल प्रदाय कराने हेतु धरमपुरी के इंटेक वेल में अतिरिक्त पम्प लगाकर जल प्रदाय की व्यवस्था की जा रही है। जिसके कारण जल प्रदाय योजना माँडू हेतु प्रायोगिक परीक्षण दिनाक 15.03.2024 से प्रारम्भ कराया जाना संभावित है।

सागर नगर में ओव्हर ब्रिज निर्माण

[लोक निर्माण]

42. ( क्र. 954 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विगत वर्ष सागर नगर के राहतगढ़ बस स्टेण्ड ओव्हर ब्रिज पर यातायात की समस्या को हल करने के लिए तीसरी भुजा भगवानगंज की ओर निकाले जाने की स्वीकृति केन्द्रीय सरकार म.प्र. शासन को प्रदान की गई थी? यदि हाँ तो अब तक क्या कार्यवाही प्रचलन में है? (ख) क्या इनके निर्माण कार्य हेतु निविदा जारी हो चुकी है? यदि नहीं तो कब तक निविदा जारी कर निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया जायेगा? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) वर्णित कार्य के साथ ही पीली कोठी से नगर पालिक निगम कार्यालय सागर तक के ओव्हर ब्रिज निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई थी? यदि हाँ तो इस पर अब तक क्या कार्यवाही की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही नहीं उठता है। (ख) उत्‍तरांश  (के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही नहीं उठता है। (ग) जी नहीं। वर्तमान में स्‍वीकृति अपेक्षित है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

शासन के आदेश के बिना वाहनों की खरीदी

[नगरीय विकास एवं आवास]

43. ( क्र. 962 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) छत्तरपुर नगर पालिका परिषद् में 10 जनवरी 2005 से प्रश्‍न दिनांक तक  कौन-कौन से वाहन कितनी-कितनी राशि के खरीदे गए? वाहन का प्रकार, वाहन क्रमांक, कीमत शासन के आदेश की प्रति सहित पृथक-पृथक बतायें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में कौन-कौन से वाहन किस-किस कार्य में संचालित हो रहे हैं? वाहन की पृथक-पृथक जानकारी दें। (ग) नगर पालिका परिषद् छत्तरपुर द्वारा उक्त अवधि में खरीदे गए वाहनों पर किस-किस कार्य के लिए आज दिनांक तक राशि व्यय की गई है? पृथक-पृथक वाहन की जानकारी प्रदान करें। (घ) उक्त अवधि में खरीदे गए ऐसे कितने वाहन है जो बिना उपयोग के ही कण्डम हो गए है और इसके लिए          कौन-कौन जवाबदार हैं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  '''' अनुसार है। (ग) निकाय में वाहनवार क्रय का कोई वार्षिक अभिलेख संधारित नहीं किया गया है निकाय में उपलब्‍ध जानकारी अनुसार वर्षवार व्‍यय वर्ष 2019-20 तक की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है एवं 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक वाहनवार व्‍यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) कोई वाहन कण्‍डम हालत में नहीं होने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नगरीय संस्‍थाओं में संचालित योजनाओं की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

44. ( क्र. 1051 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दतिया जिला के अंतर्गत दतिया नगरपालिका बढ़ौनी नगर पंचायत, इंदरगढ़ नगर पंचायत, भाण्डेर नगर पंचायत एवं सेंवढ़ा नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजनान्तर्गत हितग्रहियों को लांभावित किया गया है। यदि हाँ तो प्रति आवास हेतु कितनी राशि दिये जाने का प्रावधान है। नगरपालिका दतिया एवं सभी नगर पंचायतों के लाभांवित हितग्राहियों के वर्षवार-वार्डवार नाम/पता एवं राशि के विवरण सहित सूचियां प्रदाय करें एवं स्वीकृत प्रकरणों में                 कितने-कितने  हितग्राहियों की किस्ते वर्तमान में लंबित है। कृपया अलग-अलग विवरण दें। शासन द्वारा नगर के विकास एवं नागरिकों के कल्याण हेतु आवास योजना सहित कौन-कौन योजना एवं कार्यक्रम संचालित किये जा रहे है कृपया योजना एवं कार्यक्रमों के संबंध में नियम/निर्देशों का ब्यौरावार जानकारी दें। (ख) नगर पंचायत बढ़ौनी एवं नगरपालिका दतिया में उक्त विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत मदबार कितने-कितने कार्य (निर्माण कार्य) एवं खरीदी की गई है उक्त संस्थाओं द्वारा उक्त संबंध में कितने-कितने टेंडर जारी किये गये है। कृपया वर्ष 2019-2020 से प्रश्‍न दिनांक तक टेण्डर/विज्ञप्ति की प्रतियों सहित वर्कऑर्डर की प्रतियां और कैशबुक प्रतियां वर्षवार उपलब्ध करायें। (ग) उक्त निर्माण कार्यों/खरीदी तथा प्रधानमंत्री आवास योजना का क्या प्रतिवर्ष उच्च अधिकारियों एवं ऑडिट द्वारा जांच/परीक्षण/समीक्षा की जाती है यदि हाँ तो क्या उक्त कार्यों के संबंध में ऑडिट की आपत्तियों के साथ ही पार्षदों एवं नागरिकों द्वारा शिकायतें भी की गई है यदि हाँ तो शिकायतों के संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? कृपया जारी स्वीकृत टेण्डरों के संबंध में एजेंसी को जारी वर्कऑर्डर एवं भुगतान से संबंधित कैशबुक की प्रतियां वर्षवार उपलब्ध कराये। (घ) बढ़ौनी नगर पंचायत एवं दतिया नगरपालिका में जलावर्धन एवं अमृत योजना के अंतर्गत शासन द्वारा कितनी राशि दी गई तथा इस संबंध में शासन द्वारा क्या निर्देश दिये गये थे तथा नगरपालिका दतिया एवं नगर पंचायत बढ़ौनी एवं विभाग द्वारा उक्त संबंध में क्या-क्या कार्य योजना बनाई गई कृपया वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा जारी स्वीकृत टेण्डर/विज्ञप्ति एवं कार्यादेश, मेजरमेंट बुक एवं भुगतान की गई राशि के संबंध में कैशबुक सहित चलाई गई नोटशीट एवं चैकबुक की प्रमाणित प्रतियां उपलब्‍ध कराये। 

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बीएलसी घटक अन्तर्गत प्रति आवास राशि रू. 2.50 लाख दिये जाने प्रावधान है। जिले के समस्त निकायों के लाभान्वित हितग्राहियों के वर्षवार, वार्डवार नाम पता एवं राशि का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त की राशि आवास निर्माण कार्य के पृथक-पृथक चरण पूर्ण करने पर जिओ-टैग होने के बाद ऑनलाइन आधार पर हितग्राहियों को अंतरित की जाती है। राशि का अंतरण कार्य सतत् रूप से किया जाता है। शासन द्वारा नगर के विकास एवं नागरिकों के कल्याण हेतु योजना एवं कार्यक्रमों की सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। कार्यक्रमों एवं योजनाओं के दिशा-निर्देश की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) नगर पंचायत बढ़ौनी एवं दतिया में विभिन्न योजनाओं के अन्तर्गत मदवार किये गये निर्माण कार्य/खरीदी के संबंध में निविदा, कार्यादेश एवं केशबुक संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार टेण्डर विज्ञप्ति, कार्यादेश एवं केश बुक की प्रतियां  पुस्‍तकालय  में रखे                 परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) प्रधानमंत्री आवास योजना के प्रावधान अनुसार तृतीय पक्ष निगरानी परीक्षण हेतु नियुक्त संस्था द्वारा निरीक्षण प्रतिवेदन मॉनिटरिंग का कार्य किया जाता है। उच्च अधिकारियों द्वारा सतत् समीक्षा की जाती है। यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उसका विभिन्न स्तर पर निराकरण किया जाता है। निकायवार प्राप्त शिकायतों एवं निराकरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। शेषांश की जानकारी उत्तरांश '''' अनुसार है। (घ) नगर परिषद् बढ़ौनी एवं दतिया में जल आवर्धन एवं अमृत के अन्तर्गत प्रदाय राशि, किये गये कार्य, प्रस्तावित योजना की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। वर्ष 2013 से प्रश्‍न दिनांक तक जारी टेण्डर, विज्ञप्ति, कार्यादेश, मेजरमेंट बुक, भुगतान के संबंध में केशबुक तथा नोटशीट व चैकबुक की प्रमाणित प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

खराब ट्रान्‍सफार्मरों को बदला जाना

[ऊर्जा]

45. ( क्र. 1052 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) मध्‍यप्रदेश मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कृषि विद्युत पम्प एवं घरेलू उपभोक्ताओं से बिलों की वसूली के संबंध में वर्तमान में क्या नियम निर्देश हैं। कृपया विवरण देते हुए प्रति उपलब्ध करायें। क्या पत्र कमांक एफ- 306/2020/तेरह/01 भोपाल दिनांक 01 सितंबर 2023 द्वारा       1 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं से बकाया बिल अस्थगित कर 01 सितम्‍बर, 2023 से इन उपभोक्ताओं को केबल चालू माह के ही देयक प्रदान किये जाने के संबंध में निर्देश दिये गये है। यदि हाँ तो दतिया जिले में 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने-कितने ट्रासंफार्मर पर  कितनी-कितनी बकाया राशि रही है तथा जले ट्रांसफार्मर बदलने के लिये कितनी बकाया राशि जमा कराई गई की जानकारी ट्रांसफार्मर/वितरण केन्‍द्रवार प्रदान करें। (ख) वर्तमान में कौन-कौन से ग्रामों में कितने-कितने ट्रान्सफार्मर कब-कब से खराब है तथा खराब ट्रान्‍सफार्मरों को बदलने के लिये विभाग द्वारा निर्देशानुसार चालू माह में ही देयक विद्युत बिल प्रदान किये गये हैं? यदि हाँ तो क्या कर्मचारियों द्वारा चालू माह के बिल वसूली की कार्यवाही की गई है यदि हाँ तो कितनी-कितनी राशि वसूली गई तथा उक्त खराब पड़े  हुए ट्रान्सफार्मर विभाग द्वारा कब तक बदल दिये जायेंगे? कृपया समय-सीमा बतातें हुये पूर्ण विवरण दें। (ग) दतिया जिले में वर्तमान में विभिन्न पदों पर कितने कितने अधिकारी पदस्थ है? कृपया नाम/पद सहित जानकारी देते हुए। दतिया जिले में कुल कार्यकाल की भी जानकारी अलग-अलग उपलब्ध करायें? क्या तीन वर्ष से अधिक हुये कुल कार्यकाल के फलस्वरुप स्थानांतरण की जाने की नीति है। यदि हाँ तो कुल कार्यकाल तीन वर्ष से पदस्थ उक्त अधिकारी क्यों पदस्थ है? क्या विभाग भारत निर्वाचन आयोग के CHAPTER 19 MODEL CODE AND GOVT. OFFICIALS में प्रावधान होने के बावजूद वर्ष 2023 में पालन क्यों नहीं किया गया और क्या लोकसभा वर्ष 2024 के मद्देनजर रखते हुये विभाग द्वारा उक्त निर्देशों का पालन करेंगे? यदि नहीं तो क्यों और यदि हाँ तो कब तक। (घ) आउटसोर्स कर्मचारियों को भर्ती करने के क्या-क्‍या नियम/निर्देश है? कृपया प्रति उपलब्ध कराये। दतिया जिले में भर्ती हेतु किस कंपनी/फर्म का टेण्डर स्वीकृत हुआ? क्या उनकी उपस्थिति बायोमेट्रिक से लेने का नियम है? यदि हाँ तो 01 जनवरी 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक दतिया जिले की बायोमेट्रिक उपस्थिति पत्रक एवं सेवा प्रदाता को भुगतान की गई राशि की जानकारी प्रदान करें। 

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के अध्याय-9 की कंडिका 9.15 के अनुसार बिल भुगतान हेतु निर्धारित तिथि से 15 दिवस के अन्दर विद्युत बिल भुगतान नहीं करने की स्थिति में विद्युत कनेक्शन अस्थाई रूप से विच्छेदित करने का प्रावधान है। इस संहिता की कंडिका-9.16 के अनुसार अस्थाई संयोजन विच्छेदन के पश्चात विद्युत प्रदाय उसी दशा में पुनर्स्‍थापित किया जाएगा जब उपभोक्ता बकाया प्रभारों/देय राशि/निर्धारित की गई किश्त की राशि मय संयोजन विच्छेद तथा पुनर्संयोजन सहित भुगतान कर देता है। विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के संबंधित पृष्‍ठों की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र–'1' अनुसार  है। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र द्वारा 1 किलोवॉट तक के घरेलू उपभोक्ताओं के बकाया बिल आस्थगित कर 01 सितम्बर 2023 से इन उपभोक्ताओं को केवल चालू माह के ही देयक प्रदान करने के आदेश जारी किये गये हैं। दतिया जिले में प्रश्‍नाधीन अवधि में 1237 वितरण ट्रांसफार्मर फेल हुये हैं, जिन पर बकाया राशि रू. 1226.83 लाख रही है। उक्‍त ट्रांसफार्मरों को बदलने के लिए राशि रू. 223.29 लाख जमा कराई गयी है, ट्रांसफार्मरवार/वितरण केन्‍द्रवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'2' अनुसार है।            (ख) वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों का ग्रामवार विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'3' अनुसार  है। नियमानुसार जले एवं खराब ट्रांसफार्मरों से जुडे़ 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा भुगतान करने पर अथवा कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा होने के उपरांत इन जले एवं खराब ट्रांसफामरों को बदला जाता है। जी हाँ, कर्मचारियों द्वारा उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित नियमानुसार वसूली की कार्यवाही की जा रही है। वसूल की गई राशि का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'3' अनुसार  है। उपरोक्‍तानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा होने पर खराब ट्रांसफार्मर को निर्धारित समय सीमा, यथा- शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक       7 दिवस में बदले जाने के नियम अनुरूप बदला जावेगा। (ग) दतिया जिले में वर्तमान स्थिति में विभिन्‍न पदों पर 26 अधिकारी पदस्‍थ हैं, विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'4' अनुसार  है। जी नहीं, स्‍थानान्‍तरण के संबंध में म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के परिपत्र              क्र. 15329-30 दिनांक 16.02.2015 के अनुसार अधिकारी/कर्मचारी की वृत्‍त/क्षेत्र में पदस्‍थापना की अधिकतम अवधि क्रमश: 5 वर्ष एवं 20 वर्ष है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) कंपनी की आवश्‍यकतानुसार खुली निविदा के माध्‍यम से अनुबंधित बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता के माध्‍यम से निविदा में निहित नियम व शर्तों में उल्‍लेखित अर्हताओं के अनुसार आउटसोर्स कार्मिकों को उपलब्‍ध कराया जाता है। निविदा शर्तों के संबंधित पृष्‍ठों की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'5' अनुसार है। दतिया जिले में आउटसोर्स कार्मिक उपलब्‍ध कराने हेतु बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी मेसर्स टी एण्‍ड एम सर्विसेस कन्‍सल्टिंग प्रायवेट लि. को दिनांक 01.04.2023 से अनु‍बंधित किया गया है। बाह्य स्‍त्रोत सेवाप्रदाता द्वारा उपलब्‍ध कराये गये बाह्य स्‍त्रोत श्रमिकों की उपस्थिति दर्ज करने हेतु, निविदा में निहित नियम एवं शर्तों के भाग 4 की कंडिका क्रमांक 4.0 के अनुसार, म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा लागू की गई उपस्थिति प्रणाली उपयोग में लिये जाने का प्रावधान है, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'5' अनुसार  है। तत्संबंध में म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पत्र क्रमांक 2641 दिनांक 20.10.2023 से बाह्य स्‍त्रोत  सेवा-प्रदाता एजेंसियों को उनके द्वारा नियुक्‍त बाह्य स्‍त्रोत कार्मिकों के पंजीयन ई-अटेंडेस पोर्टल पर कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया। तदुपरांत म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के आदेश दिनांक 18.12.2023 से ई-अटेंडेस के माध्‍यम से शत-प्रतिशत अटेंडेस लगाये जाने हेतु मैदानी कार्यालयों को निर्देश जारी किये गये हैं। ई-अटेंडेस से उपस्थिति लागू किया जाना वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। माह जनवरी-2024 तक दतिया जिले में कार्यरत 475 आउटसोर्स कार्मिकों में से 371 कार्मिकों का पंजीयन हो चुका है, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के                   प्रपत्र-'6' अनुसार  है। दतिया जिले में माह जनवरी-2023 से दिसम्‍बर-2023 तक सेवाप्रदाता एजेंसियों को भुगतान की गई राशि का विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'7' अनुसार  है।

पं. लोकनाय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

46. ( क्र. 1071 ) डॉ. अभिलाष पाण्डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पं. लोकनाय शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय गोविंदगंज जबलपुर नगर निगम जबलपुर द्वारा कब से संचालित है? इसमें शैक्षणिक कार्य संबंधित क्या-क्या सुविधा एवं व्यवस्थाएं हैं? महाविद्यालय भवन की क्या स्थिति है? संस्थान के तहत कौन-कौन से पद स्वीकृत हैं एवं इनमें से कितने पद रिक्त हैं? (ख) क्या नगर निगम जबलपुर प्रश्‍नांकित महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था आर्थिक रूप से संभालने में सक्षम है या नहीं? यदि नहीं तो क्या इसे उच्च शिक्षा विभाग के आधीन करवाया जावेगा जिससे यह व्यवस्थित रूप से संचालित किया जा सके?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) पं. लोकनाथ शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय गोविंदगंज जबलपुर नगर निगम जबलपुर द्वारा सन् 1939 से संचालित है। इसमें शास्त्री से आचार्य तक की शिक्षा प्रदान की जाती है। इसमें दर्ज छात्र संख्या 129 है। महाविद्यालय का भवन निर्माणाधीन है। संस्थान में कुल 04 पद स्वीकृत है। जिसमें 01 पद प्राचार्य 03 पद व्याख्याता के है, वर्तमान में वरिष्ठ अध्यापक प्रभारी प्राचार्य एवं 03 पद पर अतिथि विद्वान कार्यरत् है। जिसमें स्कूल शिक्षा विभाग का सेटअप लागू है, नगर निगम शिक्षा विभाग के पद शासन द्वारा डाइंग कैडर कर दिये गये है, जिससे नियमित नियुक्ति नहीं की जा सकती है। वर्तमान में महाविद्यालय की संबंद्धता महर्षि पाणिनी संस्कृत एवं वैदिक विश्‍वविद्यालय उज्जैन से है। (ख) नगर निगम जबलपुर पं. लोकनाथ शास्त्री संस्कृत महाविद्यालय गोविंदगंज जबलपुर महाविद्यालय में यू.जी.सी. का सेटअप लागू करने में आर्थिक रूप से कठिनाई है। संस्‍था के हस्‍तांतरण को लेकर वर्तमान में कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

विमुक्‍त, घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु जातियों हेतु संचालित योजनाएं

[विमुक्‍त, घुमन्‍तु और अर्द्धघुमन्‍तु कल्‍याण]

47. ( क्र. 1087 ) श्री माधव सिंह (मधु गेहलोत) : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला आगर-मालवा एवं विधानसभा क्षेत्र आगर अन्‍तर्गत किन-किन ग्रामों में विमुक्‍त, घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु परिवार निवासरत हैं? ऐसे परिवारों की संख्‍या कितनी है? ग्रामवार जानकारी उपलब्‍ध करावे? (ख) विभाग के द्वारा प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र आगर में कुल कितने परिवारों को विगत 5 वर्षों में विभाग द्वारा किन-किन परिवारों को विभाग की किन-किन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है योजनावार विवरण उपलब्‍ध करावें। (ग) विभाग के द्वारा विमुक्‍त घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु कल्‍याण हेतु जिला आगर-मालवा को कितना बजट उपलब्‍ध कराया गया है? विभाग के द्वारा विमुक्‍त घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु कल्‍याण हेतु संचालित योजनाओं का विवरण उपलब्‍ध करावें।

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) :              (क) सामान्‍य जानकारी के आधार पर जिला आगर-मालवा एवं विधानसभा क्षेत्र आगर अंतर्गत निवासरत विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु परिवारों की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। बेसलाइन सर्वे के अभाव में संख्‍यात्मक जानकारी दी जाना संभव नहीं है।                 (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- '''' अनुसार है। (ग) जिला आगर-मालवा को विगत वर्ष सभी योजनाओं में कुल 22,29,550/- राशि उपलब्‍ध करायी गई। विभाग से संचालित योजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट -'''' अनुसार है।

वास्तविक बिल से अधिक बिल की वसूली

[ऊर्जा]

48. ( क्र. 1088 ) श्री मनोज नारायण सिंह चौधरी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पश्चिम क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत वितरण ट्रांसफार्मर के फेल/विफल होने पर ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर बदलने के क्‍या आदेश है, जिला देवास अंतर्गत सिंचाई सीजन में क्‍या  8-8 दिन तक वितरण ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाते है? (ख) म.प्र. पश्चिम क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत जिला देवास अंतर्गत 01 अप्रैल 2022 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक किसानों के 5 हार्स पावर की जगह 8-10 हार्स पावर के प्रकरण बना कर जो बिल दिए जा रहे हैं, उनको तत्काल निरस्त किया जाये, जो ज्‍यादा बिल आते है, उन्हे सुधारने के नाम पर भी पैसे वसूले जाते हैं।                (ग) म.प्र. पश्चिम क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत जिला देवास अंतर्गत 01 अप्रैल 2022 से             31 दिसम्‍बर 2023 तक द्वेषतापूर्वक किसानों के प्रकरण बना दिए गए है एवं बिल ज्यादा थमा दिए गए है, क्‍या उनका निराकरण किया जाएगा? विभाग की लापरवाही के कारण किसानों को जो नुकसान हो रहा है, इसके लिए दोषी कौन है? क्या उन अधिकारियों/कर्मचारियों पर कोई कार्यवाही होगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड क्षेत्रांतर्गत वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्‍यालय में 12 घंटे एवं अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्‍थापित करने के प्रावधान हैं। तदनुसार वितरण कंपनी द्वारा पहुंच मार्ग की उपलब्‍धतानुसार उक्‍त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है, जिससे संबंधित आदेश/नियम की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार  है। देवास जिला अंतर्गत जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने पर, पात्र होने के उपरांत इन्‍हें उपरोक्‍तानुसार निर्धारित समय-सीमा में बदल दिया जाता है। (ख) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत सिंचाई प्रयोजन हेतु प्रदाय विद्युत कनेक्‍शनों के निरीक्षण के दौरान विद्युत कनेक्‍शन का संयोजित भार स्‍वीकृत भार से अधिक पाया जाता है, तो नियमानुसार वा‍स्‍तविक भार अनुसार संबंधित विद्युत कनेक्‍शन का स्‍वीकृत भार बढ़ाया जाता है एवं तदनुसार विद्युत देयक प्रदान किये जाते है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में प्रश्‍नाधीन अवधि हेतु विद्युत भार गलत तरीके से बढ़ाये जाने एवं इसके कारण ज्‍यादा राशि के विद्युत देयक दिये जाने का कोई प्रकरण/शिकायत म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में नहीं है। साथ ही, प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित विद्युत बिल सुधारने में अनियमितता की कोई शिकायत म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संबंधित कार्यालय में प्राप्‍त नहीं हुई है। (ग) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा प्रश्‍नाधीन क्षेत्र एवं अवधि में कृषकों के विरूद्ध किसी भी प्रकार के गलत प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किये गये हैं। कृषकों को नियमानुसार ही विद्युत देयक दिये जा रहे है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है।

परिशिष्ट - "चौदह"

नगर निगम भोपाल द्वारा कराए गए निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

49. ( क्र. 1109 ) श्री आरिफ मसूद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम भोपाल में वित्‍तीय वर्ष 1 अप्रैल 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि के निर्माण कार्य कराए गए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उपरोक्‍त कार्य को किन ठेकेदारों (फर्मों) द्वारा कराया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में ठेकेदार (फर्म) को कुल कितना-कितना भुगतान किया गया है एवं कितना भुगतान शेष है ठेकेदारों के नाम फर्म की जानकारी उपलब्‍ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) कुल राशि रू. 53231.09 लाख के निर्माण कार्य कराये गये हैं। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है।

नगर निगम भोपाल में कराए गए डामरीकरण के कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

50. ( क्र. 1110 ) श्री आरिफ मसूद : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम भोपाल में वित्तीय वर्ष 01 अप्रैल 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि के डामरीकरण के कार्य कराए गए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य में डामरीकरण का कार्य किन-किन ठेकेदारों (फर्मों) द्वारा किया गया? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में संबंधितों को किया गया भुगतान एवं शेष राशि का विवरण देवें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) कुल राशि रूपये 3793.21 लाख का डामरीकरण कार्य कराये गये हैं। (ख) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  '''' अनुसार है।

परिशिष्ट - "पंद्रह"

प्रधानमंत्री आवास आवंटन में की गई अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

51. ( क्र. 1126 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मैहर के वि.ख. रामनगर अंतर्गत नगर परिषद् में स्वीकृत प्रधानमंत्री आवास में अपात्रों को आवास स्वीकृत किया गया था, जिसकी जाँच हेतु संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र. भोपाल दिनांक 14-08-2018 को समिति गठित की गई थी, उक्त कमेटी द्वारा दिये गये निर्णय पर शासन द्वारा आज दिनांक तक क्या कार्यवाही हुई एवं अपात्रों से राशि वसूली गई उसकी सूची सहित जानकारी बतावें? (ख) तत्कालीन  अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामनगर द्वारा किस निगम अंतर्गत कमेटी बनाकर अपात्रों को पात्र किया गया एवं पूर्व कमेटी द्वारा दिये गये निर्णय को अमान्य माना गया, क्या संचालनालय द्वारा प्रथम श्रेणी के अधिकारियों द्वारा गठित कमेटी के दिये गये निर्णय को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा पटवारी दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की कमेटी बनाकर संचालनालय द्वारा बनाई गई कमेटी के निर्णय के विरूद्ध कार्यवाही कर सकती है? (ग) तत्कालीन नगर परिषद् अध्यक्ष द्वारा उक्त प्रकरण के खिलाफ माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई एवं नगर परिषद् अध्यक्ष की गिरफ्तारी पर रोक लगाई गई थी उक्त प्रकरण में सक्षम अधिकारी द्वारा आज दिनांक तक माननीय उच्च न्यायालय में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया जिससे प्रकरण लम्बित है, उक्त प्रकरण पर शासन द्वारा जवाब कब तक दिया जायेगा, यदि नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) निर्वाचित पार्षद एवं आम जनता की शिकायत पर संचालनालय के आदेश दिनांक 14.08.2018 द्वारा समिति गठित की गई थी। समिति प्रतिवेदन के अनुसार 269 हितग्राही अपात्र पाये गये। इसके पश्‍चात जनता की पुन: शिकायत पर मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद् न्‍यूरामनगर के द्वारा पुन: जांच की गई जिसमें कुल 184 हितग्राही अपात्र पाये गये। पुन: जनप्रतिनिधियों से प्राप्‍त शिकायत के आधार पर संचालनालय के आदेश दिनांक 05.08.2019 द्वारा समिति गठित की गई थी। समिति प्रतिवेदन के अनुसार कुल 453 अपात्र हितग्राहियों में से जांच उपरांत केवल 106 हितग्राही अपात्र पाये गये है। इसके पश्‍चात श्री रामखिलावन पटेल, राज्‍यमंत्री के पत्र क्रमांक 467 दिनांक 25.08.2020 के आधार पर पुन: मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद् न्‍यूरामनगर को पुन: 106 अपात्र हितग्राहियों की जांच करने हेतु निर्देशित किया गया। सीएमओ के पत्र क्रमांक 2083 दिनांक 17.03.2021 द्वारा जांच उपरांत 106 हितग्राहियों को पात्र घोषित किया गया है। इसलिये कोई भी हितग्राही अपात्र न होने से राशि वसूली का प्रश्‍न उद्भूत होता है। (ख) जी नहीं। अनुविभागीय अधिकारी राजस्‍व रामनगर द्वारा समिति का गठन नहीं किया गया था। श्री रामखिलावन पटेल, राज्‍यमंत्री के पत्र क्रमांक 467 दिनांक 25.08.2020 के आधार पर पुन: मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषद् न्‍यूरामनगर को 106 अपात्र हितग्राहियों की जांच करने हेतु निर्देशित किया गया। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) जी हाँ। जी हाँ। प्रकरण में सक्षम अधिकारी द्वारा माननीय उच्‍च न्‍यायालय में दिनांक 04.01.2019 को जबाव प्रस्‍तुत किया गया है। प्रकरण मान. न्यायालय में प्रच‍लित है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

अनियमितता की निष्‍पक्ष जांच एवं कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

52. ( क्र. 1127 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद् रामनगर जिला मैहर द्वारा खरीदी में भारी भ्रष्टाचार व अनियमितता की जाँच भोपाल दिनांक 03-08-2018 पर आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं की गई तो क्यों? (ख) सामग्री खरीदी में जांच दल द्वारा रूपये 7,73,377/- की वसूली प्रस्तावित है जो वसूली आज दिनांक तक क्यों नहीं की गई? (ग) उक्त जाँच पर पाये गये दोषी तत्कालीन नगर परिषद् अध्यक्ष श्री रामसुशील पटेल, श्री ब्रम्हानंद शुक्ला प्रभारी सी.एम.ओ एवं           श्री सुरेन्द्र पटेल, प्रभारी लेखापाल (दैनिक वेतन भोगी) व रामावतार पटेल प्रभारी भंडार सहायक (दैनिक वेतन भोगी) से उक्त प्रकरण में वसूली की कार्यवाही कब तक की जावेगी यदि नहीं तो क्यों?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ग) नगर परिषद्, न्‍यू रामनगर, जिला-मैहर में सामग्री क्रय में की गई अनियमितताओं के संबंध में संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास मध्‍यप्रदेश, भोपाल द्वारा पारित आदेश दिनांक 03.04.2018 पर की गई कार्यवाही की  जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है।  श्री राम सुशील पटेल, तत्‍का. अध्‍यक्ष नगर परिषद् रामनगर जिला मैहर के विरूद्ध कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "सोलह"

गांवों में विद्युतीकरण के नियम

[ऊर्जा]

53. ( क्र. 1144 ) श्री मधु भाऊ भगत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि            (क) मध्यप्रदेश शासन द्वारा प्रदेश के हर गांव मजरा टोलों में विद्युत सप्लाई, विद्युतीकरण हेतु क्या नीति निर्धारण किया गया? इस हेतु वर्तमान में कोई नवीन नीति बनाई गई है? यदि हाँ तो उसकी प्रति उपलब्ध करायें? (ख) क्या नवीन नीति के तहत विधानसभा क्षेत्र परसवाड़ा के सभी ग्राम, मजरों/टोलों में विद्युत सप्लाई हो रही है? यदि हाँ तो वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक नवीन पोल, वितरण ट्रांसफार्मर तथा विद्युतीकरण कार्य कितनी-कितनी राशि से किये गए? निविदाकारों को किए गए भुगतान तथा निविदा कार्य किये जाने सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या कुछ टोले, मजरे तथा ग्रामों में विद्युतीकरण कार्य होना शेष है? वंचित स्थानों की सूची उपलब्ध करावें तथा यह बतावें कि कब तक विद्युतीकरण सहित पोल, ट्रांसफार्मर की व्यवस्था की जावेगी? (घ) टोले, मजरे, ग्रामों में विद्युतीकरण कार्य न होने हेतु कौन अधिकारी जिम्मेदार है? इस हेतु शासन प्रशासन उनके विरूद्ध क्या कार्यवाही करेगा और कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विद्युतीकरण हेतु निर्धारित नीति अनुसार सर्वप्रथम प्रदेश के सभी आबाद ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य एवं तदुपरांत आबाद ग्रामों के चिन्हित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार क्रमश: केन्‍द्र शासन की विभिन्‍न विद्युतीकरण की योजनाओं यथा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में किया गया। तदुपरांत सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत शत-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य किया गया किन्‍तु इस योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार खेतों में दूर-दूर अवस्थित घरों को तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता नहीं होने के कारण योजना में सम्मिलित नहीं किया गया। सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के शत-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य दिनांक 22/10/2018 को पूर्ण कर लिया गया था। वर्तमान में भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से असुरक्षित जनजा‍तीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्‍याय महा अभियान (पी.एम.-जनमन) की शुरूआत की गई है। अभियान का उद्देश्‍य विशेष रूप से असुरक्षित जनजा‍तीय समूहों (पी.वी.टी.जी.) को उनके मूलभूत अधिकारों और उनकी बस्तियों को पूरी तरह से बुनियादी सुविधाएँ उपलब्‍ध कराना है। उक्‍त अभियान के अंतर्गत अन्‍य महत्‍वपूर्ण गतिविधियों के साथ पी.वी.टी.जी. समूहों की बस्तियों/घरों का विद्युतीकरण भी सम्मिलित है। प्रदेश की 3 जनजा‍ति‍यां यथा-भारिया, बैगा एवं सहरिया को पी.वी.टी.जी. समूह में शामिल किया गया है। पी.एम.-जनमन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजा‍तीय समूह के अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण हेतु नोडल एजेंसी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पी.एफ.सी.), भारत सरकार के माध्‍यम से दिनांक 12.01.2024 को स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है, जिसकी छायाप्रति मय दिशा-निर्देश के  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है।                  (ख) परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत पी.एम.-जनमन योजना में चिन्हित 28 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य किया जाना है एवं उक्‍त कार्य को माह सितंबर-2024 तक पूर्ण किया जाना है। उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार पी.एम.-जनमन योजना अंतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति नोडल एजेंसी पी.एफ.सी. से दिनांक 12.01.2024 को प्राप्‍त हुई है, अत: वर्तमान में प्रश्‍नाधीन शेष जानकारी दिया जाना अपेक्षित नहीं है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार उक्‍त योजनान्‍तर्गत विधानसभा क्षेत्र परसवाड़ा के 28 मजरों/टोलों का विद्युतीकरण किया जाना प्रस्‍तावित है, जिनकी सूची  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। उक्‍त मजरों/टोलों के विद्युतीकरण कार्य को माह सितम्‍बर-2024 तक पूर्ण किया जाना है। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित समस्‍त मजरों/टोलों को विभिन्‍न ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत पूर्व में ही विद्युतीकृत किया जा चुका है। नए घरों/मजरों/टोलों का निर्माण एक सतत् प्रक्रिया है। उक्‍त विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत कार्य पूर्ण होने के उपरांत उक्‍त सभी योजनाएं क्‍लोज हो चुकी है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में उपरोक्‍तानुसार किये गये विद्युतीकरण कार्यों एवं उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखानुसार किये जा रहे विद्युतीकरण कार्य के परिप्रेक्ष्‍य में किसी के उत्‍तरदायी होने अथवा किसी के विरूद्ध कार्यवाही करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

मनावर में रिंग रोड (बाइपास) की स्वीकृति

[लोक निर्माण]

54. ( क्र. 1163 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मनावर बाईपास रिंग रोड पुनः प्रस्तावित लंबाई 12.40 कि.मी. आगामी बजट            2024-25 में शामिल कर प्रशासकीय स्वीकृति दिया जाएगा? (ख) प्रशासकीय स्वीकृति के लिए अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त की अध्यक्षता वाली सक्षम वित्तीय समिति की 101वीं बैठक दिनांक 29/05/2023 में स्वीकृति हेतु क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) क्या धार सबसे व्यस्ततम शहरों में से एक मनावर तहसील से चार स्टेट हाईवे गुजरते हैं, अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट समेत अनेक औद्योगिक गतिविधियां बढ़ी हैं, जनसंख्या भी काफी बढ़ी है, मनावर में रिंग रोड नहीं होने से अक्सर प्राणघातक दुर्घटनाएं होती रहती हैं, कई लोगों की मृत्यु भी हो चुकी है, मनावर शहर के मध्य से भारी वाहन, ट्राले गुजरने से यातायात जाम हो जाता है, शहर रेंगता नजर आता है? (घ) प्रश्‍नकर्ता ने 09/01/2024 को माननीय मुख्यमंत्री, मुख्यसचिव को रिंगरोड के बारे में क्या पत्र ईमेल किया, पूर्व में क्या पत्र और ईमेल किया, उसपर क्या कार्यवाही की गई? यदि कार्यवाही नहीं की गई तो क्यों।            (ङ) प्रश्‍नांश (ग) (घ) के आलोक में मनावर में लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए मनावर में रिंग रोड (बाइपास) की सख्त आवश्यकता है? (च) प्रश्‍नांश (क) (ग) (घ) (ङ) के आलोक में मनावर में कब तक रिंग रोड (बाइपास) स्वीकृत किया जाएगा? समय-सीमा सहित बताएं।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) समिति के द्वारा बजट में प्रावधानित राशि रू.600.00 लाख के विरूद्ध प्रस्तावित कार्य की प्राक्कलनित राशि रू. 6715.42 लाख होने से अंतर राशि अत्याधिक होने के कारण अस्वीकृत किया गया। (ग) चार नहीं अपितु तीन राजमार्ग गुजरते है। जी हाँ। (घ) जी हाँ। प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग/मुख्‍य अभियंता, म.प्र. सड़क विकास निगम भोपाल एवं मुख्‍य अभियंता, इंदौर परिक्षेत्र लोक निर्माण विभाग को परीक्षण कर प्रतिवेदन/प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत करने हेतु लिखा गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) जी हाँ। (च) प्रश्‍नांश '' के उत्तर के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

मनावर नगरपालिका में अतिक्रमण एवं अवैध कॉलोनी

[नगरीय विकास एवं आवास]

55. ( क्र. 1164 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मनावर नगर में गांधी चौराहा से होकर जाने वाले धार रोड, सिंघाना रोड, इंदौर रोड पर किस-किस जगह अतिक्रमण चिन्हित की गई है, उसका ब्यौरा देवें। अतिक्रमण क्यों नहीं हटाया गया, कबतक हटाया जाएगा। यदि अतिक्रमण चिन्हित नहीं की गई है तो क्यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) के रोड पर अतिक्रमण के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, कुछ लोगों की दुर्घटना में मृत्यु भी हुई है, शासन और नगरपालिका द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही क्यों नहीं की गई?              (ग) प्रश्‍नांश (क) के रोड को चौड़ीकरण के लिए एवं ट्रैफिक व्यवस्था सुधार के लिए मनावर नगरपालिका द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) अतिक्रमण का उल्लंघन करने वालों पर अब तक क्या-क्या कानूनी कार्यवाही की गई। कितना जुर्माना वसूला गया। सूची सहित बताएं।              (ङ) सड़क के किनारे कितने हिस्से में किस-किस को किस काम के लिए कितना जगह इस्तेमाल करने के लिए दिया गया है, उसके क्या-क्या नियम हैं? (च) जुर्माने के तौर पर विगत पांच वर्षों में मनावर नगरपालिका ने किस-किस से कितनी राशि वसूली है। पृथक-पृथक ब्यौरा देवें। (छ) शासन के आदेश के बावजूद भी प्रश्‍न दिनांक तक भी अवैध कालोनी बनाने वालों पर कार्यवाही क्यों नहीं हुई, एफ.आई.आर. क्यों नहीं हुई? अवैध लीजधारियों पर भी कार्यवाही क्यों नहीं की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका परिषद् मनावर द्वारा अतिक्रमण चिन्हित नहीं किया गया है। जिससे ब्‍यौरा निरंक है, बल्कि गांधी चौराहे से होकर जाने वाले धार रोड में गैस एजेंसी तक, गांधी चौराहे से सिंघाना रोड में बालीपुर फाटा तक एवं गांधी चौराहे से इंदौर रोड में सनन चौपाटी तक अतिक्रमण हटाने की मुनादी करायी गई जिससे अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा स्‍वयं अतिक्रमण हटा लिया गया है, अतिक्रमण हटाया गया है, अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) प्रश्‍नांश सड़कों पर अतिक्रमण के कारण दुर्घटना नहीं हुई है। पुलिस थाना पत्र क्र. 172 दिनांक 29.01.2024 के द्वारा गांधी चौराहे पर वर्ष 2020 में एक दुर्घटना होने से एक मृत्‍यु हुई है। नगर पालिका परिषद् मनावर द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की गई है। (ग) प्रश्‍नांश सड़क  MPRDC  के स्‍वामित्‍व की है जिससे चौड़ीकरण नगर पालिका द्वारा नहीं किया गया है, ट्रैफिक व्‍यवस्था सुधार के तहत सड़क के किनारे अतिक्रमणों को हटवाया गया है। (घ) नगर पालिका परिषद् मनावर द्वारा अतिक्रमणकर्ताओं को अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की सूचना जारी की गई, जिसके परिपालन में अतिक्रमणकर्ताओं द्वारा स्‍वयं अतिक्रमण हटा लिया गया है, जिससे जुर्माना वसूली की कार्यवाही नहीं की गई है। शेषांश की जानकारी निरंक है। (ड.) नगर पालिका परिषद् मनावर द्वारा सड़क किनारे के जगह इस्‍तेमाल करने को नहीं दिया है। सड़क किनारे जगह इस्‍तेमाल हेतु दिये जाने का कोई नियम नहीं है। (च) नगर पालिका परिषद् मनावर द्वारा विगत       5 वर्ष में अतिक्रमणकर्ताओं से जुर्माना राशि की वसूली की गई है। उत्‍तरांश (के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी निरंक है। (छ) अवैध कालोनी बनाने वालो पर नगर पालिका परिषद् मनावर द्वारा पत्र क्रमांक 1949 दिनांक 06/07/2023 से पुलिस थाना मनावर में कालोनाईजर के विरूद्ध प्रथामिकी दर्ज करने हेतु पत्र लिखा गया है। नगर पालिका परिषद् मनावर में 130 व्‍यक्तियों को भू‍मि 30 वर्ष के लीज पर दी गई थी। लीज अवधि समाप्‍त होने पर लीजधारियों द्वारा लीज नवीनीकरण नहीं कराया गया है, बल्कि जमीन का हस्‍तातंरण करा लिया गया है, जिसके संबंध में लीजधरियों के विरूद्ध भी थाना मनावर में नगर पालिका परिषद् मनावर द्वारा प्राथमिक दर्ज कराई गई है।

परियोजना लागत की वसूली उपरांत टोल नाके बंद किया जाना

[लोक निर्माण]

56. ( क्र. 1172 ) श्री महेश परमार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परियोजना लागत की वसूली के लिए वर्तमान में कुल कितनी टोल कंपनियां म.प्र. में           कौन-कौन सी परियोजनाओं में कहाँ-कहाँ क्रियाशील है? परियोजना का नाम एवं लागत, वसूली लागत की निर्धारीत लक्ष्य एवं टोल वसूली से प्राप्त राशि, टोल कंपनियों के नाम, स्थान सहित पूर्ण विवरण देवें। (ख) क्या यह सही है कि, नवीन वाहन खरीदी के समय आजीवन रोड टैक्‍स वसूला जा रहा है? क्या परियोजना की लागत निकालने के लिए गुजरने वाले वाहनों से टोल टैक्स वसूला जा रहा है? यदि इन दोनों प्रश्‍नों में जवाब हाँ है तो, दोहरा टैक्स वसूली से आम नागरिकों पर आर्थिक भार पड़ रहा है? दोनों टैक्स में से कोई एक टैक्स सरकार बंद करेगी और कब तक नागरिकों को दोहरे टैक्स से सरकार मुक्ति देगी? (ग) क्या उपरोक्त अनुसार दोहरा कर देने के बाद भी वाहन मालिक यदि उस वाहन का विक्रय करता है तो भी हर बार 1 प्रतिशत विक्रय कर सरकार वसूल करती है? यदि हाँ, तो इस पर आम नागरिकों के साथ हो रही सरकारी लूट को लेकर सरकार क्या कार्यवाही करेगी और कब तक करेगी? (घ) म.प्र. में कितनी परियोजनाओं की लागत वसूली पूर्ण हो चुकी है? क्या वसूली पूर्ण करने वाले टोल टैक्स बंद कर दिये गये है? यदि हाँ, तो प्रमाण प्रस्तुत करें। यदि नहीं तो टोल कंपनियों को फायदा पहुंचाने वाली इस नीति को कब तक समाप्त किया जावेगा?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग अंतर्गत राष्‍ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट -1 एवं 2 अनुसार। (ख) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1991 की प्रथम अनुसूची के अनुसार वाहन स्‍वामी के द्वारा पंजीकृत वाहन के विक्रय पर अन्‍तरण किये जाने पर परिवहन विभाग द्वारा अन्‍तरण कर देय होता है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-3 अनुसार। अन्‍य विभागों का नीति संबंधी विषय होने से विभाग के कार्यक्षेत्र के बाहर है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी हाँ। प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ एवं परिशिष्‍ट-1, 2 अनुसार। जी नहीं। किसी भी परियोजना की कुल लागत वसूली पूर्ण नहीं हुई है। परियोजना लागत वसूली पूर्ण न होने के कारण कोई टोल टैक्‍स बंद नहीं किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सड़क निर्माण कार्य का भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

57. ( क्र. 1175 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद् बंडा के वार्ड क्र.12 में नवीन तहसील भवन के सामने वाली सड़क का निर्माण सीएमइन्फ्रा-2 अंतर्गत आमंत्रित निविदाकार्य का भाग है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित सड़क को वार्ड क्र.11 में बताकर इस सड़क की दुहरी निविदा आमंत्रित की गई है? (ग) क्या दूसरे निविदा आमंत्रण के पूर्व सीएमइन्फ्रा-2 की फाइल पर पुनर्निविदा आमंत्रण का कोई उल्लेख किया गया है? अगर हाँ तो प्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या दोबारा निविदा आमंत्रण के पूर्व सीएमइन्फ्रा-2 के निविदाकार को इस संबंध में कोई सूचना या नोटिस दिया गया? (ड.) क्या 3 साल पूर्व वार्ड क्र-12 में निर्मित इस सी.सी.रोड निर्माण के मापदर्ज हैं? अगर हाँ तो माप पुस्तिका की प्रति उपलब्ध करावें। (च) अगर उक्त सड़क निर्माण कार्य के माप दर्ज नहीं हैं तो माप क्यों दर्ज नहीं हैं इसका कारण बतायें(छ) क्या इस सड़क निर्माण कार्य का किसी ठेकेदार को भुगतान किया गया? (ज) अगर इस सड़क का भुगतान नहीं किया गया तो इसका कारण क्या है? (झ) अगर भुगतान तैयार है तो किसके नाम पर तैयार किया गया है? (ण) उक्त सड़क पुनर्निविदा की डी.पी.आर., प्राक्कलन से लेकर निविदा आमंत्रण तथा सड़क निर्माण तक किन-किन की भूमिका है? (त) उक्त कार्य की इस कार्यशैली द्वारा पुनर्निविदा आमंत्रण करने के प्रश्‍न पर विभाग का प्रतिवदेन क्या है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (त) संचालनालय के आदेश क्रमांक/यां.प्र./07-3/2024/1126 दिनांक 06.02.2024 से 03 सदस्‍यीय जांच समिति का गठन किया गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुणदोष के आधार पर कार्यवाही की जाएगी।

मेसर्स हिंदुस्तान डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन कोलकाता से क्रय बोगियों की जानकारी

[ऊर्जा]

58. ( क्र. 1178 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि             (क) ऊर्जा मंत्री बतावें प्रश्‍न क्रमांक 4256 दिनांक 8 मार्च 2011 के तारतम्य में संजयगांधी ताप विद्युत गृह केंद्र में मेसर्स हिंदुस्तान डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन कोलकाता से कुल 63 नग बोगी बी.ओ.बी.आर.एन वेगन क्रय जिसकी कीमत रुपए 9,88,96,600 (नौ करोड़ अट्ठायासी लाख छियानवे हजार छःसौ) थी। इन वैगनों को विद्युत मंडल द्वारा मिस्टर राइट की सलाह पर ओन योर की सलाह पर ओन योर स्कीम के तहत रेलवे को लीज पर दिया गया था की जानकारी दी गई थी।                  (ख) कृपया स्पष्ट करें कि जब से वैगन रेलवे को लीज पर दी तब से प्रश्‍न दिनांक तक वर्षवार कितनी राशि विद्युत मंडल/पावर जनरेटिंग कंपनी को रेलवे से प्राप्त हुई या कितनी राशि रेलवे द्वारा मंडल के भाड़े के रूप में एडजस्ट राशि की छायाप्रति रेलवे के साथ एग्रीमेंट की छायाप्रति बतावें। कृपया यह भी बतावें कि वर्तमान रेलवे किस जोन किन-किन स्थानों पर है क्या भाड़ा क्रय मिल रहा है तो बेचने से कंपनी को फायदा होगा तब कंपनी इन रेलवे बोगियों/वैगन को बेच क्यों नहीं रही?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, तत्‍कालीन मध्‍यप्रदेश विद्युत मण्‍डल द्वारा संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर की इकाई क्रमांक 1 एवं 2 (2x210 मे.वा.) के लिये कोयले के परिवहन हेतु 63 नंबर बी.ओ.बी.आर.एन वैगन एवं अन्‍य संबंधित उपकरणों का क्रय मेसर्स हिंदुस्‍तान डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड, कोलकाता (एच.डी.सी.एल., कोलकाता) वर्तमान में मेसर्स हिंदुस्‍तान इंजीनियरिंग एंड इन्‍डस्‍ट्रीज लिमिटेड, कोलकाता (एच.ई.आई.एल.,कोलकाता) को दिए गए क्रयादेश द्वारा किया गया था, जिसकी कुल कीमत रूपये 9,88,96,600 (नौ करोड़ अट्ठायासी लाख छियानवे हजार छ:सौ) थी। उक्‍त वैगनों को मिस्‍टर राइट नहीं अपितु मेसर्स राईटस (रेल इंडिया टेक्‍निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस-केन्‍द्रीय सार्वजनिक क्षेत्र का एक उपक्रम) जो कि संजय गांधी ताप विद्युत गृह परियोजना, बिरसिंहपुर में रेल परिवहन प्रणाली की स्‍थापना हेतु परियोजना सलाहकार थे, से विचार-विमर्श उपरांत, भारतीय रेलवे द्वारा तत्‍समय चलाई जा रही ओन योर वैगन स्‍कीम-श्रेणी (ब) (OYWS Category-B) में उपयुक्‍त पाए जाने पर क्रय कर उक्‍त वैगनों को रेलवे को लीज पर दिया गया था। (ख) योजनांतर्गत, रेलवे के साथ किए गए अनुबंध की शर्तों के अनुसार, लीज चार्ज 20 वर्ष (दिनांक 05.08.1999 से 04.08.2019) के लिए देय था। रेलवे से उक्‍त वैगनों की लीज के विरूद्ध लीज अवधि में कुल रू. 16.44 करोड़ प्राप्‍त हुए हैं। प्राप्‍त राशि का वर्षवार विवरण एवं रेलवे के साथ किए गए अनुबंध की छायाप्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'एवं 'अनुसार  है। लीज की राशि को रेलवे द्वारा मंडल/कंपनी के भाड़े के रूप में समायोजित नहीं किया गया है। ओन योर वैगन स्‍कीम के तहत लीज पर दिए गए वैगन रेलवे के जनरल पूल में शामिल हो जाते हैं। अत: वर्तमान में उक्‍त वैगनों के रेलवे के किस जोन के किन-किन स्‍थानों पर होने संबंधी जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। दिनांक 04.08.2019 को अनुबंध समाप्‍त होने के कारण म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा रेलवे को उक्‍त वैगनों को क्रय किए जाने संबंधी लेख के परिप्रेक्ष्‍य में रेलवे द्वारा दिनांक 05.08.2019 से पुन: 10 वर्ष का लीज अनुबंध किए जाने हेतु सहमति प्रदान की गई है, जिस हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्‍त अनुबंध में यह भी अंकित किया जावेगा कि लीज अनुबंध समाप्ति के उपरांत भी उक्‍त समस्‍त 63 नंबर वैगनों पर मध्‍यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड का मालिकाना हक बना रहेगा।

मध्यप्रदेश नगर पालिका प्रेसिडेंट इन काउंसिल की शक्तियां

[नगरीय विकास एवं आवास]

59. ( क्र. 1180 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश नगर पालिका प्रेसिडेंट इन काउंसिल की शक्तियां तथा उसके कामकाज के संचालन की शक्तियां नियम 1997 की प्रति देवें एवं प्रश्‍न दिनांक तक जितने भी संशोधन हुए हैं उन संसाधनों के प्रति उपलब्ध करावें। (ख) पीआईसी का सम्मेलन आहूत किए जाने हेतु अध्यक्ष नगर परिषद् धामनोद के द्वारा प्रेषित पत्र क्रमांक 54 दिनांक 15/12/2023, पत्र क्रमांक 56 दिनांक 20/12/2023, पत्र क्रमांक 64 दिनांक 21/12/2023 की प्रति उपलब्ध करावें एवं पत्र पर की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन देवें। (ग) अध्यक्ष नगर परिषद् धामनोद के पत्र क्रमांक 66 दिनांक 28/12/2023 में श्री सुभाष डिंडोर और श्री सुनील शर्मा को निलंबित करने बाबत पत्र पर सीएमओ के द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? जिला कलेक्टर धार के अभिमत से अवगत करावे।           (घ) नगर परिषद् अध्यक्ष धामनोद का पत्र क्रमांक 73 दिनांक 05/01/2024 पर सीएमओ के द्वारा क्या कार्यवाही की गई है, प्रतिवेदन देवें? क्या सीएमओ कर्मचारियों को अवैध संरक्षण देकर पीआईसी की कार्यवाही में सम्मिलित नहीं हो रही है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) म. प्र. नगर पालिका (प्रेसिडेन्ट इन काउंसिल की शक्तियाँ तथा उसके कामकाज के संचालन हेतु प्रक्रिया) नियम 1997 की उद्धरण जानकारी  पुस्‍तकालय  में  रखे  परिशिष्ट  "अ" अनुसार है। (ख) प्रश्‍न में उल्लेखित पत्रों की प्रतियां अध्यक्ष नगर परिषद् धामनोद द्वारा मुख्य नगर पालिका अधिकारी को लिखे गये पत्रों पर की गई कार्यवाही की  जानकारी  पुस्‍तकालय में   रखे  परिशिष्ट  "ब" अनुसार है। (ग) अध्यक्ष द्वारा अपने पत्र में पीआईसी प्रस्ताव क्र. 02 दिनांक 27.12.2023 का उल्लेख कर निकाय के दो कर्मचारियों को निलंबित करने का लेख किया। प्राप्त पत्र अनुसार अध्यक्ष द्वारा अपने पत्र में पीआईसी प्रस्ताव             क्र. 02 दिनांक 27.12.2023 का उल्लेख कर निकाय के दो कर्मचारियों श्री सुनील शर्मा (नियमित चतुर्थ श्रेणी) लेखा शाखा प्रभारी श्री सुभाष डिन्डोर (स्थायी सहायक ग्रेड-3) का निलंबित करने का लेख किया किन्तु उक्त प्रस्ताव की प्रति उपलब्ध नहीं कराने से कोई कार्यवाही नहीं की गई। उल्लेखित है कि पीआईसी बैठक का एजेण्डा दिनांक 27.12.2023 से संबंधित कर्मचारियों का निलंबित करने संबंधित कोई प्रस्ताव सम्मिलित नहीं है। कलेक्टर जिला धार से इस प्रकरण के संबंध में कोई भी अभिमत प्राप्त नहीं हुआ है। (घ) अध्यक्ष द्वारा अपने पत्र क्रमांक 73/24 दिनांक 05.01.2024 में पीआईसी की बैठक दिनांक 27.12.2023 में पारित प्रस्ताव पंजी पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी के हस्ताक्षर की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि नगर परिषद् की कार्यवाही के कार्यवृत्त मध्यप्रदेश नगरपालिका (प्रेसिडेन्ट-इन-काउंसिल की शक्तियों तथा उसके कामकाज के संचालन हेतु प्रक्रिया) नियम, 1997 के नियम 7 (4) सहपठित नियम 2 (4) के प्रावधानुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी धामनोद जिला धार द्वारा पत्र क्रमांक 3502 दिनांक            26-12-2023 से श्री सुनील वर्मा, सहायक ग्रेड-02 को बैठक हेतु अधिकृत किया गया था, पत्र की  जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍टस अनुसार है  एवं बैठक हेतु अधिकृत अधिकारी द्वारा रजिस्टर पर हस्ताक्षर किये है जानकारी  पुस्‍तकालय में  रखे  परिशिष्‍ट –द अनुसार  है। सीएमओं द्वारा कर्मचारियों को किसी भी प्रकार का अवैध संरक्षण नहीं दिया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

निर्माणाधीन सड़कों की जानकारी

[लोक निर्माण]

60. ( क्र. 1186 ) श्री सतीश मालवीय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र में अप्रैल 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी नवीन सड़कें स्वीकृत हुई? किस-किस सड़क के मरम्मत कार्य स्वीकृत हुये? कितने कार्य समय-सीमा में पूर्ण हुये एवं कितने कार्य अपूर्ण है? कितनी सड़कों पर कितनी राशि का भुगतान किया गया है एवं कितने कार्य समय-सीमा में प्रारंभ नहीं हो पाये है? (ख) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र को जोड़ने वाली निर्माणाधीन नवीन सड़कें एवं 6 माह पूर्व पूर्ण हो चुकी सड़कें एवं मरम्मत कार्य किये जाने वाली सभी सड़कों की जानकारी उपलब्ध करावें? (ग) प्रश्‍नांश ()  के संदर्भ में सड़कों की गुणवत्ता के संबंध में विभाग द्वारा कब-कब निरीक्षण किया गया एवं निर्माण कार्य में उपयोग की गई सामग्री के क्या परीक्षण किय गये? परीक्षण उपरांत उपयोग में लाई गई कौन-कौन सी सामग्री गुणवत्ताहीन पाई गई उस पर विभागीय अधिकारियों द्वारा क्या-क्या कार्यवाही की गई? (घ) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र के नवीन सड़कों के एवं मरम्मत किये जाने वाली सड़कों के प्रस्ताव किस-किस स्तर पर वर्तमान में लंबित है?
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) घट्टिया विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत  अप्रैल 2022 से  प्रश्‍न  दिनांक तक 01 नवीन सड़क स्वीकृत है एवं 03 सड़क मजबूतीकरण में स्वीकृत है तथा वार्षिक  मरम्मत अंतर्गत कार्य स्वीकृत है। शेष जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार  है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार  है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-1' एवं 'अनुसार  है।  उपयोग में लाई गई सामग्री का परीक्षण किया गयाकोई भी सामग्री गुणवत्ताहीन नहीं पाई गई।  अत: विभागीय अधिकारियों पर कार्यवाही का प्रश्‍न  उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स  अनुसार  है।

ग्वालियर स्वर्ण रेखा नदी का विकास

[नगरीय विकास एवं आवास]

61. ( क्र. 1191 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या फूलबाग गुरूद्वारा ग्वालियर स्थित नाले को स्वर्ण रेखा नदी के रूप में विकसित करने का प्लान किस वर्ष में बनाया गया? (ख) इस योजना में कब-कब कितना-कितना आवंटन किस-किस वर्ष में दिया गया और इस राशि से क्या-क्या कार्य कराये गये। क्या इस योजना का कार्य समय-सीमा में पुरा हुआ। (ग) वर्तमान में उक्त सम्‍पूर्ण नाला चौड़ा हो जाने से पहले की स्थिति से भी ज्यादा गन्दा हो गया है, इसमें सीवर एवं नाले के आस-पास की फैक्ट्रि‍यों का केमिकल युक्त पानी बह रहा है, जिससे नाले के आस-पास रहने वाले परिवारों में गम्भीर बीमारियाँ हो रही है। (घ) इस प्रकार नाले को नदी में परिवर्तन करने में जो करोड़ों की शा. राशि व्यय हुई है? उसके लिये कौन-कौन जिम्मेदार है? क्या कार्यवाही की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्वर्ण रेखा बाढ़ नियंत्रण योजना अंतर्गत प्रथम चरण वर्ष 1984 एवं द्वितीय चरण वर्ष 2001 में स्वीकृत हुई। (ख) विवरण संलग्‍न  परिशिष्ट  अनुसार है। समय-सीमा में पूर्ण किया गया। (ग) जी नहीं। वर्तमान में स्वर्ण रेखा मेनट्रंक सीवर के द्वारा सीवेज पंपिंग स्टेशन से होकर एस.टी.पी. में जाता है। समय-समय पर सफाई कराई जाती है। आसपास की फैक्ट्रियों का कैमिकल युक्त पानी स्वर्ण रेखा में मिलने से रोकने के लिये फैक्ट्रियों को चिहिन्त कर नगर पालिक निगम एक्ट अनुसार कार्यवाही की जा रही है। जी नहीं।  (घ) स्वर्ण रेखा नदी परियोजना अंतर्गत कराये गये कार्यों के पश्‍चात आज दिनांक तक नदी में बाढ़ की स्थिति नहीं आयी है एवं कराये गये निर्माण कार्य सुरक्षित होने से कोई भी अधिकारी को दोषी नहीं है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "सत्रह"

सरदारपुर विधानसभा में 24 घण्टे विद्युत वितरण व्यवस्था

[ऊर्जा]

62. ( क्र. 1192 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या धार जिले की सरदारपुर विधानसभा में 112 मजरे, टोले, फलिये 24 घण्टे विद्युत वितरण व्यवस्था से वंचित है। यदि हाँ, तो इन्हे कब तक 24 घण्टे विद्युत वितरण व्यवस्था प्रदान की जाएगी,        समय-सीमा बतावें। (ख) प्रश्‍नकर्ता के पत्र क्रमांक 140/2023 दिनांक 07/04/2023 को कार्यपालन यंत्री म.प्र. प.क्षै.वि.वि. कंपनी राजगढ़ जिला धार को विधानसभा क्षेत्र सरदारपुर के विभि‍न्न पंचायतों मजरे, टोले, फलिये में 24 घण्टे विद्युत प्रदाय के संबंध में पत्र लिखा था, पत्र पर क्या कार्यवाही की गई, कार्यवाही के कार्यालयीन अभिलेख की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विभिन्‍न ग्रामों में विद्युत ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने के लिए कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए, प्रस्ताव की छायाप्रति एवं उस पर की गई कार्यवाही की जानकारी देवें। (घ) प्रश्‍नकर्ता के प्रश्‍न क्रमांक 1320 के खण्ड (ग) में क्या किसी योजना में तकनीकी एवं वित्तीय साध्यता अनुसार 24 घण्टे विद्युत प्रदाय की क्या कार्यवाही की गई जानकारी देवें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) धार जिले के सरदारपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित मजरों/टोलों में घरेलू विद्युत उपभोक्‍ताओं को अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर प्रतिदिन 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में राजस्‍व ग्रामों/आबादी क्षेत्रों से दूर अथवा खेतों में दूर-दूर छोटे-छोटे समूह में बसे 112 मजरों/टोलों में निवासरत परिवारों को समीपस्‍थ उपलब्‍ध विद्युत अद्योसंरचना यथा कृषि श्रेणी के 11 के.व्‍ही. फीडरों से संबद्ध कर अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर प्रतिदिन 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त मजरों/टोलों को 24 घंटे वाले फीडरों से जोड़ने के लिए वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप विद्युत अधोसंरचना निर्माण का कार्य किया जा सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जी हाँ। प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित पत्र के परिपालन में कार्यपालन यंत्री, म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, राजगढ़ द्वारा कार्यवाही करते हुए धार जिले के सरदारपुर विकासखण्‍ड के अंतर्गत मजरों/टोलों में 24 घंटे विद्युत प्रदाय करने हेतु भौतिक सत्यापन (सर्वे कार्य) करवाया गया था। सर्वे उपरांत आवश्यक अद्योसंरचना की गणना किया जाना प्रक्रियाधीन है। अत: कार्यवाही के प्रक्रियाधीन होने के कारण कार्यालयीन अभिलेख की प्रति वर्तमान में दिया जाना संभव नहीं है। (ग) धार जिले के राजगढ़ संचालन-संधारण संभाग क्षेत्रांतर्गत ग्रामों में 13 स्‍थानों पर वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि हेतु 05 पत्र माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा कार्यपालन यंत्री (संचालन/संधारण), म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, राजगढ़ कार्यालय को प्रेषित किए गए थे, जिनकी छायाप्रति पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। उक्‍त पत्रों पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार  है। (घ) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्रश्‍न क्रमांक 1320 के खंड (ग) के संबंध में सर्वे कार्य किया गया है एवं सर्वे उपरांत आवश्यक अधोसंरचना की गणना किया जाना प्रक्रियाधीन है। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के प्रश्‍न क्रमांक 1262 एवं 1320 के उत्तर में उल्लेखित 39 मजरे/टोले, उक्‍त 112 मजरों/टोलों में समाहित है। उक्‍त मजरों/टोलों को 24 घंटे वाले फीडरों से जोड़ने के लिए वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप कार्य किया जा सकेगा।

सड़क निर्माण कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

63. ( क्र. 1194 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद् खरगापुर द्वारा आर.एस. कंस्‍ट्रक्‍शन को मुख्य सड़क मार्ग बल्देवगढ़-पलेरा से रेल्वे स्टेशन खरगापुर तक सड़क निर्माण किये जाने का टेंडर स्वीकृत हुआ था? टेंडर का अनुबंध करने के उपरांत उस सड़क निर्माण का कार्य आज दिनांक नहीं किया गया, क्या कारण है? (ख) क्या उक्त टेंडर प्राप्त करने वाली आर.एस. कंस्‍ट्रक्‍शन को नगर परिषद् खरगापुर एवं बल्देवगढ़ में टेंडर स्वीकृत हुये हैं तथा आर.एस. कंस्‍ट्रक्‍शन की रजिस्ट्रेशन की प्रति तथा इसकी बिड की प्रति तथा आर.एस. कंस्‍ट्रक्‍शन द्वारा नगर परिषद् खरगापुर एवं बल्देवगढ़ में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितने निर्माण कार्य किये हैं? वह कार्य धरातल पर है या नहीं? उन कार्यों के निर्माण की गुणवत्ता कैसी थी? किसी सक्षम अधिकारी द्वारा गुणवत्ता की कभी जाँच की या नहीं? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? (ग) क्या आर.एस. कंस्‍ट्रक्‍शन द्वारा रेल्वे स्टेशन खरगापुर का रोड निर्माण अनुबंध करने के बाद यदि नहीं कराया गया तो उक्त निर्माणकर्ता एजेंसी को कितनी बार नोटिस दिया गया एवं रेल्वे स्टेशन जाने वाली प्रमुख सड़क नहीं बनने के कारण यात्रियों तथा जनमानस को आवागमन में भारी असुविधा हो रही है? क्या आर.एस. कंस्‍ट्रक्‍शन को ब्लैक लिस्ट की सूची में शामिल करते हुये दोषी उपयंत्री जिसके द्वारा नोटिस जारी नहीं किये, ब्लैक लिस्ट कार्यवाही नहीं की, उच्च अधिकारियों को पत्र नहीं लिखे, क्या उपयंत्री के विरुद्ध भी कार्यवाही करेंगे? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? कारण स्पष्ट करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। प्रस्‍तावित सी.सी. सड़क में भूमि का विवाद होने के कारण विलंब हुआ है। (ख) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) अनुबंध के बाद सड़क का सब-बेस का कार्य पूर्ण किया गया है, जिसमें ठेकेदार द्वारा कार्य विलंब से करने के कारण निकाय द्वारा 02 नोटिस जारी किये गये है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

भू-संपदा (विनिमय और विकास) अधिनियम 2016 के अंतर्गत वसूली

[नगरीय विकास एवं आवास]

64. ( क्र. 1207 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम 2016 की धारा 11 में त्रैमासिक जानकारी किस-किस विषय की ऑनलाइन अपलोड करने का क्या प्रावधान है? जानकारी समय पर अपलोड नहीं किए जाने पर किस दर से कितना-कितना अर्थदण्ड या विलम्ब शुल्क बिना किसी सुनवाई के किए जाने का कानून एवं नियम की किस धारा में क्या प्रावधान है। (ख) त्रैमासिक जानकारी अपलोड नहीं किए जाने पर किस-किस के विरुद्ध लगाए गए कितने अर्थदण्ड या विलम्ब शुल्क की प्रश्‍नांकित दिनांक तक कितनी वसूली लम्बित है? इसमें से कितना अर्थदण्ड किस दिनांक को ऑनलाइन पोर्टल पर किया गया? (ग) धारा 11 का उल्लंघन किया जाकर त्रैमासिक जानकारी समय पर अपलोड नहीं किए जाने पर लगाए गए अर्थदण्ड या विलम्ब शुल्क की राशि निरस्त करने के संबंध में शासन क्या कार्यवाही कर रहा है? कब तक प्रमोटरों को राहत देगा? समय-सीमा सहित बतावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) त्रैमासिक जानकारी अपलोड करने के संबंध में भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा-11 में प्रावधान है, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 34 (e) सहपठित मध्यप्रदेश भू-संपदा (विनियमन और विकास) नियम, 2017 के नियम-16 के उप नियम 1 (d) (iv) D के परन्तुक के अनुसार विलम्ब शुल्क लगाने के प्रावधान है। अधिनियम, 2016 की धारा-11 के उपबंधों का उल्लंघन होने पर सुनवाई उपरांत अर्थदण्ड अधिरोपित करने के प्राधिकरण के अधिकार अधिनियम की धारा-61 के अंतर्गत है। जानकारी समय पर अपलोड नहीं किए जाने पर विलंब शुल्क के संबंध में प्राधिकरण का आदेश दिनांक 24/07/2018 पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। (ख) विलम्ब शुल्क की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "स" अनुसार है। अर्थदण्ड की जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट "द" अनुसार है (ग) भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा-43 में अर्थदण्ड अधिरोपण आदेश के विरूद्ध अपील के प्रावधान है।

नियम विरूद्ध की गई प्रतिनियुक्ति

[संसदीय कार्य]

65. ( क्र. 1228 ) श्री हेमंत कटारे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) संचालक, पंडित कुंजीलाल दुबे संसदीय विद्यापीठ भोपाल के पद पर प्रतिनियुक्ति/नियुक्ति हेतु क्‍या-क्‍या अर्हताएं निर्धारित हैं? (ख) संचालक, पंडित कुंजीलाल दुबे संसदीय विद्यापीठ में प्रश्‍न दिनांक को कौन अधिकारी पदस्‍थ है? अधिकारी का नाम, मूल पद एवं अधिकारी की शैक्षणिक योग्‍यता संबंधी पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध कराई जावे। (ग) वर्तमान पदस्‍थ अधिकारी की शैक्षणिक योग्‍यता क्‍या संसदीय विद्यापीठ में संचालक पद हेतु निर्धारित अर्हताओं के अनुरूप है? यदि नहीं तो ऐसी स्थिति में किन परिस्थिति में उक्‍त अधिकारी की प्रतिनियुक्ति हुई तथा जिसके लिए कौन जिम्‍मेदार है तथा इनके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जावेगी? (घ) यदि प्रतिनियुक्ति नियमानुसार नहीं है तो संचालक पद पर पदस्‍थ अधिकारी को कब तक हटाया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) डॉ. प्रतिमा यादव, प्राध्‍यापक, एम.ए. (हिन्‍दी), पी.एच.डी. (हिन्‍दी)। (ग) जी नहीं। पद हेतु निर्धारित अर्हता राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन या विधि विषय में पी.एच.डी. है, जबकि डॉ. यादव हिन्‍दी विषय में पी.एच.डी. हैं, किन्‍तु उनकी वरिष्‍ठता एवं अनुभव तथा विभागीय आवश्‍यकता को देखते हुए उन्‍हें प्रतिनियुक्ति पर लिया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अठारह"

नगर पालिकाओं में सी.एम.ओ. के पदों की पूर्ति

[नगरीय विकास एवं आवास]

66. ( क्र. 1231 ) श्री हेमंत कटारे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या प्रदेश की सभी नगर पालिका, नगर पंचायतों में श्रेणीवार मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी (सी.एम.ओ.) के पद स्‍वीकृत हैं? वर्तमान में वास्‍तविक रूप से कुल कितने सी.एम.ओ. कार्यरत हैं एवं कितने सी.एम.ओ. के पद पर प्रभार लिये हैं? (ख) भिण्‍ड जिले की ''फूप'' नगर पंचायत पालिका किस संवर्ग में आती है तथा उक्‍त में सी.एम.ओ. के पद पर क्‍या उसी संवर्ग का अधिकारी पदस्‍थ है? यदि नहीं तो नियमों के विपरीत निम्‍न वर्ग के कर्मचारी को नगर पंचायत फूप में सी.एम.ओ. के पद का प्रभार दिया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) के संदर्भ में क्‍या शासन पात्र अधिकारी सी.एम.ओ. को पदस्‍थ करेगा एवं नियम विरूद्ध कार्यरत प्रभारी को पद से मुक्‍त करेगा? यदि हाँ तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) वर्तमान में प्रदेश में मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी के कुल 458 पद स्‍वीकृत हैं। जिसमें से राज्‍य नगरीय प्रशासनिक सेवा के कुल 156 मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी के संवर्ग में आने वाले कर्मचारियों एवं फीडर केडर में आने वाले 243 कर्मचारियों को प्रभार दिया गया है। (ख) नगर परिषद् फूप जिला भिण्ड '''' श्रेणी की निकाय है। नगर परिषद् फूप जिला भिण्ड में मुख्य नगर पालिका अधिकारी का पद रिक्त होने तथा निकाय कार्य सुचारू रूप से संचालन हेतु प्रशासनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से निकाय में म.प्र. शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय भोपाल के आदेश क्रमांक 1270/1039382/2022/18-1, भोपाल दिनांक 20.04.2023 द्वारा श्री अवधेश सिंह सेंगर राजस्व उपनिरीक्षक को प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप में पदस्थ किया गया है।              (ग) उत्तरांश ''  '' के अनुक्रम में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मजरे-टोलों में विद्युतीकरण का कार्य

[ऊर्जा]

67. ( क्र. 1251 ) श्री विष्‍णु खत्री : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                     (क) बैरसिया विधानसभा के विद्युतीकरण से वंचित मजरे व टोलों में विद्युतीकरण कार्य पूर्ण करने के संबंध में विभाग के क्या दिशा-निर्देश हैं? (ख) क्या बैरसिया विधानसभा के सभी मजरे व टोलों का विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं तो विद्युतीकरण से वंचित मजरे व टोलों में विद्युतीकरण पूर्ण करने की क्या कार्ययोजना हैं और यह कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा?   (ग) प्रश्‍न दिनांक तक कितने मजरे टोलों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिया गया है और कितने शेष हैं? ग्रामवार सूची उपलब्ध करावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विद्युतीकरण हेतु निर्धारित नीति अनुसार सर्वप्रथम प्रदेश के सभी आबाद ग्रामों के विद्युतीकरण का कार्य एवं तदुपरांत आबाद ग्रामों के चिन्हित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार क्रमश: केन्‍द्र शासन की विभिन्‍न विद्युतीकरण की योजनाओं, यथा राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना एवं दीनदयाल उपाध्‍याय ग्राम ज्‍योति योजना में किया गया। तदुपरांत सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत शत्-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य किया गया किन्‍तु इस योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार खेतों में दूर-दूर अवस्थित घरों को तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता नहीं होने के कारण योजना में सम्मिलित नहीं किया गया। सौभाग्‍य योजना के प्रावधानों के अंतर्गत प्रदेश के शत्-प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का कार्य दिनांक 22/10/2018 को पूर्ण कर लिया गया था। नये घरों/मजरों/टोलों का निर्माण एक सतत् प्रक्रिया है। उक्‍त योजनाओं के क्‍लोज हो जाने के उपरांत निर्मित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप किया जा सकेगा। (ख) एवं (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित समस्‍त मजरों/टोलों को विभिन्‍न ग्रामीण विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत पूर्व में ही विद्युतीकृत किया जा चुका है। नए घरों/मजरों/टोलों का निर्माण एक सतत् प्रक्रिया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युतीकरण से वंचित 4 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण का कार्य जिला खनिज प्रतिष्‍ठान द्वारा आवंटित फंड से किये जाने हेतु प्रस्‍तावित है। उक्‍त कार्य हेतु स्‍वीकृति कलेक्‍टर जिला भोपाल से अपेक्षित है। उक्‍त मजरों/टोलों की ग्रामवार सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। उक्‍त प्रस्‍ताव की स्‍वीकृति एवं राशि प्राप्‍त होने के उपरांत विद्युतीकरण का कार्य कराया जाना संभव हो सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "उन्नीस"

रोड निर्माण कार्य की अद्यतन स्थिति

[लोक निर्माण]

68. ( क्र. 1260 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर से मण्‍डला रोड का वर्तमान में क्‍या निर्माण कार्य हो चुका है? (ख) वर्तमान में निर्माण कार्य अधूरा है। यह कार्य कब तक पूर्ण होगा? कृपया इसकी समय-सीमा बताएं।                        (ग) निर्माणकर्ता द्वारा जो सड़क निर्माण में लापरवाही की गई थी, वह सड़क पुन: कब बनेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। जबलपुर से मंडला मार्ग की कुल लंबाई 85.40 कि.मी. है। मार्ग दो खण्डों में विभक्‍त है। प्रथम खंड लंबाई 21.85 कि.मी. जबलपुर-नागपुर मार्ग पर चूल्हा गोलाई के निकट से बरेला तक है जिसका निर्माण कार्य वर्ष 2017 में पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में इसे भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एन.एच.ए.आई.) जबलपुर द्वारा रिंग रोड निर्माण के अंतर्गत लेन में चौड़ीकरण किया जा रहा है। द्वितीय खंड लंबाई 63.55 कि.मी. बरेला-मंडला के शेष कार्य का निर्माण कार्य प्रगति पर है। (ख) बरेला-मंडला मार्गखंड लंबाई 63.55 कि.मी. का शेष कार्य अनुबंधानुसार दिनांक 05.08.2024 तक पूर्ण किया जाना है। वर्तमान में लगभग 18 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। (ग) बरेला-मंडला मार्गखंड के शेष कार्य के कार्य अनुबंध के अनुसार दिनांक 05.08.2024 तक पूर्ण किया जाना है। पूर्व निविदाकार द्वारा किये गये कार्यों में क्षतिग्रस्त सीमेंट कांक्रीट पेनल को बदलने तथा मरम्मत का कार्य इत्यादि भी इसी अनुबंध में समाहित है।

नगर निगम में स्‍वच्‍छता हेतु उपलब्‍ध कर्मचारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

69. ( क्र. 1261 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम में कुल कितने कर्मचारी हैं? नगर निगम के अधीन एवं ठेके पर अधीन? बताएं। (ख) नगर निगम में कुल कितनी डोर-टू-डोर कचरे की गाडियां उपलब्ध हैं? (ग) क्या प्रत्येक वार्ड में डोर-टू-डोर कचरा कलेक्ट हो रहा है? अगर हाँ तो, कृपया संख्या बताएं।    (घ) क्या कीटनाशक दवाइयों का पर्याप्त छिड़काव होता है, अगर हाँ तो कृपया जानकारी दें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिक निगम, जबलपुर में स्‍वास्‍थ्‍य शाखा अंतर्गत वर्तमान में सफाई संरक्षक के पद पर नियमित एवं संविदा मिलाकर 1260 तथा ऑउटसोर्स (ठेके) पर 2992 सफाई श्रमिक हैं। (ख) नगर पालिक निगम, जबलपुर में टिपर-459, ट्रायसाईकिल रिक्शे-154 एवं हेण्‍डकार्ट-102 डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण गाड़ियां हैं। (ग) जी हाँ। कुल वार्डों की संख्‍या–79 (घ) जी हाँ। नगर पालिक निगम जबलपुर अंतर्गत 16 संभाग में 1-1 दल बनाकर संभाग अंतर्गत वार्डों में कार्यक्रम तहत कीटनाशक दवाइयों के छिड़काव का कार्य करवाया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्‍न कार्यक्रमों में दवा छिड़काव एवं शिकायतों के निराकरण हेतु रिजर्व दल की व्‍यवस्‍था है।

जबलपुर नगर निगम में संचालित डेरियां

[नगरीय विकास एवं आवास]

70. ( क्र. 1262 ) श्री अशोक ईश्‍वरदास रोहाणी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जबलपुर नगर निगम सीमा अंतर्गत कितनी डेरियां संचालित हो रही हैं? (ख) क्‍या यह डेरियां आवासीय क्षेत्रों में सं‍चालित हो रही हैं? (ग) अगर हाँ तो इन पर क्‍या कार्यवाही की गई? (घ) अगर कार्यवाही नहीं हुई तो क‍ब तक होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिक निगम जबलपुर सीमांतर्गत 208 डेरियां संचालित हैं। (ख) जी हाँ (ग) एवं (घ) नगर पालिक निगम जबलपुर द्वारा निगम सीमांतर्गत जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में डेरियों को चिन्हित किया गया है। वर्तमान में इनके व्‍यवस्‍थापन की कोई कार्ययोजना स्‍वीकृत नहीं है।

निर्माण कार्यों हेतु प्रशासकीय स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

71. ( क्र. 1266 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ में वित्तीय वर्ष 2021 से 2024 के तीन वित्तीय वर्षों में विभाग को कितनी-कितनी राशि की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त हुई? कार्य प्रारंभ दिनांक व कार्य पूर्ण करने की अवधि क्या थी? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार समय अवधि में निर्माण कार्य पूर्ण न होने के क्या कारण थे? निर्माण एजेंसी पर प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई है? (ग) कार्य स्थल पर दैनिक मजदूरी का बोर्ड नहीं लगाया जाता है तथा निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी आमजन व मजदूरों को पता न होने के कारण मजदूरों का शोषण किया जाता है, जिम्मेदार कौन है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ, 'अ-1' एवं '1' अनुसार है। (ग) निर्माण कार्यों के दौरान सम्‍बंधित ठेकेदार द्वारा कंस्‍ट्रक्‍शन साइट पर दैनिक मजदूरी का बोर्ड लगाया जाता है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

प्रसाद योजनांतर्गत प्राप्‍त आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

72. ( क्र. 1268 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पवित्र नगरी अमरकंटक नगर पंचायत के लिए प्रसाद योजना अंतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि राज्य/केंद्र सरकार से प्रदान की गई? आवंटन आदेश की छायाप्रति देवें।                      (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार प्राप्त आवंटन राशि में से कितनी धनराशि खर्च की जा चुकी है? व्यय राशि की जानकारी देवें तथा अधोसंरचना में खर्च किया गया हो तो पृथक-पृथक निर्माण कार्य/सौंदर्यीकरण आदि के संबंध में स्वीकृत राशि, व्यय राशि, शेष राशि की जानकारी देवें।  (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अधोसंरचना/सौंदर्यीकरण, अन्य कार्यों का निरीक्षण किन-किन अधिकारियों द्वारा किया गया था? क्या तकनीकी अधिकारियों का दौरा व उनके तकनीकी मार्गदर्शन में कार्य कराया गया है तथा कार्य ठेकेदार से कराया गया हो तो ठेकेदार का नाम, पता सहित जानकारी देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

पक्का रोड निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

73. ( क्र. 1272 ) श्रीमती सेना महेश पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर जिले के कट्ठीवाडा विकासखण्ड अन्तर्गत ग्राम वाक कराह से सयदा गुजरात सीमा तक रियासत समय से कच्चा पहुंच मार्ग है, जो वर्तमान में कच्चा है, जो कि वर्षा काल के समय वाक कराह से ग्रामीणों को 20 किलोमीटर घूमकर विकासखण्ड मुख्यालय पर अन्य समस्त अन्य विभाग में कार्य हेतु आना-जाना पड़ता है। क्या जर्जर मार्ग को पक्की सड़क बनाये जाने हेतु शासन द्वारा कोई प्रावधान किया जावेगा? () यदि हाँ तो कब तक स्वीकृत की जावेगी? नहीं तो क्यों? किस कारण से अब तक नहीं बनाया गया?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित मार्ग विभाग की पुस्तिका में अंकित नहीं है, अपितु नवीन होने से टिप्पणी की जाना संभव नहीं। जी नहीं। (ख) उत्तरांश '' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

रेल्‍वे फाटक पर ओवर-ब्रिज का निर्माण

[लोक निर्माण]

74. ( क्र. 1275 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पांढुरना-अमरावती मार्ग पर रेल्‍वे फाटक पर ओवर-ब्रिज निर्माण के संबंध में उत्‍तर दिनांक तक की गई कार्यवाही का विवरण देवें। (ख) क्‍या कारण है कि इसकी स्‍वीकृति अभी तक प्रदान नहीं की गई है? (ग) कब तक इसकी स्‍वीकृति प्रदान कर दी जाएगी एवं निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर दिया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                                                      (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के खण्ड-5 में उल्लेखित दिनांक के उपरांत अक्टूबर 2023 में आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण उत्तर दिनांक तक राज्य स्तर की सक्षम समिति की बैठक न होने से। (ग) उत्‍तरांश 'में उल्लेखित समिति में विचार हेतु परियोजना रखा जाना है। वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

परिशिष्ट - "बीस"

सड़कों के निर्माण कार्यों की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

75. ( क्र. 1276 ) श्री निलेश पुसाराम उईके : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पांढुरना विधानसभा क्षेत्र में (1) अम्‍बाडा से पांढुरना टू-लेन 20 कि.मी., (2) डोडीया से डोडीयाढाना 4 कि.मी., (3) हिरावाडी से लिलाझर 4 कि.मी., (4) उत्‍तमडेरा से ढोलनखापा 5 कि.मी. एवं (5) बोरपानी से छाबडीकुर्सीढाना मार्ग का निर्माण अत्‍यावश्‍यक होने के बाद भी प्रश्‍न दिनांक तक स्‍वीकृत नहीं किए गए हैं? (ख) कब तक इनकी स्‍वीकृति प्रदान कर दी जाएगी? (ग) क्‍या पांढुरना विधानसभा क्षेत्र के मार्ग निर्माण कार्यों में प्रश्‍नांश (क) अनुसार मार्ग वित्‍तीय वर्ष 2024-25 के बजट में शामिल किये जायेंगे? यदि हाँ तो मार्गवार जानकारी दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) समय-सीमा बताना संभव नहीं है। (ग) वर्तमान में टिप्‍पणी की जाना संभव नहीं है। बजट पारित होने पर स्थिति स्‍पष्‍ट हो सकेगी।

परिशिष्ट - "इक्कीस"

पुल निर्माण में विलंब

[लोक निर्माण]

76. ( क्र. 1277 ) श्री संजय सत्येन्द्र पाठक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बरही तहसील जिला कटनी विधानसभा क्षेत्र विजयराघवगढ़ के ग्राम सुतरी एवं खैरभार के बीच उमराड़ नदी में पुल निर्माण कार्य किया जा रहा है? पुल निर्माण की अवधि क्या थी और किन कारणों से अवधि कितने बार बढ़ायी गयी? कारण सहित बताएं। प्रश्‍न दिनांक को कार्य पूर्णता की स्थिति क्या है? क्या यह सही है कि संबंधित ठेकेदार एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्माण कार्य में रूचि न लेने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हुआ, जिससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में बाधा हो रही है? (ख) यदि प्रश्‍नांश (क) हाँ तो उक्त पुल संबंधित ठेकेदार एवं अधिकारियों के द्वारा कब तक पूर्ण किया जायेगा? विलंब के लिए क्या ठेकेदार एवं अधिकारियों को दोषी माना गया है? यदि नहीं तो क्यों? (ग) प्रश्‍नांश (क), (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में संबंधित दोषियों के ऊपर क्या कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। पुल निर्माण कार्य की अनुबंधित अवधि 24 माह वर्षाकाल रहित। संविदाकार की धीमी गति के कारण, भू-अर्जन का निराकरण होने में विलंब एवं कोविड-19 के कारण बार दिनांक 31.12.2023 तक की अवधि बढ़ाई गई है। पुल निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति :- पुल के नीव एवं सब-स्ट्रक्चर का कार्य पूर्ण एवं स्लैब एस-1, एस-2, एस-एवं एस-का कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा एक 20.67 मीटर की एस-आर.सी.सी. स्लैब, एक 31 मीटर एस-पी.एस.सी. स्लैब का कार्य एवं पहुंच मार्ग का कार्य शेष है, शेष कार्य पूर्ण करने की संभावित तिथि माह जून-2024 तक है। जी हाँ, संविदाकार द्वारा कार्य में रूचि न लेने के कारण कार्य पूर्ण नहीं हुआ है न की विभागीय अधिकारियों द्वारा। क्षेत्र के लोगों को आवागमन में कोई बाधा उत्पन्न नहीं हो रही है। आवागमन हेतु डायवर्सन का उपयोग किया जा रहा है जो सुचारू रूप से संचालित है। (ख) निर्माण कार्य माह जून-2024 तक पूर्ण करना लक्षित है। जी हाँ, संविदाकार को दोषी मानकर उनके विरुद्ध अनुबंधात्मक कार्यवाही की जा रही है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। संविदाकार को धीमी गति के कारण समय-समय पर कार्यपालन यंत्री रीवा द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र (शो-कॉज नोटिस) जारी किया जाता रहा है, प्रति उत्तर संतोषजनक न होने के कारण संविदाकार का पंजीयन काली सूची में दर्ज करने हेतु कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में निश्चित तिथि बताना संभव नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

77. ( क्र. 1298 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भीकनगाँव विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत नगर परिषद् भीकनगाँव द्वारा वर्ष 2017 से 2022 तक में कितने अवैध कॉलोनियों में कार्य कराये गये हैं? कृपया कार्य का नाम, कॉलोनी का नाम एवं स्वीकृत व्यय राशि के विवरण सहित जानकारी उपलब्ध करावें। क्या उक्त कार्यों की वसूली या अन्य दण्डात्मक कार्यवाही की गई है? हाँ तो वर्तमान तक क्या कार्यवाही की गई है? विवरण देवें तथा नहीं तो क्या कारण है? क्या नगर परिषद् भीकनगाँव द्वारा अवैध कॉलोनियों में कार्य कराया जा सकता है? नहीं तो संबधित दोषियों के विरूद्ध कब तक कार्यवाही की जायेगी तथा की जाने वाली कार्यवाही से अवगत कराने का कष्ट करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। जी हाँ दण्‍डात्‍मक कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। अवैध कॉलोनियों में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किये बिना कराये गये निर्माण कार्यों की जांच में उत्‍तरदायी पाये गये अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय जांच संस्‍थापित करने हेतु सूचना पत्र जारी किये गये हैं तथा तत्‍का. नगर परिषद् अध्‍यक्ष के विरूद्ध कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया जाकर सुनवाई की कार्यवाही पूर्ण की जा चुकी है। आगामी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उत्‍तराश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। जी नहीं, अपितु म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 के अंतर्गत कार्यवाही पूर्ण होने के उपरांत चिन्हित अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसरंचना के कार्य कराये जा सकते हैं। जांच में उत्‍तरदायी पाये गये पदाधिकारियों एवं अधिकारियों के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रचलित है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "बाईस"

विद्युत लाइन का विस्तार

[ऊर्जा]

78. ( क्र. 1311 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) आदिवासी बस्तियों, मजरे-टोलों में विद्युतीकरण के लिए क्या कार्ययोजना है? (ख) मंडला जिले के अंतर्गत आदिवासी बस्तियों एवं मजरे/टोलों में विद्युत लाइन विस्तार, नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना, विद्युत लाइन सुधार के लिए विगत 01 वर्ष में कितने प्रस्ताव या आवेदन प्राप्त हुए? उन पर क्या कार्यवाही हुई? वितरण केन्‍द्रवार पृथक-पृथक जानकारी प्रदान करें I

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से असुरक्षित जनजा‍तीय समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्‍याय महा अभियान (पी.एम.-जनमन) की शुरूआत की गई है। अभियान का उद्देश्‍य विशेष रूप से असुरक्षित जनजा‍तीय समूहों (पी.वी.टी.जी.) को उनके मूलभूत अधिकारों और उनकी बस्तियों को पूरी तरह से बुनियादी सुविधाएं उपलब्‍ध कराना है। उक्‍त अभियान के अंतर्गत अन्‍य महत्‍वपूर्ण गतिविधियों के साथ पी.वी.टी.जी. समूहों की बस्तियों/घरों का विद्युतीकरण भी सम्मिलित है। प्रदेश की 3 जनजातियां, यथा-भारिया, बैगा एवं सहरिया को पी.वी.टी.जी. समूह में शामिल किया गया है। पी.एम.-जनमन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजा‍तीय समूह के अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण हेतु नोडल एजेंसी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पी.एफ.सी.), भारत सरकार द्वारा दिनांक 12.01.2024 को स्‍वीकृति प्रदान की गई है। (ख) जिला मंडला अंतर्गत आदिवासी बस्तियों/टोलों/मजरों में विद्युत लाइन विस्तार, नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्थापना, विद्युत लाइन सुधार के लिए विगत 01 वर्ष में प्राप्त प्रस्ताव/आवेदन तथा उन पर की गई प्रस्‍तावित कार्यवाही से संबंधित वितरण केन्‍द्रवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। पी.एम.-जनमन योजना अन्‍तर्गत जिला मण्‍डला की 161 बस्तियों/टोलों/मजरों में अवस्थित 830 अविद्युतीकृत घरों को विद्युतीकृत किया जाना प्रस्‍तावित है।

फोर-लेन मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

79. ( क्र. 1319 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या‍ यह सही है कि जिला नर्मदापुरम से पिपरिया तक फोर-लेन मार्ग निर्माण कार्य वि‍त्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में राशि रूपए 840.00 करोड़ का प्रावधान कर स्वीकृत किया गया है?                 (ख) क्या‍ इस फोर-लेन मार्ग का निर्माण नर्मदापुरम से पिपरिया की ओर (पिपरिया में शोभापुरम मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर) तक किया जावेगा जो‍ पिपरिया शहर से लगभग 03 कि.मी. की दूरी पर है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) का उत्तर यदि हाँ है तो क्या इस फोर-लेन मार्ग के निर्माण से पिपरिया शहर फोर-लेन कनेक्टिविटी से वंचित रह जावेगा तथा शहर को इसका लाभ प्राप्त नहीं हो पायेगा? (घ) उपरोक्त प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार इस मार्ग को पिपरिया शहर तक जोड़े जाने हेतु विभाग द्वारा इस पर क्या कार्यवाही की गयी है? विव‍रण सहित जानकारी प्रदान करें तथा इस मार्ग का कार्य कब से प्रारंभ हो जावेगा? नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। नर्मदापुरम पिपरिया फोर-लेन कार्य वर्ष 2023-24 के बजट में प्रथम स्‍तरीय प्राक्‍कलन अनुसार लागत राशि रू. 840 करोड़ को सम्मिलित कर रू. 1000 का प्रावधान किया गया है। वर्तमान में प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। (ख) जी नहीं। डी.पी.आर. अनुसार मार्ग का एलाइनमेंट नर्मदापुरम शहर स्थित सतरस्‍ते से प्रारम्‍भ होकर प्रस्‍तावित पिपरिया बायपास के प्रारम्‍भ तक कुल लंबाई-71.35 कि.मी.. प्रस्‍तावित है। (ग) पिपरिया शहर में बायपास का निर्माण नरसिंहपुर-पिपरिया मार्ग की डी.पी.आर. में प्रस्‍तावित है। अत: पिपरिया शहर की कनेक्टिविटी फोर-लेन मार्ग से रहेगी तथा शहर को लाभ भी प्राप्‍त होगा। (घ) नर्मदापुरम पिपरिया फोर-लेन परियोजना की डी.पी.आर. परीक्षणाधीन है। अत: वर्तमान में कार्य प्रारंभ की तिथि बताया जाना संभव नहीं है।

आर.ओ.बी. के निर्माण में गुणवत्‍ताहीन सामग्री का उपयोग

[लोक निर्माण]

80. ( क्र. 1320 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र पिपरिया जिला नर्मदापुरम अन्तर्गत ग्राम बांसखेड़ा में रेल्वे क्रासिंग पर निर्मित आर.ओ.बी. के निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किये जाने से आर.ओ.बी. में रेल्वे ट्रेक के उपर के मुख्य भाग में कांक्रीट उखड़ने लगी है, जिसमें लोहे की रॉड भी निकल आयी है तथा जगह-जगह गड्ढे भी दिखायी दे रहे हैं? (ख) यदि हाँ तो क्या बार-बार ब्रिज के मुख्य भाग के संधारण कार्य होने के पश्चा‍त भी मुख्य भाग का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाता है? इसका क्या कारण है? क्या इसके संधारण में भी गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जाता है? यदि हाँ तो इसके लिये कौन उत्तरदायी है? (ग) क्‍या इस‍ आर.ओ.बी. का संधारण कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जावेगा? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विधानसभा पिपरिया जिला नर्मदापुरम में राज्‍य शासन द्वारा निर्मित पहुंच मार्ग में कोई भाग क्षतिग्रस्‍त नहीं है। अपितु रेल्‍वे भाग का कार्य रेल्‍वे विभाग द्वारा किया गया जो क्षतिग्रस्‍त है, रेल्‍वे से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।               (ख) राज्‍य शासन द्वारा निर्मित पहुंच मार्ग का कोई भाग क्षतिग्रस्‍त नहीं है। अपितु रेल्‍वे भाग क्षतिग्रस्‍त हुआ जिसकी मरम्‍मत रेल्‍वे विभाग द्वारा की गई है। बार-बार क्षतिग्रस्‍त का कारण रेल्‍वे विभाग द्वारा दिया गया है, रेल्‍वे विभाग का उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) क्षतिग्रस्‍त भाग की मरम्‍मत रेल्‍वे विभाग द्वारा की जावेगी रेल्‍वे विभाग से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "तेईस"

सामग्री क्रय में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

81. ( क्र. 1328 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद् अंबाह जिला मुरैना (म.प्र. ) द्वारा 1 अगस्त 2022 से वर्तमान दिनांक तक पशुवाहन, निजी कचरा गाड़ियां, टॉयलेट वेन, महिला एवं पुरुष पेशाबघर, हाथ कचरा गाड़ियां, स्ट्रीट लाइट रिपेयरिंग करने की मशीन, फिनायल कीटनाशक, जे.सी.बी आदि मशीनरी (सामग्री) कब-कब एवं कितनी मात्रा में क्रय की गई है? (ख) क्या उक्त सामग्री क्रय में नियमानुसार प्रक्रिया अपनाते हुए और परिषद् में संकल्प पारित करते हुए क्रय किए गए हैं? यदि हाँ तो अपनाई गई नियम प्रक्रिया एवं संकल्प की प्रति उपलब्‍ध कराएं। (ग) क्या उक्त सामग्री खरीदने में नगर पालिका अंबाह द्वारा अनुदान राशि में से भुगतान किया है, जो कि परिषद् में संकल्प पारित न होने की स्थिति में नहीं किया जा सकता है? यदि हाँ तो ऐसा क्यों? यदि नहीं तो भुगतान कहाँ से किया है? क्या उक्त सामग्री सप्लायर द्वारा जो सामान (मशीनरी) नगर पालिका में प्रदाय की गई है, वह गुणवत्ता विहीन पाई गई है? यदि नहीं तो गुणवत्ता प्रमाण पत्र उपलब्‍ध कराएं। (घ) उक्त निविदा सक्षम अधिकारी द्वारा न कराई जाकर एक बाबू द्वारा कराई गई है, ऐसा क्यों? उक्त सामग्री (मशीनरी) का उपयोग नगर पालिका द्वारा कहाँ-कहाँ पर किया जा रहा है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

स्वच्छता सर्वेक्षण में मंदसौर की स्थिति

[नगरीय विकास एवं आवास]

82. ( क्र. 1339 ) श्री विपीन जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मंदसौर नगर पालिका का स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 अंतर्गत देश की रैंकिंग में टॉप 50 से बाहर होने के क्या कारण रहे हैं? (ख) क्या नगर पालिका अंतर्गत सफाई हेतु पर्याप्त सफाई कर्मचारी एवं संसाधन है या नहीं? यदि नहीं तो कितने और कर्मचारियों की और कौन-कौन से संसाधनों की आवश्यकता निकाय को है? (ग) क्या शासन द्वारा सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबंध लगा रखा है? यदि हाँ तो मंदसौर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया है? रोक लगाने के लिये नगरपालिका और प्रशासन के पास कोई योजना है या नहीं? जागरूकता के लिए कब-कब कौन-कौन से प्रयास किये गए हैं? (घ) क्या पेपर बैग, बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक इत्यादि के लघु उद्योग नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत शुरू कर सिंगल यूज़ प्लास्टिक को बंद करने की कोई योजना शासन के पास है या नहीं? इस हेतु योजना कब तक बनाई जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण 2023 में निकाय को 1 लाख से अधिक जनसंख्‍या वाले शहरों की श्रेणी में शामिल किया गया है, जिससे नये प्रतिभागी शहरों की संख्‍या बढ़ जाने के कारण। (ख) पर्याप्‍त सफाई कर्मचारी एवं संसाधन उपलब्‍ध हैं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।        (घ) विभाग से संबंधित न होने से प्रश्‍नांश उपस्थित नहीं होता।

प्रदेश की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता

[ऊर्जा]

83. ( क्र. 1340 ) श्री रामनिवास रावत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि          (क) माह जनवरी 2024 की स्थिति में प्रदेश की कुल अनुबंधित विद्युत क्षमता कितनी है, उक्त में से स्वयं के स्त्रोतों से अनुबंधित विद्युत क्षमता कितनी है एवं अन्‍य किन-किन स्त्रोतों से कितनी अनुबंधित विद्युत क्षमता है? (ख) मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल की विद्युत उत्पादन कंपनियों के अंतर्गत विभिन्न ताप विद्युत संयंत्रों में वर्तमान में प्रति यूनिट विद्युत उत्पादन लागत क्या है और उपभोक्ताओं को दी जाने वाली विद्युत का प्रति यूनिट मूल्य क्या है? (ग) म.प्र. म.क्षे.वि.वि.कं.लि. भोपाल अंतर्गत श्‍योपुर जिले में बिलिंग माह दिसम्‍बर 2023 की स्थिति में कृषि श्रेणी के विद्युत उपभोक्‍ताओं पर विद्युत बिल का कितना बकाया है और बकाया वसूली के लिये कृषि श्रेणी के कितने विद्युत उपभोक्‍ताओं पर न्यायालयों में मुकदमें चल रहे हैं, संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। बिलिंग माह दिसम्‍बर 2023 की स्थिति में श्‍योपुर जिले में विद्युत बिल की कुल कितनी राशि औद्योगिक श्रेणी के उपभोक्‍ताओं पर एवं शासकीय विभागों पर बकाया है? उद्योगों एवं शासकीय विभागों से विद्युत बिल वसूली हेतु क्या-क्या कार्यवाही की जा रही है? (घ) क्या म.प्र. म.क्षे.वि.वि.कं.लि. भोपाल घाटे में चल रही है? यदि हाँ तो कितने घाटे में हैं एवं घाटे से उबारने की शासन की क्या योजना है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) माह जनवरी 2024 की स्थिति में प्रदेश की विभिन्‍न स्‍त्रोतों से उपलब्‍ध विद्युत उत्‍पादन क्षमता 22220 मेगावाट है एवं आगामी वर्षों के दौरान विद्युत की बढ़ती हुई मांग की पूर्ति हेतु विभिन्‍न क्षेत्रों से कुल 12485 मेगावाट विद्युत क्रय किये जाने हेतु अनुबंध किये गये हैं। उक्‍त में से स्‍वयं के स्‍त्रोतों से (ताप एवं जल विद्युत को मिलाकर) अनुबंधित विद्युत क्षमता 6812 मेगावाट है। कुल अनुबंधित विद्युत क्षमता में पारंपरिक ऊर्जा से 13825 मेगावाट (स्‍वयं के स्‍त्रोतों सहित), सौर ऊर्जा से 9017 मेगावाट, पवन ऊर्जा से 3964 मेगावाट एवं अन्‍य स्‍त्रोतों से 1087 मेगावाट है। (ख) मध्‍यप्रदेश राज्‍य विद्युत मंडल नहीं अपितु म.प्र. शासन के पूर्ण स्‍वामित्‍व वाली कंपनी (म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड) के ताप विद्युत गृहों की वित्‍तीय वर्ष 2022-23 के लिये प्रति यूनिट विद्युत उत्‍पादन लागत की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। उक्‍त आंकड़े वित्‍तीय वर्ष 2022-23 के लेखों के अनुसार है। वित्‍तीय वर्ष 2023-24 समाप्‍त नहीं होने के कारण वर्तमान वित्‍तीय वर्ष की उत्‍पादन लागत की गणना किया जाना संभव नहीं है। वर्ष 2023-24 के टैरिफ आदेशानुसार, मध्‍यप्रदेश की विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा उपभोक्‍ताओं को प्रदाय की जाने वाली विद्युत की प्रति यूनिट दर रूपये 6.79 है। (ग) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल अंतर्गत श्‍योपुर जिले में बिलिंग माह दिसम्‍बर 2023 की स्थिति में किसानों पर कुल रू. 20332.26 लाख राशि बकाया है तथा बकाया राशि वसूलने के लिये किसी भी किसान पर न्‍यायालयों में मुकदमे नहीं चल रहे हैं। यद्यपि विद्युत के अप्राधिकृत उपयोग के प्रकरणों में 753 कृषि श्रेणी के विद्युत उपभोक्‍ताओं पर विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अन्तर्गत न्‍यायालयों में मुकदमे चल रहे हैं। शासकीय विभागों पर कुल बकाया राशि 2087.80 लाख रूपये है। शासकीय विभागों से बकाया राशि वसूलने हेतु सतत् संपर्क जारी है, कंपनी स्‍तर से भी शासकीय विभागों से संपर्क कर, विद्युत कनेक्‍शनों की बकाया राशि जमा कराने के सतत् प्रयास किये जा रहे हैं। औद्योगिक कनेक्‍शनों पर बकाया राशि 1406.93 लाख रूपये है, बकाया राशि वसूली हेतु नियमानुसार बकायादारों के कनेक्‍शन विच्‍छेदन की कार्यवाही की जा रही है, जिन बकायादारों द्वारा विद्युत कनेक्‍शन विच्‍छेद किये जाने के उपरांत भी बकाया राशि जमा नहीं की जा रही है, उनके विरूद्ध ड्यूज रिकवरी एक्‍ट के तहत कार्यवाही की जा रही है। (घ) जी हाँ, म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, भोपाल घाटे में चल रही है। मार्च 2023 की स्थिति में मध्‍य क्षेत्र कंपनी राशि रू. 26662.76 करोड़ के घाटे में है। कंपनी स्‍तर पर घाटे को कम किए जाने हेतु मीटरिंग, बिलिंग एवं बिलों के भुगतान की प्रक्रिया को तकनीकी रूप से उन्‍नतीकृत कर दक्षता को बेहतर बनाया गया है। स्‍पॉट बिलिंग, फोटो मीटर री‍डिंग बिल भुगतान के लिये विविध विकल्‍प उपभोक्‍ताओं को प्रदान किये गये हैं। विद्युत चोरी एवं अप्राधिकृत उपयोग को सतर्कता विभाग द्वारा निरंतर चेक किया जा रहा है तथा डी.आर. एक्‍ट के अंतर्गत बकाया राशि की वसूली की कार्यवाही की जा रही है। इसके अतिरिक्‍त विभिन्‍न योजनाओं के माध्‍यम से तकनीकी हानियों को कम करने हेतु कैपिसिटर बैंक की स्‍थापना, कंडक्‍टर की क्षमता वृद्धि, फीडर विभक्‍तिकरण, एल.टी. अंडर ग्राउंड केबलिंग, अतिरिक्‍त वितरण ट्रान्‍सफार्मर स्‍थापना आदि कार्य कराए जा रहे हैं जिससे समग्र तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को कम किया जा सके।

परिशिष्ट - "चौबीस"

विद्युत उपकेन्द्र एवं उनके निर्माण की स्थिति

[ऊर्जा]

84. ( क्र. 1342 ) श्री रामनिवास रावत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) जिला मुरैना एवं श्योपुर अंतर्गत वर्ष 2018 से प्रश्‍नांकित तिथि तक कहाँ-कहाँ पर 33/11 के.व्ही., 132/11 के.व्ही., 220/11 के.व्ही. के विद्युत उपकेन्द्र कब-कब स्वीकृत किये किए गए? लागत राशि, कार्यादेश दिनांक, कार्य पूर्ण करने का दिनांक, निर्माण एजेंसी का नाम तथा कार्य की अद्यतन स्थिति सहित तहसीलवार बतावें एवं कहाँ-कहाँ पर भविष्य में निर्माण किया जाना प्रस्तावित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कार्यों को पूर्ण किए जाने हेतु क्या समय-सीमा निर्धारित की गई है निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण न करने की स्थिति में निर्माण एजेंसी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? उक्त कार्यों में से कौन-कौन से कार्य अभी तक किस कारण प्रारंभ नहीं किए गए हैं एवं क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) मुरैना एवं श्‍योपुर जिलों के अंतर्गत वर्ष 2018 से प्रश्‍नांकित तिथि तक स्‍वीकृत किए गए 33/11, 132/11 नहीं अपितु 132/33 एवं 220/11 नहीं अपितु 220/132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों एवं भविष्‍य में मुरैना एवं श्‍योपुर जिले के अंतर्गत प्रस्‍तावित 33/11, 132/33 एवं 220/132 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों के संबंध में चाही गयी तहसीलवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'एवं 'अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार कार्यों को पूर्ण किये जाने हेतु निर्धारित समय-सीमा की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के                                                      प्रपत्र-'अनुसार है। प्रश्‍नाधीन स्‍वीकृत कुल 38 उपकेन्‍द्रों के कार्यों में से 23 कार्य निर्धारित    समय-सीमा में पूर्ण हो गये हैं। शेष 15 कार्यों में से 7 प्रगतिरत, 2 में निविदा प्रक्रियाधीन, 1 में भूमि आवंटन नहीं होना एवं 5 कार्यों को संबंधित निर्माण एजेंसी द्वारा कार्यादेश में अंकित नियत समयावधि के द्वितीय चरण में रखा गया है। प्रगतिरत कार्यों के पूर्ण होने पर, आर.ओ.डब्‍ल्‍यू. (राईट ऑफ वे) का निराकरण होने तथा कंपनी द्वारा प्रदाय की जाने वाली मुख्‍य सामग्री की उपलब्‍धता की अवधि को कम करने के उपरांत, निर्माण एजेंसी के कारण हुए विलंब पर कार्यादेश में प्रावधानित शर्तों के आधीन कार्यवाही की जावेगी। उक्‍त कार्यों में से प्रारंभ नहीं होने वाले कार्य एवं प्रारंभ नहीं होने का कारण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

हितग्राहियों को आवास हेतु निःशुल्क रेत की उपलब्धता

[नगरीय विकास एवं आवास]

85. ( क्र. 1347 ) श्रीमती निर्मला सप्रे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बीना नगर पालिका सीमा में गत पांच वर्षों में कितने हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए गए? उनमें से कितने आवास पूर्ण हो गये हैं, कितने आवास निर्माणाधीन हैं, किस आवास के बदले कितनी राशि का किसे भुगतान किया गया है? हितग्राहियों की सूची उपलब्ध करावें। (ख) मध्यप्रदेश रेत नियम 2019 के नियम 4 में शासकीय आवास योजना के हितग्राहियों को प्रतिवर्ष कितने क्यूबिक मीटर रेत निःशुल्क दिलवाने का प्रावधान है। उस प्रावधान के तहत बीना नगर पालिका ने किस-किस हितग्राही को कितनी-कितनी रेत निःशुल्क उपलब्ध करवाई गई।                                  (ग) हितग्राहियों को निःशुल्क रेत उपलब्ध नहीं करवाए जाने के लिए मुख्य नगर पालिका अधिकारी बीना की क्या-क्या जिम्मेदारी रही है? इनके विरुद्ध क्या कार्यवाही की जावेगी? (घ) हितग्राहियों को नियम के अनुसार निःशुल्क रेत उपलब्ध करवाने के संबंध में नगर पालिका क्या कार्यवाही कर रही है? कब तक रेत दिलवाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) 1388 आवास स्वीकृत किये गये, उनमें से 1127 आवास पूर्ण हो गये, 261 आवास निर्माणाधीन है। सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश रेत नियम 2019 के नियम 4 (1) में अनुसार हितग्राहियों को स्वयं रेत निकटतम खदान से रायल्टी भुगतान कर क्रय किये जाने का प्रावधान है। उक्तानुसार रेत प्रदाय की प्रक्रिया निर्धारित करने हेतु खनिज साधन विभाग के द्वारा वांछित जानकारी उपलब्ध कराई गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) खनिज साधन विभाग, मध्यप्रदेश शासन के द्वारा प्रक्रिया निर्धारण करने उपरांत निर्देशानुसार ही कार्यवाही की जा सकेगी। शेषांश का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। (घ) उत्तरांश '''' के प्रकाश में प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है।

लिंक रोड निर्माण कार्य में अनियमितताएं

[लोक निर्माण]

86. ( क्र. 1349 ) श्री प्रदीप लारिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र में बेरखेरी से रानीपुरा लिंक रोड निर्माण कार्य एन.एच.आई. द्वारा किया जा रहा है? मार्ग की लंबाई लागत कार्य एजेंसी का नाम, कार्य पूर्णतः की अवधि सहित सम्पूर्ण जानकारी देवें। (ख) निर्माणाधीन सड़क मार्ग की प्रश्‍न दिनांक तक क्या स्थिति है? विभाग द्वारा कब-कब इस मार्ग का निरीक्षण किया एवं कब-कब सड़क निर्माण कार्य में प्रयोग किये जा रहे सामग्री का किन-किन प्रयोगशालाओं में परीक्षण किया गया? (ग) कार्य एजेंसी द्वारा सड़क निर्माण कार्य के संपादन के लिये किन-किन स्थानों पर उत्खनन कार्य किया, उत्खनन कार्य की अनुमति विभाग द्वारा ली गई? उत्खनन उपरांत वृक्षारोपण आदि कार्य किये गये? (घ) क्या कार्य एजेंसी द्वारा सड़क निर्माण कार्य में उत्खनन एवं निर्माण कार्य के चलते धूल-डस्ट के कारण समीपस्थ कृषि भूमि में किसानों की फसलें नष्ट हो रही हैं एवं उत्पादन कम हो रहा है, तो क्या विभाग कार्य एजेंसी पर कार्यवाही कर किसानों को मुआवजा प्रदान करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) से (घ) उत्‍तरांश 'अनुसार।

परिशिष्ट - "पच्चीस"

पेयजल परियोजना की अद्यतन स्थिति

[नगरीय विकास एवं आवास]

87. ( क्र. 1350 ) श्री प्रदीप लारिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नरयावली विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका परिषद् मकरोनिया क्षेत्र में एम.पी.यू.डी.सी. द्वारा 24x7 ए.डी. प्रोजेक्ट पेयजल परियोजना निर्माणाधीन है? कार्य एजेंसी द्वारा कार्य का अनुबंध कब किया गया था एवं कार्य पूर्णता अवधि की जानकारी प्रदाय करें। (ख) कार्य एजेंसी को किन-किन वार्डों में पाइप-लाइन विस्तार का कार्य परियोजना द्वारा सौंपा गया था एवं कितनी लंबाई की पाइप-लाइन विस्तार कार्य अनुबंध में लिया गया था? कार्य एजेंसी द्वारा अनुबंध के अतिरिक्त निजी कॉलोनाईजरों की कॉलोनियों में पाइप-लाइन विस्तार का कार्य किया गया है?                       (ग) परियोजना में पाइप-लाइन विस्तार हेतु कितनी गहराई पर स्थापित किये जाने हेतु अनुबंध में वर्णित मापदंड तय किया गया था? कार्य एजेंसी द्वारा मापदंड के अनुसार पाइप-लाइन विस्तार किया गया, इसकी विभाग/परियोजना द्वारा कब-कब जांच/निरीक्षण किया गया? (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) में उल्लेखित कार्य में अनियमितताएं एवं विलंब की विभाग द्वारा उच्च स्तरीय जांच कर एवं कार्य एजेंसी के विरूद्ध कार्यवाही करेगा एवं कार्य कब तक पूर्ण होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। अनुबंध दिनांक 21.08.2018 को किया गया था एवं पूर्णता की तिथि 20.12.2020 निर्धारित थी। कार्य पूर्णता के लिये समय-समय पर समय वृद्धि स्‍वीकृत की गई है। कार्य पूर्णता हेतु अंतिम समय वृद्धि दिनांक 30.06.2024 तक दी गई है। (ख) 18 वार्डों में जल प्रदाय योजना के अंतर्गत कुल 150 कि.मी.  पाइप-लाइन विस्‍तार का कार्य परियोजना में प्रस्‍तावित था। 202 कि.मी. पाइप-लाइन विस्‍तार/ प्रतिस्‍थापन का कार्य, अनुबंध में पूर्ण किया जा चुका है। जी हाँ। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) 01 मी. औसत गहराई पर पाइप-लाइन स्‍थापित किये जाने का प्रावधान है, कार्य एजेंसी द्वारा अधिकांश स्‍थानों पर प्रावधानों के अनुसार पाइप-लाइन विस्‍तार कार्य किया गया है, किन्‍हीं स्‍थानों पर स्‍थल की बाधाओं एवं न टूटने योग्‍य सख्‍त चट्टानी क्षेत्रों के कारण 1 मी. से कम गहराई पर भी पाइप-लाइन बिछाई गई है जिसका निरीक्षण एवं सत्‍यापन नियमित रूप से विभाग के सक्षम अधिकारियों/उपयंत्री एवं कन्‍सलटेन्‍ट के अधिकारियों/फील्‍ड इंजीनियरों के द्वारा किया जाता है।                             (घ) किसी प्रकार की अनियमितता नहीं पाई गई है। विलम्‍ब के लिए विभाग द्वारा प्रचलित अनुबंध ''पैकेज क्र. 6 बी - सागर एवं मकरोनिया में जलप्रदाय'' राशि रू. 3, 31, 62, 159 रोकी गयी है। अनुबंध के प्रावधानों अनुसार समय अवधि वृद्धि पर गुण-दोष का परीक्षण कर, कार्य एजेंसी के विरूद्ध विलम्‍ब हेतु अर्थदण्‍ड लगाने का निर्णय, कार्य के पूर्ण होने पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा लिया जावेगा। सम्‍पूर्ण परियोजना कार्य दिनांक 30.06.2024 तक पूर्ण किया जाना सम्‍भावित है।

परिशिष्ट - "छब्बीस"

दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

88. ( क्र. 1353 ) श्री अनिल जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि कार्यालय कलेक्टर जिला-निवाड़ी द्वारा पत्र क्रमांक/664/स्था./ कले.नि./2021, निवाड़ी, दिनांक 12/07/2021 के माध्यम से आयुक्त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, भोपाल को नगर परिषद् निवाड़ी में क्रय किये गये फायर ब्रिगेड वाहन में मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं तत्कालीन उपयंत्री नगर परिषद् निवाडी द्वारा अनियमितता किये जाने के कारण उनके विरूद्ध निलंबन एवं विभागीय जांच की कार्यवाही बाबत् लेख किया गया था, यदि हाँ तो उक्त पत्र पर आज दिनांक तक क्या कार्यवाही की गई? (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में यदि नहीं, तो कारण सहित बतावें कि उक्त पत्र पर आज दिनांक तक कोई कार्यवाही क्यों नहीं की गई है एवं उक्त पत्र पर उल्लेखित मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं तत्कालीन उपयंत्री द्वारा अनियमितता किये जाने के विरूद्ध कब तक वैधानिक कार्यवाही की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में कार्यालय कलेक्टर जिला-निवाड़ी के उक्त पत्र पर कार्यवाही न किये जाने के लिए कौन-कौन अधिकारी दोषी है एवं दोषी अधिकारियों पर कब तक कार्यवाही की जावेगी? कारण सहित बतावें

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क), (ख) एवं (ग) जी हाँ। उक्‍त पत्र पर आयुक्‍त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, मध्‍यप्रदेश, भोपाल द्वारा पत्र क्रमांक शि./06/2021/12016 दिनांक 22.07.2021 एवं पत्र क्रमांक शि./06/2021/12014 दिनांक 22.07.2021 के माध्‍यम से तत्‍कालीन मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी एवं उपयंत्री, नगर परिषद्, निवाड़ी को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया था। उपरोक्‍त के अनुक्रम में कलेक्‍टर, जिला निवाड़ी द्वारा पत्र क्रमांक 756/परि.अधि/कले.नि/2021 दिनांक 19.08.2021 के माध्‍यम से सूचित किया गया है, कि उक्‍त प्रकरण में नगर परिषद्, निवाड़ी के उपर अब फायर बिग्रेड से संबंधित कोई वित्‍तीय भार या लायबिलिटी नहीं रह गई है एवं नगर परिषद्, निवाड़ी में इस प्रकरण को नस्‍तीबद्ध कर दिया गया है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

डिवाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के द्वारा कराये गये कार्य

[लोक निर्माण]

89. ( क्र. 1354 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि   (क) लोक निर्माण विभाग टीकमगढ़ अन्तर्गत वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 तक डिवाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी टीकमगढ़ ने क्या-क्या कार्य किये? उनके कार्य आदेशों की प्रतियां उपलब्ध करायें। (ख) वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 में डिवाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी टीकमगढ़ द्वारा किये गये व्यय की जानकारी उपलब्ध करायें। (ग) वर्ष 2019-20 से वर्ष 2023-24 में कुल कितनी राशि की पूर्णक स्वीकृति डिवाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के अनुबंध पर स्वीकृत की गई? सत्यापित प्रतियां उपलब्ध करायें। (घ) पूर्णक स्वीकृति प्रदान करने हेतु किस स्तर के विभागीय अधिकारी को कितनी राशि तक की स्वीकृति के अधिकार शासन द्वारा देय है? तत्संबंधी शासनादेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) अनुरूप नियम विरूद्ध तरीके से पूर्णक स्वीकृतियां प्रदान कर शासन को क्षति पहुंचाने वाले दोषी अधिकारियों पर कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी?                     (च) डिवाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को वर्ष 2017-18 से वर्ष 2023-24 तक कुल कितनी राशि की पूर्णक स्वीकृतियां दी गईं? अनुशंसावार उपलब्ध कराई जायें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ, 'अ-1',    'अ-2' एवं '1', '2', '3', '4' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ, 'अ-2' एवं '5' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है एवं सत्‍यापित छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-6 अनुसार है। (घ) निर्माण कार्यों में अनुबंधित राशि का 10 प्रतिशत तक पूरक कार्य स्वीकृति के अधिकार मुख्य अभियंता को प्रदत्त है। अर्थवर्क की वेरियेशन स्थिति में यह सीमा 30 प्रतिशत तक मुख्य अभियंता के पश्‍चात प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत किये जाते है। आदेशों की प्रतियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'7', '8' एवं '9' अनुसार है। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में निर्देशानुसार मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग सागर परिक्षेत्र द्वारा नियम विरूद्ध स्वीकृति प्रदान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-10 अनुसार है। (च) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-स अनुसार है।

नगर पंचायतों का गठन

[नगरीय विकास एवं आवास]

90. ( क्र. 1360 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रश्‍नकर्ता द्वारा बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुछ बड़ी ग्राम पंचायतों बहोरीबंद, रीठी, बिलहरी एवं स्लीमनाबाद को नगर पंचायत का दर्जा देने हेतु पूर्व में अनुरोध-पत्र शासन स्तर पर कई बार प्रेषित किए गये हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर में यदि हाँ तो इस संदर्भ में जिला प्रशासन द्वारा कौन-कौन से पत्र इस हेतु शासन को प्रेषित हैं? पत्र व्यवहार की छायाप्रति देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ क्या विभाग उल्लेखित ग्राम पंचायतों को नगर पंचायत का दर्जा देने पर विचार करेगा? यदि हाँ तो किस प्रकार से? कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार है। (ग) भारत के महारजिस्ट्रार गृह मंत्रालय नई दिल्ली के पत्र क्रमांक 9/33/2019- सीडी (जनरल) दिनांक 30 जून 2023 द्वारा प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं के निर्धारण की तिथि 30/06/2023 से बढ़ाकर दिनांक 31/12/2023 तक की गई है जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। वर्तमान में प्रशासनिक इकाइयों की सीमाओं के निर्धारण पर प्रतिबंध होने से नगर पंचायत गठन की कार्यवाही किया जाना वर्तमान में संभव नहीं है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विद्युत व्यवस्था

[ऊर्जा]

91. ( क्र. 1361 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) बहोरीबंद विधानसभा-क्षेत्र अंतर्गत ग्राम-कुआं में बनने वाले नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र का निर्माण किस निर्माण-एजेंसी द्वारा कितनी लागत से कब-तक पूर्ण करना है? अनुबंध अनुसार उक्‍त कार्य में निर्माण-एजेंसी को कौन-कौन से निर्माण कार्य कब तक पूर्ण करने थे? इससे किन-किन गांवों को लाभ प्राप्त होगा? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण का भूमि पूजन किस दिनांक को किया गया एवं प्रश्‍न दिनांक तक इसमें कितना काम हुआ एवं कितना काम किन कारणों से किया जाना शेष है? (ग) भूमि पूजन के 6 माह बाद भी सब स्टेशन कार्य पूर्ण न होने का दोषी कौन है? निर्माण कार्य में लापरवाही किसी स्तर के अधिकारी एवं निर्माण-एजेंसी द्वारा की गई? निर्माण कार्य में विलंब करने के दोषियों पर कब क्या कार्यवाही होगी एवं उल्लेखित सब-स्टेशन का निर्माण कब तक पूर्ण होगा? (घ) क्या बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत हेड-क्‍वार्टर्स में सभी जगह रेगुलर/संविदा लाइनमेन कर्मचारी पदस्थ नहीं है? कई जगह  आउटसोर्स-कर्मचारी से काम लिया जाता है? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के उत्तर में यदि हाँ तो क्या कंपनी बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत प्रत्येक हेड क्‍वार्टर्स में रेगुलर/संविदा कर्मचारी, आउटसोर्स कर्मचारी के स्थान पर पदस्थ किए जाएंगे जिससे विद्युत-व्यवस्था सुचारू रूप से निरंतर बनी रहे? उत्तर में यदि हाँ तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं तो क्यों नहीं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुआं में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य मेसर्स यूनिवर्सल एम.ई.पी. प्रोजेक्ट एण्ड इंजीनियरिंग सर्विसेस लिमिटेड, मुम्‍बई द्वारा लागत राशि रूपये 2.73 करोड़ से माह मई, 2024 तक पूर्ण किया जाना है। अनुबंध अनुसार ग्राम कुआं में 5 एम.व्ही.ए. क्षमता का नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्द्र तथा संबंधित 13.25 कि.मी. 33 के.व्ही. लाइन एवं 4.90 कि.मी. 11 के.व्ही. लाइन का निर्माण कार्य माह मई, 2024 तक पूर्ण किया जाना प्रस्तावित है। ग्राम कुआं में नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना उपरान्‍त लाभान्वित ग्रामों की सूची संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्लेखित 33/11 के.व्‍ही. नवीन विद्युत उपकेन्‍द्र के निर्माण हेतु दिनांक 28.03.2023 को भूमि पूजन किया गया है। उक्‍त नवीन विद्युत उपकेन्द्र के कंट्रोल रूम का कार्य पूर्ण हो चुका है एवं शेष कार्य प्रगति पर है, जिसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के प्रयास हैं। कार्यादेश अनुसार नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्द्र का कार्य मई, 2024 तक पूर्ण किया जाना है, अतः वर्तमान में शेष प्रगतिरत कार्यों के पूर्ण नहीं होने के कारणों का उल्लेख किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र के कार्य को कार्यादेशानुसार पूर्ण किए जाने की समयावधि माह मई-2024 है। उक्‍त कार्य प्रगतिरत हैं एवं उक्‍त कार्य को कार्यादेश के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में किसी के दोषी होने एवं कार्यवाही किये जाने का प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) जी नहीं, बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संचालन-संधारण संभाग/उपसंभाग एवं वितरण केन्‍द्रों में सभी जगह रेग्‍युलर/संविदा लाइनमेन एवं अन्‍य कर्मचारी पदस्‍थ हैं एवं उनकी सहायता हेतु आउटसोर्स कर्मचारियों को संलग्‍न किया गया है। (ड.) उत्‍तरांश (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "सत्ताईस"

विद्युत विभाग द्वारा किए गए विकास कार्य

[ऊर्जा]

92. ( क्र. 1365 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि    (क) विद्युत विभाग में विभागीय राशि द्वारा विगत 03 वर्षों में बालाघाट जिले में कितने नवीन 33 के.व्‍ही., 11 के.व्‍ही. उच्‍च दाब लाइनों, निम्‍न दाब लाइनों, वितरण ट्रांसफार्मरों एवं 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्रों के निर्माण किये गये हैं। वर्षवार स्‍थानवार सूची उपलब्‍ध कराएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में विद्युत विभाग बालाघाट को विगत 03 वर्षों में कुल कितनी राशि आवंटित की गई एवं उस राशि से कितने विकास कार्यों को किया गया व कितने कार्य प्रगति पर है। वर्षवार, स्‍थानवार सूची उपलब्‍ध करायें। (ग) बालाघाट मुख्यालय के बाहरी क्षेत्रों बस रही नई कॉलोनियों में स्थाई विद्युत कनेक्शन, ट्रांसफार्मर व विद्युत पोल लगाने के लिए क्या ऊर्जा मंत्रालय द्वारा कोई योजना संचालित की जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) बालाघाट जिले के संचालन/संधारण वृत्त बालाघाट अंतर्गत विभागीय मद में विगत 03 वर्षों में किये गये 11 के.व्‍ही. उच्‍चदाब लाइन, वितरण ट्रांसफार्मर तथा 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र में पावर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि/अतिरिक्‍त पावर ट्रांसफार्मर की स्‍थापना के कार्यों की वर्षवार, स्‍थानवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। विभिन्‍न स्‍थानों पर स्‍थापित उक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध 6.56 कि.मी. निम्‍नदाब लाइन का कार्य वर्ष 2020-21 में, 2.80 कि.मी. निम्‍नदाब लाइन का कार्य वर्ष 2021-22 में तथा 5.52 कि.मी. निम्‍नदाब लाइन का कार्य वर्ष 2022-23 में किया गया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र एवं अवधि में 33 के.व्‍ही. उच्‍चदाब लाइन एवं 33 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र की स्‍थापना नहीं की गई है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत विभागीय मद में विगत 03 वर्षों में आवंटित की गई राशि एवं उस राशि से किये गये कार्यों की प्रगति/अद्यतन स्थिति से संबंधित वर्षवार, स्‍थानवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार हैं। (ग) प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित कार्यों हेतु कोई योजना संचालित नहीं है। तथापि बालाघाट मुख्‍यालय के बाहरी क्षेत्रों में बस रही नवीन कॉलोनियों में विद्युतीकरण के लिये अधोसंरचना निर्मित किये जाने हेतु म.प्र. विद्युत नियामक आयोग द्वारा दिनांक 31.05.2022 को जारी मध्‍यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाइन प्रदान करने अथवा उपयोग किये संयन्‍त्र हेतु व्‍ययों तथा अन्‍य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण-द्वितीय) विनियम, 2022 में वर्णित विस्‍तृत प्रावधान अनुसार कार्य किये जा सकते हैं। विनियम की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

93. ( क्र. 1368 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत पिछले 5 वर्षों में विधायक निधि के स्वीकृत कार्य दिनांक 01.01.2024 की स्थिति में प्रारंभ व पूर्ण नहीं हो पाये है, जिसके लिए नगरपालिका परासिया के कौन-कौन अधिकारी/कर्मचारी जिम्मेदार हैं और उन पर विभाग द्वारा लापरवाही बरतने, समय-सीमा में निर्माण कार्य प्रारंभ व पूर्ण नहीं कराने के लिए क्या और कब तक कार्यवाही की जायेगी? (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार पिछले 5 वर्षों में स्वीकृत विधायक निधि के कार्यों को कब तक प्रारंभ कराकर पूर्ण करा दिया जायेगा? (ग) विधायक निधि के विभिन्न निर्माण कार्यों की अनुशंसा के उपरांत नगरपालिका परासिया में पदस्थ अधिकारी/इंजीनियर द्वारा समय पर अनुशंसित निर्माण कार्यों की तकनीकी स्वीकृति के संबंध में कार्यवाही नहीं की जाती है और न ही समय-सीमा पर तकनीकी स्वीकृति दी जाती है, इसका क्या कारण है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। 07 निर्माण कार्यों की प्रशासकीय एवं वित्‍तीय स्‍वीकृति कलेक्‍टर छिंदवाड़ा से दिनांक 05.10.2023 को प्राप्‍त होने के उपरांत दिनांक 06.10.2023 से विधानसभा चुनाव आचार संहिता प्रभावशील हो जाने तथा नगर पालिका पोर्टल में तकनीकी कारणों से बंद होने के कारण बिलंब हुआ है जिसके लिये कोई जवाबदार नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) मार्च 2024 तक पूर्ण किया जाना लक्षित है। (ग) विधानसभा आदर्श आचार संहिता प्रभावशील हो जाने से एवं ई-नगर पालिका पोर्टल में तकनीकी कारणों से सेवा बंद होने के कारण विलंब हुआ है।

परिशिष्ट - "अट्ठाईस"

कृषि क्षेत्र में विद्युत की खपत

[ऊर्जा]

94. ( क्र. 1376 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) प्रदेश के आर्थिक सर्वेक्षण में प्रदेश का सिंचित एरिया बढ़ने की बात कही गयी है तथा यह भी स्‍पष्‍ट कर दिया गया है कि सिंचित एरिया ग्राउण्‍ड वॉटर से सिंचाई द्वारा बढ़ा है? क्‍या विभाग यह मानता है कि ग्राउण्‍ड वॉटर से सिंचाई का सबसे बडा स्‍त्रोत बिजली है? (ख) यदि प्रश्‍नांश '''' का उत्‍तर हाँ है तो म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अन्‍तर्गत विगत पांच वर्षों में कृषि क्षेत्र में बिजली खपत के आंकड़े उपलब्‍ध करावें। विगत पांच वर्षों में कितने 33/11 के.व्‍ही. उपकेन्‍द्र बने, कितने नये वितरण ट्रांसफार्मर लगे तथा कितने वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि की गयी?    (ग) क्‍या शासन कृषक अनुदान योजना पुन: प्रारंभ कर रहा है? यदि हाँ, तो कब तक? योजना के स्‍वरूप की जानकारी दें। (घ) विधानसभा क्षेत्र सिवनी में ऐसे कितने ग्राम हैं जहां थ्री-फेस बिजली नहीं है जिसके कारण वहां के कृषक खेती में बिजली का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, प्रदेश का सिंचित क्षेत्र बढ़ा है, जिसमें बिजली का महत्‍वपूर्ण योगदान है। (ख) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत विगत 5 वर्षों में कृषि प्रयोजन हेतु विद्युत खपत से संबंधित जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। विगत पांच वर्षों में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत कंपनी क्षेत्रांतर्गत 148 नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र निर्मित किए गए, 76380 नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये एवं 3240 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य किए गए हैं। (ग) कृषकों को सिंचाई के लिए स्‍थायी कृषि पम्‍प विद्युत कनेक्‍शन लेने एवं अस्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शनों को स्‍थायी पम्‍प कनेक्‍शनों में परिवर्तित करने के लिए अनुदान आधारित ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' दिनांक 21/09/2023 से प्रचलन में है, जिसके तहत कृषक/कृषकों के समूह, जो 3 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता के स्‍थायी कृषि पम्‍प कनेक्‍शन लेना चाहते हैं, से प्राप्‍त आवेदनों का योजना के प्रावधानों के अनुरूप परीक्षण कर तकनीकी साध्‍यता अनुसार प्राक्‍कलन तैयार किये जाते हैं। योजनान्‍तर्गत विद्यमान अधोसंरचना से 200 मीटर की अधिकतम दूरी तक 11 के.व्‍ही. लाइन विस्‍तार एवं वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना का कार्य किये जाने तथा योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित सीलिंग कॉस्‍ट के अंतर्गत तकनीकी साध्‍यता के दृष्टिगत एल.टी. लाइन का कार्य किये जाने का प्रावधान है। उक्‍तानुसार प्रावधानित कार्य अनुसार स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की राशि में से 50 प्रतिशत कृषक अथवा कृषक समूह द्वारा, 40 प्रतिशत राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10 प्रतिशत संबंधित वितरण कंपनी द्वारा वहन की जायेगी। (घ) विधान सभा क्षेत्र सिवनी के अंतर्गत ऐसा कोई ग्राम नहीं है जहां थ्री फेस विद्युत सप्‍लाई नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "उनतीस"

ट्रांसफार्मर क्षमता में वृद्धि

[ऊर्जा]

95. ( क्र. 1378 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि  (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत किस-किस क्षमता के कितने-कितने वितरण ट्रांसफार्मर वितरण केन्‍द्रवार स्‍थापित है? विगत दो वर्षों में विधानसभा क्षेत्र में वितरण केन्‍द्रवार कितने वितरण ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं एवं उनमें कितने बदल दिये गये हैं, जानकारी देवें। सिवनी विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में किन-किन स्‍थलों पर लगे वितरण ट्रांसफार्मर खराब/बंद अवस्‍था में हैं? (ख) भार वृद्धि का आंकलन कर वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता में वृद्धि किये जाने के क्‍या नियम/निर्देश है? सिवनी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विगत 2 वर्षों में कितने और किन-किन स्‍थानों पर स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों की कब-कब क्षमता वृद्धि की गई? (ग) क्‍या यह सही है कि सिवनी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत मजरा/टोलों व ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे विद्युत सप्‍लाई नहीं की जा रही है? यदि हाँ, तो कारण स्‍पष्‍ट करते हुए बतावें कि कब तक उक्‍त क्षेत्रों में विद्युत सप्‍लाई 24 घंटे दिये जाने की योजना है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) सिवनी विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत विभिन्‍न क्षमताओं के स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों की कुल संख्‍या 4112 है, जिसका प्रश्‍नाधीन चाहा गया वितरण केन्‍द्रवार एवं वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमतावार विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। विगत 02 वित्‍तीय वर्षों, यथा-वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 (अद्यतन स्थिति में), में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कुल 623 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हुए हैं एवं इन समस्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों को बदल दिया गया है जिसकी प्रश्‍नाधीन चाही गयी वितरण केन्‍द्रवार जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वर्तमान में कोई भी खराब/बन्‍द वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु शेष नहीं हैं।    (ख) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत संभावित भार वृद्धि के दृष्टिगत प्रतिवर्ष विद्युत प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के आवश्‍यक कार्य प्रस्‍तावित किए जाते हैं, जिनमें वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य भी सम्मिलित होते हैं। मैदानी कार्यालयों से वितरण ट्रांसफार्मर पर संबंद्ध भार की गणना के साथ प्राप्‍त प्रस्‍तावों में से सामान्‍यत: 80 प्रतिशत से अधिक भारित वितरण ट्रांसफार्मरों को वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर कार्ययोजना में स्‍वीकृति प्रदान कर शामिल किया जाता है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विगत 02 वर्षों, यथा-वर्ष 2022-23 एवं वर्ष 2023-24 (अद्यतन स्थिति में), में 8 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की गयी हैं, जिसका प्रश्‍नाधीन चाहा गया विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। (ग) जी नहीं, प्रश्‍नाधीन क्षेत्रान्‍तर्गत समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित मजरों/टोलों के घरेलू विद्युत उपभोक्‍ताओं को अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर प्रतिदिन 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "तीस "

विद्युत की आपूर्ति

[ऊर्जा]

96. ( क्र. 1380 ) श्री सुनील उईके : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विभाग विधानसभा क्षेत्र जुन्‍नारदेव अंतर्गत शेष बचे गांव, मजरे-टोलों में जहां विद्युत आपूर्ति नहीं है उन क्षेत्रों में सर्वे कराकर विद्युत लाइन एवं नवीन विद्युत ट्रांसफार्मर लगाने पर विचार करेगा? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) क्‍या विधानसभा क्षेत्र जुन्‍नारदेव में विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर जो असफल एवं जले/खराब हैं, उन क्षेत्रों में सर्वे कराकर विद्युत वितरण ट्रांसफार्मर बदलने पर विचार करेंगे? यदि हाँ तो कब तक? (ग) विधानसभा क्षेत्र जुन्‍नारदेव में कम ताप वाले विद्युत ट्रांसफार्मर जहां किसानों को सिंचाई करने में असुविधा होती है, क्‍या विभाग इनका सर्वे कराकर इन क्षेत्रों में बड़ी क्षमता के विद्युत ट्रांसफार्मर लगाने पर विचार करेगा? यदि हाँ तो कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत, प्रश्‍नाधीन विधानसभा क्षेत्र सहित, समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके चिन्हित मजरों/टोलों का विद्युतीकरण पूर्व में प्रचलित विभिन्‍न विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत इन योजनाओं के प्रावधानों अनुसार किया जा चुका है। नए मजरों/टोलों/बसाहटों का बनना एक सतत् प्रक्रिया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र अंतर्गत वर्तमान में अविद्युतीकृत मजरों/टोलों/बसाहटों के विद्युतीकरण का कार्य वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप किया जा सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत वर्तमान में कोई भी जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु शेष नहीं हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण-सिस्‍टम मॉडर्नाइजेशन के अंतर्गत अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना एवं वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्यों को प्रस्‍तावित किया गया है। योजनांतर्गत द्वितीय चरण के कार्यों हेतु केन्‍द्र शासन से स्‍वीकृति प्राप्‍त होना शेष है। स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर वित्‍तीय उपलब्‍धता एवं योजना के प्रावधानों के अनुरूप उक्‍त कार्य किये जावेंगे। अत: वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

बायोमेट्रिक उपस्थिति की जानकारी

[ऊर्जा]

97. ( क्र. 1384 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                      (क) मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी में कार्यरत नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों की बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने हेतु दिनांक 01.01.2014 से 31.12.2016 के दौरान किस-किस फर्म से कुल कितनी संख्या में कितनी धनराशि के थम्ब व आईरिस डिवाइस खरीदे गये? एक डिवाइस की कीमत क्या थी? इनमें से कितने डिवाइस चोरी/गुम हुए व कितने अनुपयोगी पड़े हैं? यह डिवाइस हाजिरी व्यवस्था पुनः कब बहाल की जावेगी? (ख) क्या इन डिवाइस का इस्तेमाल नहीं कर कर्मचारियों से व्यक्तिगत एंड्रॉयड मोबाईल खरीदवाकर सेल्फी ई-अटेंडेंस लगाने की नई व्यवस्था 21 दिसम्बर, 2023 से आउटसोर्स हेतु लागू की गई है? यदि सेल्फी व्यवस्था लागू करना थी, तो लाखों रूपये खर्च से डिवाइस मशीन क्यों खरीदी गई? इस हेतु कौन दोषी है? मोबाईल सेल्फी ई-अटेंडेंस लागू होने से कई कर्मचारी अपने घरों से हाजिरी लगा रहे हैं, उन्हें कैसे रोका जायेगा? (ग) जिन ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क व सर्वर समस्या है एवं जिनके पास की-पेड फोन है, क्या उन्हें मेन्युअल हाजिरी जैसे विकल्प दिये गये हैं? यदि नहीं तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मियों की बायोमेट्रिक हाजिरी लगाने हेतु प्रश्‍नाधीन अवधि के दौरान 450 थम्‍ब एवं 650 आईरिस अर्थात कुल 1100 डिवाइस क्रय किए गए थे जिनकी कंपनीवार दर, मात्रा एवं राशि की संख्‍यात्‍मक जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। कुल 1100 डिवाइस में से 773 डिवाइस खराब, 293 डिवाइस उपयोगी तथा 34 डिवाइस चोरी/गुम हुए हैं। 20 नंबर चोरी/गुम हुये डिवाइसेस के संबंध में थाने में सूचना दर्ज कराई गई है एवं अन्‍य के संबंध में भी विधि/नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। उक्‍त डिवाइस से हाजरी लगाने की व्‍यवस्‍था पुन: बहाल किया जाना विचाराधीन नहीं है। (ख) जी हाँ। म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत सर्वप्रथम नियमित कर्मचारियों हेतु दिनांक 07 सितम्‍बर 2022 से एवं तदोपरांत दिनांक 21 दिसम्‍बर 2023 से आउटसोर्स कर्मचारियों हेतु सेल्‍फी आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है। पूर्व में वर्ष 2014 से बायोमेट्रिक अटेंडेंस व्‍यवस्‍था मार्च, 2020 तक सफलतापूर्वक उपयोग में थी, परंतु कोविड-19 वैश्विक महामारी के रोकथाम हेतु इस व्‍यवस्‍था को स्‍थगित कर दिया गया। उक्‍त व्‍यवस्‍था ''आधार'' आधारित थी जिस हेतु UIDAI के सर्वर से इंटीग्रेशन करने हेतु भुगतान करना होता है। ई-अटेंडेंस व्‍यवस्‍था पुन: प्रारंभ करते समय सेल्‍फी आधारित प्रणाली ज्‍यादा सुविधाजनक होने के दृष्टिगत प्रारंभ की गई है। वर्ष 2014 में यह तकनीक पूर्णत: स्‍थापित नहीं थी। अत: इसके लिए किसी को जिम्‍मेदार नहीं ठहराया जा सकता है। मोबाईल सेल्‍फी ई-अटेंडेंस प्रणाली कंपनी के कार्यालय/इकाई के अक्षांश/देशांतर जियो फेंसिंग (Geo- Fencing) पर आधारित है। अत: यह कहना सही नहीं है कि कई कर्मचारी अपने घरों से हाजिरी लगा रहे हैं। शेष प्रश्‍न नहीं उठता है।  (ग) ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क/सर्वर समस्‍या होने का कोई भी प्रकरण कंपनी के संज्ञान में नहीं आया है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है।

परिशिष्ट - "इकतीस"

विद्युत कटौती एवं डी.पी. निकालने की कार्यवाही

[ऊर्जा]

98. ( क्र. 1388 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या विधानसभा क्षेत्र भोपाल उत्‍तर अंतर्गत पुराने भोपाल में विद्युत कटौती/डी.पी. निकालने की कार्यवाही बिना किसी सूचना एवं बिना किसी समय निर्धारण के निरंतर की जा रही है? यदि हाँ तो इसके क्या कारण हैं? जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश '''' के परिप्रेक्ष्य में क्या केवल पुराने भोपाल में विद्युत कटौती हेतु पृथक से कोई आदेश मध्यप्रदेश शासन/विद्युत विभाग द्वारा जारी किया गया है? यदि हाँ तो विभाग द्वारा जारी किये गये आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश '''' एवं '''' के तारतम्य में यदि शासन द्वारा विद्युत कटौती के कोई आदेश शासन द्वारा जारी नहीं किये गये तो निरंतर विद्युत कटौती किये जाने के क्या कारण हैं? क्या असमय विद्युत कटौती किये जाने के लिए जिम्मेदारों पर कार्यवाही की जावेगी। यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं। अपितु प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत बिलों के बकायादार उपभोक्‍ताओं के विरूद्ध विद्युत बिल की बकाया राशि की वसूली किये जाने हेतु नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।         (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना में अचानक तकनीकी खराबी आने, विद्युत के अवैधानिक उपयोग/विद्युत लाइनों से छेड़छाड़ के कारण आए अवरोधों एवं विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव हेतु पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार लिये गए शटडाउन के कारण कतिपय अवसरों पर आए विद्युत व्‍यवधानों को छोड़कर किसी भी प्रकार की विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। अत: उपरोक्‍त के परिप्रेक्ष्‍य में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी पर कार्यवाही किए जाने का प्रश्‍न नहीं उठता हैं।

आवारा कुत्तों के काटे जाने से मृत्यु

[नगरीय विकास एवं आवास]

99. ( क्र. 1389 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम भोपाल द्वारा कुत्तों को पकड़ने के लिये क्या व्यवस्था है एवं शासन द्वारा कुत्तों को पकड़ने/नसबंदी में प्रतिवर्ष कितनी राशि व्यय की जाती है? जानकारी दें। (ख) भोपाल शहर में आवारा कुत्तों द्वारा कितने व्यक्तियों/बच्चों को काटा गया एवं कुत्तों के काटने से कितने व्यक्तियोँ/बच्चों की मृत्यु हो गई? सूची सहित सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।                      (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में आवारा कुत्तों के काटे जाने से जिन व्यक्तियों/बच्चों की मृत्यु हुई है, का जिम्मेदार कौन-कौन है? क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाही की जावेगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) आवारा श्वानों की जनसंख्या नियंत्रण हेतु पशु जन्‍म नियंत्रण (श्‍वान) नियम 2001 (वर्तमान में नये नियम पशु जन्‍म नियंत्रण नियम 2023 प्रभावशील है) के तहत नगर निगम भोपाल द्वारा एन.जी.ओ. के माध्यम से श्वान नसबंदी एवं एन्टी रैबीज टीकाकरण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्राप्त शिकायतों के आधार पर श्वान दल द्वारा कुत्तों को पकड़ कर नसबंदी केन्द्र तक टीकाकरण एवं नसबंदी हेतु पहुंचाया जाता है। शासन द्वारा पृथक से इस कार्य के लिए कोई राशि आवंटित नहीं की जाती है तथापि नगरीय निकाय अपनी निधि से कार्य संपादित करते है। (ख) वर्ष 2023 में मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी कार्यालय भोपाल से प्राप्‍त जानकारी अनुसार विभिन्न चिकित्सा संस्थाओं में व्यक्तियों/बच्चों को कुत्तों के काटने के कुल 13346 प्रकरण रिपोर्ट किए गए जिन्हें एंटी रैबीज टीकाकरण प्रदाय किया गया एवं इस अवधि में विभिन्‍न स्‍वास्‍थ्‍य संस्‍थाओं से कुत्‍तों के काटे जाने से किसी भी मृत्‍यु की सूचना दर्ज नहीं है। (ग) नगर निगम भोपाल द्वारा भोपाल शहर में आवारा कुत्तों के कारण होने वाली समस्याओं से निजात पाने एवं आवारा श्वानों की जनसंख्या नियंत्रण हेतु पशु जन्‍म नियंत्रण (श्‍वान) नियम 2001 (वर्तमान में नये नियम पशु जन्‍म नियंत्रण नियम 2023 प्रभावशील है) के तहत विधि सम्मत कार्यवाही की जाती है। शेषांश उपस्थित नहीं होता है।

स्‍वीकृत निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

100. ( क्र. 1393 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजगढ़ विधानसभा अन्‍तर्गत लोक निर्माण‍ विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21,     2021-22, 2022-23 2023-24 में कोई निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? यदि हाँ तो कौन-कौन से कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं? कार्य का नाम, लागत, एजेन्‍सी एवं कार्य पूर्ण करने की समयावधि सहित बतावें। (ख) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में से आज दिनांक तक कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो चुके है? कार्य का नाम, लागत एवं एजेन्‍सी सहित बतावें। (ग) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में से आज दिनांक तक      कौन-कौन से कार्य अपूर्ण है? अपूर्ण कार्य का नाम, लागत, कार्य पूर्ण करने की अवधि, कार्य अपूर्ण रहने का कारण एवं एजेन्‍सी का नाम सहित बतावें। (घ) उक्‍त अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण हो जावेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) से (घ) विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "बत्तीस"

मरम्‍मत कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

101. ( क्र. 1395 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत 5 वर्षों में राजगढ़ विधानसभा के अन्‍तर्गत कोई मरम्‍मत कार्य करवाये गये है? (ख) यदि हाँ तो कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी लागत के, कार्य की एजेन्‍सी के नाम सहित बतावें। (ग) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं? बतावें। (घ) उक्‍त स्‍वीकृत कार्यों में से कितने कार्य आज दिनांक तक अपूर्ण हैं? अपूर्ण रहने का कारण बतावें तथा कब तक कार्य पूर्ण कर दिये जावेंगे? बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ-5 अनुसार है। (घ) कुल 08 कार्य अपूर्ण। विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के स्‍तम्‍भ-6, 7 एवं 8 अनुसार है।

नवीन विद्युत वितरण केन्द्र के सृजन के प्रस्ताव का परीक्षण

[ऊर्जा]

102. ( क्र. 1396 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विधानसभा तारांकित प्रश्‍न क्र. 1876 दिनांक 11 मार्च 2022 एवं 1065 दिनांक 03 मार्च 2023 प्रश्‍नांशों में नवीन विद्युत वितरण केन्द्र निमरानी और पीपलगोन के सृजन के प्रस्ताव पर क्‍या म.प्र. पश्चिम विद्युत वितरण कंपनी के कॉर्पोरेट कार्यालय द्वारा परीक्षण कर लिया गया है? यदि हाँ तो प्रस्ताव साध्य पाया गया है? यदि नहीं तो कारण बतावें। (ख) क्या इन नवीन वितरण केन्द्रों को संचालक मण्डल का अनुमोदन प्राप्त हो चुका है? यदि हाँ तो कब तक स्वीकृति‍ होगी? नहीं तो कारण बतावें। (ग) क्‍या विधानसभा क्षेत्र कसरावद के ग्राम गोपालपुरा एवं बिटनेरा में स्वीकृत 33/11 के.व्ही. उपकेन्द्र निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया है? अगर नहीं तो कारण बतावें। कब तक प्रारंभ होगा? समय-सीमा बतावें। (घ) विधानसभा क्षेत्र कसरावद अंतर्गत आज भी मजरे-टोले और आबादी ग्राम विद्युतीकरण और 24 घण्टे विद्युत प्रदाय से वंचित है? अगर हाँ तो क्या कारण है कि इन गाँवों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, नवीन विद्युत वितरण केन्द्र निमरानी और पीपलगोन के सृजन के प्रस्ताव पर कंपनी द्वारा निर्धारित मापदंडों के आधार पर परीक्षण कर लिया गया है। उक्त प्रस्ताव असाध्य पाया गया है। वर्तमान में क्रियाशील वितरण केंद्र बालसमुद्र एवं मुलठान में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या एवं स्थापित विद्युत अधोसंरचना पर्याप्त है। अतः बालसमुद्र से निमरानी एवं मुलठान से पीपलगोन नवीन विद्युत वितरण केन्‍द्र सृजन करने की आवश्यकता नहीं है। (ख) नवीन विद्युत वितरण केन्द्र निमरानी और पीपलगोन के सृजन का प्रस्ताव असाध्य पाये जाने के कारण संचालक मण्डल का अनुमोदन लिये जाने की आवश्‍यकता नहीं है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों के निर्माण हेतु केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण में स्‍वीकृति प्रदान की गयी थी। उक्‍त कार्य हेतु म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा निविदा कार्यवाही के उपरान्‍त टर्न-की आधार पर मेसर्स एस्‍पॉन इन्‍फ्रास्‍ट्रक्‍चर लिमिटेड, दिल्‍ली को दिनांक 16.02.2023 को कार्यादेश जारी किया गया है। जिसके अनुसार उक्‍त कार्य को पूर्ण करने की समयावधि कार्यादेश की दिनांक से 24 माह है। वर्तमान स्थिति में उक्‍त नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है। उल्‍लेखनीय है कि उक्‍त क्रियान्‍वयन एजेंसी/फर्म को जिला खरगोन अंतर्गत 11 नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों के निर्माण हेतु कार्यादेश जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध वर्ष 2023-24 में 04 नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों यथा-गेरूबेडी, शिवना, अम्‍बा एवं कमोदवाड़ा के निर्माण कार्य हेतु लक्ष्‍य रखा गया है। क्रियान्‍वयन एजेंसी/फर्म द्वारा नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों गोपालपुरा एवं बिटनेरा का कार्य क्रमश: दिनांक 10.02.2024 एवं दिनांक 15.02.2024 से प्रारंभ किया जाना संभावित है। (घ) विधानसभा क्षेत्र कसरावद अंतर्गत समस्‍त 238 राजस्‍व ग्रामों एवं कुल चिन्हित 215 मजरों/टोलों में से 124 मजरों/टोलों में घरेलू विद्युत उपभोक्‍ताओं को अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर प्रतिदिन 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में राजस्‍व ग्रामों/आबादी क्षेत्रों से दूर अथवा खेतों में दूर-दूर छोटे-छोटे समूह में बसे 57 मजरों/टोलों में निवासरत परिवारों को समीपस्‍थ उपलब्‍ध विद्युत अधोसंरचना यथा-कृषि श्रेणी के 11 के.व्‍ही. फीडरों से संबद्ध कर अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर प्रतिदिन 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है तथा पूर्व में प्रचलित विद्युतीकरण योजनाओं के क्‍लोज होने के उपरान्‍त निर्मित कुल 34 चिन्हित मजरे/टोले वर्तमान में अविद्युतीकृत हैं। उक्‍त 57 मजरों/टोलों को गैर कृषि फीडरों के माध्‍यम से विद्युत प्रदाय करने के लिए एवं 34 नवीन निर्मित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण हेतु भविष्‍य में वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप उक्‍त कार्यों को किया जा सकेगा। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

तालाबों का गहरीकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

103. ( क्र. 1401 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में मांडव नगर परिषद् में थम्बा और टीप्किया तालाब गहरीकरण कार्य स्वीकृत किया गया था? यदि हाँ तो तकनीकी स्वीकृति और प्रशासकीय स्वीकृति की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावें। (ख) क्या इन तालाबों के गहरीकरण के कार्य हेतु निविदा आमंत्रित की गई? यदि हाँ तो निविदा की छायाप्रति उपलब्ध करावें और यदि नहीं तो किस कारण? (ग) क्या यह कार्य मजदूरों व एजेंसी को न देते हुए फर्जी रूप से अन्य फर्मों को भुगतान बताकर की गई अनियमितता की जाँच के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी? यदि हाँ तो शिकायत पत्र की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावें और बिल व्‍हाउचर की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावें। (घ) क्या इस कार्य के संबंध में कलेक्टर धार द्वारा जाँच समिति गठित की गई थी? यदि हाँ तो जाँच समिति द्वारा क्या कार्यवाही की गई? जाँच प्रतिवेदन की प्रमाणित छायाप्रति उपलब्ध करावें। यदि नहीं तो किस कारण? (ङ) क्या अपने पद व शक्ति का दुरुपयोग करने वाले दोषी अधिकारी या जनप्रतिनिधि पर कार्यवाही की जावेगी? यदि कार्यवाही की जावेगी तो कब तक और यदि नहीं तो किस कारण? स्पष्‍ट करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। ठेकेदार द्वारा दिये गये सहमति पत्र के आधार पर कार्य कराया गया। (ग) जी हाँ। शिकायत पत्र की प्रमाणित जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट 'अनुसार है। नगर परिषद् माण्‍डव के रिकार्ड में उपलब्‍ध बिल व्‍हाउचर की प्रमाणित जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट 'अनुसार है। (घ) जी हाँ। जांच समिति द्वारा की गई कार्यवाही का विवरण तथा जांच प्रतिवेदन की प्रमाणित जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट 'अनुसार है। (ड.) जी हाँ। कार्यवाही की गई है। आयुक्‍त, नगरीय प्रशासन एवं विकास, विभाग भोपाल के आदेश क्रमांक/शि./6/सा./माण्‍डव/2020/20739 भोपाल, दिनांक 01.12.2022 के अनुसार तत्‍कालीन मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी श्री संजय कानूनगो की दो वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से रोके जाने की शास्ति अधिरोपित की गई है। आदेश की प्रमाणित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

104. ( क्र. 1407 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अलीराजपुर से रतलाम मार्ग व्हाया झाबुआ पर अत्यधिक यातायात दबाव रहता है, क्या अलीराजपुर-झाबुआ-रतलाम मार्ग को फोर-लेन स्टेट हाईवे घोषित किया गया है, तो इसके बजट का क्या प्रावधान है तथा कब कार्य प्रारंभ होकर पूर्ण होगा? यदि फोर-लेन घोषित नहीं किया है तो कोई सर्वे लम्बित है? उक्त मार्ग को फोर-लेन घोषित करने हेतु सरकार की क्या कार्ययोजना प्रस्तावित है? (ख) झाबुआ, अलीराजपुर जिले में लोक निर्माण अन्तर्गत कितनी नवीन पुलिया का निर्माण प्रस्तावित है एवं कितनों का कार्य प्रगति पर है? वर्तमान में प्रस्तावित कार्य की क्या स्थिति है एवं अन्य क्षतिग्रस्त पुलियों का जीर्णोद्धार किया गया है? (ग) झाबुआ, अलीराजपुर जिले में लोक निर्माण विभाग के अन्तर्गत शासकीय भवनों के निर्माण एवं मरम्मत हेतु विगत तीन वर्षों में कितनी राशि का प्रावधान रखा गया है एवं कितने कार्य नवीन किये गये? कितने नवीन कार्य प्रस्तावित हैं? प्रस्तावित कार्यों की क्या स्थिति है? लम्बित होने का क्या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। अलीराजपुर-रतलाम-झाबुआ मार्ग को       फोर-लेन स्‍टेट हाईवे घोषित नहीं किया गया है। मार्ग निर्माण हेतु वर्तमान में बजट में कोई प्रावधान नहीं है। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। वर्तमान में उक्‍त मार्ग को फोर-लेन करने की कोई योजना प्रस्‍तावित नहीं है। (ख) विस्तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार है। (ग) विस्तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब एवं 'अ-1' अनुसार है।

ट्रांसफार्मरों का क्रय

[ऊर्जा]

105. ( क्र. 1410 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि        (क) संचारण-संधारण वृत्‍त उज्‍जैन अंतर्गत महिदपुर संभाग में 01 अप्रैल 2019 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक विद्युत वितरण कंपनी इंदौर द्वारा किस-किस कंपनी के नवीन वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित किये गये हैं? कंपनी का नाम एवं ठेकेदार के नाम की वर्षवार सूची देवें। (ख) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर द्वारा 01 अप्रैल 2019 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक 25, 50, 63, 100, 200 के.व्ही.ए. के ट्रांसफार्मर निविदा प्रक्रिया के तहत विभिन्‍न कंपनियों से किस दर से क्रय किये जा रहे हैं? (ग) विभाग द्वारा संविदा कर्मी की भर्ती किस ठेकेदार या कम्पनी के द्वारा करवाई जाती है? वह शासन द्वारा निर्धारित मापदंड से की जा रही है या नहीं? शासन द्वारा कम्पनियों को कितना वेतन भुगतान किया जाता है एवं कम्पनी द्वारा संविदा कर्मियों को कितना वेतन दिया जाता है? (घ) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर द्वारा संचालन-संधारण वृत्‍त उज्‍जैन अंतर्गत महिदपुर संभाग में ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू/सिंचाई ट्रांसफार्मर पर क्षमता से अधिक लोड वितरित कर रखे हैं। इस समस्या का विभाग द्वारा क्या हल किया गया है? विवरण उपलब्ध कराएं। यदि कोई योजना हो तो बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर के संचालन-संधारण वृत्त उज्जैन के महिदपुर संचालन-संधारण संभाग अंतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में स्थापित किए गए नवीन विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों की निर्माता कंपनी एवं ट्रांसफार्मर स्‍थापना का कार्य करने वाले ठेकेदार के नाम की वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में 25/63/100/200 के.व्ही.ए. क्षमता के निविदा प्रक्रिया उपरान्‍त क्रय किये गये/किये जा रहे वितरण ट्रांसफार्मरों की क्रय दर सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।                               (ग) विभाग अंतर्गत विद्युत कंपनियों में संविदा कर्मचारियों की भर्ती नियमित कार्मिकों हेतु अपनाई जाने वाली भर्ती प्रक्रिया के समान ही मध्यप्रदेश शासन द्वारा निर्धारित समस्त मापदंडों को पूर्ण करते हुए की जाती है। तथापि संविदा कार्मिकों को विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत लागू संविदा सेवा (अनुबंध तथा सेवा की शर्तें) संशोधित नियम, 2018” में उल्लेखित प्रावधान अनुसार समकक्ष नियमित कार्मिकों के वेतन का 90 प्रतिशत (मात्र संविदा पद- चार्टर्ड एकाउन्‍टेंट को 95 प्रतिशत) वेतन भुगतान किया जाता है। उल्‍लेखनीय है कि संविदा कार्मिकों की भर्ती बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता कंपनी/एजेन्‍सी के माध्‍यम से नहीं की जाती है एवं संविदा कार्मिक बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता कंपनी/एजेन्‍सी के कार्मिक नहीं होते है, अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है। (घ) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर के संचालन-संधारण वृत्‍त उज्जैन के महिदपुर संचालन-संधारण संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू/सिंचाई प्रयोजन हेतु स्‍थापित विद्युत वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता, उनसे संयोजित उपभोक्ताओं के विद्युत भार के अनुरूप है, किंतु प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में कतिपय प्रकरणों में उपभोक्ताओं के द्वारा स्‍वीकृत भार से अधिक भार का उपयोग कर लिये जाने के कारण वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हुए हैं। इसके निराकरण हेतु केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण लॉस रिडक्‍शन अंतर्गत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 100 के.व्‍ही.ए. क्षमता के 254 अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना के कार्य एवं प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना अंतर्गत 07 अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों के कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं।

मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

106. ( क्र. 1411 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निर्माणाधीन घोंसला से गोगापुर मार्ग के निर्माण कम्पनी, लागत राशि की जानकारी देवें। (ख) बताएं की रोड की गुणवत्ता हेतु किस-किस स्तर के अधिकारियों और इंजीनियरों द्वारा उक्त रोड एवं उस पर निर्मित पुलियाओं का निरीक्षण किया गया एवं क्या कमियां पाई गईं? जानकारी देवें व कार्यस्थल पर निरीक्षण करने वाले इंजीनियर व अधिकारी की सूची देवें। (ग) निर्माणाधीन रोड का सम्पूर्ण डामर, डब्‍ल्‍यू.एम.एम. हटाया है या नहीं? हटाया है तो क्या नवीन अर्थवर्क करके सी.आर.एम. और डब्‍ल्‍यू.एम.एम. करके डामरीकरण करना है? जानकारी देवें। (घ) क्या निर्माणाधीन रोड से पूर्व टोल वसूली की जा सकती है? यदि की जा सकती है तो इसकी दर किस आधार से तय की जाती है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार है। (ग) जी नहीं, निर्माणाधीन रोड का संपूर्ण डामर, डब्‍ल्‍यू.एम.एम. नहीं हटाया गया है। वर्तमान में मार्ग पर केवल चौड़ीकरण वाले भाग पर खुदाई कर नवीन अर्थवर्क का कार्य किया जा रहा है। जिसके उपरांत अनुबंधानुसार मार्ग के भिन्‍न-भिन्‍न भाग हेतु दिये गये भिन्‍न-भिन्‍न क्रास सेक्‍शन के आधार पर कार्य किया जाना है। मार्ग पर लागू क्रास सेक्‍शन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब अनुसार है (घ) जी नहीं। अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार टोल वसूली की जाती है। टोल दरों का निर्धारण म.प्र. शासन, लोक निर्माण विभाग के गजट नोटिफिकेशन के आधार पर किया जाता है।

नगर परिषद् अध्‍यक्ष व पार्षद द्वारा की गई अनियमितताएं

[नगरीय विकास एवं आवास]

107. ( क्र. 1412 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर परिषद् पिपलोदा के वार्ड 11 के पार्षद श्याम बिहारी पटेल को विगत वर्षों में विभिन्न अनियमितताओं को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया से निर्हर किया गया है? (ख) यदि हाँ तो वर्तमान पार्षद एवं पूर्व अध्यक्ष नगर परिषद् पिपलोदा वर्तमान में निर्वाचित पार्षद होकर किस प्रकार परिषद् के सदन की कार्यवाही में सम्मिलित हो रहे है एवं किस अधिकार से जबकि शासन/विभाग के आदेश क्र. एफ 4-3/2021-18-3 भोपाल दिनांक 2/12/2022 द्वारा 5 वर्ष के लिए निर्वाचन से निर्हरित किया गया है? (ग) क्‍या विगत वर्षों में भी माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय मंत्री जी, माननीय प्रमुख सचिव महोदय, माननीय आयुक्त महोदय सहित वरिष्ठ विभिन्न अधिकारियों को पत्रों के माध्यम से एवं पूर्व में विधानसभा सदन में भी प्रश्नों के माध्यम से ध्यान आकृष्ट किया जाता रहा है? (घ) वर्तमान में पदस्थ नगर परिषद् अध्यक्ष श्रीमती उपमा पटेल एवं पार्षद श्याम बिहारी पटेल के विरुद्ध अनेक भ्रष्टाचार, अनियमितताओं एवं नियम विरुद्ध किये गये अनेक कार्यों के साथ ही अपने सगे रिश्तेदार को नियम विरुद्ध लाभान्वित करने के भी दोषी रहे, उसके बावजूद वे किस नियम से सदन संचालित कर रहे हैं एवं इन्हें बर्खास्त करने हेतु योग्य आदेश कब जारी किया जाएगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) नगर परिषद् पिपलोदा के निर्वाचन दिनांक 13.07.2022 (बुधवार) को सम्पन्न हुए तथा निर्वाचन परिणाम दिनांक 18.07.2022 (सोमवार) को घोषित किए गए। तदानुसार श्री श्याम बिहारी पटेल वार्ड क्रमांक 11 से निर्वाचित घोषित हुए। प्रश्‍नांश में उल्लेखित आदेश दिनांक 02.12.2022 से प्रभावी हुआ जबकि निर्वाचन परिणाम उक्त दिनांक के पूर्व घोषित होने से श्री पटेल पार्षद के रूप में कार्यरत है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पत्र क्रमांक-1828/190/2021/18-3 दिनांक 28.04.2023 द्वारा विहित प्राधिकारी तथा कलेक्टर जिला रतलाम को मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 35 (जजज) (ट) के साथ सहपठित धारा 38 (2) के तहत कार्यवाही कर विभाग को अवगत कराने के निर्देश दिये गये। कलेक्टर द्वारा कार्यवाही प्रारंभ की गयी। इस दौरान श्री श्‍याम बिहारी पटेल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ इंदौर में याचिका क्रमांक-8129/2023 प्रस्‍तुत की गई। जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश दिनांक 18.04.2023 में आदेशित किया गया है कि In the mean while, it is clarified that the election, if any, of the petitioner already made prior to the passing of the impugned order shall not be effected by the same उपरोक्तानुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन होने के कारण श्री श्याम बिहारी पटेल परिषद् की बैठकों में सम्मिलित हो रहे है।                                   (ग) जी हाँ। (घ) विभागीय आदेश क्रमांक एफ 4-17/2020/18-3 भोपाल दिनांक 30.08.2022 द्वारा श्रीमती उपमा श्याम बिहारी पटेल, तत्का. अध्यक्ष न.प. पिपलोदा को भविष्य के लिए सचेत करते हुए उनके विरूद्ध जारी कारण बताओ सूचना पत्र दिनांक 16.12.2022 वापस लेकर प्रकरण निराकृत किया गया। श्री श्याम बिहारी पटेल के निर्वाचन के संबंध में स्थिति उत्तरांश '''' अनुसार है।

सड़क, पुल एवं पुलियाओं का निर्माण

[लोक निर्माण]

108. ( क्र. 1413 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि      (क) जावरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2015-16 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक सड़क, पुल, पुलिया तथा भवन इत्यादि प्रकार के जन उपयोगी कार्यों की स्वीकृतियां कुल कितनीकितनी लागत की प्रदान की गई? (ख) उपरोक्त उल्लेखित वर्षों के अंतर्गत शासन/विभाग द्वारा स्वीकृत कार्य किसकिस एजेंसी के द्वारा किये जाकर कब प्रारम्भ हुए, कितने कार्य पूर्ण हुए, कितने अपूर्ण रहे, कितने अप्रारम्भ रहे? कारण सहित वर्षवार जानकारी देंl (ग) उपरोक्त उल्लेखित वर्षों में अप्रारम्भ एवं अपूर्ण कार्यों के साथ ही गुणवत्‍ताविहीन किये गये कार्यों पर शासन/विभाग द्वारा क्या-क्या कार्यवाहियां की गईं? कब-कब जांच हुई? जांच अधिकारी एवं जांच दिनांक सहित वर्षवार जानकारी देंl (घ) बरगढ़ फंटा से भैंसाना फंटा रिंग रोड एवं जावरासीतामऊ रोड के मध्य स्वीकृत कार्य विलंबित हुए, गुणवत्‍ता विहीन हुए एवं लापरवाही पूर्ण कार्य होने की दशा में क्या-क्या कार्यवाहियां की गईं एवं आगामी नवीन जन आवश्‍यकताओं के किन-किन कार्यों के प्रस्ताव तैयार किये गये हैं? उन्हें कब स्वीकृति दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ एवं               'अ-1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ एवं 'अ-2' अनुसार है।                                       (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'अ-1' अनुसार है। सभी कार्य गुणवत्‍तापूर्ण है, अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) बरगढ़ फंटा से भैंसाना फंटा रिंग रोड में भू-अर्जन न होने के कारण प्रथम अनुबंध धारा 27.4 में बंद होने एवं भू-अर्जन पश्चात नवीन अनुबंध निष्पादन के कारण, कार्य में विलंब हुआ है। जावरा सीतामऊ मार्ग पर कोई कार्य स्‍वीकृत या प्रगतिरत नहीं है। गुणवत्ताहीन एवं लापरवाही पूर्ण होने की स्थिति न होने से शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। नवीन प्रस्‍ताव की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'अ-2' एवं 'अनुसार है।

अनुबंधानुसार निर्माण की लागत

[लोक निर्माण]

109. ( क्र. 1417 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या जावरा-नयागांव टोल पर परियोजना लागत का साढ़े चार गुना टोल 31 मार्च 2023 तक हो चुका है तथा अवधि अभी 12 वर्ष और शेष है? यदि हाँ तो बताएं कि अनुबंध की शर्तों को लेकर इसमें क्या उल्लेख है? (ख) क्या 31 मार्च 2023 तक कंसेशनर अनुसार परियोजना लागत 2547.09 करोड़ रूपये है जबकि अनुबंध अनुसार राशि 425.71 करोड़ रूपये है? इस अंतर का कारण बताएं शासन स्तर पर किस परियोजना लागत को वर्तमान में माना जायेगा? (ग) क्या लेबड़-जावरा टोल रोड पर परियोजना लागत का तीन गुना वसूलने के बाद भी फरवरी 2021 में अनुबंध 5 वर्ष बढ़ाने की लिए आवेदन दिया गया? अवधि बढ़ाई जाएगी या नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।             (ख) जी नहीं। कंसेशन अनुबंध में अनुबंधानुसार निर्माण लागत 425.71 करोड़ है एवं मई 2023 तक उक्‍त मार्ग पर कुल व्‍यय राशि रू. 2547.09 करोड़ है, जिसमें ब्‍याज, ऑपरेशन मेंटेनेंस लागत, प्रीमियम की राशि आदि परियोजना पर हुये व्‍यय सम्मिलित हैं। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 अनुसार। (ग) जी हाँ। अनुबंध में उल्‍लेखित टारगेट पी.सी.यू. के अनुपात में वास्‍तविक ट्रैफिक के घटने के कारण अनुबंध की कण्डिका 29 के प्रावधान के अनुसार कन्‍सेशन अवधि 5 वर्ष के लिए आवश्‍यक अनुमोदन के पश्‍चात आदेश जारी किए गए है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-2 अनुसार।

निर्माण कार्यों के लिये आवंटित राशि

[नगरीय विकास एवं आवास]

110. ( क्र. 1418 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नीमच विधानसभा की नगर पालिका एवं नगर परिषद् को विभिन्न निर्माण कार्यों हेतु 1 जनवरी, 2019 के पश्चात कुल कितनी राशि कहाँ-कहाँ के लिए प्राप्त हुई? कितना निर्माण कार्य पूर्ण हुआ, कितना किस कारण से शेष है, शेष निर्माण कार्यों को कब तक पूर्ण कर लिया जाएगा? पूर्ण एवं शेष निर्माण कार्यों की स्पष्ट जानकारी दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में ऐसे कितने निर्माण कार्य हैं जो 5 लाख से अधिक के हैं? सूची मय स्थलवार देवें। (ग) 1 जनवरी, 2015 के पश्चात नीमच विधानसभा में 50 लाख से अधिक के विभिन्न निर्माण कार्य कहाँ-कहाँ हुए हैं? कितनों का निर्माण पूर्ण हो गया है? कितनों का शेष है? सभी की जानकारी मय राशि के देवें।                                     (घ) शासन की विभिन्न योजनाओं अंतर्गत नीमच नगर पालिका को कितनी राशि किस-किस प्रोजेक्ट के तहत प्रदान की गई? कितनों का निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका है? कितनों का किस कारण से नहीं हुआ है? कार्य प्रारंभ नहीं होने के लिए कौन इसमें दोषी है? दोषियों के खिलाफ विभाग ने क्या कार्यवाही की? कार्य कब तक प्रारंभ कर दिए जाएंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट 'अनुसार है।             (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट 'अनुसार है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

111. ( क्र. 1421 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग संभाग श्योपुर में वर्ष 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी राशि से स्वीकृत हुए? वर्षवार जानकारी तथा उन पर कितना व्यय हुआ जानकारी प्रदान करें। (ख) संभाग श्योपुर में कौन-कौन से निर्माण कार्य हैं जो स्वीकृति एवं निविदा स्वीकृति उपरांत भी आज तक प्रारम्भ नहीं हुए की जानकारी उपलब्‍ध कराएं। निर्माण कार्य प्रारंभ न होने के क्या कारण हैं? कब तक प्रारंभ करा दिये जावेंगे? (ग) वर्ष 2018 से प्राकृतिक आपदा बाढ़ के समय क्षतिग्रस्त एवं जीर्ण-शीर्ण तथा नष्ट हुए भवनों, पुल-पुलियाओं सड़कों एवं अन्य सभी संरचनाओं को दुरूस्त एवं पुनर्निर्माण करा दिया गया है? यदि हाँ तो कौन-कौन से कार्य               कितनी-कितनी राशि से कराए गये हैं? जानकारी दें। क्या शासन शेष रहे उक्त निर्माण कार्यों को अतिशीघ्र पूर्ण कराये जाने हेतु बजट उपलब्ध कराएगा? यदि हाँ तो कब तक? (घ) प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत 03 वर्षों से पहुंच मार्ग सड़क निर्माण रन्नोद से सोठवा बजट में सम्मिलित कराये जाने हेतु मांग की जाती रही है यदि हाँ तो क्‍या विभाग उक्त कार्य के लिये बजट उपलब्ध करायेगा? यदि हाँ तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ,                  'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब एवं 'ब-1' अनुसार है।            (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-स एवं 'स-1' अनुसार है। (घ) बजट में सम्मिलित होने एवं प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी होने के उपरान्‍त निर्माण कार्य कराया जाना संभव होगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ऊर्जा विभाग की जानकारी

[ऊर्जा]

112. ( क्र. 1422 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ऊर्जा विभाग में फुके हुए डी.टी.आर. जैसे आबादी बस्ती, अ.जा./अ.ज.जा. बस्ती, नलजल योजना, पेयजल के प्रयोजन हेतु फुक जाने पर डी.टी.आर. बदले जाने के वर्तमान में क्या नियम एवं शर्तें हैं? नियम निर्देशों की प्रति उपलब्ध कराएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उक्त नियम निर्देशों का पालन श्योपुर जिले में किया जा रहा है। यदि हाँ तो उक्त नियमों के तहत विगत वित्तीय वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से फुके हुए डी.टी.आर. बदले गये एवं कौन-कौन से किस-किस स्थान के बदले गये? जानकारी उपलब्ध कराएं। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार शेष फुके हुए डी.टी.आर. कब तक बदले जावेंगे? समय-सीमा बताएं। यदि नहीं तो क्यों? (घ) क्या किसी डी.टी.आर. पर 22 कनेक्शन है एवं 12 का विद्युत बिल जमा है, 10 के शेष हैं तो उन शेष 10 कनेक्शन धारियों के कनेक्‍शन को विच्छेदन कर डी.टी.आर. उपलब्ध कराई जावेगी? यदि नहीं तो जिन्होंने विद्युत बिल जमा कर दिया उनकी विद्युत आपूर्ति क्‍यों रोकी जा रही है? हरनामचन्द्र का डेरा, धीरोली उपकेन्द्र ढोढर जिला श्योपुर म.प्र. के संदर्भ में जानकारी दें। (ड.) क्या लोड सेटिंग न होने के कारण डी.टी.आर. फुक रहे हैं - जैसे कि 25 के.वी.डी.टी.आर. पर 40 का लोड एवं 40 के.वी. डी.टी.आर. 65 के.वी. का लोड होने की वजह से बार-बार डी.टी.आर. फुक रहे हैं? यदि हाँ तो इस लोड सेटिंग के अनुपात को कब तक ठीक किया जावेगा? यदि नहीं तो कारण बताएं।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्‍यालय में 12 घंटे एवं अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितम्‍बर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्‍थापित करने के प्रावधान हैं, जिससे संबंधित आदेश/नियम की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है। तद्नुसार वितरण कंपनी द्वारा पहुंच मार्ग की उपलब्‍धतानुसार उक्‍त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है। (ख) जी हाँ, श्‍योपुर जिले में उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार कार्यवाही की जा रही है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वित्‍तीय वर्ष 2022-23 एवं चालू वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में प्रश्‍न दिनांक तक आबादी क्षेत्र के 705, अ.जा./अ.ज.जा. बस्‍ती के 117 एवं नलजल/पेयजल योजना के 98, इस प्रकार विभिन्‍न स्‍थानों को मिलाकर कुल 920 जले/खराब हुये वितरण ट्रांसफार्मरों के विरूद्ध 919 वितरण ट्रांसफार्मर बदले गये हैं, जिनका विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'', प्रपत्र-'' एवं           प्रपत्र-'अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न दिनांक तक मात्र हरनामचन्‍द्र का डेरा, धीरोली आबादी वाला 01 जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु शेष है, जो कि बकाया राशि जमा नहीं होने के कारण नियमानुसार अपात्र होने से नहीं बदला गया है, जिसे निर्धारित बकाया राशि जमा होने के उपरांत उत्‍तरांश (क) के उल्‍लेखानुसार निर्धारित समय-सीमा में बदलने की कार्यवाही की जावेगी, अत: वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।                   (घ) हरनामचन्‍द्र का डेरा, धीरोली आबादी के वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्‍ताओं पर कुल राशि रू 167395/- ब‍काया है एवं इससे 19 नंबर उपभोक्‍ता संयोजित हैं, जिनमें से मात्र 03 नंबर उपभोक्‍ताओं ने देयकों की आंशिक राशि रू 5000/- जमा की है। नियमानुसार वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध कुल उपभोक्‍ताओं में से 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा विद्युत देयक की राशि जमा कराने के उपरांत अथवा वितरण ट्रांसफार्मर से संबद्ध उपभोक्‍ताओं पर कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत अर्थात कम से कम कुल राशि रू. 16739/- जमा होने के पश्‍चात ही उक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर को चालू किया जा सकता है। (ड.) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। वितरण ट्रांसफार्मर तकनीकी उपकरण/सामग्री की श्रेणी में आते हैं, जिनके सतत् उपयोग के उपरान्‍त खराब होना एक सामान्‍य प्रक्रिया है।

अघोषित विद्युत कटौती एवं खराब विद्युत व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

113. ( क्र. 1423 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) विधानसभा क्षेत्र मुरैना अंतर्गत गत 6 माह से अघोषित विद्युत कटौती क्‍यों की जा है? यदि नहीं तो गत 6 माह में विधानसभा क्षेत्र मुरैना के समस्‍त विद्युत वितरण केन्‍द्रों द्वारा मासिक औसत घरेलू एवं कृषि हेतु कितने कितने घंटे विद्युत प्रदाय की गई? 6 माह की सूची देवें। (ख) क्‍या किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे अनिवार्य विद्युत प्रदाय के शासन के स्‍पष्‍ट निर्देश हैं? यदि हाँ तो मुरैना वि. क्षेत्र में 10 घंटे प्रतिदिन विद्युत क्‍यों नहीं दी जा रही है? गत 2 माह से औसतन प्रतिदिन 8 से 9 घंटे ही विद्युत तक सीमित क्‍यों रखा है? (ग) वर्तमान में उक्‍त क्षेत्र में कुल कितने विद्युत ट्रांसफार्मर जले/खराब पड़े है? सूची देवें। इन्‍हें बदला क्‍यों नहीं जा रहा है? किसानों को हो रहे नुकसान के लिए कौन जिम्‍मेदार है? क्‍या उक्‍त क्षेत्र में कहीं पर विद्युत तार (लाइन) भी काटी गई है? यदि हाँ तो क्‍यों? (घ) शासन द्वारा किसानों का बिल हर 6 माह में जमा किया जाने हेतु योजना बनाई है? यदि हाँ तो शासन की योजना एवं दिशा निर्देशों के बावजूद किसानों से बीच सीजन में वसूली क्‍यों की जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी नहीं, प्रश्‍नाधीन क्षेत्रान्‍तर्गत कोई अघोषित विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। उल्‍लेखनीय है कि प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना में अचानक तकनीकी खराबी आने, विद्युत के अवैधानिक उपयोग/विद्युत लाइनों से छेड़छाड़ के कारण आए अवरोधों एवं विद्युत अधोसंरचना के रखरखाव हेतु पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार लिये गए शटडाउन के कारण कतिपय अवसरों पर आए विद्युत व्‍यवधानों को छोड़कर किसी भी प्रकार की विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के समस्‍त घरेलू, कृषि एवं मिश्रित 11 के.व्‍ही. फीडरों पर प्रदाय की गई विद्युत की औसतन माहवार जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) जी हाँ, किसानों को प्रतिदिन 10 घंटे विद्युत प्रदाय किए जाने के शासन के निर्देश है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित व्‍यवधानों को छोड़कर किसानों को प्रतिमाह औसतन 09:55 घण्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, जिसकी जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रान्‍तर्गत वतर्मान में कुल 12 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हैं, जिसका विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं किए जाने के कारण उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु अपात्र हैं। वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर को बदला जाता है। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने पर, पात्र होने के उपरांत इन्‍हें निर्धारित समय-सीमा में बदल दिया जावेगा। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। उक्‍त विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहीं पर विद्युत तार (लाइन) नहीं काटी गई है। (घ) म.प्र. मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मीटर युक्‍त कृषि उपभोक्‍ताओं को प्रतिमाह विद्युत बिल जारी किये जाते हैं एवं फ्लैट रेट (अनमीटर्ड) कृषि उपभोक्‍ताओं की बिलिंग भी प्रतिमाह ही होती है, किन्‍तु भौतिक रूप से बिल 06 माह में 01 बार अर्थात वर्ष में 02 बार ही जारी किये जाते हैं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में मासिक अथवा छ: माही जारी किये गये बिलों के भुगतान नहीं होने पर बकायादार उपभोक्‍ताओं के विरूद्ध विद्युत बिल की बकाया राशि की वसूली किये जाने हेतु नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

परिशिष्ट - "तैंतीस"

सड़क निर्माण में किये गए भ्रष्टाचार की जांच

[लोक निर्माण]

114. ( क्र. 1426 ) श्री सुरेश राजे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                  (क) विधानसभा डबरा के अंतर्गत वर्तमान में कौन-कौन से कार्य किस मद से कितनी-कितनी राशि के निर्माणाधीन हैं? पूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें l (ख) विगत 2-3 वर्ष पूर्व डबरा शहर में पिछोर तिराहा से चीनोर रोड तक सड़क का निर्माण कार्य कुल कितनी राशि का स्वीकृत हुआ? इसके कार्य पूर्ण करने की अवधि कब तक है? किस ठेकेदार/फर्म द्वारा किस माह से कार्य प्रारंभ करवाया गया? अभी तक कितनी राशि व्यय की गयी? कार्य पूर्ण-अपूर्ण का कारण सहित प्राक्कलन की प्रति उपलब्ध करावें l (ग) प्रश्‍नांश (ख) के अनुसार डबरा शहर में पिछोर तिराहा से जेल रोड से होकर चीनोर रोड तक तथा पिछोर तिराहा से पिछोर मार्ग हाईवे तक रोड के दोनों तरफ कितने-कितने मीटर जल निकास नालों का निर्माण करवाया जाना है? जिसमें से कितने-कितने मीटर कार्य पूर्ण हो चुके हैं? शेष कार्य कब तक पूर्ण होगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ, 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब एवं 1, 2 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-स अनुसार है।

वृक्षारोपण एवं निर्माण कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

115. ( क्र. 1427 ) श्री सुरेश राजे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद् डबरा द्वारा वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में प्रधानमंत्री आवास अभी तक क्यों स्वीकृत नहीं किये गए हैं? क्या यह आवास योजना बंद कर दी गयी है? यदि नहीं तो कब तक आवास स्वीकृत कर राशि जारी की जाएगी? (ख) नगर पालिका डबरा द्वारा वर्ष 2023-24 में क्षेत्र के अंतर्गत सौंदर्यीकरण हेतु कहाँ-कहाँ वृक्षारोपण कर किस प्रकार के कितने-कितने पौधे लगाये गए? इस वृक्षारोपण हेतु किस-किस फर्म/कंपनी से निविदा किस दर पर प्राप्त हुई? लगाये गए पौधों के रख-रखाव पर अभी तक कितनी राशि का भुगतान किया गया? कितने पौधे जीवित हैं? पूर्ण जानकारी देवें l (ग) वर्ष 2023-24 में नगर पालिका डबरा क्षेत्र अंतर्गत कायाकल्प योजनान्तर्गत डामरीकरण हेतु किस-किस ठेकेदार/फर्म को कहाँ से कहाँ तक की सड़क कितनी राशि की स्वीकृत है? इनके कार्य पूर्ण करने की अवधि क्या है? प्रत्येक पर अभी तक कितनी राशि व्यय की गयी? क्या यह सत्य है की डामरीकरण की गयी सड़कों का गुणवत्ताहीन होने के कारण 2-3 माह में ही गड्ढे हो गए हैं? कब तक उच्च स्तरीय जांच कर कार्यवाही की जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मार्च 2023 तक कलेक्टर अनुमोदित सूची/नवीन प्रस्ताव प्राप्त न होने से स्वीकृति नहीं की गई। जी नहीं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की अवधि दिसम्बर 2024 तक सीमित है जिसमें पूर्व में स्वीकृत आवासों को ही पूर्ण कराये जाने के निर्देश है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।                (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। कायाकल्प योजनान्तर्गत निर्मित की गई डामरीकरण रोड की जांच शासकीय/एन.ए.बी.एल./फील्ड लैब एवं एस.क्यू.एम. द्वारा जांच की जाकर जांच रिर्पोट के परिणाम संतोषजनक प्राप्त होने पर भुगतान किया गया। वर्तमान में सड़कों में कोई गड्डे नहीं है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विद्युत वितरण हेतु ट्रांसफार्मर की स्‍थापना

[ऊर्जा]

116. ( क्र. 1430 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि       (क) म.प्र. पश्चिम क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शाजापुर संचालन-संधारण संभाग में मजरे-टोलों को 24 घंटे विद्युत सप्‍लाई हेतु ट्रांसफार्मर लगाने की कौन सी योजना वर्तमान में प्रचलन में है? उक्‍त योजनान्‍तर्गत कितनी राशि स्‍वीकृत हुई है? शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग के वितरण केन्‍द्रवार स्‍वीकृत एवं व्‍यय धनराशि की जानकारी देवें। (ख) म.प्र. पश्चिम क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग के कालापीपल वितरण केन्‍द्र के क्षेत्रान्‍तर्गत कितने मजरे-टोलों को 24 घंटे विद्युत प्रदाय का प्रस्‍ताव भेजा गया तथा कितने स्‍वीकृत किए गए हैं? प्रस्‍ताव की सूची ग्रामवार देवें। (ग) म.प्र. पश्चिम क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग के अंतर्गत वर्तमान वित्‍तीय वर्ष 01 अप्रैल 2023 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक विभिन्‍न श्रेणीवार विद्युत खपत कितनी है की माहवार सूची देवें। शुजालपुर संचालन-संधारण संभाग के अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 01 अप्रैल 2022 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक कितने घरेलू एवं सिंचाई श्रेणी के वितरण ट्रांसफार्मर फेल (जले/खराब) हुए है की वितरण केन्‍द्रवार संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत संचालन/संधारण संभाग, शाजापुर में मजरों/टोलों को 24 घंटे विद्युत प्रदाय हेतु ट्रांसफार्मर लगाने की कोई भी योजना वर्तमान में प्रचलन में नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर अंतर्गत वितरण केन्‍द्र कालापीपल क्षेत्र के समस्‍त राजस्‍व ग्राम एवं उनके चिन्हित मजरों/टोलों को पूर्व में प्रचलित विभिन्‍न विद्युतीकरण योजनाओं में विद्युतीकृत किया जा चुका है। नए घरों/मजरों/टोलों का निर्माण एक सतत् प्रक्रिया है। पूर्व में प्रचलित विद्युतीकरण योजनाओं के अंतर्गत कार्य पूर्ण होने के उपरान्‍त उक्‍त सभी योजनाएं समाप्‍त हो गई है। वितरण केन्‍द्र कालापीपल में मजरों/टोलों को 24 घंटे विद्युत प्रदाय करने संबंधी प्रस्‍ताव नहीं अपितु इसके लिए आवश्‍यक विद्युत अधोसंरचना उपलब्‍ध कराने के लिए चिन्‍हांकन/सर्वेक्षण कार्य किया गया था। भविष्‍य में तकनीकी/वित्‍तीय साध्‍यता एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता के आधार पर प्रस्‍ताव तैयार कर विद्युतीकरण का कार्य किया जा सकेगा। (ग) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्‍तर्गत संचालन-संधारण संभाग, शुजालपुर में वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में दिनांक 31 दिसंबर, 2023 तक की स्थिति में विद्युत खपत की श्रेणीवार, माहवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'''' अनुसार है। संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2022-23 एवं वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में दिनांक 31.12.2023 तक की स्थिति में घरेलू एवं कृषि श्रेणी के जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों की वितरण केन्‍द्रवार संख्‍यात्‍मक जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-''ब-1'' एवं प्रपत्र-'ब-2' अनुसार है।

व्‍यावसायिक भवन/दुकानों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

117. ( क्र. 1435 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम, इन्दौर के आधिपत्य/स्वामि‍त्व की नगरीय क्षेत्र में कितने व्यावसायिक भवन/दुकानें हैं, कहाँ-कहाँ कितनी दुकानें हैं? सूची उपलब्ध करावें।                (ख) उपरोक्त दुकानों की आवंटन प्रक्रिया क्या है? कौन-कौन सी दुकानें किस-किस को कब से आंवटित है? सूची उपलब्ध करावें। (ग) इन दुकानों/व्‍यावसायिक स्‍थानों का किराया नियमित जमा नहीं करने वालों की सूची उपलब्‍ध करावें एवं बताएं कि उन्होंने कब और कितना किराया नहीं चुकाया है? सूची उपलब्ध करावें। नियमित किराया जमा नहीं करने वालों के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जाती है, वह कब तक की जावेगी? (घ) दुकानों/व्यावसायिक स्थानों के किराया वसूली न हो पाने की दशा में उसके लिये कौन कर्मचारी/अधिकारी उत्तरदायी है? उनके नाम व पद और उन पर अब तक क्या कार्यवाही की गई? बताएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ अनुसार है। (ख) नगर पालिक निगम में आधिपत्य स्‍वामित्व की दुकानों का आंवटन मध्यप्रदेश अचल सम्पत्ति अंतरण नियम 1994 तथा 2016 वर्ष 20212023 के प्रावधानों अंतर्गत किया जाता है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-स अनुसार है। नियमित किराया जमा नहीं करने वालों के विरूद्ध किराया वसूली के साथ-साथ सरचार्ज वसूली की कार्यवाही की जाती है। यह प्रक्रिया नियमित एवं निरंतर होती है।          (घ) निगम के नियुक्त वसूली अमले द्वारा निरंतर प्रतिमाह प्रतिवर्ष निर्धारित समयावधि में किराया वसूल किया जाता है। विलम्ब होने की स्थिति में सरचार्ज सहित किराये की वसूली भी की जाती है। इस कारण शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है

पेयजल की समस्‍याओं का समाधान

[नगरीय विकास एवं आवास]

118. ( क्र. 1442 ) श्री हरिबाबू राय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अशोकनगर नगरपालिका परिषद् नगरीय क्षेत्र में वर्तमान माह जनवरी एवं फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई, 2024 तक समय काल के लिये आमजनता को पीने योग्य पानी प्रदाय बाबत् किस-किस संसाधन से किस प्रकार व्यवस्था रखी गयी है? एक मात्र साधन अमाही तालाब में पानी का संग्रह कितने समय तक का उपलब्ध है, उसके बाद निकाय द्वारा लोगों को पानी किस प्रकार किस पद्धति से उपलब्ध कराया जावेगा? नगर पालिका की आगामी योजना लोगों को पीने योग्य पानी देने बाबत् क्या है? बतावें। इस कार्य के लिये कितना बजट सुरक्षित रखा गया है? जानकारी देवें। (ख) नगरपालिका परिषद् अशोकनगर में गत वर्ष 2022-23 एवं चालू वर्ष 2023-24 समयकाल में नगर के विकास हेतु कौन-कौन से निर्माण कार्य कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत एवं पूर्ण कराए गए हैं? बतायें एवं वर्तमान में कितने कार्य कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत एवं पूर्ण कराए गए हैं? वर्तमान में कितने कार्य कितनी-कितनी लागत के कार्य स्वीकृत हैं? कितने चालू है? कितने पूर्ण हो चुके हैं, कितने कार्य निर्माणाधीन होकर पूर्ण होना शेष है? प्रत्येक कार्य की लागत स्वीकृति नाम स्थान सहित जानकारी देवें। (ग) नगरपालिका परिषद् अशोकनगर अंतर्गत कितने अस्थाई तथा स्थायी मस्टर कर्मी वेतन पर कार्यरत हैं? इनके नाम, वेतन, नियुक्ति दिनांक सहित उन्हें आवंटित कार्य सहित जानकारी देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-"ब" अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-"स" अनुसार है।

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के विभिन्‍न निविदाओं के संबंध में

[नगरीय विकास एवं आवास]

119. ( क्र. 1459 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक बी.सी.एल.एल. के निविदाकर्ता एवं वेण्डर्स के विरूद्ध कुल कितनी बकाया राशि है? कृपया निविदाकर्ता एवं वेण्डर्स के नाम के आधार पर उपरोक्त समय अवधि के अनुसार किसके विरूद्ध कितनी बकाया राशि है, का पूर्ण विवरण माहवार, वर्षवार मय दस्तावेज गौशवारा बनाकर देवें। बी.सी.एल.एल. के निविदा क्रमांक 25, 115, 127, 142, 149, 157, 183 के तहत निविदा दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक कितने नोटिस जारी हुये? नोटिस पर की गई कार्यवाही, अधिकारी का नाम, कार्यवाही की समय अवधि, निविदा की अवधि, निविदा अनुसार गौशवारा बनाकर पृथक-पृथक दें। (ख) भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के किन अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरूद्ध विभागीय जांच एवं न्यायालय की कार्यवाही प्रचलित है? अधिकारी एवं कर्मचारियों के नाम बताएं क्‍या बी.सी.एल.एल. में नियुक्त संविदा कर्मचारियों को 1 जनवरी 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक अधिकारियों द्वारा नोटिस/शोकॉज नोटिस अगर प्रदाय किये गये हैं तो उसकी जानकारी प्रदान करें। (ग) किन शर्तों पर बी.सी.एल.एल. की निविदा क्रमांक 78 के कार्य का अनुबंध किया गया? कृपया गौशवारा बनाकर अनुबंध की शर्तें दर्शाएं। क्या स्वीकृत निविदाकार ने अनुबंध की शर्तों का पालन किया? हाँ अथवा नहीं। यदि नहीं तो बी.सी.एल.एल. द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक फर्म के विरूद्ध क्या कार्यवाही की गई? क्या फर्म को ब्लैक लिस्ट किया गया? हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो ब्लैक लिस्ट करने की प्रक्रिया की जानकारी प्रदाय करें। क्या निविदा निरस्त की गई? हाँ अथवा नहीं। यदि नहीं तो क्यों नहीं की गई? कारण बताएं। (घ) बी.सी.एल.एल. में किस अनुबंध के या निविदा के तहत बी.सी.एल.एल. Chalo App नामक एप्लीकेशन तैयार किया गया? यदि नहीं किया गया तो यह एप्लीकेशन किस आधार पर निविदा क्रमांक 78 में बी.सी.एल.एल. के अधिकारियों द्वारा सम्मिलित किया गया? पूरी प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध करायें। क्या निविदा क्रमांक 78 एवं अन्य किसी निविदा पर 01 जनवरी 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक Comptroller and Auditor General एवं संचालनालय नगरीय प्रशासन द्वारा कोई आपत्ति या पत्राचार हुआ है? हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो पत्रों एवं विभाग द्वारा दिए गए जवाब की छायाप्रति प्रदान की जावे।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) जानकारी संकलित की जा रही है।

बी.सी.एल.एल. की एच.आर. पॉलिसी का अनुमोदन

[नगरीय विकास एवं आवास]

120. ( क्र. 1460 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बी.सी.एल.एल. की एच.आर. पॉलिसी संचालनालय नगरीय आवास एवं विकास, नगरीय प्रशासन या अन्य किसी शासन के विभाग द्वारा अनुमोदित की गई है? हाँ अथवा नहीं? यदि हाँ तो शासन के किस विभाग द्वारा अनुमोदित की गई है? क्या बी.सी.एल.एल. की एच.आर. पॉलिसी शासन के आदेश म.प्र. शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग, मंत्रालय, भोपाल पृष्ठांकन क्र. एफ-10-60/2017/18-2 भोपाल दिनांक 05/10/2018 में दिये निर्देशानुसार पदों को सृजन किया गया? हाँ अथवा नहीं। बी.सी.एल.एल. की एच.आर. पॉलिसी के तहत किया गया संविलियन आदेश क्या वैधानिक है? हाँ अथवा नहीं। संविलियन का कार्य किसकी कार्यशैली में आता है? आयुक्त नगर निगम, बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स बी.सी.एल.एल. या सामान्य प्रशासन विभाग? क्या बी.सी.एल.एल. शासन के निर्देश मानने को बाध्य है? हाँ अथवा नहीं। (ख) क्या बिना प्रथम नियुक्ति आदेश के कोई कर्मचारी पी.आर.ओ. पद पर नियुक्त/संविलियन हो सकता है? हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो प्रक्रिया बताएं। यदि नहीं तो क्या ऐसे कर्मचारी को तत्काल कार्यमुक्त करना चाहिए? हाँ अथवा नहीं। क्या बी.सी.एल.एल. का संविदा कर्मचारी नगर निगम के किसी पद पर कार्यरत हो सकता है? हाँ अथवा नहीं। पत्र क्र. बी.सी.एल.एल./2023/4373 दिनांक 23.09.2023 पर क्या कार्यवाही की गई, का पूर्ण विवरण प्रदाय करें। यह कार्यवाही कितनी समयावधि में होनी थी? पत्र में वर्णित जांच के लिये क्या कमेटी गठित की गई? हाँ अथवा नहीं? यदि हाँ तो जांच के कमेटी मेम्बर्स के नाम एवं पद बताएं। इस जांच से संबंधित समस्त विवरण प्रदान करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। बी.सी.एल.एल. की एच.आर. पॉलिसी भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के बोर्ड द्वारा आर अनुमोदित की गई है। जी नहीं। जी हाँ। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड की (बी.सी.एल.एल.) 36वीं बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक दिनांक 05.05.2022 के एजेण्डा बिन्दु क्रं.-3 में लिये गये निर्णय के अनुक्रम में एच.आर. पॉलिसी अंतर्गत बोर्ड द्वारा संविलियन किये जाने का निर्णय लिया। जी हाँ। बी.सी.एल.एल. शासन के निर्देशों को मानने हेतु बाध्य है तथा इस सम्बन्ध में बी.सी.एल.एल. बोर्ड समस्त निर्णय लेने हेतु सक्षम प्राधिकारी है। (ख) जी हाँ। भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड कम्पनीज अधिनियम-1956 अंर्तगत पंजीकृत संस्था है तथा बी.सी.एल.एल. के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन के बिन्दु क्र. 203 के उपबिन्दु 'एस' (To Appoint and Suspended Employees etc.) के तहत बी.सी.एल.एल. बोर्ड कर्मचारियों संबंधी निर्णय लेने में सक्षम है। जी हाँ। कार्यालयीन कार्यों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुये कर्मचारी की योग्यता एवं अनुभव के आधार पर विहित प्राधिकारी के अनुमति से कार्यप्रभार सौंपा जा सकता है। पत्र क्रं. बी.सी.एल.एल./202/4373 दिनांक 23.09.2023 के परिपालन में वांछित जानकारी दिनांक 06.10.2023 को उपलब्ध करा दी गई थी। उक्त पत्रानुसार 02 दिवस की समयावधि में जानकारी प्रदाय की जानी थी। जी हाँ। बी.सी.एल.एल. की 38वीं बोर्ड बैठक दिनांक 23/09/2023 के निर्णय अनुसार श्री संजय सोनी की नियुक्ति के संबंध में 03 सदस्यीय समिति गठित की गई, जिसमें श्रीमती निधि सिंह अपर आयुक्त, नगर पालिक निगम भोपाल, श्री मनोज राठौर महापौर परिषद् सदस्य यातायात एवं परिवहन विभाग तथा श्री गुणवंत सेवतकर अपर आयुक्त (वित्त) नगर पालिक निगम को सम्मिलित थे, परन्तु श्रीमती निधि सिंह के अवकाश अवधि में होने के कारण उक्त जांच समिति में श्री पवन कुमार सिंह, अपर आयुक्त नगर पालिक निगम को सम्मिलित किया गया है एवं वर्तमान में जांच की कार्यवाही प्रचलन में है।

नवीन ट्रान्‍सफार्मरों की स्‍थापना

[ऊर्जा]

121. ( क्र. 1463 ) श्री गिरीश गौतम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) म.प्र. पू.क्षे.वि.वि. कंपनी लिमिटेड संभाग मऊगंज अन्तर्गत विद्युत वितरण केन्द्र ढेरा/देवतालाब/रतनगवां/नईगढ़ी एवं मनगवां अन्तर्गत मनिकवार में कितने ट्रान्सफार्मर प्रश्‍न दिनांक तक जले हुए हैं? जले ट्रान्सफार्मरों की हार्स पावर वाइज संख्या बताएं। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित विद्युत वितरण केन्द्रों अन्तर्गत प्रभावित गावों में कब तक नया ट्रान्सफार्मर लगाकर उपभोक्ताओं को बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के संचालन/संधारण संभाग मऊगंज के विद्युत वितरण केन्‍द्रों यथा-ढेरा, देवतालाब, रतनगवां एवं नईगढ़ी अंतर्गत क्रमश: 2, 11, निरंक एवं 1 इस प्रकार कुल 14 तथा संचालन/संधारण संभाग रीवा-पूर्व के मनगवां एवं मनिकवार विद्युत वितरण केन्‍द्रों अंतर्गत क्रमश: 7 एवं 20 इस प्रकार कुल 27 वितरण ट्रांसफार्मर प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में जले/खराब हैं। उक्‍त में से 25 के.व्‍ही.ए. के 30, 63 के.व्‍ही.ए. के 6100 के.व्‍ही.ए. के 5 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार बकाया राशि जमा नहीं किये जाने के कारण उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु अपात्र है। वितरण ट्रांसफार्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्‍यालय में 12 घंटे एवं अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्‍थापित करने के प्रावधान हैं। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने पर, पात्र होने के उपरांत इन्‍हें निर्धारित समय-सीमा में बदल दिया जावेगा। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

त्रुटिपूर्ण विद्युत बिल में सुधार

[ऊर्जा]

122. ( क्र. 1464 ) श्री गिरीश गौतम : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि              (क) क्या यह सही है कि म.प्र. पू.क्षे.वि.वि. कंपनी लिमिटेड संभाग रीवा ईस्ट को बिजली बिल आई.बी.आर.एस.क्र. 1489006490 सुधार किये जाने हेतु कार्यालयीन पत्र क्रमांक 635 दिनांक 06.10.2023 जारी किया गया था? यदि हाँ तो क्या कार्यवाही की गयी? जानकारी दें। (ख) क्या विगत 10 वर्षों से ताला बंद घर जिसमें एक यूनिट प्रतिमाह भी खर्च नहीं है, में बिजली बिल 300 यूनिट प्रतिमाह की दर से प्रेषित कर 10 हजार रूपये से ज्‍यादा का बिल दिया गया है? यदि हाँ तो, बतायें कि एवरेज बिल का आधार क्या है? एवरेज बिल का स्पष्ट फार्मूला बतायें। (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) में वर्णित मनमाना एवरेज बिल निरस्त कर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? क्योंकि हजारों उपभोक्ता बिजली विभाग के मनमाने एवरेज बिल से परेशान हैं और बिजली विभाग में बिल सुधार की कार्यवाही नहीं हो रही है।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। उपभोक्‍ता के परिसर में स्थापित मीटर बंद/खराब होने के कारण उपभोक्ता को आंकलित खपत 300 यूनिट का देयक जारी हो रहा था। उपभोक्ता के परिसर में स्‍थापित खराब मीटर को बदलकर नया मीटर स्‍थापित करा दिया गया है एवं मीटर में दर्ज खपत के आधार पर पूर्व में आकंलित खपत के माह अगस्‍त-2023 से नवम्बर 2023 तक के देयक संशोधित कर दिनांक 25.01.2024 को उपभोक्ता के बिल में राशि रू. 9628 का समायोजन कर दिया गया है। (ख) उपभोक्ता को माह जुलाई-2023 तक परिसर में स्थापित मीटर में दर्ज खपत के आधार पर देयक जारी किया जाता रहा है जिसे उपभोक्ता द्वारा भुगतान भी किया जाता रहा है। माह जुलाई-2023 में स्थापित मीटर बंद/खराब हो जाने के कारण उपभोक्‍ता को माह अगस्त-2023 से नवम्बर-2023 तक प्रतिमाह 300 यूनिट आकंलित खपत का बिल जारी किया गया, जिसे पूर्व एवं वर्तमान खपत के आधार पर संशोधित कर दिया गया है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित बिजली बिल संशोधित कर दिया गया है। मीटर खराब होने की अवधि में आंकलित खपत के देयक जारी किये गये थे जिस हेतु कोई अधिकारी/कर्मचारी दोषी नहीं है। उपभोक्ताओं की बिल से संबंधित शिकायत प्राप्त होने पर वितरण कंपनी द्वारा शिकायतों का परीक्षण एवं उपभोक्ता परिसर का निरीक्षण कर आवश्‍यकतानुसार बिल सुधार सबंधी कार्यवाही की जा रही है।

पशुओं से हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम

[लोक निर्माण]

123. ( क्र. 1468 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना-श्योपुर रोड पर विगत 3 वर्षों में कितने एक्सीडेन्ट (दुर्घटना) हुए एवं कितने लोगों की एक्सीडेन्ट में मौत हुई? वर्षवार जानकारी देवें। (ख) मुरैना-श्योपुर (M.S.) रोड की चौड़ाई कम होने के कारण एक्सीडेन्ट हो रहे हैं। फोर-लेन बनाने का प्रस्ताव है। अगर हाँ तो कब तक बनाया जायेगा? समय-सीमा बतावें। (ग) क्‍या जौरा, कैलारस, सबलगढ़ में बायपास बनाये जाने का प्रस्ताव है? कब तक बनाया जायेगा? (घ) मुरैना-श्योपुर रोड पर गायों, पशुओं के कारण दुर्घटनाएं हो रही हैं, इसको खत्म करने का क्या प्रावधान है? इसके जिम्मेदार कौन हैं? दुर्घटना कम करने के लिये शासन की क्या योजना है एवं इसके दोषी कौन है? दोषियों पर कब तक कार्यवाही की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) मुरैना एवं श्‍योपुर जिले का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 एवं 2 अनुसार है। (ख) जी नहीं। एक्‍सीडेंट के अन्‍य कारण भी होते है। जी नहीं। भारत सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की स्वीकृति अनुसार मार्ग को टू-लेन विद पेव्हड शोल्डर बनाने हेतु प्रावधानित है। विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। अत: वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ग) जी हाँ, बायपास का निर्माण कार्य मूल मार्ग कार्य के साथ योजना में सम्मिलित है। स्वीकृति भारत सरकार, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से अपेक्षित है। अतः समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) मुरैना-श्योपुर मार्ग पर गायों एवं पशुओं से हो रही दुर्घटनाओं की जानकारी संज्ञान में नहीं है। पशुओं से हो रही दुर्घटनाओं की रोकथाम का दायित्‍व स्थानीय निकाय एवं पुलिस विभाग का है, अतः शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

घटिया सड़कों का निर्माण व संधारण

[लोक निर्माण]

124. ( क्र. 1471 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक रायसेन जिले की सिलवानी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत लोक निर्माण विभाग द्वारा कौन-कौन सी सड़कें, कितनी-कितनी लागत की कब-कब स्‍वीकृत की गई थीं? इन सड़कों का निर्माण किन-किन एजेंसियों द्वारा किया गया और कब इन कार्यों को पूर्ण किया गया? प्रत्‍येक सड़क की ग्‍यारंटी अवधि क्‍या थी? सड़कों का तकनीकी परीक्षण कब-कब वरिष्‍ठ तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया गया? विवरण दें व जानकारी दें कि इस अवधि में किये गये सड़कों के घटिया निर्माण की क्‍या उच्‍च स्‍तरीय जांच कराई जावेगी? यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित सड़कों के उखड़ जाने व आवागमन में आम जनता को हो रही परेशानी को देखते हुए क्‍या संधारण कार्य कराया जायेगा? यदि हाँ तो कब तक? नहीं तो क्‍यों? (ग) हाल ही में निर्मित सुल्‍तानगंज से सुनवाहा एवं झामर से खमकुंआ का निर्माण किस एजेंसी द्वारा किया गया है? क्‍या वरिष्‍ठ अधिकारी इन गुणवत्‍ताहीन निर्माण कार्यों का अवलोकन करेंगे? क्‍या घटिया निर्माण करने वाले सड़क निर्माताओं पर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो कब तक और यदि नहीं तो क्‍यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। कोई भी घटिया सड़क का निर्माण नहीं किया गया, अतः जांच का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ख) पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ में दर्शित पूर्ण हुई सड़कों में से वर्तमान में कोई भी सड़क उखड़ी नहीं है, अतः आम जनता को परेशानी का प्रश्‍न ही नहीं उठता। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) सुल्तानगंज सुनवाहा मार्ग का निर्माण पी.एम.जी.एस.वाय. द्वारा किया गया है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। प्रश्‍न में उल्लेखित झामर से खमकुंआ मार्ग की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-ब अनुसार है।

सड़क मार्गों के किनारे व्‍यवसायिक गतिविधियां

[नगरीय विकास एवं आवास]

125. ( क्र. 1472 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या किसी सड़क के चौड़ीकरण का एफ.ए.आर. से कोई संबंध है? यदि‍ हाँ, तो कितने चौड़े मार्ग पर व्‍यवसायिक गतिविधियां प्रारंभ की जा सकती है? (ख) क्‍या मार्ग के चौड़ीकरण का व्‍यवसायिक गतिविधियों से संबंध है? यदि हाँ, तो कितने-कितने फिट चौड़ी रोड पर कौन-कौन सी गतिविधियां प्रारंभ की जा सकी है? विस्‍तृत विवरण दें। (ग) भोपाल शहर के कौन-कौन से मुख्‍य मार्ग पर व्‍यवसायिक भवन बनाने की अनुमति है? कृपया मार्गों के नाम बतावें। (घ) क्‍या आवासीय भवनों में किसी प्रकार की व्‍यवसायिक गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं? यदि हाँ, तो                          कौन-कौन सी गतिविधियां? कृपया नाम बतावें व बतायें कि किस नियम या आदेश के तहत? उस आदेश की प्रति भी उपलब्‍ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) अशंतः जी हाँ। मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम-61 की टिप्पण-1 में सार्वजनिक प्रयोजन के लिये भूमि प्राधिकारी को सौंपने पर प्रतिकर के रूप में अतिरिक्त एफ.ए.आर. देने का प्रावधान है। म.प्र. भूमि विकास नियम, 2012 के नियम-41 (क) में प्रावधान है कि, 12.0 मीटर से अनिम्न चौड़े मार्ग पर आवासीय भवनों से भिन्न भवन मान्य है, यदि नगर की प्रचलित विकास योजना में मार्ग की विहित चौड़ाई पर वाणिज्यिक गतिविधियों मान्य हो तो। (ख) उत्तरांश "क" अनुसार। (ग) भोपाल विकास योजना-2005 में दर्शित प्रस्तावित रंगीन भूमि उपयोग मानचित्र में मुख्य मार्गों पर नीले रंग से दर्शित क्षेत्र में विकास योजना प्रावधानों के अंतर्गत व्यवसायिक गतिविधियां मान्य है। (घ) नगरों की पुनर्विलोकित विकास योजना अंगीकृत होने पर भूमि उपयोग उपांतरित होने की स्थिति में ही आवासीय भवनों में व्यवसायिक गतिविधियां सक्षम प्राधिकारी से अनुमति प्राप्त करने के उपरान्त संचालित की जा सकती हैं। मध्यप्रदेश भूमि विकास नियम, 2012 के नियम-37 (1) में परिशिष्ट-च अनुसार जो उद्योग आर-1 अनुज्ञात है, की छायाप्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

विद्युत विभाग में कार्यरत कर्मचारियों की पदस्‍थापना

[ऊर्जा]

126. ( क्र. 1490 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सतना वृत्त के अंतर्गत कौन-कौन कनिष्ठ अभियंता एवं प्रभारी सहायक अभियंता, सहायक अभियंता, कार्यपालन अभियंता विगत 5 वर्षों से सतना वृत्त में पदस्थ हैं? उनके नाम एवं पदस्थापना दिनांक सहित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) क्या विद्युत मंडल में कनिष्ठ अभियंता एवं उससे वरिष्ठ अभियंता एक वृत्त में अधिकतम 5 वर्ष तक रहने के नियम/प्रावधान है? यदि नहीं, तो सतना जिले में विद्युत विभाग में इसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? (ग) जो कनिष्ठ अभियंता/सहायक अभियंता एवं कार्यपालन अभियंता 5 वर्षों से सतना वृत्त में लगातार पदस्थ है, क्या वह नियम विरूद्ध नहीं है? क्या उनके स्थानांतरण किए जाएंगे? यदि नहीं, तो क्यों?                 (घ) विद्युत विभाग की SAMC योजना क्या है? उक्त योजना में उपभोक्ता से ट्रांसफार्मर एवं विद्युतीकरण कार्य के लिए कितना अंशभाग जमा कराया जाता है? सतना जिले के अंतर्गत                        01-04-2021 से प्रश्‍नांश दिनांक तक इस योजना के कितने कार्य आदेश जारी किए गए हैं और कहाँ-कहाँ कार्य हुए हैं? योजना में उपभोक्ता द्वारा आज दिनांक तक कितनी राशि जमा की गई? उक्त योजना के अंतर्गत कार्य की गुणवत्ता के संबंध में एवं उपभोक्ता से ज्यादा राशि लेने के संबंध में कितनी शिकायतें प्राप्त हुईं? उक्त शिकायतों में क्या जांच हुई? पूर्ण विवरण दें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) संचालन-संधारण वृत्‍त सतना के अंतर्गत कोई भी कार्यपालन अभियंता एवं सहायक अभियंता (नियमित) विगत 5 वर्षों से सतत् रूप से पदस्‍थ नहीं है, तथापि संचालन-संधारण वृत्‍त सतना अंतर्गत विगत 5 वर्षों से कार्यरत कनिष्‍ठ अभियंता/सहायक अभियंता-(चालू प्रभार) के नाम एवं पदस्‍थापना दिनांक सहित विस्‍तृत जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–'अनुसार है। (ख) मध्‍यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु परिपत्र क्रमांक-अ.स./पूर्व क्षेत्र/स्‍था.-3/430 दिनांक 11.01.2011 से पदस्‍थापना नीति जारी की गई है, जिसमें कनिष्‍ठ यंत्री से लेकर अ‍धीक्षण यंत्री तक के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पदस्‍थापना सामान्‍यत: एक ही जिले में 15 वर्ष से अधिक समय तक नहीं रखे जाने का प्रावधान है, किन्‍तु ऐसी अनिवार्यता नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।               (ग) जी नहीं। संबंधित कार्मिकों की पदस्‍थापना सतत् रूप से एक ही स्थान/कार्यालय में नहीं रखी गई हैं। प्रशासनिक आवश्‍यकतानुसार वृत्‍त अंतर्गत उनका स्‍थान परिवर्तित किया जाता रहा है।                   (घ) एस.ए.एम.सी. अर्थात सप्‍लाई अफोर्डिंग मिसलेनियस चार्जेस से अभिप्राय, मध्‍यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाइन प्रदान करने अथवा उपयोग किये संयन्‍त्र हेतु व्‍ययों तथा अन्‍य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण-द्वितीय) विनियम, 2022 {आरजी-31) (II), वर्ष 2022} के उपबंधों के अनुसार विद्यमान उपभोक्‍ता के संयोजित भार में वृद्धि हेतु एवं नवीन उपभोक्‍ता/आवेदक की आवश्‍यकता की पूर्ति के लिए, वितरण प्रणाली तथा पारेषण प्रणाली को विकसित करने/सुदृढ़ीकरण करने हेतु, उपभोक्‍ताओं/आवेदकों द्वारा विद्युत वितरण अनुज्ञप्तिधारी को देय विद्युत प्रदाय उपलब्‍धता प्रभार से है। विद्युत अधोसंरचना हेतु उपभोक्‍ता को विनियम आरजी-31 (ii) वर्ष 2022 के अध्‍याय 4 के अनुसार प्रभार देय होता है, जिसकी प्रति पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–'अनुसार है। सतना जिले के अंतर्गत दिनांक 01-04-2021 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में संचालन-संधारण वृत्त सतना के विभिन्न वितरण केन्द्रों के क्षेत्रान्‍तर्गत सप्‍लाई अफोर्डिंग चार्ज जमा करवाकर कुल 158 कार्य हेतु कार्यादेश जारी किये गए, जिनका विवरण पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र–'' अनुसार है। प्रश्‍नाधीन अवधि में उपभोक्ताओं द्वारा सप्‍लाई अफोर्डिंग चार्ज से संबंधित कार्यों में कुल राशि रू. 1.95 करोड़ जमा की गई। उक्‍त कार्यों के संबंध में कोई भी शिकायत आवेदक/उपभोक्‍ता द्वारा नहीं की गई है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

मण्डला जिले के निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

127. ( क्र. 1493 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मण्डला जिले में बिछिया में बायपास निर्माण के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री जी द्वारा कब-कब घोषणाएं की गई हैं? उन घोषणाओं को पूर्ण करने के लिए प्रत्येक बार क्या-क्या कार्यवाही की गई? विस्तार से जानकारी देवें। निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ किया जाएगा? (ख) विधानसभा बिछिया के ग्राम करियागांव में चिकनिया नाले में बनी पुलिया कब से क्षतिग्रस्त है? इसके सुधार व नवनिर्माण हेतु प्रश्‍नकर्ता द्वारा कब-कब प्रश्‍न लगाए गए एवं पत्र लिखे गए? उन पत्रों पर क्या कार्यवाही की गई? नागरिकों की समस्याओं के निराकरण हेतु इस पुलिया का निर्माण कब तक स्वीकृत कर प्रारंभ कराया जाएगा? (ग) वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा विधानसभा क्षेत्र में सड़कों, बायपास, ओवर-ब्रिज, भवन निर्माण, सड़क सुधार के लिए कब-कब पत्र लिखे गए? प्रश्‍नकर्ता द्वारा लिखे इन पत्रों पर कब-कब, क्या कार्यवाही की गई? कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गए जो कार्य स्वीकृत नहीं किये गए, उनके क्या कारण हैं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अ एवं '1' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-स एवं 'स-1' अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त माननीय विधायक महोदय द्वारा वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. विधानसभा सचिवालय को दिनांक 17.07.2019 एवं माननीय मंत्री लोक निर्माण विभाग (म.प्र.) भोपाल को दिनांक 18.07.2019 को तहसील मुख्‍यालय घुघरी में रेस्‍ट हाउस भवन निर्माण हेतु पत्राचार किए है, जिसके परिपालन में प्रस्‍ताव तैयार किया गया है जो परीक्षणाधीन है।

मंडला जिले के विभागीय कार्यों की जानकारी

[ऊर्जा]

128. ( क्र. 1494 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा मण्डला जिले में विभागीय मद से कौन-कौन से 33 के.व्‍ही. एवं 11 के.व्‍ही. उच्‍च दाब लाइनों के निर्माण, वितरण ट्रांसफार्मर एवं 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍थापना के कार्य किये गए? प्रत्येक कार्य की लागत एवं पूर्णता/अपूर्णता की स्थिति सहित जानकारी उपलब्ध कराएं।(ख) प्रश्‍नांश (क) अवधि में जनजातीय कार्य विभाग से प्राप्त राशि से कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये गए हैं? इन कार्यों में से प्रारंभ/अप्रारम्भ कार्यों की जानकारी देवें। अप्रारम्भ कार्यों के क्या कारण हैं? कब तक कार्य प्रारंभ कर दिए जाएंगे? (ग) विधानसभा बिछिया के ग्राम खलौड़ी में स्वीकृत 33 के.व्ही. सब स्टेशन के निर्माण हेतु वन विभाग से एन.ओ.सी. प्राप्त करने हेतु क्या-क्या प्रयास किये गए? क्या विभाग के प्रमुख सचिव, वन विभाग के प्रमुख सचिव से समन्वय बनाकर एन.ओ.सी. प्राप्त करने की कार्यवाही करेंगे? यदि नहीं तो क्यों? यदि हाँ तो कब तक? (घ) सौभाग्य योजना अंतर्गत मण्डला जिले के कार्यों में दोषी पाए गए अधिकारी, कर्मचारियों पर क्या कार्यवाही की गई है? प्रत्येक को दिए गए वसूली नोटिस के बाद अब तक कितनी राशि वसूल की गई है? दोषी अधिकारियों में से कौन-कौन अब भी प्रमुख पदों पर कार्यरत हैं? इसके क्या कारण हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जिला मण्डला अन्‍तर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि के दौरान विभागीय मद से किए गए प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित कार्य, कार्यों से संबंधित लागत, पूर्णता/अपूर्णता की स्थिति की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में जनजातीय कार्य विभाग से जिला दण्‍डाधिकारी मंडला द्वारा विद्युतीकरण कार्य हेतु जारी प्रशासनिक स्वीकृति आदेशों के संदर्भ में स्कूलों, छात्रावासों, सामुदायिक भवनों एवं मजरों/टोलों के विद्युतीकरण से संबंधित कुल 118 कार्यों हेतु राशि रूपये 396.77 लाख की स्वीकृति म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को प्राप्त हुई है। उक्‍त कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। उक्‍त कार्यों के क्रियान्‍वयन हेतु निविदा कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निविदा कार्यवाही पूर्ण होने के उपरान्‍त उक्‍त कार्यों को प्रारंभ किया जा सकेगा, अत: वर्तमान में निश्चित समय-सीमा दिया जाना संभव नहीं है। (ग) विधानसभा क्षेत्र बिछिया में स्वीकृत 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्‍द्र खलौड़ी के निर्माण हेतु वन विभाग से एन.ओ.सी. प्राप्त करने हेतु कार्यपालन अभियंता (संचालन/संधारण), बिछिया के द्वारा ऑनलाइन आवेदन क्रमांक/FPMP/tran/148198/2021, दिनांक 20.12.2021 के माध्यम से वन विभाग को आवेदन किया गया था। तदोपरान्‍त कार्यपालन अभियंता (संचालन/संधारण), बिछिया के द्वारा वन विभाग से एन.ओ.सी प्राप्त करने हेतु                 समय-समय पर वन विभाग को पत्र प्रेषित किये गये हैं। तत्संबंध में वन विभाग द्वारा सर्वे कर संयुक्त संचालक, बफर जोन, वनमण्डल कान्हा टाईगर रिजर्व, मण्डला के पत्र दिनांक 11.12.2023 के माध्यम से अवगत कराया गया है कि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा भारत सरकार के केन्द्रीय विद्युत प्राधिकरण की अधिसूचना दिनांक 08.06.2023 में उल्लेखित नवीन दिशा-निर्देशों के अनुसार कान्हा टाईगर रिजर्व के अधिसूचित ईको सेंसेटिव जोन (बफर जोन) में 33 के.व्ही. की विद्युत लाइन भूमिगत डाले जाने तथा ईको सेंसेटिव जोन के प्रारम्भ एवं अन्त (ईको सेंसेटिव जोन में प्रस्तावित विद्युत लाइन के दोनों छोर) में 500-500 मीटर अतिरिक्त लम्बाई में भूमिगत विद्युत लाइन डाले जाने की शर्त के अधीन सहमति व्यक्त की गई है एवं ओवर हेड 33 के.व्ही. लाइन के स्थान पर भूमिगत 33 के.व्ही. लाइन की केबिल डालने हेतु पुनरीक्षित आवेदन करने हेतु लेख किया गया है। तदानुसार वनभूमि क्षेत्र से 33 के.व्‍ही. की भूमिगत केबिल के कार्य हेतु तकनीकी साध्‍यता के परीक्षण उपरांत वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार अग्रिम कार्यवाही किया जाना संभव हो सकेगा। अत: प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित शेष कार्यवाही की आवश्‍यकता नहीं है। (घ) मण्‍डला जिले में सौभाग्‍य योजनांतर्गत विद्युतीकरण कार्यों में पायी गयी अनियमितताओं हेतु प्रथम दृष्‍टया दोषी पाये गये 18 अपचारी कामिर्कों के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की गयी। विभागीय जांच कार्यवाही उपरांत 03 अपचारी कार्मिकों को कंपनी सेवा से पृथक किया गया है। शेष 15 अपचारी कार्मिकों के विरूद्ध विभागीय जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। विभागीय जांच कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में पृथक से वसूली नोटिस नहीं दिया गया है। सौभाग्‍य योजना अंतर्गत विद्युतीकरण कार्यों में पायी गयी अनियमितताओं हेतु प्रथम दृष्‍टया दोषी पाये गये कोई भी अधिकारी/कर्मचारी जिला मण्‍डला में प्रमुख पदों पर पदस्‍थ नहीं हैं।

नगर पालिका परिषद् भिण्‍ड की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

129. ( क्र. 1502 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगर पालिका परिषद् भिण्‍ड द्वारा वर्ष 2019 से 2023 तक एक लाख रूपये की कम लागत से कितने निर्माण कार्य कराये गये हैं उनमें सर्वाधिक कार्य मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी द्वारा अपने नजदीकी लोगों को उक्‍त माध्‍यम से उपकृत किया गया है? (ख) वर्ष 2019 से 2023 तक नगर पालिका परिषद् भिण्‍ड में कौन-कौन मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी पदस्‍थ रहे हैं? (ग) क्‍या उस दौरान पदस्‍थ रहे मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी द्वारा कुछ नजदीकी व्‍यक्तियों के साथ मिलकर आर्थिक अनियमितताएं की गई है? (घ) क्‍या वर्ष 2019 से 2023 तक जो भी अनुपयोगी कार्य हुए हैं, उनकी जांच कब तक होगी और दोषियों के खिलाफ क्‍या कार्यवाही की जायेगी?
नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) कुल 3510 निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं, जिनमें से 2881 कार्य पूर्ण हो गये हैं। नजदीकी लोगों को उपकृत किये जाने की कोई जानकारी वर्तमान में संज्ञान में नहीं हैं। (ख) श्री जयनारायण पारा, श्री सुरेन्‍द्र शर्मा, ज्‍योति सिंह, श्री ओमनारायण सिंह, एस.डी.एम. भिण्‍ड तथा वर्तमान में श्री विरेन्‍द्र तिवारी पदस्‍थ है।                       (ग) वर्तमान में कोई जानकारी संज्ञान में नहीं है। विधानसभा प्रश्‍न के माध्‍यम से जानकारी संज्ञान में आने पर प्रकरण की जांच हेतु संचालनालय के आदेश क्रमांक/या.प्र./शा.7/202/1028 दिनांक 03.02.2024 द्वारा जांच समिति का गठन किया गया है। (घ) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने के उपरांत दोषी पाये जाने पर दोषियो के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।

नवनिर्मित सड़क की जानकारी

[लोक निर्माण]

130. ( क्र. 1503 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या ढोचरा-गोपालपुरा नवनर्मित सड़क का निर्माण कार्य किस वर्ष से आरंभ होकर किस वर्ष समाप्‍त हुआ है? उक्‍त सड़क की कुल लागत व निर्माण एजेंसी का नाम व प्राधिकृत अधिकारी का नाम और गारंटी कितने वर्ष की है? (ख) क्‍या एक बारिश में ही सड़क कई स्‍थानों पर धसक व टूट गई है? पुलिया भी उखड़ गई है? (ग) प्राधिकृत अधिकारी द्वारा क्‍या क्‍वालिटी नियंत्रित न करने के कारण हुआ है? (घ) क्‍या उक्‍त सड़क निर्माण में हुये आर्थिक अनियमितताओं की जांच व दोषी अधिकारी व एजेंसी के खिलाफ किस दिनांक तक कार्यवाही होगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी नहीं। शेष जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) से (घ) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार  है।

परिशिष्ट - "चौंतीस"

प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत ए.एच.पी. घटक आवासों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

131. ( क्र. 1507 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत सागर विधानसभा क्षेत्र में ए.एच.पी. घटक के कितने आवासों के निर्माण का लक्ष्य था एवं निर्माण कार्य पूर्ण किये जाने की समय-सीमा क्या थी? प्रश्‍न दिनांक तक कहाँ-कहाँ एवं कितने आवासों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है और कितनों का निर्माण कार्य शेष है, शेष निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?                                                     (ख) योजनांतर्गत प्रश्‍न दिनांक तक सागर विधानसभा क्षेत्र के कितने हितग्राहियों के आवास हेतु आवेदन प्राप्त हुये, इनमें से कितनें हितग्राहियों को आवास आंवटित किये गये तथा कितने शेष हैं? शेष को कब-तक आवास आंवटित किये जायेंगे? बताएं। (ग) क्या विभाग द्वारा योजनांतर्गत सागर विधानसभा क्षेत्र के हितग्राहियों को आवास आवंटन में लापरवाही की जा रही है? यदि हाँ तो अब तक ऐसी कितनी शिकायतें प्राप्त हुई एवं इन शिकायतों पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गयी है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के ए.एच.पी. घटक अन्तर्गत नगर पालिक निगम सागर में प्रश्‍न दिनांक तक स्वीकृत, पूर्ण एवं निर्माणाधीन आवासों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

परिशिष्ट - "पैंतीस"

सीवरेज प्रोजेक्ट की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

132. ( क्र. 1509 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या बड़वानी में सीवरेज प्रोजेक्ट का कार्य डी.पी.आर./निविदा शर्तों अनुसार चल रहा है? (ख) योजना में अब तक किए गए संपूर्ण भुगतान की जानकारी देवें। (ग) योजना में की गई हाईड्रोटेस्टिंग कहां-कहां की गई? (घ) योजना में कितने एच.एस.सी. किए गए हैं? वार्डवार ब्यौरा देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। (ग) अभी हाईड्रोटेस्टिंग का कार्य प्रारंभ नहीं किया गया है। (घ) योजना में एच.एस.सी. नहीं किये गये हैं। सीवर नेटवर्क बिछाने के कार्य के उपरांत एच.एस.सी. कार्य प्रारंभ किया जावेगा। वार्डवार ब्यौरा वर्तमान में दिया जाना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "छ्त्तीस"

फोरलेन सड़क की जानकारी

[लोक निर्माण]

133. ( क्र. 1517 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ उज्जैन फोरलेन सड़क की लम्बाई कितनी है? इसमें कितनी डामरीकरण सड़कों को क्रास कर फोरलेन रोड़ का निर्माण किया जा रहा है जानकारी देवें? क्रास की गई सड़कों के नाम, स्थान की जानकारी देवें? (ख) उपरोक्त क्रास सड़कों के स्थान पर ग्रामीण क्षेत्र की जनता हेतु क्रासिंग पाईन्ट दिए गए स्थान के नाम बतावें? क्या इन क्रासिंग पाईन्टों की ऊँचाई इतनी है कि कृषि हार्वेस्टर और अन्य साधन बिना किसी परेशानी के निकल सकें? (ग) सम्पूर्ण मार्ग पर कितने स्थानों पर कनेक्टिविटी पाईन्ट दिए हैं, जिससे कि ग्रामीण क्षेत्र की जनता को इस मार्ग का लाभ मिल सकें? नाम बताएं। (घ) सुवासरा विधानसभा की सुवासरा एवं शामगढ़ तहसील C आकार में राजस्थान सीमा से घिरा हुआ है तथा जिला मुख्यालय की प्रमुख सड़क से भी जुड़े हुये हैं, जिससे भविष्य में सिंहस्थ महापर्व को देखते हुये जब पूरे देश के करोड़ों श्रद्धालु उज्जैन की ओर प्रस्थान करेंगे तब अगर सुवासरा विधानसभा क्षेत्र सुवासरा रूनीजा रोड, सुवासरा तरनोद रोड, मकडावन, झोटावली में फोरलेन की कनेक्टिविटी दी जाए तो आवागमन में सुविधा होगी। इसके लिए विभाग द्वारा क्या योजना बनाई गई है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्‍नांकित कार्य लोक निर्माण विभाग के कार्य क्षेत्र के अंतर्गत नहीं हैअपितु भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन है। उनसे प्राप्त उत्तर  संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) से (ग) उत्तरांश ‘’’’ के अनुसार।

परिशिष्ट - "सैंतीस"

स्वीकृत एवं निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

134. ( क्र. 1520 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पोहरी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत 01/01/2019 से दिनांक 30/09/2023 तक विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य कितनी-कितनी राशि के, कहां-कहां पर, कब-कब स्वीकृत किये गये, उक्त कार्यों की निर्माण एजेंसी किस-किस को बनाया गया? उक्त कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है? (ख) पोहरी विधानसभा क्षेत्र में 31/12/2023 तक प्रगतिरत सड़क निर्माण कार्य कौन-कौन से हैं? उक्त कार्यों में से किन-किन कार्यों की भौतिक उपलब्धि शून्य होने के बावजूद अग्रिम वित्तीय भुगतान किया गया है? यदि हां तो किन-किन कार्यों का कितना-कितना भुगतान क्यों और किसके आदेश पर किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश '''' में वर्णित किन-किन कार्यों का, किन-किन के द्वारा मूल्यांकन किया गया तथा उक्त मूल्यांकन का भौतिक सत्यापन किन-किन के द्वारा, कब-कब, कितनी-कितनी राशि का किया गया? (घ) क्या यह सही है कि प्रश्‍नाधीन वर्णित प्रगतिरत सड़क मार्गों का भौतिक सत्यापन शून्य होने के बावजूद भी भुगतान किया गया है, उसकी जांच कराकर दोषी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? यदि हां तो कब तक, यदि नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं                           'अ-2' अनुसार है (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है कोई भुगतान नहीं किया गयाशेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है।                               (घ) उत्‍तरांश 'अनुसार।

विधायक निधि से स्वीकृत निर्माण कार्यों की राशि का भुगतान

[लोक निर्माण]

135. ( क्र. 1522 ) श्री देवेन्‍द्र कुमार जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या विधानसभा क्षेत्र कोलारस जिला शिवपुरी में विधायक निधि वित्तीय वर्ष 2020-21 से 06 निर्माण कार्यों हेतु कुल राशि रू. 44,54,990 की प्रशासकीय स्वीकृति जारी हुई थी? जिसकी निर्माण कार्य एजेंसी लोक निर्माण विभाग संभाग शिवपुरी था? क्या उक्त सभी निर्माण कार्य पूर्ण हो चुके हैं? यदि हाँ तो कार्य पूर्ण होने के उपरांत भी ठेकेदारों को राशि रू. 1234331 का भुगतान क्यों नहीं किया गया? सकारण जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कार्यालय प्रमुख अभियंता मध्यप्रदेश भोपाल (बी.सी.ओ.) द्वारा संभागीय कार्यालय शिवपुरी को बार-बार मांग करने के उपरांत भी ठेकेदारों की लंबित राशि के भुगतान हेतु आवंटन प्रदान क्यों नहीं किया गया? कारण सहित उत्तर दें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में क्या उल्लेखित राशि कार्यालय प्रमुख अभियंता लो.नि.वि. भोपाल (बी.सी.ओ.) के यहां सुरक्षित होने के बाद भी कार्यपालन यंत्री शिवपुरी को राशि का आवंटन नहीं किया जा रहा है अथवा उक्त राशि कार्यालय प्रमुख अभियंता लो.नि.वि. भोपाल (बी.सी.ओ.) द्वारा लैप्‍स कर दी गई है? स्पष्ट जानकारी दें? यदि राशि सुरक्षित है, तो कब-तक कार्यपालन यंत्री शिवपुरी को आवंटित कर दी जावेगी और यदि राशि लैप्‍स कर दी है, तो कब-तक लैप्‍स राशि के पुनः आवंटन की मांग योजना एवं आर्थिक सांख्यिकीय विभाग से की जावेगी तथा कब तक संबंधितों को लंबित राशि का भुगतान कर दिया जावेगा? सम्पूर्ण जानकारी स्पष्टतः उपलब्ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। जी हाँ। जी हाँ। भुगतान दिनांक 30.01.2024 को कर दिया गया है। शेष जानकारी का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ख) आवंटन दिनांक 25.01.2024 को प्राप्त हुआ एवं ठेकेदारों की लंबित राशि का भुगतान दिनांक 30.01.2024 को कर दिया गया है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) आवंटन दिनांक 25.01.2024 को प्राप्त। लंबित राशि का भुगतान कर दिया गया है एवं राशि लैप्‍स नहीं हुई है। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

पेयजलावर्धन योजना का क्रियान्वयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

136. ( क्र. 1523 ) श्री देवेन्‍द्र कुमार जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शिवपुरी नगर पालिका क्षेत्र में पेयजलापूर्ती हेतु मड़ीखेड़ा बांध से पानी उपलब्ध कराए जाने हेतु पेयजलावर्धन परियोजना के निर्माण की स्वीकृति कब हुई थी? परियोजना का निर्माण कार्य कब प्रारंभ हुआ व निविदा शर्तों के अनुसार कार्य कब तक पूर्ण होना तय हुआ था? परियोजना के निर्माण की प्रारंभिक लागत क्या थी तथा वर्तमान में लागत क्या है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार परियोजनांतर्गत निर्धारित कार्य में से कितने प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है व कितने प्रतिशत क्या-क्या कार्य किया जाना अभी भी शेष है? वार्डवार जानकारी उपलब्ध करावे, शेष कार्य अभी तक पूर्ण क्यों नहीं हो सका व आगामी कितने समय में पूर्ण हो जाएगा? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार परियोजना की कुल कितने किलो मीटर मुख्य पाइप लाइन को बदला जाना है? क्या इस हेतु निविदा की कार्यवाही पूर्ण हो कर कार्य आदेश जारी हो चुके है? यदि हाँ तो क्या कार्य प्रारंभ हो चुका है? यदि नहीं तो कार्य किस दिनांक से प्रारंभ होगा? निविदा शर्तों के अनुसार मुख्य पाइप लाइन कब तक बदल दी जावेगी तथा इस दौरान शहरवासियों को पेयजल की आपूर्ति की व्यवस्था हेतु क्या योजना है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (‍क) दिनांक 31.03.2008 को योजना स्‍वीकृत हुई। अनुबंध अनुसार परियोजना का कार्य दिनांक 25.09.2011 में पूर्ण होना था। परियोजना की प्रारंभिक लागत राशि रू. 59.64 करोड़ स्‍वीकृत थी। जन निजी भागीदारी आधारित निविदा आमंत्रण के उपरांत उक्‍त कार्य हेतु राशि रू. 80.71 करोड़ की दर स्‍वीकृत हुई। (ख) कार्य पूर्ण किया जा चुका है। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।

परिशिष्ट - "अड़तीस"

उच्‍च स्‍तरीय पुल निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया

[लोक निर्माण]

137. ( क्र. 1538 ) श्री बाला बच्चन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय, यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) धार‍ जिले का मनावर सेमल्‍दा रोड, जो बड़वानी जिले के अंजड़ को जोड़ता है यहां पर उच्‍च स्‍तरीय पुल के निर्माण की टेंडर प्रक्रिया की अद्यतन स्थिति देवें। (ख) जिन फर्मों ने टेंडर प्रस्‍तुत किए उनके नाम, पता, जी.एस.टी. नंबर सहित देवें। क्‍या फर्म का चयन कर लिया गया है? यदि हाँ तो चयनित फर्म नाम, लागत, कार्य प्रारंभ दिनांक सहित जानकारी देवें। (ग) क्‍या उत्‍तर दिनांक तक निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा? यदि नहीं तो कब-तक निर्माण कार्य प्रारंभ होगा? (घ) कब-तक इस कार्य को पूर्ण कर आवागमन हेतु जनता को उपलब्‍ध करा दिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) निविदा में प्राप्त न्यूनतम निविदा राशि का प्रस्ताव प्रमुख अभियंता कार्यालय में दिनांक 17.01.2024 को प्राप्त हुआ हैस्वीकृति पर विचार करने हेतु शासन स्तर की आगामी निविदा निराकरण समिति की बैठक में सम्मिलित किया जावेगा।                        (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है जी नहींशेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।                        (ग) उत्‍तरांश ‘’’’ के परिप्रेक्ष्य में निर्माण कार्य प्रारंभ करने की तिथि बताना संभव नहीं है। वर्तमान में बताया जाना संभव नहीं है। (घ) उत्‍तरांश ‘’’’ के परिप्रेक्ष्य में कार्य को पूर्ण कर आवागमन हेतु जनता को उपलब्ध कराने की तिथि वर्तमान में बताना संभव नहीं है।

परिशिष्ट - "उनतालीस"

दोषी अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

138. ( क्र. 1547 ) श्री केशव देसाई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश के कौन-कौन से निकायों में ठेकेदार द्वारा विभिन्न विकास कार्य से संबंधित जमा एफ.डी.आर. फर्जी पायी गयी? नगर पालिका परिषद् गोहद में स्वीकृत मुख्यमंत्री अधोसंरचना (तृतीय चरण) के कार्य हेतु किस-किस ठेकेदार/फर्म के टेण्डर स्वीकृत किये गये है तथा उनके द्वारा कार्य की अमानत/बैंक गारण्टी के रूप में जमा एफ.डी.आर. फर्जी पायी गयी है? सूची उपलब्ध करावें। (ख) यदि हाँ तो क्या ठेकेदार/फर्म को स्वीकृत किये गये टेण्डर को निरस्त किया गया है? क्या फर्म के विरूद्ध कोई कार्यवाही की गई है? यदि हाँ तो क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो कब तक कार्यवाही की जावेगी? (ग) ठेकेदार/फर्म के टेण्डर निरस्त की कार्यवाही किस नियम के तहत नहीं की गयी है? टेण्डर निरस्त नहीं करने वाले दोषी अधिकारी के विरूद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका परिषद्/नगर परिषद् भिण्‍ड, गोहद, गरोठ, बड़ावदा एवं मण्‍डीदीप में जमा एफ.डी.आर. फर्जी पाई गई। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। जी हाँ। नगर पालिका परिषद् गोहद द्वारा संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध समस्‍त कार्यों को निरस्‍त करने की कार्यवाही की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश ‘’’’ के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "चालीस"

जिला रतलाम एवं भोपाल नगर निगम की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

139. ( क्र. 1567 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम एवं भोपाल नगर निगम के अंतर्गत भवन अनुज्ञा शाखा में वर्तमान में कौन-कौन अधिकारी-कर्मचारी पदस्थ हैं? उनके नाम, पदनाम सहित संपूर्ण सूची देवें एवं उन्हें विभागीय रूप से आवंटित कार्यों की जानकारी उपलब्ध करावें एवं उनका विभागीय उत्तरदायित्व जो विभाग द्वारा निर्धारित किया गया है, उसकी जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित नगर निगमों में दिनांक 01 जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में कुल कितनी अवैध निर्माण की शिकायतें संबंधित आयुक्त एवं विभागीय प्रमुख सचिव को विभिन्न संस्थाओं पत्रकारों से एवं आम नागरिकों एवं जन प्रतिनिधियों से प्राप्त हुई है? प्रत्येक शिकायत पर सक्षम अधिकारी द्वारा क्या-क्या कार्यवाही प्रश्‍न दिनांक तक की गई संपूर्ण जानकारी देवें।                        (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित नगर निगमों में दिनांक 01 जनवरी 2018 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में जो अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई हैं, उक्त अवैध कॉलोनियों के नाम, खसरा क्रमांक, अवैध कॉलोनी काटने वाले व्यक्ति का नाम, पता सहित सक्षम अधिकारी द्वारा अवैध कॉलोनाइजरों के विरूद्ध विभागीय रूप से जो संबंधित थानें में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उसकी                     पृथक-पृथक प्रथम सूचना रिपोर्टवार जानकारी उपलब्ध करावें। कितने अवैध कॉलोनाइजरों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराया जाना शेष है, उनकी भी संपूर्ण सूची उपलब्ध करावें। (घ) क्या यह सत्य है कि दिनांक 15.01.2024 को प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा विभाग के प्रमुख सचिव को दो          पृथक-पृथक पत्र नगर निगम भोपाल में प्रचलित अवैध निर्माण के संबंध में शिकायत की गई थी? यदि हाँ तो उक्त प्रत्येक शिकायत पर क्या कार्यवाही सदन में उत्तर देने के दिनांक तक की गई? संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (घ) की जानकारी संकलित की जा रही है

विद्युत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि

[ऊर्जा]

140. ( क्र. 1570 ) श्री भैरो सिंह बापू : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                   (क) म.प्र. पश्‍चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि‍मिटेड, इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत जिला आगर मालवा अंतर्गत सुसनेर विधानसभा में कुल कितने 33/11 के. व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍थापित हैं की नाम सहित पावर ट्रांसफार्मर की क्षमतावार जानकारी देवें। विधानसभा क्षेत्र के कितने ऐसे राजस्‍व ग्राम है जहां क्षमता से कम के पावर ट्रांसफार्मर विद्युत उपकेन्‍द्र पर स्‍थापित होने से वोल्‍टेज की कमी, ट्रांसफार्मर जल जाना आदि की समस्‍या से ग्रामीणों को घरेलू बिजली तथा खेतों में सिंचाई का कार्य प्रभावित हो रहा है? विद्युत 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र एवं संबंधित ग्रामवार जानकारी बतावें।              (ख) जिला आगर-मालवा अंतर्गत सुसनेर विधानसभा में कितने राजस्‍व ग्रामों में विगत 03 माह से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कितने वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हुये, कितने को पुन: स्‍थापित किया गया तथा कितने आवेदन वितरण केन्‍द्र कार्यालय में क्षमता वृद्धि के प्राप्‍त हुए की संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। (ग) जिला आगर मालवा अंतर्गत सुसनेर विधानसभा में कितने राजस्‍व ग्रामों में क्‍या विद्युत वितरण कंपनी इंदौर द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जहां क्षमता से कम के ट्रांसफार्मर है उन क्षेत्रों का सर्वे कर क्षमता वृद्धि की जावेंगी? क्‍या बार-बार ट्रांसफार्मर जलने से शासन का व्‍यय नहीं होता है एक ट्रांसफार्मर जलने के उपरांत पुन: रिपेयर्ड ट्रांसफार्मर स्‍थापित करने में प्रति ट्रांसफार्मर परिवहन सहित अनुमानित कितना खर्च होता है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर क्षेत्रांतर्गत जिला आगर-मालवा के सुसनेर विधानसभा क्षेत्र में कुल 19, 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र स्‍थापित हैं, जिनकी नामवार, पॉवर ट्रांसफार्मर की क्षमतावार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत विद्युत उपकेन्‍द्रों में स्‍थापित पॉवर ट्रांसफार्मरों की क्षमता समस्‍त विद्युत उपभोक्‍ताओं की मांग अनुसार पर्याप्‍त है एवं प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के समस्‍त ग्रामों में पर्याप्‍त वोल्‍टेज पर गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को नियमानुसार निश्चित समय अवधि में बदला जाता है एवं अन्‍य विद्युत संबंधी समस्‍याओं का निराकरण भी नियमानुसार किया जाता है, अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।                        (ख) सुसनेर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत प्रश्‍नाधीन अवधि में कुल 138 वितरण ट्रांसफार्मर जले/खराब हुए हैं एवं उक्‍त सभी जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को नियमानुसार निर्धारित समयावधि में बदल दिया गया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के वितरण केन्‍द्र कार्यालय में वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि के 10 आवेदन प्राप्‍त हुए हैं। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत उपभोक्‍ता मांग एवं भविष्‍य में भार वृद्धि के दृष्टिगत सतत गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत प्रदाय किये जाने के उद्देश्‍य से केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत 128 वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य प्रस्‍तावित हैं। गारंटी अ‍वधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर के सुधार कार्य का दायित्‍व सप्‍लायर फर्म का होता है, जिसका वित्‍तीय भार वितरण कंपनी पर नहीं पड़ता है। वितरण ट्रांसफार्मर तकनीकी उपकरण/सामग्री की श्रेणी में आते हैं, जिनका सतत् उपयोग के उपरांत खराब होना एक सामान्‍य प्रक्रिया है। गारंटी अवधि के बाहर वाले वितरण ट्रांसफार्मरों की मरम्‍मत का उत्‍तरदायित्‍व विद्युत वितरण कंपनी का होता है एवं सुधार कार्य में हुए व्‍यय का वहन भी विद्युत वितरण कंपनी को करना होता है। इसी प्रकार विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत गारंटी अवधि के बीत जाने के उपरांत फेल/खराब ट्रांसफार्मरों की रिपे‍यरिंग का कार्य किये जाने हेतु रेट कॉन्‍ट्रेक्‍ट अवार्ड जारी किया जाता है। वर्तमान में जारी रेट कॉन्‍ट्रेक्‍ट अवार्ड के तहत विभिन्‍न क्षमता के वितरण ट्रांसफार्मरों की रिपे‍यरिंग दर, जिसमें मरम्‍मत के लिए वितरण ट्रांसफार्मरों को क्षेत्रीय भंडार गृह से सुधार कार्य हेतु लाने एवं सुधार कार्य पश्‍चात वितरण ट्रांसफार्मरों को क्षेत्रीय भंडार गृह को वापिस किये जाने की दूरी 50 किलो मीटर तक की दर शामिल है, की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। इसके अतिरिक्‍त, विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु कृ‍षक/ग्रामवासी द्वारा वाहन उपलब्‍ध करवाने पर परिवहन व्‍यय की प्रतिपूर्ति, एम.पी.पॉवर मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड भोपाल द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 05.03.2018 के अनुसार की जाती है, जिसकी छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-स अनुसार है।

सड़क, ब्रिज एवं भवन निर्माण की जानकारी

[लोक निर्माण]

141. ( क्र. 1572 ) श्री गोपाल सिंह इंजीनियर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सीहोर अन्तर्गत आष्टा विधानसभा क्षेत्र में विगत 03 वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक मध्यप्रदेश सड़क विकास प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, सेतु निगम एवं पी.आई.यू. द्वारा कौन-कौन सी सड़कें/भवन/पुल ओव्हर ब्रिज निर्माण हुए है? निर्माण कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति की छायाप्रति उपलब्ध करावें एवं मरम्मत एवं रिन्युवल के कौन-कौन से कार्य स्वीकृत किये?                               (ख) प्रश्‍नांश (क) के सन्दर्भ में स्वीकृत कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण हो गए? कितने अधूरे? कितने अप्रारंभ है? उपरोक्त निर्माण कार्यों का निरीक्षण किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया? निरीक्षण प्रतिवेदन का विवरण उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार ऐसे कितने निर्माण कार्य हैं जो अनुबंध अवधि निकलने के उपरांत भी पूर्ण नहीं हुए कार्यवार विवरण एवं ठेकेदार/ऐजेंसी की सम्पूर्ण जानकारी देवें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', 'अ-2', '', 'ब-1', 'एवं परिशिष्‍ट-1, 2, 3 एवं 4 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे    परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', 'अ-2' एवं परिशिष्‍ट-2 एवं 3 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-1',  'अ-2' एवं प्रपत्र- अनुसार है।

अतिक्रमण एवं लीज अनुबंधों का पालन

[नगरीय विकास एवं आवास]

142. ( क्र. 1575 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम भोपाल की नगर निगम सीमा में कितनी चल-अचल संपत्तियां एवं बैंक खाते है? उनके स्वरूप एवं क्षेत्रफल क्या है तथा इनका उपयोग के आधार आवासीय, व्यवसायिक, कार्यालय, बहुमंजिला इमारतें, ग्राउण्ड व अन्य वर्गीकरण करते हुये संपूर्ण जानकारी दें। इनसें राजस्व की प्राप्तियों की जानकारी 20 मार्च 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक इकाईवार गौशवारा बनाकर वार्डवार दें। (ख) निगम की न्यू मार्केट में कितनी दुकानें है? यह किस को कब से किस साईज की आवंटित है? इन दुकानों को कब से लीज पर, कितनी अवधि के लिये दिया है एवं लीज का नवीनीकरण कब किया जाता है? 20 मार्च 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में गौशवारा बनाकर बताये। (ग) क्या न्यू मार्केट की दुकानें क्षेत्रफल से अधिक क्षेत्रफल के साथ प्रत्येक कार्य दिवस में संचालित होती है? निगम द्वारा इसके विरूद्ध क्या कार्यवाही कब, किस के द्वारा की गई? वसूली गई जुर्माने अथवा अर्थदण्ड सहित गौशवारा बनाकर बताये। (घ) क्या न्यू मार्केट की पुरानी दुकानों को नष्ट कर नवीन दुकानों का मल्टी के रूप में निर्माण किया है? कितनी दुकाने नष्ट की गई एवं उसके एवज में कुल कितनी नवीन दुकाने बनाई गई? नवीन दुकानों में से कितनी दुकाने पुराने आवंटियों को किस दर से कितनी लीज अवधि के लिये आवंटित की गई एवं शेष दुकानों को किस प्रक्रिया से किस दर कितनी अवधि के लिये आवंटित किया गया? दुकानों के निर्माण हेतु कितना व्यय, कौन-कौन सी अनुमति, प्रक्रिया, अनुबंध, आदेश, निर्देश का पालन कर संपादित की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर निगम भोपाल की नगर निगम सीमा अंतर्गत अचल संपत्तियों की जानकारी जोन क्रमांक  01 से 21 तक वार्डवार प्राप्त  जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- 1 अनुसार है। नगर निगम की चल सम्पत्तियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट -3 अनुसार है। नगर निगम के प्रचलित बैंक खातों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-4 अनुसार है। (ख) न्यू मार्केट में निगम की कुल 1701 दुकानें हैजिसमें से 293 दुकान लीज पर1082 दुकान किराये पर326 मासिक तहबाजारी पर आवंटित है। इन दुकानों को कब से लीज परकितनी अवधि के लिये दिया है, की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 के अंतर्गत जोन 21 वार्ड 32 की जानकारी में समाहित होकर जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्ट  '''' अनुसार है। लीज का नवीनीकरण लीज समाप्ति तारीख से 04 माह पूर्व आवेदन किये जाने पर अचल संपत्ति अंतरण नियम 2016 एवं संशोधित दिनांक 04.05.2021 के प्रावधानों के अन्तर्गत 30 वर्ष की अवधि पर दुकानें पट्टे पर आवंटित की जाती है। 30 वर्ष की अवधि के उपरांत पुनः लीज नवीनीकरण नियमानुसार किया जाता है। लीज पर आवंटित दुकानों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट - 2 अनुसार है (ग) न्यू मार्केट के दुकानदारों द्वारा दुकान के क्षेत्रफल से अधिक किये गये अतिक्रमण के विरूद्ध नगर निगम के अतिक्रमण अमले द्वारा म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के प्रावधानों के अंतर्गत अतिक्रमण हटाने एवं सामग्री जप्त करने की कार्यवाही सतत् एवं निरंतर प्रक्रिया के तहत की जाती है। दिनांक 20 मार्च 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक अतिक्रमण अमले द्वारा की गई कार्यवाहियों एवं कार्यवाही के दौरान जप्त की गई सामग्री के विरूद्ध प्राप्त समझौता शुल्क की राशि की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट -5 अनुसार है। (घ) न्यू मार्केट की पुरानी दुकानों के स्थान पर यांत्रिक शाखा द्वारा नवीन प्रोजेक्टों के अन्तर्गत 45 चबुतरे36 चबुतरेनागरिक सहकारी बैंक के स्थल पर व्यवसायिक कॉम्पलेक्स का निर्माण किया गया है। उक्त दुकानों को अचल संपत्ति अंतरण नियम 2016 के नियम-10 ''व्यवस्थापन के अधीन आवंटन'' अनुसार व्यवसायिक भवन में पूर्व से व्यवसायरत व्यवसायियों की दुकाने जैसे 45 चबुतरें36 चबुतरे एवं नागरिक सहकारी बैंक के स्थान की 34 दुकाने 30 वर्षों की लीज पर आवंटित की गई है। व्यवस्थापन उपरांत शेष दुकानों को अचल संपत्ति अंतरण नियम 2016 (संशोधित) 04.05.2021, 28.03.2023 के प्रावधानों एवं नियम द्वारा निर्धारित नियमों एवं शर्तों के अन्तर्गत ई-निविदा के माध्यम से निर्माण लागत भूमि के मूल्य को जोड़कर निर्धारित न्यूनतम राशि के विरूद्ध उच्चतम प्रीमियम राशि के आधार पर 30 वर्ष की अवधि के लिये आवंटित किये जाने की कार्यवाही प्रचलन में है। न्यू मार्केट की पुरानी दुकानों के स्थान पर 03 व्यवसायिक काम्पलेक्स के रूप में नवीन दुकानों का जी+2 के रूप में निर्माण किया गया है। दुकानों के निर्माण, व्यय एवं निविदा प्रक्रियां आदि की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट -अनुसार है।

आर्थिक अनियमितता की जांच एवं कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

143. ( क्र. 1576 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि नगर परिषद् धामनोद जिला धार में नेशनल सफाई कर्मचारी फाईनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन दिल्ली से 1,35,60,000 रूपये लोन लिया गया है? (ख) यदि हाँ तो एस.बी.आई. बैंक शाखा धामनोद के बैंक स्टेटमेंट की कापी दिनांक 09.06.2020 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में बैंक स्टेटमेंट की क्या 1,35,264 रूपये की लोन की किश्त कट रही है? यदि हाँ तो अब तक कितनी किश्त कट चुकी है? (ग) क्या जिस उद्देश्य के लिए यह लोन लिया गया था उस उदेश्य की पूर्ति के लिए JCB, SKID मशीन 4,dl3200, d13200 एवं जेसीबी मशीन, स्वीपिंग आदि की सामग्री खरीदी गई है? यदि हाँ तो उक्त सभी मशीनों के बिल व्‍हाउचर की जानकारी देवें? (घ) क्या उक्त राशि किन-किन को किस प्रयोजन हेतु आवंटित की गई है, उनके नाम, पद पता सहित बतायें और उन्हें राशि देने के लिए किस नियम प्रक्रिया का पालन किया गया है? यदि नियम प्रक्रिया का पालन नहीं किया तो क्यों? इसके लिए कौन दोषी है? (ड.) नगर परिषद् धामनोद के अध्यक्ष द्वारा दिनांक 22.12.2023 को मुख्य नगर पालिका अधिकारी धामनोद को भेजे गए पत्र की प्रति उपलब्ध करावें एवं उस पत्र पर सी.एम.ओ. के द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। केवल 1,33,60,000/- रुपये का लोन लिया गया है। (ख) 1,35,264/- रुपये प्रतिमाह के मान से 39 किश्‍ते कट चुकी हैं।  (ग) जी नहीं। जी नहीं। शेष प्रश्‍न उप‍स्थित नहीं होता। (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट "अ" अनुसार है। नियम विरुद्ध भुगतान किये जाने पर उत्तरदायी अध्यक्षमुख्य नगर पालिका अधिकारी, उपयंत्री एवं लेखापाल के विरुद्ध कार्यवाही हेतु कारण बताओ सूचना पत्र एवं आरोप पत्र जारी किये गये हैं। (ड.) प्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" पर है। संबंधितों पर पूर्व से कार्यवाही प्रचलन में होने के कारण मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी द्वारा कार्यवाही नहीं की गई हैं।

वैध एवं अवैध कॉलोनियों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

144. ( क्र. 1580 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना जिले की नगर पालिका अम्‍बाह एवं पोरसा के अंतर्गत          कौन-कौन सी कॉलोनियां वैध एवं अवैध है? कृपया सूची दें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में उक्‍त दोनों नगर पालिका क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिकाओं की कितनी-कितनी भूमियों पर, किस-किस के द्वारा, कब-कब से अतिक्रमण किया गया है? उक्‍त अतिक्रमणों को हटाने की दिशा में क्‍या-क्‍या कार्यवाही की गई? (ग) उक्‍त अवैध कॉलोनियों के लिए संबंधित उत्‍तरदायियों के विरूद्ध कार्यवाही नहीं करने के कारण क्‍या है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मुरैना जिले की प्रश्‍नांकित दोनों नगर पालिकाओं की सीमा के अंतर्गत वैध कॉलोनियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' एवं अवैध कॉलोनियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'अनुसार है। (ख) प्रश्‍नांकित दोनों नगर पालिकाओं के क्षेत्रान्‍तर्गत नगर पालिकाओं की भूमियों पर किसी के द्वारा कोई अतिक्रमण नहीं किया गया है। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) अवैध कॉलोनियों का निर्माण करने के लिये संबंधित उत्‍तरदायी निर्माणकर्ताओं के विरूद्ध म.प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अन्‍तर्गत दाण्डिक कार्यवाही करने के लिये संबंधित नगर पालिका द्वारा सूचना पत्र जारी किये जाने से प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नगर पालिकाओं के ई-नगर पालिका पोर्टल का डाटा हैक किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

145. ( क्र. 1583 ) श्री उमंग सिंघार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या पूरे प्रदेश की नगर पालिकाओं के ई-नगर पालिका पोर्टल के डाटा को माह दिसम्‍बर 2023 में कथित साइबर अपराधियों ने हैक कर लिया था? (ख) यदि हाँ तो क्‍या करोड़ों की लागत से तैयार पोर्टल को 11 साल पुराने सिस्‍टम से संचालित किया जा रहा था एवं लगभग 50 लाख से ज्‍यादा प्रॉपर्टीज के डाटा के डिजिटलाइजेशन में गंभीर लापरवाही बरती गई है? यदि हाँ तो स्‍पष्‍ट करें और इस गंभीर लापरवाही के लिए उत्‍तरदायी कौन है? (ग) क्‍या विभाग ने अपने पोर्टल को री-ऑडिट कराया है? यदि हाँ तो कब-कब कराया और क्‍या ऑडिट ने आपत्तियां निकाली है? यदि हाँ तो बताये। यदि ऑडिट नहीं कराया तो क्‍यों स्‍पष्‍ट करें। (घ) उपरोक्‍त के संबंध में ई नगर पालिका का पोर्टल हैक होने पर सायबर अपराध की धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कराया गया हैं? यदि हाँ तो प्रकरण की अद्यतन स्थिति क्‍या है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। डेटा हैक नहीं किया गया अपितु सर्वर अपराधियों द्वारा डाटा एन्क्रिप्‍शन करने का प्रयास किया गया, जिस कारण सुरक्षा की दृष्टि से पोर्टल बंद कर दिया गया। जिसे विभाग में उपलब्‍ध बैकअप के आधार पर पुन: चालू कर दिया गया है। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जी नहीं। ई-नगर पालिका 2.0 पोर्टल पर ई-नगर पालिका 1.0 पोर्टल से माइग्रेशन की प्रक्रिया पूर्व से ही चल रही है। (घ) जी हाँ। साइबर अपराध पंजीबद्ध एवं प्रकरण विवेचना में है।

दोषियों पर कार्यवाही

[ऊर्जा]

146. ( क्र. 1590 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला शहडोल, में वर्ष 2018 से प्रश्‍नांश दिनांक तक के दौरान कितने ट्रांसफार्मर जले की जानकारी विद्युत वितरण केन्द्रवार बतायें इनमें से कितने ट्रांसफार्मरों को कब-कब बदला गया, जलने एवं ट्रांसफार्मर बदलने की अवधि‍ क्या थी का विवरण विद्युत वितरण केन्द्रवार देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के जले हुये ट्रांसफार्मरों में से कितने ऐसे ट्रांसफार्मर थे जिनको सुधार कर लगाया गया उनके सुधार में व्यय राशि की जानकारी पृथक-पृथक देंवे, यह भी बतावें कि इनमें से कितने ऐसे ट्रांसफार्मर हैं जिनके सुधार के कार्य एक बार से ज्यादा कराकर उपयोग किया गया है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तारतम्‍य में प्रश्‍नांश (क) के जिलों में विभाग द्वारा वर्ष 2018 से प्रश्‍नांश दिनांक के दौरान सुधार के कार्य किन-किन योजनाओं द्वारा कितनी-कितनी राशि से किन-किन संविदाकारों के माध्यम से किन शर्तों पर कराये गये, इसमें व्यय की जाने वाली राशि का विवरण वर्षवार देते हुये कुल व्यय की जानकारी देवें यह बतावें कि शासन द्वारा सुधार के नाम से कितनी राशि उपरोक्त अवधि अनुसार प्राप्त हुई वर्षवार बतायें? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ग) अनुसार प्राप्त राशि का नियम विरूद्ध व्यय दिखाकर फर्जी बिल व्हाउचर तैयार कर राशि का गबन किया गया, उन्हीं ट्रांसफार्मरों को बार-बार सुधार कर लगाये गये शासन को आर्थिक क्षति पहुँचायी गई समय पर ट्रांसफार्मर नहीं बदले गये किसानों की फसल का नुकसान हुआ इन सब अनियमितताओं के लिये कौन-कौन जबाबदार वार है, इसकी उच्च स्तरीय जांच कराकर इन पर क्या कार्यवाही करेंगे बतावें, अगर नहीं तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जिला शहडोल में प्रश्‍नाधीन अवधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों की जलने की दिनांक, बदलने हेतु वितरण ट्रांसफार्मर की पात्रता की दिनांक, पात्रता उपरान्‍त वितरण ट्रांसफार्मर बदले जाने की दिनांक, वितरण ट्रांसफार्मर के जलने एवं बदले जाने की अवधि का विद्युत वितरण केन्‍द्रवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा करने पर, पात्र होने के उपरांत इन्‍हें निर्धारित समय-सीमा में बदला गया है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित सभी जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के स्‍थान पर सुधार किये हुए वितरण ट्रांसफार्मर लगाये गये। इनके सुधार कार्य में राशि रूपये 896 लाख व्‍यय की गई। 1025 वितरण ट्रांसफार्मरों का सुधार कार्य एक बार से ज्‍यादा कराकर उपयोग में लाये गये हैं। (ग) वितरण ट्रांसफार्मर का सुधार कार्य म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संचालन/संधारण मद में वर्षवार उपलब्‍ध फंड से किया जाता है। नवीन क्षेत्रीय भंडार गृह, शहडोल स्‍थापित होने के उपरांत संविदाकारों से वितरण ट्रांसफार्मरों का सुधार कार्य एवं व्‍यय राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार हैं। उल्‍लेखनीय है कि एक क्षेत्रीय भंडार गृह में कई जिलों से जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मर आते हैं। इन जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को क्षेत्रीय भंडार गृह से संविदाकारों को वरीयता एवं फर्मों की उपलब्‍धता के आधार पर सुधार हेतु आवंटित किया जाता है। तदानुसार रिपेयर्ड वितरण ट्रांसफार्मरों को फर्मों के द्वारा क्षेत्रीय भंडार गृह को वापस कर दिया जाता है। इसलिए अकेले शहडोल जिले हेतु प्रश्‍नाधीन जानकारी दिया जाना संभव नहीं है। असफल वितरण ट्रांसफार्मर का सुधार कार्य निविदा प्रक्रिया के तहत कराया जाता है। निविदा में निर्धारित शर्तें पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। संचालन/संधारण मद का निर्धारण टैरिफ आर्डर में म.प्र.विद्युत नियामक आयोग द्वारा प्रत्‍येक वर्ष निर्धारित प्रक्रिया अनुसार किया जाता है, जिस पर वितरण कंपनी द्वारा अलग-अलग हेड में पुन: आवंटन किया जाता है। पृथक से शासन द्वारा प्रश्‍नाधीन कार्यों हेतु मद आवंटन नहीं किया जाता। नवीन क्षेत्रीय भंडार गृह, शहडोल प्रारंभ होने के उपरांत आवंटन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) वितरण ट्रांसफार्मर का सुधार कार्य निविदा प्रक्रिया के तहत निविदा में उल्‍लेखित शर्तों के अनुरूप कराया जाना प्रतिवेदित है। इसके लिए अलग से व्‍हाउचर बनाकर सुधार कार्य कराने की व्‍यवस्‍था नहीं है। वितरण ट्रांसफार्मर सुधार के बाद गारंटी अवधि में फेल होने पर पुन: इनका सुधार कार्य संबंधित फर्म से कराया जाता है, वितरण कंपनी पर वित्‍तीय भार नहीं आता है। साथ ही प्रश्‍नाधीन असफल ट्रांसफार्मरों को नियमानुसार पात्रता की श्रेणी में आने पर समय-सीमा में बदल दिया गया है। अत: उपरोक्‍तानुसार की जा रही नियमानुसार कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता।

जिम्‍मेदारों पर कार्यवाही

 [नगरीय विकास एवं आवास]

147. ( क्र. 1591 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में क्या नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को लाभान्वित किये जाने के निर्देश हैं तो जिला शहडोल, रीवा व मऊगंज के नगर पालिका निगमों एवं नगर पंचायतों में प्रश्‍नांश दिनांक के दौरान कितने हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया? कितने आवेदन लंबित है तो कब से और क्यों का विवरण वर्ष 2018 से प्रश्‍नांश दिनांक तक का वर्षवार, जिलावार देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार नगरीय निकायों द्वारा हितग्राहियों के कितने आवेदन किन-किन निकायों में लंबित हैं? कारण सहित जानकारी देवें एवं यह भी बतायें कि जिन हितग्राहियों के निकाय द्वारा आवास की रसीदें काटी गई व टैक्स वसूला गया लेकिन उनको आवासीय पट्टा/उनके वारिसों के नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज नहीं किये गये, ऐसे कितने आवेदन लंबित है? क्‍या इन पर कार्यवाही के निर्देश देंगे? नगर पालिक निगम रीवा में बेवा बामेश्वरी देवी पति श्री सुखेन्द्र पटेल निवासी चिरहुला मंदिर के बगल में का आवेदन तीन वर्ष पूर्व से लंबित है जिसमें आवासीय पट्टा का कारण बताकर लाभ से वंचित किया गया है, जबकि हितग्राही के पति के नाम से नगर निगम में टैक्स जमा होने की रसीद आवेदन पत्र में संलग्न है। स्वमेव उस भूमि स्वामी उनकी पत्नी बेवा बामेश्वरी देवी हो जाती है लेकिन ऐसा न कर परेशान किया जा रहा है, इस पर क्या कार्यवाही करेंगे? जानकारी दे। (ग) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्य में ऐसे कितने हितग्राही हैं जिनको स्वीकृत के बाद प्रश्‍नांश दिनांक के दौरान राशि उनके खाते नहीं भेजी गई? योजना के लाभ से पात्र हितग्राही वंचित है। इसके लिये किनको जिम्मेदार मानकर कार्यवाही प्रस्तावित करेंगे? साथ ही यह भी जानकारी दे कि कितने ऐसे हितग्राही हैं जिनको द्वितीय, तृतीय एवं अंतिम किश्त का भुगतान नहीं किया गया तो क्यों? कारण सहित बतावें। कब तक भुगतान करावेंगे? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार अपने उत्तरदायित्वों का निर्वहन न कर हितग्राहियों का लाभ से वंचित किया गया, किश्ते समय पर नहीं भेजी गई, आवास अपूर्ण है, इन सब अनियमितताओं के लिये जिम्मेदार कौन-कौन है? उनके पदनाम बताते हुये उन पर क्या कार्यवाही करेंगे? अगर नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जिला शहडोल, रीवा एवं मऊगंज में क्रमशः 5577, 9168 एवं 2268 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। निकायों द्वारा प्राप्त आवेदनों के परीक्षणोपरांत कोई भी पात्र हितग्राही का आवेदन लंबित नहीं होने से लंबित आवेदन संबंधी शेषांश का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ख) योजना के प्रावधान अनुसार डी.पी.आर. के अनुमोदन उपरांत स्वीकृति जारी होती है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। बामेश्वरी देवी पटेल पति सुखेन्द्र पटेल रीवा का नाम स्वीकृत डी.पी.आर. में न होने से उनका आवास स्वीकृत नहीं हुआ। अतः शेषांश का प्रश्‍न उद्भूत नहीं होता है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार  है। प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्त की राशि आवास निर्माण कार्य के पृथक-पृथक चरण पूर्ण करने पर जिओ-टैग होने के बाद ऑनलाइन आधार पर हितग्राहियों को अंतरित की जाती है। राशि का अंतरण कार्य सतत् रूप से किया जाता है। (घ) उत्तरांश '''', '''' एवं '''' के परिप्रेक्ष्य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सड़कों एवं पुलों के निर्माण हेतु राशि की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

148. ( क्र. 1594 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले में सड़कों एवं पुलों के निर्माण हेतु वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता द्वारा कब-कब विधानसभा प्रश्‍न किए गए हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर यह भी बताए कि प्रश्‍न दिनांक तक विभाग द्वारा कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हो गए हैं? कौन-कौन से कार्य स्वीकृति की प्रत्याशा में जतारा विधानसभा क्षेत्र के लंबित हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताए कि उपरोक्त समयावधि से प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब ई.एफ.सी. एवं एस.एफ.सी. की बैठकों का आयोजन किया गया और कौन-कौन से कार्य टीकमगढ़ जिले के इसमें स्वीकृत हुए हैं? कृपया टीकमगढ़ जिले के स्वीकृत कार्यों की आज तक अद्यतन सम्पूर्ण जानकारी से अवगत कराए। जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताए कि टीकमगढ़ जिले के विधानसभा क्षेत्र जतारा के जतारा चंदेरा तिगैला से चंदेरा स्यावनी एवं खरो मार्ग, टोरिया से सज्जनपुर मार्ग एवं उर नदी पर पुल निर्माण, गरौंली रोशन सिंह खिरक बाजितपुरा जतारा मार्ग छत्तवाले खिरक सतगुंवा से कंचनपुर दुमनी वाले होते हुए पैतपुरा मार्ग मुहारा से कुंवरपुरा वैदपुर सड़क मार्ग, गोवा से खजरी एम.पी. बोर्डर दोनों पुलों सहित जतारा पथरीगढ़ मार्ग से झझरन तक एवं महेवा चक्र एक से महेवा चक्र चार तक के मध्य स्थित नदी पर एवं चंदेरा खुर्रमपुर मार्ग के मध्य पुल निर्माण के लिए शासन कब-तक बजट में जोड़कर सड़कों एवं पुलों के लिए राशि स्वीकृत कर कार्य प्रारंभ हो जायेंगे।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-अ अनुसार है।                 (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश 'अनुसार। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे प्रपत्र-स अनुसार है।

नल-जल योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

149. ( क्र. 1595 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शासन द्वारा वर्तमान में शहरों एवं नगरों में स्थित अवैध कॉलोनियों को वैध कराने क्‍या-क्‍या नियम है? ऐसे नियमों के आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर यह बताए कि टीकमगढ़ जिले में कौन-कौन से नगरों की कौन-कौन सी अवैध कॉलोनियों को प्रश्‍न दिनांक तक क्‍या-क्‍या मापदंड पूर्ण कराने के उपरांत कब-कब वैध घोषित किया गया है? कृपया ऐसे समस्‍त आदेशों की छायाप्रतियां प्रदाय करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताए कि नगर जतारा एवं लिधौरा खास में कितनी-कितनी लागत की, किस-किस ठेकेदार द्वारा किस दर पर, कितनी-कितनी पाइप लाइन बिछाकर, कितने-कितने लीटर के पानी की, कितनी-कितनी टंकी बनाकर एवं उनमें कहां-कहां से पानी लाकर, कब तक नल-जल योजना का कार्य पूर्ण कराकर, कब-तक नगरों की जनता को स्‍वीकृत नल-जल योजनाओं का कार्य पूर्ण कराकर घरों में पानी पहुंचने लगेगा? निश्‍चित समय-सीमा सहित बताएं एवं दोनों नगरों की जल प्रदाय योजना की छायाप्रतियां प्रदाय करें एवं कौन-कौन अधिकारी कर्मचारी द्वारा यह कार्य देखरेख में संचालित है? नाम, पद सहित बताएं। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताए कि जिले की लंबित अवैध कॉलोनियों को वैध करा दिया जावेगा तो कब तक? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कब नगर जतारा एवं लिधौरा में जनता को शुद्ध पेयजल मिलने लगेगा? कृपया सम्‍पूर्ण जानकारी प्रदाय करे। क्‍या कार्य प्राक्‍कलन टी.एस. के आधार पर हो रहा है? कब-कब एवं कौन-कौन अधिकारी योजना प्रारंभ दिनांक से इन नगरों में उपरोक्‍त संचालित कार्यों को देखने के लिए गए हैं उनकी तारीख, नाम, पद सहित सम्‍पूर्ण जानकारी दें। क्‍या पाइप गुणवत्‍ता के आधार पर बिछाए जा रहे हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) .प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1961 एवं इसके अंतर्गत बनाये गये म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम2021 में अवैध कॉलोनियों को वैध करने के कोई प्रावधान नहीं हैं, अपितु उक्‍त नियम2021 में दिनांक 31.12.2022 के पूर्व अस्तित्‍व में आईं एवं नियमानुसार चिन्हित की गईं अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने के प्रावधान रखे गये हैं, नियम, 2021  की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट '' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता, यद्यपि टीकमगढ़ जिले के नगरीय क्षेत्रों में नियम, 2021 के अन्‍तर्गत जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट  ‘’’’ अनुसार कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के आधार पर नहीं अपितु प्रश्‍नांकित नगरों में म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कम्‍पनी लिमिटेड द्वारा स्‍वीकृत जल प्रदाय योजना के अनुसार प्रश्‍नांकित जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार है। जल प्रदाय योजना की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार है एवं जिन अधिकारियों की देखरेख में कार्य संचालित है, उनके नाम एवं पद की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार है।                     (घ) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार वैधानिक कार्यवाही होने के कारण निश्चित समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं है। म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड द्वारा जतारा नगर में दिनांक 31.03.2025 एवं लिधौरा नगर में दिनांक 09.06.2025 तक जनता को शुद्ध पेयजल प्रदाय करने का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है। जी हांयोजना के अन्‍तर्गत प्रस्‍तावित सभी कार्य तकनीकी अनुमति एवं निविदा समिति के अनुमोदन के आधार पर किये जा रहे हैं। अधिकारियों के नाम एवं पद की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार है। जी हां, पाइप गुणवत्‍ता के आधार पर बिछाये जा रहे हैं।

आवासीय कॉलोनियों के विकास हेतु की जाने वाली कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

150. ( क्र. 1821 ) डॉ. योगेश पंडाग्रे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में नगर नियोजन क्षेत्र में नवीन आवासीय कॉलोनियों के विकास हेतु राजस्व विभाग से किन अनुमतियों/अनापत्तियों का प्राप्त किया जाना आवश्यक है? इस संबंध में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) राजस्व विभाग द्वारा कालोनियों के विकास हेतु मद परिवर्तन (डायवर्सन), विकास की अनुमति तथा 25 प्रतिशत भूखण्डों को बंधक रखे जाने हेतु शासन द्वारा क्या समय-सीमा निर्धारित की गई हैं, कृपया प्रक्रियावार जानकारी देवें? (ग) क्या इन प्रक्रियाओं के पालन में होने वाले अनावश्यक विलंब से अधिकांश डेवलपर प्रक्रिया का पालन किये बिना भूखण्‍ड विक्रय कर देते हैं जिससे आम जनता को आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है साथ ही शासन को भी करों एवं शुल्कों का नुकसान होता है? (घ) क्या‍ सरकार बिना अनुज्ञा प्राप्‍त आवासीय कॉलोनियों की रोकथाम तथा जनता के हित में आवासीय कालोनियों की अनुज्ञा प्रक्रिया को एकल खिडकी, सिटिजन चार्टर तथा लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत लाकर प्रक्रिया का सरलीकरण करेगी? (ङ) यदि हां तो कैसे, यदि नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रदेश के नगरीय क्षेत्र में नवीन आवासीय कॉलोनी के विकास हेतु आवश्‍यक अनुमतियॉं/अनापत्तियां की जानकारी म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम2021 में उपबंधित है। नियम की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) कॉलोनियों के विकास हेतु मद परिवर्तन (डायवर्सन) करने की                  समय-सीमा के निर्धारण का विषय इस विभाग से सम्‍बन्धित नहीं है। म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम2021 के नियम 89 एवं 15 में कॉलोनी की विकास अनुमति की प्रक्रिया उपबंधित है। (ग) जी नहीं, म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम2021 में उपबंधित प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है, जिसके पालन में कोई विलम्‍ब परिलक्षित नहीं है। (घ) राज्‍य सरकार द्वारा म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम2021 में आवासीय कॉलोनी की अनुज्ञा प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। (ड.) उत्‍तरांश (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

कृषि कार्य हेतु विद्युत प्रदाय

[ऊर्जा]

151. ( क्र. 1908 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विकासखंड डही में आने वाले 62 गॉंवों में कृषि कार्य हेतु कुल कितने ट्रांसफार्मर स्‍थापित है। इन ट्रांसफार्मरों की कितनी क्षमता है तथा इसके विरूद्ध वर्तमान में इन पर कितना लोड का विद्युत प्रदाय चल रहा है? ग्रामवार, ट्रांसफार्मर वार जानकारी देंवे। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार ट्रांसफार्मरों पर निर्धारित क्षमता से अधिक लोड होने का क्‍या कारण है तथा यह अधिक लोड कब तक इन ट्रांसफार्मरों पर रहेगा, इसके लिए विभाग की क्‍या प्‍लानिंग है? (ग) निर्धारित क्षमता से अधिक लोड होने पर किसानों को जो मोटरे जलने पर आर्थिक एवं समय की हानि होती है, उसकी भरपाई के लिए विभाग क्‍या कोई योजना बनाएगा, यदि हाँ तो कब तक, यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में उल्‍लेखित किसानों की नुकसानी के लिए कौन जिम्‍मेदार है और ऐसे जिम्‍मेदार अधिकारियों पर शासन क्‍या कार्यवाही करेगा और कब तक?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर अंतर्गत जिला धार के विकासखंड डही के 62 ग्रामों में कृषि कार्य हेतु कुल 955 वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित हैं। उक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता एवं संयोजित भार की ग्रामवार, ट्रांसफार्मरवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) रबी सीजन में सिंचाई प्रयोजन हेतु किसानों को कृषि कार्य के लिये अस्‍थाई कनेक्‍शन दिये जाने, विद्युत उपभोक्ताओं द्वारा स्वीकृत भार से अधिक भार का उपयोग किये जाने तथा कतिपय प्रकरणों में विद्युत का अवैधानिक उपयोग किये जाने के कारण वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हो जाते हैं। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत रबी सीजन में कृषकों की सुविधा हेतु किराये पर ट्रांसफार्मर दिए जाते हैं जिसके तहत कृषक आवश्यकता होने पर निर्धारित राशि को संबंधित वितरण केंद्र में जमा कर किराये के वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित करवा सकते हैं, जिससे कि रबी सीजन में कृषकों को सिंचाई कार्य हेतु सुविधा प्राप्त हो सकती है। उक्‍त के अतिरिक्‍त केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा लागू की गई विभिन्न योजनाओं के तहत उपलब्ध कराये गये वित्तीय संसाधनों से अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों का भार कम करने हेतु वितरण ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि एवं अतिरिक्त वितरण ट्रांसफार्मर स्थापित करने के कार्य किये जाते हैं, जो कि एक सतत् प्रक्रिया है। (ग) एवं (घ) ऐसा कोई प्रकरण म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

ग्राम पंचायत एवं नगर परिषद् अन्तर्गत कॉलोनी निर्माण

[नगरीय विकास एवं आवास]

152. ( क्र. 1932 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ग्राम पंचायत एवं नगर पंचायत सीमा क्षेत्र में कॉलोनी निर्माण हेतु कॉलोनाईजर को कौन-कौन सी अनुमतियां लेनी पड़ती है तथा कहां-कहां पर कितना कर (टैक्स) प्रदाय करना पड़ता है? कृपया कॉलोनी निर्माण हेतु नियमावली की प्रतिलि‍पि उपलब्ध कराये। क्या कॉलोनी निर्माणकर्ता को गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के लिए भूखण्ड आरक्षित रखना होता है? हां तो वह संख्या क्या होती है तथा उक्त आरक्षित भूखण्ड को कौन-सी दर निर्धारित कर भूखण्ड विक्रय किया जाता है? उक्त संबंध में नियमावली प्रदाय करें।                       (ख) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायतों एवं नगर परिषद् भीकनगांव अन्तर्गत कितनी कॉलोनियों का निर्माण हुआ है? कृपया ग्राम पंचायत/नगर परिषद् के नाम सहित कॉलोनाईजर का नाम की जानकारी प्रदाय करें तथा उक्त कॉलोनियों के निर्माण में सभी नियमों का पालन किया गया है? नहीं तो क्या इनके विरूद्ध कोई शासन द्वारा कार्यवाही की गई है? हां तो क्या? नहीं तो क्या कारण है तथा यह भी बताए की नियम विरूद्ध कॉलोनि‍यों के निर्माण के लिए कौन जिम्मेदार है तथा उनके विरूद्ध क्या और कब कार्यवाही की जायेगी।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगरीय सीमा क्षेत्र में कॉलोनी निर्माण हेतु कॉलोनाईजर को म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के प्रावधानों के अनुसार अनुमति प्राप्‍त करना आवश्‍यक है, उक्‍त नियम 2021 ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रभावशील नहीं है। उक्‍त नियम, 2021 की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार है, जिसमें कॉलोनाईजर को आवश्‍यक शुल्‍क जमा कराये जाने के प्रावधान रखे गये हैं। जी हांपरन्‍तु नियम, 2021 में आवासीय कॉलोनी निर्माणकर्ता कॉलोनाईजर को कमजोर आय वर्ग एवं निम्‍न आय वर्ग के लिए भूखण्‍ड आरक्षित रखने के स्‍थान पर आश्रय शुल्‍क जमा कराये जाने का विकल्‍प भी रखा गया है। नियम, 2021 के नियम 10 में कमजोर आय वर्ग एवं निम्‍न आय वर्ग के लिए कॉलोनी के विकसित भूखण्‍ड अथवा आवासीय इकाईयॉ आरक्षित करने एवं नियम 11 में आरक्षित भूखण्‍ड/आवासीय इकाईयॉ के विक्रय के लिए नीति उपबंधित है। (ख) भीकनगांव विधानसभा क्षेत्र अन्‍तर्गत नगर परिषद् भीकनगांव में विकास अनुमति प्राप्‍त 02 वैध कॉलोनियॉं निर्मित हैं, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट –‘’’’ अनुसार है एवं विकास अनुमति प्राप्‍त किये बिना निर्मित 15 अनधिकृत कॉलोनियॉं है, जिनकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट –‘’’’ अनुसार है। म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 ग्राम पंचायत क्षेत्र में प्रभावशील न होने के कारण ग्राम पंचायत की जानकारी इस विभाग द्वारा बताया जाना संभव नहीं है। परिशिष्‍ट-‘’’’ की जानकारी अनुसार वैध कॉलोनी के निर्माण में सभी नियमों का पालन किया गया है एवं विकास अनुमति प्राप्‍त किये बिना अनधिकृत रूप से निर्मित 15 कॉलोनियों के विरूद्ध प्रचलित कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट –‘’’’ अनुसार है। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। नियम विरूद्ध कॉलोनी निर्माण के लिये मुख्‍यत: कॉलोनी निर्माण करने वाले सभी व्‍यक्ति जिम्‍मेदार है। म.प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत सक्षम प्राधिकारी अर्थात जिला कलेक्‍टर द्वारा दण्‍डात्‍मक कार्यवाही की जायेगीजो प्रक्रियाधीन है।

 

नल-जल योजना के कार्य में विलंब

[नगरीय विकास एवं आवास]

153. ( क्र. 2287 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) एडीबी योजनान्तर्गत राघौगढ़ नगर पालिका में नल-जल योजना कब स्वीकृत हुई एवं कितनी लागत की है? (ख) उपरोक्त के अनुक्रम में उक्त योजना के टेण्डर कब जारी हुये, टेण्डर प्रक्रिया में कितनी फर्म शामिल हुई, किस दर पर टेण्डर किस फर्म/एजेन्सी/कंपनी को दिये गये? टेण्डर प्रक्रिया के नियम, निर्देश, आदेश, कंपनी का नाम, राशि का विवरण, अनुबंध की प्रति, वर्क आर्डर की प्रति, कंपनी का पूर्व कार्यानुभव, बैंक/बैलेंस सहित संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर जानकारी दें। (ग) उपरोक्त के अनुक्रम में योजना में कितनी राशि कब-कब प्राप्त की जाकर, कितनी-कितनी राशि किस कार्य पर व्यय तथा कितनी राशि शेष बची है? उपरोक्त सभी जानकारी का गौशवारा बनाकर राशि के उपयोगिता प्रमाण पत्र सहित बतायें। (घ) उपरोक्त के अनुक्रम में योजना में जितना कार्य हुआ है, उसकी गुणवत्ता की जांच कब-कब और किस-किसके द्वारा की गई? जांच में गुणवत्ता की रिपोर्ट में क्या पाया गया? कितना कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं कितना कार्य में कमियां पाई गई? विस्तृत जानकारी दें। (ड.) उपरोक्त के अनुक्रम में उक्त कार्य को पूर्ण करने की समय-सीमा क्या तय की गई है? कार्य की अद्यतन स्थिति क्या है? कार्य समय से पूर्ण नहीं होने पर टेण्डर को निरस्त कर संबंधी एजेन्सी पर कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो क्‍या? बतायें। नहीं तो क्यों? कार्य पूर्ण होने की निश्चित समय-सीमा बतायें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) दिनांक 02.06.2018 द्वारा स्वीकृत हुयी एवं स्वीकृत अनुमानित लागत राशि रू. 87.28 करोड़ है। (ख) दिनांक 07.04.2018 को जारी हुआ था। टेंडर प्रक्रिया में एक फर्म ने भाग लिया था। जलप्रदाय योजना राघौगढ़ हेतु आईटम रेट एवं लम्पसम टेंडर का कार्य 10 वर्ष का संचालन एवं संधारण कार्य सहित कुल लागत राशि रू. 92.60 करोड़ पर मेसर्स जयंती सुपर प्रा. लि. एवं मेसर्स पी. सी. स्नेहल (संयुक्त रूप से) को दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया के नियम, निर्देश, आदेश, कंपनी का नाम, राशि का विवरण, अनुबंध की प्रति, वर्क आर्डर की प्रति, कंपनी का पूर्व कार्यानुभव बैंक/बैलेंस सहित संपूर्ण जानकारी का गौशवारा बनाकर जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट “ अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट "ब" अनुसार है। एडीबी की शर्त अनुसार प्रथमतः शासन राशि व्यय करता है, तदोपरांत एडीबी व्यय राशि की अदायगी करता है। इस प्रकार योजना में शेष राशि बचने का प्रश्‍न ही नहीं उठता है। (घ) योजना अंतर्गत निष्पादित कार्यों की गुणवत्ता एवं पर्वेक्षण का कार्य, राज्य शासन की संस्था म. प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी की परियोजना क्रियान्वयन इकाई ग्वालियर एवं प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंसी के यंत्रियों द्वारा नियमित रूप से की जाती है। संतोषपूर्ण मानक स्तर की गुणवत्ता के अनुरूप किये गये कार्य का ही भुगतान संविदाकार को किया जाता है। यदि कोई कमी/त्रुटि प्रदर्शित होती है, तो मानक स्तर गुणवत्ता पूर्ण कार्य होने के उपरांत ही संविदाकार को चल देयक का भुगतान किया जाता है। (ड.) दिनांक 30 जून 2024 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। योजना में वर्तमान में कुल 90% भैतिक एवं 88% वित्तिय कार्य किया जा चुका है। 18 पानी की टंकियों से जलप्रदाय किया जाकर ट्रायल रन प्रारंभ कर दिया गया है। शेष कार्य प्रगति पर है। विभिन्न विभागों से अनुमतियों को प्राप्त करने, कोविड महामारी एवं संविदाकार द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कार्य न करने के कारण विलंब हुआ है। विलंब के लिये विभाग द्वारा प्रचलित अनुबंध पैकेज क्रमांक-4 आई शढौरा, राघौगढ़ एवं बदरवास में राशि रू. 79.87 लाख रोकी गई है। अनुबंध के प्रावधान अनुसार समय-सीमा वृद्धि अवधि पर गुणदोष का परीक्षण, कर कार्य एजेंसी के विरूद्ध विलंब हेतु अर्थदण्ड लगाने का निर्णय, कार्य के पूर्ण होने पर सक्षम अधिकारी द्वारा लिया जावेगा।

 

 

 




 


भाग-3

अतारांकित प्रश्‍नोत्तर


मार्ग निर्माण की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

1. ( क्र. 50 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या छतरपुर से सतना मार्ग व्हाया पन्ना, फोर लेन मार्ग स्वीकृत है? (ख) यदि हाँ तो पन्ना नेशनल पार्क से गुजरने वाले मार्ग के हिस्से को एलिवेटड मार्ग में परिवर्तित करने की योजना है? यदि हाँ तो कब तक इस परियोजना को पूर्ण किया जावेगा? यदि नहीं तो क्यों। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में यदि हाँ तो कब तक एवं किस मार्ग से इस परियोजना को पूर्ण किया जावेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। (ख) उत्‍तरांश (क)  के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है। (ग) उत्‍तरांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

निर्माणाधीन पावर स्टेशन पूर्ण किया जाना

[ऊर्जा]

2. ( क्र. 60 ) श्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि पन्ना जिला के अजयगढ़ अंतर्गत 220 के.व्ही.ए. पावर स्टेशन निर्माणाधीन है? यदि हाँ तो इसका निर्माण कार्य कब तक पूर्ण कर लिया जावेगा? (ख) इस पावर सब स्टेशन से कितने जिलों में विद्युत वितरण किये जाने का प्रावधान है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, पन्‍ना जिले के अजयगढ़ में 220 के.व्‍ही. का अति उच्‍चदाब उपकेन्‍द्र निर्माणाधीन है, जिसका निर्माण टैरिफ आधारित प्रतिस्‍पर्धात्‍मक बोली के माध्‍यम से चयनित मेसर्स म.प्र.पॉवर ट्रांसमिशन पैकेज-2 लिमिटेड, अहमदाबाद द्वारा किया जा रहा है। उक्‍त अति उच्‍चदाब उपकेन्‍द्र का निर्माण कार्य माह दिसम्‍बर-2024 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। (ख) पन्‍ना जिले के अजयगढ़ में निर्माणाधीन 220 के.व्‍ही. अति उच्‍चदाब उपकेन्‍द्र से पन्‍ना जिले के अजयगढ़, पन्‍ना शहर एवं छतरपुर जिले के लवकुश नगर क्षेत्र को विद्युत प्रदाय किया जाएगा।

जबलपुर शहर का मास्‍टर प्‍लान

[नगरीय विकास एवं आवास]

3. ( क्र. 110 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मास्टर प्लान नगर के सुनियोजित विकास का मुख्य आधार होता है तथा सुनियोजित विकास के लिये उस पर अमल आवश्यक है? यदि हाँ तो जबलपुर शहर के मास्टर प्लान 1 में दो ट्रान्सपोर्ट नगर का निर्माण तेवर में दूसरा विजय नगर से लगे नये प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र में प्रावधान का क्या हुआ? इनका निर्माण न कराने का क्या कारण है? (ख) शहर की जल प्लावन की समस्या से निजात पाने हेतु मास्टर प्लान-II में प्रस्तावित ओमती नाला, मोतीनाला का गहरीकरण एवं सुनियोजित विकास न कराने का क्या कारण है? (ग) मास्टर प्लान 3 में 20 धरोहरों को संवारने, 15 मेजर सर्विस सड़कों का निर्माण, 2 एम.आर. व 3 एस.आर. सड़कों का अभी तक निर्माण न कराने का क्या कारण है? शहर की चारों दिशाओं में प्रस्तावित फायर सब-स्टेशनों की क्या स्थिति है? (घ) शहर में मास्टर प्लान व नियम कानून को ताक पर रखकर दो सौ से अधिक अवैध कालोनियों का निर्माण के लिये दोषी कालोनाईजर एवं अधिकारियों पर जिला प्रशासन एवं शासन ने क्या कार्यवाही की है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। जबलपुर विकास योजना, 2021 नगर की भावी आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए नगर के सुनियोजित विकास हेतु तैयार की गई। ग्राम तेवर से लगे ग्राम कुगवा एवं ग्राम ओरिया में ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित किये गये है। जबलपुर विकास योजना 2021 के अध्याय 5 की कंडिका 5.5 के अनुसार विकास योजना के प्रस्तावों के क्रियान्‍वयन का दायित्व जबलपुर विकास प्राधिकरण एवं अन्य क्रियान्‍वयन संस्थायें एवं विभाग भी सहभागी है। नगर की आवश्यकतानुसार इनका विकास क्रियान्वयन संस्थाओं द्वारा किया जा सकेगा? (ख) जबलपुर विकास योजना, 2021 में नालों को अंकित किया जाकर उनके संरक्षण हेतु नालों के दोनों किनारों पर पाथवे एवं उपरांत वृक्षारोपण प्रस्तावित किये गये हैं। स्थानीय संस्था द्वारा आवश्यकतानुसार इनका विकास किया जा सकेगा। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार। (घ) नगर निगम सीमा क्षेत्र के अंतर्गत कुल 224 अवैध कालोनियों चिन्हित की गई थी नियमानुसार उक्त अवैध कालोनाईजर के विरुद्ध संबंधित थाना क्षेत्र में प्राथमिकी दर्ज कराये जाने की कार्यवाही की गई है।

नमामि नर्मदा परियोजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

4. ( क्र. 111 ) श्री लखन घनघोरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्मार्ट सिटी जबलपुर के तहत नर्मदा नदी के संरक्षण, संवर्धन, उन्नयन एवं पर्यावरण के उद्देश्य से नमामि नर्मदा परियोजना कब क्या बनाई गई है। मूल योजना की कुल लागत व अवधि क्या है? इसे स्वीकृति हेतु शासन के पास कब भेजी गई है? इस पर शासन ने कब क्या कार्यवाही की है और इसके लिये कब कितनी राशि आबंटित की है? (ख) प्रश्‍नांकित परियोजना के क्रियान्‍वयन के संबंध में शासन ने डेव्‍हलपमेंट अथॉरिटी के माध्यम से शुरू करने बावत् कब क्या निर्देश दिये थे? इसका अभी तक कार्य प्रारंभ न कराने का क्या कारण है? परियोजना किस स्तर पर लम्बित है एवं क्यों? (ग) प्रश्‍नांकित परियोजना के तहत भटौली गौरीघाट से लेकर भेड़ाघाट तक कितने एकड़ में कितने फेज में कौन-कौन सा काम कराने का प्लान तैयार किया गया है? फेज के अनुसार जानकारी दें। (घ) प्रश्‍नांकित परियोजना के क्रियान्‍वयन हेतु कितनी शासकीय भूमि को अधिग्रहित करने हेतु क्या कार्यवाही की गई है। इसके लिये कितने एकड़ भूमि को हरित क्षेत्र आरक्षित किया जावेगा? कारिडोर के तहत कौन-कौन सा विकास एवं निर्माण कार्य कराया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) स्मार्ट सिटी जबलपुर के तहत नर्मदा नदी के संरक्षणसंवर्धनउन्नयन एवं पर्यावरण के उद्देश्य से नमामि नर्मदा परियोजना की घोषणा माननीय मुख्यमंत्री द्वारा 25 जनवरी 2023 को की गई। इस योजना के अंतर्गत डी.पी.आर. बनाने हेतु सलाहकार नियुक्ति की निविदा प्रचलन में है। डी.पी.आर. तैयार होने के उपरांत ही अवधि एवं लागत ज्ञात हो सकेगी। परियोजना की स्वीकृति डी.पी.आर. तैयार होने के उपरांत ली जावेगी। शासन दवारा राज्य गंगा समिति की बैठक दिनांक 26.07.2023 को जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त करते हुए सलाहकार नियुक्ति हेतु आदेशित किया गया है। नगर निगम जबलपुर को संचालनालय के पत्र क्रमांक-10963/या.प्र./07/2023 दिनांक-18.09.2023 से नर्मदा के घाटों को आपस में जोड़ते हुये विकास एवं उन्नयन कार्य एवं नर्मदा पथ विकास कार्य (सर्वेक्षण एवं प्लान तैयार किये जाने हेतु) राशि रु.10.00 करोड़ की स्वीकृत दी गई है। बजट उपलब्धता अनुसार राशि उपलब्ध करायी जाती हैं। (ख) शासन द्वारा राज्य गंगा समिति की बैठक दिनांक 26.07.2023 को जबलपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त करते हुए सलाहकार नियुक्ति हेतु आदेशित किया गया है। इस योजना के अंतर्गत डी.पी.आर. बनाने हेतु सलाहकार नियुक्ति की निविदा प्रचलन में हैं। (ग) परियोजना की डी.पी.आर. तैयार होने के उपरांत ही भूमि एवं फेज के अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों का निर्धारण किया जा सकेगा। (घ) परियोजना की डी.पी.आर. स्वीकृत होने के उपरांत ही शासकीय भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही की जाएगी साथ ही आरक्षित भूमि एवं कॉरीडोर के अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों का निर्धारण किया जा सकेगा।

विद्युत ट्रांसफॉर्मर एवं अघोषित बिजली कटौती

[ऊर्जा]

5. ( क्र. 141 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                       (क) शिवपुरी जिले की विधानसभा क्षेत्र 24 पोहरी में ग्रामीण/शहरी व आदिवासी बस्ती में अघोषित बिजली कटौती के क्या नियम है? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। क्या शासन नियमानुसार विद्युत सप्लाई हो रही है? (ख) वितरण ट्रांसफॉर्मर खराब होने पर बदलने संबंधी शासन के नियम क्या है? आदेश की प्रति दी जावें। ग्रामीणजन कई दिनों तक विद्युत वितरण कंपनि‍यों के अधिकारियों के चक्कर लगाते रहते हैं, किंतु उनके वितरण ट्रांसफॉर्मर नियत प्रक्रिया के तहत बदले नहीं जाते हैं, क्या कारण है? (ग) विधानसभा क्षेत्र पोहरी में वर्ष 2023 में कितने वितरण ट्रांसफॉर्मर असफल एवं जले/खराब हुए व कितने बदले गये, इसकी जानकारी दी जावें? (घ) कई किसान नियमित बिल जमा कर रहे हैं, किंतु कई लोगों के कनेक्शन नहीं होने से अवैध विद्युत लाइन का प्रयोग करते हैं, जिससे बिल जमा करने वाले किसानों को पर्याप्त लाइट नहीं मिल पाती है, इसके लिए विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की जाती है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) शिवपुरी जिले के विधानसभा क्षेत्र पोहरी में ग्रामीण/शहरी एवं आदिवासी बस्तियों में किसी भी प्रकार की अघोषित विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत अधोसंरचना में अचानक तकनीकी खराबी आने, विद्युत के अवैधानिक उपयोग/विद्युत लाईनों से छेड़छाड़ के कारण आए अवरोधों एवं विद्युत अधोसंरचना के रख-रखाव हेतु पूर्व निर्धारित कार्यक्रम अनुसार लिये गए शटडाउन के कारण कतिपय अवसरों पर आए विद्युत व्‍यवधानों को छोड़कर किसी भी प्रकार की विद्युत कटौती नहीं की जा रही है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। जी हां, प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में अपरिहार्य कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर गैर-कृषि उपभोक्‍ताओं को प्रतिदिन 24 घंटे एवं कृषि उपभोक्‍ताओं को प्रतिदिन 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। पोहरी विधानसभा क्षेत्र में माह दिसम्‍बर, 2023 की स्थिति में घरेलू फीडरों में औसतन 22:39 घंटे एवं कृषि फीडरों पर औसतन 9:03 घंटे विद्युत प्रदाय किया गया है। (ख) वितरण ट्रांसफॉर्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्‍यालय में 12 घंटे एवं अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्‍क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में जला/खराब वितरण ट्रांसफॉर्मर बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्‍थापित करने के प्रावधान हैं जिससे संबंधित आदेश/नियम की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। तदनुसार वितरण कंपनी द्वारा पहुंच मार्ग की उपलब्‍धतानुसार उक्‍त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफॉर्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है। जी नहीं, शिवपुरी जिला अंतर्गत उक्‍त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफॉर्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) विधानसभा क्षेत्र पोहरी में माह अप्रैल, 2023 से माह दिसम्‍बर, 2023 कुल 418 वितरण ट्रांसफॉर्मर असफल/जले/खराब हुए हैं, जिनमें से 414 वितरण ट्रांसफार्मरों को नियमानुसार बदला गया है तथा शेष 4 वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि जमा नहीं करने से अपात्र होने के कारण नियमानुसार नहीं बदले गये हैं।                                       (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत नियमित बिल जमा करने वाले किसानों को नियमानुसार विद्युत सप्‍लाई की जा रही है। अवैध रूप से विद्युत उपयोग करने वाले व्‍यक्तियों पर वितरण कंपनी द्वारा समय-समय पर चैकिंग की कार्यवाही की जाती है एवं उनके विरूद्ध पंचनामा तैयार कर नियमानुसार बिलिंग कर, अवैध कनेक्‍शन को विच्‍छेदित किया जाता है तथा बिल की गई राशि का भुगतान प्राप्‍त नहीं होने पर विशेष न्‍यायालय में प्रकरण दर्ज कराया जाता है।

परिशिष्ट - "इकतालीस"

निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

6. ( क्र. 190 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                 (क) वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक विधानसभा क्षेत्र पवई के अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग के द्वारा कौन-कौन सी सड़क बनाई जा रही है। इस सड़कों को कितनी-कितनी राशि की तकनीकी स्वीकृति एवं प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार निर्माणाधीन सड़कों की भौतिक स्थिति क्या है? उनका कितना-कितना मूल्याकंन किस-किस अधिकारी द्वारा कब-कब किया गया? (ग) कटनी से अमानगंज तक बनाई जाने वाली सड़क पिछले 6 वर्ष से निर्माणाधीन है, इस सड़क की निर्माण की समय-सीमा क्या थी? क्या तय समय-सीमा में सड़क का निर्माण का कार्य नहीं हुआ है? यदि हाँ तो दोषी ठेकेदार पर क्या कार्यवाही की गई या की जावेगी? (घ) पवई विधानसभा अन्तर्गत लोक निर्माण विभाग (पी.आई.यू.) द्वारा वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से कार्य किस-किस ठेकेदार द्वारा कराये गये है। कराये गये कार्यों की भौतिक स्थिति क्या है एवं इन कार्यों का मूल्याकंन किन-किन अधिकारियों द्वारा कब-कब किया गया? (ड.) प्रश्‍नांश (घ) के संदर्भ में क्या कराये गये कार्य गुणवत्ता विहीन है? यदि हाँ तो क्या-क्या कार्यवाही आज दिनांक तक की गई?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ग) जी हाँ। कटनी से अमानगंज मार्ग निर्माण की अनुबंधानुसार समय-सीमा 18 माह थी। जी हाँतय समय-सीमा में सड़क का निर्माण पूर्ण न होने के कारण राजस्व विभाग  द्वारा वन भूमि का उपलब्ध न होना व कोविड महामारी है। भारत सरकार परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा दिनांक 31.03.2024 तक समयावृद्धि जारी की गई है। अतः कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-2' अनुसार है। (ड.) समस्‍त कार्य गुणवत्‍ता पूर्णशेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

विद्युत व्‍यवस्‍थाओं की स्थिति

[ऊर्जा]

7. ( क्र. 191 ) श्री प्रहलाद लोधी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) ऊर्जा विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में जले हुये ट्रांसफॉर्मर बदलने के लिये कितने समय का प्रावधान है? आदेश/नियम की छायाप्रति देवें। (ख) क्‍या पवई विधानसभा क्षेत्र में ट्रासंफार्मर बदलने में 15 से 20 दिनों का समय लग रहा है, जबकि इससे सिंचाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है? इस व्‍यवस्‍था में सुधार कब तक कर दिया जावेगा एवं दोषी अधिकारियों पर विभाग कब तक कार्यवाही करेगा?                                              (ग) पवई विधानसभा अन्‍तर्गत कलदा एवं कृष्‍णगढ़ विद्युत सबस्‍टेशनों का निर्माण कार्य टेण्‍डर होने के 6 माह बाद भी शुरू नहीं हुआ है जबकि इस क्षेत्रों में लो वोल्‍टेज की बहुत समस्‍या है? इस सबस्‍टेशनों का निर्माण कार्य कब शुरू होगा और कार्य पूर्ण कराने की समयावधि क्‍या है? (घ) क्‍या विधानसभा पवई अन्‍तर्गत कई गांवों में विद्युत केबल जले हुये हैं, जिससे लगातार दुर्घटनाएं होती रहती हैं? यदि हाँ तो अभी तक जले हुये केबलों की जगह नये केबल क्‍यों नहीं खीचें गये? विभाग द्वारा केबल बदलवाने का कार्य कब तक पूरा करा लिया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) वितरण ट्रांसफॉर्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर संभागीय मुख्यालय में 12 घंटे एवं अन्‍य शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में शुष्क मौसम में 3 दिवस तथा मानसून के मौसम के दौरान माह जुलाई से सितंबर तक 7 दिवस में बदलने अथवा विद्युत प्रदाय पुनर्स्‍थापित करने के प्रावधान है। तद्नुसार वितरण कंपनियों द्वारा पहुँच मार्ग की उपलब्‍धता अनुसार उक्‍त निर्धारित समयावधि में जले/खराब वितरण ट्रांसफॉर्मर बदलने की कार्यवाही की जाती है, जिससे संबंधित आदेश/नियम की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) पवई विधानसभा क्षेत्रांतर्गत जले/खराब ट्रांसफार्मरों को पात्र होने के उपरांत उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखानुसार निर्धारित समय-सीमा के अंदर बदला गया है/जा रहा है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में कोई भी पात्र जला/खराब वितरण ट्रांसफॉर्मर बदलने हेतु शेष नहीं है। उत्‍तंराश (क) में उल्‍लेखित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप की जा रही कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न नहीं उठता है। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में लो वोल्‍टेज की समस्‍या के निराकरण सहित गुणवत्‍तापूर्ण विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने के लिये ग्राम कल्‍दा एवं कृष्‍णगढ़ अंतर्गत नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्रों का कार्य केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत स्‍वीकृत किया गया है। उक्‍त कार्य हेतु निविदा कार्यवाही उपरांत म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा दिनांक 26.12.2022 को कार्यादेश जारी कर दिया गया है। उक्‍त उपकेन्‍द्रों के कार्यों को पूर्ण किये जाने की समयावधि कार्यादेश की दिनांक से 24 माह है। ग्राम कल्‍दा में स्‍वीकृत नवीन विद्युत उपकेन्‍द्र एवं संबंधित उच्‍चदाब लाईन के निर्माण क्षेत्र में वन क्षेत्र आता है, जिस हेतु वन विभाग से चाही गई अनुमति लंबित है। वन विभाग से अनुमति प्राप्‍त करने हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वन विभाग से अनुमति प्राप्‍त करने के उपरांत उक्‍त नवीन विद्युत उपकेन्‍द्र एवं संबंधित उच्‍चदाब लाईन का कार्य प्रारंभ किया जाना संभव हो सकेगा। ग्राम कृष्‍णगढ़ में नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र का कार्य प्रगति पर है। उक्‍त नवीन विद्युत उपकेन्‍द्र हेतु 132 के.व्‍ही. अति उच्‍चदाब विद्युत उपकेन्‍द्र पवई से लगभग 12 कि.मी. की 33 के.व्‍ही. लाईन का निर्माण कार्य प्रगति पर है परंतु कुछ स्‍थानों पर फसल खड़ी होने के कारण निर्माण कार्य बाधित है। फसल कटने के पश्‍चात उक्‍त उपकेन्‍द्र का कार्य माह मार्च, 2024 तक पूर्ण किया जाना संभावित है। (घ) जी नहीं। पवई विधानसभा अंतर्गत विद्युत केबल जले/खराब होने की शिकायत प्राप्‍त होने पर म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा उपलब्‍ध संसाधनों के अनुरूप जली/टूटी केबल को सुधार कर विद्युत प्रदाय सुचारू कर दिया जाता है। वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के समस्‍त ग्रामों का विद्युत प्रदाय सुचारू रूप से चालू है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है।

परिशिष्ट - "बयालीस"

लोक निर्माण विभाग के स्‍वीकृत कार्य प्रारंभ कराए जाना

[लोक निर्माण]

8. ( क्र. 195 ) डॉ. रामकिशोर दोगने : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नागदा-गिदगढ़-निनावटखेड़ा से किलोडिया- चंदोडिया-झिरमिरा- दिवेल-तारोद-मोकडी 25 कि.मी. मुख्‍य जिला मार्ग स्‍वीकृति वर्ष 2023-24 के प्रथम अनुपूरक बजट में लागत 3125 लाख का भूमि पूजन तत्‍कालीन मुख्‍यमंत्री शिवराज‍ सिंह चौहान द्वारा 20 जुलाई 2023 को नागदा आगमन पर विकास यात्रा में किया था? यदि हाँ तो वित्‍तीय, प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान कर टेण्‍डर कब आमंत्रित किए गए? यदि नहीं किए गए तो कब तक आमंत्रित किए जाएंगे? (ख) नागदा क्षेत्र में रेलवे समापार क्रमांक 102, 103 पर रेलवे ओव्‍हर ब्रिज का निर्माण क्‍यों बंद है? बंद का कारण सहित विवरण देते हुये निर्माण कार्य कब तक पुन: प्रारंभ होगा? कार्य समय-सीमा में पूर्ण नहीं करने पर ठेकेदार को ब्‍लैकलिस्‍ट कर उसके विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की गई है? (ग) क्‍या खाचरौद में रेलवे समापार क्रमांक 98 का स्‍टीमेट अनुसार सम्‍पूर्ण कार्य पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं तो क्‍या-क्‍या कार्य किया जाना है? (घ) क्‍या रेलवे समापार क्रं. 98 पर 90 डिग्री का अंधा मोड़ है? जिससे कि लगातार दुर्घटनाएं हो रही है? दुर्घटना रोकने हेतु विभाग द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है? गलत डिजाईनिंग व निर्माण करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध क्‍या शासन कार्यवाही करेगा?                                                  (ड.) औद्योगिक क्षेत्र विरलाग्राम से उज्‍जैन-जावरा मार्ग को जोड़ने वाली रिंग रोड पर रेलवे समापार नं. 2 पर रेलवे ओव्‍हर ब्रिज की स्‍वीकृति प्रदान करने हेतु डी.पी.आर. बनाने के निर्देश दिए गए थे? क्‍या डी.पी.आर. बना ली गई है? यदि हाँ तो आगामी बजट 2024 -25 में स्‍वीकृति हेतु शासन द्वारा क्‍या कार्यवाही की जा रही है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँशासन स्तर पर निर्धारित सक्षम समिति में प्रस्‍ताव परीक्षणाधीन है। सक्षम समिति के अनुमोदन उपरांत ही प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जावेगी। तद्उपरान्‍त निविदा आमंत्रण की कार्यवाही की जावेगी। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (घ) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। स्वीकृत ड्राईंग अनुसार ही कार्य कराया गया है। (ड.) जी हाँ। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तैंतालीस"

अपूर्ण मार्ग को पूर्ण करना

[लोक निर्माण]

9. ( क्र. 240 ) श्री विजयपाल सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता विधानसभा क्षेत्र सोहागपुर के अंतर्गत शोभापुर से माछा, शोभापुर से भटगांव, शोभापुर से रेवाबनखेड़ी, सेमरी से महुआखेड़ा अजबगांव गजनई मार्ग एवं सिरवाड़ फुरतला पाटनी सांगाखेड़ाखुर्द मार्ग लोक निर्माण विभाग की ए.डी.बी. योजना के अंतर्गत बनाये गये है जिनका कार्य अभी तक किस कारण से पूर्ण नहीं हो पाया है? इन मार्गों के साथ कितनी पुल-पुलिया बनाये जाने का प्रावधान था? (ख) क्या उक्त मार्गों का निर्माण गुणवत्ताहीन हुआ है विगत 5 वर्षों से काम चल रहा है परन्तु अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है और विभाग द्वारा कार्य पूर्ण बताकर पैसे निकाल लिये गये है एवं पुल-पुलिया भी निर्धारित शर्तों के आधार पर नहीं बनी है? पुल-पुलिया के बॉक्स कलवर्ट शर्तों से कम बनाये गये है और इनकी भी राशि पूरी निकाल ली गई है। साईट शोल्डर भी निर्धारित मापदंड के तहत नहीं बनाये गये है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संबंध में विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई है? इसमें कौन जिम्मेदार है उपरोक्त मार्गों का निर्माण कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) प्रश्नांकित मार्ग का निर्माण ए.डी.बी. योजनांतर्गत नहीं, अपितु एन.डी.बी. योजनांतर्गत है। शेष जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) कार्य गुणवत्‍तापूर्ण होकर प्रगति पर है। पुल-पुलिया भी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार निर्धारित मापदण्ड से बनाई गयी। बॉक्‍स कलवर्ट कार्य स्वीकृत प्राक्कलन में 14 नग थे एवं 14 नग ही बॉक्‍स कलवर्ट बनाये गये है । अतः राशि निकालने का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता तथा साईड शोल्डर का कार्य भी निर्धारित मापदण्डानुसार किया गया है। (ग) प्रश्नांश (क) एवं (ख) के उत्तर अनुसार शेष का प्रश्न ही उपस्थित नहीं होता । मार्ग का निर्माण कार्य अप्रैल 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य नियत है

परिशिष्ट - "चौवालीस"


संविदा आधार पर कार्यरत कर्मचारियों को नवीन नियमों का लाभ

[नगरीय विकास एवं आवास]

10. ( क्र. 294 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक 5-2/2018/ 1/3 भोपाल दिनांक 22 जुलाई 2023 को संविदा कर्मचारियों के हितार्थ नवीन नियमों को लागू किया गया है। यदि हाँ तो क्या जिला रीवा अंतर्गत नगरीय निकायों में उक्त नियमों का क्रियान्वयन किया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित आदेश को किस दिनांक तक भर्ती हुए संविदा कर्मचारियों पर लागू किया जाना है? कृपया आदेश की प्रति एवं विस्तृत विवरण उपलब्ध कराने का कष्ट करें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के अनुक्रम में रीवा जिले के अधीन नगर परिषदों एवं नगर निगम में कब तक उपरोक्त वर्णित नियम को लागू किया जावेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र/आदेश जारी होने के उपरांत विभाग द्वारा प्रदेश की नगरीय निकायों हेतु पृथक से परिपत्र/आदेश जारी किये जाते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग परिपत्र क्रमांक सी-5-2/2018/ 1/3भोपालदिनांक 22 जुलाई 2023 के अनुक्रम में रीवा जिला अंतर्गत नगरीय निकायों में केवल सामुदायिक संगठनों हेतु सामान्य प्रशासन विभाग के उक्त परिपत्र का क्रियान्वयन किया जा रहा है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) मध्यप्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश क्रमांक 5-2/2018/1/3 भोपाल दिनांक 22 जुलाई 2023 कण्‍डिका 1.3.1 में जानकारी अंकित है। (ग) समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

हितग्राहियों को सोलर पंप का प्रदाय

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

11. ( क्र. 295 ) श्री दिव्‍यराज सिंह : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्यप्रदेश शासन की मुख्यमंत्री सोलर पम्प योजना के अंतर्गत ऐसे कितने हितग्राही हैं जिनका पंजीयन शुल्क जमा होने के बाद भी प्रकरण अभी तक लंबित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजनान्तर्गत मुख्यमंत्री सोलर पम्प हेतु विकासखण्ड जवा के हितग्राही श्री श्रद्धानंद द्विवेदी आवेदन संख्या 202056161 दिनांक 08.08.2020 द्वारा मय आवेदन शुल्क रुपये 5000/- जमा किये गए थे। क्या कारण है कि लगभग 03 वर्ष व्यतीत हो जाने के बाद भी हितग्राही को योजना का लाभ प्राप्त नहीं हो सका? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में वर्णित हितग्राही को योजना का लाभ कब तक दिया जावेगा? यदि नहीं तो क्या हितग्राही के आवेदन शुल्क को तीन वर्ष के ब्याज सहित विभाग के द्वारा वापस किया जावेगा? यदि हाँ तो समय-सीमा के साथ पृथक-पृथक जानकारी देवें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्‍ला ) : (क) मध्‍यप्रदेश शासन की मुख्‍यमंत्री सोलर पंप योजना के अंतर्गत 8500 पात्र हितग्राही हैं जिनका पंजीयन शुल्‍क जमा है एवं प्रकरण लंबित है। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित योजनान्‍तर्गत सोलर पंप की स्‍थापना हेतु विकासखण्‍ड जवा जिला रीवा के हितग्राही श्री श्रद्धानंद द्विवेदी आवेदन संख्‍या 202056161 दिनांक 08.08.2020 द्वारा आवेदन, पंजीयन शुल्‍क रू. 5000/- सहित जमा किया गया था। वरियताक्रम में हितग्राही का नाम नहीं आने के कारण हितग्राही को योजना का लाभ प्राप्‍त नहीं हो सका है। (ग) मुख्‍यमंत्री सोलर पंप योजना के अतंर्गत राज्‍य शासन द्वारा नवीन निविदा के माध्‍यम से अनुमोदित दरें प्राप्‍त होने पर हितग्राही को योजना का लाभ दिया जा सकेगा। हितग्राही के आवेदन के विरूद्ध पंजीयन शुल्‍क को ब्‍याज सहित वापिस किया जाना प्रावधानित नहीं है। हितग्राही द्वारा आवेदन निरस्‍त करते हुए पंजीयन शुल्‍क वापिस मांगे जाने पर उसे नियमानुसार राशि वापिस की जा सकती है। हितग्राही को योजना का लाभ देने हेतु समय-सीमा तय नहीं की गई है।

68 करोड़ की 154 कोयला रैक डायवर्ट किया जाना

[ऊर्जा]

12. ( क्र. 356 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) [डॉ. सतीश सिकरवार] : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की संजय गांधी ताप विद्युत गृह को आने वाली कितनी रैक को पिछले तीन वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन अन्‍य संस्‍थान/कंपनी के अन्‍य विद्युत गृहों को डायवर्ट कर दी गई थी, साथ ही जिन संस्‍थानों को डायवर्ट की गई थी उनका ब्‍यौरा यथा संस्‍थानोंवार कितने रैक डायवर्ट की गई, कितनी राशि किस संस्‍थान मद में आती है एवं क्‍या सभी राशि वसूली गई या इसके एवज में कोयला प्राप्‍त कर समायोजन किया गया है, अन्‍य संस्‍थान को डायवर्ट की गई रैक के संबंध में सभी की प्राप्ति कोयले के रैक चालान अथवा वसूली गई राशि की पावती रसीद/बैंक रसीद प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब प्राप्‍त की गई उनकी छायाप्रति सदन को उपलब्ध कराई जावें। (ख) पिछले तीन वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक संजयगांधी ताप विद्युत गृह के कोयला परिवहन में रेलवे द्वारा संजय गांधी को किन-किन कोयला प्राप्‍त स्‍थान से संजय गांधी ताप विद्युत गृह पहुंचाने तक रेलवे द्वारा अधिक भाड़ा लिया। इसका संज्ञान क्‍या एजी ऑडिट द्वारा ''अतिरिक्‍त भाड़ा रेलवे के मद में भुगतान किया गया'' लिया गया। अगर हाँ तो इस राशि को रेलवे से वसूलना था तो प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि कब-कब वसूली गई। दिनांकवार प्राप्‍त राशि का विवरण, रसीद एवं चालान की छायाप्रति सदन को उपलब्‍ध कराई जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) विगत तीन वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के संजय गांधी ताप विद्युत गृह बिरसिंहपुर को आने वाली कोल रैक किसी भी अन्‍य संस्‍थान को नहीं अपितु म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के अन्‍य ताप विद्युत गृहों में कोयले की तात्‍कालिक आवश्‍यकता के दृष्टिगत, पूर्ति सुचारू रूप से बनाये रखने हेतु डायवर्ट की गई थी। उक्‍त डायवर्ट की गई कोल रैक की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। उक्‍त सभी डायवर्टेड कोल रैक की कीमत एवं परिवहन व्‍यय को डायवर्टेड कोल रैक प्राप्‍त करने वाले म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के संबंधित ताप विद्युत गृह के खाते में सम्मिलित किया गया है। विगत तीन वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक किसी भी अन्‍य बाहरी संस्‍थान को संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर हेतु आने वाली कोल रैक डायवर्ट नहीं किए जाने के कारण शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) पिछले तीन वर्षों से प्रश्‍न दिनांक तक रेलवे द्वारा चिरमिरी, भटगांव, दूमनहिल, गोविंदा, जिवेरा एवं नौरोजाबाद रेलवे साइडिंग से संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर तक कोयला परिवहन में कुछ कोल रैकों में त्रुटिवश अतिरिक्‍त भाड़ा लिया गया, जिसका विवरण संलग्‍न  परिशिष्‍ट के प्रपत्र - ब अनुसार है। उक्‍त त्रुटिवश लिए गए अतिरिक्‍त भाड़े का दावा नियमानुसार रेलवे विभाग पर किया गया है। रेलवे से भुगतान प्राप्‍त करने हेतु निरंतर पत्राचार किया गया है। ऐसे प्रकरणों का निराकरण रेलवे के नियमानुसार किया जाता है। वर्तमान में रेलवे द्वारा त्रुटिवश लिए गए अतिरिक्‍त भाड़े संबंधी प्रकरण ए.जी. ऑडिट द्वारा संज्ञान में नहीं लिया गया है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "पैंतालीस"

म.प्र. पावर जनरेटिंग में पुनर्नियुक्ति

[ऊर्जा]

13. ( क्र. 357 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                   (क) म.प्र. पा.ज.कं.लि. में वर्तमान प्रबंध संचालक का कार्यकाल मई 2023 में समाप्‍त हो गया था ऐसे में क्‍या कारण है कि कम्‍पनी में नियमों का संदर्भ बताकर पुन: इनकी 3 वर्ष हेतु पुनर्नियुक्ति कर दी गई थी जबकि म.प्र. विद्युत मण्‍डल या पावर जनरेटिंग कम्‍पनी में ऐसी पुनर्नियुक्ति कभी नहीं की गई? (ख) क्‍या इनके तीन वर्ष के कार्यकाल में निरन्‍तर विद्युत उत्‍पादन प्रतिशत पी.यू.एफ. में गिरावटी आई, प्रति युनिट विद्युत उत्‍पादन में अधिक कोयला खर्च हुआ इस कारण महंगी बिजली का उत्‍पादन हुआ। प्रश्‍न क्रमांक 1044 दिनांक 03.03.2023 के अनुसार इनके कार्यकाल में अमरकंटक ताप विद्युत गृह को छोड़कर सभी ताप विद्युत गृहों में महंगी एवं घाटे की बिजली उत्‍पादित की गई, हीट रेट अधिक रही, ताप एवं जल विद्युत गृहों में रिकार्ड टूट-फूट हुई। कमी की संदर्भ ई.आर.पी. निर्माण में विलम्‍ब संजय गॉंधी ताप विद्युत गृह का अल्‍टरनेटिव पाथ, स्‍ट्रेकर, रीक्‍लेमर का टूटना अनावश्‍यक रूप से ऑक्‍सीजन प्‍लांट का निर्माण कराया गया? पूर्ण रूप से असफल को सफल दिखाते हुये इनको 3 वर्ष की पुनर्नियुक्ति क्‍यों दी गई? क्‍या इनकी पुनर्नियुक्ति रद्द कर अन्‍य सूक्ष्‍म व्‍यक्ति प्रबंध संचालक बनाया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.शासन द्वारा म.प्र.पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के आर्टिकल ऑफ एसोसिएशन में निहित प्रावधानानुसार गठित चयन समिति की अनुशंसा पर श्री मनजीत सिंह, वर्तमान प्रबंध संचालक, म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कम्‍पनी लिमिटेड को दिनांक 26.05.2023 से तीन वर्ष की अवधि अथवा आगामी आदेश जो भी पहले हो, तक के लिए पुनर्नियुक्ति प्रदान की गई है। म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक पद पर पूर्व में भी पुनर्नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है। (ख) जी नहीं। वर्तमान प्रबंध संचालक का प्रथम कार्यकाल मई, 2020 से मई, 2023 तक था। विगत तीन वर्ष में विद्युत उत्‍पादन एवं पी.यू.एफ. (पी.एल.एफ.) प्रतिशत में लगातार वृद्धि हुई है। उल्‍लेखनीय है कि वर्ष 2022-23 में म.प्र.पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के ताप विद्युत गृहों का कुल विद्युत उत्‍पादन 27328 मिलियन इकाई हुआ है, जो अभी तक का सर्वाधिक है। विगत तीन वर्ष में प्रति इकाई कोयले की खपत में लगातार वृद्धि नहीं हुई है, अपितु कोयले की गुणवत्‍ता के कारण कोयले की खपत में परिवर्तन हुआ है, जो एक स्‍वाभाविक प्रक्रिया है। विद्युत उत्‍पादन लागत बढ़ने का मुख्‍य कारण कोयले की अधिक खपत नहीं अपितु अन्‍य घटक भी जिम्‍मेदार होते हैं, जैसे कोयले की कीमत, परिवहन व्‍यय तेल, श्रमिक व्‍यय एवं संचालन-संधारण व्‍यय का बढ़ना। जी नहीं, प्रश्‍न क्रमांक-1044 में भी प्रस्‍तुत जानकारी में उल्‍लेख किया गया था कि वर्ष 2021-22 में म.प्र.पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को कर उपरांत 66.12 करोड़ का लाभ हुआ है, अत: महंगी एवं घाटे की बिजली उत्‍पादित की गई है, कहना सही नहीं है। वर्ष 2021-22 में ताप विद्युत गृहों का हीट रेट 2504 किलो कैलोरी/इकाई रहा जो विगत वर्षों की तुलना में कम है। प्रश्‍न क्रमांक-1044 की जानकारी में कोई भी टूट-फूट का उल्‍लेख नहीं किया गया था। ताप एवं जल विद्युत इकाइयों में टूट-फूट के संबंध में लेख है कि विद्युत इकाइयां तकनीकी कारणों से बंद होती है, जिन्‍हें आवश्‍यक सुधार के पश्‍चात पुन: क्रियाशील कर लिया जाता है। ई.आर.पी. निर्माण में विलम्‍ब के संबंध में लेख है कि ई.आर.पी. निर्माण हेतु कार्यादेश 10 फरवरी 2022 को दिया गया था एवं अनुबंध 11.03.2022 को किया गया था। परियोजना के क्रियान्‍वयन हेतु 18 माह की समय-सीमा एवं संचालन कार्य की अवधि 42 माह सहित कुल 05 वर्ष प्रस्‍तावित है। परियोजना के गो-लाइव फेज को आरम्‍भ किया जा चुका है। परियोजना की गतिविधियाँ लगभग 06 माह विलम्‍ब से चल रही हैं। कार्यान्‍वयन कंपनी द्वारा इस देरी को कम करने के प्रयास का आश्‍वासन दिया गया है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह में अल्‍टरनेटिव कोल पाथ का ट्रायल माह अगस्‍त, 2020 में प्रारम्‍भ किया गया था एवं वर्तमान में यह सुचारू रूप से कार्य कर रहा है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह में स्‍टेकर, रीक्‍लेमर के क्षतिग्रस्‍त होने की घटना तत्‍समय आए ताउते तूफान के कारण घटित हुई थी, जो एक प्राकृतिक आपदा थी। क्षतिग्रस्‍त स्‍टेकर, रीक्‍लेमर अपना जीवन काल भी पूर्ण कर चुका है, अत: उसके स्‍थान पर नया स्‍टेकर, रीक्‍लेमर स्‍थापित किये जाने का कार्य प्रगति पर है। ऑक्‍सीजन प्‍लांट का निर्माण कोरोना काल के समय देश/प्रदेश में ऑक्‍सीजन की कमी को देखते हुए राज्‍य शासन के निर्देश के अनुसार कराया गया था। प्रबंध संचालक के विगत 03 वर्ष के कार्यकाल में ताप विद्युत इकाइयों ने सतत् संचालन कीर्तिमान स्‍थापित किये हैं एवं कंपनी ने सतत् लाभ अर्जित किया है। लाभ में आने के साथ ही पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने वितरण कंपनियों के हित में रूपये 2838 करोड़ अपलेखित भी किया गया है। वर्ष 2023-24 में माह दिसंबर 2023 तक म.प्र.पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने निम्‍न उपलब्धियां हासिल की हैं- 1. सर्वश्रेष्‍ठ ताप विद्युत उत्‍पादन : 21143 मिलियन इकाई (अब तक का सर्वाधिक) 2. पी.एल.एफ. : 59.32% (विगत पांच वर्ष में सर्वाधिक) 3. तेल खपत (मिली ली/इकाई) : 0.70 (अब तक की न्‍यूनतम) 4. हीट रेट (किलो कैलारी/ इकाई) : 2408 (अब तक का न्‍यूनतम) 5. सतत संचालन : 10 ताप विद्युत इकाइयों ने 100 या उससे अधिक दिनों तक अनवरत संचालित रहने का कीर्तिमान स्‍थापित किया है, इनमें सतपुड़ा ताप विद्युत गृह की इकाई क्रमांक 10 ने 305 दिन एवं इकाई क्रमांक 11 ने 236 दिन अनवरत संचालित रहने का कीर्तिमान स्‍थापित किया है। उपरोक्‍त उपलब्धियों के दृष्टिगत प्रबंध संचालक की पुनर्नियुक्ति रद्द करने का प्रश्‍न नहीं उठता।

कुत्ता नसबंदी कार्यक्रम की जांच

[नगरीय विकास एवं आवास]

14. ( क्र. 459 ) श्री महेश परमार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं उज्जैन नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी कार्यक्रम का संपूर्ण अभिलेख दिनांक 01 जनवरी 2019 से 30 दिसंबर 2023 तक का उपलब्ध करावे एवं अभिलेख देकर बतावेँ की उक्त अवधि में प्रति वर्ष कुल कितनी नसबंदी की गई है और लाभन्वित कुत्तों को पहचान और उसका फॉलोअप किस प्रकार लिया जाता है? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित वर्षों में कुल कितना व्यय आवारा कुत्ता नसबंदी कार्यक्रम पर खर्च किया गया है उसके संपूर्ण देयक, वाउचर, एजेंसी का नाम,एजेंसी के चयन की प्रक्रिया और शासन द्वारा जारी की गई नीति, नियम, निर्देशों की प्रति उपलब्ध करावे? (ग) उक्त दोनों निकायों के नसबंदी का प्रभारी कौन-कौन है और उनकी पद स्थापना से संबंधित सम्पूर्ण विवरण उपलब्ध करावे? (घ) उज्जैन नगर निगम के संबंध में प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) के आधार पर विशेष जांच दल का गठन के आदेश जारी किए जाएंगे या नहीं? उज्जैन नगर निगम में उपरोक्त अवधि में आवारा कुत्तों के काटने एवं सड़क दुर्घटना के कारण के मामलों में निगम प्रशासन के द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) अभिलेखों की  जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट '''' अनुसार है। वर्षवार नसबंदी की संख्या निम्नानुसार हैः- (1) नगर निगम भोपाल

वर्ष

आवारा कुत्तों की नसबंदी सह एंटीरैबीज टीकाकरण

2018-19 (01-01-2019 से 31-03-2019 तक)

4910

2019-20

15175

2020-21

4269

2021-22

8536

2022-23

9082

2023-24 (31-12-2023 तक)

14201

 (2) नगर निगम उज्जैन

वर्ष

आवारा कुत्तों की नसबंदी सह एंटीरैबीज टीकाकरण

2018-19

3420

2019-20

4192

2020-21

3279

2021-22

3171

2022-23

1173

नसबंदी ऑपरेशन के दौरान श्वानों के आंतरिक जननांगों नर कुत्तों के वृषण (Testicles) व मादा कुत्तों के आंतरित जननांग निकाल कर प्रिजर्वेटिव में संग्रहित किये जाते है। ऑपरेशन के दौरान ही नसबंदी किये गये कुत्तों के एक कान की टिप थोड़ा सा कतर दी जाती है ताकि उनकी स्थायी पहचान बन जाये कि वह नसबंदी किये हुये है। (ख) वर्षवार व्यय की  जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्ट '''' अनुसार है।  सम्पूर्ण देयक, वाउचर एजेन्सी चयन प्रक्रिया की  जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्ट  '''' अनुसार है।  शासन द्वारा जारी नियम, निर्देश की  जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ग) भोपाल नगर निगम में श्वान नसबंदी एवं एन्टीरैबीज टीकाकरण का कार्य नगर निगम भोपाल के पशु चिकित्सा शाखा के अन्तर्गत किया जाता है जिसमें                                                 डॉ. एस.के. श्रीवास्तव, पशु चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदस्थ हैं। डॉ. श्रीवास्तव मूल रूप से पशुपालन विभाग के अधिकारी हैं, जो पशु चिकित्सा संबंधी कार्य हेतु नगर निगम भोपाल में संलग्न है। उज्जैन में श्वान नसबंदी के लिये अपर आयुक्त, स्वास्थ्य अधिकारी तथा प्र. स्वास्थ्य निरीक्षक का दल गठित किया गया है। उज्जैन में शासकीय पशु चिकित्सक द्वारा भी भौतिक सत्यापन किया जाता है। (घ) उज्जैन नगर में श्वान नसबंदी कार्य हेतु निगरानी समिति गठित है। उज्जैन नगर में उपरोक्त अवधि में आवारा श्वानों के काटने एवं सड़क दुर्घटनाओं से संबंधित प्रकरण अप्राप्त होने के कारण शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

बंजारा समाज के उत्‍थान हेतु योजनाएं

[विमुक्‍त, घुमन्‍तु और अर्द्धघुमन्‍तु कल्‍याण]

15. ( क्र. 593 ) श्रीमती प्रियंका पैंची : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) बंजारा समाज के उत्थान के लिए अब तक क्या-क्या योजनाएँ संचालित हैं? (ख) क्या बंजारा समाज को अर्ध घुम्मकड़ या घुमक्कड़ का दर्जा दिये जाने का राज्य सरकार का प्रस्ताव है?

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) :                                                             (क) योजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट  अनुसार है। (ख) जी नहीं। बंजरा समाज मध्‍यप्रदेश शासन, आदिम जाति कल्‍याण विभाग के ज्ञाप क्रमांक/6209/XXV/GEN/IK/63, दिनांक 21 सितम्‍बर 1963 की अधिसूचना में विमुक्‍त जाति के रूप में अधिसू‍चित है।

परिशिष्ट - "छियालीस"

मैनेजमेंट आपरेटर के तौर पर कार्यरत आउटसोर्स कंपनियां

[ऊर्जा]

16. ( क्र. 692 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                    (क) कटनी जिले के अंतर्गत म.प्र. पू.क्षे.वि.वि.कंपनी के अधीन विगत-04 वर्षों में किन-किन आउटसोर्स कंपनियों/फ़र्मों द्वारा क्या-क्या कार्य कब से किन शर्तों के अध्यधीन किए गए एवं किए जा रहे हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत क्या विगत-04, वर्षों में आउटसोर्स कंपनियों/फ़र्मों के कार्यों में कमी एवं अनियमितता और अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन होने पर शास्ति/दंड अधिरोपित किया और अन्य प्रतिबंधात्मक कार्यवाही की गयी हैं? हाँ, तो किन-किन कंपनी पर किन-किन कारणों से कितना-कितना दंड कब-कब अधिरोपित किया गया और क्या कार्यवाही की गयी? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अंतर्गत क्या आउटसोर्स कंपनियों के कार्यों में अनियमितताओं की नागरिकों द्वारा शिकायतें की गयी और विद्युत वितरण कंपनी के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा भी प्रतिवेदन दिये गए? यदि हाँ, तो की गई कार्यवाही से अवगत कराये और बताइये कि आउटसोर्स कंपनियों के कार्यों में क्या-क्या कमी किस प्रकार और कब संज्ञान में आई और प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गयी?                                            (घ) प्रश्‍नांश (क) क्या आउटसोर्स कंपनिया, म.प्र. पू.क्षे.वि.वि.कंपनी के दंड की राशि का भुगतान किए बिना प्रदेश की अन्य विद्युत वितरण कंपनियों में कार्यरत रही और वर्तमान में भी कार्य कर रही हैं? यदि हाँ, तो कौन-कौन एवं क्यों? (ङ) प्रश्‍नांश (क) से (घ) के परिप्रेक्ष्य में आउटसोर्स कंपनियों की अनियमितताओं और आम उपभोक्ताओं/नागरिकों/कार्यरत कर्मियों को लगातार हो रही असुविधाओं एवं विद्युत वितरण को हो रही हानि को दृष्टिगत कर शासन/विभाग स्तर से कोई नयी नीति अथवा नियम बनाए जायेंगे? यदि हाँ, तो किस प्रकार एवं कब तक? यदि नहीं तो क्यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत कटनी जिले हेतु विगत 04 वर्षों में 03 बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसियों द्वारा निविदा में निहित प्रावधानों/शर्तों के अधीन विभिन्‍न श्रेणियों, यथा-उच्‍च कुशल, कुशल, अर्द्धकुशल एवं अकुशल, के आऊटसोर्स कार्मिकों को उपलब्‍ध कराए जाने के कार्य किये गये/किये जा रहे हैं, जिनके नाम एवं अनुबंध की अवधि की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र - 'अनुसार एवं निविदाओं की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र - 'अनुसार है। (ख) जी हां, प्रश्‍नाधीन अवधि में बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी मेसर्स प्राईमवन वर्कफोर्स प्रा.लि. भोपाल को अनुबंध की शर्तों का उल्‍लंघन किये जाने पर दिनांक 31.03.2021 से आगामी 1 वर्ष अर्थात दिनांक 30.03.2022 तक, की अवधि हेतु डिबार करने की कार्यवाही की गई है एवं मेसर्स ट्रिग डिटेक्टिव्‍ज प्रा.लि. मुम्‍बई को अनुबंध की शर्तों का उल्‍लंघन करने पर दिनांक 13.01.2022 से आगामी 5 वर्ष अर्थात दिनांक 12.01.2027, तक डिबार करने की कार्यवाही की गई है। साथ ही मेसर्स ट्रिग डिटेक्टिव्‍ज प्रा.लि‍. मुम्‍बई द्वारा नियोजित कार्मिकों को विलंब से पारिश्रमिक भुगतान करने पर निविदा में निहित प्रावधान अनुसार एजेंसी पर दंड राशि रू.25.47 लाख की कटौती एजेंसी के देयकों से विभिन्‍न तिथियों में की गई है। (ग) जी नहीं, उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसियों के कार्यों में अनियमितताओं की नागरिकों एवं विद्युत वितरण कंपनी के कार्मिकों द्वारा शिकायतें/ प्रतिवेदन नहीं दिये गये हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है। तथापि बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसियों के विरूद्ध अनुबंध की शर्तों का उल्‍लंघन करने के दृष्टिगत उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखानुसार कार्यवाही की गई है। (घ) उत्‍तरांश (क) के प्ररिप्रेक्ष्‍य में बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता कंपनी ट्रिग डिटेक्टिव्‍ज प्रा.लि. मुम्‍बई से दंड राशि रू. 25.47 लाख की कटौती की गई है। प्रश्‍नाधीन अवधि में उक्‍त बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता कंपनी द्वारा प्रदेश की अन्‍य विद्युत वितरण कंपनियों में कार्य नहीं किया गया है एवं वर्तमान में भी कार्य नहीं किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।                                                              (ड.) प्रदेश की वितरण कंपनियों के अंतर्गत आऊटसोर्स कार्मिकों हेतु खुली निविदा प्रक्रिया के आधार पर बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता कंपनी का चयन किया जाता है। तदोपरांत अनुबंध की अवधि के दौरान बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेंसी द्वारा निविदा में उल्‍लेखित शर्तों एवं निय‍मों के अनुरूप कार्य नहीं किये जाने पर दंड राशि, अनुबंध टर्मिनेट एवं एजेंसियों को डिबार करने की कार्यवाही की जाती है। अत: उपरोक्‍तानुसार नियमानुसार की जा रही कार्यवाही के परिप्रेक्ष्‍य में कोई नवीन नीति/नियम अथवा अन्‍य कोई कार्यवाही किये जाने की वर्तमान में आवश्‍यकता नहीं है।

अधिनियम के प्रावधानों एवं नियमों का पालन

[नगरीय विकास एवं आवास]

17. ( क्र. 693 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. विधानसभा प्रश्‍न क्रमांक-1719, दिनांक-05/03/2021के उत्तरांश - अनुसार आयुक्त नगर पालिक निगम कटनी द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक क्या कार्यवाही की एवं निर्देशानुसार क्या-क्या कार्यवाही किया जाना क्यों शेष हैं? इसे किस प्रकार और कब तक पूर्ण किया जायेगा? (ख) म.प्र. नगर पालिका (कामकाज के संचालन की प्रक्रिया) नियम 2005 के नियम 17 एवं 22 क्या हैं और पार्षदों द्वारा इन नियमों के तहत दिये गए आवेदनों/पत्रों पर क्या कार्यवाही किस सक्षम प्राधिकारी द्वारा किस प्रकार और कितनी अवधि में की जानी चाहिए?                                                        (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तहत नवंबर-2022 से प्रश्‍न दिनांक तक नगर पालिक निगम-कटनी के किन-किन पार्षदों द्वारा नियम-17 एवं 22 के तहत कब-कब पत्र दिये गये और क्या पत्रों पर नियमानुसार कार्यवाही की गयी/यदि हाँ, तो विवरण दीजिये, नहीं तो क्या कार्यवाही की जायेगी?                                    (घ) नियम – 17 एवं 22 के तहत प्राप्त प्रश्नों/प्रस्तावों/पत्रों को परिषद की आगामी बैठक में सम्मिलित किए जाने के नियम के पश्चात भी, प्रश्‍नांश (ख) पत्रों को परिषद की विषय-वस्तु में सम्मिलित ना करने का कारण बताइये और यह भी बताइये कि, इसके लिए कौन-कौन जिम्मेदार हैं? इसके लिए क्या कार्यवाही किस पर और कब तक की जायेंगी? (ङ) प्रश्‍नांश (ख) से (घ) के परिप्रेक्ष्‍य में नियम-17 एवं 22 के प्रावधानों का पालन ना किए जाने और लोकसेवक के तौर पर अधिसूचित पार्षदों के अधिकारों का हनन होने पर क्या कोई कार्यवाही की जायेगी? हाँ, तो किस प्रकार और कब तक? नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्‍नांश (च) अनुसार शासकीय/ नगर निगम द्वारा संचालित विद्यालयों में कराये गये निर्माण/मरम्मत फर्नीचर एवं अन्य शादियों को प्रस्ताव/मांग अनुसार परीक्षण उपरांत विभिन्न कार्य कराये गये एवं कराये जाने वाले कार्यों का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट “ अनुसार है। (ख) म.प्र. नगरपालिका (कामकाज के संचालन की प्रक्रिया) नियम 2005 के नियम 17 एवं 22 की छायाप्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट “ अनुसार है। सचिव को प्रश्‍न प्राप्त होने पर प्रावधान अनुसार कार्यवाही द्वारा किस प्रकार और कितनी करते हुए मुख्य कार्यपालक अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाता है। प्राप्त प्रश्नों के ग्राहय या अग्राहय का विनिश्चय महापौर द्वारा किये जाने के उपरांत प्रश्‍न ग्राह्य होने पर पार्षद के प्रश्‍न का उत्तर निगम के सम्मिलन अथवा उसके पश्चात्वर्ती सम्मिलन में दिया जाता है, जिसे सम्मिलन के एजेण्डा के रूप में सम्मिलित किया जाता है। म.प्र. नगरपालिका (कामकाज के संचालन की प्रक्रिया) नियम 2005 के नियम 22 के अन्तर्गत पार्षद नगरपालिका के कार्यकलाप से संबंधित लोक महत्व के विषयों पर महापौर के कथन हेतु साधारण सम्मिलन के कम से कम दो दिन पूर्व मुख्य कार्यपालक अधिकारी को प्रस्ताव प्रस्तुत किये जाने का प्रावधान है। पीठासीन अधिकारी द्वारा प्राप्त प्रस्ताव पर महापौर से परामर्श उपरांत समय नियत किये जाने का प्रावधान है। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के तहत माह नवम्बर 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक नियम 17 एवं 22 के तहत प्राप्त पत्रों का विवरण पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट “” अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) नियम 17 के तहत् प्राप्त प्रश्नों को नियमानुसार सक्षम प्राधिकारी की ओर ग्राहय या अग्राहय हेतु प्रेषित किया जाता है। ग्राहय प्रश्नों के उत्तर संबंधित पार्षद को प्रेषित किये जाकर आगामी सम्मिलनों में एजेण्डा के रूप में शामिल किया जाता है एवं नियम 22 के अन्तर्गत लगाये गये प्रश्नों पर कथन हेतु निगम सम्मिलन दिनांक 28.7.2023 में प्रस्तुत किया गया था। सम्मिलन में हंगामा होने के कारण कार्यवाही पूर्ण नहीं हो सकी थी। नियम 22 के अन्तर्गत प्राप्त प्रश्नों पर कथन हेतु आगामी सम्मिलन में प्रस्तुत किया जावेगा। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट “ अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ड.) प्रश्‍नांश (ख) से (घ) में नगर पालिक निगम, कटनी के द्वारा नियम 17 एवं 22 के प्रावधानों के अनुसार ही नियमानुसार कार्यवाही की जाती है एवं संबंधित पार्षद को कार्यवाही से अवगत कराया जाता है। इसलिए कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

क्रय सामग्री में अनियमितता

[नगरीय विकास एवं आवास]

18. ( क्र. 718 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर परिषद कारी जिला टीकमगढ़ में विगत पांच वर्ष में क्या-क्या सामग्री कितनी-कितनी राशि से क्रय की गई सामग्री का नाम, मात्रा एवं राशि पृथक-पृथक बतायें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित सामग्री क्रय करने में क्या प्रक्रिया अपनाई गई व कौन-कौन सामग्री कितनी-कितनी मात्रा में किस एजेन्सी से क्रय की राशि बतावें? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित सामग्री का भौतिक सत्यापन कराकर अंकेक्षण करवाया गया यदि हाँ तो वर्षवार विवरण दें यदि नहीं तो क्यों? (घ) कब तक क्या कार्यवाही की जावेगी निश्चित समयावधि बतावें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट (अ) अनुसार है। (ख) नगर पालिका अधिनियम एवं लेखा नियम का पालन करते हुये सामग्री क्रय की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  (अ) अनुसार है। (ग) अंकेक्षण का कार्य वित्‍त विभाग द्वारा स्‍थानीय निधि संप‍रीक्षा से समय-समय पर कराया जाता है। वर्ष 2016 से अंकेक्षण कार्य लंबित है। (घ) निकाय द्वारा उप संचालक स्‍थानीय निधि संपरीक्षा को पत्र क्रमांक-152 दिनांक 31.01.2024 से अंकेक्षण कार्य कराये जाने की मांग की गई है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

निर्माण कराई गई दुकानों का विक्रय

[नगरीय विकास एवं आवास]

19. ( क्र. 720 ) श्री यादवेन्द्र सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ नगर पालिका परिषद अंतर्गत विगत 15 वर्षों में कुल कितनी दुकानों का निर्माण कराया गया? स्‍थान का नाम, दुकानों की संख्‍या सहित दुकानों की लागत भी बतावें।                                         (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित दुकानों का विक्रय किस आधार पर किन-किन व्‍यक्तियों को किया गया? स्‍थान, दुकान का नंबर एवं क्रेता का नाम व पता बतावें। (ग) क्‍या प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) में वर्णित दुकानों के विक्रय में आरक्षण का पालन किया गया? यदि हाँ तो विस्‍तृत विवरण दें कि किस वर्ग को कितनी दुकानें दी गई और यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) प्रश्‍नांश (ग) में वर्णित अनियमितताओं के लिये कौन दोषी है? क्‍या उसके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी? यदि नहीं तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) टीकमगढ़ नगर पालिका अंतर्गत विगत 15 वर्षों में कुल 188 दुकानों का निर्माण कराया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। (ख) दुकानों का आवंटन ऑफर पद्धति से किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है।                                            (घ) दुकानों के आवंटन में आरक्षण का पालन नियमानुसार किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

अधिग्रहित भूमि का मुआवजा

[लोक निर्माण]

20. ( क्र. 740 ) डॉ. सीतासरन शर्मा : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या न्‍यास कालोनी, इटारसी जिला नर्मदापुर से एन.एच.69 पहुँच मार्ग हेतु फितुरीलाल/छोटेलाल, देवीप्रसाद/छोटेलाल, लीलाधर/छोटेलाल एवं अन्‍य को उनकी अधि‍ग्रहित की गई भूमि का मुआवजा नहीं मिल सका है? यदि हाँ तो इसके क्‍या कारण है? (ख) प्रभावित कृषकों को कब तक मुआवजा मिल सकेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। मूल स्‍वीकृति में अपर्याप्‍त प्रावधान होने के कारण। (ख) सक्षम वित्‍तीय समिति में प्रस्‍ताव का अनुमोदन प्राप्‍त होने पर पुनरीक्षित प्रशासकीय स्‍वीकृति जारी की जा सकेगी। तदउपरान्‍त कृषकों को मुआवजा दिया जाना संभावित है।

कान्‍ह नदी को पुनर्जीवित किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

21. ( क्र. 761 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) इंदौर शहर के बीच में बहने वाली कान्ह नदी का उद्गम स्त्रोत क्या है एवं यह कहां जाकर मिलती है? कृपया पूरी नदी का इंदौर शहर का भौगोलिक विवरण प्रदान करें? (ख) कान्ह नदी को पुनर्जीवित करने के क्या प्रयास किए जा रहे है, इसके लिए कितनी राशि का प्रावधान किया गया है? (ग) विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 206 इंदौर 3 के अंतर्गत पिछले 5 वर्षों में कितने कुएं बावड़ी रिचार्ज किए गए या उनकी साफ-सफाई अथवा गहरीकरण कार्य किया गया?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) कान्ह नदी इन्दौर जिले के असरावद खुर्द से प्रारम्भ होती है, उद्गम स्‍त्रोत वर्षा ऋतु का जल है एवं उज्जैन के समीप त्रिवेणी संगम पर क्षिप्रा नदी में मिलती है। कान्ह नदी अपने उद्गम स्थल से पालदा, कृष्णपुरा, अहिल्या आश्रम, भागीरथपुरा, निरंजनपुर होते हुए सांवेर तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों से होते हुए उज्जैन जिले की सीमा तक लगभग 52 कि.मी. में प्रवाहित होती है, जिसमें से 22 कि.मी. इन्‍दौर नगर पालिक निगम की सीमा में प्रवाहित होती है। (ख) कान्ह नदी को पुनर्जीवित करने के संबंध में प्रयासों एवं राशि के प्रावधान संबंधी विवरण  संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार है। (ग) विधानसभा क्षेत्र क्रं. 206 इन्दौर-3 के अंतर्गत पिछले 5 वर्षों में कुल 74 कुयें बावड़ी रिचार्ज किये गये एवं उनकी साफ-सफाई का कार्य किया गया है।

परिशिष्ट - "सैंतालीस"

पेयजल की समस्‍या का निराकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

22. ( क्र. 762 ) श्री राकेश शुक्ला : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधान सभा क्षेत्र में कितने घरों को पेयजल नलजल के द्वारा उपलब्ध है? (ख) कितने घरों तक नलजल की उपलब्धता नहीं हैं एवं इन्हें नलजल उपलब्ध करवाए जाने हेतु क्या प्रयास किया जा रहा है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मेहगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत नगरीय निकाय गोरमी, मेहगांव एवं रौन में क्रमशः 3569, 4360 एवं 857 घरों को पेयजल नलजल हेतु नल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। (ख) नगरीय निकाय रौन में शेष 3582 घरों तक नलजल की उपलब्धता कराया जाना है। शासन की अमृत योजना अंतर्गत राशि रू. 13.11 करोड़ स्वीकृत की गयी है तथा क्रियान्वयन हेतु आगामी कार्यवाही की जा रही है। वर्तमान में नगरीय निकाय गोरमी एवं मेहगांव में इच्छुक उपभोक्ताओं को नल कनेक्शन दिये जा चुके है। नगरीय निकाय गोरमी में ट्रायल रन प्रगतिरत है तथा नगरीय निकाय मेहगांव में विद्युत कनेक्शन उपरांत ट्रायल रन प्रारंभ किया जावेगा।

सांदनी नदी पर पुल का निर्माण

[लोक निर्माण]

23. ( क्र. 773 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) खरगापुर विधानसभा -47 के ग्राम खुमानगंज से कोटरा खेरा मुहल्‍ले में जाने के लिये सांदनी नदी बीच में पड़ती है कोटरा खेरा मुहल्‍ले में 40 परिवार अनु. जाति के निवास करते हैं कक्षा पांचवीं के बाद जिन छात्रों को पलेरा या टयरियन चौहान पूंछा मुख्‍य सड़क तक आना पड़ता उनका आना-जाना बरसात के लगभग-2 माह तक बंद हो जाता ऐसी स्थिति में छात्रों की पढ़ाई भी अवरूद्ध हो जाती है क्‍या इस समस्‍या को ध्‍यान में रखते हुये सांदनी नदी पर पुल निर्माण कराया जावेगा? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो क्‍यों? (ख) क्‍या बरसात के माह में यदि कोटरा खेरा को कोई निवासी बीमार हो जाये या किसी महिला प्रसूता की डिलेवरी हो तो उक्‍त नदी से कैसे निकलना संभव हो पाता होगा इसके लिये प्रश्‍नकर्ता के साथ विभाग एक विजिट करके मौके की स्थिति को देख सकता है? कोटरा खेरा के निवासियों को इस सांदनी नदी पर पुल बनाकर एक सौगात प्रदाय की जाये? जनहित को दृष्टिगत रखते हुये अतिशीघ्र पुल बनाये जाने का डी.पी.आर. तैयार कर पुल निर्माण कराये जाने का कार्य जनहित में कराया जायेगा? (ग) क्‍या उक्‍त नदी पर पुल नहीं होने से इलाज के अभाव में मौतें भी हुई है? ग्रामीण कीचड़ से फिसलकर घायल भी हुये हैं, इसलिये पुल निर्माण नितांत आवश्‍यक है? सम्‍पूर्ण जानकारी प्रदाय करें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। प्रश्‍नाधीन नदी पर पुल कार्य वर्तमान में न तो प्रस्तावित है और न ही बजट में शामिल है। अत: वर्तमान में निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) माननीय सदस्य द्वारा जनहित में दिये गये सुझाव को विभाग द्वारा विचार किया जा सकता है। इस पर टिप्पणी दिया जाना सभंव नहीं है। निर्माण की स्वीकृति हेतु बजटीय प्रक्रिया का पूर्ण होना आवश्यक है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट  अनुसार। उत्तरांश '' के परिप्रेक्ष्य में शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "अड़तालीस"



उपयंत्रियों की जानकारी

[लोक निर्माण]

24. ( क्र. 793 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) डिण्‍डौरी जिला में कुल कितने उपयंत्रियों की पद स्‍वीकृत है। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत पद में से कितने भरे हैं एवं कितने रिक्‍त हैं? (ग) जो पद रिक्‍त है तो क्‍यों रिक्‍त है? कौन जिम्‍मेदार हैं? कब तक रिक्‍त पद भरे जायेंगे?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) डिण्डौरी जिला में लोक निर्माण विभाग में उपयंत्री के कुल 20 पद स्वीकृत हैं। (ख) डिण्डौरी जिला में उपयंत्री के कुल 10 पद भरे एवं 10 पद रिक्त हैं। (ग) लोक निर्माण विभाग में उपयंत्रियों की कमी के कारण पद रिक्त हैं, इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं।

ग्राम पंचायत इकलहरा को नगर पंचायत बनाया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

25. ( क्र. 813 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम पंचायत इकलहरा एक बहुत बड़ी ग्राम पंचायत है। इकलहरा ग्राम पंचायत से ही लगी पंचायतें भाजीपानी, भमोड़ी व अम्बाड़ा है, उपरोक्त पंचायतें लगभग 2 से 3 कि.मी. के दायरे में स्थित है और चारों ग्राम पंचायतों की जनसंख्या भी नगर पंचायत बनाने हेतु दिशा निर्देशानुसार पर्याप्त है और सभी पंचायतें शहर की ओर अग्रेषित भी है। उपरोक्त चारों पंचायतों में ग्राम पंचायत इकलहरा की जनसंख्या सर्वाधिक एवं नगर पंचायत हेतु सारी सुविधायें भी इकलहरा पंचायत में उपलब्ध है, क्या ग्राम पंचायत इकलहरा को नगर पंचायत बनाने हेतु विभाग द्वारा कार्यवाही की जायेगी? (ख) इकलहरा को नगर पंचायत बनाये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/ 127/2024/05 दिनांक 01.01.2024 व विभागीय मंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/ 127/ 2024/04 दिनांक 01.01.2024 को प्रेषित किये गये है, जिन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? कब तक कार्यवाही करते हुए, विभिन्न औपचारिकताओं को पूर्ण कराकर शासन/विभाग द्वारा इकलहरा को नगर पंचायत का दर्जा प्रदान कर दिया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। परासिया विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पंचायत इकलहरा को नगर पंचायत बनाये जाने के संबंध में प्रश्‍नकर्ता माननीय विधायक से प्रस्ताव प्राप्त होकर गठन के संबंध में विधिवत प्रस्ताव कलेक्टर जिला छिंदवाड़ा द्वारा संचालनालय में प्रेषित किया गया। प्रेषित किये गये प्रस्ताव में लेख किया गया था कि गठन के लिये बिन्दु क्रमांक 02 से 09 तक की जानकारी में गठन हेतु निर्धारित मापदंड पूर्ण करती है किंतु प्रस्तावित नगर परिषद इकलहरा एवं उसमें सम्मिलित होने वाली ग्राम पंचायतों की कुल जनसंख्या 20130 है जिसकी सघन आबादी 60 प्रतिशत होना चाहिए। ग्राम पंचायत इकलहरा की कुल आबादी 7975 है जो कुल जनसंख्या का 40 प्रतिशत है अर्थात सघन आबादी का 40 प्रतिशत है जो निर्धारित मापदंड पूर्ण नहीं करती है। तत्‍पश्‍चात विभाग द्वारा उप सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय को पत्र क्रमांक एफ.यूडी एच/12/0001/2022/18-3 दिनांक 20.12.2022 से अवगत कराया गया है कि ग्राम पंचायत इकलहरा की चारों ग्राम पंचायतों को मिलाकर नगर परिषद गठन हेतु जनसंख्या संबंधी मापदंड पूर्ण करती है किंतु जनसंख्या की 60 प्रतिशत सघनता के मापदंड पूर्ण नहीं करती है जिसके आधार पर ग्राम पंचायत इकलहरा के गठन के प्रस्ताव को माननीय मंत्रीजी के प्रशासकीय अनुमोदन से अमान्य किया गया  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) उपरोक्तानुसार। गठन के मापदंड पूर्ण न करने से ग्राम पंचायत इकलहरा को नगर परिषद का दर्जा दिया जाना संभव नहीं है।
परिशिष्ट - "उन्चास"

विभिन्न मार्ग निर्माण कार्यों की भौतिक स्थिति एवं स्वीकृति

[लोक निर्माण]

26. ( क्र. 814 ) श्री सोहनलाल बाल्‍मीक : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत विभाग के द्वारा वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2023-24 माह जनवरी तक कौन-कौन से विभिन्न मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई है?                                                 (ख) प्रश्‍नांश (क) के अनुसार उल्लेखित वित्तीय वर्षों में स्वीकृत मार्ग निर्माण कार्यों में से कौन-कौन से निर्माण कार्य पूर्ण किए जा चुके है और कौन-कौन से मार्ग निर्माण कार्य अपूर्ण है एवं कौन-कौन से मार्ग निर्माण कार्यों को प्रारंभ किया जाना शेष है? मार्गों के निर्माण कार्य को पूर्ण किए जाने की समयावधि क्या है? क्या उक्त वित्तीय वर्षों में विभाग द्वारा स्वीकृत किए गये मार्ग निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में विभाग/ठेकेदार द्वारा पूर्ण कराया जा रहा है? अगर नहीं तो इसका क्या कारण है? कब तक अपूर्ण मार्ग निर्माण कार्य को पूर्ण करा दिया जायेगा? (ग) प्रश्‍नकर्ता द्वारा परासिया विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत विभिन्न मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति के संबंध में मान. मुख्यमंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/11 दिनांक 02.01.2024 व विभागीय मंत्री महोदय को पत्र क्र.वि.स./परासिया/127/2024/12 दिनांक 02.01.2024 को प्रेषित किये गये है, जिन पत्रों पर अभी तक क्या कार्यवाही की गई है? कब तक कार्यवाही करते हुए, मार्ग निर्माण कार्यों की स्वीकृति प्रदान करा दी जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) एवं (ख) विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी हाँकार्रवाई का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

वित्तीय वर्ष के दौरान 100 लाख रूपये की स्‍वीकृति

[नगरीय विकास एवं आवास]

27. ( क्र. 820 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धरमपुरी विधान सभा में राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा अनुसार नर्मदा तटवर्ती नगरीय निकायों को वित्तीय वर्ष के दौरान 100 लाख रूपये राशि प्रदान किये जाने की स्वीकृति प्रमुख अभियंता नगरीय प्रशासन और विकास मध्यप्रदेश भोपाल की पत्र क्रमांक/1347/7-5-2023, दिनाक 7-2-23 में चाहे गए थे? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार यदि हाँ तो नगर परिषद धरमपुरी जिला धार द्वारा कराये जाने वाले कार्यों के प्रस्ताव मय तकनीकी स्वीकृति की अधीक्षण यंत्री इंदौर संभाग इंदौर की अनुशंसा सहित पत्र क्रमांक/588/या.प्र./2023 इंदौर, दिनांक 28-3-23 से प्रेषित किये गए है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि हाँ तो उक्त कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति कब तक जारी कर दी जाएगी? समय-सीमा बतावें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जी हाँ। (ग) मध्‍यप्रदेश नगरपालिका (लेखा एवं वित्‍त) नियम 2018 में अध्‍याय पंद्रह की कंडिका 237 में प्रदत्‍त अधिकारों के तहत् निकाय के परिषद् प्रस्‍ताव क्रमांक 144 दिनांक 22.12.2022 द्वारा कार्य की प्रशासकीय स्‍वीकृति प्रदान की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

दोषियों को अन्‍यत्र हटाते हुये कार्यवाही करना

[ऊर्जा]

28. ( क्र. 859 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                       (क) रीवा जिले में विगत 02 वर्षों में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा किन-किन योजनाओं के द्वारा विद्युतीकरण के कार्य कब-कब कहां-कहां किन-किन मजरों टोलो में कितनी-कितनी लागत से किन-किन संविदाकारों द्वारा किन-किन शर्तों पर कराये गये। विवरण-योजनावार, वर्षवार प्रश्‍नांश दिनांक तक का देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत फीडर सेपरेशन के कार्य कितनी-कितनी लागत से किस संविदाकार से अनुबंध की किन शर्तों पर कराये गये, कराये गये कार्यों का सत्‍यापन कब-कब किस स्‍तर के अधिकारियों द्वारा किया गया जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के संदर्भ में विधानसभा सेमरिया में आर.डी.एस.एस. योजना के तहत केबिल डालने, ट्रांसफॉर्मर लगाने, सब स्‍टेशन निर्माण की कार्य योजना क्‍या तैयार की गई है की जानकारी देते हुए बतावें कार्य की स्थिति मौके पर क्‍या है? (घ) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के कराये गये कार्यों की जानकारी बावत् प्रश्‍नकर्ता सदस्‍य द्वारा अधीक्षण अभियंता मध्‍यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्‍पनी लिमिटेड जबलपुर रीवा क्षेत्र को दिनांक 01.01.2024 को पत्र देकर जानकारी चाही गई थी जो अप्राप्‍त है जो सामान्‍य प्रशासन विभाग के निर्देश की अवहेलना है                                      श्री अभिषेक शुक्‍ला कार्यपालन अभियंता (DE) के पद पर पिछले चार वर्ष के ऊपर अवधि से एक ही जगह में पदस्‍थ है जिनको अन्‍यत्र हटाये जाने बावत् चुनाव आयोग के निर्देश अनुसार अन्‍यत्र पदस्‍थ किये जाने बावत् आदेश देंगे तो कब तक बतावें नहीं तो क्‍यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार कराये गये कार्यों में उपयोग की गई सामग्री जैसे केबिल सहित अन्‍य के गुणवत्‍ता की जांच एवं खरीदी का सत्‍यापन किस स्‍तर के अधिकारियों द्वारा किया गया की जानकारी देते हुये बतावें?
ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) रीवा जिले में विगत 02 वर्षों में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विधायक निधि एवं ट्राईबल सब प्‍लान मद में प्राप्‍त राशि से जमा योजना अंतर्गत मजरों/टोलों/बस्तियों में किये गये विद्युतीकरण कार्य से संबंधित संविदाकार, स्थान, कार्य पूर्ण किए गए वर्ष की जानकारी तथा लागत का विवरण  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार  है। उक्‍त कार्यों को किये जाने हेतु जारी किए गए कार्यादेशों में सामान्‍यत: एक जैसे नियम एवं शर्तें होती हैं। अत: उदाहरण स्‍वरूप एक कार्यादेश की प्रति  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र- 'अ-1' अनुसार है। (ख) रीवा जिले में आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत फीडर सेपरेशन के कार्य हेतु म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मेसर्स अशोका बिल्डकॉन लिमि., नासिक को दिनांक 26.12.22 को राशि रू 367.87 करोड़ लागत का कार्यादेश जारी किया गया है। उक्‍त कार्य अनुबंध की शर्तों के अनुसार 24 माह की समयावधि में किया जाना है, अनुबंध की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिश्ष्टि के प्रपत्र-'अनुसार  है। वर्तमान में फीडर सेपरेशन का कोई भी कार्य संविदाकार द्वारा पूर्ण नहीं किया गया है। उक्‍त कार्यों का सत्‍यापन कार्य पूर्णता उपरांत संबंधित क्षेत्र के कनिष्ठ अभियंता (संचालन/संधारण), सहायक अभियंता (संचालन/संधारण) एवं कार्यपालन अभियंता (संचालन/संधारण) द्वारा किया जाना है। (ग) विधानसभा क्षेत्र सेमरिया में आर.डी.एस.एस. योजना के तहत 231.05 कि.मी. केबलीकरण का कार्य एवं 899 वितरण ट्रांसफॉर्मर स्थापना के कार्य स्‍वीकृत हैं। नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र की स्थापना का कोई कार्य स्‍वीकृत नहीं है। वर्तमान स्थिति में 49.9 कि.मी. केबलीकरण का कार्य तथा 9 वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना का कार्य पूर्ण हो गया है एवं शेष कार्य प्रगति पर है। (घ) माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के पत्र दिनांक 01.01.2024 के अनुसार चाही गयी जानकारी कार्यालय अधीक्षण अभियंता (संचालन/संधारण), म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, रीवा के पत्र क्रमांक 7006 दिनांक 30.01.2024 के माध्यम से प्रेषित की गई है। पत्र की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार  है। श्री अभिषेक शुक्‍ला, कार्यपालन अभियंता (संचालन/संधारण) का स्‍थानान्‍तरण कर दिया गया हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ड.) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) अनुसार जमा योजना तथा अन्य विभागीय मद से कराये गये कार्यों में उपयोग की गई सामग्री की गुणवत्‍ता की जांच एवं खरीदी का सत्‍यापन सहायक अभियंता स्‍तर के अधिकारियों द्वारा किया जाता है। आर.डी.एस.एस. योजना के तहत कराये जा रहे कार्यों में उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्‍ता की जांच एवं खरीदी का सत्‍यापन संबंधित संविदाकार के क्षेत्रीय भंडार में सामग्री प्राप्त होने के उपरांत योजना के प्रावधानानुसार परियोजना प्रबंधन एजेंसी (पी.एम.ए.), मेसर्स एस.जी.एस. एवं कार्यपालन अभियंता स्‍तर के अधिकारियों द्वारा किया जाता है। उक्‍तानुसार सत्यापन के उपरांत निविदा में निहित प्रावधानों के अनुसार प्राप्त सामग्री में से रेंडम सेंपल का चयन कर एन.ए.बी.एल. द्वारा प्रमाणित लैब में गुणवत्‍ता की जांच हेतु भेजा जाता है।

नगर परिषद, से‍मरिया द्वारा स्‍वीकृत कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

29. ( क्र. 860 ) श्री अभय कुमार मिश्रा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले के नगर परिषद सेमरिया द्वारा वर्ष 2021-22, 2022-23 एवं 2023-24 के दौरान कौन से कार्य स्‍वीकृत किये गये का विवरण व वर्षवार देते हुये बतावें कि इन निर्माण कार्यों की निविदायें कब-कब बुलाई गई एवं कार्यादेश कब-कब किन-किन को जारी किये गये। संपूर्ण प्रक्रिया में अभिलेख देते हुये जानकारी देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्‍वीकृत निविदाकार/ठेकेदार से निविदा स्‍वीकृत व कार्यादेश के ठेकेदार से अतिरिक्‍त परफार्मेंस की राशि गारंटी/धरोहर के रूप में कार्यालय में जमा कराई गई तो किस तरह नगद/एफ.डी.आर./एस.टी.डी.आर. के माध्‍यम से कितने का, विवरण कार्यवार, निविदाकार की जानकारी देवें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार जमा कराई गई अमानत/धरोहर/गारंटी राशि अगर एफ.डी.आर. अथवा एस.टी.डी.आर. द्वारा तो उनकी राशि की जानकारी उनकी छायाप्रति प्रस्‍तुत करें? (घ) क्‍या स्‍वीकृत कार्यों में निविदाकारी के प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) अनुसार अमानत/गारंटी राशि नहीं जमा कराई गई है एवं कार्यादेश जारी कर कार्य कराकर भुगतान भी कर दिया गया इसके लिये किन-किन अधिकारियों को दोषी मानकर कार्यवाही करेंगे बतावें क्‍या इनके ऊपर धोखाधड़ी के अपराध पंजीबद्ध कराये जाने के साथ अमानत राशि जमा करने के निर्देश देंगे एवं संलिप्‍त ठेकेदार का लंबित भुगतान राजसात कर ब्‍लैक लिस्‍ट की कार्यवाही करेंगे यदि हाँ तो बतावें कब तक, अगर नहीं तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '' अनुसार है। (घ) प्रश्‍नांकित कार्यों में निविदाकारों से अमानत/गारंटी राशि जमा कराई गई है, जिससे शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

मंजरे टोलों पर बिजली उपलब्ध कराई जाना

[ऊर्जा]

30. ( क्र. 890 ) श्री विजय रेवनाथ चौरे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                (क) सौंसर विधान सभा में ऐसे कौन-कौन से मजरे और टोले है जहाँ अभी तक बिजली उपलब्ध नहीं है? (ख) जिस बसाहट में पन्द्रह बीस मकान है, उन्हें क्या सरकार मजरे या टोले मानती है?                                                     (ग) यदि हाँ तो क्या ऐसे स्थानों पर 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की सरकार की कोई योजना है? यदि है तो कब तक उन्हें बिजली उपलब्ध कराई जायेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) वर्तमान में, सौंसर विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत पूर्व में लागू विद्युतीकरण योजनाओं के समाप्‍त होने के उपरांत निर्मित 5 मजरे/टोले यथा-घोटीटोला, सेमरटोला, डुग्गीटोला, गुजरढाना एवं दर्रापाठा अविद्युतीकृत हैं। (ख) शासन स्‍तर के दस्‍तावेज में परिभाषित नहीं पाया गया। (ग) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित मजरों/टोलों के विद्युतीकरण के कार्य का सर्वेक्षण कराया गया है। उक्‍त 5 में से 4 मजरे/टोले यथा घोटीटोला, सेमरटोला, डुग्गीटोला एवं गुजरढाना के विद्युतीकरण का कार्य प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत स्‍वीकृत है एवं उक्‍त कार्यों को माह सितम्‍बर, 2024 तक पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है। शेष एक मजरा दर्रापाठा के विद्युतीकरण हेतु वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप कार्य किया जा सकेगा, जिस हेतु निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

केंद्रीय सड़क निधि योजना की जानकारी

[लोक निर्माण]

31. ( क्र. 929 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) केंद्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत मन्दसौर जिले से कोई प्रस्ताव भेजे गए है? यदि हाँ, तो मंदसौर जिले की कितनी विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत कार्य चल रहे है? (ख) मंदसौर जिले के गरोठ विधानसभा क्षेत्र में विगत 15 वर्षों में केंद्रीय सड़क निधि योजना अंतर्गत कोई कार्य स्वीकृत किए गए है? यदि नहीं तो क्यों? क्या विभाग द्वारा मंदसौर जिले के गरोठ विधानसभा हेतु कार्य प्रस्तावित किए गए है? यदि हाँ तो विभाग उनकी स्वीकृति प्रदान करेगा यदि हाँ तो कब तक?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। एक विधानसभा क्षेत्र। (ख) जी नहीं। प्राथमिकता सूची में सम्मिलित न होने के कारण। जी नहीं। शेष का प्रश्‍न ही उत्पन्न नहीं होता।

मुख्य जिला मार्ग को सिंगल लेन से टू लेन में विकसित करना

[लोक निर्माण]

32. ( क्र. 932 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत अधिकतम व्यस्त अन्य जिला मार्ग एवं मुख्य जिला मार्ग कब तक सिंगल लेन से टू लेन होंगे। शासन के पास गरोठ विधानसभा के रेलवे स्टेशन से बालोदा 43 कि.मी. एवं अन्य जिला मार्ग गरोठ से खड़ावदा 15 कि.मी. मार्ग को टू लेन करने का कोई प्रस्ताव है? यदि हाँ तो विभाग द्वारा अब तक क्या कार्यवाही की गयी? क्या विभाग उक्त मार्गों को टू लेन बनाएगा? यदि हाँ तो कब तक? (ख) गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निर्माणाधीन मुख्य जिला मार्ग भेंसोदा मंडी से कालाकोट एवं भेंसोदा मंडी से भानपुरा व्हाया लोटखेड़ी मार्ग जो की सामान्य शीर्षमद अंतर्गत स्वीकृत है, उक्त मार्ग का शीर्षमद बदलकर मुख्य जिला मार्ग मद के अंतर्गत किया जाए क्योंकि उक्त मार्ग मुख्य जिला मार्ग है, साथ ही अंतरराज्यीय सीमा को भी जोड़ता है, उक्त मार्ग का शीर्ष मद बदलकर मुख्य जिला मार्ग किया जाए और इसको कब तक कर दिया जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं। कोई प्रस्ताव नहीं। शेष प्रश्‍नांश का  प्रश्‍न ही उपस्थित  नहीं  होता।  वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। (ख) जी हाँ। शीर्ष मद परिवर्तन करने की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

भानपुरा बायपास मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

33. ( क्र. 933 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि गरोठ विधानसभा अंतर्गत भानपुरा बायपास मार्ग कब से स्वीकृत है? वर्तमान में इसकी क्या स्थिति है? उक्त मार्ग का निर्माण पूर्ण हो चुका है? यदि नहीं तो विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई? उक्त मार्ग कब तक पूर्ण होकर जन सामान्य के उपयोग में आ जाएगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भानपुरा बायपास मार्ग की प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 17.08.2015 को जारी की गई। वर्तमान में कार्य प्रगतिरत है। जी नहीं। स्वीकृति पश्चात दिनांक 28.09.2015 को राजटेक इंन्फ्रास्ट्रक्चर प्रा.लि. प्रतापगढ़ को कार्य हेतु कार्यादेश दिया गयाएजेंसी के द्वारा 1.26 कि.मी. मार्ग निर्माण किया गयामार्ग पर कृषकों द्वारा भूमि नहीं दिए जाने से कार्य एजेन्सी द्वारा कार्य करने में असमर्थता व्यक्त की गई। तदानुसार तत्समय स्थल उपलब्ध न होने से अनुबंध समाप्त किया गयामार्ग में कृषकों के मुआवजा भुगतान के उपरांत शेष लंबाई 4.24 कि.मी. की पुनः निविदा कार्यवाही पश्चात मेसर्स तरूण अग्रवालमंदसौर के द्वारा अनुबंध किया जाकर दिनांक 11.11.2022 को कार्यादेश जारी किया गया। वर्तमान में डी.बी.एम. का कार्य  पूर्ण किया जाकरबी.सी. का कार्य प्रगतिरत है। उक्त मार्ग की पूर्णता दिनांक 31.03.2024 संभावित है।

नगर पंचायत पृथ्वीपुर जिला निवाड़ी में व्याप्त अनियमितताएं

[नगरीय विकास एवं आवास]

34. ( क्र. 937 ) श्री सुरेश राजे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या श्री पुष्पेन्द्र यादव का नगर पंचायत पृथ्वीपुर जिला निवाड़ी के परिषद् प्रस्ताव 3013 दिनांक 04/12/10 के अनुसार अकुशल श्रमिक की दर पर दिनांक 01/01/11 से मास्टर रोल पर रखा गया था? यदि हाँ तो क्यों? (ख) क्या बिंदु (1) में वर्णित श्रमिक के पिता श्री नाथूराम यादव उसी परिषद् में कार्य कर रहा था? यदि हाँ तो क्या श्री नाथूराम यादव ने फर्जी रसीद कट्टे तैयार कर हजारों रूपए का गबन किया? (ग) क्या बिंदु (1) में वर्णित अवधि का नियुक्त अकुशल श्रमिक परिषद् का नियमित कर्मचारी नहीं हो सकता? यदि हाँ तो क्या श्री पुष्पेन्द्र यादव के रिकॉर्ड में हेराफेरी (गबन) कर फर्जी तरीके से नियमित किया गया? यदि हाँ तो कैसे और कब तक कार्यवाही की जाएगी l (घ) बिंदु (1) में वर्णित अवधि के पूर्व से कार्यरत अकुशल श्रमिकों को नियमित क्यों नहीं किय गया? कब तक श्री पुष्पेन्द्र यादव एवं श्री नाथूराम यादव की जांच करवा कर इनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। (ख) जी हाँ। जी हाँ। (ग) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) मध्य प्रदेश शासन सामान्य प्रशासन विभाग में दिनांक 07.10.2016 तथा नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पत्र दिनांक 01 अगस्त 2017 में उल्लेखित निर्देशानुसार निकाय में वर्ष 1999 से 01.05.2007 तक नियुक्त किये गए दै.वे.भो. श्रमिकों को विनियमितीकरण किया गया है।  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। श्री पुष्‍पेन्‍द्र यादव की कोई शिकायत नहीं है, श्री नाथूराम यादव की जांच की जाकर प्रभक्षित राशि निकाय में जमा कराई जा चुकी है तथा श्री यादव को दोषी पाये जाने पर निलंबन अवधि‍ की राशि राजसात की जा चुकी है। श्री यादव दिनांक 30.05.2009 को सेवानिवृत्त हो गये है।

टोल प्लाजा पर उपलब्ध सुविधाओं में भ्रष्टाचार

[लोक निर्माण]

35. ( क्र. 947 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                                                                                        (क) बड़वानी जिले में mprdc ए के द्वारा कुल कितने टोल प्लाजा संचालित किए जा रहे हैं? उनके नाम एवं किसके द्वारा किया जा रहा है, एजेंसी का नाम एवं एग्रीमेंट की प्रति देवें। (ख) टोल शुल्क के बदले में एजेंसी के द्वारा टोल प्लाजा पर कौन-कौन सी सुविधाएं दी जा रही है? अनुबंध अनुसार उन समस्त सुविधाओं का विवरण देवें एवं सुविधा का फोटोग्राफ भी देवें। साथ ही क्रेन सुविधा के संबंध में क्रेन का फोटो, रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, स्टॉफ की सूची, दस्तावेज, महिला पुरुष शौचालय सुविधा, इत्यादि के फोटो भी देवें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित टोल प्लाजा पर कार्यरत समस्त स्टॉफ की सूची, नियुक्ति आदेश, वेतन पत्रक, कर्मचारी भविष्य निधि में जमा किए जाने वाले रूपए की रिसीप्ट देवें। (घ) जिले के mprdc के टोल प्लाजा पर उपलब्ध एंबुलेंस केंद्र सरकार के द्वारा तय किए गए मापदंड Ais -125 के अनुसार होकर आर.टी.ओ. कार्यालय में एंबुलेंस व्हीकल के रूप रजिस्टर्ड है या नहीं? क्या इन एम्‍बुलेंस में स्टैंडर्ड के अनुसार सुविधाएं है? (ड.) नियमानुसार टोल प्लाजा पर मेडिकल स्टॉफ, पैरा मेडिकल स्टॉफ है या नहीं? यदि हाँ तो उनके योग्यता के दस्तावेज देवें।
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क)  से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार। (घ) जी हाँ। जी हाँ। (ड.) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार।

आर.आर.आर.डी.एस. स्कीम की जानकारी

[ऊर्जा]

36. ( क्र. 950 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                               (क) म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत संचालन-संधारण वृत्‍त धार एवं इंदौर अंतर्गत धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में आर.डी.एस.एस. स्कीम संचालित हो रही है? यदि हाँ तो 1 जनवरी 2019 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक उक्‍त योजना में कितनी राशि म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर को आवंटित की गई है कि जानकारी देवें? (ख) संचालन-संधारण वृत्‍त धार एवं इंदौर अंतर्गत धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में आर.डी.एस.एस. स्कीम के तहत दिनांक 01 जनवरी 2019 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक कितनी राशि के कार्य स्‍वीकृत किये गये है एवं कितनी राशि आवंटित हुई है? (ग) म.प्र. पश्‍चिम क्षे. वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत संचालन-संधारण वृत्‍त धार एवं इंदौर अंतर्गत धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में आर.डी.एस.एस. स्‍कीम के तहत दिनांक 01 जनवरी 2019 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक आवंटित राशि किन-किन कार्यों हेतु कितनी राशि के कार्य पूर्ण किये गये है कि कार्यवार वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर के संचालन-संधारण वृत्त धार एवं इंदौर अंतर्गत धरमपुरी विधानसभा क्षेत्र में आर.डी.एस.एस. योजना संचालित हो रही है। योजना प्रारंभ होने की दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इंदौर को आर.डी.एस.एस. योजना के तहत राशि रु. 437 करोड़ आवंटित/प्रदान की जा चुकी है।                                                               (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र हेतु उक्त योजना के अंतर्गत कुल राशि रू. 33.10 करोड़ के कार्य स्‍वीकृत किये गये हैं। आर.डी.एस.एस.योजना अंतर्गत राशि का आवंटन विधानसभा क्षेत्रवार नहीं अपितु कंपनी स्‍तर पर किया गया है, अत: पृथक से विधानसभा क्षेत्रवार आवंटित राशि बताया जाना संभव नहीं है। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में आर.डी.एस.एस. योजना के तहत योजना प्रारंभ होने की दिनांक से दिनांक 31 दिसंबर 2023 तक की अवधि में राशि रु. 5.15 करोड़ के कार्य पूर्ण किये जा चुके हैं, कार्य पूर्ण होने की दिनांक सहित कार्यवार जानकारी संलग्न परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार एवं प्रश्‍नाधीन क्षेत्र हेतु स्वीकृत कार्यों की कार्यवार जानकारी संलग्न  परिशिष्ट  के प्रपत्र-ब अनुसार  है।

परिशिष्ट - "पचास"

 

 

विद्युतीकरण की जानकारी

[ऊर्जा]

37. ( क्र. 953 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                              (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में कई ग्राम पंचायतों में आने वाले मजरे फलिये 24 घंटे बिजली से वंचित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार यदि हाँ तो धरमपुरी विधानसभा में किन-किन ग्राम पंचायतों के अंतर्गत किन-किन मजरे फलियों में 24 घंटे विद्युतीकरण नहीं है? ब्लॉकवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) क्या मजरे फलियों में 24 घंटे विद्युत दिए जाने का प्रावधान है? यदि हाँ तो बाकी विद्युत विहीन मजरे फलियों में 24 घंटे विद्युत दी जावेगी? यदि हाँ तो कब तक समय-सीमा बतावें और यदि नहीं तो किस कारण?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत कुल 251 राजस्व ग्रामों के कुल 404 चिन्हित मजरे/टोले है। वर्तमान में समस्त 251 राजस्व ग्रामों एवं उनके 226 चिन्हित मजरों/टोलों को विभिन्‍न कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 24 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। शेष चिन्हित 178 मजरे/टोले राजस्व ग्राम के आबादी क्षेत्र से बाहर खेतों में दूर-दूर, छोटे-छोटे समूह में बने हैं तथा इन्‍हें विभिन्‍न कारणों से आए आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर निकटस्‍थ उपलब्‍ध विद्युत अधोसंरचना (सिंचाई फीडर) से संयोजित कर 10 घंटे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। (ख) उत्‍तरांश (क) में दर्शाए अनुसार धार जिले की धरमपुरी विधानसभा क्षेत्रांतर्गत ऐसे कुल 178 चिन्हित मजरे/टोले हैं, जिन्हें 24 घंटे विद्युत प्रदाय नहीं किया जा रहा है। उक्‍त मजरों/टोलों की ग्राम पंचायतवार, ब्‍लॉकवार सूची  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार  है। (ग) समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं मजरों/टोलों को तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता के अनुरूप उनके निकटस्‍थ उपलब्‍ध विद्युत अद्योसंरचना से विद्युत प्रदाय किये जाने का प्रावधान है। तद्नुसार समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके आस-पास स्थित मजरों/टोलों को आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 24 घन्‍टे एवं मुख्‍य आबादी क्षेत्र से दूर खेतों में छोटे-छोटे समूह में बने हुए मजरों/टोलों को तकनीकी एवं वित्‍तीय साध्‍यता अनुसार निकटस्‍थ स्थित कृषि फीडर से आकस्मिक अवरोधों को छोड़कर 10 घन्‍टे विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युतीकरण हेतु अन्‍य कोई कार्यवाही किया जाना अपेक्षित नहीं है।

बिना पंजीकरण के वाहनों का संचालन होना

[नगरीय विकास एवं आवास]

38. ( क्र. 963 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर की नगर पालिका परिषद् और नगर परिषदों में कितने वाहन बिना परिवहन विभाग में पंजीकरण के संचालित हो रहे हैं? दिनांकवार, वाहन सहित पृथक-पृथक नगर पालिका परिषद् व नगर परिषदों की जानकारी दें। (ख) बिना पंजीकरण के संचालित वाहनों से अलग किसी प्रकार की घटना दुर्घटना घटित होती है तो इसके लिए कौन-कौन जवाबदार होगा?                                     (ग) क्‍या विभाग द्वारा ऐसा कोई आदेश है कि बिना पंजीकरण व बिना बीमा, बिना ड्राइविंग लायसेंस के वाहन का संचालन संस्‍थायें करा सकती है अगर हाँ तो, आदेश की प्रति बताएं और अगर नहीं तो इसके लिए कौन-कौन जवाबदार माना जायेगा और इस प्रकार के संचालन को कब तक सही कर संचालन कराया जायेगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ग)  जानकारी संकलित की जा रही है।

विद्युत व्‍यवस्‍था में राशि का दुरूपयोग करना

[नगरीय विकास एवं आवास]

39. ( क्र. 964 ) श्रीमती ललिता यादव : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला छतरपुर की नगर पालिका परिषद् व नगर पंचायत परिषद् में 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक विद्युत व्‍यवस्‍था सुदृढ़ के लिए क्‍या-क्‍या कार्य किया गया उस पर कितनी राशि कब-कब खर्च की गई? निकायवार पृथक-पृथक बताएं? (ख) प्रश्‍नांश (क) के प्रकाश में किस-किस के द्वारा कार्य किया गया? ठेकेदार का नाम, फर्म का नाम, भुगतान की राशि दिनांकवार पृथक-पृथक निकाय के बताएं। (ग) निकाय द्वारा किस-किस मद से विद्युत व्‍यवस्‍था के लिए राशि खर्च की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  अनुसार है

ट्रांसफॉर्मर वितरण, संधारण एवं आपूर्ति की जानकारी

[ऊर्जा]

40. ( क्र. 976 ) श्री महेश परमार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                           (क) म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत उज्जैन जिले में चालू वित्तीय वर्ष एवं आगामी वित्तीय वर्ष के लिए शासन से कितने वितरण ट्रांसफॉर्मर की मांग प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना (एस.एस.टी.डी. योजना) के तहत की गई थी? कितने तादाद में ट्रांसफॉर्मर प्राप्त हुए? कितने ट्रांसफॉर्मर प्रदाय किये गये? कितने शेष बचे? चालू वित्‍तीय वर्ष में 31 दिसम्‍बर 2023 तक कितने वितरण ट्रांसफॉर्मर जले/असफल है? कितने वितरण ट्रांसफॉर्मर बदल दिए गए है एवं कितने वितरण ट्रांसफॉर्मर शेष है? पृथक-पृथक जानकारी देवें। (ख) म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत उज्‍जैन जिले में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए कितने ट्रांसफॉर्मर की मांग कि गई है? म.प्र.प.क्षे.वि.वि.कं.लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत वितरण ट्रांसफॉर्मर की मांग का निर्धारण किस आधार पर किया जाता है? वितरण ट्रांसफार्मरों का स्टॉक संधारण किस-किस स्तर पर किया जाता है? उज्जैन जिले में वितरण ट्रांसफॉर्मर संधारण, वितरण एवं रख-रखाव के लिए क्या-क्या व्यवस्था की गई है? (ग) उज्जैन जिले के संचालन संधारण संभाग तराना में किस-किस योजनाओं के अन्तर्गत किस-किस क्षेत्र में कितने वितरण ट्रांसफॉर्मर लगाये गये है? वर्तमान में कितने चालू है और कितने जल चुके है? विगत 01 अप्रैल 2021 से 31 दिसम्‍बर 2023 तक योजना, ग्राम एवं स्‍थान की जानकारी एवं लाभांवितों की सूची देवें। (घ) उज्‍जैन जिले के संचालन संधारण संभाग तराना में 01 अप्रैल, 2021 से 31 दिसम्‍बर, 2023 तक में किन-किन क्षेत्रों में आर.डी.एस.एस. योजना के तहत विद्युत लाईन पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था? वर्तमान में निर्धारित लक्ष्य की समय-सीमा क्या है? निर्धारित लक्ष्य अनुसार कितनी विद्युत लाईन का कार्य पूर्ण हो चुका है और कितना शेष है तथा शेष कार्य कब-तक पूर्ण कर लिया जावेगा? विस्तृत विवरण संबंधित अभिलेख के साथ उपलब्‍ध कराएं।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) .प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर अंतर्गत उज्जैन जिले में चालू वित्तीय वर्ष के लिये प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना (एस.एस.टी.डी. योजना) के तहत कुल 189 वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना के कार्य प्र‍स्‍तावित किये गये थे तथा सभी कार्य स्‍वीकृत किये जा चुके हैं। उक्‍त स्‍वीकृत 189 वितरण ट्रांसफार्मरों में से पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कुल 84 वितरण ट्रांसफॉर्मर संबंधित क्षेत्र हेतु प्रदाय कर दिये गये हैं तथा 105 शेष हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के लिए वितरण ट्रांसफार्मरों की मांग प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना (एस.एस.टी.डी. योजना) के तहत प्रस्तावित किया जाना शेष है। चालू वित्तीय वर्ष में 31 दिसंबर 2023 तक उज्जैन जिले में कुल 1976 वितरण ट्रांसफॉर्मर जले/असफल हुए थे, उक्त सभी वितरण ट्रांसफॉर्मर बदल दिये गये हैं, कोई भी जला/असफल वितरण ट्रांसफॉर्मर बदलने हेतु शेष नहीं है। (ख) आगामी वित्तीय वर्ष के लिए वितरण ट्रांसफॉर्मर की मांग प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजना (एस.एस.टी.डी. योजना) के तहत प्रस्तावित किया जाना शेष है। म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर क्षेत्रांतर्गत वितरण ट्रांसफॉर्मर की मांग का निर्धारण भविष्य में आने वाले विद्युत भार को दृष्टिगत रखते हुए कार्य योजना बनाकर, वर्तमान में स्थापित वितरण ट्रांसफॉर्मर के अतिभारित होने पर क्षमता वृद्धि किये जाने, अधिक विद्युत भार की स्थिति में अतिरिक्त विद्युत वितरण ट्रांसफॉर्मर स्थापित किये जाने तथा विद्यमान वितरण ट्रांसफॉर्मर के असफल होने के उपरांत रिपेयर न हो पाने की स्थिति में (अमितव्ययी होने के कारण) नवीन वितरण ट्रांसफॉर्मर की मांग का निर्धारण वितरण कंपनी के संचालक मंडल द्वारा स्वीकृत बजट अनुसार किया जाता है। वितरण ट्रांसफार्मरों का स्टॉक/संधारण वितरण केन्द्र एवं संचालन/संधारण संभाग स्तर पर किया जाता है। उज्जैन जिले में वितरण केन्द्र एवं संचालन/संधारण संभाग स्तर पर ट्रांसफॉर्मर वितरण की व्यवस्था की गई है। साथ ही संधारण एवं रखरखाव कार्य हेतु प्रत्येक संचालन/संधारण संभाग स्तर पर एल.आर.यू. यूनिट की व्यवस्था की गई है। (ग) उज्जैन जिले के संचालन-संधारण संभाग तराना में प्रश्‍नाधीन अवधि में ''स्वयं का ट्रांसफॉर्मर'' योजना में कुल 617, सामान्य विकास योजना में कुल 66, जमा योजना में कुल 127, एस.एस.टी.डी. योजना में कुल 16 एवं आर.डी.एस.एस. योजना में कुल 34, इस प्रकार विभिन्न योजनाओं में कुल 860 वितरण ट्रांसफॉर्मर लगाये गये हैं। वर्तमान में उक्त सभी वितरण ट्रांसफॉर्मर चालू हैं, कोई भी वितरण ट्रांसफॉर्मर जला हुआ नहीं है। प्रश्‍नाधीन अवधि में स्‍थापित किए गए वितरण ट्रांसफार्मरों से संबंधित ग्राम, स्थान एवं लाभान्वित उपभोक्‍ताओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।                                                              (घ) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर क्षेत्रांतर्गत क्रियाशील आर.डी.एस.एस. योजना के तहत विद्युत लाईन पहुँचाने का कोई लक्ष्य निर्धारित नहीं है। अपितु आर.डी.एस.एस. योजना विद्यमान विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं तकनीकी हानियों को कम करने की योजना है। अतः शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

 

दतिया शहर में वक्‍फ संपत्ति का विवरण

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

41. ( क्र. 1053 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) दतिया शहर में वक्फ बोर्ड की कितनी-कितनी मस्जिदें और कब्रिस्तान है और कहाँ-कहाँ स्थित है तथा इनमें कितनी-कितनी संपत्तियां (दुकानें एवं भूमि) स्थित है। कृपया मस्जिदों एवं कब्रिस्तान के नाम/पता/स्थान/भूमि का क्षेत्रफल एवं दुकानों सहित संपूर्ण विवरण दें। (ख) क्या कब्रिस्तानों एवं मस्जिदों की संपत्तियों में दुकानें भी स्थित है यदि हाँ तो क्या उक्त दुकानों से मस्जिदों के रख-रखाव के लिए कमेटी ने कितनी-कितनी दुकानों को कितने-कितने किराये पर दी है? कृपया दुकानदारों के नाम/पता सहित संपूर्ण विवरण दें। (ग) क्या जिला प्रशासन द्वारा मस्जिदों एवं कब्रिस्तानों में स्थित दुकानें हटाने की कार्यवाही प्रचलित है? यदि हाँ तो कौन-कौन अधिकारों एवं शक्तियों के अंतर्गत है?

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) दतिया शहर में वक्‍फ बोर्ड की 42 मस्जिदें एवं 19 पंजीकृत कब्रस्‍तान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। मस्जिदें एवं कब्रस्‍तान के सम्‍पूर्ण विवरण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है। (ख) जी हाँ। कब्रस्‍तान रंगरेजान दतिया के स्‍थल पर 40 दुकानें स्थित है जिनके किरायेदारों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (ग) जी नहीं। शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

माननीय न्‍यायालय के आदेशों का पालन

[लोक निर्माण]

42. ( क्र. 1054 ) श्री राजेन्‍द्र भारती : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लोक निर्माण विभाग संभाग दतिया में पदस्थ प्रभारी कार्यपालन यंत्री श्री मनीष उदैनिया द्वारा ट्रेडिंग प्रक्रिया में छेड़छाड़ के कारण चूनाघाट चौकी मगरोटा नेशनल हाइवे रोड लम्बाई 11 कि.मी. की NIT क्रमांक 9/21-22/T.C./दिनांक 08/10/2021 में माननीय उच्च न्यायालय रिट क्रमांक 25038-20-21 के निर्णय में निलंबन के आदेश किये गये थे। यदि हाँ तो और यदि नहीं तो क्यों? कृपया कारण सहित बतायें तथा न्यायालय के आदेश की प्रति उपलब्ध करायें। (ख) क्या लोक निर्माण संभाग दतिया में NS CONSULTANCY अनुबन्ध क्रमांक 22/21-22 के अंतर्गत कितनी-कितनी राशि, किन-किन कार्यों हेतु पूरक स्वीकृतियां जारी की गई है? उक्त स्वीकृतियों के विरूद्ध किन-किन अनुबंधों के क्या कार्य कराये गये तथा कितना-कितना व्यय किया गया है। (ग) क्या उपरोक्त प्राप्त स्वीकृतियां से पुताई एवं पेचवर्क के कार्य कराये गये हैं? यदि हाँ तो क्यों? क्या यदि उक्त कार्य टेण्डर प्रक्रिया से कराये जाते तो शासन को लाभ होता यदि हाँ तो कितना-कितना? कृपया अलग-अलग विस्तृत विवरण दें। उक्त पूरक स्वीकृति करा कर शासन की राशि का नुकसान क्यों किया गया। 
लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी नहीं। माननीय न्यायलयीन के आदेश दिनांक 22.03.2022 की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। (ख) विस्तृत विवरण संलग्‍न प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी हाँ। कार्य की तात्कालिक आवश्यकता अनुसार कार्य कराये गये। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। अत: शेष का प्रश्‍न ही उत्‍पन्‍न नहीं होता है।

परिशिष्ट - "इक्यावन"

नवीन ट्रांसफॉर्मर रखने हेतु योजना

[ऊर्जा]

43. ( क्र. 1074 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                  (क) म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में किसानों को अपने खेत में सिंचाई करने हेतु नवीन विद्युत ट्रांसफॉर्मर रखने के लिए वर्तमान में कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार वर्ष 2022-23 से प्रश्‍न दिनांक तक केवलारी विधान सभा क्षेत्र में किन-किन किसानों के खेत में कौन-कौन सी योजनाओं के तहत नवीन विद्युत ट्रांसफॉर्मर रखे गये हैं? किसानों के नाम, पता एवं प्रत्‍येक किसान के लिए शासन द्वारा व्‍यय राशि की जानकारी प्रदान करें। (ग) क्‍या विद्युत देयक राशि जमा करने के बाद भी विद्युत विच्‍छेद करने के नियम या आदेश हैं? यदि हाँ तो नियम व आदेश की प्रति देवें। यदि नहीं तो अधीक्षण यंत्री म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जिला सिवनी के द्वारा किसानों की बिजली क्‍यों काटी जा रही है? (घ) विधान सभा क्षेत्र क्र. 116 में विद्युत सप्‍लाई हेतु 33/4 के.व्‍ही. के विद्युत सब-स्‍टेशनों की स्‍वीकृति की गई है? विद्युत लोड एवं विद्युत लाइन की लम्‍बाई को देखते हुए ये सब-स्‍टेशन पर्याप्‍त हैं अथवा और सब-स्‍टेशन कहां-कहां बनाने की अवश्‍यकता है? (ड.) प्रश्‍नांश क्षेत्र में रबी फसल सिंचाई हेतु किसानों को विद्युत वितरण कंपनी द्वारा टी.सी. कनेक्‍शन दिए गए हैं, जो इस क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता से अधिक कनेक्‍शन हैं। यदि क्षमता से अधिक लोड के कनेक्‍शन दिए जा रहे हैं तो उस क्षेत्र में ट्रांसफॉर्मर की क्षमता क्‍यों नहीं बढ़ाई जा रही है और बढ़ाई जायेगी तो कब?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) वर्तमान में म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत कृषकों को सिंचाई के लिए स्‍थायी कृषि पम्‍प विद्युत कनेक्‍शन लेने एवं अस्‍थायी पंप कनेक्‍शनों को स्‍थायी पंप कनेक्‍शनों में परिवर्तित करने के लिए अनुदान आधारित ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' दिनांक 21/09/2023 से प्रचलन में है, जिसके तहत कृषक/कृषकों के समूह, जो 3 हॉर्स पावर या उससे अधिक क्षमता के स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन लेना चाहते हैं, से प्राप्‍त आवेदनों का योजना के प्रावधानों के अनुरूप परीक्षण कर तकनीकी साध्‍यता अनुसार प्राक्‍कलन तैयार किये जाते हैं। योजनान्‍तर्गत विद्यमान अद्योसंरचना से 200 मीटर की अधिकतम दूरी तक 11 के.व्‍ही. लाईन विस्‍तार एवं वितरण ट्रांसफॉर्मर स्‍थापना का कार्य किये जाने तथा योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित सीलिंग के अंतर्गत तकनीकी साध्‍यता के दृष्टिगत एल.टी.लाईन का कार्य किये जाने का प्रावधान है। उक्‍तानुसार प्रावधानिक कार्य अनुसार स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की राशि में से 50 प्रतिशत कृषक अथवा कृषक समूह द्वारा, 40 प्रतिशत राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10 प्रतिशत संबंधित वितरण कंपनी द्वारा वहन किया जावेगा। उक्‍त के अतिरिक्‍त वर्तमान में कृषकों को स्‍थायी सिंचाई पंप कनेक्‍शन दिये जाने हेतु ''स्‍वंय का ट्रांसफॉर्मर (OYT) '' योजना लागू है जिसके अंतर्गत कृषक अपने व्‍यय से, निर्धारित मापदंड के अनुसार वितरण ट्रांसफॉर्मर स्‍थापित कर सकते हैं। (ख) उत्‍तरांश (क) अनुसार प्रश्‍नाधीन अवधि में केवलारी विधानसभा क्षेत्र में ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' अंतर्गत कोई भी विद्युत ट्रांसफॉर्मर स्‍थापित नहीं किया गया है। अपितु प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में उक्‍त योजना अंतर्गत कृषकों से 218 कृषि पंप कनेक्‍शनों हेतु आवेदन प्राप्‍त हुए हैं एवं अद्यतन स्थिति में 7 कृषकों द्वारा नियमानुसार भुगतान किया गया है, जिसमें आगामी कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। ''स्‍वंय का ट्रांसफॉर्मर'' योजना अंतर्गत प्रश्‍नाधीन क्षेत्र एवं अवधि में किसी भी कृषक द्वारा वितरण ट्रांसफॉर्मर स्‍थापित नहीं किया गया है। (ग) जी नहीं। तथापि प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्युत बिलों के बकायादार उपभोक्‍ताओं के विरूद्ध विद्युत बिल की बकाया राशि वसूली किये जाने हेतु नियमानुसार विद्युत कनेक्‍शन विच्‍छेदित करने की कार्यवाही की जा रही है। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत 3 नवीन 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र ग्राम बर्रा, बरोरिया एवं जटलापुर में स्‍वीकृत किये गये हैं। जी हाँ। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में विद्यमान एवं प्रस्‍तावित 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र तकनीकी दृष्टि से पर्याप्‍त हैं। (ड.) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में टी.सी. कनेक्‍शन क्षेत्र में स्‍थापित वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता के अनुसार ही दिये गये हैं। उल्‍लेखनीय है कि विद्युत प्रणाली में संभावित भार वृद्धि के दृष्टिगत समय-समय पर वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धतानुसार एवं तकनीकी परीक्षण उपरान्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि के कार्य किये जाते हैं, जोकि एक सतत् प्रक्रिया है।

सड़कों का जीर्णोद्धार

[लोक निर्माण]

44. ( क्र. 1075 ) श्री रजनीश हरवंश सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत कितने मार्ग जर्जर हो गए हैं? जिनका डामरीकरण नहीं किया गया है। ऐसे मार्गों के निर्माण की क्‍या योजना है। वर्तमान में मार्गों का रख-रखाव किसके द्वारा किया जा रहा है? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मार्गों का नवीनीकरण किया जाएगा या नहीं? यदि नहीं तो क्यों नहीं किया जाएगा और किया जाएगा तो कब तक पूर्ण होंगे? (ग) नवीनीकरण मार्ग की लंबाई क्या होगी? निर्माण की लागत क्‍या होगी? मार्ग का निर्माण कब किया गया था?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विधानसभा क्षेत्र केवलारी अंतर्गत लोक निर्माण विभाग संभाग सिवनी के अंतर्गत संधारित सड़कों में कोई भी मार्ग जर्जर स्थिति में नहीं है। शेष का प्रश्‍न ही नहीं उठता। मार्गों का रख-रखाव मार्ग स्वामित्व के विभागों द्वारा किया जाता है। इस संबंध में संभागीय प्रबंधक एम.पी.आर.डी.सी. छिन्दवाड़ामहाप्रबंधक मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण परियोजना क्रियान्वयन इकाई सिवनीग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग सिवनी से प्राप्त  उत्तर  पुस्‍तकालय  में रखे क्रमश: परिशिष्‍ट-1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ख) एवं (ग) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता।

जर्जर लाइनों का सुधार, केवलीकरण तथा खंबो की शिफ्टिंग

[ऊर्जा]

45. ( क्र. 1091 ) श्री वीरेन्द्र सिंह लोधी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                            (क) बंडा विधानसभा अंतर्गत बिजली के कई तार जर्जर हैं जिनके टूटने से घटनायें एवं शिकायतें होती रहती है, उन्हें कब तक बदला जावेगा? (ख) नगरीय क्षेत्र में बिजली की कई लाइनों का केवलीकरण नहीं किया गया है कई लाइनों में पुराने तार लगे हुये है लाइनों के कारण साल में 2-3 बार वृक्षों की बेतरतीव कटाई द्वारा नगरीय क्षेत्र के पर्यावरण को नुकसान पहुँचाया जाता है, नगरीय क्षेत्र की शेष लाइनों का केवलीकरण कब तक हो जायेगा? (ग) बंडा विधानसभा अंतर्गत 11 के.बी. व 33 के.बी. के कौन-कौन से फीडर की लाइने निकली हैं जो अब सघन आबादी में है जिनसे सटकर/ नीचे मकान बने हुये है? (घ) ऐसी लाइनों को कब तक उचित स्थान पर सिफ्ट किया जावेगा?                                                                     (ड.) बंडा विधानसभा अंतर्गत आबादी में ऐसे कितने खंबे हैं जो आमरास्तों में बाधा उत्‍पन्‍न करते हैं? (च) इन खंबों को सिफ्ट कर रास्तों की बाधा कब तक दूर की जावेगी? (छ) आबादी क्षेत्र में जन सामान्य की सुरक्षा को दृष्टिगत रखकर 11 के.बी. एवं 33 के.बी. लाइन के केवलीकरण का क्या प्रावधान है? (ज) 11 के.बी. व 33 के.बी. लाइन की न्यूनतत ऊंचाई कितनी निर्धारित है?                                                      (झ) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत समस्त प्रकार की क्षमता वाली कौन-कौन सी लाइनों के तार न्यूनतम ऊंचाई से कम है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत तार टूटने सहित विभिन्‍न विद्युत संबंधी शि‍कायत प्राप्‍त होने पर म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा तत्‍काल संज्ञान में लेकर उपलब्‍ध संसाधन अनुसार तत्‍काल सुधार कार्य कर विद्युत प्रदाय सुचारू किया जाता है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में वर्तमान में सभी ग्रामों का विद्युत प्रदाय सुचारू रूप से चालू है। (ख) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता अनुसार नगरीय क्षेत्र में निम्नदाब लाईनों के केबलीकरण का कार्य कराया जाता है। निम्‍नदाब लाईनों के रख-रखाव हेतु वृक्षों को नहीं काटा जाता है अपितु वृक्षों की उन शाखाओं को काटा जाता है, जो विद्युत लाईनों को स्‍पर्श करने लगती है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत 9.48 किलोमीटर केबल की क्षमतावृद्धि का कार्य स्‍वीकृत किया गया है। उक्‍त कार्य निविदा प्रक्रिया उपरांत क्रियान्‍वयन एजेंसी से किये गये अनुबंध अनुसार 2 वर्ष में पूर्ण किया जाना है। (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत कुल 56 उच्‍चदाब फीडरों द्वारा विद्युत प्रदाय किया जाता है, उक्‍त में से 33 के.व्ही. के 2 फीडर एवं 11 के.व्ही. के 6 फीडर सघन आबादी क्षेत्रों से गुजरते है। (घ) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में पूर्व से विद्यमान विद्युत लाईनों के नीचे/निकट कालांतर में अनाधिकृत तौर पर घरों का निर्माण किया गया है, जो कि केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण (सुरक्षा तथा विद्युत आपूर्ति संबं‍धी उपाय) विनियम -2010 एवं तत्‍पश्‍चात संशोधित किये गए विनियम के अन्‍तर्गत निहित प्रावधानों का उल्‍लंघन है। उल्‍लेखनीय है कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 177 द्वारा प्रदत्‍त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा विद्युत आपूर्ति और सुरक्षा से संबंधित उपाय के लिये विनियम दिनांक 20.09.2010 को अधिसूचित एवं तत्पश्‍चात संशोधित किये गये है, जिनके अनुसार विद्युत लाईनों के नीचे एवं लाईनों से असुरक्षित दूरी पर निर्माण करना अवैधानिक है। केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण के उक्‍त विनियमों के अनुसार विद्युत लाईनों के समीप निर्माण के पूर्व निर्माणकर्ताओं को इसकी जानकारी विद्युत आपूर्तिकर्ता को देना आवश्‍यक है। लाईन में फेरबदल की आवश्‍यकता होने तथा तकनीकी रूप से विस्‍थापन साध्‍य पाए जाने एवं मार्ग के अधिकार (आर.ओ.डब्‍ल्‍यू.) की आवश्‍यकता पूरी होने की स्थिति में फेरबदल की आपूर्तिकर्ता द्वारा आंकी गई लागत की राशि आवेदक द्वारा जमा करने पर अथवा आवेदक द्वारा लाईन विस्‍थापित करने हेतु स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की 5 प्रतिशत राशि सुपरविजन चार्ज के रूप में वितरण कंपनी में जमा करते हुए स्‍वयं '' श्रेणी के ठेकेदार से, इन विद्युत लाईनों के विस्‍थापन हेतु कार्यवाही की जा सकती है। उपरोक्‍तानुसार औपचारिकताएं पूर्ण करने पर उक्‍त विद्युत लाईनों के विस्‍थापन की कार्यवाही की जा सकती है। जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ड.) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत सभी स्‍थानों पर समस्‍त उच्‍चदाब/निम्‍नदाब लाईनों (संबंधित पोल एवं तार) एवं अन्‍य सभी विद्युत अद्योसंरचना को स्‍थापित किये जाने का कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाता है किन्‍तु सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क‍ चौड़ी किए जाने के कारण कतिपय स्‍थानों पर विद्युत पोल अपनी पूर्व निर्धारित स्थिति के कारण सड़क पर आ जाते हैं। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में 210 विद्युत पोलों के प्रकरण वर्तमान में म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संज्ञान में है। (च) सड़क चौड़ीकरण/ विस्‍तारीकरण से संबंधित निर्माण एजेंसियों के आवेदन अनुसार विद्युत लाईन शिफ्ट करने का कार्य जमा योजना अंतर्गत किया जा सकेगा, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (छ) 11 के.व्‍ही. एवं 33 के.व्‍ही. लाईनों के तारों को बदल कर केबलीकरण करने का कोई प्रावधान नहीं है। तथापि आबादी क्षेत्रों में विद्यमान 11 के.व्‍ही. एवं 33 के.व्‍ही. लाईनों के केबलीकरण का कार्य संबंधित नगरपालिका/नगर निगम एवं अन्‍य विकास कार्यों वाले विभागों से वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार तकनीकी रूप से साध्‍य पाये जाने पर जमा योजना में कराया जा सकता है। (ज) केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति से संबंधित उपाय विनियम में दर्शित मानक ऊँचाई संबंधी नियम/दिशा-निर्देश अनुसार लाईन की न्‍यूनतम ऊँचाई  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'अनुसार है। (झ) बण्‍डा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत 7 ग्रामों के 11 स्‍थलों में 11 के.व्‍ही. लाईनों के तारों की ऊँचाई लाईन के समीप बिना अनुमति के निर्माण कार्य किये जाने के कारण, सुरक्षित न्‍यूनतम ऊँचाई/लाईन से क्षैतिज दूरी से कम होने के प्रकरण संज्ञान में आये हैं। जिसका विवरण  संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'अनुसार है।

परिशिष्ट - "बावन"

निर्माण कार्यों की जानकारी

[लोक निर्माण]

46. ( क्र. 1153 ) श्री मधु भाऊ भगत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2019 के प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि किस कार्य हेतु शासन द्वारा स्वीकृत हुई? उक्त राशि में से किस मद में कौन-कौन से कार्य कराये गये? शासन के स्वीकृति आदेश की प्रति उपलब्ध करायें? (ख) उक्तावधि में जनता/जनप्रतिनिधियों द्वारा किस-किस कार्य हेतु कौन-कौन से प्रस्ताव विभाग को प्रेषित किये गये तथा कौन से प्रस्ताव पर प्रश्‍न दिनांक तक क्या-क्या कार्यवाही की गई? (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित कार्यों में से किस-किस कार्य एजेंसी को किस-किस कार्य हेतु राशि का भुगतान किया गया एवं किस माध्यम से किया? बिल व्हाउचरों की प्रति उपलब्ध करावें। (घ) उक्त कार्यों में से निविदा कार्यवाही के सम्पूर्ण दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराने के साथ-साथ यह बतायें कि कौन से कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा कितने कार्य अपूर्ण हैं एवं क्यों? क्या अपूर्ण कार्य होने पर भी निविदाकारों को अधिकतम भुगतान कर दिया गया है? क्यों? संबंधित अधिकारी के द्वारा अधिकतम भुगतान किये जाने पर क्‍या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) बालाघाट जिले में वर्ष 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', 'अ-2', 'एवं 'अनुसार है। शासन के स्‍वीकृति आदेश की छायाप्रतियां  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-1, 2 एवं 3 अनुसार है।                                       (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'ब-1' एवं 'ब-2' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्‍लेखित मार्गों की एजेन्‍सीभुगतान राशि तथा भुगतान का विवरण  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं 'अ-2' अनुसार है। बिल व्‍हाउचरों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-4, 5 एवं 6 अनुसार है। (घ) दस्‍तावेजों की प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-7, 8, 9 एवं प्रपत्र-अ, 'अ-1', 'अ-2', 'अनुसार है। जी नहींअपूर्ण होने पर निविदाकारों को अधिकतम भुगतान नहीं किया गया हैशेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही नहीं उठता।

सी.एम.ओ. की नियम विरुद्ध पदस्थापना

[नगरीय विकास एवं आवास]

47. ( क्र. 1161 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगरपालिका परिषद एवं नगर परिषद में सी.एम.ओ. की पदस्थापना किस श्रेणी किस स्तर का होना चाहिए। प्रदेश में नियम क्या है? कितने स्थानों पर प्रभारी सी.एम.ओ. की नियुक्ति है? (ख) मध्यप्रदेश में प्रथम श्रेणी एवं द्वितीय श्रेणी नगरपालिका परिषदों के नाम बताएं। (ग) राज्य नगरपालिका सेवा (कार्यपालन) नियम 1973 की अनुसूची-2 के तहत प्रथम श्रेणी निकाय में प्रथम श्रेणी-स्तर के अधिकारी की पदस्थापना तथा द्वितीय श्रेणी निकाय में द्वितीय श्रेणी स्तर के अधिकारी की पदस्थापना प्रावधानित होने पर भी नियमों के विपरीत जाकर निम्न श्रेणी यहां तक कि तृतीय श्रेणी कर्मियों को क्यों पदस्थ किया जा रहा है? उदाहरण - नगरपालिका परिषद धार एवं पीथमपुर। (घ) प्रदेश की लगभग 50% से अधिक निकायों में प्रभारी सी.एम.ओ. की पदस्थापना की गई है। म.प्र. शासन नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 87 एवं 90 के तहत राज्य नगरीय प्रशासनिक सेवा के नियमित सी.एम.ओ. को क्यों पदस्थ नहीं करती है? निम्न श्रेणी के कर्मचारियों को प्रभारी सी.एम.ओ. क्यों बनाया जा रहा है? नगरीय प्रशासन विभाग में प्रभारी बनाए जाने वाली निर्धारित प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है? (ङ) माननीय उच्च न्यायालय म.प्र. जबलपुर द्वारा प्रकरण क्रमांक WP5547/2023 में आदेशानुसार प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा दायर व्यक्तिगत एफिडेविट की प्रतिलिपि उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मध्यप्रदेश नगर पालिका सेवा कार्यपालन नियम 1973 की द्वितीय अनुसूची अनुसार मुख्य नगर पालिका अधिकारी की स्थापना करनी होती है, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। कुल 243 स्थानों पर प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की पदस्थापना की गई है। (ख) मध्यप्रदेश नगर पालिका परिषदों को प्रथम एवं द्वितीय श्रेणी में विभाजित नहीं किया गया है, वरन नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा (5) के प्रावधानों के अंतर्गत नगर पालिका परिषद अथवा नगर परिषद के गठन का प्रावधान है। (ग) वर्तमान में प्रदेश में राज्य प्रशासनिक सेवा के मूल मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की कमी के दृष्टिगत मुख्य नगर पालिका अधिकारी के केडर एवं फीडर केडर में आने वाले कर्मचारियों को प्रशा‍सनिक कार्य सुविधा की दृष्टि से पदस्थ किया जाता है। (घ) प्रदेश की अधिकतर निकायों में राज्य प्रशासनिक सेवा के मुख्य नगर पालिका अधिकारी पदस्थ है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है।

मनावर नगरपालिका UIDSSMT योजना में भ्रष्टाचार

[नगरीय विकास एवं आवास]

48. ( क्र. 1162 ) डॉ. हिरालाल अलावा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या मनावर नगरपालिका जिला धार में UIDSSMT योजना में बिना कार्य पूर्ण किए भुगतान हुआ है? यदि हाँ तो जिम्मेदार कौन है और भुगतान का आधार गलत है तो जिम्मेदार कौन है? (ख) क्या भुगतान में ऑडिट आपत्ति आई है? यदि हाँ तो कितनी और किससे वसूली योग्य है और अभी तक वसूली क्यों नहीं की गई? (ग) क्या योजना के तहत स्वीकृत गहराई पर पाईप लाईन ना डालने के कारण एवं नालियों में पाइप डालने के कारण जनता परेशान होती है? यदि हाँ तो स्वीकृत गहराई एवं नालियों में पाईप लाईन डालने का भुगतान किस आधार पर किया और जिम्मेदार कौन है? (घ) क्या बिना पूर्णता प्रमाण पत्र के फाइनल बिल का भुगतान किया गया है? यदि हाँ तो किस आधार पर और बिना पूर्णता प्रमाण पत्र जारी किए भुगतान कितना किया गया और उसका जिम्मेदार कौन है? (ड.) क्या बिना कार्य पूर्ण हुए मेंटेनेंस चार्ज अदा किया गया और यदि अदा किया गया तो किस आधार पर और उसका जिम्मेदार कौन है? () क्या शासन की इस महत्वपूर्ण योजना में नगरपालिका के कर्मचारी और अधिकारी की मिलीभगत से ठेकेदार को अवैध रूप से अत्यधिक राशि अदा की गई है? यदि हाँ तो कितनी राशि का अधिक भुगतान हो गया है और कितनी राशि ठेकेदार से वापस ली जानी चाहिए। प्रपत्र सहित उत्तर देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। राशि रु. 26,98,401/- की ऑडिट आपत्ति प्राप्त हुई है जोकि फर्म मेसर्स सोराथया वेल्जी रत्ना एण्ड कंपनीबड़ौदा से संबंधित है। संबंधित फर्म का अंतिम बिल का भुगतान निकाय द्वारा किया जाना शेष है जिसमें ऑडिट आपत्ति की राशि का समायोजन कर ऑडिट आपत्ति का निराकरण किया जायेगा। (ग) जी नहींनिकाय द्वारा स्वीकृत प्राक्कलन अनुसार पाईप लाईन डालने का कार्य किया गया है। भूमि की उपलब्धता एवं क्रासिंग करने हेतु आवश्यकता अनुसार पाईप लाईन डाली गई है। उक्त कार्य का भुगतान माप अनुसार किया गया है। (घ) जी नहींफाइनल बिल का भुगतान नहीं किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ङ) जी नहीं। निकाय द्वारा बिना कार्य पूर्ण हुए मेटेनेंस चार्ज अदा नहीं किया गया है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (च) जी नहींशेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विद्युत केबलिंग तथा खम्बे (पोल) लगाये जाना

[ऊर्जा]

49. ( क्र. 1177 ) डॉ. सतीश सिकरवार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                       (क) प्रदेश के गली/मोहल्ले/कॉलोनियों में विद्युत केबलिंग तथा खम्बे (पोल) लगाये जाने के क्या प्रावधान है। नियम/निर्देश उपलब्ध कराये जावें। विभाग द्वारा किन स्थानों पर विभागीय मद से पोल लगाये जाते है। (ख) मोहल्ले/कोलोनियों के आम रास्तों पर पोल लगाकर केवलिंग किये जाने का आवेदन स्थानीय निवासियों द्वारा दिये जाने पर विद्युत विभाग द्वारा राशि जमा करने को कहा जाता है। ऐसा क्‍यों नियम सहित जानकारी दी जावे। (ग) मोहल्ले या आम बाजारों के रास्तों में लगे पोल किसी अज्ञात वाहन की टक्कर होने से अथवा गल जाने से गिरने की स्थिति में होने पर स्थानीय निवासियों द्वारा पोल बदलने की मांग विद्युत विभाग के अधिकारियों से की जाती है तो विभाग द्वारा राशि जमा कराने को कहा जाता है। नियम बतायें। (घ) ऐसे गिराउ स्थिति के पोल जिससे भविष्य में जनहानि होने की संभावना होती है तो ऐसे पोलों को विभाग द्वारा बदलना चाहिये यदि नहीं तो कारण बतायें?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) प्रदेश में गली/मोहल्‍ले/कॉलोनियों में विद्युतीकरण के लिए विद्युत केबल तथा खम्‍बे (पोल) लगाये जाने हेतु मध्‍यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा दिनांक 31.05.2022 को जारी म.प्र.विद्युत नियामक आयोग (विद्युत प्रदाय के प्रयोजन से विद्युत लाईन प्रदान करने अथवा उपयोग किये संयंत्र हेतु व्‍ययों तथा अन्‍य प्रभारों की वसूली) (पुनरीक्षण-द्वितीय) विनियम, 2022 में विस्‍तृत प्रावधान किए गए हैं, जिससे संबंधित पृष्‍ठों की प्रति  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार  है। विभाग अंतर्गत विद्युत वितरण कंपनियों द्वारा उक्‍त नियमानुसार ही कार्य किया जाता है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित विनियम के प्रावधानों के तहत ही प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित कार्यों हेतु स्‍थानीय निवासियों/आवेदकों को वांछित राशि के माँग पत्र जारी किए जाते हैं। (ग) मोहल्‍ले या आम बाजारों के रास्‍तों में लगे विद्युत पोल, किसी अज्ञात वाहन की टक्‍कर से क्षतिग्रस्‍त होने पर, अज्ञात वाहन के विरूद्ध संबंधित पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के पश्‍चात क्षतिग्रस्‍त पोल को विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय तौर पर बदले जाने का नियम है। इसी प्रकार, स्‍थापित पोल के गल जाने से क्षतिग्रस्‍त होने पर भी ऐसे पोलों को विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय तौर पर ही बदले जाने का प्रावधान है। इसमें स्‍थानीय निवासियों से क्षतिग्रस्‍त पोल के मद में कोई राशि जमा नहीं कराई जाती है। (घ) कालान्‍तर में जर्जर (Deteriorated) हुए पोल जिनसे भविष्‍य में जनहानि होने की आशंका होती है, ऐसे पोलों को विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विभागीय मद से बदला जाता है।

म.प्र. नगर पालिका विधि संहिता के विपरीत कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

50. ( क्र. 1181 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. नगर पालिका विधि संहिता 1961 की धारा 51 की प्रति देवें। क्या अध्यक्ष को वित्तीय कार्यपालक प्रशासन पर निगरानी करने परिषद के अभिलेखों तथा समस्त अधिकारियों, कर्मचारियों तथा सेवकों के कार्यों का पर्यवेक्षण करने का अधिकार है। (ख) यदि हाँ तो धामनोद नगर परिषद अध्यक्ष का पत्र क्र.30/23 दि-6/10/23में वांछित दस्तावेज प्रश्‍न दिनांक तक सी.एम.ओ. के द्वारा क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए हैं क्या उक्त दस्तावेज रिकॉर्ड से गायब हैं क्या सी.एम.ओ. ने दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराकर अध्यक्ष के अधिकारों का हनन किया है वांछित दस्तावेज की प्रतियां देवें। (ग) धामनोद नगर परिषद के आवक-जावक पंजी की दिनांक 1/10/23 से प्रश्‍न दिनांक की अवधि की छायाप्रति देवें। कुल कितने पत्र अध्यक्ष की और से प्राप्त हुए हैं उसकी प्रमाणित प्रति देते हुए बतावे कि उन समस्त पत्रों पर सी.एम.ओ. के द्वारा क्या कार्यवाही की गई है यदि पत्रों पर कार्यवाही नहीं की गई है तो क्या शासन सी.एम.ओ. को निलंबित करेगा? हाँ तो कब तक, नहीं तो क्यों नहीं। (घ) संभागीय संयुक्त संचालक इंदौर को सी.एम.ओ. धामनोद के संबंध में प्राप्त समस्त शिकायतों की प्रति देवें एवं उस पर की गई कार्यवाही का पालन प्रतिवेदन देवे और यदि कार्यवाही नहीं की गई है तो क्या सी.एम.ओ. को संरक्षण दिया जा रहा है।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मध्‍यप्रदेश नगरपालिका विधि संहिता 1961 की धारा 51 की  जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  '''' अनुसार है। जी हाँ।                                                     (ख) अध्यक्ष नगर परिषद धामनोद द्वारा अपने पत्र क्रमांक 30/2023 दिनांक 06.10.2023 से नगर परिषद में दिनांक 01 जनवरी 2022 से दिनांक 30 सितम्बर 2023 की अवधि में लागू करारोपण, प्राप्त कर एवं व्यय की जानकारी का रिकार्ड मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी द्वारा निकाय पत्र क्रमांक 2901/1/2018-24 दिनांक 13.10.2023 एवं पत्र क्रमांक 2986/2023 दिनांक 25.10.203 से प्रेषित की गई थी वांछित दस्तावेजों की  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) नगर परिषद धामनोद के आवक-जावक पंजी दिनांक 01.10.2023 से प्रश्‍न दिनांक की अवधि तक की छायाप्रति  जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  '''' अनुसार है। अध्यक्ष नगर परिषद धामनोद के द्वारा कुल 11 पत्र प्राप्त हुये है। कार्यवाही का  जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट  '''' अनुसार है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                                                    (घ) जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट '''' अनुसार है।

मध्यप्रदेश के टोल रोड से वसूली

[लोक निर्माण]

51. ( क्र. 1182 ) श्री प्रताप ग्रेवाल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में सभी टोल रोड पर दिसंबर 2023 तक टोल कलेक्शन बतावे रोड की परियोजना लागत, टोल प्रारंभ की दिनांक, टोल किस दिनांक तक वसूला जाएगा तथा दिसंबर 2023 तक परियोजना लागत का कितने प्रतिशत टोल वसूला गया, जानकारी दें। (ख) प्रश्‍न क्र. 1417 दिनांक 13.7.2023 के खण्ड '' अनुसार प्रत्येक टोल रोड पर फिजीबिलीटी रिपोर्ट के यातायात के आंकड़ों की संभागायुक्त द्वारा की गई पुष्टि के प्रमाणपत्र की प्रति देवें तथा बतावें की यदि यातायात के वास्तविक आंकड़े फिजीबिलीटी रिपोर्ट से कई गुना ज्यादा होंगे तो क्या कार्यवाही की जाएगी। (ग) अनुबंध की कंडिका 33.3 विवाद को हल करने से संबंधित है तथा प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित टोल रोड पर कन्थेसनर के चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट द्वारा प्रति वर्ष दिये गये प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्ध करावे तथा चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट कन्थेसनर का तय करने में अनुबंध की धारा 33.2.1 अनुसार की गई कार्यवाही की जानकारी दें। (घ) लेबड जावरा रोड पर परियोजना लागत से 30 मई 2023 तक परियोजना लागत 605.45 करोड़ से टोल कलेक्शन 1686.08 करोड़ हो चुका है फिर अवधि पांच वर्ष बढ़ाने के लिए पत्र दिनांक 20.12.2021 क्यो दिया गया विस्तृत जानकारी दस्तावेज सहित देवें तथा बतावें की इसी आधार पर किस-किस ने अवधि बढ़ाने का आवेदन दिया।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क)  लोक निर्माण विभाग अंतर्गत राष्‍ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र से संबंधित  जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ  एवं भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से प्राप्‍त उत्‍तर  संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र -1 एवं 2 अनुसार। (ख) प्रश्‍न क्र. 1417 के उत्‍तर खण्‍ड-क में उल्‍लेख किया गया था कि यातायात गणना की पुष्टि संभागीय प्रबंधक द्वारा की जाती है। उक्‍त संबंध में कोई भी प्रमाण पत्र/नोटशीट प्रदाय नहीं किया जाता है। फिजीबिलिटी रिपोर्ट भविष्‍यात्‍मक आंकलित यातायात गणना के आधार पर तैयार की जाती है, जिसमें कमी-बढ़ोत्‍तरी की संभावना रहती है। कार्यवाही का प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट 'अनुसार। चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट का चयन निवेशकर्ता द्वारा अनुबंधानुसार किया जाता है। (घ) लेबड-जावरा रोड के कंसेशन अनुबंध में अनुबंधानुसार निर्माण लागत 605.45 करोड़ है एवं मई 2023 तक टोल कलेक्‍शन 1686.08 करोड़ है। कंसेशन अनुबंध की कंडिका – 29.1 में दिनांक 01.06.2020 को टारगेट पी.सी.यू. 26800 निधारित था, जिसमें बढ़ोत्‍तरी के आधार पर कंसेशन अनुबंध की कंडिका -29.2 के प्रावधान अनुसार कंसेशन अवधि में वृद्धि की गई है न कि टोल कलेक्शन के आधार पर। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट -ख अनुसार। प्रश्‍न दिनांक तक उक्‍त आधार पर किसी अन्‍य अनुबंध में कार्यवाही प्रचलित नहीं है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

52. ( क्र. 1199 ) श्रीमती चंदा सुरेन्द्र सिंह गौर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर परिषद खरगापुर में प्रस्ताव क्रमांक 14 संकल्प क्रमांक 92 पर उल्लेख किया गया है कि प्रधानमंत्री आवास योजना का डी.पी.आर. बनाया जायेगा परन्तु आज प्रश्‍न दिनांक तक डी.पी.आर. नहीं बनाया गया। क्या कारण है तथा कब तक बना लिया जावेगा? (ख) क्या खरगापुर विधान सभा की नगर परिषद खरगापुर, बल्देवगढ़ में वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन से निर्माण कार्य चल रहे है और कौन-कौन से स्वीकृत किये गये है टेंडर किन-किन निर्माण एजेंसियों को प्राप्‍त हुए है, कामवार, वर्षवार, निर्माण एजेंसी का नाम तथा कार्यों की प्रगति क्या है कौन-कौन से कार्य पूर्ण है, कौन-कौन से कार्य अधूरे हैं, उनको कैसे पूर्ण कराया जा सकता है सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराये। (ग) क्‍या नगर परिषद खरगापुर में आगामी गर्मी के सीजन में पीने के पानी की समस्‍या हो सकती है नगर खरगापुर में ऐसे कितने सी.सी. रोड है जहां सी.सी. रोड का निर्माण पहले हो गया पानी की पाईप लाईन बाद में डाली जा रही है उन सड़कों को खोदकर डाली जाने वाली पाईप लाईन पर पुन: सी.सी. रोड डाली गई या नहीं सम्‍पूर्ण जानकारी उपलब्‍ध करायें। (घ) क्‍या खरगापुर में पेयजल आपूर्ति के कार्य किस निर्माण एजेंसी के पास है आम जनमानस को पेयजल की आपूर्ति की क्‍या व्‍यवस्‍था नगरीय निकाय या नगर परिषद द्वारा की गई है या की जा रही है जिससे नगर परिषद खरगापुर में किसी भी प्रकार की समस्‍या उत्पन्‍न नहीं हो सके किस प्रकार का क्रियान्‍वयन किया जा रहा है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। परिषद प्रस्ताव क्रमांक 14 एवं पारित संकल्प क्रमांक 92 बैठक दिनांक 27.04.2023 पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के दिशा-निर्देशानुसार पात्र हितग्राहियों की जिला कलेक्टर अनुमोदित सूची/प्रस्ताव ही स्वीकृति हेतु एस.एल.ए.सी. में निकाय द्वारा प्रेषित किये जाते है। योजना की पूर्ण होने की अवधि दिनांक 31.12.2024 होने से स्वीकृत आवास ही पूर्ण किये जा रहे है। आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देशानुसार डी.पी.आर. स्वीकृत की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक नगर परिषद खरगापुर एवं बल्देवगढ़ की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जी हाँ। पाईप लाईन डलने के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का कार्य एजेंसी मेसर्स टीटीपीएलजेईडब्ल्यूजेव्ही कम्पनी गुजरात के द्वारा कार्य के अनुबंध अनुसार किया जाना है। जो कार्य के अनुबंध में सम्मिलित है। (घ) खरगापुर में पेयजल आपूर्ति का कार्य मे. टीटीपीएलजेईडब्ल्यूजेव्ही कम्पनी गुजरात द्वारा किया जा रहा है। पेयजल योजना का कार्य प्रगति पर है। योजना पूर्ण होने की अवधि दिनांक 30.03.2025 है। इसके उपरांत ही निकाय के समस्त वार्डो में पेयजल प्रदाय किया जा सकेगा। जिन वार्डों में पाईप लाईन नहीं है, वहां टेंकरों द्वारा पेयजल आपूर्ति की जा रही है।

भू-आवंटन के प्रकरणों का निराकरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

53. ( क्र. 1218 ) कुँवर अभिजीत शाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका निगम भोपाल, इन्दौर, ग्वालियर, जबलपुर के वर्तमान में किस-किस उपयोग के लिए कितनी-कितनी सरकारी भूमि आवंटन के प्रकरण किस स्तर पर लम्बित है? (ख) किस नगर-निगम में किस ग्राम/किस वार्ड के किस खसरा नम्बर की कितनी भूमि के आवंटन का आवेदन किस दिनांक को प्रस्तुत किया? (ग) किस भूमि के आवंटन का प्रकरण वर्तमान में किस स्तर पर किस-किस कार्यवाही के लिए लम्बित है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ग) भोपाल नगर निगम की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट -, इंदौर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-ब, ग्‍वालियर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-स तथा जबलपुर की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-द अनुसार है।

हर घर बिजली पहुंचाने के अंतर्गत लाइन विस्‍तार कार्य

[ऊर्जा]

54. ( क्र. 1230 ) श्री हेमंत कटारे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिन्ड जिले में शासन की योजना हर घर बिजली पहुं‌चाने की पूर्ति हेतु 01 अप्रैल 2020 से 31 दिसम्बर 2023 तक कुल कितनी लाइनों का विस्तार किया गया कितने ग्रामों में कार्य पूर्ण हुआ। कितनों पर कार्य प्रगति पर है? (ख) विधान सभा क्षेत्र अटेर के किन-किन राजस्व ग्रामों के साथ उनसे जुड़े मजरे-टोलों में लाइन विस्तार नहीं किया गया है वह कौन से ग्राम मजरे टोले हैं उन्हें क्यों छोड़ा गया? (ग) अटेर विधान सभा क्षेत्र के किन-किन ग्रामों में वितरण ट्रान्सफार्मर बन्‍द पड़े हैं उक्‍त बन्द वितरण ट्रान्सफार्मर को बन्द करने के कारण क्या है कब तक चालू किया जावेगा व बदला जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) भिण्‍ड जिले में केन्‍द्र शासन की सहज बिजली हर घर योजनासौभाग्‍य योजना के अंतर्गत योजना के प्रावधानों के अनुसार समस्‍त अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण के उद्देश्‍य से योजना में सम्मिलित कुल 495 ग्रामों में 448.01 कि.मी. 11 के.व्‍ही. लाईन, 457.41 कि.मी. निम्‍नदाब लाईन एवं 586 वितरण ट्रांसफार्मरों की स्‍थापना के कार्य माह मार्च 2019 तक पूर्ण किये जा चुके हैं तथा यह योजना बंद हो चुकी है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।                                                                (ख) विधानसभा क्षेत्र अटेर के समस्‍त राजस्‍व ग्रामों एवं उनके सभी चिन्हित मजरों/टोलों को पूर्ववर्ती विद्युतीकरण योजनाओं के प्रावधानों के अंतर्गत आवश्‍यक विद्युत अद्योसंरचना का निर्माण कार्य कर विद्युतीकृत किया जा चुका है। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) अटेर विधानसभा क्षेत्रांतर्गत 24 ग्रामों में 26 वितरण ट्रांसफॉर्मर जले/खराब हैं। उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों से संबद्ध उपभोक्‍ताओं पर राशि रू. 19.94 लाख बकाया है। नियमानुसार बकाया राशि जमा नहीं किये जाने के कारण उक्‍त जले/खराब वितरण ट्रांसफॉर्मर बदलने हेतु अपात्र हैं। वितरण ट्रांसफॉर्मर के जलने/खराब होने के उपरान्‍त संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार विद्युत बिल की बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करने अथवा 50 प्रतिशत उपभोक्‍ताओं द्वारा बकाया राशि जमा करने पर, वितरण ट्रांसफॉर्मर को निर्धारित समय-सीमा में बदल दिया जाता है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के जले/ खराब वितरण ट्रांसफार्मरों को उनसे संबद्ध उपभोक्‍ताओं द्वारा नियमानुसार बकाया राशि जमा करने के उपरान्‍त पात्र होने पर बदला जाना संभव हो सकेगा। अत: उक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शासकीय आवास परिसरों की जानकारी

[लोक निर्माण]

55. ( क्र. 1233 ) श्री हेमंत कटारे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) भोपाल शहर के प्रोफेसर कालोनी में कुल कितने शासकीय आवास किस-किस संवर्ग के हैं एवं कितने शासकीय परिसर रेस्ट हाउस, कालेज आदि है जिनका संधारण लोक निर्माण विभाग करता है इसका कुल क्षेत्रफल (ऐरिया) कितने एकड़ में है। (ख) उक्त क्षेत्र शासकीय आवासों में विगत 3 वर्षों, 31 दिसम्‍बर 23 तक मरम्मत, नवीन कार्य, संधारण पर कितनी राशि व्यय की गई उक्‍त सभी भवनों का निर्माण किन वर्षों में किया गया। (ग) प्रोफेसर कॉलोनी क्षेत्र में कुल कितने हरे भरे पेड़ हैं पार्क हैं क्या इनका कोई आंकलन विभाग ने किया है यदि हाँ तो विवरण दें। (घ) क्‍या क्षेत्र के सभी शासकीय आवास वर्तमान में उपयोग में आ रहे हैं तथा सभी आवास भरे एवं उपयोगी हैं।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।                                                (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ग) जी नहीं है। गृह निर्माण मण्डल संभाग क्रमांक-3 भोपाल द्वारा कराये गये सर्वे अनुसार कुल 1010 वृक्ष है। जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-1 अनुसार है। (घ) प्रोफेसर कॉलोनी क्षेत्र के 15 रिक्त आवासों को छोड़कर सभी शासकीय आवास वर्तमान में उपयोग में आ रहे है तथा सभी आवास भरें एवं उपयोगी है।

परिशिष्ट - "तिरेपन"

नियम विरूद्ध की गई पदोन्‍नति व प्रभार दिये जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

56. ( क्र. 1249 ) डॉ. राजेन्‍द्र कुमार सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला मैहर अंतर्गत नगर परिषद रामनगर के मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री लालजी ताम्रकार की प्रथम नियुक्ति कब और किस पद पर की गई? (ख) मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्री लालजी ताम्रकार की प्रथम पदोन्नति कब और किस पद पर की गई?                                                (ग) क्या पद के अनुसार श्री लालजी ताम्रकार को नगर पालिका अधिकारी का प्रभार दिया जा सकता है। प्रभार दिया गया है तो किस नियम व किस सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया है बतावें? (घ) यदि उक्त पदोन्‍नति नियम विरूद्ध की गई है, तो दोषी अधिकारी के विरुद्ध क्या कार्यवाही की जायेगी हाँ तो कब तक नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) श्री लालजी ताम्रकार की प्रथम नियुक्ति अगस्‍त 1992 को दैनिक वेतन भोगी पर की गई थी एवं दिनांक 19.06.1997 को नगर परिषद् विजयराघवगढ़ जिला कटनी में दैनिक वेतन भोगी पद से राजस्व भृत्य के पद पर नियमितीकरण किया गया। (ख) श्री लालजी ताम्रकार की प्रथम पदोन्नति संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास जबलपुर संभाग जबलपुर (म.प्र.) में आयोजित जिला चयन समिति की बैठक दिनांक 06.01.2006 के अनुशंसानुसार सहायक राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति की गई, श्री लालजी ताम्रकार की द्वितीय पदोन्नति संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास जबलपुर संभाग जबलपुर में आयोजित जिला चयन समिति की बैठक 18.05.2015 के अनुशंसानुसार राजस्व उपनिरीक्षक के पद पर पदोन्नति की गई। (ग) जी हाँ। विभागीय मध्यप्रदेश राजपत्र (असाधारण) भोपाल दिनांक 10 अप्रैल 2015 की द्वितीय अनुसूची अनुसार मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी के केडर में आने वाले कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्य की सुविधा की दृष्टि से प्रभारी मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी, राजस्‍व उप निरीक्षक को प्रभारी मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी का प्रभार दिया जा सकता है। म.प्र. शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के आदेश क्रमांक एफ 1-56/2021/ 18-1, भोपाल, दिनांक 10/03/2021 द्वारा श्री लालजी ताम्रकारराजस्‍व उप निरीक्षक नगर परिषद, जैतहरी जिला अनुपपूर को प्रभारी मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी नगर परिषदन्‍यूरामनगर जिला सतना में पदस्‍थ किया गया है। जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) जी नहीं शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विद्युतिकरण की योजनायें

[ऊर्जा]

57. ( क्र. 1267 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मध्य प्रदेश में केंद्र सरकार द्वारा वर्तमान में आदिवासी ग्राम/गांव, मजरा, टोला, मोहल्ला के लिए विद्युतीकरण करने के लिए कौन-कौन सी योजना, कब-कब से चलाए जा रहे हैं? आदेश निर्देश की छायाप्रति देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार विधानसभा क्षेत्र पुष्पराजगढ़ में किन-किन ग्रामों/गांव, मजरा, टोला, मोहल्ला में विद्युतीकरण किया जा चुका है? नाम सहित जानकारी देवें कृपया हिंदी में देवें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) अनुसार विधानसभा क्षेत्र में प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने ग्राम/गांव, मजरा, टोला, मोहल्ला विद्युतीकरण करने के लिए शेष हैं? उनके नाम हिंदी में देवें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से असुरक्षित जनजा‍ति‍य समूहों की सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्‍याय महा अभियान (पी.एम.-जनमन) की शुरूआत की गई है। अभियान का उद्देश्‍य विशेष रूप से असुरक्षित जनजा‍ति‍य समूहों (पी.वी.टी.जी.) को उनके मूलभूत अधिकारों और उनकी बस्तियों को पूरी तरह से बुनियादी सुविधाएँ उपलब्‍ध कराना है। उक्‍त अभियान के अंतर्गत अन्‍य महत्‍वपूर्ण गतिविधियों के साथ पी.वी.टी.जी. समूहों की बस्तियों/घरों का विद्युतीकरण भी सम्मिलित है। प्रदेश की 3 जनजा‍ति‍यां, यथा-भारिया, बैगा एवं सहरिया, को पी.वी.टी.जी. समूह में शामिल किया गया है। पी.एम.-जनमन योजना के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजा‍ति‍य समूह के अविद्युतीकृत घरों के विद्युतीकरण हेतु नोडल एजेंसी पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पी.एफ.सी.), भारत सरकार के माध्‍यम से दिनांक 12.01.2024 को स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई है, जिसकी छायाप्रतिमय दिशा-निर्देश के  पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) पी.एम.-जनमन योजना अंतर्गत कार्यों की स्‍वीकृति नोडल एजेंसी पी.एफ.सी. से दिनांक 12.01.2024 को प्राप्‍त हुई है, अत: पुष्‍पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत योजना में चिन्हित 76 मजरों/टोलों के विद्युतीकरण के कार्य प्रारंभ/प्रगतिरत हैं, कोई कार्य पूर्ण नहीं हुआ है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार उक्‍त योजनान्‍तर्गत विधानसभा क्षेत्र पुष्‍पराजगढ़ के 76 मजरों/टोलों/मोहल्‍लों का विद्युतीकरण किया जाना प्रस्‍तावित है, जिनकी सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

बकाया बिल स्थगन की घोषणा

[ऊर्जा]

58. ( क्र. 1269 ) श्री फुन्‍देलाल सिंह मार्को : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या गत वर्ष चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ने 1 किलो वाट वाले घरेलू उपभोक्ताओं के अगस्त तक के बकाया बिल स्थगित करने की घोषणा की थी? (ख) यदि हाँ तो मुख्यमंत्री की घोषणा का विवरण उपलब्ध काराएं? (ग) प्रदेश की तीनों बिजली वितरण कंपनियां इन बकाया बिलों की वसूली कर रही है? (घ) यदि हाँ तो तीनों कंपनियां अलग-अलग कितने-कितने उपभोक्ताओं से कितनी-कितनी राशि और कितना सरचार्ज वसूल कर रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। (ख) प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित घोषणा क्रमांक-सी-2740, दिनांक 27/08/2023 के तारतम्‍य में विभाग के पत्र दिनांक 01/09/2023 द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं। जिसकी प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) एवं (घ) जी नहीं, अस्‍थगित की गई राशि की वसूली उपभोक्‍ताओं से नहीं की जा रही है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।

परिशिष्ट - "चउवन"

नगर पंचायतों में उन्नयन

[नगरीय विकास एवं आवास]

59. ( क्र. 1280 ) श्री चन्दरसिंह सिसौदिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि गरोठ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत माननीय मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम पंचायत बोलिया एवं ग्राम पंचायत गांधीसागर को नगर पंचायत में उन्नयन करने की घोषणा की गई थी। यदि हाँ तो क्या उक्त दोनों ग्राम पंचायतों का अधि‍सूचना जारी हो गई है, यदि नहीं तो क्या शासन इनका उन्नयन करेगा? यदि हाँ तो कब तक?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : जी हाँ। नगर परिषद गठन के संबंध में निर्धारित मापदण्‍ड पूर्ण न होने से माननीय राज्‍यपाल महोदय के आदेश से प्रस्‍ताव को अमान्‍य किये जाने से शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

 

मार्ग की स्‍वीकृति

[लोक निर्माण]

60. ( क्र. 1300 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भीकनगॉव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत अति महत्वपूर्ण मार्ग भीकनगॉव से झिरन्या वर्तमान में 3.75 मीटर चौड़ाई में निर्मित है, क्या उक्त मार्ग का चौड़ीकरण कर नवीन मार्ग स्वीकृति किया जा सकता है? हाँ तो कब तक स्वीकृति‍ प्रदाय की जायेगी तथा नहीं तो क्या कारण है? क्या वर्तमान में उक्त मार्ग की डी.पी.आर. स्वीकृति‍ हेतु विभाग भेजी गई है? हाँ तो उसकी क्या लागत और लम्बाई क्या है तथा किस स्तर पर स्वीकृति‍ हेतु लंबित है तथा क्या कारण हैं कि वर्तमान तक स्वीकृति‍ संभावित है? क्या पूर्व मुख्यमंत्री माननीय शिवराज सिंह चौहान द्वारा उक्त मार्ग निर्माण की स्वीकृति‍ हेतु घोषणा की गई थी? हाँ तो कब तक स्वीकृति‍ प्रदाय की जायेगी तथा यह भी बताये कि‍ उक्त मार्ग को कौन से मद अन्तर्गत स्वीकृति‍ हेतु प्रस्तावित है।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : जी हाँ। जी हाँ। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। शासन स्तर पर सक्षम समिति से अनुमोदन प्राप्त होना अपेक्षित है। जी हाँ। लागत राशि रू. 83.98 करोड़ एवं लंबाई 39.20 कि.मी.। शासन स्तर पर सक्षम समिति से अनुमोदन प्राप्त होने पर स्वीकृति जारी की जा सकेगी। वर्तमान में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं। जी नहीं। मांग संख्या 5139 में प्रस्तावित है।

विद्युतविहीन फाल्यों में बिजली उपलब्धता

[ऊर्जा]

61. ( क्र. 1301 ) श्रीमती झूमा डॉ. ध्यानसिंह सोलंकी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि भीकनगॉव विधानसभा क्षेत्रान्तर्गत ऐसे कितने फाल्यो/मंजरे है जिनमें वर्तमान तक सिंगल फेस बिजली उपलब्ध नहीं है? कृपया फाल्यों की सूची उपलब्ध करावें तथा यह भी बतायें उक्त फाल्यों/मंजरों में बिजली उपलब्ध कराने हेतु शासन की क्या योजना है? क्या उक्त फाल्यों के विद्युतीकरण हेतु उर्जा विभाग द्वारा डी.पी.आर. बनाई गई है? हाँ तो डी.पी.आर. अनुसार फाल्या संख्या एवं लागत की जानकारी क्या है तथा यह भी बतायें कि‍ कब तक उक्त फाल्यों में विद्युतीकरण किया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : भीकनगांव विधानसभा क्षेत्रान्‍तर्गत वर्तमान में वनक्षेत्रों में स्थित होने के कारण 53 फाल्‍ये/मजरे एवं पूर्व में लागू विद्युतीकरण योजनाओं के बंद होने के उपरांत निर्मित 141 फाल्‍ये/मजरे, इस प्रकार कुल 194 फाल्‍ये/मजरे विद्युत विहीन हैं, जिनकी सूची पुस्‍तकालय  में रखे परिशिष्ट  अनुसार है। उक्‍त फाल्‍यों/मजरों के विद्युतीकरण हेतु डी.पी.आर. नहीं बनाई गई है, अपितु उक्‍त 194 फाल्‍यों/मजरों के विद्युतीकरण के कार्य का सर्वेक्षण कराया गया है। भविष्‍य में वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप इनका विद्युतीकरण किया जा सकेगा। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

दैनिक वेतन भौगी को कलेक्टर दर पर भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

62. ( क्र. 1309 ) श्री चैन सिंह वरकड़े : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या प्रदेश के कार्यालय जिला शहरी विकास अभिकरणों में वर्ष 1992 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितने दैनिक वेतन भोगी कार्यरत है जिलेवार जानकारी प्रदान करें? क्या जिला शहरी विकास अभिकरण में कार्यरत दैनिक वेतन भोगी जो कलेक्टर दर पर कार्यरत है, क्या उन्हें समयसमय पर कलेक्टर दर में वृद्धि होने वाले कलेक्टर दर से वेतन भुगतान किया जा रहा है, अगर नहीं किया जा रहा है तो क्या कारण है? इसके लिये जिम्मेदार अधिकारी/कर्मचारी पर जिला प्रशासन द्वारा क्या कार्यवाही की गई। (ख) क्या मण्डला जिले अंतर्गत नगरीय निकाय क्रमश: नगर पालिका परिषद, मण्डला/नैनपुर एवं नगर परिषद, निवास/बम्हनी बंजर/भुआ बिछिया में कुल कितने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत हैं, क्या इन्हें वर्तमान में जारी कलेक्टर दर से वेतन भुगतान किया जा रहा है यदि नवीन कलेक्टर दर से वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है तो जिला प्रशासन द्वारा इसके लिए जिम्मे‍दार अधिकारी/कर्मचारी पर क्या कार्यवाही की गई, उपरोक्त संलग्न निर्धारित प्रपत्र में जानकारी उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संकलित की जा रही है। (ख) मण्‍डला जिले में क्रमश: नगर पालिका मण्‍डला में 234, नगर पालिका नैनपुर में 136, नगर परिषद, निवास में 46, नगर परिषद, बम्‍हीबंजर में 49 एवं नगर परिषद, भुआबिछिया में 56 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी कार्यरत है। जी हां, समय-समय पर जारी नवीन कलेक्‍टर दर से वेतन/ परिश्रामिक का भुगतान किया जाता है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता

[ऊर्जा]

63. ( क्र. 1312 ) श्री नारायण पटेल : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                                                                           (क) प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र में स्थित संत सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना दोंगालिया में परियोजना से भूमि प्रभावित परिवार के एक पात्र सदस्य को भर्ती प्रक्रिया में पात्र सदस्य के रूप में नौकरी प्रदान करने का प्रावधान था? (ख) प्रश्‍नांश (क) में दर्शित परियोजना में भूमि प्रभावित परिवार के एक पात्र सदस्य को स्थाई नौकरी दिलाये जाने के संबंध में कोई कदम उठाये जा रहे है? यदि हाँ वह कब तक प्रभावी हो सकेंगे? (ग) परियोजना से भूमि प्रभावित परिवार को तत्कालिक समय में भूमि अधिग्रहित कर अनुदान प्रदान किया गया था। उस समय, उस परिवार के नाबालिग सदस्य जो वर्तमान में वांछित शैक्षणिक योग्यता रखता है, उन्हें भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दिए जाने संबंधी कोई प्रावधान है तथा ऐसे पात्र प्रभावित परिवार के सदस्य जिन्हें अनुदान नहीं दिया गया उन्हें भी भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता प्रदान की जावेगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी के अंतर्गत श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना सहित सभी नवीन परियोजनाओं में भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास हेतु कंपनी द्वारा जारी नीति के तहत, प्रभावित परिवारों को प्रारंभिक अवधि में नये स्‍थान पर स्‍वरोजगार हेतु प्रशिक्षण या प्रत्‍येक प्रभावित परिवार के किसी भी एक सदस्‍य को कंपनी में रोजगार हेतु प्राथमिकता पर इस शर्त के साथ अवसर प्रदान किये जाने का प्रावधान है, कि रिक्तियां उपलब्‍ध हो तथा वे रोजगार के लिये आवश्‍यक अहर्ता एवं पात्रता रखते हों। अधिग्रहित भूमि के बदले प्रत्‍येक प्रभावित परिवार, जिसका भूमि अर्जन किया जाना शामिल है, को कृषि भूमि या रोजगार मुहैया न कराने के एवज में राष्‍ट्रीय पुनर्वास नीति 2007 के अध्‍याय 7 की कंडिका 7.14 के अनुसार 750 दिनों की न्‍यूनतम कृषि मजदूरी के बराबर पुनर्वास अनुदान दिए जाने का भी प्रावधान है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित प्रावधानों में से, अधिग्रहित भूमि के बदले प्रत्‍येक प्रभावित परिवार जिसका भूमि अर्जन किया जाना शामिल है, को कृषि भूमि या रोजगार मुहैया न कराने के एवज में राष्‍ट्रीय पुनर्वास नीति 2007 के अध्‍याय 7 की कंडिका 7.14 के अनुसार 750 दिनों की न्‍यूनतम कृषि मजदूरी के बराबर पुनर्वास अनुदान के प्रावधान अनुसार प्रभावित परिवार के पात्र सदस्‍यों को पुनर्वास अनुदान का भुगतान कर दिया गया है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।  (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित पुनर्वास नीति के प्रावधान के अधीन सभी प्रभावित परिवारों को पुनर्वास अनुदान का भुगतान कर दिया गया है। अत: अन्‍य कोई कार्यवाही अपेक्षित नहीं है। म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी में भर्ती, म.प्र. शासन एवं कंपनी के प्रचलित नियमानुसार ही की जा सकेगी।

पिपरिया से बरेली तक फोर लेन मार्ग का निर्माण

[लोक निर्माण]

64. ( क्र. 1321 ) श्री ठाकुर दास नागवंशी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या पिपरिया से बरेली मार्ग वर्तमान में फोरलेन कनेक्टिविटी से वंचित हैं? (ख) क्या पिपरिया से बरेली तक फोरलेन मार्ग का निर्माण कराये जाने हेतु इस कार्य को बजट में शामिल किया जा चुका हैं। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) का उत्तर यदि हां हैं तो क्या इस मार्ग के निर्माण हेतु टेंडर आहूत किये जा चुके हैं यदि हाँ तो इस मार्ग का निर्माण कार्य कब तक प्रारंभ कर लिया जावेगा बतायें नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। बरेली-पिपरिया मार्ग का एक छोर बरेली से फारेलेन से जुड़ा है। दुसरा छोर पिपरिया, फोरलेन से नहीं जुड़ा है। (ख) जी नहीं। (ग) जी नहीं। वर्तमान में किसी योजना में सम्मिलित नहीं है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सेतु ब्रिज कॉर्पोरेशन के कार्यों की प्रगति

[लोक निर्माण]

65. ( क्र. 1330 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में सेतु ब्रिज कारपोरेशन के बड़वानी जिले में कुल कितने कार्य प्रगति रथ हैं प्रगतिरत कार्यों का स्थान, उनकी डी.पी.आर. उनके टेंडर वर्क आर्डर और प्रश्‍न दिनांक तक उन पर किए गए व्यय की जानकारी उपलब्ध करावें? सेंधवा विधान सभा की जानकारी पृथक से देवें? (ख) विधानसभा सेंधवा में स्वीकृत कार्यों में से कुल कितने कार्य प्रगतिरत है कुल कितने पूर्ण हो चुके हैं और कितने प्रारंभ है और कितने कार्य बीच में ही रुके हुए हैं प्रत्येक कार्य की पृथक-पृथक रिपोर्ट कारण सहित प्रमुख अभियंता के काउंटर हस्ताक्षर से उपलब्ध करावें? (ग) विगत 5 वर्षों में विधानसभा सेंधवा में अनुबंध के अनुसार कार्य न करने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार क्या कार्यवाही की गई है कृत कार्यवाही का प्रतिवेदन देवें? (घ) विधानसभा सेंधवा में स्वीकृत कार्यों की तकनीकी प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति आदेश की छायाप्रति उपलब्ध करावें?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। सेंधवा विधानसभा की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब, 'अ-1', 'ब-1' एवं 'अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-स अनुसार है। अनुबंध संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-2 एवं 3 अनुसार है।

आनंदम हॉस्पिटल सेंधवा की निर्माण अनुमति की जांच

[नगरीय विकास एवं आवास]

66. ( क्र. 1334 ) श्री मोंटू सोलंकी : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सेंधवा नगर पालिका में पुराने ab रोड पर स्थित आनंदम हॉस्पिटल की भवन निर्माण अनुमति की छायाप्रति देवें एवं भूमि स्वामी द्वारा भवन निर्माण अनुमति हेतु नगर पालिका सेंधवा में प्रस्तुत फाइल की छायाप्रति देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में जारी की गई भवन निर्माण अनुमति में जारीकर्ता अधिकारी का नाम, पदनाम बताओं एवं वर्तमान सीएमपी हॉस्पिटल का भौतिक निरीक्षण कर बताओं की क्या नियमानुसार बिल्डिंग की compunding की गई है और 40 प्रतिशत क्षेत्र रिक्त रखा गया है या नहीं? (ग) अस्पताल के संचालन एवं प्रबंधन में सेवा प्रदाता के रूप में जिन सेवाओं का प्रदाय नगर पालिका सेंधवा के द्वारा किया जा रहा है उन सेवाओं के बदले अस्पताल के द्वारा नियमित शुल्क जमा किया जा रहा है या नहीं हाँ तो शुल्क के रसीद देवें नहीं तो क्यों नहीं?                                                        (घ) क्या हॉस्पिटल के पास नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड का अनापत्ति अनुज्ञा प्रमाण-पत्र है या नहीं है तो छायाप्रति देवें? (ड.) आपात स्थिति में अस्पताल के पास समस्त आवश्यक संसाधन उपलब्ध है या नहीं नगर पालिका समस्त आवश्यक संसाधन का फोटो युक्त प्रतिवेदन देवें?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भवन निर्माण अनुमति एवं प्रकरण की जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) (1) श्री नरेन्द्र कुमार गोले, तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी, न.पा. सेधवा व्दारा आनंदम हास्पिटल सेंधवा को भवन निर्माण अनुमति जारी की गई है। (2) श्री रूपसिंग सोलंकी, तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी न.पा. सेंधवा द्वारा हास्पिटल के तृतीय तल के निर्माण की अनुमति जारी की गई है। (3) आनंदम हास्पिटल का भौतिक सत्यापन किया गया जिसमे नियमानुसार बिल्डिंग की कम्पाउडिंग की गई होकर 40 प्रतिशत क्षेत्र रिक्त रखा गया है। जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) हां शुल्क जमा किया जा रहा है जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (घ) प्रदूषण नियंत्रण मण्डल की अनापत्ति प्रमाण-पत्र हॉस्पिटल द्वारा प्राप्त की गई है जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ड.) फायर एनओसी एवं फोटोग्राफ्स जानकारी पुस्‍तकालय रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

लंबित प्रकरणों की जानकारी

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

67. ( क्र. 1336 ) श्री विपीन जैन : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विंड एनर्जी, सोलर एनर्जी उत्पादन हेतु कहां-कहां पर पंखे, सयंत्र, केंद्र, इकाइयां किस-किस कंपनी/फर्म द्वारा स्थापित किये गए हैं शासन से उनकी अनुबंध की प्रति देवें। (ख) इनकी स्थापना किन-किन शासकीय भूमि पर किसके आदेश से, किस सर्वे क्रमांक पर और निजी व्यक्तियों की भूमि पर की गई हैं? वर्षवार विवरण देवें। (ग) प्रश्‍न अवधि में इनके विरुद्ध जमीन और अन्य विवादों को लेकर कितनी शिकायतें/प्रकरण/ज्ञापन और सी.एम. हेल्पलाइन प्राप्त हुई है क्या सभी का निराकरण समय-सीमा में कर दिया गया है? लंबित प्रकरणों की सूची देवें। (घ) उनकी सुरक्षा/मेंटेनेंस का कार्य किस फर्म/एजेंसी/कंपनी द्वारा किया जा रहा है इनमे कार्यरत कर्मचारियों की सूची वेतन, योग्यता, नाम, पते, होने वाला कटौत्रा सहित देवें। (ड.) विभाग अंतर्गत और कितने कार्य आगामी समय हेतु प्रस्तावित, निर्माणाधीन, प्रक्रियाधीन हैं?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्‍ला ) : (क) जनवरी 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक मंदसौर जिले में स्‍थापित नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) परियोजना स्‍थापना की भूमि संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) जमीन तथा अन्‍य बिन्‍दुओं के संबंध में वर्तमान में लंबित प्रकरणों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (घ) सभी परियोजनाओं कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-द अनुसार है। वेतन, योग्‍यता आदि विभाग द्वारा संबंधित नहीं है। (ड.) नवकरणीय ऊर्जा की संभावना को दृष्टिगत विकासकों द्वारा रूचि‍ दिखाये जाने के अनुसार परियोजनाएं चयनित होकर क्रियान्वित किया जाना है।

सड़कों की निर्माण

[लोक निर्माण]

68. ( क्र. 1337 ) श्री विपीन जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                (क) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभाग द्वारा जनवरी 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन सी सड़कें किस मद से, कब-कब स्वीकृत हुई है इनकी लागत, लंबाई, निर्माणकर्ता ठेकेदार/फर्म/कंपनी, किया गया अनुबंध की जानकारी वर्षवार देवें? (ख) प्रश्‍नांश में उल्लेखित सड़कों की गुणवत्ता जांच किस स्तर के अधिकारी द्वारा कब-कब की गई, इनमें क्या कमिया पाई गयी विवरण देवें इस हेतु संबंधित को दिए गए नोटिसों की प्रमाणित छायाप्रति देवें निर्माण कार्यों में प्रयुक्त सामग्रियों की क्‍वालिटी, क्‍वांनटिटी हेतु लेब टेस्टिंग के प्रतियां उपलब्ध करायें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित सड़क निर्माण कार्य में से कितने अपूर्ण, प्रगतिरत और अप्रारंभ है सड़क निर्माण के अपूर्णता के क्या कारण हैं अपूर्ण कार्य निर्माण में कुल लागत में से कितना भुगतान संबंधित को कर दिया गया है? (घ) क्षेत्र अंतर्गत कितनी सड़कों के निर्माण कार्यों के प्रस्ताव तैयार है कितनी सड़कों की निविदा प्रचलन में है कितने की निविदा लगा शेष है? (ड.) प्रश्‍न अवधि में स्वीकृत सड़कों कि मेंटेनेंस अवधि के पश्चात कितनी सड़को की मरम्मत/जीर्णोद्धार हेतु राशि शासन से प्राप्त हुई है उक्त राशि से कार्य किसके द्वारा, किस प्रक्रिया के तहत किया गया है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। लेब टेस्ट की प्रमाणित प्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ के स्तम्भ 11, 12 एवं 13 अनुसार है। (घ) मंदसौर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कोई भी निर्माण कार्य प्रस्तावित नहीं है। स्वीकृत कार्यों की कोई निविदा शेष नहीं है। (ड.) प्रश्‍न अवधि में स्वीकृत सड़के जो पूर्ण हो चुकी है सभी परफॉरमेंस गारंटी के अंतर्गत है। सड़कों की मरम्मत/जीर्णोद्धार हेतु शासन से कोई राशि स्‍वीकृत नहीं की गई हैशेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

नवीन सड़कों एवं पुल/पुलियाओं का निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

69. ( क्र. 1341 ) श्री रामनिवास रावत : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) माह जनवरी 2024 की स्थिति में श्योपुर जिले में कौन-कौन सी नवीन सड़कों एवं पुल/पुलियाओं के निर्माण कार्य के प्रस्ताव स्वीकृति हेतु किस स्तर पर कब से एवं किस कारण से लंबित है? विकासखण्‍डवार जानकारी दें। (ख) श्योपुर जिले में कौन-कौन सी नवीन सड़कों एवं पुल/पुलियाओं के निर्माण कार्य किस-किस योजना के तहत, कितनी-कितनी राशि के कब-कब से स्वीकृत है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में स्वीकृत कार्यों में से कौन-कौन से निर्माण कार्य कब प्रारंभ किये गए एवं कौन-कौन से किस कारण से नहीं? उक्त स्वीकृत कार्यों को पूर्ण करने हेतु समय-सीमा क्या-क्या निर्धारित की गयी है? अप्रारम्भ कार्यों को कब तक प्रारंभ कराकर पूर्ण करा दिया जावेगा? (घ) क्या मुरैना जिले के सबलगढ़ से श्यामपुर तक के लगभग 60 कि.मी. सड़क मार्ग को चौड़ीकरण (two lane) किया जाना प्रस्तावित हैं? यदि हाँ तो कब तक निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जावेगा? यदि नहीं तो क्या आवागमन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग को किसी योजनान्तर्गत स्वीकृत करने की शासन योजना है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (ख) अनुसार। (घ) जी हां, मुरैना जिले के श्यामपुर से सबलगढ़ मार्ग का उन्नयनीकरण एवं चौड़ीकरण कार्य वित्तीय वर्ष 2023-24 में प्रस्तावित है। कार्य की दिनांक 10.01.2024 को एस.एफ.सी. मीटिंग सम्पन्न हो चुकी है। स्वीकृति आदेश जारी होने पर निविदा आमंत्रण के पश्चात् कार्य प्रारम्भ किया जा सकेगा। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ताप विद्युत गृहों का वार्षिक पी.यू.एफ./पी.एल.एफ.

[ऊर्जा]

70. ( क्र. 1343 ) श्री रामनिवास रावत : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                      (क) मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सभी ताप विद्युत गृहों का वार्षिक पी.एल.एफ. वर्ष 2018-19 से वर्ष 2022-23 तक वर्षवार बतावें एवं अप्रैल 2023 से जनवरी 2024 तक माहवार विद्युत गृहवार विद्युत उत्पादन मिलियन यूनिट में एवं पी.एल.एफ. बतावें साथ ही ताप विद्युत गृहों का औसत माहवार एवं जनवरी 2024 तक की पी.एल.एफ. बतावें? (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार अवधि में म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के समस्‍त ताप विद्युत गृहों में बिजली उत्पादन हेतु कुल कितना कोयला खपत हुआ? प्रति विद्युत इकाई निर्माण में कोयला खपत हुआ एवं कितना विद्युत उत्‍पादन मिलियन यूनिट में हुआ? वर्षवार जानकारी देवें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) एवं (ख) म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के सभी ताप विद्युत गृहों का वर्ष 2018-19 से वर्ष 2022-23 तक विद्युत गृहवार, वर्षवार पी.एल.एफ., समस्‍त ताप विद्युत गृहों में बिजली उत्‍पादन हेतु कोयले की खपत, प्रति विद्युत इकाई के उत्‍पादन में कोयला खपत तथा विद्युत उत्‍पादन (मिलियन यूनिट में) की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है। अप्रैल, 2023 से जनवरी, 2024 तक विद्युत गृहवार, माहवार पी.एल.एफ., विद्युत उत्‍पादन (मिलियन यूनिट में) एवं समस्‍त ताप विद्युत गृहों का औसत माहवार पी.एल.एफ. तथा विद्युत उत्‍पादन संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अनुसार है।

परिशिष्ट - "पचपन"

विद्युत पोलों पर जिंक प्राइमर से पुताई

[ऊर्जा]

71. ( क्र. 1344 ) श्रीमती निर्मला सप्रे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                          (क) सागर जिले में म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी (शहर/ग्रामीण) द्वारा कितने 33 एवं 11 के.व्‍ही. विद्युत पोलों का संधारण किया जा रहा है, जिले में वितरण केन्‍द्रवार संख्यात्मक जानकारी बतावें? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित विद्युत पोलों में ऐसे कितने पोल है, जिन पर जिंक प्राइमर से पुताई नहीं कराये जाने से जंग खा रहे है? जिंक प्राइमर से पुताई नहीं कराए जाने से विद्युत पोलों की गुणवत्ता कम हो रही है या नही? यदि हाँ तो पोलों पर जिंक प्राइमर से पुताई करने का प्रावधान कम्पनी के पास है या नही? जिले में वितरण केन्‍द्रवार संख्यात्मक जानकारी बतावें? (ग) प्रश्‍नांश (ख) का उत्तर हाँ तो कब तक जंग खा रहे विद्युत पोलों पर जिंक प्राइमर से पुताई कराई जावेगी? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो कारण बतावें? (घ) बीना विकासखंड में कृषि उपयोगी हेतु विद्युत प्रदाय में वितरण ट्रांसफार्मर क्षमता एवं कृषक उपभोक्ता के भार का अनुपात उपलब्ध कराएँ।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सागर जिले में स्‍थापित 33 एवं 11 के.व्‍ही. के कुल 265900 पी.सी.सी.पोलों एवं 18835 आयरन पोलों के संधारण का कार्य किया जा रहा है, वितरण केन्‍द्रवार संख्‍यात्‍मक जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) विद्युत लाईनों में आई.एस.आई.मार्क स्‍टेण्‍डर्ड एवं निर्धारित गुणवत्‍ता मानकों के अनुरूप प्रमाणिक आयरन पोल ही लगाए जाते हैं। ऐसे पोलों में जिंक प्राइमर किये जाने की आवश्‍यकता नहीं होती है। आयरन पोलों पर जंग दिखाई देती है लेकिन इससे पोल की गुणवत्‍ता कम नहीं होती है एवं पोल क्षतिग्रस्‍त भी नहीं होते हैं। उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित पोलों पर जिंक प्राइमर नहीं होने संबंधी वितरण केन्‍द्रवार संख्‍यात्‍मक जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है।                                           (ग) उत्‍तरांश (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) बीना विकासखंड में कृषि कार्य हेतु 11 नंबर, 11 के.व्‍ही. कृषि फीडर विद्यमान हैं। इन 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों पर कुल 686 वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित हैं जिनकी कुल क्षमता 21657 किलोवाट है। इन कृषि फीडरों पर 2744 कृषि उपभोक्‍ता विद्यमान हैं जिनका कुल संबद्ध भार 8476.62 किलोवाट है।

परिशिष्ट - "छप्पन"

नगर निगम भोपाल में संबल घोटाला की जाँच

[नगरीय विकास एवं आवास]

72. ( क्र. 1345 ) श्रीमती निर्मला सप्रे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर निगम भोपाल में संबल घोटाले में किन-किन अधिकारियों व कर्मचारियों पर निलम्बन व शास्ति अधिरोपित करने की कार्यवाही की गई? आदेश की प्रति उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित निलम्बित हुए अधिकारी व कर्मचारियों की वर्तमान में विभागीय जांच की क्या स्थिति है? जांचकर्ता एवं प्रस्तुतकर्ता अधिकारी का नाम बतावें। क्या इन निलम्बित अधिकारी व कर्मचारियों को निलम्बन से बहाल कर उन्हीं जोन (निलम्बन के समय जिस जोन में पदस्थ थे) में जांच प्रभावित करने हेतु पदस्थ कर दिया गया है। यदि हाँ तो दोषी अधिकारी का नाम बताते हुए उक्त अधिकारी व कर्मचारियों को अन्य जोन में पदस्थ करने की कार्यवाही की जावेगी या नहीं? (ग) क्या निगम के अधिकारियों द्वारा 4 जोनों की कुल 90 फाइले संदिग्ध मानी गई थी, इनमें से कितने फाइलों की जांच की गई, कितनी फाईले जांच हेतु शेष, शेष की जांच न करने के लिए कौन अधिकारी जिम्मेदार है, कब तक जांच पूर्ण होगी? समय-सीमा बतावें। 4 जोनों के अतिरिक्त अन्य जोनो की फाइलों की जांच कब तक प्रारंभ की जावेगी? संदिग्ध 90 फाइलों की छायाप्रति उपलब्ध करावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ग) नगर पालिक निगम, भोपाल द्वारा संबल घोटाले में किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के विरूद्ध निलंबन एवं शास्ति अधिरोपित करने की कार्यवाही नहीं की गई है।

फीडर की जानकारी

[ऊर्जा]

73. ( क्र. 1348 ) श्री प्रदीप लारिया : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                                      (क) म.प्र.वि.वि.कं.लि. सागर कार्यालय एवं फीडर कार्यालय में नरयावली विधान सभा क्षेत्र के कौन-कौन से ग्राम संलग्न है कार्यालय में संलग्न ग्रामों के नामों की जानकारी देवें। (ख) विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कानोनी, सेवारा, गढ़ौली कला, मोठी, रानीपुरा, खजुरिया, सेमराहाट, बरखेरा खुमान, देवरी, पिपरिया खंगार, डाबरी, धोहा, मेहर, हनौता दुगाहा, खैजरा आदि ग्राम कार्यालय कार्यपालन यंत्री म.प्र.वि.वि.कं.लि. बांदरी एवं नगर परिषद् कर्रापुर के 15 वार्ड एवं ग्राम पड़रिया, सानौधा आदि ग्राम कार्यालय कार्यपालन यंत्री म.प्र.वि.वि.कं.लि. बंडा में संलग्न है? यदि हाँ तो क्या उक्त कार्यालय अन्य तहसील एवं विधानसभा में आते है? (ग) प्रश्‍नांश (ख) में उल्लेखित ग्राम विधानसभा क्षेत्र नरयावली में स्थित विद्युत मंडल के कार्यालय/फीडर में संलग्न करने के लिये विभाग द्वारा कोई कार्यवाही की जा रही है?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के संचालन/ संधारण वृत्‍त, सागर के क्षेत्रांतर्गत संचालन/संधारण संभाग-खुरई, संचालन/संधारण संभाग-बण्‍डा, नगर संभाग- सागर एवं संचालन/संधारण संभाग-सागर अंतर्गत नरयावली विधानसभा क्षेत्र के क्रमश: 18, 13, 02 एवं 138 ग्राम आते हैं, ग्रामों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। संचारण-संधारण वृत्‍त, सागर के अंतर्गत फीडर कार्यालय नाम का कोई कार्यालय नहीं है। (ख) नरयावली विधानसभा क्षेत्र के प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित ग्रामों सहित कुल 18 ग्राम संचालन/संधारण संभाग- खुरई के वितरण केन्‍द्र बांदरी अंतर्गत तथा प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित ग्रामों सहित कुल 13 ग्राम संचालन/संधारण संभाग- बण्‍डा के वितरण केन्‍द्र कर्रापुर अंतर्गत आते है। जी हाँ। (ग) उत्‍तरांश (ख) में उल्‍लेखित नरयावली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम भौगोलिक स्थिति के अनुसार समीपस्‍थ वितरण केन्‍द्रों से संबद्ध हैं। अत: तकनीकी रूप से साध्‍य नहीं होने के कारण प्रश्‍नाधीन उल्‍लेखित अन्‍य कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।

स्मार्ट सिटी परियोजना द्वारा कराये गये कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

74. ( क्र. 1351 ) श्री प्रदीप लारिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला सागर अंतर्गत सागर नगर, मकरोनिया एवं अन्य स्थानों पर विकास हेतु कौन-कौन से कार्य सम्मिलित किये थे? कार्य के नाम, लागत एवं कार्य अवधि सहित जानकारी देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में वर्णित कार्यों में कितने कार्य प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण हुये है कितने कार्य अपूर्ण है? (ग) अपूर्ण कार्यों को कब तक पूर्ण किया जायेगा एवं कार्य विलंब होने पर कार्य एजेंसी पर विभाग द्वारा क्या कार्यवाही की गई?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड अंतर्गत कुल 74 कार्यों को सम्मिलित किया गया। कार्यों के नाम, लागत एवं कार्य अवधि सहित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ख) पूर्ण कराये गये कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। प्रगतिरत/अपूर्ण कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) प्रगतिरत/अपूर्ण कार्यों के पूर्ण होने की संभावित दिनांक एवं कार्य विलंब होने पर कार्य एजेंसी पर की गई कार्यवाही का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

नगर परिषदों के द्वारा क्रय की गई सामग्री

[नगरीय विकास एवं आवास]

75. ( क्र. 1352 ) श्री अनिल जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) निवाड़ी जिले की समस्त नगर परिषदों के द्वारा दिनाँक 01 अप्रैल, 2018 से प्रश्‍न दिनाँक तक क्या-क्या सामग्री किन-किन मदों से क्रय की गई? (ख) क्या क्रय की गई सामग्री को क्रय करते समय शासन के नियमों का पालन किया गया है? (ग) क्या प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में क्रय की गई सामग्री की गुणवत्ता की वैधता, स्वीकृति का आधार एवं भुगतान का भौतिक सत्यापन सक्षम अधिकारी द्वारा किया गया है? यदि हाँ तो संपूर्ण जानकारी देवें

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

डिवाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी द्वारा किये गये अनुबंधों की जानकारी

[लोक निर्माण]

76. ( क्र. 1355 ) श्री अनिल जैन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                  (क) लोक निर्माण विभाग टीकमगढ़ अंतर्गत वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक डिवाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी टीकमगढ़ ने क्या-क्या कार्य किये? कार्य आदेशों की प्रतियां उपलब्ध कराये (ख) वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक डिवाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी टीकमगढ़ द्वारा किये गये व्यय हेतु संधारित कैश बुक की तथा कराये गये कार्यों में उपयोग की गई माप पुस्तिकाओं की सत्यापित प्रतियां उपलब्ध कराये? (ग) वर्ष 2019-20 से प्रश्‍न दिनांक तक कुल कितनी राशि की पूर्णक स्वीकृति डिवाइन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी के अनुबंध पर स्वीकृत की गई? (घ) पूर्णक स्वीकृति प्रदान करने हेतु किस स्तर के विभागीय अधिकारी को कितनी राशि तक की स्वीकृति के अधिकार शासन द्वारा देय है?                                               (ड.) प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) अनुरूप नियम विरूद्ध तरीके से पूर्णक स्वीकृतियां प्रदान कर शासन को क्षति पहुंचाने वाले दोषी अधिकारियों पर कब तक और क्या कार्यवाही की जावेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', 'अ-2' एवं परिशिष्‍ट-1, 2, 3, 4 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं परिशिष्‍ट-5, 6, 7, 8, 9, 10 अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसार है। (घ) निर्माण कार्यों में अनुबंधित राशि का 10 प्रतिशत तक पूरक कार्य स्वीकृति के अधिकार मुख्य अभियंता को प्रदत्त है। अर्थवर्क की वेरियेशन स्थिति में यह सीमा 30 प्रतिशत तक मुख्य अभियंता के पश्‍चात प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृत किये जाते है। म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-11 एवं पी.आई.यू. अंतर्गत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-12 अनुसार है। (ड.) प्रश्‍नांश (ग) एवं (घ) के परिप्रेक्ष्य में निर्देशानुसार मुख्य अभियंता लोक निर्माण विभाग सागर परिक्षेत्र द्वारा नियम विरूद्ध स्वीकृति प्रदान करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कारण बताओं सूचना पत्र जारी किया गया है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-13 अनुसार है।

प्रदेश में ऊर्जा स्त्रोतों की स्थिति

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

77. ( क्र. 1357 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा स्रोतों के माध्यम से कहां-कहां और कितनी-कितनी क्षमता की विद्युत का उत्पादन हो रहा है तथा इसके वितरण की क्या स्थिति है? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) में प्रश्‍नांश सभी इकाइयां चालू स्थिति में है यदि नहीं तो बंद की स्थिति एवं कारण बताएं? (ग) क्या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सीधी में खाली पड़ी बंजर जमीनों का भी उपयोग सोलर प्लांट या अन्य स्रोतों के रूप में किया जा सकता है हाँ तो यदि कोई योजना प्रस्तावित हो तो विवरण दें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्‍ला ) : (क) प्रदेश में नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा स्‍त्रोतों से उत्‍पादन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। ऊर्जा स्‍त्रोत वितरण ग्रिड से संभावित है, जिसके माध्‍यम से वितरण होता है। (ख) प्रश्‍नांश (क) के संबंध में किसी ईकाई का बंद होना प्रतिवेदित नहीं है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।। (ग) विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र सीधी में खाली पडी बंजर जमीनों का उपयोग कुसुम'', कुसुम'' आदि योजनाओं, सोलर प्‍लांट की स्‍थापना हेतु उपयोग किया जा सकता है।

विद्युतीकरण का नियमन एवं विस्तारण

[ऊर्जा]

78. ( क्र. 1359 ) श्रीमती रीती पाठक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                           (क) रीवा संभाग अंतर्गत सीधी एवं सिंगरौली जिले सहित मध्‍यप्रदेश शासन की स्‍वामित्‍व वाली म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी की कितनी एवं कहां-कहां विद्युत उत्पादन इकाइयां स्थापित है? इकाईवार उत्पादन क्षमता एवं सी.एस.आर. फंड वितरण व्यवस्था की जानकारी दें? (ख) प्रश्‍नांश (क) में प्रश्‍नांकित इकाइयां में कार्यरत कर्मचारियों/अधिकारियों की विद्युत गृहवार संख्‍यात्‍मक जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में प्रश्‍नांकित इकाइयों को स्थापित करने में उपयोग की गई जमीनों के सभी भू-मालिकों को रोजगार/मुआवजा उपलब्ध करा दिया गया है यदि नहीं तो कहां-कहां शेष है?                                     (घ) सीधी जिले में सौभाग्य योजना किन-किन संविदाकारो द्वारा मुख्‍यत: क्या-क्या कार्य किया गया है इस योजना के संबंध में जिले की प्राप्त शिकायतों का क्या निराकरण किया गया है कौन सी शिकायतें लंबित है? (ङ) विधानसभा क्षेत्र सीधी में कौन-कौन से चिन्हित मजरे/टोले अभी तक विद्युत विहीन हैं? इनका विद्युतीकरण कब तक करा दिया जायेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) रीवा संभाग अंतर्गत म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के तीन जल विद्युत गृहों की कुल सात विद्युत उत्‍पादन इकाइयां स्‍थापित है, जिनकी क्षमता एवं स्‍थान की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड में सी.एस.आर अंतर्गत फंड की वितरण व्‍यवस्‍था कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 में निहित प्रावधानानुसार है। उक्‍त के तहत की जाने वाली गतिविधियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित विद्युत उत्‍पादन इकाइयों में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों की विद्युत गृहवार संख्‍यात्‍मक जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ग) उपरोक्‍त विद्युत उत्‍पादन इकाइयों की स्‍थापना हेतु उपयोग की गई भूमि के सभी भू-स्‍वामियों को मुआवजा दिया जा चुका है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (घ) जिला सीधी में सौभाग्‍य योजनांतर्गत विभिन्‍न संविदाकारों द्वारा किये गये कार्यों की स्‍थानवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। योजनान्‍तर्गत प्राप्‍त अनियमितताओं की शिकायतों के जांचोपरांत संबंधित ठेकेदारों से कुल राशि रूपये 949.69 लाख की वसूली प्रस्‍तावित की गई थी, जिसे पूर्णत: वसूला जा चुका है। उक्‍त के अतिरिक्‍त 22 कार्मिकों पर विभागीय जांच संस्थित की गई है, जिनमें से 02 कार्मिकों पर जांच उपरांत शास्ति अधिरोपित की गई है एवं 02 कार्मिकों के मृत होने पर नियमानुसार जांच कार्यवाही यथा स्थिति में समाप्‍त की गई है तथा 18 कार्मिकों के विरूद्ध जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ड.) विधानसभा क्षेत्र सीधी क्षेत्रांतर्गत कुल 102 मजरे/टोले अविद्युतीकृत/आंशिक विद्युतीकृत हैं। उक्‍त 102 मजरों/टोलों में से 39 मजरों/टोलों के 486 घरों के विद्युतीकरण का कार्य प्रधानमंत्री जनमन योजनांतर्गत सितम्‍बर, 2024 तक पूर्ण किया जाना संभावित है तथा शेष 63 मजरों/टोलों के 2709 घरों के विद्युतीकरण के कार्य वित्‍तीय एवं तकनीकी साध्‍यता अनुसार वित्‍तीय उपलब्‍धता के अनुरूप किये जा सकेंगे, जिस हेतु निर्धारित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। उपरोक्‍त मजरों/टोलों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'एवं 'अनुसार है।

निविदाकारों के लंबित भुगतान

[लोक निर्माण]

79. ( क्र. 1362 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या वित्त वर्ष 2022-23 में कार्यालय कलेक्टर अनुसूचित जाति जनजाति कार्य विभाग कटनी के आदेश पर आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित छात्रावासों एवं आश्रम की मरम्मत का कार्य 91.78 लाख रुपए की लागत से कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग भ/स कटनी संभाग कटनी द्वारा निविदाकारों के माध्यम से पूर्ण कराया गया है? (ख) प्रश्‍नांश (क) के उत्तर में यदि हाँ तो क्या उपरोक्त उल्लेखित मरम्मत कार्य का आवंटन संयुक्त संचालक (वित्त) जनजातीय कार्य विभाग मध्य प्रदेश भोपाल द्वारा लोक निर्माण विभाग के B.C.O कोड 1902 में प्रदान किया जा चुका है?                                   (ग) प्रश्‍नांश (ख) के उत्तर में यदि हाँ तो कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग कटनी द्वारा प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित निर्माण कार्यों का कुल भुगतान 91.78 लख रुपए निविदाकारों को प्रश्‍न दिनांक तक न किए जाने का क्या कारण है उल्लेखित मरम्मत कार्य का भुगतान शासन द्वारा निविदाकारों को किया जावेगा उत्तर में यदि हाँ तो किस प्रकार से कब तक? यदि नहीं तो क्यों नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हांकिन्‍तु कार्य पूर्ण वर्ष 2023-24 में। (ख) जी हाँ। वर्ष 2022-23 के माह फरवरी 2023 को आवंटन प्राप्‍त। (ग) वर्ष 2023-24 में कार्य पूर्ण। इस वित्‍तीय वर्ष में बी.सी.ओ. 1902 के बी.सी.ओ. 2502 से आज दिनांक तक आवंटन अप्राप्‍त। संबंधित विभाग से आवंटन प्राप्‍त होने के उपरान्‍त भुगतान संभव। तिथि बताया जाना संभव नहीं।

विद्युत व्यवस्था की जानकारी

[ऊर्जा]

80. ( क्र. 1363 ) श्री प्रणय प्रभात पांडे : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                              (क) ऊर्जा विभाग की ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की भार क्षमता बढ़ाने एवं शेष फीडर सेपरेशन कार्य पूर्ण करने तथा जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने की कौन-कौन सी योजनाएं प्रचलन में हैं या प्रस्तावित हैं? (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित योजनाएं म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी जबलपुर में क्या प्रभावशील है उत्तर में यदि हाँ तो किन-किन योजनाओं के द्वारा कटनी जिले में कब-कब, कौन-कौन से कार्य कराए गए यदि नहीं कराए गए तो क्यों नहीं कराए गए इसके क्‍या कारण है? (ग) बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहां-कहां के कौन-कौन से कृषि ट्रांसफार्मर ओवरलोड हैं उनमें कितनी भार क्षमता बढ़ाना अतिआवश्यक है? ग्रामवार सूची देवें एवं यह भी बतलावें कि उनकी भार क्षमता कब तक बढ़ा दी जावेगी? (घ) कृषकों की सामूहिक मांग पर 25 केवीए ट्रांसफार्मर एवं विद्युत लाइन अंशदान जमा करने पर प्रदान करने की क्या योजना है इस योजना अंतर्गत क्या कृषकों के आवेदन जमा किए जा रहे हैं यदि हाँ तो बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कहां-कहां के कितने कृषकों के आवेदन प्राप्त हुए और उन्हें कब ट्रांसफार्मर प्रदान किया जावेगा यदि नहीं तो इस योजना को कब तक लागू किया जावेगा?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) वर्तमान में प्रचलित केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण–''लॉस रिडक्‍शन'' में फीडर सेपरेशन कार्यों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। द्वितीय चरण ''सिस्‍टम मॉर्डनाईजेशन'' में अतिभारित वितरण ट्रांसफार्मरों की भार क्षमता बढ़ाने से संबंधित कार्यों को प्रस्‍तावित किया गया है, जिसकी स्‍वीकृति केन्‍द्र शासन से प्राप्‍त होना शेष है। जर्जर विद्युत लाइनों को बदलने हेतु वर्तमान में पृथक से कोई योजना संचालित नहीं है, तथापि विभागीय मद में वित्‍तीय संसाधनों की उपलब्‍धता अनुसार कार्ययोजना अंतर्गत इन कार्यों को शामिल किया जाता है। (ख) जी हाँ। आर.डी.एस.एस. योजनातंर्गत कटनी जिले में 6, नवीन 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र, 33 के.व्ही. के 36 फीडर बाईफरकेशन/इंटरकनेक्शन, 11 के.व्ही. के 63 फीडर बाईफरकेशन/ इन्टरकनेक्शन एवं 29 केपेसिटर बैंक के कार्य स्‍वीकृत/प्रस्तावित हैं। वर्तमान में उक्त में से 4 नवीन विद्युत उपकेन्द्रों एवं 11, 33 के.व्ही. फीडरों से संबंधित इंटरकनेक्‍शन के कार्य प्रगति पर हैं। शेष कार्य शीघ्र ही प्रारंभ किये जाने हैं। आर.डी.एस.एस. के प्रथम चरण–''लॉस रिडक्‍शन'' में स्वीकृत फीडर सेपरेशन कार्य हेतु वित्तीय संस्थान मेसर्स के.एफ.डब्लू. से वित्तीय सहायता प्राप्त करने हेतु वित्तीय संस्थान के दिशा-निर्देशानुसार निविदा का कार्य प्रगति पर है। निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के उपरांत फीडर सेपरेशन के कार्य किये जावेंगे। द्वितीय चरण-मॉर्डनाईजेशन में अतिभारित ट्रांसफार्मरों की भार क्षमता बढ़ाने से संबंधित कार्यों को प्रस्‍तावित किया गया है, जिनकी स्‍वीकृति केन्‍द्र शासन से प्राप्‍त होना शेष है। स्‍वीकृति उपरांत उपरोक्त कार्य को प्राथमिकता पर किया जावेगा।  (ग) बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत सिंचाई प्रयोजन हेतु स्‍थापित 256 वितरण ट्रांसफार्मर अतिभारित हैं, जिनकी भार क्षमता बढ़ाने/अतिरिक्‍त वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित करने संबंधी जानकारी सहित स्‍थानवार/ग्रामवार सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार हैं। उक्त कार्यों को केन्‍द्र शासन की आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण सिस्‍टम-मॉर्डनाईजेशन अंतर्गत प्रस्‍तावित किया गया है। योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृति प्राप्‍त होना शेष है। योजनान्‍तर्गत स्‍वीकृति प्राप्‍त होने पर एवं वित्‍तीय उपलब्‍धता अनुसार योजना के प्रावधानों के अनुरूप उक्‍त कार्य किये जावेंगे, जिस हेतु वर्तमान में निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) वर्तमान में कृषकों को सिंचाई के लिए स्‍थायी कृषि पम्‍प विद्युत कनेक्‍शन लेने एवं अस्‍थायी पंप कनेक्‍शनों को स्‍थायी पंप कनेक्‍शनों में परिवर्तित करने के लिए अनुदान आधारित ''मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र योजना'' दिनांक 21/09/2023 से प्रचलन में है, जिसके तहत कृषक/कृषकों के समूह, जो 3 हाँर्स पावर या उससे अधिक क्षमता के स्‍थायी कृषि पंप कनेक्‍शन लेना चाहते हैं, से प्राप्‍त आवेदनों का योजना के प्रावधानों के अनुरूप परीक्षण कर तकनीकी साध्‍यता अनुसार प्राक्‍कलन तैयार किये जाते हैं। योजनान्‍तर्गत विद्यमान अद्योसंरचना से 200 मीटर की अधिकतम दूरी तक 11 के.व्‍ही. लाईन विस्‍तार एवं वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापना का कार्य किये जाने तथा योजना के प्रावधानों के अनुसार निर्धारित सीलिंग कॉस्‍ट के अंतर्गत तकनीकी साध्‍यता के दृष्टिगत एल.टी. लाईन का कार्य किये जाने का प्रावधान है। उक्‍तानुसार प्रावधानित कार्य अनुसार स्‍वीकृत प्राक्‍कलन की राशि में से 50 प्रतिशत कृषक अथवा कृषक समूह द्वारा, 40 प्रतिशत राज्‍य शासन द्वारा अनुदान के रूप में तथा 10 प्रतिशत संबंधित वितरण कंपनी द्वारा वहन की जायेगी। जी हाँ। बहोरीबंद विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बहोरीबंद, बचैया, बाकल, तेवरी, स्‍लीमानाबाद, रीठी एवं देवगांव वितरण केन्‍द्रों के अंतर्गत आने वाले ग्रामों में निवासरत 475 कृषकों के आवेदन प्राप्‍त हुए हैं, जिसमें योजना के निर्धारित मानदण्‍डों में आने वाले पात्र आवेदकों/कृषकों द्वारा अंशराशि जमा करने एवं अन्‍य सभी औपचारिकताएं पूर्ण करने पर अधिकतम 6 माह में कार्य पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है। उक्‍त योजना वर्तमान में प्रचलन में है।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

81. ( क्र. 1366 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पिछड़ा वर्ग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से विगत 3 वर्षों में बालाघाट जिले को शासन द्वारा कितनी राशि प्राप्त हुई व राशि के उपयोग किन कार्यों में किया गया हैं? सम्पूर्ण सूची देवें। (ख) बालाघाट जिले में विभाग से कितने निर्माण कार्य के किए गए हैं तथा कितने निर्माण कार्य पूर्ण हुए व कितने स्वीकृत है? संपूर्ण सूची देवें

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) पिछड़ा वर्ग अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण‍ विभाग से विगत 3 वर्षों में बालाघाट जिले को विभाग द्वारा दी गई राशि व राशि का उपयोग एवं कार्यों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 'अनुसार है।                                      (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार है।

परिशिष्ट - "सत्तावन"

निर्माण कार्यों हेतु प्राप्त आवंटित राशि

[लोक निर्माण]

82. ( क्र. 1367 ) श्रीमती अनुभा मुंजारे : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) विभाग द्वारा बालाघाट जिले को वर्ष 2021-22 से 2023-24 में कुल प्राप्त आवंटित राशि से कितने निर्माण कार्य किए गए? कितने पूर्ण व कितने अपूर्ण हैं तथा कितने निर्माण कार्य स्‍वीकृत हुये हैं? सम्पूर्ण सूची देवें। (ख) लोक निर्माण विभाग बालाघाट में कुल कितने पंजीकृत ठेकेदार हैं एवं उनके द्वारा कौन-कौन से निर्माण कार्य, कितनी-कितनी राशि के किए जा रहे हैं या किए जा चुके हैं? सम्पूर्ण सूची उपलब्‍ध कराएं। (ग) विभाग द्वारा बालाघाट जिले में हो रहे समस्त निर्माण कार्यों की सूची व संबंधित निर्माण एजेंसियों की सूची दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) विभाग द्वारा बालाघाट ज़िले के अंतर्गत 113 (मुख्य अभियंता जबलपुर परिक्षेत्र) 14 (मुख्य अभियंता सेतु परिक्षेत्र) = 127 कार्य लागत रूपये 23806.30 + 35654.61 = 59460.61 लाख प्रशासकीय स्वीकृत राशि जारी की गई। निर्माण कार्य स्वीकृतपूर्णअपूर्ण की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', '', 'एवं 1 अनुसार है। (ख) सम्पूर्ण मध्यप्रदेश के ठेकेदारों का पंजीयन केन्द्रीय प्रणाली के तहत प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग कार्यालय द्वारा सम्पूर्ण मध्यप्रदेश हेतु किया जाता है। बालाघाट हेतु अलग से कोई ठेकेदार नहीं है। कार्यों की निर्माणवार/राशिवार ठेकेदारों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', 'अ-2', '', 'ब-1', 'एवं परिशिष्‍ट-1 अनुसार है। (ग) बालाघाट के समस्त निर्माण कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', '', 'ब-1', 'एवं 1 अनुसार है।

जले एवं खराब ट्रांसफार्मरों को बदला जाना

[ऊर्जा]

83. ( क्र. 1377 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                        (क) प्रश्‍नांश तिथि की स्थिति में सिवनी जिले में किन-किन ग्रामों के वितरण ट्रांसफार्मर जले एवं खराब है उनको क्‍यों नहीं बदला जा रहा है तथा कब तक बदल दिया जायेगा? (ख) प्रश्‍नांश ति‍थि की स्थिति में सिवनी जिले में किन-किन ग्रामों तथा स्‍थानों के वितरण ट्रांसफार्मर चोरी हो गये या अन्‍य व्‍यक्ति उतार कर ले गये हैं इस संबंध में विभाग के अधिकारियों ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की? (ग) सिवनी जिले में 1 जनवरी, 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में विद्युत दुर्घटना में किन-किन व्‍यक्तियों तथा कितने मवेशियों की किन-किन स्‍थानों पर मृत्‍यु हुई उनमें से किन-किन को राहत राशि दी गई तथा किन-किन को राहत राशि क्‍यों नहीं दी गई? कारण बतायें। जिले में इम्‍प्रेस्‍ट में कितने ट्रांसफार्मर हैं तथा उनका उपयोग क्‍यों नहीं हो रहा है, जले एवं खराब ट्रांसफार्मर कितने है तथा उनका कहां-कहां, क्‍या-क्‍या उपयोग हो रहा हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) सिवनी जिला क्षेत्रांतर्गत प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में किसी भी ग्राम में कोई भी वितरण ट्रांसफार्मर जला/खराब नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है। (ख) प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत वितरण केन्‍द्र मुन्‍गवानी में ग्राम नरेला में 25 के.व्‍ही.ए. का वितरण ट्रांसफार्मर दिनांक 04.10.2023 को चोरी हो गया है। उक्‍त संबंध में म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के पत्र दिनांक 07.10.2023 द्वारा पुलिस थाना लखनवाड़ा को एफ.आई.आर. दर्ज करने हेतु लेख किया गया है, उक्‍त प्रकरण में प्राथमिक सूचना रिपोर्ट नं. 0066 दर्ज की गई है। वितरण ट्रांसफार्मर के स्‍थान पर दूसरा 25 के.व्‍ही.ए. का वितरण ट्रांसफार्मर स्‍थापित कर विद्युत प्रदाय बहाल कर दिया गया है। (ग) सिवनी जिले में दिनांक 01.01.2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की अवधि में विद्युत दुर्घटनाओं से मृत हुए व्‍यक्तियों एवं मवेशियों की प्रश्‍नाधीन चाहा गया मृत व्‍यक्तियों का नाम, मवेशियों की संख्‍या, दुर्घटना का स्‍थान, प्रदाय की गई राहत राशि एवं राहत राशि प्रदाय नहीं किये जाने का कारण इत्‍यादि का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। प्रश्‍नाधीन जिले हेतु वर्ष 2023-24 में 68 वितरण ट्रांसफार्मर इम्‍प्रेस्‍ट में आवंटित किये गये हैं, जिन्‍हें क्षेत्रीय भंडार गृह से आहरण कर जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के स्‍थान पर उपयोग किया गया है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में कोई भी जला/खराब वितरण ट्रांसफार्मर बदलने हेतु शेष नहीं हैं। प्रश्‍नाधीन जिले के जले/खराब ट्रांसफार्मरों को नियमानुसार निर्धारित समय अवधि में क्षेत्रीय भंडार गृह को भेज दिया जाता है तथा उक्‍त वितरण ट्रांसफार्मरों में आवश्‍यक सुधार कार्य कर पुन: उपयोग में लिया जाता है।

परिशिष्ट - "अट्ठावन"

सड़क निर्माण कार्यों में लगने वाला गौण खनिज

[लोक निर्माण]

84. ( क्र. 1379 ) श्री दिनेश राय मुनमुन : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) सड़क निर्माण कार्यों में लगने वाले मिट्टी, मुरम, पत्‍थर एवं रेत के खनन तथा परिवहन अनुमति प्राप्‍त करने, रॉयल्‍टी जमा करवाये जाने, रॉयल्‍टी क्लियरेन्‍स प्राप्‍त किये जाने के संबंध में क्‍या-क्‍या प्रावधान वर्तमान में लागू है? इस संबंध में जारी आदेश, निर्देश, पत्र, परिपत्र अधिसूचना की प्रति सहित बतावें। (ख) जबलपुर संभाग के अंतर्गत गत पांच वर्षों में किस-किस सड़क का अंतिम बिल बनाया गया? उसमें कितनी‍ मिट्टी, मुरम, पत्‍थर एवं रेत का उपयोग किया जाना आं‍कलित किया, उसमें से कितने खनिज की रॉयल्‍टी खनिज विभाग में जमा पाई गई, कितने खनिज रॉयल्‍टी ठेकेदार के बिल से काटी गई? (ग) रॉयल्‍टी जमा करवाए बिना या रॉयल्‍टी काटे बिना गत पांच वर्षों में किस-किस सड़क निर्माण से संबंधित कितनी राशि के बिल का ठेकेदार को भुगतान किया गया? (घ) रॉयल्‍टी की राशि शासकीय खजाने में समय पर जमा करवाए जाने के संबंध में विभाग क्‍या कार्यवाही कर रहा है और कब तक करेगा?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) सड़क निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले विभिन्‍न गौण खनिजों के खनन एवं परिवहन के संबंध में मध्‍यप्रदेश शासन खनिज संसाधन विभाग भोपाल द्वारा जारी विभिन्‍न दिशा-निर्देशों एवं नियमों के अनुसार इस कार्यालय द्वारा कार्यवाही की जाती हैविभाग में निर्माण कार्यों हेतु समस्‍त प्रकार की खनन एवं परिवहन अनुमतियॉंरायल्‍टी जमा किया जाना एवं रायल्‍टी क्‍लीयरेंसखनिज विभाग से प्राप्‍त करना संबंधित ठेकेदार के दायित्‍व में अनुबंधानुसार निहित है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-1, 2 एवं 3 अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1' एवं '' अनुसार है। (ग) म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत रॉयल्‍टी काटकर जमा करवाने का प्रावधान नहीं है एवं विगत पांच वर्षों में सड़क निर्माण कार्य का कोई भी देयक का भुगतान बिना रॉयल्‍टी राशि रोके या रॉयल्‍टी चुकता प्रमाण-पत्र प्राप्‍त कियेनहीं किया गया है। (घ) म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत अनुबंधानुसार रॉयल्‍टी की राशि बिलों से काटकर जमा कराये जाने का प्रावधान नहीं हैअपितु ठेकेदार द्वारा रॉयल्‍टी चुकता प्रमाण-पत्र प्रस्‍तुत न किये जाने की स्थिति में देयकों से रॉयल्‍टी चुकता प्रमाण-पत्र की प्रत्‍याशा में उपयुक्‍त राशि रोककर ठेकेदार के देयक का भुगतान किया जाता है। अत: शेष का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

विकास कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

85. ( क्र. 1382 ) श्री सुनील उईके : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम छिन्‍दवाड़ा, नगरपालिका जुन्‍नारदेव एवं दमुआ में विकास हेतु राज्‍य सरकार ने वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 में कितनी-कितनी राशि स्‍वीकृत की गई है? जानकारी उपलब्‍ध कराएं। (ख) नगरनिगम छिन्‍दवाड़ा में कृषि भूमि पर कहां-कहां अवैध कालोनी का निर्माण हो रहा है? क्‍या अवैध कालोनी निर्माण को रोकने हेतु राज्‍य सरकार ने कार्यवाही की है? (ग) क्‍या नगरपालिका जुन्‍नारदेव एवं दमुआ क्षेत्र में विकास हेतु क्‍या राज्‍य सरकार आदिवासी विधानसभा क्षेत्र के विकास पृथक से बजट हेतु प्रस्‍ताव बुलाने पर विचार करेंगी? यदि हां तो कब तक?                                                (घ) नगरपालिका जुन्‍नारदेव एवं दमुआ में जैव विविधता प्रबंधन समिति एवं नगर निगम छिन्‍दवाड़ा में जैव विविधता प्रबंधन समिति का गठन कब तक होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) नगर निगम छिन्‍दवाड़ा में बर्राढाना, खजरी, सिवनी प्राणमोती, सावलेवाड़ी, चंदनगावं, लोनिया करबल, पोआमा में अवैध कालोनी का निर्माण किया जा रहा है। जिन्‍हें म.प्र. कालोनी विकास नियम 2021 के नियम 22 (1) (2) (3) के तहत नोटिस दिया गया है तथा पुलिस कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्यवाही की जा रही है। (ग) इस संबंध में अभी कोई प्रस्‍ताव विचाराधीन नहीं है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (घ) परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण छिन्‍दवाड़ा द्वारा दी गई जानकारी अनुसार नगर पालिक निगम छिंदवाड़ा में पत्र क्र 3398 दि 12.09.2022, नगर पालिका परिषद जुन्‍नारदेव में 30.06.2020 एवं नगरपालिका परिषद दमुआ में 2020-21 में जैव विविधता प्रबंधन समिति‍ का गठन किया गया था। वर्तमान में नव निर्वाचित परिषद का गठन हो जाने से पुन: जैव विविधता प्रबंधन समिति का गठन शेष है।

परिशिष्ट - "उनसठ"

एनर्जी मीटर लगाए जाना

[ऊर्जा]

86. ( क्र. 1385 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                           (क) मध्यक्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा प्रायवेट सिक्योर मीटर कम्पनी लिमि. से टाईअप कर उसे किन-किन डिविज़न में किन 11 के.वी. एग्रीकल्चर फीडरों पर एनर्जी मीटर लगाने का ठेका किन-किन शर्तों के तहत दिया गया है? उसकी प्रति देवें। (ख) क्या एनर्जी मीटर लगाने वाली उक्त सिक्योर कम्पनी चार्जिंग ट्रायल के दौरान एक मिनिट की समयावधि को एक मिनिट के बजाय 15 मिनिट के स्लॉट में गणना कर टाईम शेड्यूल गणना में गड़बड़ी की शिकायतें दिनांक 01.09.2023 से 10.01.2024 के दौरान किन-किन आउटसोर्स कर्मचारी संगठनों से प्राप्त हुईं? इन शिकायतों की जाँच किस अधिकारी द्वारा की गई एवं जाँच प्रतिवेदन में क्या पाया गया एवं दोषी कम्पनी पर कितना जुर्माना लगाया गया, बतावें। (ग) क्या मुख्य महाप्रबंधक (एस एम एंड ओ) द्वारा 33.08.2020 को जारी निर्देश अनुसार 10 घण्टे से अधिक कृषि सप्लाई देने पर अधिकारियों के वेतन से एक दिन की कटौती का प्रावधान है? यदि हाँ तो इस प्रवधान के अनुरूप कटौत्रा नहीं कर 01.09.2023 से 31.12.2023 के दौरान ओव्हर सप्लाई देने पर किस फीडर के किस आउटसोर्स कर्मचारी को नौकरी से निकाला गया? जब गड़बड़ी के लिए सिक्योर कम्पनी दोषी है तो क्या इन हटाये गये कर्मचारियों को वापिस लिया जावेगा? अवधि बतावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा मेसर्स सिक्‍योर मीटर लिमिटेड कम्‍पनी को 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों पर एनर्जी मीटर लगाने का कोई ठेका नहीं दिया गया है। तथापि 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों पर मेसर्स सिक्‍योर मीटर लिमिटेड कंपनी एवं अन्‍य मीटर निर्माता कंपनियों के मीटर विभागीय तौर पर लगाए गए हैं। अत: प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में म.प्र. बिजली आऊटसोर्स कर्मचारी संगठन से प्रश्‍नांश में उल्‍लेखित शिकायत संबंधी पत्र प्राप्‍त हुआ है, जिसके परिप्रेक्ष्‍य में म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा जांच समिति गठित कर जांच करायी गई है। जांच समिति के सदस्‍यों महाप्रबंधक (आई.टी.) श्री रामेश्‍वर चतुर्वेदी, उपमहाप्रबंधक (एस.एम.एण्‍ड.ओ) श्री अमरनाथ सदाफल, उपमहाप्रबंधक (एस.एम.एण्‍ड.ओ) श्री एस.के कुशवाह एवं उपमहाप्रबंधक (आई.टी) श्री अंकित सिंह के द्वारा जांच की गयी है। समिति से प्राप्‍त जांच प्रतिवेदन अनुसार ब्‍यूरो ऑफ इंडियन स्‍टेण्‍डर्ड IS15959: 2011 के अंतर्गत मीटरों में लोड सर्वे टाईम ब्‍लाक 15 मिनिट एवं 30 मिनिट निर्धारित किया गया है एवं केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण (मीटरों का अधिष्‍ठापन एवं प्रचालन) विनियम-2006 के अनुसार भी प्रत्‍येक क्रमिक 15 मिनिट क्‍लॉक में सक्रिय विद्युत ऊर्जा खपत की स्‍वत: रिकार्डिंग होती है। अत: किसी कम्‍पनी को दोषी नहीं पाया गया है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) जी हाँ। 11 के.व्‍ही. कृषि फीडरों पर 10 घंटे से अधिक विद्युत प्रदाय किये जाने पर संबंधित प्रबंधक के वेतन से नियमानुसार कटौती की गई है। प्रश्‍नावधि के दौरान निर्धारित समय अ‍वधि से अधिक विद्युत प्रदाय किये जाने पर बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता एजेन्‍सी द्वारा पृथक किए गए आऊटसोर्स कार्मिकों की सूची संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। उल्‍लेखनीय है कि मौखिक चेतावनी के पश्‍चात भी उक्‍त आऊटसोर्स कार्मिकों द्वारा निर्देशों का पालन नहीं करते हुए निर्धारित समय अवधि से अधिक विद्युत प्रदाय किया गया है। उत्तरांश (ख) में उल्‍लेखित जाँच प्रतिवेदन अनुसार मेसर्स सिक्‍योर कंपनी/कोई कंपनी दोषी नहीं है। कार्य में लापरवाही एवं निर्देशों की अवहेलना कर अनुशासनहीनता करने वाले आऊटसोर्स कार्मिकों को सेवा में वापस लेना विचाराधीन नहीं है।

परिशिष्ट - "साठ"

नगरीय निकायों में स्वीकृत/आवंटित कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

87. ( क्र. 1386 ) श्री उमाकांत शर्मा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल, सागर संभाग में नगर निगम, नगरपालिका परिषद, नगर परिषद एवं नगरीय प्रशासन के अंतर्गत आने वाले समस्त निर्माण शाखाओं में 1 अप्रैल, 2018 से प्रश्‍नांकित अवधि तक निर्माण, विकास एवं अन्य कार्यों हेतु कितनी-कितनी राशि भिन्न-भिन्न मदों में आवंटित/स्वीकृत की गई? मदवार, नगरीय निकाय वार, विकासखण्डवार, जिलेवार जानकारी देवें।                                      (ख) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में नगरीय निकायों में कितने-कितने निर्माण कार्य एवं अन्य कार्य स्वीकृत/आवंटित किये गये हैं? स्वीकृति दिनांक, स्वीकृत राशि, कार्यपूर्णतः दिनांक, ठेकेदार का नाम, भुगतान राशि सहित जानकारी उपलब्ध करावें। इनमें से कितने निर्माण कार्य पूर्ण, अपूर्ण, अप्रारंभ हैं? अपूर्ण एवं अप्रारंभ होने के क्या कारण हैं? कार्य की अद्यतन स्थिति सहित निकायवार, विकासखण्डवार, जिलेवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में भोपाल संभाग के नगरीय निकायों में मुख्यमंत्री ए$ मॉनिट में कितने कार्यों की स्वीकृति हुई? कितने कार्यों की राशि आवंटित की गई? कितने कार्यों की राशि आवंटित की जाना शेष हैं? कितने कार्य प्रारंभ हुए? कितने अप्रारंभ हैं? कितने अपूर्ण हैं? अपूर्ण एवं अप्रारंभ के लिए दोषी कौन है? अभी तक नगरीय निकायों में राशि नहीं पहुँचने के क्या कारण हैं? कारण सहित बतावें तथा कब-तक शेष कार्यों की राशि आवंटित कर दी जावेगी? नगरीय निकायवार, जिलेवार जानकारी देवें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) से (ग) जानकारी संकलित की जा रही है।

भोपाल में बी.आर.टी.एस. कॉरिडोर को तोड़ा जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

88. ( क्र. 1390 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या राजधानी भोपाल में शासन द्वारा बनाये गए बी.आर.टी.एस. कॉरिडोर (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को हटाने तथा कॉरिडोर के स्थान पर डिवाइडर बनाने का निर्णय लिया गया है? यदि हाँ तो बी.आर.टी.एस. का निर्माण आगामी कितने वर्षों की प्लानिंग के तहत किया गया था? (ख) यदि हाँ तो बी.आर.टी.एस. कॉरिडोर निर्माण पर शासन द्वारा कितनी राशि व्यय की गई थी तथा बी.आर.टी.एस. हटाने और सड़क समतलीकरण व सेंट्रल रोड डिवाइडर निर्माण पर शासन को कितनी राशि का अतिरिक्त भार पड़ेगा? पृथक-पृथक बतावें। (ग) प्रश्‍नांश (ख) के परिप्रेक्ष्य में बी.आर.टी.एस. कॉरिडोर को समाप्त कर डिवाइडर बनाने के लिये शासन द्वारा कितने वर्षों की प्लानिंग की गई है अथवा नहीं? यदि हाँ तो डिवाइडर निर्माण में कितने वर्षों का प्लान किया गया है? यदि नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। बी.आर.टी.एस. कॉरिडोर का निर्माण 15 वर्ष (2006-2021) तक के लिए किया गया था। (ख) बी.आर.टी.एस. कॉरिडोर निर्माण पर शासन द्वारा राशि रूपये 357.20 करोड़ व्यय किये गये। जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट अनुसार है। बी.आर.टी.एस. कॉरीडोर (बस रैपिड ट्रांसिट सिस्टम) के डेडीकेटेड कॉरिडोर को मिक्स लेन में परिवर्तित किये जाने में निम्नलिखित राशि का व्यय संभावित है:- मिसरोद से एम्प्री-रूपये 1194.87 लाख रोशनपुरा से कमला पार्क-रूपये 329.85 लाख कलेक्ट्रेट से लाल घाटी-रुपये 379.47 लाख हलालपुर से सीहोर नाका-रुपये 92.33 लाख इस प्रकार कुल राशि रूपये 1996.52 लाख का व्यय होना संभावित है। (ग) जी नहीं। डेडीकेटेड लेन हटाये जाने के पश्चात इंडियन रोड कांग्रेस (आई.आर.सी.) के मानकों अनुसार यातायात की सुगमता हेतु डिवाइडर/सेंट्रल वर्ज बनाया जाना आवश्यक है। डिवाइडर/सेंट्रल वर्ज आई.आर.सी. के मानक अनुसार 3.5 मीटर की 06 लेन (3+3) के निर्माण पश्चात यातायात की सुगमता हेतु उपलब्ध होंगी।

परिशिष्ट - "इकसठ"

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

89. ( क्र. 1391 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) मध्यप्रदेश शासन अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्‍यक वर्ग की कौन-कौन सी योजनायें संचालित है? संचालित योजनाओं की सूची उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के परिप्रेक्ष्य ने शासन द्वारा संचालित योजनाओं से वित्तीय वर्ष 2020-21 से प्रश्‍न दिनांक तक भोपाल जिले में कब-कब तथा कितने-कितने व्यक्तियों को लाभ प्राप्त हुआ? सूची सहित जानकारी उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्य में कौन-कौन सी संचालित योजनाओं में हितग्राहियों को लाभ नहीं दिया गया है तथा कब तक हितग्राहियों लाभ प्राप्त होगा? सम्पूर्ण जानकारी सूची सहित उपलब्ध करावें।

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) :                                                                 (क) विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) भोपाल जिले में लाभांवितों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब एवं '' अनुसार है। (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के परिप्रेक्ष्‍य में स‍भी पात्र हितग्राहियों को लाभ दिये जाने से शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

हितग्राहियों को प्राप्‍त होने वाली सुविधाएं

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

90. ( क्र. 1392 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या वतर्मान में प्रदेश सरकार द्वारा पिछड़ा एवं अल्‍पसंख्‍यक वर्ग के बेरोजगारों के लिये कोई योजनायें संचालित है? (ख) यदि हां तो उक्‍त योजनाओं की क्‍या-क्‍या पात्रताएं है नियम एवं निर्देश की प्रति उपलब्‍ध करावें। (ग) उक्‍त योजनाओं में वर्ष 2023-24 में राजगढ़ विधानसभा के किन-किन हितग्राहियों को पिछड़ा एवं अल्‍पसंख्‍यक विभाग द्वारा आज दिनांक तक कौन-कौन सी योजनाओं का लाभ प्रदान किया गया है नाम, पता एवं प्राप्‍त योजनाओं की सूची उपलब्‍ध करावें। (घ) क्‍या अभी भी वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में किसी योजना में लाभ दिया जाना शेष है? यदि हां तो बतावें।

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) जी हाँ। (1) सरदार पटेल कोचिंग प्रशिक्षण योजना (2) पिछड़े वर्ग के बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में रोजगार उपलब्‍ध कराने की योजना (3) मुख्‍यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक उद्यम/स्‍वरोजगार योजना। (ख) उपरोक्‍त योजना अंतर्गत पात्रता हेतु निर्धारित नियम एवं निर्देश की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ग) वर्ष 2023-24 में विभाग अंतर्गत राजगढ़ विधान सभा के श्री रघुवीर मीना, पता खुजनेर तहसील खुजनेर जिला राजगढ़ को स्‍टेट बैंक ऑफ इंडिया के माध्‍यम से मुख्‍यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक उद्यम योजना का लाभ प्राप्‍त हुआ है। (घ) वित्‍तीय वर्ष 2023-24 में मुख्‍यमंत्री पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक उद्यम योजना 2022 अंतर्गत 02 आवेदन पर कार्यवाही बैंक द्वारा की जाना है।

उर्जा विभाग द्वारा किये जा रहे कार्य

[ऊर्जा]

91. ( क्र. 1394 ) श्री अमर सिंह यादव : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                        (क) क्‍या राजगढ़ विधानसभा अंतर्गत ऊर्जा विभाग द्वारा जनवरी 2022 से कोई कार्य करवाये जा रहे है यदि हां तो कौन-कौन से कार्य जानकारी दें। (ख) उक्‍त कार्य किस कम्‍पनी द्वारा करवाये जा रहे है। कार्य का नाम, कार्य की लागत, कार्य की समय अवधि और कम्‍पनी का नाम बतावें। (ग) क्‍या उक्‍त सभी कार्य पूर्ण हो चुके है यदि हां तो बतावें कौन-कौन से कार्य पूर्ण हो चुके है। (घ) यदि नहीं तो उक्‍त कार्य अपूर्ण रहने का क्‍या कारण है बतावें। उक्‍त कार्य कब तक पूर्ण हो जावेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ। राजगढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत माह जनवरी 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक की स्थिति में आर.डी.एस.एस. योजना एवं प्रणाली सुदृढ़ीकरण योजनान्‍तर्गत करवाये जा रहे कार्यों का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ख) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित कार्यों से संबंधित प्रश्‍नाधीन चाहा गया कार्य का नाम, कार्य की लागत, कार्य पूर्णता की निर्धारित समय अवधि एवं क्रियान्‍वयन एजेंसी/कंपनी का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है। (ग) जी नहीं। उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित कार्यों में से आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत 33/11 के.व्‍ही. विद्युत उपकेन्‍द्र डालूपुरा का कार्य दिनांक 25.08.2023 को एवं विभागीय योजना (मद-273) अंतर्गत 1500 KVAR केपेसिटर बैंक का कार्य दिनांक 17/10/2023 को पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य प्रगतिरत है जिन्‍हें निविदा/कार्यादेश के अनुसार निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराया जावेगा। (घ) उत्‍तरांश (क) में उल्‍लेखित कार्य प्रगतिरत है एवं उक्‍त सभी कार्य निविदा/कार्यादेश के अनुसार कार्यादेश दिनांक से 2 वर्ष की निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किये जाने हैं। उक्‍त कार्यों की पूर्णता हेतु निर्धारित समय-सीमा का विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'' अनुसार है।

परिशिष्ट - "बासठ"

छात्रवृत्ति का भुगतान

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

92. ( क्र. 1398 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्‍या शिक्षण सत्र वर्ष 2022 से प्रश्‍न दिनांक तक पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के डिप्लोमा, बीटेक, एमटेक और एमसीए के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है? (ख) अगर हाँ तो विवरण देवें नहीं तो कारण। (ग) इन छात्र-छात्राओं को कब तक छात्रवृत्ति प्रदान की जावेगी?

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) जी हाँ। (ख) शिक्षण सत्र 2022-23 अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के डिप्‍लोमा, बीटेक, एमटेक और एमसीए के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ग) उक्‍त के क्रम में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "तिरेसठ"

प्राकृतिक ऊर्जा संयत्रों की स्‍थापना

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

93. ( क्र. 1399 ) श्री सचिन सुभाषचंद्र यादव : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रदेश में नवकरणीय उर्जा उत्पादन के लिये विभाग द्वारा कोई योजनाएं चलायी जा रही है? अगर हां तो जानकारी दें। (ख) नवकरणीय उर्जा उत्पादन के लिये विभागीय स्तर से कोई संयंत्र स्थापित किये गये है? अगर हां तो जिलेवार कम्पनीवार विवरण।                                           (ग) प्रदेश में उर्जा उत्पादन संयंत्र लगाने के लिये क्या जिलों का चयन किया गया है? अगर हां तो जिलेवार विवरण एवं उत्पादित हो रही प्रतिदिन ऊर्जा की जानकारी दें। (घ) क्या खरगोन जिले में नवकरणीय उर्जा स्‍त्रोत स्थापित किये गये है? अगर हां तो कहां-कहां? (ड.) क्या विधानसभा क्षेत्र कसरावद में नवकरणीय उर्जा के पवन ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा के संयंत्र स्थापित करने की संभावनाओं को तलाशा गया है? अगर हां तो कहां-कहां? नहीं तो कारण बताएं।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्‍ला ) : (क) जी हां। कुसुम अ, स तथा नवकरणीय ऊर्जा नीति-2022 के तहत उत्‍पादन के लिए प्रोत्‍साहन नीति प्रचलित है। इसके अतिरिक्‍त विकेन्‍द्रीकृत नवकरणीय ऊर्जा की कई योजनाएं भी प्रचलन में है। जैसे- कुसुम-सोलर रूफटॉप, इत्‍यादि।                     (ख) नवकरणीय ऊर्जा उत्‍पादन के लिए विभाग द्वारा सीधा निवेश नहीं किया जाता है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नही होता है। (ग) जी नहीं। ऊर्जा उत्‍पादन संयंत्र स्‍थापना के लिए कोई विशेष जिला चयन नही किया गया है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नही होता है। (घ) खरगौन जिले में स्‍थापित नवकरणीय ऊर्जा स्‍त्रोत संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार प्रतिवेदित है। (ड.) विधानसभा क्षेत्र कसरावद के लिए पृथक से कोई नवकरणीय ऊर्जा क्षमता आंकलन किया जाना प्रतिवेदित नही है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नही होता है।

परिशिष्ट - "चौंसठ"

लोक निर्माण विभाग द्वारा स्‍वीकृत निर्माण कार्य

[लोक निर्माण]

94. ( क्र. 1400 ) श्री कालु सिंह ठाकुर : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या धार जिले की धरमपुरी विधानसभा में 1 जनवरी, 2019 से प्रश्‍न दिनांक तक लोक निर्माण विभाग व पीआईयू द्वारा निर्माण कार्य स्वीकृत किये गए थे? यदि हाँ तो कौन-कौन से निर्माण कार्य स्वीकृत किये गए थे? ब्लाकवार, कार्यवार, राशिवार वित्तीय वर्षवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) इन कार्यों में से कौन-कौन से कार्य पूर्ण, अपूर्ण और प्रगतिरत है? अपूर्ण कार्य कब तक पूर्ण कर लिए जायेंगे? इन कार्यों में किन-किन की कितनी-कितनी राशि का भुगतान किया गया है और कितनी राशि का भुगतान किया जाना शेष हैं? (ग) इन कार्यों का विभाग के किस अधिकारी द्वारा किस-किस दिनांक को भौतिक सत्यापन गुणवत्ता की जाँच की गई है? गुणवत्ता की जाँच के दौरान गुणवत्ता में कमियां पाई गई? यदि हाँ तो किन-किन कार्यों की गुणवत्ता में कमिया पाई गई है और संबंधित ठेकेदार पर विभाग द्वारा किया कार्यवाही की गई हे? गुणवत्ता में पाई गई रिपोर्ट और सबंधित ठेकेदार पर की गई कार्यवाही का विवरण दें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। विस्‍तृत जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है। (ख) एवं (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ एवं 'अ-1' अनुसार है।

नगरीय निकायों को शासन द्वारा अनुदान

[नगरीय विकास एवं आवास]

95. ( क्र. 1405 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या झाबुआ जिले की समस्त नगर पालिका एवं नगर परिषद क्षेत्र में कचरा एवं अपशिष्ट निदान हेतु कोई कार्य योजना प्रस्तावित की गई है इस कितना बजट अथवा अनुदान दिया गया है? (ख) झाबुआ जिले समस्त नगर पालिका झाबुआ एवं नगर पालिका परिषद को विगत तीन वित्तिय वर्ष 2020-21, 2021-22, 2022-23 में कितना अनुदान प्रदाय किया गया है? (ग) नगर पालिका 2021-22, 2022-23 झाबुआ जिले की नगर पालिका परिषद द्वारा कितनी टैक्स/कर की वसूल की गयी? (घ) झाबुआ नगर पालिका कर्मचारि‍यों को चार माह से वेतन नहीं दिया गया क्या शासन द्वारा राशि रोक लगाई गई है? यदि रोक लगाई गई है तो कर्मचारि‍यों को कब तक वेतन प्राप्त होगा?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-अ अनुसार है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-ब अनुसार है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-स अनुसार है। (घ) नगर पालिका झाबुआ द्वारा 3 माह का वेतन प्रदान किया जाना शेष हैशासन द्वारा कोई रोक नहीं लगाई गई है।

परिशिष्ट - "पैंसठ"

नवीन एवं नवकरणीय उर्जा हेतु कार्य योजना

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

96. ( क्र. 1406 ) डॉ. विक्रांत भूरिया : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले की भौगोलिक स्थिति अन्य जिलों से भिन्न है यहां का निवासी सघन बस्ती में न रह कर सुदूर जंगलों में निवास करता है जहां घर-घर तक बिजली पहुंचाना संभव नहीं होती है। ऐसी दशा में क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा अंतर्गत सौर उर्जा, पवन ऊर्जा के लिए सरकार द्वारा किये गये? प्रयासों का ब्यौरा देवें। (ख) इस सबंध में कोई कार्ययोजना प्रस्तावित है? क्या इसमें कोई अनुदान दिये जाने का प्रावधान है? (ग) सरकार द्वारा आदिवासी बहुल जिलों में इस तरह की योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाना चाहिए जिससे आम जनता के साथ किसानों को भी उसका लाभ हो ऐसी स्थिति में जिले में एक बडा सौर ऊर्जा का प्लांट लगाया जा सकता है, क्‍या इसके लिए सरकार कोई कार्य योजना प्रस्तावित करेगी?

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्‍ला ) : (क) झाबुआ एवं अलीराजपुर जिले सहित संपूर्ण प्रदेश में पवन ऊर्जा परियोजना सहित समस्‍त नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं स्‍थापना हेतु म.प्र. नवकरणीय ऊर्जा नीति 2022 दिनांक 18.10.2022 से संपूर्ण प्रदेश में लागू है। (ख) इस संबंध में कोई कार्ययोजना प्रस्‍तावित नहीं है। (ग) निजी इकाइयां स्‍थल का सर्वेक्षण कर परियोजना की साध्‍यता सुनिश्चित होने पर ही परियोजनाओं की स्‍थापना करती है। आदिवासी बहुल जिलों संपूर्ण प्रदेश निजी इकाइयों के लिये सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्‍थापना हेतु खुला है। अतएव नीति के प्रावधानों के अंतर्गत निजी इकाइयों द्वारा परियोजनाओं के प्रस्‍ताव प्रस्‍तुत किये जाने पर परियोजनाएं स्‍थापित की जा सकेंगी। प्रदेश में शासन की नवकरणीय ऊर्जा नीति-2022 के प्रावधानों के अंतर्गत निजी इकाइयों द्वारा परियोजनाओं की स्‍थापना की जा रही है। मध्‍यप्रदेश में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार की कुसुम योजना के घटक-ब के तहत 'मुख्‍यमंत्री सोलर पंप योजना' क्रियान्वित है। जिसके अंतर्गत वर्तमान में आदिवासी अंचल सहित प्रदेश के सभी किसानों को अनुदान (60 प्रतिशत) देय है। सौर ऊर्जा परियोजना का विकास बंजर/अनुपयोगी भूमि की उपलब्‍धता और सोलर रेडिएशन तथा ग्रिड के आधार पर की जाती है। झाबुआ अलीराजपुर क्षेत्र में इस तरह की भूमि उपलब्‍ध होने पर परियोजना विकास की कार्यवाही की जा सकती है

अवैध कालोनियां की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

97. ( क्र. 1408 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कुल कितनी वैध और अवैध कॉलोनियों है? सूची उपलब्ध कराएं। क्‍या वैध कॉलोनियों में सुविधाएं विकिसित कर दी गयी हैं? यदि नहीं तो क्यों? (ख) अवैध कॉलोनी और कॉलोनी नियमों का पालन नहीं करने पर कितने कॉलोनाइजर पर एफ.आई.आर. दर्ज हुई है? कितने पर शेष हैं? शेष के क्या कारण हैं? (ग) प्रश्‍नांश (क) अंतर्गत निर्मित कॉलोनियों के टीएनसी अनुमतियां, निर्माण अनुमति, डायवर्सन, रेरा अनुमति इत्यादि का विवरण उपलब्ध कराएं। (घ) सुविधाओं के अभावों को लेकर पिछले 5 वर्षों में कितने कॉलोनी मालिकों को नोटिस देकर विकास कार्य करने को कहा गया है? जानकारी दें। (ड.) अवैध कॉलोनियों को वैध करने हेतु वर्तमान में क्या नियमावली है? बताएं कि उक्त अवैध कालोनियां जो नगर पालिका/ग्राम पंचायत के कार्यकाल में कटी हैं उन्होंने उस समय कोई कार्यवाही क्यों नहीं की?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) महिदपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका महिदपुर में कुल 01 वैध कॉलोनी है जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'' एवं 20 अनधिकृत कॉलोनियॉं हैंजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'अनुसार है। जी हाँ। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'अनुसार है। (ग) उत्‍तरांश (क) अनुसार 01 वैध कॉलोनी की टीएनसीपी अनुमतिकॉलोनी विकास अनुमति एवं डायवर्सन की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'अनुसार है एवं इस अवधि में म.प्र. भू-संपदा (विनियम और विकास) अधिनियम 2016 लागू न होने से रेरा अनुमति प्राप्‍त करना आवश्‍यक नहीं था। (घ) नगर पालिका महिदपुर में 01 वैध कॉलोनी हैजिसमें विकास कार्य पूर्ण होने से प्रश्‍न उत्पन्‍न नहीं होता। (ड.) म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम 2021 में अवैध कॉलोनियों को वैध करने के कोई प्रावधान नहीं हैं अपितु दिनांक 31.12.2022 के पूर्व अस्तित्‍व में आई एवं नियमानुसार चिन्हित की गई अनधिकृत कॉलोनियों में नागरिक अधोसंरचना प्रदान करने के प्रावधान रखे गये हैंनियम की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'अनुसार है। पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'की जानकारी के अनुसार महिदपुर नगरपालिका क्षेत्र में अवैध कॉलोनी बनाने वाले व्‍यक्तियों के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही हेतु नगरपालिका द्वारा सूचना पत्र जारी किये गये है। नियम 2021 नगरीय क्षेत्र में प्रभावशील होने के कारण ग्राम पंचायत की जानकारी दी जाना संभव नहीं है।

ट्रांसफार्मरों का परिवहन

[ऊर्जा]

98. ( क्र. 1409 ) श्री दिनेश जैन बोस : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                           (क) संचालन-संधारण वृत्‍त उज्‍जैन अंतर्गत महिदपुर एवं नागदा संभाग में 01 अप्रैल, 2022 से 31 दिसम्‍बर, 2023 तक जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के लिए महिदपुर एवं नागदा विधानसभा क्षेत्र में कितने वाहनों को परिवहन हेतु अनुबंधित किया गया है? वित्‍तीय वर्षवार वाहन क्रमांक, ठेकेदार का नाम, अनुबंध अवधि सहित विवरण देवें। (ख) संचालन-संधारण वृत्‍त उज्‍जैन अंतर्गत महिदपुर एवं नागदा संभाग में 01 अप्रैल, 2022 से 31 दिसम्‍बर, 2023 तक जले/खराब ट्रांसफार्मरों के परिवहन हेतु कितने ग्रामों में ट्रांसफार्मरों का परिवहन किया गया है कि संख्‍यात्‍मक जानकारी, भुगतान की गई राशि सहित वर्षवार बतावें। (ग) संचालन-संधारण वृत्‍त उज्‍जैन अंतर्गत महिदपुर एवं नागदा संभाग में 01 अप्रैल, 2022 से 31 दिसम्‍बर, 2023 तक कितने विद्युत उपभोक्‍ताओं को वितरण ट्रांसफार्मरों के लाने ले जाने हेतु परिवहन वाहन हेतु राशि उपलब्ध कराई गई है? यदि हाँ तो वित्‍तीय वर्षवार राशि सहित संख्‍यात्‍मक जानकारी उपलब्ध कराएं। यदि नहीं तो क्‍यों? (घ) संचालन-संधारण वृत्‍त उज्‍जैन अंतर्गत महिदपुर एवं नागदा संभाग में आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम एवं द्वितीय चरण सिस्टम मॉर्डनाइजेशन के अंतर्गत क्या-क्या कार्य, कितनी-कितनी राशि के स्वीकृत किये गये हैं? स्वीकृत कार्यों में कितने कार्य पूर्ण हो चुके हैं? कितने कार्य शेष हैं और कौन-कौन से प्रस्तावित हैं?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर क्षेत्रांतर्गत संचालन-संधारण वृत उज्जैन के अंतर्गत संचालन-संधारण, संभाग-महिदपुर में वित्‍तीय वर्ष 2022-23 एवं वित्‍तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 31.12.2023 तक) में क्रमश: 02 एवं 01 वाहनों को जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के परिवहन के लिए अनुबंधित किया गया है, जिसका वित्तीय वर्षवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। इसी प्रकार, संचालन-संधारण, संभाग-नागदा में वित्‍तीय वर्ष 2022-23 एवं वित्‍तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 31.12.2023 तक) में क्रमश: 07 एवं 11 वाहनों को जले/खराब वितरण ट्रांसफार्मरों के परिवहन के लिए अनुबंधित किया गया है, जिसका वित्तीय वर्षवार विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अ-1' अनुसार है। (ख) संचालन-संधारण वृत उज्जैन के अंतर्गत संचालन-संधारण, संभाग-महिदपुर में वित्‍तीय वर्ष 2022-23 एवं वित्‍तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 31.12.2023 तक) में क्रमश: कुल 178 एवं 157 ग्रामों में अनुबंधित वाहनों के माध्यम से वितरण ट्रांसफार्मरों का परिवहन किया गया, जिसके लिए क्रमश: राशि रू. 9.99 लाख एवं राशि रू. 3.60 लाख का व्यय किया गया। इसी तरह संचालन-संधारण, संभाग-नागदा अंतर्गत वित्‍तीय वर्ष 2022-23 एवं वित्‍तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 31.12.2023 तक) में क्रमश: कुल 136 एवं 142 ग्रामों में अनुबंधित वाहनों के माध्यम से वितरण ट्रांसफार्मरों का परिवहन किया गया, जिसके लिए क्रमश: राशि रू. 34.43 लाख एवं राशि रू. 22.58 लाख का व्यय किया गया। (ग) जी हाँ। संचालन-संधारण वृत उज्जैन के अंतर्गत संचालन-संधारण, संभाग-महिदपुर में वित्‍तीय वर्ष 2022-23 एवं वित्‍तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 31.12.2023 तक) में क्रमश: कुल 27 एवं 06 विद्युत उपभोक्ताओं को वितरण ट्रांसफार्मरों को लाने एवं ले जाने हेतु क्रमश: राशि रू. 27912/- एवं राशि रू. 5952/- का भुगतान किया गया है। संचालन-संधारण, संभाग-नागदा में वित्‍तीय वर्ष 2022-23 एवं वित्‍तीय वर्ष 2023-24 (दिनांक 31.12.2023 तक) में क्रमश: कुल 44 एवं 47 विद्युत उपभोक्ताओं को वितरण ट्रांसफार्मरों को लाने एवं ले जाने हेतु क्रमश: राशि रू. 45768/- एवं राशि रू. 48496/- का भुगतान किया गया है। (घ) संचालन-संधारण वृत उज्जैन के महिदपुर संचालन-संधारण संभाग के अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण- लॉस रिडक्‍शन के अंतर्गत कुल राशि रू. 4300.73 लाख के कार्य स्वीकृत हैं, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में से पूर्ण कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-1' अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण- के शेष बचे कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-2' अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण सिस्टम मार्डनाईजेशन के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'ब-3' अनुसार है। इसी तरह नागदा संचालन-संधारण संभाग के अंतर्गत आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण- लॉस रिडक्‍शन के अंतर्गत कुल राशि रू. 7711.75 लाख रूपये के कार्य स्वीकृत हैं जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में से पूर्ण कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स-1' अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना के प्रथम चरण के शेष बचे कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स-2' अनुसार है। आर.डी.एस.एस. योजना के द्वितीय चरण सिस्टम मार्डनाईजेशन के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'स-3' अनुसार है।

अवैध, अविकसित कालोनियां बनाई जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

99. ( क्र. 1414 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नगर पालिका परिषद जावरा एवं नगर परिषद् पिपलोदा की सीमा अंतर्गत एवं दोनों परिषदों की सीमा क्षेत्र से लगी एवं अत्यंत नजदीक स्थानों पर नियम विरुद्ध अनेक कालोनियां बिना अनुमति के निरंतर बनाई जा रही है? (ख) यदि हाँ तो क्‍या प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत वर्षों में माननीय मुख्यमंत्री जी, माननीय मंत्री जी, माननीय प्रमुख सचिव महोदय एवं माननीय आयुक्त महोदय सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही सदन में प्रश्‍नों के माध्यम से योग्य जांच एवं कार्यवाही हेतु निवेदन किया जा रहा है? (ग) वर्ष 2018-19 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक शासन/विभाग द्वारा अवैध कालोनियों को रोकने के लिये क्या-क्या कार्यवाहियां की गई? साथ ही विकास कार्यों संबंधी एवं आमजन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति किये जाने हेतु क्या-क्या कार्य हुए? वर्षवार, कार्य एवं की गई कार्यवाही से अवगत करेंl (घ) कालोनाईजरो द्वारा किस-किस कालोनियों में नियमानुसार विभिन्न आवश्यकता यथा: बगीचा, आडिटोरियम, पर्याप्त चौड़ाई की सड़क, नाली, बिजली इत्यादि अन्य कार्य किये, साथ ही किन-किन कालोनियों में कितने क्षेत्रफल के कितने-कितने प्लाट शासन/विभाग को अनुबंध कर माड्गेज (गिरवी) किये तो कालोनाईजर द्वारा कार्य नहीं किये जाने पर कितने राजसात किये एवं किस प्रकार आगामी कार्यवाही की गई? वर्षवार जानकारी देंl

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं, म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 में संशोधन होने एवं म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 के दिनांक 13.01.2022 से प्रभावशील होने के पश्‍चात प्रश्‍नांकित नगर पालिका की सीमा में अवैध कॉलोनियॉं नहीं बनाई जा रही हैं, नगर पालिका सीमा क्षेत्र के बाहर म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 प्रभावशील न होने के कारण इस विभाग द्वारा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) उत्‍तरांश (क) के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। यद्यपि विगत वर्षों में इस संबंध में विधानसभा प्रश्‍न उठाये गये हैं। (ग) राज्‍य सरकार द्वारा म.प्र. नगर पालिका अधिनियम, 1961 एवं इसके अंतर्गत बनाये गये नियमों में अवैध कॉलोनियों की रोकथाम एवं अवैध कॉलोनी बनाने का अपराध कारित करने वाले निर्माणकर्ताओं के विरूद्ध दण्‍डात्‍मक कार्यवाही करने के पर्याप्‍त प्रावधान रखे गये हैं, जिसके अंतर्गत स्‍थानीय स्‍तर पर सक्षम प्राधिकारी अर्थात जिला कलेक्‍टर द्वारा कार्यवाही की जाती है। वर्ष 2018-19 की अवधि में म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनाईजर का रजिस्‍ट्रीकरण निर्बंधन तथा शर्ते) नियम, 1998 के नियम 15-क के अंतर्गत दिनांक 31.12.2016 के पूर्व अस्तित्‍व में आई अवैध कॉलोनियों के नियमितीकरण की कार्यवाही प्रारंभ की गई थी परंतु माननीय उच्‍च न्‍यायालय द्वारा दिनांक 03.06.2019 को नियम 15-क को अधिकारातीत घोषित कर दिये जाने के कारण नियमितीकरण की कार्यवाही नहीं हो सकी तत्‍पश्‍चात राज्‍य सरकार द्वारा नगर पालिका अधिनियम में संशोधन कर, म.प्र. नगर पालिका (कॉलोनी विकास) नियम, 2021 दिनांक 13.01.2022 से प्रभावशील किये गये, जिसके अनुसार प्रश्‍नांकित नगर पालिकाओं के सीमा क्षेत्र में स्थित अनधिकृत कॉलोनियों में मूलभूत आवश्‍यकताओं की पूर्ति किये जाने हेतु प्रक्रिया आरम्‍भ कर दी गई है, की गई कार्यवाही एवं मूलभूत आवश्‍यकताओं की पूर्ति किये जाने हेतु किये गये कार्य की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-अनुसार है। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'अनुसार है।

वक्फ कमेटियों व सम्पतियों की जानकारी

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

100. ( क्र. 1415 ) डॉ. राजेन्‍द्र पाण्‍डेय : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) रतलाम जिले में राज्य, शासन/विभाग अंतर्गत अल्पसंख्यक वर्ग कल्याण एवं विभिन्न अन्य कार्य किये जाने हेतु किन-किन स्थानों पर किस-किस प्रकार की कमेटियां कार्य कर रही है? (ख) विभिन्न कमेटियां किन-किन वर्षों में बनाई जाकर कब से कार्यरत है एवं इनके माध्यम से किस-किस प्रकार के कार्य किये जाते है तथा इनके अधीन किन-किन स्थानों पर कितने भवन, भूमि तथा अन्य इत्यादि भी अधीनस्थ होकर शासन/विभाग की पंजी में संधारित है? सम्पूर्ण जानकारी देंl (ग) शासन/विभाग द्वारा बनाई गई कमेटियों एवं उनके द्वारा किये जा रहे नियम विरुद्ध असंवैधानिक कार्यों के संबंध में वर्ष 2015-16 से लेकर प्रश्‍न दिनांक तक कितनी शिकायते हुई, उन पर क्या-क्या कार्यवाही हुई? वर्षवार जानकारी देंl (घ) क्‍या राज्य अंतर्गत आनेवाली वक्फ सम्पतियों पर किन-किन स्थानों पर किस-किस प्रकार के अवैध कब्जे एवं अतिक्रमण के साथ ही संपत्तियों के मूल स्वामित्व में षड्यंत्रपूर्वक कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से संपतियों को हड़पने का कार्य किया गया? यदि हाँ तो किस प्रकार की जांच एवं कार्यवाहियां की गई? विवरण दें।

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) :                                               (क) रतलाम जिले में विभाग के अधिनस्‍थ म.प्र. वक्‍फ बोर्ड के अंतर्गत स्‍वीकृत प्रबंध कमेटियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-एक अनुसार है। (ख) प्रबंध कमेटियों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-दो अनुसार है तथा प्रबंध कमेटियों के अधीन भवन भूमि इत्‍यादि की सम्‍पूर्ण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-तीन अनुसार है। (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।                               (घ) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-चार, पांच, छह एवं सात अनुसार है।

आई.पी.डी.एस. योजना का क्रियान्‍वयन

[ऊर्जा]

101. ( क्र. 1416 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत केन्‍द्र की आई.पी.डी.एस. योजना के तहत नीमच जिले में जिला स्तर नीमच शहर के मुख्य मार्गों की विद्युत लाईनों को भूमिगत किये जाने का कार्य किया गया था, यदि हाँ तो 01 जनवरी, 2019 के पश्‍चात नीमच शहर की कौन-कौन सी सड़कों की लाइनों को भूमिगत किया गया है? (ख) क्या यह सही है की उक्त भूमिगत लाइन योजना में नीमच की भी सड़कों के प्रस्ताव है यदि हाँ तो कौन-कौन सी है?                                       (ग) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत केन्‍द्र की आई.पी.डी.एस. योजना के तहत शहरों में विद्युत लाइनों के भूमिगत किये जाने को लेकर चयन का क्या आधार था, आई.पी.डी.एस. योजना के तहत म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड इंदौर को कुल कितनी राशि केंद्र सरकार से प्राप्त हुई थी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर क्षेत्रांतर्गत केन्‍द्र शासन की आई.पी.डी.एस. योजना के तहत नीमच शहर के मुख्‍य मार्गों की विद्युत लाईनों को भूमिगत किये जाने का कार्य नहीं किया गया है एवं न ही किया जा रहा है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) जी नहीं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता।  (ग) आई.पी.डी.एस. योजना के तहत विद्युत लाईनों को भूमिगत किये जाने संबंधी दिशा-निर्देशों की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर द्वारा योजनांतर्गत कार्यों का चयन, योजना के दिशा-निर्देशों/प्रावधानों के अनुरूप किया गया है। आई.पी.डी.एस. योजना के तहत केन्‍द्र शासन से म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड, इन्‍दौर हेतु कुल राशि रू. 523.76 करोड़ स्‍वीकृत हुई थी एवं योजनान्‍तर्गत राशि रू. 495.74 करोड़ का व्‍यय हुआ है।

परिशिष्ट - "छियासठ"

वाहन तथा टोल संग्रहण की अनुमानित राशि

[लोक निर्माण]

102. ( क्र. 1419 ) श्री दिलीप सिंह परिहार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) लेबड-जावरा तथा जावरा-नयागांव फोरलेन सड़क की उस फिजीबिलीटी रिपोर्ट की प्रति देवें। जिसमे वर्ष 2009 से 2033 तक के टोल बूथ से निकलने वाले वाहन तथा टोल संग्रहण की अनुमानित राशि का उल्लेख है तथा रिपोर्ट की उस पृष्ठ संख्या का उल्लेख करें जहाँ अनुमानित वाहन तथा राशि‍ की गणना है? (ख) प्रश्‍नाधीन दोनों फोरलेन सड़क की अवधि 25 वर्ष जिन अनुमानित आकड़े/संख्या के आधार पर तय की गयी वह उल्लेखित करें तथा बतायें की टोल अवधि तय करने का सूत्र क्या है तथा बतायें की फिजीबिलीटी रिपोर्ट किस कन्सलटेंट द्वारा बनाई गयी और उसे कितने शुल्क का भुगतान किया गया? (ग) विभाग द्वारा विधानसभा में पूर्व में जो जानकारी उपलब्ध कराई गयी है उस पर किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के हस्ताक्षर क्यों नहीं है तथा दोनों मार्ग पर फरवरी 2022 तथा निवेशकर्ता द्वारा किया गया व्यय 2351 करोड़ तथा 2218 करोड़ का ब्रेकअप विभागीय पत्र द्वारा प्रदान किया जाय तथा खर्च के ब्रेकअप का सत्यापन जिन दस्तावेजों के आधार पर किया गया उसकी प्रतियां अवश्य देवें? (घ) जावरा नयांगाव रोड पर प्रीमियम के रूप में 25.06 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष तथा लेबड-नयांगाव पर लगभग 7.50 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष प्रीमियम ही क्यों प्राप्त होगी दोनों अनुबंध में अंतर क्यों है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) लेबड-जावरा एवं जावरा-नयागांव फोर लेन परियोजना की फिजीबिलीटी रिपोर्ट अनुसार यातायात गणना की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'अनुसार (ख) प्रश्‍नाधीन दोनों मार्गों की कंसेशन अवधि यातायात गणना तथा भविष्‍य में संभावित यातायात आंकलन को दृष्टिगत रखते हुए निर्माण लागत, ब्‍याज, कंसेशन अवधि में ऑपरेशन मेंटेंनेंस लागत, इंडिपेन्‍डेन्‍ट इंजिनीयर की फीस इक्‍यूटी आदि की गणना फाईनेनशियल मॉडल के आई.आर.आर. गणना अनुसार फिजीबिलीटी रिपोर्ट अनुसार 25 वर्ष निर्धारित की गई है। प्रश्‍नाधीन दोनों मार्गों की फिजीबिलीटी रिपोर्ट मेसर्स ईस्‍ट कंसल्‍टएल.आर.पी.सी.सी.जे.व्‍ही. द्वारा तैयार की गई है, फिजीबिलिटी कंसलटेंट को राशि रू. 2,45,40,682/- का भुगतान कंसलटेंसी फीस के रूप में किया गया है। (ग) विभाग द्वारा पूर्व में जो जानकारी दी गई है उनके परिशिष्‍टों में विभागीय अधिकारियों के हस्‍ताक्षर है। निवेशकर्ता द्वारा आय-व्‍यय सीए प्रमाण-पत्र की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'अनुसार (घ) जावरा-नयागांव मार्ग एवं लेबड़-जावरा मार्ग दोनों अलग परियोजनाएं है। दोनो मार्गों की परियोजनाओं की निविदाएं पृथक-पृथक आमंत्रित की गई थी। परियोजनाओ के स्‍वरूप (स्‍कोप) आदि में भी अंतर होने के कारण प्रीमियम अलग-अलग हैं।

नगर पालिका अध्‍यक्षों को शासकीय आवास आवंटन

[नगरीय विकास एवं आवास]

103. ( क्र. 1420 ) श्री बाबू जन्‍डेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या म.प्र. शासन एवं नगरीय विकास एवं आवास विभाग के नियम/निर्देशों आदेशों के तहत नगर पालिका अध्यक्ष को शासकीय आवास आवंटित किये जाने की पात्रता है? यदि हां तो मध्यप्रदेश में कौन-कौन से एवं कहां के नगरपालिका अध्यक्ष को शासकीय या नगर पालिका निधि से निर्मित शासकीय आवास आवंटित किये गये है? सूची उपलब्ध कराएं तथा नियम/निर्देशों/ आदेशों की छायाप्रति उपलब्ध कराएं? (ख) क्या श्योपुर नगर पालिका के निर्वाचित पार्षदों द्वारा समय-समय पर नगरपालिका से संबंधित शिकायती आवेदन पत्र प्रदेश सरकार को एवं जिला प्रशासन को प्रस्तुत किये गये है? यदि हां तो उन पर क्या कार्यवाही की गई? अवगत कराएं।                                                    (ग) कायाकल्प अभियान के तहत स्वीकृत निर्माण कार्य एवं स्वीकृत निविदाओं के उपरान्त भी कार्य प्रारंभ नहीं कराये जाने का क्या कारण है? क्या शासन उक्त निर्माण कार्यों को प्रारंभ कराये जाने हेतु अतिशीघ्र बजट उपलब्ध कराएगा? यदि हां तो समय-सीमा बताएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। प्रदेश में नगरीय निकाय के अध्यक्ष को आवास आवंटन किये जाने हेतु शासन के कोई दिशा-निर्देश नहीं हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ख) जी हाँ। नगरपालिका श्योपुर के निर्वाचित पार्षदों द्वारा समय-समय पर नगरपालिका से संबंधित 12 शिकायती आवेदन पत्र प्रदेश सरकार व जिला प्रशासन के माध्यम से निकाय में प्राप्त होकर जिनमें 05 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है, शेष पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। (ग) जी नहीं, अपितु कायाकल्प अभियान प्रथम चरण अंतर्गत स्वीकृत निर्माण कार्य एवं स्वीकृत निविदाओं के उपरांत अभी तक प्रदेश में लगभग 51.00 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो गया है, शेष कार्य प्रगतिरत है। जी हां, योजनान्तर्गत राज्य शासन से वर्ष 2022-23 में राशि रूपये 350.00 करोड़ का आवंटन प्राप्त होने पर निकायों को उपलब्ध कराया गया हैं। वर्ष 2023-24 में राशि रूपये 200.00 करोड़ का आवंटन प्राप्त होकर निकायों को कार्यों की प्रगति के आधार पर उपलब्ध कराया जा रहा है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

मुरैना में सीवर लाईन का कार्य

[नगरीय विकास एवं आवास]

104. ( क्र. 1424 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) मुरैना नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाईन डालने का कार्य की वर्तमान स्थिति क्‍या है? कितने क्षेत्र में लाइन डल चुकी है? कितने में अधुरी है एवं कितने क्षेत्र में अभी कार्य अप्रारंभ है? (ख) कार्ययोजना एवं निविदा अनुसार उक्‍त्त कार्य कब तक पूर्ण किया जाना था एवं कब तक संपूर्ण हो सकेगा? समय-सीमा बताएं। समय-सीमा में कार्य पूर्ण नहीं किए जाने पर ठेकेदार पर कितना जुर्माना वसूला गया? यदि नहीं तो क्यों? (ग) मुरैना नगर निगम क्षेत्र लगभग समस्‍त वार्डों में पानी निकासी की उचित व्‍यवस्‍थ क्‍यों नहीं है? अनेक बस्‍तियों में पानी भरा हुआ है एवं गंदगी चरम सीमा पर है। (घ) क्‍या विभाग शहर के चारों ओर शहर के नालों को जोड़ते हुए नाली निर्माण कर शहर से बाहर पानी की निकासी हेतु योजना तैयार करेगा? यदि हां तो कब तक? यदि नहीं तो विभाग द्वारा शहर को गंदगी मुक्‍त किये जाने हेतु क्‍या योजना बनाई है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) अमृत 1.0 योजना अंतर्गत मुरैना शहर की सीवरेज परियोजना में प्रथम चरण में स्‍वीकृत 24 वार्डों का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। शेष 23 वार्डों में सीवर लाईन डालने का कार्य द्वितीय चरण में अमृत 2.0 योजना अंतर्गत प्रस्‍तावित है। जिसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। (ख) अमृत 1.0 अंतर्गत सीवर योजना का कार्यादेश दिनांक 29.07.2016 को जारी किया गया। अनुबंध अनुसार 02 वर्ष में कार्य पूर्ण किया जाना निर्धारित था। सक्षम स्‍वीकृत उपरांत अतिरिक्‍त समय अ‍वधि प्रदान की जाकर दिनांक 30.12.2021 को कार्य पूर्ण किया गया। समया‍वधि में कार्य पूर्ण नहीं करने के कारण ठेकेदार पर राशि रू. 5,41,650/- पेनाल्‍टी अधिरोपित की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                                             (ग) मुरैना नगर निगम क्षेत्र में लगभग सभी वार्डों में पानी निकासी की व्‍यवस्‍था है। शहर के बड़े नालों को पाईप डालकर भूमिगत किया गया है। अत्‍यधिक वर्षा के दौरान कभी-कभी जल भराव की स्थिति होती है। नगर निगम के सीमा क्षेत्र में सम्मिलित 12 ग्राम पंचायतों में जल भराव की स्थिति के निराकरण हेतु नवीन नाली-नालों का निर्माण कराया जाना प्रस्‍तावित है। नगर निगम द्वारा नगरीय क्षेत्र में सफाई कार्य निरंतर कराया जाता है, व्‍यवसायिक क्षेत्र में रात्रि कालीन सफाई के साथ विशेष अवसरों पर दल गठित कर सफाई कार्य कराया जाता है। (घ) जी हां, नालियों का निर्माण कर शहर से बाहर पानी की उचित निकासी हेतु कार्ययोजना तैयार की जा रही है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं, शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

सामग्री का क्रय एवं भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

105. ( क्र. 1425 ) श्री दिनेश गुर्जर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद अंबाह जिला मुरैना (म.प्र.) द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट आज दिनांक तक परिषद में पारित नहीं हुआ है? यदि हाँ तो नगर पालिका द्वारा समस्त भुगतान जैसे कि निर्माण, सफाई, पेयजल, पेट्रोल-डीजल, बिजली बिल मशीनों की खरीद, कीटनाशक फिनायल आदि बिना किसी बजट पत्रक के मुताबिक किस प्रकार किए जा रहे हैं? (ख) क्या भुगतान मनमाने तरीके से किया जा रहे हैं? क्या उक्त भुगतान वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आते हैं? यदि हाँ तो विभाग कब तक जांच करा कर दोषियों पर कार्रवाई करेगा। (ग) क्या लेखा शाखा प्रभारी पर प्रश्‍न दिनांक तक इस वित्तीय वर्ष हेतु अनुदान पंजी एवं नगर पालिका निधि का कोई लेखा- जोखा नहीं है? यदि हाँ तो क्यों? यदि नहीं तो जानकारी उपलब्ध कराई जाये। (घ) इसके बावजूद नगर पालिका द्वारा प्रतिदिन भुगतान कैसे किये जा रहे हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हॉं, नगर पालिका परिषद अम्‍बाह, जिला मुरैना का वित्‍तीय वर्ष 2023-24 का आय-व्‍यय बजट परिषिद द्वारा पारित नहीं किया गया है, नगर पालिका के समस्‍त भुगतान जिनमें निर्माण, सफाई, पेयजल, पेट्रोल-डीजल, बिजली बिल, मशीनों की खरीद, कीटनाशक फिनाइल आदि का भुगतान प्रेसीडेन्‍ट इन काउसिंल के संकल्‍प क्रमांक 25 दिनांक 28.02.2023 से अनुशंसित आय-व्‍यय (बजट) में प्रावधानित राशि के आधार पर म.प्र. नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा 116 (3) (क) एवं म.प्र. नगर पालिका (लेखा एवं वित्‍त) नियम 2018 के प्रावधानों का पालन करते हुये किया जा रहा है। (ख) निकाय द्वारा सभी भुगतान नियमानुसार किये जा रहे हैं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) निकाय के लेखा शाखा प्रभारी द्वारा वित्‍तीय वर्ष हेतु नियमित रूप से अनुदान पंजी, लेखा केशबुक का संधारण एवं नगर पालिका निधि के लेखा भी नियमित संधारित किये जा र‍हा है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) निकाय द्वारा नियमानुसार भुगतान किये जा रहे हैं।

निर्माण कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

106. ( क्र. 1428 ) श्री सुरेश राजे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद् डबरा में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारि‍यों की स्‍टॉफ पोजीशन के साथ वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक संविदा/मानदेय पर नियुक्त किये गए कर्मचारियों की विस्तृत जानकारी देवें इन कर्मचारियों की नियुक्ति हेतु विज्ञप्ति किस समाचार पत्र अथवा रोजगार कार्यालय से आवेदन मांगे गए जिन्हें विचारार्थ परिषद् की किस बैठक में रखा गया? यदि नहीं तो शासन के किस आदेशानुसार इनकी नियुक्ति की गई? आदेश/नियम की सत्यापित प्रति देवें(ख) क्या श्री प्रदीप सिंह भदौरिया (मुख्य नगर पालिका अधिकारी) डबरा की प्रथम नियुक्ति आरक्षण वर्ग से किस पद पर होने से किस कार्यालय में किस दिनांक को उपस्थित हुए? यदि हाँ तो प्रमाणित अभिलेख की सत्यापित प्रति उपलब्ध करवाएंl (ग) नगर पालिका डबरा द्वारा दिनांक 01/10/23 से प्रश्‍न दिनांक तक 01 लाख से कम के विभिन्न निर्माण कार्य एवं मरम्मत कार्यों तथा 01 लाख से अधिक राशि के निर्माण कार्यों के भुगतान हेतु नोटशीट एवं भुगतान रसीद की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध करवाएंl

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका परिषद डबरा में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारियों की स्‍टॉफ पोजीशन के साथ वर्ष 2014 से प्रश्‍न दिनांक तक संविदा मानदेय पर कोई नियुक्ति नहीं की गई है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                                          (ख) म.प्र. शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्रालय, भोपाल के आदेश क्रमांक एफ 4-66/2014/18-1, भोपाल दिनांक 20.09.2017 द्वारा श्री प्रदीप सिंह भदौरिया, अनारक्षित (श्र.बा.) संवर्ग की प्रथम पदस्‍थापना नगर परिषद, लटेरी जिला विदिशा में की गई थी। जिसके परिप्रेक्ष्‍य में श्री भदौरिया नगर परिषद, लटेरी जिला विदिशा में दिनांक 13.10.2017, को उपस्थित हुये थे, जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' एवं '''' अनुसार है।

विद्युत वितरण व्‍यवस्‍था

[ऊर्जा]

107. ( क्र. 1432 ) श्री घनश्याम चन्द्रवंशी : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                           (क) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत संचालन-संधारण संभाग शुजालपुर के कालापीपल विधानसभा अंतर्गत कितने स्थानों पर 11 के.वी./एल.टी. लाईन के तार/ केबल, जमीन से मानक ऊंचाई से कम है? संख्‍यात्‍मक जानकारी देवें। क्या उक्त केबिल/वायर की ऊंचाई हेतु कोई नियम/दिशा-निर्देश हो तो उसकी प्रति उपलब्ध करावें। (ख) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत संचालन-संधारण संभाग शुजालपुर के वितरण केन्‍द्र कालापीपल में 01 अप्रैल, 2022 से 31 दिसम्‍बर, 2023 तक में केबिल/वायर नीचे होने के कितने मामलें पंजीकृत किये गये, कितने मामलों का निराकरण किया गया, पीड़ित के नाम, पता, मुआवजा राशि‍ की जानकारी सूची सहित प्रदाय करें। (ग) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लि. इंदौर क्षेत्रान्‍तर्गत संचालन-संधारण संभाग शुजालपुर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र कालापीपल में कितने 11 के.वी./एल.टी लाईन/केबिल को ठीक करने के कितने प्रस्ताव आर.डी.एस.एस. योजना में स्वीकृत किए गए उसका कार्यवार सूची देवें तथा कितने प्रस्‍ताव अस्वीकृत हुए उनकी सूची कारण सहित देवें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत प्रश्‍नधीन क्षेत्र सहित प्रदेश के सभी स्‍थानों पर 11 के.व्‍ही./एल.टी. लाईनों एवं समस्‍त विद्युत अद्योसंरचना का कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया गया है। किन्‍तु उक्‍त निर्माण कार्य के उपरान्‍त रहवासियों द्वारा अपने आवास निर्माण/विस्‍तार का कार्य किए जाने अथवा सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा सड़क‍ ऊँची किए जाने के कारण कतिपय स्‍थानों पर विद्युत अद्योसंरचना मानक ऊँचाई से कम हो जाती है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्रान्‍तर्गत कालापीपल विधानसभा क्षेत्र में 11 के.व्‍ही./एल.टी.लाईनों के तार/केबल मानक ऊँचाई से कम होने संबंधी 174 स्‍थानों को चिन्‍हां‍कित किया गया है। भारत सरकार, केन्‍द्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा अधिसूचित सुरक्षा और विद्युत आपूर्ति से संबंधित उपाय विनियम में दर्शित मानक ऊँचाई संबंधी नियम/दिशा-निर्देश पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) म.प्र. पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर के कालापीपल वितरण केन्‍द्र में दिनांक 01 अप्रैल, 2022 से दिनांक 31 दिसम्‍बर, 2023 तक की अवधि में केबल/वायर नीचे होने के पंजीकृत मामले निरंक हैं। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) म.प्र.पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत संचालन/संधारण संभाग, शुजालपुर के कालापीपल वितरण केन्‍द्र में 11 के.व्‍ही. लाईन को ठीक करने (सुदृढ़ीकरण) के कुल 28 एवं एल.टी.लाईन/केबल, को ठीक करने के कुल 321 प्रस्‍ताव आर.डी.एस.एस. योजना अंतर्गत स्‍वीकृत किये गये हैं। उक्‍त के अंतर्गत किए जाने वाले कार्यों की सूची पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'एवं 'अनुसार है। कोई प्रस्‍ताव अस्‍वीकृत नहीं है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता है।

कर्मचारियों की भर्ती

[नगरीय विकास एवं आवास]

108. ( क्र. 1437 ) श्री मनोज निर्भय सिंह पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिक निगम, नगर पालिका एवं नगर परिषद में अधिकारी/ कर्मचारियों के भर्ती करने के क्या प्रावधान हैं? उपलब्ध करावें। (ख) क्या कर्मचारी/अधिकारी की भर्ती में आरक्षण नियमों का पालन किया जाता है? किस वर्ग के लिये कितना आरक्षण प्रदान किया जा रहा हैं। (ग) पिछले बीस वर्षों में कितने कर्मचारी/अधिकारी की भर्ती हुई एवं भर्ती किन प्रावधानों के तहत की गई हैं? जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) कर्मचारी/अधिकारी की भर्ती हेतु कोई परीक्षा आयोजित की गई थी जानकारी उपलब्ध करावें या सीधी भर्ती की गई थी? बतावें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। अनुसूचित जाति वर्ग के लिये 16 प्रतिशत अनुसूचित जनजाति के लिये 20 प्रतिशत, अन्‍य पिछड़ा वर्ग के लिये 27 प्रतिशत एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिये (ई.डब्‍ल्‍यू.एस) 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा रहा है। (ग) एवं (घ) जानकारी संकंलित की जा रही है।

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के विभिन्‍न प्रकरणों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

109. ( क्र. 1461 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) BCLL के विरूद्ध प्रकरण क्रमांक डब्‍लू.पी. 26472/22 में नगर निगम भोपाल एवं BCLL द्वारा दिए गए जवाब की छायाप्रति प्रदान करें। जवाब देने वाले अधिकारी का पद एवं नाम बताएं। BCLL के विरूद्ध प्रकरण क्रमांक MJUAV/68/2020 के निर्णय की जानकारी प्रदान करें। क्‍या इस प्रकरण में BCLL के विरूद्ध निर्णय दिया गया। हां अथवा नहीं। यदि हां तो क्‍या उच्‍च न्‍यायालय में कोई अपील की गई? हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो अपील की प्रति उपलब्‍ध करायें। यदि अपील नहीं की गई तो अपील नहीं करने का कारण बतायें। प्रकरण में प्रकरण प्रभारी कौन था? क्‍या प्रकरण के निर्णय की जानकारी उच्‍चाधिकारियों/बोर्ड को अवगत कराई गई? यदि नहीं तो क्‍यों?                                       (ख) प्रकरण क्र. Arb Ex.No. 824/16 आर्य ओमनी टॉक वायरलेस साल्‍युशन प्रायवेट लिमिटेड विरूद्ध BCLL के प्रकरण में BCLL द्वारा आई.सी.आई.सी.आई. बैंक में संचालित खाते को रिलीज कराने हेतु दिये गए पत्र की जानकारी प्रदान करें। क्‍या इस पत्र का जांच कमेटी द्वारा जांच के दौरान अवलोकन किया गया, हाँ अथवा नहीं? यदि यह पत्र BCLL में उपलब्‍ध नहीं है तो क्‍या बैंक से इस पत्र की जानकारी जांच कमेटी द्वारा ली गई, हाँ अथवा नहीं? यदि नहीं तो क्‍यों? क्‍या जांच कमेटी द्वारा पूर्ण रूप से जांच की गई है? हाँ अथवा नहीं। क्‍या जांच वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक जो कि लगभग तीन वर्ष की अवधि है, में पूर्ण हो पाई है? हाँ अथवा नहीं। अगर जांच अधूरी है तो इसके लिये कौन अधिकारी जिम्‍मेदार है, पद एवं नाम बताएं। (ग) आयुक्‍त, नगर निगम भोपाल विरूद्ध टैक्‍सेशन अथॉरिटी/आर.टी.ओ.आर.टी.ओ., आफिस भोपाल Before the Appellate Authority/Transport Commissioner, MP Gwalior में अपील नं. 1/2018 एवं अपील न. 2/2018 में किस अधिकारी द्वारा जवाब दिया गया, पद एवं नाम बताएं। इन अपीलों पर प्रश्‍न दिनांक तक BCLL विभाग द्वारा क्‍या कोई कार्यवाही की गई? हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो जो कार्यवाही की गई उसकी जानकारी प्रदान करें। यदि नहीं तो कार्यवाही क्‍यों नहीं की गई, कारण बताएं। कार्यवाही न करने के लिए जिम्‍मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम बताएं। कार्यवाही कब तक की जायेगी, समयावधि बताएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रकरण क्रमांक डब्लू.पी. 26472/22 में नगर पालिक निगम भोपाल द्वारा वर्तमान में जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। बीसीएलएल द्वारा दिए गए जवाब की छायाप्रति पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 पर है तथा जवाब देने वाले अधिकारी का पद मैनेजर एडमिनिस्ट्रेशन एवं नाम श्री रोहित यादव है। प्रकरण क्रमांक MJUAV/68/2020 के निर्णय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-2 पर है। जी हाँ। जी नहीं।मेसर्स साईनपोस्ट द्वारा वर्ष-2020 में प्रथम लॉकडाउन अवधि की बकाया लायसेंस फी जमा नहीं करने के कारण बीसीएलएल द्वारा मेसर्स साईनपोस्ट इंडिया प्रा.लिमि. की बैंक गारंटी जप्‍त कर ली गई थी, जिसके संबंध में उक्त एजेंसी द्वारा माननीय न्यायालय में प्रकरण क्र. MJCAV/68/2020 दायर किया गया था। बीसीएलएल की 36वीं बोर्ड बैठक दिनांक 05.05.2022 के एजेण्डा बिन्दु क्र.-7 में लिये गये निर्णय एवं दिनांक 17/07/2023 को आयुक्त महोदय की अध्यक्षता में आयोजित Dispute Settlement Committee की बैठक में लिये गये निर्णय के परिपालन में अपील प्रस्तुत नहीं की गई। उक्त प्रकरण में अपील नहीं किये जाने के कारण प्रकरण प्रभारी नहीं बनाया गया। जी हाँ। प्रकरण के निर्णय की जानकारी उच्च अधिकारियों को अवगत कराई गई थी एवं उक्त प्रकरण के संबंध में आयुक्त नगर पालिक निगम की अध्यक्षता एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी की उपस्थिति में Dispute Settlement Committee की बैठक में लिये गये निर्णय अनुसार कार्यवाही की गई। (ख) आई.सी.आईसी.आई. बैंक में संचालित खाते को रिलीज कराने हेतु बीसीएलएल द्वारा कोई भी पत्र नहीं दिया गया। जी नहीं। अतः शेषांश का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। जी हाँ। इस कार्यालय द्वारा संबंधित आई.सी.आईसी.आई. बैंक को पत्र जारी कर बैंक से जानकारी चाही गई है। जी हाँ। जांच कमेटी द्वारा प्रकरण की प्रारंभिक जांच कर अंतरिम जांच रिपोर्ट सक्षम प्राधिकारी के समक्ष दिनांक 30/01/2023 को प्रस्तुत की गई थी। बीसीएलएल के पत्र पर आई.सी.आईसी.आई. बैंक से जवाब अपेक्षित होने के कारण जांच अपूर्ण है। अतः शेषांश का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता है। (ग) आयुक्त, नगर निगम भोपाल विरुद्ध टैक्सेशन अथॉरिटी ग्वालियर में बस ऑपरेटर मेसर्स केपीटल रोडवेज एंड फाईनेन्स प्रा.लिमि. के माध्यम से तत्कालीन अपर आयुक्त नगर पालिक निगम सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीसीएलएल श्री चन्द्रमौली शुक्ला द्वारा अपील की गई थी। उक्त अपीलों पर कार्यवाही टैक्सेशन अथॉरिटी, ग्वालियर के स्तर पर प्रचलित है। शेषांश का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता।

भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के विभिन्‍न निविदाएं

[नगरीय विकास एवं आवास]

110. ( क्र. 1462 ) श्री सुरेन्‍द्र सिंह हनी बघेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जेएनएनयूआरएम के तहत ए.सी. लो फ्लोर बसों की 2010 से 2013 तक नगर निगम भोपाल एवं BCLL द्वारा की गई विभिन्न इंस्पेक्शन रिपोर्ट की स्पष्ट छायाप्रति प्रस्तुत करें। क्या ए.सी. लो फ्लोर बसों की खरीदी के लिए सेन्‍ट्रल सेनक्‍शनिंग एण्‍ड मॉनिटरिंग कमेटी (CSMC) द्वारा 2012 में कोई आदेश जारी किए गए थे की नगर निगम द्वारा 2010 निर्मित ए.सी. लो फ्लोर बसे खरीदी जा सकती है, हाँ अथवा नहीं। क्या नगर निगम भोपाल/BCLL द्वारा जेएनएनयूआरएम के तहत 2013 में वर्ष 2010 की टाटा मारकोपोलो ए.सी. लो फ्लोर बसें खरीदी? हाँ अथवा नहीं। क्या वर्ष 2013 में वर्ष 2010 के निर्मित वाहन क्रय करना नवीन बस (न्यू बसेस) की श्रेणी में आता है? हाँ अथवा नहीं। (ख) 1 सितंबर, 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक BCLL के बस संचालकों को कुल कितनी राशि का भुगतान किया गया, कब किया गया किस मद के तहत किया गया, किस अधिकारी द्वारा किया गया, का निविदा अनुसार पृथक-पृथक गौशवारा बनाकर जानकारी देने का कष्ट करें। क्या इस समय अवधि में कोई पूर्व के रूके हुए भुगतान भी किए गए हैं? हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो कृपया विवरण दें। BCLL के निविदा क्रमांक 25, 115, 127, 142, 149, 157, 183 के तहत निविदा दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक क्या समय-समय पर क्या BCLL को शासन के विभिन्न विभागों से विज्ञापन प्राप्त हुये। हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो उनका संपूर्ण विवरण, दिनांक, राशि, बसों की संख्या, समय अवधि, गौशवारा बनाकर प्रदान करें। (ग) बी.सी.एल.एल. की निविदा NIT 78 के तहत क्या निम्न Software Harman, Amnex, app.periscopedata.com, Recon.chalo.com, Chalo.com, Mpass को official software की मान्यता प्राप्त हुई है? हाँ अथवा नहीं। यदि हाँ तो, कौन सा software official है उसकी मान्यता का कमिश्नर/सी.ई.ओ./अधिकारी द्वारा जारी पत्र की जानकरी प्रदान की जाए। यदि नहीं तो किस आधार पर और किस सॉफ्टवेटर के तहत आपरेटर्स को NIT 78 के तहत भुगतान किया गया जानकारी दें। बी.सी.एल.एल. का पत्र क्रमांक BCLL/BPL/2019/171-173 dt. 13.12.2019, BCLL/BPL/2019/316 dt. 07.01.2020, BCLL/BPL/2023/4133 dt. 13.06.2023 एवं BCLL/BPL/2023/4495-96 dt. 23.10.2023 पत्रों पर की गई कार्यवाही का पृथक से पूर्ण विवरण दें। यदि कार्यवाही नहीं की गई तो कब तक की जायेगी समयावधि बतायें।  (घ) BCLL के अंतर्गत संचालित बसों का भोपाल आर.टी.ओ. के प्रति वर्ष 2021 से प्रश्‍न दिनांक तक कितना टैक्स बकाया है या था का पूर्ण विवरण, वर्षवार, माहवार, प्रत्येक वाहन क्रमांक, भुगतान दिनांक के आधार पर गौशवारा बनाकर देवें। BCLL द्वारा 1 जून 2015 से प्रश्‍न दिनांक तक आरटीओ. भोपाल को बसों के टैक्स से सबंधित भुगतान के लिये क्या टैक्स का भुगतान एजेन्ट के माध्यम से किया गया है। हाँ अथवा नहीं। क्या टैक्स के लिये BCLL. अधिकारी/कर्मचारी को उनके बैंक खाते में राशि का एडवांस दिया गया? हाँ अथवा नहीं। BCLL के जिस अधिकारी/कर्मचारी के खाते से ऐज़न्ट को बस टैक्स अथवा शुल्क का भुगतान किया गया है उस बैंक खाते का क्रमांक, बैंक खाता धारक का नाम पूर्ण विवरण प्रदान करें।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जेएनएनयूआरएम के तहत ए.सी. लो फ्लोर बसों की 2010 से 2013 तक नगर निगम भोपाल एवं BCLL द्वारा की गई विभिन्न इंस्पेक्शन रिपोर्ट पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-1 पर है। जी नहीं। जी हाँ। नगर निगम भोपाल द्वारा वर्ष 2010 में जारी कार्यादेश के अनुक्रम में वर्ष 2013 में बसे प्राप्त की गई थी। जी हाँ। नगर निगम भोपाल द्वारा जे.एन.एन.यू.आर.एम. योजनार्न्‍तगत स्वीकृत 225 नग बसों (205 नॉन एसी एवं 20 एसी बसें) हेतु दिनांक 09/11/2009 को जारी कार्यादेश के तारतम्य में वर्ष 2013 में टाटा मारकोपोलो ए.सी. लो-फ्लोर बसें प्राप्त की जाकर संबंधित बस ऑपरेटर को संचालन हेतु चरणबद्ध रूप से हस्तांतरित की गई। शेषांश का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता। (ख) सितंबर 2023 से प्रश्‍न दिनांक तक BCLL के बस संचालकों को निविदा अनुसार किये गये कुल भुगतान राशि, भुगतान दिनांक एवं मदवार गौशवारा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-2 पर है। जी हाँ। इस समय अवधि में पूर्व के रुके हुये भुगतान का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-3 पर है। जी हाँ। BCLL के निविदा के निविदा क्रमांक 25, 115, 127, 142, 149, 157, 183 के तहत निविदा दिनांक से प्रश्‍न दिनांक तक शासन के विभिन्न विभागों से प्राप्त विज्ञापनों का संपूर्ण विवरण, दिनाक, राशि, बसों की संख्या, समय अवधि की जानकारी का गौशवारा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-4 पर है। (ग) जी हाँ। निविदा क्र. 78 अंतर्गत निष्पादित अनुबंध अनुसार वेबएप्लीकेशन app.periscopedata.com, Recon.chalo.com, mpass.chalo.com, ऑफिसियल सॉफ्टवेर है। उक्त Official Software की मान्यता का कमिश्नर/सी.ई.ओ/अधिकारी द्वारा मान्यता आर्डर, नोटशीट एवं दस्तावेज पृथक से उपलब्ध नहीं है। तत्कालीन अपर आयुक्त नगर पालिक निगम सह मुख्य कार्यपालन अधिकारी बीसीएलएल श्री चन्द्रमौली शुक्ला द्वारा अपील की गई थी। उक्त अपीलों पर कार्यवाही टैक्सेशन अथॉरिटी, ग्वालियर के स्तर पर प्रचलित है। शेषांश का प्रश्‍न उत्पन्न नहीं होता। बी.सी.एल.एल. द्वारा एजेंसी को विभिन्न कारण बताओं सूचना पत्र जारी किये गये थे जिसके पालन में एजेंसी द्वारा अपने कार्यों में सुधार किया गया है एवं शेष के संबंध में कार्यवाही प्रचलन में है। (घ) BCLL के अंतर्गत संचालित बसों का भोपाल आर.टी.ओ. से प्राप्त जानकारी अनुसार पूर्व में कुल बकाया टैक्स राशि एवं वर्तमान में कुल बकाया टैक्स राशि का पृथक-पृथक विवरण की जानकारी का गोशवारा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-5 पर है। जी हां। जी हाँ। अधिकारी जिनके खाते से ऐजन्ट को बस टैक्स अथवा शुल्क का भुगतान किया गया है के बैंक खाते का क्रमांक, बैंक खाता धारक का नाम पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-6 पर है।

कोयला खरीदी एवं उत्‍पादन की क्षमता

[ऊर्जा]

111. ( क्र. 1469 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                               (क) मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के कुल कितने थर्मल पावर प्लांट मध्य प्रदेश में है और उनके नाम और उनकी क्षमता कुल कितनी है? संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट में वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19, 2019-20, 2020-21 2021-22, 2022-23 एवं 01 अप्रैल, 2023 से 31 दिसंबर, 2023 तक प्रति वर्ष कुल कितना कोयला खपत हुई और उससे फ्लाई ऐश कितनी मात्रा में निकली, फ्लाई ऐश का निष्पादन कितना-कितना किया गया और उसकी विक्रय दर प्रति मेट्रिक टन कितनी रही, वह किस माध्यम से किस-किस सीमेंट प्लांट, लघु उद्योग, ईटा भट्टा, सड़क निर्माण, अन्य आदि को भेजा गया? फ्लाई ऐश किस फर्म द्वारा कुल कितने वाहन कितनी मात्रा की राख का परिवहन किया गया की वर्षवार जानकारी यथावर्ष कंपनी का नाम, वाहनों की संख्‍या एवं कुल राख की मात्रा एवं विक्रय दर का विवरण प्रोफार्मा में उपलब्‍ध कराया जाए। (ख) क्या इन थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयले की आपूर्ति रेल सड़क और अन्य परिवहन माध्यमों से होती है उसकी जानकारी दी जाए, इनमें से किन-किन थर्मल पावर प्लांट में आर सीआर (रोड कम रेल) के अंतर्गत खदानों से रोड से कोयला उठा परिवहन कर रेल रैक में लोड कर कहां-कहां भेजा जाता है उनके सभी वर्तमान परिवहनकर्ताओं के नाम उनकी दर तथा कोयला खदान लोडिंग पॉइंट एंड में उसकी गुणवत्ता जीसीबी तथा अनलोडिंग पॉइंट थर्मल पावर प्लांट में पहुंचने के बाद कोयले की जीसीबी में भेजे गए कोयले में का क्या-क्या अंतर मिला? सम्पूर्ण विवरण दिया जाय। (ग) क्या आर.सी.आर. के अंतर्गत उठाए गए कोयले और पावर प्लांट तक पहुंचे हुए कोयले में जो गुणवत्ता में अंतर गिरावट आई या मिली उसके लिए ठेकेदारों से कितनी ग्रेड स्लिपेज की राशि पिछले 5 वर्षों में वसूली गई की जानकारी दी जाए। (घ) क्या संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट में रेल रैकों से जो कोयला आता है उसमें भारी मात्रा में कोयले के बड़े-बड़े विशाल पत्थर रहते हैं। यदि हाँ तो इसकी विगत 5 वर्षों की जानकारी दी जावे तथा उसके हटाने उसके बाहर फेकनें तथा परिवहन करने और निकालने में कितनी राशि खर्च हुई तथा जो उस कोयले के साथ जो पत्थर आया उसके लिए कोल इंडिया से कितनी रिफंड राशि विगत 5 वर्षों में भरपाई की गई?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के चार ताप विद्युत गृह मध्‍यप्रदेश में स्थित हैं। उक्‍त ताप विद्युत गृहों के नाम एवं क्षमता की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर में वित्‍तीय वर्ष 2017-18 से वर्ष 2023-24 (31 दिसंबर 2023 तक) तक प्रतिवर्ष कुल कोयला खपत, उससे उत्‍सर्जित फ्लाई ऐश मात्रा तथा निष्‍पादित फ्लाई ऐश की मात्रा की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। उक्‍त उत्‍सर्जित फ्लाई ऐश की प्रति मीट्रिक टन विक्रय दर, परिवहन माध्‍यम, सीमेंट प्‍लान्‍ट/लघु उद्योग/ईट भट्टा/सड़क निर्माण वाली फर्म/एजेंसी का नाम जिसे फ्लाई ऐश प्रदाय किया गया, वाहनों की संख्‍या तथा परिवहन की गई फ्लाई ऐश की मात्रा की वर्षवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ख) उपरोक्‍त ताप विद्युत गृहों में से अमरकंटक ताप विद्युत गृह की कोयले की आपूर्ति रेल के माध्‍यम से एवं सतपुड़ा ताप विद्युत गृह सारनी में कोयले की आपूर्ति मुख्‍यत: रेल एवं रोड के माध्‍यम से की जाती है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर में कोयले की आपूर्ति रेल, सड़क और आर.सी.आर. (रोड कम रेल) के अंतर्गत खदानों से कोयला उठा कर रोड से परिवहन कर रेल रैक में लोड कर की जाती है। श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना, दोंगालिया, खण्डवा में कोयले की आपूर्ति रेल एवं रोड़-कम-रेल (आर.सी.आर) माध्यमों से होती है। आर.सी.आर. मोड के अंतर्गत परिवहनकर्ताओं द्वारा एन.सी.एल., डब्‍ल्‍यू.सी.एल. एवं एस.ई.सी.एल. कोयला कंपनियों की विभिन्न खदानों से कोयला उठाकर श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना, दोंगालिया एवं संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर को भेजा जाता है। संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर एवं श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना, दोंगलिया में वर्ष 2019-20 से आर.सी.आर. (रोड कम रेल) माध्‍यम के अंतर्गत सभी परिवहनकर्ताओं के नाम, उनकी दर तथा कोयले के विश्‍लेषण के अंतिम परीक्षण परिणाम आने के पश्चात् कोयला खदान लोडिंग पाइंट एंड में उसकी गुणवत्ता जीसीवी तथा अनलोडिंग पाइंट थर्मल पावर प्लांट में पहुंचने के बाद कोयले की जीसीवी में अंतर की सम्पूर्ण जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'एवं प्रपत्र-'अनुसार है। अब तक रिकन्साईल किये गये आर.सी.आर. ठेको में कोयला खदान लोडिंग पॉइंट एंड में उसकी गुणवत्ता जीसीवी तथा अनलोडिंग पॉइंट थर्मल पावर प्लांट में पहुंचने के बाद कोयले की जीसीवी में अंतर का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। (ग) संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर एवं श्री सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना, दोंगलिया, खण्‍डवा में आर.सी.आर. के अंतर्गत उठाए गए कोयले और पावर प्लांट तक पहुंचे हुए कोयले की गुणवत्‍ता में आई गिरावट के लिए विगत 05 वर्षों में वित्तीय वर्षवार ठेकेदारों से वसूली गई ग्रेड स्लिपेज की राशि पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'एवं 'अनुसार है। प्रतीक्षित अंतिम गुणवत्‍ता परिणाम आने पर बची हुई पेनाल्‍टी का निर्धारण कर वसूल किया जावेगा। (घ) संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट में रेल रैकों से जो कोयला आता है उसमें कतिपय रैकों में विशाल आकार के पत्थर प्राप्त हुये हैं, जिसका दावा कोल इंडिया पर किया गया। पिछले पाँच वर्षों में उक्त पत्थरों को हटाने, उसके बाहर फेंकने, परिवहन करने और निकालने पर किये गये व्यय की राशि तथा इस कोयले के साथ जो विशाल पत्थर आये उसके लिये कोल इंडिया से रिफंड राशि प्राप्‍त करने हेतु कोल देयकों की रोकी गई (समायोजित) राशि का विवरण पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। दिनांक 01.06.2022 से सम्पूर्ण कोल हस्‍तान्‍तरण कार्य तथा सम्पूर्ण कोल अनलोडिंग कार्य के संचालन एवं संधारण का संयुक्त कार्यादेश क्रियाशील है जिसमें कोयले के साथ आने वाले पत्थरों को हटाने उसे बाहर फेंकने तथा परिवहन करने और निकालने का कार्य भी सम्मिलित है। अत: इस मद में पृथक व्यय राशि की गणना किया जाना संभव नहीं है। ईंधन प्रदाय अनुबंध के अनुसार कोल लदान बिन्दु के कोयले की गुणवत्ता के अंतिम परिणाम आने के उपरांत ही कोयले के साथ प्राप्त विशाल पत्थरों का दावा कोल इंडिया को प्रस्तुत किया जाता है। सितम्बर 2022 के उपरांत कुछ अंतिम विश्‍लेषण रिपोर्ट प्रतीक्षित होने के कारण उपरोक्‍त दावा अंतिम विश्लेषण रिपोर्ट प्राप्त होने पर किया जावेगा।

सोलर प्‍लांट निर्माण कार्य की जानकारी

[नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा]

112. ( क्र. 1470 ) श्री पंकज उपाध्याय : क्या नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग द्वारा मुरैना जिले में कितने सोलर प्लांट प्रस्तावित हैं क्या कार्रवाई की जा रही है कितनी जमीन अधिग्रहण की गई है टेंडर जारी कर दिया गया है, क्या अगर नहीं तो कब तक टेंडर जारी किया गया है तो किस कंपनी को ठेका दिया गया है? (ख) मुरैना जिले के जौरा विधानसभा में सोलर प्लांट, (सौर ऊर्जा) कब तक पूर्ण कर लिया जायेगा? (ग) सौर ऊर्जा के लिए किसानो से कुल कितनी जमीन अधिग्रहित की गई जमीन का मुआवजा किसानो को किस रेट से दिया गया है एवं अभी तक कितने किसानो को मुआवजा देना शेष है? (घ) सौर ऊर्जा से कितने मेगावाट बिजली पैदा होगी एवं यह बिजली किसको दी जायेगी। यह बिजली जौरा विधानसभा के किसानो एवं उपभोक्ताओं को सस्ती दरो में दी जायेगी? (ड.) जौरा विधान सभा में सोलर प्‍लांट में स्‍थानीय बेरोजगारों को कितने प्रतिशत रोजगार दिया जायेगा एवं इस विषय में क्‍या निर्माण एजेंसी से कोई अनुबंध किया गया है? यदि हाँ तो अनुबंध की जानकारी देवें।

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री ( श्री राकेश शुक्‍ला ) : (क) मुरैना जिले में 1400 मेगावाट क्षमता का एक सोलर प्‍लांट प्रस्‍तावित है, वर्तमान में 400 मेगावाट क्षमता परियोजना पर कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उक्‍त परियोजना अद्यतन शासकीय भूमि आवंटित की गयी है और निजी भूमि का अधिग्रहण नहीं किया गया है। विकासको के चयन हेतु निविदा 09.10.2023 को जारी की गई है। अत: किसी कंपनी/विकासक का चयन भी प्रक्रियाधीन है। पी.एम.कुसुम-अ योजनांतर्गत विद्युत उपकेन्‍द्र Rithorakala ग्राम Padawali, विकासखण्‍ड Morena तहसील Banmore जिला Morena में 02 मेगावाट का सोलर पॉवर प्‍लांट कृषक द्वारा स्‍वयं की भूमि पर स्‍वंय के व्‍यय पर स्‍थापित किया गया है। पी.एम. कुसुम '' योजनांतर्गत कृषकों का चयन वर्तमान में टेंडर द्वारा न किया जाकर प्री फिक्‍सड फीड इन टैरिफ पर ऑनलाईन रजिस्‍ट्रेशन के द्वारा किया जा रहा है। अब तक सबस्‍टेशन Rithorakala पर सोलर पॉवर प्‍लांट के अतिरिक्‍त मुरैना जिले कें अंतर्गत कोई आवेदन प्राप्‍त नहीं है। (ख) जौरा विधानसभा में विभाग द्वारा नवकरणीय ऊर्जा परियोजना विकसित करने हेतु विकासकों के चयन हेतु निविदा 09.10.2023 को जारी की गई है। सफल विकासकों के चयन उपरांत 24 माह में परियोजना विकसित की जाना प्रस्‍तावित है। (ग) सौर ऊर्जा प्‍लांट हेतु अद्यतन किसी भी निजी भूमि स्‍वामी की जमीन अधिग्रहित नहीं की गई और किसी भी किसान का मुआवजा शेष नहीं है। (घ) नवकरणीय ऊर्जा परियोजना के प्रथम चरण की क्षमता 400 मेगावाट होगी एवं इससे उत्‍पादित ऊर्जा मध्‍यप्रदेश पॉवर मैनेजमेंट कंपनी (MPPMCL) द्वारा क्रय की जावेगी। जो प्रदेश में विद्युत क्रय हेतु नियत संस्‍था है। यह विद्युत तीनों डिस्‍काम को सौर आपूर्ति के अनुसार प्रदान की जाएगी। पी.एम. कुसुम'' योजनांतर्गत सबस्‍टेशन Rithorakala ग्राम Padawali, विकासखण्‍ड Morena तहसील Banmore जिला Morena में 02 मेगावाट के सोलर पॉवर प्‍लांट से वर्ष में लगभग 36 लाख यूनिट विद्युत उत्‍पादित होगी, जिसे 'विद्युत क्रय अनुबंध' (PPA) अनुसार क्रय किया जायेगा।                                                     (ड.) परियोजना विकासकों द्वारा क्षेत्र के कुशल, अकुशल श्रमिकों को रोजगार में उपलब्‍धता तथा उपयोगिता के आधार पर प्राथमिकता दी जाती है। वर्तमान में किसी भी विकासक का चयन नहीं किया गया है। अत: कोई भी अनुबंध हस्‍ताक्षरित नहीं किया गया।

स्‍थाई वर्गीकृत दै.वे.भो. कर्मचारियों की जानकारी

[लोक निर्माण]

113. ( क्र. 1473 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल एवं नर्मदापुरम संभाग में लोक निर्माण विभाग में स्‍थाई वर्गीकृत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नाम, स्‍थाई वर्गीकरण दिनांक व वर्तमान पदस्थापना का उल्लेख करते हुए जिलावार सूची उपलब्‍ध कराते हुए बताये कि इन्हें किन मापदण्डों अथवा आदेशों के तहत स्थाई वर्गीकृत किया गया है? संबंधित आदेशों की प्रतिलिपि उपलब्‍ध कराने का कष्‍ट करें। (ख) विभाग में सन् 2016 से विनियमितीकरण योजना द्वारा स्थाई कर्मचारियों को अन्य कोई हितलाभ देने संबंधी कोई योजना क्या विभाग में विचाराधीन है? यदि हाँ तो योजना का प्रारूप बतावें व बतावें कि योजना कब तक लागू की जावेगी? (ग) विभाग में कितने शेष दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी है जो कि स्‍थाई वर्गीकृत नहीं है एवं कितने दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी वर्गीकृत है इनका नाम, वर्गीकरण दिनांक व वर्तमान पदस्‍थापना की सूची उपलब्‍ध करावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार। मापदण्‍ड अथवा आदेश के लिए प्रपत्र ए अनुसार। (ख) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-ब अनुसारजानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ अनुसार है।

नगरीय निकायों के विभिन्‍न कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

114. ( क्र. 1474 ) श्री देवेन्द्र पटेल : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगरपालिका परिषद बेगमगंज व नगर परिषद सिलवानी में विगत तीन वर्षों में कौन-कौन से विद्युतीकरण कार्य कितनी-कितनी लागत के स्‍वीकृत किये गये थे, इनका निर्माण किन एजेंसियों द्वारा किया गया? इन कार्यों का गुणवत्‍ता परीक्षण किनके द्वारा कब-कब किया गया? क्‍या इन गुणवत्‍ताहीन कार्यों की उच्‍च स्‍तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जावेंगी? यदि हाँ तो कब तक? (ख) प्रश्‍नांश (क) उल्‍लेखित निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों की पात्रता सूची में क्रम परिवर्तन किया जाकर प्राथमिकता को परिवर्तित किया गया है? क्‍यों व किस आधार पर किया गया? विवरण दें। (ग) नगर पालिका निगम भोपाल में कुत्तों की नसबंदी पर किये जा रहे वार्षिक व्‍यय और किये गये कार्य का मूल्‍यांकन, परीक्षण, सत्‍यापन किसके द्वारा किया जाता है? विवरण दें व बतावें कि स्‍ट्रीट डॉग की बढ़ती हुई भारी संख्‍या पर नियंत्रण न कर पाने के क्‍या कारण है? क्‍या यह सही है कि वर्षों से नसबंदी के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जाकर कागजी कार्यवाही की जाती है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकाल में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है। नगर पालिका परिषद बेगमगंज में कराये गये लाईट पोल्स के निविदा की शिकायत प्राप्त हुई है, जिसकी जांच के लिए समिति गठित की गई है जांच समिति द्वारा जांच की जा रही है। जांच प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर गुण-दोष के आधार पर नियमानुसार कार्यवाही की जाती है। समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। नगर परिषद सिलवानी में प्रश्‍नांकित कार्यों के गुणवत्ता के संबंध में कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, जिससे शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                            (ख) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत कलेक्‍टर से अनुमोदित हितग्राहियों की पात्रता सूची अनुसार प्रश्‍नांकित निकायों के हितग्राहियों की जिओ-टैगिंग के समय, हितग्राहियों की स्‍थल पर उपलब्‍धता, जिओ-टैगिंग एवं कार्य की भौतिक प्रगति के आधार पर भुगतान किया गया है।                                       (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार है।

छात्रवृत्ति की जानकारी

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

115. ( क्र. 1491 ) श्री सिद्धार्थ सुखलाल कुशवाहा : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) क्या सतना जिला अंतर्गत संचालित शासकीय एवं प्राइवेट कॉलेज में पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक वर्ष 2022-23 और 2023-24 की छात्रवृत्ति सभी संबंधित कॉलेज को दी जा चुकी है? यदि नहीं तो क्यों और यदि छात्रवृत्ति दी जा चुकी है तो कौन-कौन से कॉलेज को कितनी-कितनी राशि किस-किस दिनांक को भेजी गई है? दोनों शैक्षणिक सत्र की अलग-अलग कॉलेज की वर्षवार, राशिवार, विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं? (ख) सतना जिला अंतर्गत पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक वर्ग के लिए विभाग द्वारा कौन-कौन सी योजनाएं संचालित की जा रही है? संचालित योजनाओं के लिए जिले का कुल बजट कितना है? आवंटित बजट का कब-कब और कहां-कहां उपयोग किया गया और कितने लोगों को लाभ दिया गया है? सभी की अलग-अलग योजनावार और राशिवार विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराएं।

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) जी हाँ, वर्ष 2022-23 छात्रवृत्ति भुगतान की प्रक्रिया जारी है। वर्ष 2023-24 अंतर्गत छात्रवृत्ति पोर्टल आवेदन हेतु प्रारंभ है। वर्ष 2022-23 अंतर्गत विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति भुगतान की राशि, कॉलेज का नाम, विद्यार्थी संख्‍या की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-अ अनुसार है। (ख) सतना जिला अंतर्गत पिछड़ा वर्ग एवं अल्‍पसंख्‍यक वर्ग के लिए विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में प्राप्‍त आवंटन, योजनावार एवं राशिवार लाभार्थियों की संख्‍या, व्‍यय की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-  अनुसार है।

शिकायतों पर कार्यवाही

[ऊर्जा]

116. ( क्र. 1492 ) श्री नारायण सिंह पट्टा : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई के सिविल विभाग के कार्यदेश क्रमांक 501/2100/amk/tech -1/189 chachai. Dated/22.09.2022 के कार्य का संपादन किया गया या नहीं यदि नहीं तो संबंधित फर्म पर मंडल द्वारा क्या कार्यवाही की गई? पूर्व से लेकर वर्तमान तक उक्त फर्म को कितने कार्य आदेश आवंटित किये गये? (ख) उक्त कार्यदेश क्रमांक 501/2100/AMK/tech -1/189 chachai. Dated/22.09.2022 का कार्य पूरा नहीं करने पर उक्त फर्म पर क्या कार्यवाही की गयी? क्या उक्त फर्म को ब्लैक लिस्ट कर अन्य कार्यों का भुगतान रोककर उक्त फर्म को ब्लैक लिस्ट किया जायेगा? (ग) अमरकंटक ताप विद्युत गृह चचाई जिला अनूपपुर में ई.टी. एंड आई के आई एण्ड सी विभाग में कार्यरत कार्यपालन अभियंता श्री हरिओम माझी कब से पदस्थ हैं? उनके कार्यकाल में विभाग में कार्यरत ठेका श्रमिकों द्वारा कितनी बार शिकायतें की गयी हैं? उन शिकायतों पर मंडल द्वारा क्या कार्यवाही की गई हैं? यदि नहीं की गई तो क्यों और कब तक उन शिकायतों पर कार्यवाही की जाएगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) एवं (ख) अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई के सिविल विभाग द्वारा कार्यादेश क्रमांक-501/2100/amk/tech-l/189, दिनांक 22/09/2022 नहीं अपितु आशय पत्र (LOI) क्रमांक-501/2100/amk/tech-l/189, दिनांक 28/09/2022, मेसर्स वर्टेक्‍स टेक्‍नोकेम सर्विसेस, जबलपुर को जारी किया गया था, जिसके तहत फर्म को कार्य आदेश दिनांक 27/01/2023 को जारी किया गया। फर्म के द्वारा उक्‍त कार्य सम्‍पादित नहीं किए जाने पर मेसर्स वर्टेक्‍स टेक्‍नोकेम सर्विसेस, जबलपुर से पत्राचार कर, कार्य करने हेतु अनुरोध किया गया था। म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी द्वारा किए गए पत्राचार के परिप्रेक्ष्‍य में फर्म द्वारा लिखित में कार्य करने में असमर्थता व्‍यक्‍त की गई थी। तदोपरान्‍त फर्म को ठेका अनुबंध/कार्यादेश की शर्तों के अनुसार, पत्र क्रमांक-501-6900/कार्य/2275, दिनांक 24/01/2024 के द्वारा कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उक्‍त तारतम्‍य में फर्म द्वारा जवाब प्रस्‍तुत करने के उपरान्‍त म.प्र.पॉवर जनरेटिंग कंपनी के नियमों एवं ठेका अनुबंध/कार्यादेश की शर्तों के अनुसार, फर्म के विरूद्ध आवश्‍यक कार्यवाही की जा सकेगी। प्रश्‍नांकित कार्य के अतिरिक्‍त उक्‍त फर्म को अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई के अंतर्गत 03 अन्‍य कार्य आवंटित किये गये हैं, जिन्‍हें फर्म द्वारा संतोषजनक रूप से संपादित किया गया है।  (ग) अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई जिला अनूपपुर में ई.टी. एण्‍ड आई. वृत्‍त (इलेक्ट्रिकल टेस्टिंग एण्‍ड इंस्‍ट्रूमेंटेशन) के आई. एण्‍ड सी. (इंस्‍ट्रूमेंटेशन एण्‍ड कंट्रोल) संभाग में कार्यपालन अभियंता श्री हरिओमशरण मांझी दिनांक 04/03/2020 से पदस्‍थ हैं। उनके कार्यकाल में ठेका श्रमिकों द्वारा तीन बार शिकायत की गई। प्राप्‍त शिकायतों एवं उन पर की गई कार्यवाही/निराकरण संबंधी विवरण संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। उक्‍त सभी शिकायतों का निराकरण कराया जा चुका है।

परिशिष्ट - "सड़सठ"

संचालित योजनाओं का क्रियान्‍वयन

[विमुक्‍त, घुमन्‍तु और अर्द्धघुमन्‍तु कल्‍याण]

117. ( क्र. 1496 ) श्री गोपाल सिंह इंजीनियर : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) जिला सीहोर अंतर्गत विधानसभा क्षेत्र आष्‍टा के किन-किन गांव में विमुक्त, घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु परिवार निवासरत है? ऐसे परिवारों की संख्या कितनी है? ग्रामवार जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) विभाग के द्वारा प्रश्‍नकर्ता के विधानसभा क्षेत्र आष्टा में कुल कितने परिवारों को विगत 5 वर्षों में किन-किन परिवारों को विभाग की किन-किन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है? योजनावार विवरण उपलब्ध करावें। (ग) विभाग के द्वारा विमुक्त, घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु कल्याण हेतु जिला सीहोर को पिछले 05 वर्षों कितना बजट उपलब्ध कराया गया विभाग के द्वारा विमुक्त, घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु कल्याण हेतु संचालित योजनाओं का विवरण उपलब्ध करावें? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार कितने परिवारों में विभाग द्वारा विमुक्त, घुमन्‍तु एवं अर्द्धघुमन्‍तु परिवार की बस्‍ति‍यों में कितने विद्युतिकरण एवं सी.सी. रोड सहित क्‍या-क्‍या कार्य स्‍वीकृत किये? सम्‍पूर्ण जानकारी देवें

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) :                                                (क) सामान्‍य जानकारी के आधार पर जिला सीहोर एवं विधानसभा क्षेत्र आष्‍टा अंतर्गत निवासरत विमुक्त, घुमन्तु और अर्द्धघुमन्तु परिवारो की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-अ अनुसार है। बेसलाइन सर्वे के अभाव में संख्‍यात्मक जानकारी दी जाना संभव नहीं है। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-'''' अनुसार है। (घ) जिला सीहोर अंतर्गत विमुक्‍त, घुमन्‍तु और अर्द्धघुमन्‍तु परिवार की बस्तियों में केवल सी.सी. रोड के कार्य हुए हैं, जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-'''' अनुसार हैं। शेष की जानकारी निरंक है।

विकास कार्यों की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

118. ( क्र. 1497 ) श्री गोपाल सिंह इंजीनियर : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) आष्टा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पालिका आष्‍टा, नगर परिषद कोठरी एवं नगर परिषद जावर में मुख्यमंत्री अधोसंरचना सहित शासन द्वारा कौन-कौन से विकास कार्य स्वीकृत किए गए विगत 5 वर्ष की जानकारी देवें एवं कितने कार्य वर्तमान में पूर्ण कर लिये एवं कितने कार्य प्रगति पर हैं एवं कितने कार्य प्रस्तावित है? कार्यवार विवरण देवें। (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार उपरोक्त कार्यों में से कितने कार्य पूर्ण कर दिए गए एवं कितने कार्य अभी तक अपूर्ण है तथा उक्‍त कार्यों हेतु कौन-कौन ठेकेदार एवं एजेन्‍सी को कार्य दिया गया? जानकारी देवें। ऐसे कितने कार्य है जो ठेकेदार एवं एजेन्‍सी द्वारा अनुबंध अवधि समाप्‍त होने के उपरांत भी नहीं किये गये? जानकारी देवें

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) एवं (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है।

नगर पालिका परिषद भिण्‍ड द्वारा नियम विरूद्ध जमीन का विक्रय

[नगरीय विकास एवं आवास]

119. ( क्र. 1504 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या नगरपालिका भिण्‍ड में पदस्‍थ रहे मुख्‍य नगरपालिका अधिकारी द्वारा नियम विरूद्ध तरीके से मेला के उपयोग हेतु जमीन को हाउसिंग बोर्ड को बेचा गया था, जिससे नियमों के विपरीत होते हुए भी म.प्र. हाउसिंग बोर्ड को हस्‍तांतरित किया गया तथा म.प्र. हाउसिंग बोर्ड ने शाखा कार्यालय बनाकर नियम विरूद्ध तरीके से एक व्‍यक्ति विशेष को बेचकर नियमों का उल्‍लंघन किया गया है? (ख) उक्‍त शासकीय मेला उपयोग हेतु जमीन विक्रय में किन-किन अधिकारियों की भूमिका रही है? (ग) क्‍या नियम विरूद्ध बेची गई जमीन के आवंटन को रद्द किया जायेगा? (घ) दोषी अधिकारी व व्‍यक्तियों के खिलाफ कार्यवाही कब तक होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) मुख्य नगर पालिका अधिकारियों द्वारा परिषद के साधारण व्यापक सम्मेलन के संकल्प क्रमांक 82/04.06.2003 से उक्त भूमि निर्धारित शासकीय मूल्याकंन राशि पर म.प्र. गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के उपसंभागीय कार्यालय भवन के प्रयोजनार्थ सशुल्क प्रदाय की गयी। मण्डल द्वारा उक्त भूमि दिनांक 26.03.2010 को ऑफर के माध्यम से श्रीमती सरिता सिंह कुशवाह को अधिक ऑफर के कारण उच्चतम दर पर आवंटन पश्‍चात् सम्पूर्ण राशि जमा कराकर दिनांक 09.09.2010 को विक्रय किया गया है। इस प्रकार नगर पालिका अथवा मण्डल द्वारा नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया गया। (ख) उक्त भूमि म.प्र. हाउसिंग बोर्ड को सी.एम.ओ. सुरेशचंद्र जैन (वर्तमान में सेवानिवृत्त) द्वारा परिषद से स्वीकृति प्राप्त कर सशुल्क विक्रय की गई है, अतः भूमि विक्रय में किसी अधिकारी की भूमि होने संबंधी प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (ग) म.प्र. हाउसिंग बोर्ड की मांग, परिषद संकल्प व कलेक्टर नजूल से भूमि की आंकलित राशि पर सशुल्क आवंटन किये जाने से रद्द करने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) कोई भी कर्मचारी अधिकारी दोषी नहीं होने से जानकारी निरंक है।

नगर पालिका परिषद भिण्‍ड की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

120. ( क्र. 1505 ) श्री नरेन्‍द्र सिंह कुशवाह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका परिषद भिण्ड में वर्ष 2019 से 2023 तक एक लाख रुपये से कम लागत से कितने निर्माण कार्य हुए है? (ख) मुख्य नगर पालिका अधिकारी भिण्ड कौन-कौन पदस्थ रहे? (ग) क्या मुख्य नगर पालिका अधिकारी भिण्ड द्वारा आर्थिक अनिमितताएं की गई है? (घ) आर्थिक अनिमितताएं हुई है तो दोषियों के खिलाफ कार्यवाही कब तक होगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रश्‍नांकित अवधि में नगर पालिका भिण्‍ड द्वारा एक लाख रूपये से कम लागत के कुल 3510 निर्माण कार्य स्‍वीकृत किये गये है जिनमें से 2881 कार्य पूर्ण हो गये है। (ख) प्रश्‍नांकित अवधि में निकाय में श्री जयनारायण पारा, श्री सुरेन्‍द्र शर्मा, ज्‍योति सिंह, श्री ओमनारायण सिंह एस.डी.एम. भिण्‍ड तथा वर्तमान में श्री विरेन्‍द्र तिवारी पदस्‍थ रहे है। (ग) प्रकरण में जांच करायी जा रही है। (घ) जांच प्रतिवेदन के निष्‍कर्ष अनुसार कार्यवाही की जा सकेगी। समय-सीमा बताया जाना सम्‍भव नहीं है।

बड़वानी में पेयजल जलावर्धन योजना

[नगरीय विकास एवं आवास]

121. ( क्र. 1510 ) श्री राजन मण्‍डलोई : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) वर्ष 2013-17 की अवधि में नगर पालिका बड़वानी में पेयजल जलावर्धन योजनांतर्गत HDPE लाईन डाली गई थी इसकी स्वीकृति दिनांक, कार्य प्रारंभ दिनांक, कार्य पूर्णता दिनांक, नगर पालिका हेंडओवर दिनांक सहित देवें। (ख) इससे कितने कनेक्शन नगर पालिका बड़वानी क्षेत्र में दिए गए? जानकारी देवें। (ग) इस प्रोजेक्‍ट पर कितना ऋण किस संस्था से लिया गया की जानकारी देवें। यह भी बतावें की कितनी किश्त भरी गई कितनी शेष है, किश्त की राशि की जानकारी भी देवें। (घ) क्या कारण है कि इस प्रोजेक्ट के बाद भी पूरे नया कनेक्शन देने का कार्य पूर्ण नहीं हुआ? क्‍या योजना अनुसार प्रतिदिन जल वितरण किया जा रहा है? यदि नहीं तो कारण बताएं।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल के पत्र क्रमांक 2200 दिनांक 05.11.2012 से राशि रू. 1990.05 लाख की स्‍वीकृति प्राप्‍त हुई थी जिसका निर्माण कार्य वर्ष 30.04.2016 में पूर्ण हो चुका है तथा योजना संचालित हो रही हैं तथा दिनांक 25.10.2016 को उक्‍त योजना निकाय में हेण्‍ड ओवर की गई थी। (ख) उक्‍त योजनांतर्गत नवीन नल कनेक्‍शन प्रदान किये जाने का प्रावधान नहीं रखा गया था।                                                (ग) हाउसिंग एण्‍ड अर्बन डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड भोपाल (हडको) से राशि रू. 1592.04 लाख ऋण कुल 15 वर्ष की अवधि के लिए 10.25 प्रतिशत ब्‍याज दर पर वर्ष 2013 में लिया गया था। निकाय द्वारा कुल 39 किश्‍तों में राशि रू. 5,83,92,188/- का पुर्नभुगतान किया गया है तथा 17 किश्‍त शेष है जिसमें राशि रू. 1,73,90,000/- का पुर्नभुगतान किया जाना है। (घ) नवीन नल कलेक्‍शन प्रदान किये जाने का प्रावधान नहीं रखा गया था तथा वर्तमान में निकाय द्वारा शहर में एक दिन छोड़कर नियमित पर्याप्‍त मात्रा में जल प्रदाय किया जा रहा है, जिससे नागरिक संतुष्‍ठ है।

विमुक्त समाज एवं योजनाओं की जानकारी

[विमुक्‍त, घुमन्‍तु और अर्द्धघुमन्‍तु कल्‍याण]

122. ( क्र. 1518 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) विमुक्त की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हो रही है? उनके नाम बतावें। (ख) मंदसौर जिले में विमुक्‍त समाज की कितनी संख्या कितनी जातियां, कहां-कहां निवासरत है? विधानसभावार जानकारी देवें। (ग) मंदसौर जिले में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि किस कार्य हेतु दी गई है? राशि एवं स्थान के नाम विधानसभावार जानकारी देवें         (घ) अगर सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में विकास राशि नहीं दी गई है तो उसका क्या कारण है?

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) :                                              (क) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-"अ" अनुसार है। (ख) बेसलाइन सर्वे के अभाव में संख्यावार जानकारी उपलब्ध नहीं है। सामान्य जानकारी के आधार पर बंजारा कालबेलिया एवं बांछड़ा समुदायों के परिवार मंदसौर जिले में निवासरत है। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्ट-"ब" अनुसार है।                              (घ) विभाग अंर्तगत सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण कार्य स्वीकृत नहीं होने से विकास कार्यों की जानकारी निरंक है।

परिशिष्ट - "अड़सठ"

संचालित योजनाओं की जानकारी

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

123. ( क्र. 1519 ) श्री हरदीप सिंह डंग : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की कौन-कौन सी योजनाएं संचालित हो रही है? उनके नाम बतावें (ख) मंदसौर जिले में कितनी संख्या पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक समाज की कितनी जातियां कहा-कहां निवासरत है? विधानसभावार जानकारी दें। (ग) मंदसौर जिले में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी राशि किस कार्य हेतु दी गई है? राशि एवं स्थान के नाम विधानसभावार जानकारी दें।

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक कल्‍याण विभाग के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) पिछड़ा वर्ग तथा अल्‍पसंख्‍यक समाज की पृथक से जनगणना न कराए जाने से जानकारी निरंक है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) मंदसौर जिले में वर्ष 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक किसी भी कार्य हेतु राशि आवंटित नहीं होने के कारण शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "उनहत्तर"

जलावर्धन योजना बैराड को पूर्ण कराया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

124. ( क्र. 1521 ) श्री कैलाश कुशवाहा : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या यह सही है कि पचीपुरा तालाब से नगर परिषद बैराड के अंतर्गत सभी क्षेत्र के नागरिकों को पेयजल हेतु वर्ष 2015-16 में जलावर्धन योजना स्वीकृत हुई थी, यदि हाँ तो स्वीकृति आदेश की प्रति उपलब्ध करावें? (ख) क्या प्रश्‍नांश (क) के क्रम में उक्त योजना प्रश्‍न दिनांक तक पूर्ण नहीं हुई है, यदि हां, तो कार्य पूर्ण होने की समय-सीमा सहित कारण बतावें तथा प्रश्‍नकर्ता के क्षेत्र भ्रमण के दौरान कार्य की गुणवत्ता सही नहीं पाई गई, जिसका भौतिक सत्यापन कराकर रिपोर्ट दी जावें? (ग) क्या उक्त योजना पूर्ण न होने से सभी बैराड नगरवासी 12 महीने प्राईवेट टैंकरों के माध्यम से पानी खरीदते हैं एवं बहुत परेशान स्थिति में हैं, यदि हां, तो इसके लिए कौन-कौन दोषी हैं, नाम, पदनाम सहित बतावें। (घ) प्रश्‍नांश (ख) एवं (ग) के क्रम में क्या शासन द्वारा दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है, यदि हाँ तो जानकारी दें? यदि नहीं, तो कब तक की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। नगर परिषद बैराड के जलप्रदाय कार्य की स्वीकृति पत्र क्रमांक 1104 दिनांक 14.03.2018 द्वारा जारी हुआ है। उक्त स्वीकृति आदेश की प्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) जी हाँ। योजना कार्य पूर्ण होने की संभावना तिथि 30.06.2024 है। कोविड महामारी एवं विभिन्न विभागों से अनुमतियां आदि के कारण कार्य करने में विलंब हुआ है। कार्य की गुणवत्ता एवं पर्यवेक्षण नियंत्रण एजेंसी मेसर्स टाटा कंसल्टेंसी लि. नियुक्त है इसके साथ-साथ राज्य शासन की संस्था म.प्र. अर्बन डेवलपमेंट कंपनी लि. की परियोजना क्रियान्वयन इकाई के यंत्रियों द्वारा कार्य की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच की जा रही है। निर्माण कार्य प्रगति पर है। (ग) जी नहीं। बैराड नगर परिषद में योजना का ट्रायल रन प्रगति पर है। परियोजना के कार्य पूर्णता में विलंब के लिये निर्माण एजेंसी मेसर्स रेयान वॉटरटेक प्रा.लि. पर अनुबंध अनुसार विलंब हेतु राशि रू. 2.54 करोड़ रोकी गई है। योजना पूर्ण होने के उपरांत विलंब की गणना गुण-दोष आधार पर की जाकर रोकी गयी राशि में से विलंब राशि कटौत्रा की जावेगी। (घ) उत्‍तरांश (ग) के अनुसार जानकारी।

परिशिष्ट - "सत्‍तर"

गुना बस दुर्घटना में पीड़ितों को क्लेम राशि का भुगतान

[नगरीय विकास एवं आवास]

125. ( क्र. 1525 ) श्री हरीसिंह सप्रे : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) दुर्घटना के समय नगरपालिका गुना के वाहन शाखा (फायर ब्रिगेड) के प्रभारी, उपयंत्री द्वारा फायर ब्रिगेड रेडी एंड फिट कंडीशन में न रखने और लापरवाही बरतने के लिए उक्त उपयंत्री के विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई है? यदि नहीं की गई तो क्यों? यदि की जाएगी तो कब तक?                                  (ख) तत्कालीन आरटीओ द्वारा बरती गई आपराधिक लापरवाही के लिए क्या उनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर अभियोजन की कार्यवाही की जाएगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्यों? (ग) दुर्घटना में मृतक के परिजनों और घायलों को क्लेम की राशि मिल सके इसके लिए शासन द्वारा क्या प्रबंध किए गए हैं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर पालिका परिषद गुना द्वारा प्रतिवेदित किया गया है कि दुर्घटना के समय फॉयर बिग्रेड रेडी एवं फिट कंडीशन में थी इसलिये इस बावत कोई लापरवाही बरतने का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। उत्‍तरांश के परिप्रेक्ष्‍य में शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) एवं (ग) जानकारी एकत्रित की जा रही है।

विभिन्‍न योजनाओं में अनियमितता

[ऊर्जा]

126. ( क्र. 1530 ) श्री नागेन्द्र सिंह : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्‍या यह सत्‍य है कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा प्रमुख सचिव उर्जा विभाग म.प्र. शासन भोपाल को विभाग की विभिन्‍न योजनाओं में अनियमितता संबंधी पत्र क्र. 162/रीवा, दिनांक 06/10/2021465/रीवा दिनांक 24/08/2022 एवं 466/रीवा दिनांक 24/08/2022 व पत्र क्र. 417-18/रीवा दिनांक 08/08/2022 कार्यपालन अभियंता (संचा/संधा) म.प्र.पूर्व क्षेत्र विधुत वितरण कम्‍पनी रीवा में प्रेषित किये गये थे, यदि हाँ तो विवरण उपलब्‍ध करायें, क्‍या पत्रों पर कार्यवाही की गई है? यदि हाँ तो विवरण दें। यदि नहीं तो क्‍यों? कारण बतायें। यदि कार्यवाही होगी तो कब तक? समय बतायें। (ख) प्रश्‍नकर्ता के अतारांकित प्रश्‍न क्र. 4344 सदन में उत्‍तर देने का दिनांक 16/03/2021 के प्रश्‍नांक (ख) के उत्‍तर में जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन होना बताया गया था, यदि जांच कार्यवाही पूर्ण हो गई हो तो दोषी सत्‍यापनकर्ता एवं संबंधित ठेकेदार के विरूद्ध की गई कार्यवाही का विवरण सहित उपलब्‍ध करायें। यदि नहीं हुई तो क्‍यों? कब तक होगी?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय के पत्र क्रमांक-162, पत्र क्रमांक-465 एवं पत्र क्रमांक-466 विभिन्‍न योजनाओं में अनियमितताओं की शिकायत से संबं‍धित है। उक्त शिकायतों की जांच अत्यंत वृहद स्‍वरूप की है, जिस हेतु जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जाँच प्रक्रिया पूर्ण होने पर इन प्रकरणों में विधिसम्‍मत कार्यवाही की जाएगी। उपरोक्‍त परिप्रेक्ष्‍य में वर्तमान में कार्यवाही पूर्ण किए जाने की निश्चित समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय का पत्र क्रमांक 417-18 {कार्यपालन अभियंता (संचा./संधा.), रीवा को संबोधित} वितरण केन्द्र रायपुर कर्चुलियान अंतर्गत ग्राम पडरा, लोहदवार, बुढ़िया, पैपखरा एवं अन्य ग्रामों में विद्युत संबंधी सुधार कार्य किए जाने से संबंधित है, जिस पर कार्यवाही करते हुए ग्राम पडरा में पोल सीधे किये गये हैं, ग्राम लोहदवार में 01 पोल मिड स्‍थान पर लगाया गया है, एक विद्युत पोल एवं वितरण ट्रांसफार्मर डी.पी. को सीधा किया गया है एवं 03 टूटे पोलों को बदला गया है तथा ग्राम पैपखरा में 12 पोल में एल.टी. लाईन का तार खींच कर लाईन को व्‍यवस्थित किया गया है। उक्त विद्युत सुधार कार्य उपरांत संबंधित ग्रामों में निर्बाध रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है। ग्राम बुढ़िया के लिए आर.डी.एस.एस. योजनांतर्गत 33/11 के.व्ही. विद्युत उपकेन्द्र रायपुर से एक नया फीडर बनाया जाना स्‍वीकृत है। उक्‍त कार्य यथाशीघ्र पूर्ण किये जाने के प्रयास है। (ख) जी हाँ। रीवा जिले में सौभाग्‍य योजनांतर्गत विद्युतीकरण कार्यों में पायी गयी अनियमितताओं में प्रथम दृष्‍टया दोषी पाये गये 24 अपचारी कार्मिकों के विरूद्ध आरोप पत्र जारी कर 23 अपचारी कार्मिकों के विरूद्ध विभागीय जांच संस्थित की गयी एवं 01 प्रकरण माननीय उच्‍च न्‍यायालय के समक्ष लंबित है। उक्‍त 24 में से 04 अपचारी कार्मिकों की विभागीय जांच कार्यवाही पूर्ण होकर जांच निष्‍कर्ष के आधार पर अंतिम निर्णय पारित किये जा चुके हैं। 01 अपचारी कार्मिक श्री आर.सी. पटेल, सहायक अभियंता की मृत्‍यु होने के कारण नियमानुसार उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय जांच कार्यवाही यथा स्थिति में समाप्‍त की गयी है। शेष 19 कार्मिकों के विरूद्ध संस्थित विभागीय जांच कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिला रीवा में सौभाग्‍य योजनांतर्गत विद्युतीकरण कार्यों में पाई गई अनियमितताओं के कारण संबंधित ठेकेदारों से कुल राशि रूपये 93.41 लाख की वसूली प्रस्‍तावित है, जिसमें से राशि रूपये 56.72 लाख की वसूली की जा चुकी है।

फर्जी जाति प्रमाण पत्र की जानकारी

[पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण]

127. ( क्र. 1540 ) श्री बाला बच्चन : क्या राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण महोदया यह बताने की कृपा करेंगी कि (क) प्रदेश में पिछड़ा वर्ग आरक्षण व अन्‍य सुविधाओं के लिये जो जातियां सूचीबद्ध है उनकी जानकारी सभी धर्मों के संबंध में जाति नाम, धर्मनाम सहित देवें। (ख) उपरोक्‍त प्रश्‍नानुसार जाति नाम के साथ प्रचलित सरनेम भी साथ में देवें। (ग) क्‍या पिछड़ा वर्ग जाति प्रमाण पत्र बनवाते समय वर्ष 1984 का राजस्‍व रिकार्ड जिसमें जाति का स्‍पष्‍ट उल्‍लेख हो अथवा पिता या दादा का जाति प्रमाण पत्र अनुविभागीय अधिकारी (राजस्‍व) द्वारा जारी किया गया हो संलग्‍न करना आवश्‍यक है? जाति प्रमाण पत्र पात्रता संबंधी सभी नियमों की प्रमाणित प्रति देवें। (घ) प्रश्‍न दिनांक की स्थिति में बतावें कि विभाग के समय फर्जी जाति प्रमाण पत्र के कितने मामले कहां-कहां विचाराधीन है? नाम, स्‍थान नाम, विचाराधीन जिला/भोपाल/संभाग स्‍तर सहित सूची देवें।

राज्यमंत्री (स्वत्रंत प्रभार), पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण ( श्रीमती कृष्णा गौर ) : (क) प्रदेश की सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्ग/जाति/वर्ग समूह की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र -अ अनुसार है। अत: शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-अ अनुसार (ग) जी हाँ। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ब अनुसार (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र -स अनुसार है

अनियमितता पर कार्यवाही

[नगरीय विकास एवं आवास]

128. ( क्र. 1543 ) श्री बाला बच्चन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या नवगठित नगर परिषद् बनगवाँ, डोला, डूमरकछार जिला अनूपपुर में पंचायतकालीन कर्मियों के नियम विरुद्ध किये गये संविलियन की जांच के लिये संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास म.प्र भोपाल का पत्र क्रमांक शा. 6 शिकायत/बनगंवा/2021/12166 भोपाल, दिनांक 26.07.2021 के अनुसार अनिल कुमार गौड़ की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय जांच समिति द्वारा जांच उपरांत प्रस्तुत प्रतिवेदन दिनांक 22/12/2021 प्रशासन के दबाव से मुक्त, निष्पक्ष और त्रुटि रहित है? अथवा नहीं? (ख) क्या अनिल गौड़ की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय जांच समिति द्वारा अपने प्रतिवेदन में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा योजनाबद्ध तरीके से कूटरचना कर फर्जी संविलियन करने की बात कहा गया हाँ तो ‘’जांच में है? यदि दोषी पाए गये समस्त लोगों के विरुद्ध योजनाबद्ध तरीके से कूटरचना करने के लिये अब तक अपराध पंजीबद्ध क्यों नहीं कराया गया’’? क्या अपराध पंजीबद्ध कराया जाएगा? यदि हाँ तो कब तक यदि नहीं तो उसका कारण क्या है। (ग) यदि प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन निष्पक्ष है तो क्या संपत्ति व दायित्व के हस्तांतरण के लिये गठित समिति के सदस्य रहे तीनों ग्राम पंचायत के तत्कालीन सचिवों व वर्तमान राजस्व उप निरीक्षकों को जांच में दोषी पाए जाने के बाद भी उन्हीं नगर परिषदों में पदस्थ रखा गया है? यदि हाँ तो उसका कारण क्या है? उनकी सेवा समाप्ति की कार्यवाही करने में विलंब का कारण क्या है? (घ) क्या संचालनालय नगरीय प्रशासन एवं विकास म. प्र. भोपाल का पत्र क्रमांक शि./6/शहडोल/2023/4346 भोपाल दिनांक 05/04/2023 के अनुसार नवगठित नगर परिषद डोला बनगवां डूमरकछार जिला अनूपपुर में हुई अनियमिताओं की जांच हेतु गठित तीन सदस्यीय समिति द्वारा जांच पूर्ण कर लिया गया? यदि हाँ तो जांच में क्या अनियमितताएं पाई गई? यदि नहीं तो जांच में विलंब का कारण क्या है? जांच कब तक पूर्ण कर ली जाएगी? क्या प्रदेश की नगर परिषदों और नगर पालिकाओं में कुछ ऐसे मुख्य नगर पालिका अधिकारी भी पदस्थ है जिनकी अधिकतम शैक्षणिक योग्यता कक्षा 12 वीं से ज्यादा नहीं है? यदि हाँ तो ऐसे लोगों को मुख्य नगर पालिका अधिकारी बनाये रखने का कारण क्या है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। (ख) जी हाँ। जांच प्रतिवेदन के अनुसार नगर परिषद्, डोला, डूमरकछार एवं बनगंवा में पंचायतकालीन कर्मियों का नियम विरूद्ध संविलियन किए जाने से संबंधित आपराधिक कृत्‍य के लिए उत्‍तरदायी पाए गए समस्‍त तत्‍कालीन पदाधिकारियों/अधिकारियों/कर्मचारियों के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कराने के निर्देश संयुक्‍त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, संभाग शहडोल को दिए गए हैं। (ग) जांच प्रतिवेदन के अनुसार उत्‍तरदायी पाए गए तत्‍कालीन सचिव एवं वर्तमान राजस्‍व उप निरीक्षक, नगर परिषद्, डोला, डूमरकछार एवं बनगंवा के मूल कर्मचारी हैं, जिसके कारण वे उसी निकाय में पदस्‍थ है। उपरोक्‍त राजस्‍व निरीक्षकों के विरूद्ध नगर परिषद्, डोला, डूमरकछार एवं बनगंवा द्वारा विभागीय जांच संस्थित की गई है। (घ) जी नहीं। जांच की कार्यवाही प्रचलित है, समयावधि बताई जाना संभव नहीं है। मुख्‍य नगर पालिका अधिकारी के पद पर सीधी भर्ती के लिए न्‍यूनतम शैक्षणिक अर्हता स्‍नातक एवं पदोन्‍नति के लिए अधिकतम शैक्षणिक अर्हता उच्‍चतर माध्‍यमिक परीक्षा उत्‍तीर्ण होना नियमों में निर्धारित है। अत: शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

नियम विरूद्ध आऊटसोर्स/संविदा के पद भरे जाना

[संसदीय कार्य]

129. ( क्र. 1544 ) श्री फूलसिंह बरैया : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) पंडित कुंजीलाल दुबे राष्‍ट्रीय संसदीय विद्यापीठ भोपाल में आऊटसोर्स/संविदा पद पर नियुक्ति प्रदान किये जाने के नियम क्‍या है? सूची उपलब्‍ध करावें। (ख) विद्यापीठ में किस-किस अधिकारियों/कर्मचारियों को संविदा नियुक्ति के किन नियमों में नियुक्ति प्रदान की गई है? नियुक्ति पाने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों की सूची उपलब्‍ध करावें। (ग) विद्यापीठ में यदि कोई नियुक्ति फर्जी या नियम विरूद्ध की गई है तो उस नियुक्ति प्रदान करने वाले अधिकारी के विरूद्ध क्‍या कार्यवाही की जायेगी? यदि हाँ तो कब तक? यदि नहीं तो क्‍यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) सामान्‍य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक सी 5-1/2017/एक-3, दिनांक 28 सितम्‍बर, 2017 तथा दिनांक 25 मई, 2018 एवं परिपत्र क्रमांक सी-5-2/2018/1/3, दिनांक 5 जून, 2018 द्वारा जारी निर्देश विद्यापीठ पर लागू हैं। विद्यापीठ में आऊटसोर्स/संविदा नियुक्ति हेतु पृथक से कोई नियम नहीं बनाये गये हैं।                                                                    (ख) विद्यापीठ में डॉ. अर्चना पाण्‍डे को सामान्‍य प्रशासन विभाग की अधिसूचना क्रमांक सी-5-1/2017/एक-3, दिनांक 28 सितम्‍बर, 2017 तथा परिपत्र क्रमांक सी-5-2/2018/1/3, दिनांक 5 जून, 2018 के अन्‍तर्गत शोध अधिकारी के पद पर एवं श्रीमती सरोजिनी दुबे को अधिसूचना क्रमांक    सी-5-1/2017/एक-3, दिनांक 28 सितम्‍बर, 2017 तथा दिनांक 25 मई, 2018 के अन्‍तर्गत सहायक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है। (ग) प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

 

 

दैनिक भोगी कर्मचारियों की जानकारी

[ऊर्जा]

130. ( क्र. 1548 ) श्री केशव देसाई : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भिण्ड जिले के गोहद अंतर्गत बिजली विभाग में कितने दैनिक वेतन भोगी है? विभाग में किस दिनांक से कर्मचारी कार्यरत हैं? सूची उपलब्ध करावें। (ख) भिण्‍ड जिले के गोहद अंतर्गत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी से क्या-क्या कार्य लिया जाता है? क्या दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी को समय पर वेतन दिया जाता है? यदि हाँ तो कितना वेतन प्रदाय किया जाता है, यदि नहीं तो कब तक समय पर वेतन प्रदाय किया जायेगा? दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी के नाम, पद एवं कार्य की सूची सहित उपलब्ध कराई जावें। (ग) क्या भिण्‍ड जिले के गोहद अंतर्गत प्राइवेट गाड़ी लगाई गई हैं? उनको कितना भुगतान किया जाता है किस मद से किया जाता है? सूची उपलब्ध करावें।

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत भिण्‍ड जिले के गोहद में वर्तमान में दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी की जानकारी निरंक है। अत: शेष प्रश्‍न नहीं उठता। (ख) उत्‍तरांश '''' के परिप्रेक्ष्‍य में प्रश्‍न नहीं उठता। (ग) जी हाँ। म.प्र.मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत भिण्‍ड जिले के गोहद में 10 प्राइवेट गाडियां लगाई गई हैं। विद्युत वितरण कंपनी में प्रचलित वाहन नीति के परिपत्र अनुसार क्रय प्रक्रिया का पालन करते हुये ही वाहनों को अनुबंधित किया जाता है एवं परिपत्र में दिये गये नियमों के अनुसार ही वाहनों का भुगतान किया जाता है। वाहनों को भुगतान ए.एण्‍ड.जी. (ओ. एण्‍ड एम.) मद से किया जाता हैं। भिण्‍ड जिले के गोहद के अंतर्गत अनुबंधित वाहनों का विवरण  संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार  है।

परिशिष्ट - "इकहत्तर"

पदस्‍थ अधिकारियों का अन्‍यत्र स्‍थानान्‍तरण

[नगरीय विकास एवं आवास]

131. ( क्र. 1561 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर निगम भोपाल में तथा नगर तथा ग्राम निवेश विभाग में कौन-कौन अधिकारी कब से पदस्थ हैं, पदनाम, वर्षवार अवगत करावें। (ख) नगर तथा ग्राम निवेश में पदस्थ अधिकारियों के विरूद्ध कब-कब शिकायतें प्राप्त हुई तथा प्राप्त शिकायतों पर क्या कार्यवाही की गई, स्पष्ट करें। (ग) क्या शासनादेश के बावजूद लंबे समय से पदस्थ उन अधिकारियों के पदस्थ रहने से उनकी बिल्डरों के साथ सांठ-गांठ होने के कारण निगम को राजस्व की लगातार हानि हो रही है यदि हाँ तो क्‍या इनका स्थानान्तरण किया जावेगा? (घ) एक ही स्थान, जिले एवं कक्ष में 03 वर्ष से अधिक समय से पदस्थ अधिकारियों/कर्मचारियों का स्थानान्तरण किया जावेगा अथवा उनको उसी स्थान/कक्ष में पदस्थ रखा जाकर कार्य लिया जावेगा, यदि हाँ तो स्पष्ट करें यदि नहीं तो कब तक स्थानान्तरण अन्यत्र जिलों में किया जावेगा।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर निगम भोपाल में पदस्थ अधिकारियों की सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -"एक" अनुसार है एवं नगर तथा ग्राम निवेश में पदस्थ अधिकारियों की सूची  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट- ''दो'' अनुसार है (ख) जानकारी  पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट -''तीन'' अनुसार है (ग) जी नहीं, यह कहना सही नहीं है।                                                        (घ) स्थानांतरण नीति के अंतर्गत आवश्यकता अनुरूप कार्यवाही की जाती है।

भोपाल शहर का नवीन मास्‍टर प्‍लान

[नगरीय विकास एवं आवास]

132. ( क्र. 1563 ) श्री योगेन्‍द्र सिंह (बाबा) : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल शहर की गत मास्‍टर प्‍लान की अवधि कब समाप्‍त हुई है तथा नवीन मास्‍टर प्‍लान कब लागू किया जावेगा? (ख) भोपाल शहर के नवीन मास्‍टर प्‍लान में दावे आपत्तियां आमंत्रित किये जाने के बावजूद मास्‍टर प्‍लान लागू नहीं किया गया है अथवा अन्‍य कारणों से रोका गया है, स्‍पष्‍ट करें। (ग) भोपाल शहर में नवीन मास्‍टर प्‍लान लागू नहीं होने एवं पिछले मास्‍टर प्‍लान की अवधि समाप्‍त हो जाने से भोपाल शहर का विकास अवरूद्ध अथवा बाधित हो रहा है या नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भोपाल निवेश क्षेत्र की विकास योजना, वर्ष 2005 तक की भावी जनसंख्या का आकंलन कर तैयार की गई है जो की वर्तमान में भी प्रभावशील है। भोपाल विकास योजना प्रारूप, 2031 का प्रकाशन दिनांक 06/03/2020 को किया गया। नवीन मास्टर प्लान लागू होने की समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ख) भोपाल विकास योजना, (प्रारूप) 2031 प्रकाशन अवधी में प्राप्त आपत्ति/सुझावों की सुनवाई उपरान्त विकास योजना मध्यप्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 की धारा-19 (2) के अंतर्गत विचाराधीन है, यह कहना सही नहीं है कि नवीन मास्टर प्लान लागू नहीं होने से शहर का विकास अवरूद्ध हुआ है। (ग) उत्तराशं "क" अनुसार।

नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

133. ( क्र. 1568 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम अंतर्गत वर्तमान में कितने नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद है के समस्त विभागीय सेटअप अनुसार एवं स्वीकृत पदों के अनुसार नियुक्त अधिकारी/कर्मचारियों के नाम, पदनाम सहित संपूर्ण जानकारी उपलब्ध करावें एवं प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ अधिकारी कर्मचारियों की जानकारी उनके नाम, पदनाम, उनकी प्रतिनियुक्ति दिनांक सहित उपलब्ध करावें। (ख) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद् में विगत 5 वर्षों में विभाग द्वारा जो बजट एवं राशि स्वीकृत की गई है उसकी जानकारी उपलब्ध करावें एवं इसके अतिरिक्त विधायक निधि से जो राशि उक्त प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद् को विगत 5 वर्षों में प्राप्त हुई है उसकी भी जानकारी उपलब्ध करावें।                                           (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित नगर निगम, नगर पालिका, नगर परिषद् में कितनी अवैध कॉलोनियां चिन्हित की गई है उक्त समस्त चिन्हित की गई अवैध कॉलोनियों के नाम, उनका रकबा, अवैध कॉलोनी काटने वाले का नाम एवं अवैध कॉलोनी काटने के संबंध में सक्षम अधिकारी द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या यह सत्य है कि दिनांक 18.01.2024 को प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं आवास की विभागीय ई-मेल आई.डी. पर आवेदन पत्र भेज कर 18 बिंदुओं में जानकारी चाही गई थी यदि हाँ तो सदन में उत्तर देने के दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता विधायक को चाही गई जानकारी क्यों नहीं उपलब्ध करायी गई इसके लिये कौन दोषी है दोषी अधिकारी के विरूद्ध विभाग द्वारा कब तक कार्यवाही कर दी जायेंगी। यदि नहीं तो क्यों नहीं?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्तकालय  में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (ख) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है                                                                   (ग) जानकारी पुस्तकालय में रखे परिशिष्ट '''' अनुसार है। (घ) जी हाँ। मध्‍यप्रदेश शासन नगरीय विकास एवं आवास विभाग के पत्र क्रमांक 431/1825422/2024/18-1 भोपाल दिनांक 05.02.2024 द्वारा प्राप्त पत्र के संबंध में संभागीय संयुक्त संचालकनगरीय प्रशासन एवं विकास उज्जैन संभाग उज्जैन को आगामी कार्यवाही करने हेतु निर्देशित किया गया है।

निर्मित सड़क एवं भवनों की जानकारी

[लोक निर्माण]

134. ( क्र. 1569 ) श्री कमलेश्वर डोडियार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) जिला रतलाम के अंतर्गत लोक निर्माण विभाग के द्वारा निर्मित कौन-कौन सी सड़कें एवं भवन है जिनका मरम्मत एवं संधारण कार्य विभाग द्वारा किया जाता है संपूर्ण जानकारी एवं पृथक-पृथक भवनवार एवं सड़कवार उपलब्ध करावें एवं विभाग के अंतर्गत पिछले 3 वर्षों में कौन-कौन सी सड़कें एवं भवन निर्माण कराये गये हैं उक्त कराये गये कार्य का नाम, व्यय की गई राशि का विवरण, संबंधित ठेकेदार फर्म का नाम सहित संपूर्ण सूची उपलब्ध करावें एवं कितनी सड़कें गारंटी पीरियड की है उनकी जानकारी उपलब्ध करावें। (ख) लोक निर्माण विभाग द्वारा कौन-कौन से नवीन निर्माण कार्य हेतु विगत 5 वर्षों में जिला रतलाम अंतर्गत कार्यपालन यंत्री अथवा अन्य सक्षम अधिकारी को राशि भेजी गई उक्त राशि की संपूर्ण जानकारी वर्षवार एवं मदवार उपलब्ध करावें। (ग) प्रश्‍नांश (क) में उल्लेखित लोक निर्माण विभाग के भवन एवं सड़कों के मरम्मत एवं संधारण विगत 5 वर्षों में कितनी-कितनी राशि व्यय की गई है, पृथक-पृथक जानकारी उपलब्ध करावें। (घ) क्या दिनांक 18.01.2024 को प्रश्‍नकर्ता विधायक द्वारा प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग की विभागीय ई-मेल आई.डी. पर आवेदन पत्र भेज कर चार बिंदुओं में जानकारी चाही गई थी, यदि हाँ तो प्रश्‍न दिनांक तक प्रश्‍नकर्ता विधायक को चाही गई जानकारी उपलब्ध क्यों नहीं करायी गई इसके लिये कौन दोषी है दोषी अधिकारी के विरुद्ध विभाग द्वारा कब-तक कार्यवाही कर दी जायेंगी निश्चित अवधि बतावें।

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-अ, 'अ-1', 'अ-2' एवं '' अनुसार है (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'ब-1' एवं '' अनुसार है (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र-'अ-2' एवं '' अनुसार है (घ) जी हाँ। दिनांक 29.01.2024 को पत्र में उल्‍लेखित बिन्‍दुओं पर प्रमुख अभियंता/मुख्‍य अभियंता से प्रतिवेदन चाहा गया है। प्रतिवेदन प्राप्‍त होने पर जानकारी उपलब्‍ध करा दी जावेगी। इसके लिए कोई दोषी नहीं है, अत: कार्यवाही का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। वर्तमान में निश्चित अवधि बताया जाना संभव नहीं।

पात्रता से अधिक एवं गलत बिलों का भुगतान

[लोक निर्माण]

135. ( क्र. 1577 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या आर्थिक अपराध प्रकोष्‍ठ मध्‍यप्रदेश द्वारा पत्र क्रमांक/अपराध/भोपाल/आवक क्र.-12 (23)/12 (ए) दिनांक 06/02/23 को प्रमुख सचिव लोक निर्माण विभाग को अनावेदक कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग (वि/या.) संभाग क्र. 1, शेड नं. 11-, बारह दफ्तर, जवाहर चौक, भोपाल (आवक क्र. 12/23) से प्रेषित किया गया है, प्राप्त हो गया है? (ख) उपरोक्‍त के तारतम्य में पत्र में संलग्न दस्तावेजों पर विभाग ने पत्र प्राप्ति से प्रश्‍न दिनांक तक कब और क्या कार्यवाही संपादित की है? संपादित की गई कार्यवाही का विवरण शिकायत पत्र की प्रति सहित बताये। (ग) क्या शिकायत पर विभागीय कार्यवाही पूर्ण हो चुकी है? क्या शिकायत में भ्रष्टाचार की पुष्टि हुई है? क्या कृत कार्यवाही से ई.ओ.डब्ल्‍यू. को जी.ए.डी. के परिपत्र दिनांक 02.11.1993 के परिपालन में अवगत करा दिया गया है? क्या शिकायत में व्‍याप्त सभी कार्य नियमानुसार हुये है? क्या सभी भुगतान नियमानुसार हुये है? कुल कितनी राशि धोखाधड़ी की गई है? (घ) उपरोक्त के अनुक्रम में शिकायत पर कौन-कौन दोषी पाया गया है, गलत बिलों के भुगतान पर किसके विरुद्ध क्या कार्यवाही की गई? यदि नहीं तो कब तक की जायेगी?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जी हाँ। (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट-''एवं ''अनुसार (ग) जी नहीं। प्रकरण परीक्षणाधीन है। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।                                                             (घ) उत्‍तरांश-‘’’’ के परिप्रेक्ष्‍य में शेष प्रश्‍न उपस्थित ही नहीं होता।

सड़कों का निर्माण एवं खराब सड़कों पर ध्‍यान नहीं दिये जाने बावत।

[नगरीय विकास एवं आवास]

136. ( क्र. 1578 ) श्री जयवर्द्धन सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) नगर पालिका निगम भोपाल की नगर सीमा अन्तर्गत कुल कितनी किलोमीटर सड़कें है? कितनी सड़क डामरीकृत, सी.सी., पेबल, डब्ल्यू.बी.एम. एवं कच्ची है? (ख) चार ईमली, 74 बंगले, 45 बंगले, मुख्यमंत्री निवास से मंत्रालय, व्ही.आई.पी. रोड पर 20 मार्च 2020 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी बार सड़क बनाई गई है अथवा कितनी बार रिपेयर हुई है? उक्त पर कुल कितनी राशि व्यय की गई है? उक्त कार्य किस एजेन्सी को दिया गया है, प्राप्त देयक, भुगतान योग्य राशि, भुगतान का प्रकार, सड़क की वारण्टी, गुणवत्ता रिपोर्ट, उपयोगिता प्रमाण पत्र का विवरण।                                                                           (ग) उपरोक्त के परिप्रेक्ष्य में कितनी सड़क धूल मुक्त है तथा कितनी सड़कों पर स्वीपिंग मशीन से झाडू लगाई जाती है? कितनी सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने हेतु पानी, डामर का घोल डाला गया है? उक्त कार्य में कितनी राशि कब-कब, किसे किस अनुबंध/सेवा शर्तों, अनुबंध के आधार पर दी गई है? जानकारी दें। (घ) उपरोक्त के अनुक्रम में कितनी सड़कें निर्माणाधीन है? खराब सड़कों के कारण कितने सड़क दुर्घटना उपरोक्त अवधि में हुई है? बताये। (ड.) उपरोक्त के अनुक्रम में सड़कों के कार्य से संबंधित स्टॉफ की समस्त जानकारी कब से पदस्थ, क्या उत्तरदायित्व है, विभागीय कर्मचारी/अधिकारी या अन्य विभाग से उनके नाम पदनाम, वर्तमान उत्तरदायित्व सहित बताये।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) नगर निगम, भोपाल से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- "अ" अनुसार  एवं लोक निर्माण विभाग से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट -"ब" अनुसार है। (ख) प्रश्‍नाधीन अवधि में प्रश्‍नाधीन स्थलों पर नगर निगम भोपाल द्वारा कोई निर्माण कार्य एवं रिपेयर कार्य नहीं कराया गया। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है तथा लोक निर्माण विभाग द्वारा प्रश्‍नाधीन अवधि में कराये गये कार्यों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट -"स" अनुसार  है (ग) धूल मुक्त सड़कों से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- "अ" अनुसार  है। सड़कों पर स्वीपिंग मशीन से झाडू लगाये जाने से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट- "द" अनुसार  है। सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने हेतु पानी डालने से संबधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट -"ई" अनुसार है। नगर निगम, भोपाल द्वारा निगम सीमा अंतर्गत आने वाली सड़कों की नियमित साफ-सफाई निगम के सफाई मित्रों एवं संसाधनों से कराई जाती है एवं सड़कों को धूल मुक्त बनाये रखने हेतु प्रभावी कार्यवाही की जाती है। रोड स्वीपिंग मशीन के ऑपरेशन एवं मेंटेनेन्स के तहत वर्तमान में राशि रूपये 53,20,000/- प्रतिवर्ष व्यय किया जा रहा है। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।                                                                (घ) वर्तमान में सड़कें निर्माणाधीन नहीं है। पुलिस उपायुक्त मुख्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार खराब सड़कों के कारण कोई भी सड़क दुर्घटना होना नहीं पाया गया। (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट -"अ" अनुसार  है तथा जोन में पदस्थ समस्त अमले का उत्तरदायित्व अपने कार्य क्षेत्र में यांत्रिक विभाग (सिविल) से संबंधित दायित्वों का निर्वहन करना है।

शासकीय आवासों की जानकारी

[लोक निर्माण]

137. ( क्र. 1581 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) भोपाल शहर में स्थित शासकीय आवास गृह बी-8, 74 बंगले (वर्तमान में 73 बंगला) का एरिया कितने क्षेत्रफल में है? (ख) उक्‍त बंगले की साज-सज्‍जा, अतिरिक्‍त निर्माण, विद्युत आदि के कार्यों पर विगत दो वर्षों में कितनी राशि किस-किस मद से व्‍यय की गई? (ग) 74 बंगला में जो बी-टाईप के अन्‍य शासकीय बंगले है, उनका कितना-कितना क्षेत्रफल है? कृपया बंगलेवार जानकारी दें। (घ) 74 बंगले एरिये में शासकीय आवास बी-9 एवं बी-8 को मर्ज कर दिया गया है जो अब 73 बंगला हो गया है का नया नामकरण करने की कोई प्रक्रिया अपनाई जा रही है या नहीं?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) भोपाल शहर स्थित शासकीय आवास गृह बी-8, 74 बंगले का (निर्मित) क्षेत्रफल 774.43 वर्ग मीटर है। (ख) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-‘’’’ अनुसार है एवं कुल राशि रूपये 309.69 लाख का व्‍यय किया गया। (ग) जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-‘’’’ अनुसार है (घ) जी नहीं। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

परिशिष्ट - "बहत्तर"

अम्बाह भिण्ड बायपास मार्ग निर्माण में अनियमितताएं

[लोक निर्माण]

138. ( क्र. 1582 ) श्री देवेन्द्र रामनारायन सखवार : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) अम्बाह भिण्ड बायपास मार्ग निर्माण हेतु कितनी राशि आवंटित की गई एवं कार्यादेश किस एजेंसी/ठेकेदार को कब दिया गया? (ख) उक्त मार्ग के निर्माण की समय-सीमा क्या थी और मार्ग निर्माण की अद्यतन स्थिति क्या है? (ग) क्या निर्माण एजेंसी अनुबंध के अनुसार निर्माण कार्य नहीं कर रही है एवं घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है एवं सामग्री जांच के लिए साइट पर प्रयोगशाला भी नहीं लगाई है एवं अधिकारियों की मिलीभगत से राशि का आहरण किया जा रहा है? यदि नहीं तो इसकी जांच करायी जायेगी? यदि नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) जानकारी संलग्न परिशिष्‍ट अनुसार है। (ख) अम्बाह बायपास निर्माण कार्य हेतु 24 माह की अवधि तथा भिण्ड बायपास निर्माण हेतु 18 माह समय-सीमा निर्धारित की गई है। दोनों कार्यों की निविदा स्वीकृति की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है एवं शेष प्रश्‍नांश का प्रश्‍न ही नहीं उठता। (ग) प्रश्‍नांश ‘’’’ एवं ‘’’’ के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न ही उपस्थित नहीं होता है।

परिशिष्ट - "तिहत्तर"

प्रधानमंत्री आवास बी.एल.सी. योजना की जानकारी

[नगरीय विकास एवं आवास]

139. ( क्र. 1587 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) प्रधानमंत्री आवास बी.एल.सी. योजना लागू हुई है, तब से प्रश्‍न दिनांक तक सागर नगर के कितने हितग्राहियों के आवेदन प्राप्त हुये तथा कितनों की डी.पी.आर. स्वीकृत कर इस योजना का लाभ दिया गया है? प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किश्‍त की जानकारी उपलब्ध कराएं। (ख) योजनांतर्गत सागर नगर के कितने हितग्राहियों की कौन-कौन सी किश्‍ते लंबित है? लंबित होने का क्या कारण है एवं लंबित किश्‍तों का भुगतान कब तक कर दिया जायेगा? समय-सीमा बताएं। (ग) क्या डी.पी.आर. की स्वीकृति के अभाव में पात्र हितग्राहियों को प्रथम किश्‍त भुगतान नहीं हो पा रहा है? यदि हाँ तो कब तक डी.पी.आर. स्वीकृत कराकर पात्र हितग्राहियों को योजना का लाभ दिया जा सकेगा। समय-सीमा बताये। (घ) क्या विभाग द्वारा योजनांतर्गत सागर नगर के हितग्राहियों की किश्‍ते आवंटन में लापरवाही की जा रही है? यदि हाँ तो अब तक ऐसी कितनी शिकायते प्राप्त हुई एवं इन शिकायतों पर शासन द्वारा क्या कार्यवाही की गयी है?

 नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बी.एल.सी. घटक लागू दिनांक से नगर पालिक निगम सागर में प्राप्त आवेदन संख्या 14,033 तथा 12,660 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। हितग्राहियों को वितरण किश्तों की जानकारी विवरण निम्नानुसार हैः-

क्रमांक

किश्त

हितग्राही संख्या

1

प्रथम किश्त

12560

2

द्वितीय किश्त

11403

3

तृतीय किश्त

8588

(ख) योजनान्तर्गत नगर पालिक निगम सागर के 100 हितग्राहियों की भुगतान किश्त लंबित है जिसमें 38 हितग्राहियों की मृत्यु होने से शेष 62 हितग्राहियों की कार्यवाही प्रचलित होने से कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। निगम द्वारा किश्तों का भुगतान योजना के दिशा-निर्देश तथा भौतिक प्रगति व राशि की उपलब्धता अनुसार किया जाता है। ऐसी स्थिति में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है। (ग) जी नहीं। निकाय से निर्देशानुसार कलेक्टर अनुमोदित सूची/डीपीआर स्वीकृति हेतु प्राप्त नहीं हुई है जिससे शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है। (घ) जी नहीं। शेषांश का प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता है।

कर्मचारियों के वेतन एवं सुविधाओं की जानकारी

[ऊर्जा]

140. ( क्र. 1588 ) श्री शैलेन्द्र कुमार जैन : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                     (क) क्‍या सागर शहर में म.प्र.पू.क्षे.वि.वि. कंपनी द्वारा विद्युत संबंधी कार्य कराने के लिए ठेका दिये गये हैं? यदि हाँ तो कौन-कौन से कार्य सम्‍पादित कराने के लिए किस-किस कंपनी को ठेका दिये गये हैं? कार्यवार बताये। (ख) लाइन मेन्‍टीनेन्‍स एवं विद्युत प्रवाह सुधार हेतु कितने कर्मचारी कंपनी द्वारा रखे गये हैं? इन्‍हें कितनी मजदूरी का भुगतान किस तरह किया जा रहा है? नाम सहित बतायें। (ग) क्‍या खतरनाक कार्यों में नियोजित कर्मचारियों को सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा किट प्रदाय की गई है? यदि नहीं तो इसका क्‍या कारण है? क्‍या खतरनाक कार्य संपादित करने वाले कर्मचारियों का कंपनी द्वारा व्‍यक्तिगत बीमा किया गया है? यदि नहीं क्‍यों?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) जी हाँ, प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा विद्युत संबंधी कार्य कराने के लिये ठेकेदार एजेन्‍सी को ठेका दिया गया है, जिसका विवरण संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार  है। (ख) शहर संभाग सागर में विद्युत लाईनों के रख-रखाव एवं सतत् विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने के लिये आवश्‍यकता अनुसार सुधार कार्य किये जाने हेतु 76 तथा अन्‍य कार्यों हेतु 61 इस प्रकार कुल 137 आऊटसोर्स कर्मचारी बाह्य स्‍त्रोत सेवा प्रदाता फर्म के माध्‍यम से उपलब्‍ध कराये गये हैं। बाह्य स्‍त्रोत कार्मिकों को पारिश्रमिक का भुगतान, श्रम आयुक्‍त म.प्र.शासन द्वारा समय-समय पर जारी दर एवं निविदा में निहित प्रावधान अनुसार कार्मिकों की श्रेणी के आधार पर वर्तमान में कुशल हेतु 12060/- रूपये, अर्द्धकुशल हेतु 10682/- रूपये अकुशल हेतु 9825/- रूपये प्रतिमाह, कर्मचारी के खाते में बैंक के माध्‍यम से किया जा रहा हैं। लाईन मेन्‍टीनेन्‍स एवं विद्युत प्रवाह सुधार हेतु नियोजित बाह्य स्‍त्रोत कार्मिकों की नाम सहित मासिक भुगतान की जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट  के प्रपत्र-'''' अनुसार  है। (ग) जी हाँ, खतरनाक कार्यों में नियोजित कर्मचारियों को सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षा किट प्रदाय की गई हैं। बाह्य स्‍त्रोत कार्मिकों के नियोजन हेतु जारी निविदा के प्रावधान अनुसार बाह्य स्‍त्रोत प्रदाता एजेन्‍सी द्वारा कार्मिकों का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराया जाता है।

परिशिष्ट - "चौहत्तर"

कोलार में निर्मित बहुमंजिला आवासों को हटाये जाने हेतु दिये नोटिस

[नगरीय विकास एवं आवास]

141. ( क्र. 1589 ) श्री सतीश मालवीय : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) क्या भोपाल में मध्यप्रदेश नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 307 (2) के अन्तर्गत कलियासोत नदी की सीमा में 33 मीटर के दायरे में कथित रूप से "No construction Zone" में भवन अवस्थित होने के संबंध में कोलार में निर्मित बहुमंजिला आवासों को पूर्णतः/आंशिक सम्मिलित होने से हटाये जाने के निर्देश जारी किए गए हैं, यदि हाँ तो किन-किन बहुमंजिला इमारतों के कितने रहवासियों को जारी किये गये हैं आदेश क्रमांक दिनांक सहित जानकारी देवें? (ख) क्या मा. राष्ट्रीय हरित अधिकरण सेन्ट्रल जोन बैंच, भोपाल द्वारा पारित आदेश दिनांक 11.08.2023 के पारिपालन में तथा भोपाल विकास योजना 2005 के कंडिका क्रमांक 4.47 "अ" एवं "ब" आकर्षित प्रावधानों के परिप्रेक्ष्य में राजस्व विभाग द्वारा किये गये सीमांकन के आधार पर कलियासोत नदी की सीमा से भोपाल विकास योजना 2005 के अनुसार निर्धारित 33 मीटर खुले क्षेत्र के अन्तर्गत यह निर्माण बताएं गए हैं? (ग) यदि हाँ तो वास्तविक रूप से 33 मीटर के दायरे में कौन-कौन सी बिल्डिंग का कितना-कितना क्षेत्र इस सीमांकन के दायरे में आता है? (घ) उक्त वर्णित स्थल पर बिल्डरों द्वारा भवन निर्माण की अनुमति किस दिनांक को मांगी गई थी तथा किस आदेश क्रमांक दिनांक द्वारा उन्हें अनुमति दी गई है सुसंगत दस्तावेजों की छायाप्रति वांछित? (ड.) भोपाल विकास योजना 2005 की कंडिकाओं के आधार पर किये गये सीमांकन के उपरांत वर्ष 2009-10 से वर्ष 2019-20 तक किए गये निर्माण पर नगर निगम द्वारा किस नियम व निर्देंश से अनुमति जारी किए गए है? (च) क्या एन.जी.टी. द्वारा नगर निगम को जिस कथित कलियासोत नदी की सीमांकन क्षेत्र में यह बहुमंजिला आवास निर्मित किया गया बताया गया है उतने ही वर्ग मीटर में वृक्ष लगाने पर उक्त आवासों को कलियासोत नदी के 33 मीटर दायरे से बाहर किये जाने बावत् विकल्प दिये गये हैं यदि हाँ तो उक्तानुसार कार्यवाही न कर रहवासियों को नोटिस देने का क्या औचित्य है तथा उन बिल्डर्स एवं गलत अनुमतियों देने वाले अधिकारी/कर्मचारियों की कारगुजारियों को दंडित न कर रहवासियों को नोटिस दिया जाना शासन किस प्रकार से उचित मानता है तथा बिल्डर एवं अनुमति देने वाले दोषियों पर क्या कार्यवाही अभी तक की गई/अथवा की जावेगी?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी हाँ। माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण सेन्ट्रल जोन बैंच भोपाल द्वारा पारित आदेश दिनांक 11/08/2023 के परिपालन में कलियासोत नदी की सीमा से निर्धारित 33 मीटर खुले क्षेत्र के अंतर्गत निर्मित बहुमंजिला आवासों में पूर्णतः आंशिक सम्मिलित प्रकोष्ठ स्वामियों को म.प्र. नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 307 (2) अंतर्गत जारी किये गये सूचना पत्रों की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है (ख) जी हाँ। कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, तहसील कोलार के पत्र क्रमांक 2558 दिनांक 04/01/2024 एवं पत्र क्रमांक 2560 दिनांक 04/01/2024 के माध्यम से कलियासोत नदी के 33 मीटर दायरे के सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर निर्माण चिन्हित किये गये है। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट अनुसार है। (घ) माननीय राष्ट्रीय हरित अधिकरण सेन्ट्रल जोन बैंच भोपाल द्वारा ओरिजनल एप्लीकेशन नं. 135/2014 (सी जेड) एवं आई.ए. नं. 35/2023 में पारित आदेश दिनांक 11/08/2023 के परिपालन म.प्र. शासन, नगरीय विकास एवं आवास, विभाग के पत्र क्रमांक 3071/17643009/2023/18-2 दिनांक 26/12/2023 से समिति का गठन किया गया। गठित समिति द्वारा उपसमिति का गठन पत्र क्रमांक 230 दिनांक 12/01/2024 को किया गया है। जिससे आगामी कार्यवाही प्रचलन में होने के कारण सुसंगत दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराया जाना संभव नहीं है। (ड.) कार्यालय नगर तथा ग्राम निवेश विभाग भोपाल द्वारा म.प्र. नगर तथा ग्राम निवेश, अधिनियम 1973 के प्रावधानों के अंतर्गत अनुमोदित विकास अनुज्ञा के आधार पर वर्ष 2009 से जनवरी 2015 तक कोलार नगर पालिका परिषद् एवं वर्ष जनवरी 2015 के उपरांत नगर पालिक निगम, भोपाल द्वारा म.प्र. भूमि विकास नियम 2012 के प्रावधानों के अनुसार भवन अनुज्ञा जारी की गई है। (च) माननीय एन.जी.टी. द्वारा नगर निगम को जिस कथित कलियासोत नदी की सीमांकन क्षेत्र में यह बहुमंजिला आवास निर्मित किया गया बताया गया है उतने ही वर्गमीटर क्षेत्र में वृक्ष लगाने पर उक्त आवासों को कलियासोत नदी के 33 मीटर दायरे से बाहर किये जाने बावत के संबंध में नगर निगम में उपलब्ध संबंधित प्रकरण से संबंधित कार्यालयीन रिकार्ड अनुसार विकल्प प्रदान किये जाने संबंधी कोई भी जानकारी उपलब्ध होना नहीं पाया गया और माननीय न्यायालय में इस प्रकार के विकल्प प्रस्तुत नहीं किये गये है। उत्तरांश "घ" में उल्लेखित जांच समिति से प्रतिवेदन प्राप्त होने पर निष्कर्षों के अनुसार निर्णय लिया जा सकेगा।

नवीन भवनों का निर्माण

[लोक निर्माण]

142. ( क्र. 1592 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) शहडोल जिले में लोक निर्माण विभाग के कितने भवन बने हुये है उनकी वर्तमान में भौतिक स्थिति क्या है का विवरण देते हुये बतावें कि इनके सुधार/मरम्मत के नाम पर वर्ष 2018 से प्रश्‍नांश दिनांक तक कितनी राशि किन-किन भवनों पर खर्च की गई का विवरण देवें।  (ख) प्रश्‍नांश (क) अनुसार स्वीकृत भवनों में से कितने ऐसे भवन है जो खण्डहर एवं टूटे-फूटे स्थित पर है जिनके सुधार के कार्य नहीं किये जा सकते है उनको कण्डम/अनुपयोगी घोषित कर उनके स्थान पर नवीन भवनों के बनाये जाने बावत क्या निर्देश देंगे? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के तारतम्य में शहडोल जिले में संचालित कार्यालयों एवं आवासीय भवनों के नवीन स्वीकृत किये जाने बावत् क्या कार्य योजना विभाग द्वारा तय की गई है बतावें अगर नहीं तय की गई है तो क्या इस पर कार्यवाही कर कार्य योजना में सम्मिलित कर राशि दिये जाने बावत् निर्देश देंगे? नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्‍नांश (क) अनुसार मरम्मत के नाम पर राशि व्यय की गई मौके पर कार्य नहीं कराये गये फर्जी बिल व्हाउचर तैयार कर राशि आहरित की गई प्रश्‍नांश (ख) अनुसार अनुपयोगी एवं खण्डहर हुये भवनों/आवासों को समय पर अनुपयोगी घोषित न कराने एवं नवीन आवास एवं भवन न बनवाये जाने के लिये कौन उत्तरदायी है एवं इस बावत् क्या निर्देश देंगे? अगर नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) लोक निर्माण विभाग (भ/स)संभाग शहडोल  की  भवन पुस्तिका  में  दर्ज गैर आवासीय एवं आवासीय भवनों की  जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-‘’’’ एवं ‘’’’ अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा निर्मित भवन की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-‘’’’-‘1’ अनुसार है (ख) कण्‍डम/अनुपयोगी भवनों की जानकारी संलग्‍न परिशिष्‍ट के प्रपत्र-‘’’’ एवं '’'’ अनुसार है। कण्‍डम/अनुपयोगी भवनों के स्‍थान पर नये भवन बनाये जाने हेतु प्रशासकीय विभाग से स्‍वीकृति प्रदान करने पर किया जा सकेगा। (ग) उत्‍तरांश ‘’’’ अनुसार।                                                   (घ) मरम्मत के नाम पर किसी भी प्रकार के फर्जी बिल व्हाउचर ना ही तैयार किया गया है व ना ही राशि आहरित कर व्यय की गई है एवं संबंधित  विभाग के भवनों  को खंडहर/अनुपयोगी घोषित करने हेतु संबंधित प्रशासकीय विभाग की मांग पर प्रकरण कलेक्टर की ओर अनुशंसा सहित  सम्‍प्रेषित किया जाता है तथा समय-समय पर  प्रशासकीय विभाग से स्वीकृत आवासों एवं भवन को शासन गाइड-लाइन के आधार पर निर्माण कराया जाता है। शेष जानकारी उत्‍तरांश ‘’’’ अनुसार।

परिशिष्ट - "पचहत्तर"

अनियमित निर्माण कार्यों की जांच

[लोक निर्माण]

143. ( क्र. 1593 ) श्री शरद जुगलाल कोल : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) रीवा जिले में लोक निर्माण विभाग में कितने अनुविभाग है, अनुविभागीय अधिकारी के कितने पद किन-किन उप संभागों पर स्वीकृत है तदानुसार कार्यरतों के नाम के साथ इनकी पदस्थापना अवधि एक ही जगह व वर्ष हो चुकी है का विवरण देवें इनमें से कितने उप यंत्रियों को अनुविभागीय अधिकारी का प्रभार दिया गया है का विवरण पृथक से देवें? (ख) प्रश्‍नांश (क) के तारतम्य में उप संभाग क्रमांक-1 में श्री ओमकार प्रसाद मिश्रा का मूल पद क्या है ये रीवा जिले में कब से पदस्थ है वर्तमान में इनके पास किस-किस उपसंभाग का प्रभार है इनको अनुविभागीय अधिकारी के प्रभार देकर कितनी अवधि से उपकृत किया गया है बताएं क्या निर्वाचन आयोग के निर्देश के बाद इनको दूसरे जिले में पदस्थ किये जाने बावत् विभाग द्वारा कार्यवाही प्रस्तावित की गई थी तो कब-कब? यदि नहीं की गई तो क्यों नहीं? कब तक करेंगे? (ग) प्रश्‍नांश (क) के संदर्भ में अन्य कितने उपयंत्री/अनुविभागीय अधिकारी/सहायक यंत्री रीवा जिले में कितनी अवधि से किन-किन उप संभागों में पदस्थ है इनको मूल पद के विपरीत कौन से अन्य प्रभार देकर कार्य लिये जा रहे है इस पर क्या कार्यवाही के निर्देश देंगे बताएं अगर नहीं तो क्यों? (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) अनुसार पदस्थ अधिकारियों के क्षेत्र में वर्ष 2018 से प्रश्‍नांश दिनांक तक के दौरान कितनी रोडों में सुधार के कार्य किये गये का विवरण किलो मीटरवार, रोडवार देवें इनके क्षेत्र में इन कराये गये कार्यों का सत्यापन एवं जांच कब-कब, किन-किन सक्षम अधिकारियों द्वारा की गई का विवरण अधिकारीवार देवें। उप संभाग क्रमांक-1 में ग्राम दुआरी से स्कूल लंका टोला पहुँच मार्ग में सुधार के कार्य कितनी लागत से कराये गये बतावें और कब, जिन रोडों में सुधार के कार्य कराये गये उन में कितनी ऐसी रोडें है जो गारंटी अवधि में थी लेकिन उनमें सुधार के कार्य कराये गये तो क्यों? (ड.) प्रश्‍नांश (क), (ख), (ग) एवं (घ) अनुसार उल्लेखित तथ्यों की जांच उपरान्त संबंधितों पर क्या कार्यवाही करेंगे बताये अगर नहीं तो क्यों?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) : (क) 08 अनुविभाग। अनुविभागीय अधिकारी के 08 पद स्‍वीकृत हैं जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र अ अनुसार। (ख) उपयंत्री वर्ष 1991 से अनुविभागीय अधिकारी उपसंभाग क्रमांक – 1 रीवा के पद पर दिनांक 18/3/2021 में पदस्‍थ है। जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट -1 अनुसार। शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र ब अनुसार। पदोन्‍नति पर प्रतिबंध होने के कारण एवं यंत्रियों की कमीवर्तमान में स्‍थानान्‍तरण पर प्रतिबंध होने से बताया जाना संभव नहीं। प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता। (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट के प्रपत्र स अनुसार। ग्राम दुआरी से लंका टोला तथा दुआरी पहुंच मार्ग की कुल लागत रू 61.03 लाख का सुधार कार्य किया गया तथा दिनांक 18.12.2022 को रोड का कार्य पूर्ण किया गया। ऐसे कोई मार्ग नहीं है जो परफॉर्मेंस गारंटी अवधि में थे जिनका सुधार कार्य कराया गया हो। (ड.) शेष प्रश्‍न उपस्थित नहीं होता।

ऊर्जा विभाग द्वारा कार्यों की स्‍वीकृति

[ऊर्जा]

144. ( क्र. 1596 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या ऊर्जा मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि                                   (क) टीकमगढ़ जिले में कितने अधिकारी एवं कर्मचारी के एवं अन्‍य के पद प्रश्‍न दिनांक तक रिक्‍त हैं? इन रिक्‍त पदों के विरूद्ध प्रश्‍न दिनांक तक कौन-कौन कार्य कर रहा है? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कि कब तक शासन द्वारा इन रिक्‍त पदों को भरने हेतु स्‍थानांतरण कर भर दिया जावेगा?                   (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर यह भी बताएं कि प्रश्‍नकर्ता द्वारा विगत 02 वर्षों में कब-कब जतारा विधानसभा क्षेत्र में जनता की पुरजोर मांग अनुसार विधानसभा प्रश्‍नों के माध्‍यम से कार्यालय अधीक्षण यंत्री (संचालन/संधारण) वृत्‍त टीकमगढ़ को लिखित पत्रों के माध्‍यम से कार्य स्‍वीकृत कराने का अनुरोध किया जा रहा है, इसके बावजूद प्रश्‍न दिनांक तक कार्य स्‍वीकृत नहीं हुए हैं? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं कि कब तक उपरोक्‍त कार्यों की स्‍वीकृति प्रदान की जावेगी? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि जिले में कहां-कहां के गांव की केबिल टूटने की, घरों के छतों के ऊपर की विद्युत पोल केबिल अन्‍य स्‍थानों से शिफ्ट कराने की एवं ग्रामों के मजरा टोलों एवं नगर के वार्डों में विद्युत पोल केबिल लगाकर लाईट भेजने के कार्य लंबित है? पोल, केबिल शिफ्टिंग एवं इसी से संबंधित अन्‍य कार्य कब तक पूर्ण कराई जावेगी? निश्चित समय-सीमा सहित बताएं। (घ) प्रश्‍नांश (क), (ख) एवं (ग) के आधार पर बताएं कि प्रश्‍न दिनांक तक जिले में कहां-कहां और कौन-कौन से किसानों को मुख्‍यमंत्री कृषक मित्र पंप अनुदान योजना क माध्‍यम से उनके खेतों पर विद्युत भेजने का कार्य किया गया है और विभाग की कितनी-कितनी राशि व्‍यय हुई और आवेदन पत्र किसके डी.सी. एवं जिला कार्यालय में लंबित है? यह भी बताएं (क), (ख), (ग) एवं (घ) कब तक सभी कार्य स्‍वीकृत कर पूर्ण करा दिये जावेंगे?

ऊर्जा मंत्री ( श्री प्रद्युम्‍न सिंह तोमर ) : (क) टीकमगढ़ जिले के संचालन संधारण वृत्‍त टीकमगढ़ अंतर्गत अधिकारी-कर्मचारी के रिक्‍त पदों से संबंधित जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार है। टीकमगढ़ जिले में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के रिक्‍त पदों के विरूद्ध बाह्य स्‍त्रोत प्रदाता एजेंसी के माध्‍यम से 449 कार्मिकों का नियोजन कर कार्य संपादित कराया जा रहा है तथा पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार कार्मिक अतिरिक्‍त प्रभार में कार्य कर रहे है। उल्‍लेखनीय है कि रिक्‍त पदों की पूर्ति सीधी भर्ती एवं पदोन्‍नति के माध्‍यम से की जाती है। वर्तमान में पदोन्‍नति के संबंध में माननीय सर्वोच्‍च न्‍यायालय के निर्णय अनुसार पदोन्‍नति की कार्यवाही स्‍थगित है। तथापि म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा सीधी भर्ती के रिक्‍त पदों पर भर्ती किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। म.प्र. पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अंतर्गत स्‍वीकृत पदों की तुलना में कार्यरत कार्मिकों की कमी के कारण स्‍थानांतरण के माध्‍यम से प्रश्‍नाधीन क्षेत्र के रिक्‍त पदों को भरा जाना संभव नहीं है। (ख) जतारा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न कार्य स्वीकृत कराने हेतु विगत दो वर्षों में माननीय प्रश्‍नकर्ता विधायक महोदय द्वारा अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1184 दिनांक 12.08.2021, ताराकिंत प्रश्‍न क्रमांक 2136 दिनांक 11.03.2022, अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 1614 दिनांक 03.03.2023 एवं अतारांकित प्रश्‍न क्रमांक 3172 दिनांक 17.03.2023 के माध्‍यम से तथा अधीक्षण अभियंता (सं./सं.), टीकमगढ़ को संबोधित पत्र दिनांक 03.03.2022 द्वारा इंद्रा कॉलोनी में 11 के.व्‍ही लाईन को अन्‍यत्र शिफ्ट किये जाने की मांग की गई है। उक्त प्रश्नों/पत्र में उल्‍लेखित बिन्दुओं पर म.प्र.पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा की गई कार्यवाही की जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट  के प्रपत्र-'अनुसार है (ग) प्रश्‍नाधीन क्षेत्र में निम्नदाब केबल के क्षतिग्रस्त पाये जाने से संबंधित ग्रामवार जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। उक्त ग्रामों में आवश्‍यक सुधार कार्य/वैकल्पिक व्‍यवस्‍था द्वारा सुचारू रूप से विद्युत प्रदाय किया जा रहा है, वर्तमान में किसी भी स्थान पर विद्युत प्रदाय बाधित नहीं है। तथापि उक्त स्थानों पर केबल बदलने अथवा केबल की क्षमता वृद्धि के कार्य आर.डी.एस.एस. योजना में स्‍वीकृत है। उक्त कार्यों हेतु मेसर्स रेल विकास निगम लिमिटेड, नई दिल्ली को दिनांक 27.04.2023 को कार्यादेश जारी किया गया है, जिसकी कार्य पूर्णता की अवधि माह-अप्रैल 2025 है। वर्तमान में घरों के छतों के ऊपर की विद्युत केबिल अन्‍य स्‍थानों पर शिफ्ट कराने की एवं ग्रामों के मजरों/टोलों एवं नगर के वार्डों में विद्युत केबिल लगाकर विद्युत प्रदाय किये जाने से संबंधित प्रश्‍नाधीन क्षेत्रांतर्गत कोई कार्य स्वीकृत/लंबित नहीं है। प्रश्‍नाधीन क्षेत्र सहित संचालन-संधारण वृत्‍त टीकमगढ़ अंतर्गत विद्युत अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं और अधिक गुणवत्‍ता पूर्ण विद्युत प्रदाय सुनिश्चित करने हेतु प्रणाली सुदृढ़ीकरण के कार्य कराये जा रहे है, जिसकी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-ई अनुसार है (घ) टीकमगढ़ जिले में मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना अंतर्गत किसी भी किसान के खेत पर विद्युत पंप कनेक्‍शन का कार्य प्रश्‍न दिनांक तक नहीं किया गया है एवं विभाग की कोई भी राशि व्यय नहीं हुई है। मुख्यमंत्री कृषक मित्र योजना के अंतर्गत आवेदनों के लंबित/प्रक्रियाधीन रहने संबंधी जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्ट के प्रपत्र-'अनुसार है। उक्‍त सभी आवेदन वितरण केन्‍द्र स्‍तर पर प्रक्रियाधीन/लंबित है। प्राप्‍त आवेदनों में वितरण केन्‍द्र प्रभारियों द्वारा योजना के प्रावधानों के अनुरूप सर्वे कार्य कराकर प्राक्कलन तैयार किये जाने की अग्रिम कार्यवाही की जा रही है, डिमाण्‍ड नोट की राशि जमा होने के 06 माह के अंदर कार्य पूर्ण किया जाना प्रस्‍तावित है। प्रश्‍नांश (क) से (घ) में उल्‍लेखित कार्यों के संबंध में प्रश्‍नाधीन वस्‍तुस्थिति की जानकारी उपरोक्‍तानुसार है।

डी.पी.आर. की एस.एल.ए.सी. बैठक में स्‍वीकृति

[नगरीय विकास एवं आवास]

145. ( क्र. 1597 ) श्री हरिशंकर खटीक : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) टीकमगढ़ जिले की नगर परिषद् लिधौरा खास के प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बी.एल.सी. घटक में कलेक्‍टर द्वारा 400 हितग्राहियों का नियमानुसार डी.पी.आर. की अनुमोदित सूची का राज्‍य स्‍तरीय मूल्‍यांकन समिति (एस.एल.ए.सी.) की बैठक दिनांक 18.04.2022 में रखने एवं स्‍वीकृति प्रदान करने बार-बार शासन से अनुरोध किया जा रहा है? प्रश्‍न दिनांक तक विभाग ने, शासन ने क्‍या-क्‍या कार्यवाही की है? संपूर्ण जानकारी प्रदाय करें। (ख) प्रश्‍नांश (क) के आधार पर यह बताएं कि क्‍या इन गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया जाना अतिआवश्‍यक है और इन गरीब जनता द्वारा आवास स्‍वीकृत कराने बार-बार मांग की जा रही है? (ग) प्रश्‍नांश (क) एवं (ख) के आधार पर बताएं कि शासन द्वारा प्रश्‍न दिनांक तक कलेक्‍टर टीकमगढ़ द्वारा 400 अनुमोदित बी.एल.सी. घटक की डी.पी.आर. कब तक स्‍वीकृत कर दिए जावेंगे?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जी नहीं। यह प्रस्ताव 18.04.2022 को प्राप्त नहीं हुआ है। निकाय ने पत्र दिनांक 28.06.2023 को प्रस्ताव प्रेषित किया है जो कि, संचालनालय में दिनांक 01 जुलाई, 2023 को ई-मेल से प्राप्त हुआ है। वर्तमान में नये प्रस्ताव स्वीकृत नहीं हो रहे है। नवीन प्रस्तावों के संबंध में मध्यप्रदेश शासन वित्त विभाग तथा आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निर्देश प्राप्त होने पर ही आगामी कार्यवाही हो सकेगी। (ख) उत्तरांश '''' अनुसार। (ग) उत्तरांश '''' के प्रकाश में समय-सीमा बताया जाना संभव नहीं है।

शहरी क्षेत्र में संचालित डेयरियों को स्‍थानांतरित किया जाना

[नगरीय विकास एवं आवास]

146. ( क्र. 1676 ) श्री आतिफ आरिफ अकील : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) राजधानी भोपाल के शहरी क्षेत्र में प्रश्‍न दिनांक तक किन-किन क्षेत्रों में कितनी-कितनी दूर डेयरियां संचालित है? क्या दूध डेयरियों को शहरी सीमा से बाहर शिफ्ट (स्थानांतरित) किए जाने के आदेश शासन द्वारा जारी किए गए हैं? संचालित दूध डेयरियों की क्षेत्रवार/वार्डवार संख्या, डेयरी शिफ्ट किए जाने की समय-सीमा सहित जारी आदेश से अवगत करावें। (ख) संचालित दूध डेयरियां को शिफ्ट किए जाने संबंधी शासन के आदेश पर प्रश्‍न दिनांक तक कब-कब तथा क्या-क्या कार्यवाही की गई? क्या शहरी क्षेत्र में संचालित समस्त डेयरियों को सीमा से बाहर शिफ्ट किया जा चुका है? यदि हाँ तो किन-किन स्थानों से कितनी-कितनी डेयरियों को कब-कब शिफ्ट किया गया है? क्षेत्रवार, वार्डवार तथा तिथिवार जानकारी दें। (ग) प्रश्‍नांश "ख" के परिप्रेक्ष्य में प्रश्‍न दिनांक तक दूध डेयरियों को शहरी क्षेत्र की सीमा से बाहर शिफ्ट न किए जाने के क्या कारण है?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) भोपाल शहरी क्षेत्र में प्रश्‍न दिनांक तक 635 दूध डेयरी संचालित है। जी हां, शासन द्वारा डेयरियों को हटाये जाने के लिये दिशा-निर्देश जारी किये गये है। संचालित डेयरियों की क्षेत्रवार/वार्डवार/जोनवार  जानकारी  पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट- '''' अनुसार है (ख) शासन आदेश एवं एन.जी.टी. के प्रकरण कंओ.ए. 84/2015 में पारित आदेश के परिपालन में नगर निगम द्वारा डेयरी विस्थापन हेतु डेयरी संचालकों को नोटिस जारी किये गये है। नोटिस के प्रारूप की  जानकारी  पुस्‍तकालय  में रखे  परिशिष्‍ट- '''' अनुसार है वर्तमान में नगर निगम द्वारा शहरी क्षेत्र में संचालित किसी डेयरी को सीमा से बाहर शिफ्ट नहीं किया गया है, परन्तु नगर निगम द्वारा डेयरी शिफ्टिंग की कार्यवाही प्रचलन में हैं। (ग) डेयरी विस्थापन हेतु आवंटित स्थलों पर विकास कार्य न होने के कारण डेयरी शिफ्टिंग की कार्यवाही लंबित है। आवंटित स्थलों पर विकास कार्य कराये जाने हेतु कार्यवाही प्रचलन में है।

सड़कों पर पशु दुर्घटनाओं की जानकारी

[लोक निर्माण]

147. ( क्र. 1872 ) श्री ओमकार सिंह मरकाम : क्या लोक निर्माण मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि जबलपुर से भोपाल राष्‍ट्रीय राज्‍य मार्ग में क्‍या प्रतिदिन सड़कों में कई पशुओं की मौत सड़क दुर्घटना की वजह से हो जाती है अगर हां तो बतावें सड़क दुर्घटना से पशुओं की मौत न हो इसके लिए विभाग ने कब-कब, क्‍या-क्‍या प्रयास किया? पत्रों की छायाप्रति सहित जानकारी दें और अगर नहीं तो बतावें कि जबलपुर से भोपाल राष्‍ट्रीय राज्‍यमार्ग पर प्रतिदिन कम से कम दस, पन्‍द्रह मवेशियों की सड़क में शव दिखते हैं, उनके मृत्‍यु के क्‍या कारण है?

लोक निर्माण मंत्री ( श्री राकेश सिंह ) :  जी हाँ। जबलपुर से भोपाल मार्ग में भोपाल से सिंदूर नदी तक तथा हिरण नदी से जबलपुर तक का भाग म.प्र. सड़क विकास निगम अंतर्गत है। हिरण नदी से सिंदूर नदी तक का भाग भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग के अंतर्गत आता है। उनसे प्राप्‍त जानकारी संलग्‍न  परिशिष्‍ट अनुसार है। म.प्र. सड़क विकास निगम द्वारा उल्‍लेखित मार्ग में  पशु दुर्घटना रोकने हेतु निम्‍न प्रयास किये गये:- 1. मार्ग में पेट्रोलिंग  टीम के द्वारा लगातार मार्ग की मॉनीटरिंग की जा रही हैजहां पर भी मार्ग में पशुओं को देखा जाता है उन्‍हें मार्ग से हटाया जाता है। 2. मार्ग में आने वाले ग्राम पंचायतों के सचिव के माध्‍यम से ग्रामवासियों को समझाइश दी गईकि मार्ग में पशुओं को न छोड़ा जायें। 3. पशुओं की सींग में रेडियम लगाया गया हैजिससे दूर से ही मार्ग में पशु होने की जानकारी मिल सके। 4. माननीय सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी की समय-समय पर दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन किया जाता हैजिसमें राष्‍ट्रीय राजमार्ग के आसपास के क्षेत्रों में पशुओं को आश्रय प्रदान करने संबंधी प्रयास भी किए जा रहे है एवं ठेकेदार को पशुओं वाले क्षेत्र में रात्रि में लाइट की व्‍यवस्‍था किए जाने एवं मार्ग से हटाने हेतु भी निर्देशित किया गया है। पत्रों की छायाप्रति संलग्‍न परिशिष्‍ट अनुसार है

परिशिष्ट - "छिहत्तर"

कटनी जिले में स्वच्छ भारत मिशन

[नगरीय विकास एवं आवास]

148. ( क्र. 2136 ) श्री धीरेन्द्र बहादुर सिंह : क्या नगरीय विकास एवं आवास मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि (क) स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत शासन/विभाग के आदेश क्रमांक एफ-19-38/2022/1/4, दिनांक-17/06/2022 से गठित SHPC एवं SLTC द्वारा कटनी जिले के स्थानीय निकायों के कार्यों की समीक्षा के परिणामों से अवगत कराइए। (ख) कटनी जिले के स्थानीय निकायों की विगत 03 वर्षों में स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत कार्य योजना क्या थी और किस सक्षम प्राधिकारी के प्रभार में क्या-क्या कार्य किए गए तथा कटनी जिले के स्थानीय निकायों द्वारा वर्ष 2021-2022 से प्रश्‍न दिनांक तक कितनी-कितनी राशि किस-किस कार्य में कब-कब व्यय की गयी और किस-किस को, किस हेतु कितना-कितना भुगतान कब-कब किया गया? वर्षवार, निकायवार बताइयें।   (ग) क्या म.प्र. विधानसभा के प्रश्‍न क्रमांक 1198, दिनांक-23/12/2021 के प्रश्‍नांश का उत्तर वर्तमान में आंशिक रूप से सेग्रिगेशन का कार्य किया जा रहा हैं? ” दिया गया था, हाँ तो नगर पालिक निगम कटनी के अधिकारियों के निरीक्षण/मॉनिटरिंग एवं स्वतंत्र इंजीनियर नियुक्त रहने पर भी लगभग 06 वर्ष से सेग्रिगेशन आंशिक तौर पर होनेका कारण बताइये और वर्तमान स्थिति से अवगत कराइए। (घ) कटनी MSW कंपनी द्वारा कचरे के एकत्रीकरण/परिवहन एवं पुराने/नए कचरे का प्रसंस्करण अनुबंध अनुसार किया जा रहा हैं? हाँ, तो कैसे? नहीं तो अनुबंध के उल्लंघन पर क्या-क्या कार्यवाही की गयी एवं की जायेगी और नगर पालिक निगम कटनी की वर्तमान परिषद द्वारा कटनी MSW कंपनी के कार्यों की जांच हेतु गठित पार्षदों की समिति के प्रतिवेदनों पर कब तक और क्या कार्यवाही किस प्रकार की जायेगी? (ङ) प्रश्‍नांश (ख) से (घ) के परिप्रेक्ष्य में कटनी जिले के स्थानीय निकायों एवं कटनी MSW कंपनी द्वारा की जा रही अनियमितताओं का संज्ञान लिया जाकर कार्यवाही की जायेगी? हाँ, तो किस प्रकार और कब तक? नहीं तो क्यों?

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री ( श्री कैलाश विजयवर्गीय ) : (क) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार है (ख) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-‘’’’ एवं ‘’’’ अनुसार है                                                                (ग) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार है (घ) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे  परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार है (ड.) जानकारी पुस्‍तकालय में रखे परिशिष्‍ट-‘’’’ अनुसार है